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                <title>मौत बांटने वाले होटलों से रहें सावधान</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली के करोलबाग आगकांड ने सालों पहले दिल्ली में घटी सबसे दर्दनाक अग्निकांड उपहार सिनेमा के जख्म ताजे कर दिए। कमोबेश मौजूदा घटना भी कुछ उसी अंदाज में घटी। जो खामियां उपहार कांड के वक्त देखने को मिली, वैसे ही अर्पित होटल में लगी आग के दौरान सामने आईं। दोनों घटनाएं घोर लापरवाही के चलते […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">दिल्ली के करोलबाग आगकांड ने सालों पहले दिल्ली में घटी सबसे दर्दनाक अग्निकांड उपहार सिनेमा के जख्म ताजे कर दिए। कमोबेश मौजूदा घटना भी कुछ उसी अंदाज में घटी। जो खामियां उपहार कांड के वक्त देखने को मिली, वैसे ही अर्पित होटल में लगी आग के दौरान सामने आईं। दोनों घटनाएं घोर लापरवाही के चलते घटी। इस सच्चाई की एक बार फिर पुष्टि हो गई कि अग्निकांड की ज्यादातर घटनाएं इंसानी हिमाकत के चलते होती हैं। सिलसिला बदस्तूर जारी है कि आग लगने के संभावित स्थानों पर असावधानी और लापरवाही का खामियाजा दूसरे बेकसूर लोगों को भुगतना पड़ता है। दिल्ली की घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पांच-पांच लाख रुपए का मुआवजा देने का एलान किया है। मुआवजा इस दर्दनाक घटना के जख्म पर मरहम लगाने का विकल्प नहीं हो सकता है। पर, हां घोर लापरवाही पर पर्दा डालने का नायाब तरीका जरूर हो सकता है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की दरकार है। ताकि दूसरे होटल मालिक सबक ले सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली के करोलबाग इलाके में जिस होटल में सोते-सोते दर्जनों लोग आग की लपटों में आकर स्वाह हो गए, उनको क्या पता था उनकी जिंदगी दूसरों की लापरवाही के कारण भेंट चढ़ेगी। दिल्ली अग्निकांड में किसी ने अपना पति खोया, किसी ने अपना बेटा, तो किसी ने अपना मासूम बच्चा। घटना स्थल पर मरने वाले परिजनों और पीड़ितों की दहाड़ मारती चीखें खोखले सरकारी सिस्टम और क्रुंद सामाजिक व्यवस्था को ललकार रहीं हैं। पुलिस-प्रशासन को घटना की शुरूआती जांच में खामियां ही खामियां मिली। दरअसल होटल अवैध रूप से निर्मित था। चौथे माले तक निर्माण की इजाजत थी लेकिन भ्रष्ट निगम अधिकारियों के रहम से होटल मालिक ने छठी मंजिल तक निर्माण करा रखा था। होटल में अग्निशमन और बचाव के प्रर्याप्त इंतजाम भी नहीं थे। आपातकाल के लिए कोई उचित प्रबंधन नहीं था।</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली अग्निकांड की तरह हिंदुस्तान की विभिन्न जगहों पर कई भीषण अग्निकांड हो चुके हैं, जिनमें सैकड़ों नागरिक मारे गए। घटना के बाद जनाक्रोश को शांत करने और एतियातन खानापूर्ति के लिए सरकार की ओर से तमाम सर्तकता और बचाव के तरीके बताए जाते हैं। लेकिन जैसे ही घटना की तपिश कम होती है जिंदगी फिर उसी मोड़ पर कराहने के लिए छोड़ दी जाती है। करोलबाग की घटना ने मौजूदा दिल्ली की नादान सरकार की कलई खोदकर रख दी है। होटलों से पुलिस और सरकार के पास मंथली के रूप में मोटी काली कमाई जाती है। इस कारण कोई कुछ नहीं बोलता। उसके बाद होटल मालिकों को किसी बात का डर नहीं रहता। जमकर अपनी मनमानी करते हैं। ग्राहकों से अनाप-सनाप धनवसूली भी करते हैं। लेकिन सुविधाओं के नाम पर शून्य।</p>
