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                <title>Bhagwant Mann - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Bhagwant Mann RSS Feed</description>
                
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                <title>जेल में बंद गैंगस्टर से जुड़े दो व्यक्ति बठिंडा से गिरफ्तार; दो पिस्तौल बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने दो व्यक्तियों को दो देसी .32 बोर पिस्तौलों तथा पांच जिंदा कारतूसों सहित गिरफ्तार किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/two-persons-associated-with-jailed-gangster-arrested-from-bathinda-two/article-86322"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/2-lakh-reward-accused-arrested.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Chandigar News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने दो व्यक्तियों को दो देसी .32 बोर पिस्तौलों तथा पांच जिंदा कारतूसों सहित गिरफ्तार किया है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने दी।</p>
<p style="text-align:justify;">गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान कुलदीप सिंह उ                                                                र्फ चीमा निवासी गांव अकलिया कलां, बठिंडा तथा अभिमान सिंह उर्फ अभि निवासी भागू वाली ढाणी, गांव खुंडे हलाल, श्री मुक्तसर साहिब के रूप में हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी फिरोजपुर क्षेत्र में सक्रिय एक जेल में बंद गैंगस्टर द्वारा संचालित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि कुलदीप सिंह उर्फ चीमा एक आपराधिक पृष्ठभूमि वाला आरोपी है और उसके विरुद्ध हत्या के प्रयास तथा आर्म्स एक्ट से संबंधित कई मामले दर्ज हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य सहयोगियों की पहचान करने तथा इसके आगे-पीछे के संबंध स्थापित करने के लिए आगे की जांच जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) प्रमोद बान ने बताया कि एजीटीएफ बठिंडा की एक टीम नियमित गश्त ड्यूटी पर थी, तभी उन्होंने बठिंडा के कैंटोनमेंट बाईपास रिंग रोड पर सर्विस रोड के दाहिनी ओर झाड़ियों में बैठे दो संदिग्ध व्यक्तियों को देखा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि पुलिस पार्टी को देखकर दोनों व्यक्ति घबरा गए और छिपने की कोशिश करने लगे। संदेह होने पर पुलिस टीम ने उन्हें काबू कर लिया और तलाशी के दौरान उनके कब्जे से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंध में एफआईआर संख्या 156 दिनांक 12.06.2026 को आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत थाना सिविल लाइन, बठिंडा में दर्ज की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-04/2-lakh-reward-accused-arrested.jpg" alt="2-lakh-reward-accused-arrested" width="888" height="595"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 12:36:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भगवंत मान सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के तहत पंजाब में 90,000 से अधिक नशा पीड़ितों को नशामुक्ति, उपचार और पुनर्वास की सुविधा प्रदान की गई</title>
                                    <description><![CDATA[भगवंत मान सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/under-the-war-against-drugs-campaign-of-the-bhagwant-mann/article-86321"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/chandigarh-news-(4).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Chandigarh News: भगवंत मान सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान की स्थायी सफलता केवल नशा तस्करों और सप्लायरों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि इसकी सफलता का आधार रोकथाम, समय पर पहचान, प्रभावी उपचार तथा परिवारों और समाज द्वारा दिया जाने वाला सहयोग भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">1 मार्च 2025 को शुरू की गई ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम राज्य की सबसे महत्वपूर्ण नशा-विरोधी पहलों में से एक बन चुकी है। इस अभियान के अंतर्गत जहां एक ओर नशा तस्करों और अवैध नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर नशामुक्ति, पुनर्वास और जन-जागरूकता को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि रोकथाम और पुनर्वास प्रयासों के तहत 1 मार्च 2025 से मई 2026 तक पंजाब के विभिन्न नशामुक्ति केंद्रों और ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (ओ ओ ए टी ) केंद्रों में नशे से प्रभावित 90,000 से अधिक व्यक्तियों को भर्ती कर उनका उपचार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि पंजाब सरकार नशों के खिलाफ केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित लोगों को उपचार और पुनर्वास के माध्यम से सामान्य जीवन में वापस लाने के लिए भी गंभीरतापूर्वक कार्य कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में नशों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन ऐसे संवेदनशील व्यक्तियों की पहचान करने में, जिनमें नशे की आदत विकसित होने का खतरा हो, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नशे की लत के शुरुआती संकेत अक्सर अनदेखे रह जाते हैं और ये भावनात्मक, व्यवहारिक तथा शारीरिक परिवर्तनों के रूप में दिखाई देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नशे की लत के प्रारंभिक संकेतों में अचानक स्वभाव में परिवर्तन, चिड़चिड़ापन, पढ़ाई या कार्य में ध्यान न लगना, परिवार से दूरी बनाना, अपनी गतिविधियों के बारे में अत्यधिक गोपनीयता रखना, बार-बार पैसों की मांग करना, नए मित्रों का साथ बनना, नींद में गड़बड़ी तथा खेल-कूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में रुचि कम होना शामिल हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रकार शारीरिक लक्षणों में व्यक्तिगत स्वच्छता की अनदेखी, लगातार थकान महसूस होना, आंखों का लाल होना, अत्यधिक नींद आना, खान-पान की आदतों में बदलाव तथा बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन में वृद्धि या कमी शामिल हो सकती है। अभियान से जुड़े विशेषज्ञों ने परिवारों को सलाह दी है कि वे ऐसे व्यवहारिक और शारीरिक परिवर्तनों को नजरअंदाज न करें। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों के साथ शांत, संवेदनशील और सहयोगपूर्ण तरीके से संवाद करें तथा उन्हें डांटने या दोष देने के बजाय उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करें। आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों, मनोवैज्ञानिकों या चिकित्सकों की सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई कार्रवाई और पुनर्वास प्रयासों के परिणामस्वरूप अनेक व्यक्तियों ने सफलतापूर्वक उपचार प्राप्त किया है और अब वे स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अमृतसर के मनप्रीत सिंह (परिवर्तित नाम), जो नशे की लत से उबर चुके हैं, ने कहा, “एक समय ऐसा था जब मैंने स्वयं से उम्मीद छोड़ दी थी। पंजाब सरकार के नशामुक्ति केंद्र ने मुझे जीवन की नई दिशा दी। यहां के स्टाफ ने मेरा सम्मान बनाए रखते हुए पूरी देखभाल के साथ उपचार किया। आज मैं नशों से मुक्त हूं और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहा हूं। मेरा संदेश केवल इतना है कि यदि आप पहला कदम उठाने का साहस कर लें तो नशे से मुक्ति संभव है।”</p>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रकार तरनतारन जिले के भिखीविंड निवासी खुशबाज़ सिंह (परिवर्तित नाम), जो वर्तमान में सरकारी मेडिकल कॉलेज, अमृतसर के नशामुक्ति केंद्र में भर्ती हैं, ने बताया, “उपचार और काउंसलिंग ने मुझे नशे की लत से बाहर निकलने और सामान्य जीवन में लौटने में सहायता की है। आज मेरा ध्यान अपने परिवार, काम और स्वस्थ भविष्य पर है। यहां का स्टाफ अत्यंत सहयोगी और प्रेरणादायक है।”</p>
<h4 style="text-align:justify;">अभिभावकों के लिए दिशा-निर्देश</h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;">बच्चों, विशेषकर किशोरों और युवाओं, के साथ अधिक से अधिक समय बिताएं।</li>
<li style="text-align:justify;">उनके साथ खुला, सकारात्मक और मित्रवत संवाद बनाए रखें।</li>
<li style="text-align:justify;">उनके मित्रों तथा दैनिक गतिविधियों की जानकारी रखें।</li>
<li style="text-align:justify;">व्यवहार, भावनात्मक स्थिति और आर्थिक आवश्यकताओं में आने वाले परिवर्तनों पर ध्यान दें।</li>
<li style="text-align:justify;">उन्हें खेल-कूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।</li>