<p style="text-align:justify;">नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरों यानी एनसीआरबी के आंकड़ों पर गौर करें तो हिंदुस्तान में प्रत्येक वर्ष सिर्फ अग्निकांड के कारण ही 22 से 24 हजार लोगों की मौतें होती हैं। ईमारतों में आग लगने का एक और भी कारण है कि मकान निर्माण के वक्त नेशनल बिल्डिंग कोड यानी भवन निर्माण संहिता का जमकर उल्लंघन किया जाता है। आंकड़े गवाही देते हैं कि ज्यादातर भवन मानकों के विपरीत बनते हैं। नक्से का इस्तेमाल न करना, रोशनदार का न होना, आग लगने पर बिल्डिंगों में बचाव के जरूरी इस्टूमेंट का न होना, आदि ऐसी बातें हैं जिनको इग्नोर किया जाता है। दरअसल यही इंसानी चूक आगे चलकर बड़े हादसों का रूप ले लेती है। करोलबाग की घटना में यही सबकुछ देखने को मिल रहा है। आग लगने के बाद लोगों के भागने के लिए आपातकाल खिड़कियां तक नहीं थी। आग का धुआं भी बाहर पास नहीं हो सका, जो अंदर ही घुटन का कारण बन गया। चिकित्सकों ने घटना में ज्यादातर मौतें धुएं की घुटन से बताई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अग्निकांड की घटनाएं भयाभय करती हैं। 1995 में हरियाणा के कस्बा डबवाली में घटित भीषण अग्निकांड को याद कर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उस भीषण अग्निकांड में भी करीब 400 लोगों की जान गई थी। इसके अलावा 1997 में दिल्ली में उपहार सिनेमा का अग्निकांड हुआ। दर्शक सिनेमा हाल में बार्डर फिल्म देख रहे थे। तभी अचानक आग लग गई, जो कुछ ही मिनट में पूरे सिनेमा में फैल गई जिसमें 60 लोग मारे गए। वर्ष 2011 में कोलकाता का एमरी हॉस्पिटल अग्निकांड, जिसमें 90 लोगों की मौत हो गई थी, 2016 में हरियाणा के पानीपत में एक फैक्टरी में आग से 7 लोगों की मौत हो गई थी। आग की घटनाओं की फेरिस्त बहुत लंबी है। लेकिन इस फेरिस्त को कम करने का तरीका हमने आज तक नहीं खोजा। वादे तो हजार किए जाते हैं लेकिन सभी कागजी साबित होते हैं। दिल्ली घटना के बाद पूरे इलाके के होटलों की जांच की जा रही है, लेकिन कुछ दिनों बाद सब सामन्य हो जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल दूसरों को कोसने से पहले ग्राहकों की भी जिम्मेदारी बनती है कि जब वह किसी होटल में रहने जाएं तो वहां की हर सुविधा से खुद को सुनिश्चित कर लें। बड़ी ईमारतों, कारखानों, संस्थाओं में सुरक्षा प्रबंध की निगरानी खुद से भी करनी चाहिए। सबकुछ प्रबंधकों के सहारे नहीं छोड़ना चाहिए। देशभर में ज्यादातर बहुमंजिला इमारतें ऐसी हैं जो सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर बनाई गईं हैं। नई ईमारतों में कुछ बचाव के इंतजाम हैं भी लेकिन पुरानी ईमारतें तो राम भरोसे ही हैं। होटलों व बड़ी ईमारतों में कुछ समय के लिए रहने वाले नागरिकों के पास आपदा के समय सुरक्षा की कोई जानकारी नहीं होती। जबकि नियम के मुताबिक उन्हें जानकारियां दी जानी चाहिए। बड़ी घटनाओं को सदैव एक घटना मानकर नहीं भुलाया जाए, बल्कि उनसे सीख ली जाए कि यदि वह हमारे साथ दोबारा घटित होती है तो हम उससे कैसे बचें। दिल्ली जैसी घटना की पुनरावर्ती न हो, इसके लिए पुख्ता इंजताम करने की दरकार है।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>लेखक रमेश ठाकुर</strong></p>
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                <pubDate>Wed, 13 Feb 2019 20:40:28 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>तीन तलाक पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[आखिरकार केंद्र की एनडीए सरकार ने तीन तलाक की कुप्रथा पर रोक लगाने के लिए अध्यादेश जारी कर दिया है। राज्य सभा में बिल अटकने के कारण व सरकार के अंतिम साल में होने के कारण ओर कोई रास्ता भी नहीं था। नि:संदेह इस निर्णय के राजनीतिक पहलू भी हैं। फिर भी देश की करोड़ों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/stay-on-three-divorce/article-6010"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/three-divocs.