<li style="text-align:justify;">किसी भी समस्या के शुरुआती संकेत दिखाई देने पर काउंसलिंग या चिकित्सकीय सहायता अवश्य प्राप्त करें।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">भगवंत मान सरकार का मानना है कि नशे की समस्या से निपटने के तीन प्रमुख स्तंभ हैं—नशामुक्ति, पुनर्वास और काउंसलिंग। ‘युद्ध नशों  विरुद्ध’ अभियान के माध्यम से सरकार नशीले पदार्थों की आपूर्ति पर रोक लगाने, नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा प्रभावित व्यक्तियों की सफल रिकवरी सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार का स्पष्ट मत है कि नशों के खिलाफ लड़ाई केवल कठोर कार्रवाई तक सीमित नहीं रह सकती। परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और समाज को मिलकर शुरुआती चेतावनी संकेतों की पहचान करनी होगी तथा प्रभावित व्यक्तियों को उपचार, पुनर्वास और पुनर्स्थापन की दिशा में सहयोग देना होगा। अभियान इस बात पर विशेष बल देता है कि नशा तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ-साथ रोकथाम, उपचार और पुनर्वास के प्रयास भी निरंतर जारी रहने चाहिए, तभी पंजाब को नशों की इस गंभीर समस्या से स्थायी रूप से मुक्त किया जा सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/chandigarh-news-(4).jpg" alt="Chandigarh News (4)" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 12:24:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिना किसी प्रीमियम भुगतान के स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही 'मुख्यमंत्री सेहत योजना', निजी स्वास्थ्य बीमे का किफायती विकल्प बनकर उभरी</title>
                                    <description><![CDATA[ऐसे समय में जब स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत परिवारों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, भगवंत मान सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' एक व्यापक और किफायती स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के रूप में उभर रही है, जो पारंपरिक निजी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की तुलना में कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/mukhyamantri-sehat-yojana-providing-health-protection-without-paying-any-premium/article-86320"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/chandigarh-news-(3)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>Chandigarh News: ऐसे समय में जब स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत परिवारों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, भगवंत मान सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' एक व्यापक और किफायती स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के रूप में उभर रही है, जो पारंपरिक निजी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की तुलना में कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">योजना के प्रभाव के बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, "मुख्यमंत्री सेहत योजना लागू होने के पांच महीनों के भीतर 2,26,822 से अधिक मरीजों का 3,65,340 उपचार प्रक्रियाओं के माध्यम से 632.50 करोड़ रुपये की लागत से इलाज किया गया है। निजी स्वास्थ्य बीमा उन लोगों के लिए एक विकल्प हो सकता है जो अपनी आवश्यकताओं के अनुसार विशेष कवरेज चाहते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सेहत योजना इस उद्देश्य से तैयार की गई है कि पंजाब का हर पात्र निवासी बिना आर्थिक कठिनाई के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्राप्त कर सके।"</p>
<p style="text-align:justify;">विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, "निजी बीमे और मुख्यमंत्री सेहत योजना के बीच सबसे बड़ा अंतर प्रीमियम भुगतान का न होना है। जहां निजी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के लिए हर साल हजारों रुपये का प्रीमियम देना पड़ता है, जो उम्र बढ़ने के साथ और बढ़ जाता है, वहीं मुख्यमंत्री सेहत योजना के लाभार्थियों को यह स्वास्थ्य कवरेज पूरी तरह से निःशुल्क प्रदान की जाती है।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत कैंसर उपचार, हृदय रोगों का उपचार, डायलिसिस, इंटेंसिव केयर सेवाओं और अन्य विशेष उपचार प्रक्रियाओं सहित 2,300 से अधिक उपचार पैकेज उपलब्ध कराए जाते हैं। निजी बीमा योजनाओं में जहां कवरेज का दायरा भुगतान किए गए प्रीमियम और चुनी गई पॉलिसी पर निर्भर करता है, वहीं मुख्यमंत्री सेहत योजना सभी पात्र लाभार्थियों को समान सुविधाएं प्रदान करती है। योजना का एक और बड़ा फायदा यह है कि प्री-एक्जिस्टिंग बीमारियों के लिए तुरंत कवरेज उपलब्ध है। निजी बीमा कंपनियां आम तौर पर डायबिटीज, हाइपरटेंशन और हृदय रोगों जैसी स्थितियों के लिए दो से चार साल तक की प्रतीक्षा अवधि लागू करती हैं, जिसके बाद ही उपचार पर हुए खर्च का दावा किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पात्र लाभार्थी अपने पुराने चिकित्सा इतिहास की परवाह किए बिना पहले ही दिन से उपचार का लाभ ले सकते हैं।" स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह योजना विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए बहुत लाभकारी साबित हुई है, जिन्हें निजी बीमा योजनाओं में अक्सर उच्च प्रीमियम और कवरेज संबंधी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के समान स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. बलबीर सिंह ने आगे बताया कि योजना के तहत पंजाब भर में 850 सूचीबद्ध अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनमें निजी अस्पतालों के साथ-साथ सरकारी स्वास्थ्य संस्थान भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, "प्रतिपूर्ति (रिइंबर्समेंट) आधारित बीमा प्रणालियों के विपरीत, मुख्यमंत्री सेहत योजना मुख्य रूप से कैशलेस और पेपरलेस उपचार प्रक्रिया प्रदान करती है, जिससे लाभार्थी न्यूनतम दस्तावेजों के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं और प्रशासनिक देरी से भी बच सकते हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों स्वास्थ्य सुरक्षा मॉडलों की तुलना करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि निजी बीमा योजनाएं अनुकूलित कवरेज और अतिरिक्त लाभ प्रदान कर सकती हैं। उन्होंने कहा, "हालांकि, इनमें अक्सर एक्सक्लूजन, सह-भुगतान (को-पेमेंट), उप-सीमाएं (सब-लिमिट), प्रतीक्षा अवधि और उम्र के साथ बढ़ने वाले प्रीमियम जैसी शर्तें होती हैं, जो कई परिवारों के लिए इन्हें कम किफायती बनाती हैं। इसके अलावा, निजी बीमा कवरेज मुख्य रूप से शहरी और आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों तक सीमित है, जबकि मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब के हर पात्र पंजीकृत परिवार के लिए उपलब्ध है।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "भगवंत मान सरकार का दृढ़ विश्वास है कि स्वास्थ्य सेवाएं किसी व्यक्ति की आर्थिक क्षमता पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पंजाब के हर पात्र नागरिक के लिए आसानी से और किफायती ढंग से उपलब्ध हों।"</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. बलबीर सिंह ने जानकारी दी कि योजना के तहत अब तक 46.21 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड पंजीकृत किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से राज्य के लगभग 22 लाख परिवारों को कवरेज मिली है। उन्होंने कहा, "योजना को मिल रहा भरपूर जनसमर्थन सभी के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाता है और स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले जेब खर्च को कम करने तथा समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण उपचार पहुंचाने के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। पंजाब सरकार मुख्यमंत्री सेहत योजना के दायरे का आगे और विस्तार करती रहेगी, ताकि किसी भी परिवार को स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा में से किसी एक का चयन करने के लिए मजबूर न होना पड़े।"</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/chandigarh-news-(3)1.jpg" alt="Chandigarh News (3)" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 12:08:23 +0530</pubDate>
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                <title>झुग्गी-झोपड़ियों में मेडिकल सेवाएँ देने पर डॉ. शिल्पा गर्ग को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित </title>