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आखिरकार केंद्र की एनडीए सरकार ने तीन तलाक की कुप्रथा पर रोक लगाने के लिए अध्यादेश जारी कर दिया है। राज्य सभा में बिल अटकने के कारण व सरकार के अंतिम साल में होने के कारण ओर कोई रास्ता भी नहीं था। नि:संदेह इस निर्णय के राजनीतिक पहलू भी हैं। फिर भी देश की करोड़ों मुस्लमान महिलाओं को पुरूष प्रधान समाज की गुलामी से निकालना जरूरी था।</p>
<p style="text-align:justify;">केवल रोटी न बढ़िया पका सकना, कपड़े प्रैस करते सलवट रह जाने, लड़की पैदा होने पर तलाक इत्यादि बातों पर महिलाओं को दुखों में डालना समाज के कुरूप चेहरे की निशानी हैं। तलाक देने के तरीके भी अजीबो-गरीब थे और रिश्तों को मूली-गाजर की तरह लिया जाता था। फोन और वट्सएप पर तलाक दिए जाते रहे हैं। यह कुरीति बहुत पहले खत्म होनी चाहिए थी। धर्म के नाम पर तलाक होते रहे। तलाक के खिलाफ बोलना भी ईशनिंदा की तरह ही माना जाता था।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल भारतीय समाज की यह बड़ी समस्या है कि कुरीति को बचाने के लिए धर्मों की दुहाई दी जाती है। धर्म व विज्ञान दोनों की नजर में यह अत्याचार है। लोकतंत्र भी इसी सिद्धांत का समर्थक है। अब वक्त महिलाओं को हर क्षेत्र में बराबरी देने का है। राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण का बिल एक दशक से अधिक समय से लटका हुआ है। राज्यों ने अपने स्तर पर पंचायती चुनाव में 50 प्रतिशत तक आरक्षण दिया है। एक देश में एक सिद्धांत लागू होना चाहिए। तीन तलाक खत्म करने से ही हिंदू, सिख परिवारों में बढ़ रहे तलाक के रुझान को भी रोकने की आवश्यकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">महानगरों से चली यह बुराई गांवों तक पहुंच गई है। महिलाओं पर अत्याचार की इंतहा हो गई है। बच्चियों के साथ गैंगरेप आम बात हो गई है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून व्यवस्था को मजबूत करने के साथ भारतीय संस्कृति के पुन : जागरण की आवश्यकता है। महिलाओं को आर्थिक तौर पर भी आत्मनिर्भर बनाना होगा। आर्थिक मजबूती महिलाओं की सामाजिक पहरेदार बनेगी लेकिन अभी तक हालात यह हैं कि देश में पुरुष व महिलाएं दोनों के लिए रोजगार पानी समस्या बनी हुई है। बेरोजगारी भी एक बड़ी समस्या है। सरकार को रोजगार के अवसरों को खोजने की आवश्यकता है। वैश्वीकरण के नकारात्मक पक्ष ने सामाजिक रिश्तों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है। महिलाओं पर अत्याचार रोकने के साथ-साथ भारतीय सामाजिक रिश्तों की अहमीयत को भी बहाल करना होगा।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Sep 2018 09:13:16 +0530</pubDate>
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                <title>पाखंडी तांत्रिकों से रहें जरा बच के</title>
                                    <description><![CDATA[सावधान ! हर तरह की समस्याओं से छुटकारा दिलाने का दावा कर लोगों से कर रहे लाखों की ठगी सच कहूँ/संजय मेहरा गुरुग्राम। हर तरह की समस्याओं से छुटकारा दिलाने के नाम पर तांत्रिक लोगों को खुलेआम ठग रहे हैं। इन पाखंडियों के प्रचार का तरीका ही कुछ ऐसा है कि गुरुग्राम जैसे हाईटेक सिटी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/stay-away-from-hypocrite-tantrikas/article-4901"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/haryana-.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">सावधान ! हर तरह की समस्याओं से छुटकारा दिलाने का दावा<br />
कर लोगों से कर रहे लाखों की ठगी</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/संजय मेहरा</strong><br />
<strong>गुरुग्राम।</strong> हर तरह की समस्याओं से छुटकारा दिलाने के नाम पर तांत्रिक लोगों को खुलेआम ठग रहे हैं। इन पाखंडियों के प्रचार का तरीका ही कुछ ऐसा है कि गुरुग्राम जैसे हाईटेक सिटी में शिक्षित लोग भी इनके झांसे में आ फंसते हैं लेकिन उन्हें होश तक आता है जब बड़ा नुक्सान कर चुके होते हैं। आप भी किसी तांत्रिक के विज्ञापन में किए दावों से प्रभावित होकर उसके पास जाने का मन बना रहे हैं तो सावधान हो जाएं। गुरुग्राम पुलिस ने एक ऐसे ठग तात्रिंक को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है जो 10वीं में फेल होने पर पाखंड की दुकान चलाने लगा था।</p>
<h1 style="text-align:center;">महिला की शिकायत पर पुलिस ने किया गिरफ्तार</h1>
<p style="text-align:justify;">पुलिस गिरफ्त में आया यह पाखंडी तांत्रिक भी अब तक सैकड़ों लोगोें से लाखों रूपए ठग चुका है। इश्तिहारों में किए गए दावों को पढ़कर लोग इस पाखंडी की तरफ खिंचे चले जाते थे। बसों, शहर की दीवारों, खंभों पर तमाम ऐसे पोस्टर आसानी से देखे जा सकते हैं जिस पर किसी भी दिक्कत चाहें व घरेलू हो या जादू टोना-टोकका, पल भर में यह समस्या दूर करने की पूर्ण गारंटी होती है। उस पर बकायदा पता व मोबाइल नंबर भी लिखा होता है। अंधविश्वास में एक महिला भी गारंटी से इन समस्याओं को दूर करने वाले पाखंडी तांत्रिक के चक्कर में फंस गई और ठगी का शिकार हुई।</p>
<h1 style="text-align:center;">गुरुग्राम में 10वीं फेल तांत्रिक लगा रहा था लोगोें को चूना</h1>
<p style="text-align:justify;">हालांकि बाद में महिला ने इसकी लिखित शिकायत सेक्टर-14 में की जिसके आधार पर पुलिस ने माजिद नाम के तांत्रिक के खिलाफ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत का मामला दर्ज कर लिया। गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांडपर भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।</p>
<h1 style="text-align:center;">ज्यादातर महिलाएं ही बनी शिकार</h1>
<p style="text-align:justify;">पुलिस प्रवक्ता सुभाष बोकन ने बताया कि अभियुक्त मेरठ का रहने वाला है और 10वीं फेल है। यह बस अड्डा के सामने स्थित एक दुकान में अपना आॅफिस चला रहा था। यह पंपलेट आदि के माध्यम से यह विज्ञापन देता था जिसमें दावा करता था कि हर प्रकार की समस्या का समाधान यह ताबीज आदि के माध्यम से कर देता है। ऐसे विज्ञापन देखकर लोग अपनी समस्या का समाधान कराने के उद्देश्य से इसके पास आ जाते थे। ये उन्हें बहला फुसलाकर अपने जाल में फंसा लेता था तथा उनके साथ ठगी कर लेता था। अधिकतर महिलाएं ही इसके झांसे में आ जाती थीं। इसके द्वारा ठगे गए लोगों बारे पता किया जा रहा है। लगभग एक-डेढ़ साल से इस स्थान पर ठगी का यह धंधा चला रहा था।</p>
<h1 style="text-align:center;">इस तरह तांत्रिक के झांसे में आई महिला</h1>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, देवीलाल कॉलोनी निवासी महिला ने सैक्टर-14 थाना पुलिस को शिकायत दी थी। कुछ दिनों से उसके घर में कई तरह की दिक्कत आ रही थी और महिला का पति भी काफी परेशान था। किसी तरह उसका संपर्क उक्त तांत्रिक से हो गया जो बस स्टैंड के सामने आॅफिस बना रखा था। महिला ने अपनी सारी परेशानी तांत्रिक को बताई और उसने इसका समाधान करने का दावा किया। महिला ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया है कि तांत्रिक ने इसके समाधान के एवज में काफी रकम ली लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ। आखिरकार महिला ने इसकी लिखित शिकायत पुलिस में दी जिसके आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर उसे अरेस्ट कर लिया।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Jul 2018 05:19:44 +0530</pubDate>
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                <title>स्टे के बावजूद हो रही ड्रेन की खुदाई</title>
                                    <description><![CDATA[एसडीएम मनदीप कुमार को सौंपी शिकायत सच कहूँ-देवेन्द्र शर्मा सफीदों। उपमंडल के करसिंधू गांव के कुछ ग्रामीणों ने अदालत से स्टे होने के बावजूद उनके खेत में नहरी विभाग के अधिकारियों के द्वारा पुलिस बल को साथ लेकर कार्रवाई करने को लेकर एक शिकायत एसडीएम मनदीप कुमार को सौंपी और नहरी विभाग के अधिकारियों व […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/drain-excavation-despite-the-stay/article-4512"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/safido.jpg" alt=""></a><br /><h1>एसडीएम मनदीप कुमार को सौंपी शिकायत</h1>
<p><strong>सच कहूँ-देवेन्द्र शर्मा</strong><br />
<strong>सफीदों।</strong></p>
<p>उपमंडल के करसिंधू गांव के कुछ ग्रामीणों ने अदालत से स्टे होने के बावजूद उनके खेत में नहरी विभाग के अधिकारियों के द्वारा पुलिस बल को साथ लेकर कार्रवाई करने को लेकर एक शिकायत एसडीएम मनदीप कुमार को सौंपी और नहरी विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत देने आए दयानंद, श्रीदत्त, राजबीर, शिवकुमार व अशोक ने कहा कि टीटोखेड़ी डे्रन के दोनों ओर कुल 42 कनाल 8 मरले का रकबा है। इस रकबे के बीचो-बीच ड्रेन निकलती है।</p>
<p>राजस्व विभाग के मुताबिक इस ड्रेन की चौड़ाई 16 फूट 6 ईंच है लेकिन मौके पर इस ड्रेन की चौड़ाई 26 फूट है। राजस्व विभाग के रिकार्ड के मुताबिक उनकी जमीन नहरी विभाग की ड्रेन में निकलती है। उनका कहना है कि वे कई बार नहरी विभाग के आलाधिकारियों से उनके रकबे को खाली को लेकर मांग कर चुके हैं लेकिन विभाग के अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की। उनका रकबा तो खाली करना दूर उलटे ड्रेन से गाद निकालकर दोनों ओर स्थित उनकी जमीन में डाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि हर वर्ष वे धान की फसल की रोपाई करते हैं और नहरी विभाग की गाद निकालने की कार्रवाई उनकी फसल को तबाह कर देती है। इस कार्रवाई से उनको हर वर्ष भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।</p>
<h1>नहरी विभाग की इस कार्य पर रोक की मांग</h1>
<p>इस मामले को लेकर एक केस सिविल जूनियर डिविजन सफीदों की अदालत में डाला हुआ है। जिस पर अदालत ने एक स्टे दिया हुआ है। अदालत के आदेशों के बावजूद सोमवार को विभाग के अधिकारी पुलिस बल व जेसीबी को साथ लेकर खेत में पहुंचे। उनकी काफी मिन्नतें करने के बाद अगले हफ्ते फिर से आने की बात कहकर अधिकारी चले गए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि नहरी विभाग के इस कार्य पर रोक लगाई जाए।</p>
<h1>ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त कर करवाई जाएगी डेन की सफाई: केएस मालहा</h1>
<p>इस मामले मे नहरी विभाग के एक्सईएन केएस मालहा का कहना है कि वे किसी खेत में कब्जा करने के लिए नहीं गए बल्कि करसिंधू गांव मे विभाग की डेÑन है और इस ड्रेन की सफाई की जानी होती है। विभाग द्वारा अधिग्रहित की गई जमीन में बनी डेÑन की सफाई करने के लिए वे गए थे। फिलहाल ड्रेन की सफाई को रोक दिया गया है लेकिन डेÑन की सफाई नितांत आवश्यक है। जल्द ही ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त करके इस डेÑन की सफाई करवाई जाएगी।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Jun 2018 09:51:53 +0530</pubDate>
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                <title>मेरिट प्राप्त विद्यार्थियों को दो साल तक शिक्षा के साथ रहना व खाना भी फ्री</title>
                                    <description><![CDATA[सरकारी स्कूलों के होनहार बच्चों के लिए ‘सुपर 100’ योजना लाई प्रदेश सरकार भिवानी (सच कहूँ/इंद्रवेश)। हरियाणा के सरकारी स्कूल से 10वीं में 80 प्रतिशत या फिर इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए खुशखबरी है। ऐसे बच्चों को अब सरकार टेस्ट लेकर दो वर्ष की शिक्षा नि:शुल्क देंगी जिससे वे अपने सपनो […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/students-with-merit-can-stay-for-two-years-with-education-and-also-free-food/article-4077"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/super-100.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">सरकारी स्कूलों के होनहार बच्चों के लिए ‘सुपर 100’ योजना लाई प्रदेश सरकार</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ/इंद्रवेश)।</strong> हरियाणा के सरकारी स्कूल से 10वीं में 80 प्रतिशत या फिर इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए खुशखबरी है। ऐसे बच्चों को अब सरकार टेस्ट लेकर दो वर्ष की शिक्षा नि:शुल्क देंगी जिससे वे अपने सपनो को पंख दे सकेंगे।ऐसे छात्रों को शिक्षा विभाग इंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिक बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगे। ऐसे अभिभावको के लिए भी खुशखबरी है, जो कि अपने बच्चों को ऐसी शिक्षा देने के लिए आर्थिक स्थिति में नही था क्योंकि सरकार अब ऐसे बच्चों को यह शिक्षा निशुल्क देंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम का नाम ‘सुपर100’ दिया गया है। इसके लिए 14 जून को टैस्ट आयोजित किया जाएगा। इस टैस्ट के पास होने के बाद रेवाड़ी में इन छात्रों को स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी। जो कि दो वर्ष की होगी। यहां यह भी बता दे कि यह केवल सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए भी होगी। इसके लिए राज्य भर के 100 बच्चों का चुनाव होगा। शिक्षा विभाग का यह कदम काफी सहरानीय है। इस सुपर 100 में दाखिला लेने की अब होड़ सी मच गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह सिर्फ सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए है, जिन्होंने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में मैरिट प्राप्त की है। खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी नरेश महता से इस बात की पुष्टि की है और बताया है कि विभाग से उनके पास पत्र आ गया है। उन्होंने बताया कि इससे बच्चों का भविष्य तो उज्जवल होगा ही, वही सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले भी बढ़ेंगे, क्योंकि यह स्कीम सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के लिए ही है। वहीं अभिभावको ने भी सरकार की इस योजना की सराहना की है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Jun 2018 09:27:48 +0530</pubDate>
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