                                    <description><![CDATA[जिला बरनाला के गाँव शहना की निवासी डॉ. शिल्पा गर्ग को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विशेष रूप से सम्मानित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/chief-minister-honored-dr-shilpa-garg-for-providing-medical-services/article-86314"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/barnala-news2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>शहना/बरनाला। (सच कहूँ/जसवीर गहल)।</strong> Barnala News: जिला बरनाला के गाँव शहना की निवासी डॉ. शिल्पा गर्ग को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विशेष रूप से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले जरूरतमंद और गरीब लोगों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने के लिए दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. शिल्पा गर्ग, गाँव शहना के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अनिल गर्ग की बेटी हैं।  उन्हें मानवता की सेवा करने की प्रेरणा अपने परिवार और पिता से विरासत में मिली है। उन्होंने आधुनिक सुविधाओं की परवाह किए बिना समाज के सबसे पिछड़े और गरीब वर्ग के लिए निरंतर सेवाएं दीं, जिसका सरकार ने मूल्यांकन करते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा। डॉ. शिल्पा गर्ग पहले लगभग 10 वर्ष पूर्व सरकारी अस्पताल शहना में मेडिकल आॅफिसर के रूप में भी सेवाएँ दे चुकी हैं, जहाँ उनके मिलनसार स्वभाव और बेहतरीन इलाज के कारण उन्हें काफी सम्मान मिला था।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री द्वारा सम्मान मिलने की खबर से गाँव के गणमान्यजनों और राजनेताओं ने डॉ. अनिल गर्ग को बधाई दी। इस अवसर पर सरपंच नाजम सिंह, भारतीय किसान यूनियन कादियां के जिला संगठन सचिव गुुरविन्द्र सिंह, व्यापारी नेता कृष्ण गोपाल विक्की, पूर्व सरपंच अमृतपाल सिंह खालसा सहित कई लोगों ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि डॉ. शिल्पा ने मुख्यमंत्री से सम्मान प्राप्त कर गाँव शहना का नाम पूरे पंजाब में रोशन किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह भविष्य में भी इसी तरह गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा करती रहेंगी और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगी।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/barnala-news2.jpg" alt="Barnala News" width="1280" height="720"></img>
Barnala News: डॉ. शिल्पा गर्ग को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान। 

<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 09:38:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश का स्टार्टअप हब बन रहा पंजाब, 31 स्टार्टअप्स को सौंपी 1.07 करोड़ की सीड ग्रांट</title>
                                    <description><![CDATA[वर्तमान समय में पंजाब नवोन्मेषी विचारों, अनोखी सोच और उद्यमी युवाओं की पहल के कारण विकास की नई कहानी रच रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/punjab-is-becoming-the-startup-hub-of-the-country-seed/article-86135"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/chandigarh-news-(3).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। </strong>Chandigarh News: वर्तमान समय में पंजाब नवोन्मेषी विचारों, अनोखी सोच और उद्यमी युवाओं की पहल के कारण विकास की नई कहानी रच रहा है। यही कारण है कि पंजाब पूरे देश में सबसे पसंदीदा स्टार्टअप केन्द्र के रूप में उभर रहा है, जहाँ युवा अपने विचारों को व्यवसाय और रोजगार के अवसरों में बदल रहे हैं। इस दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को 31 स्टार्टअप्स और उनके संस्थापकों को 1.07 करोड़ रुपये की सीड ग्रांट वितरित की। उन्होंने कहा कि सफल उद्यमियों की अगली पीढ़ी न केवल पंजाब से आए बल्कि अपनी कंपनियां भी पंजाब में स्थापित करें, जिससे प्रदेश में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा हों।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप पंजाब के भविष्य के आर्थिक विकास का प्रमुख स्तंभ हैं और पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि किसी भी उत्कृष्ट उद्यम को वित्तीय सहायता की कमी के कारण छोड़ना न पड़े। उन्होंने बताया कि ‘पंजाब स्टार्टअप और इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026’ के तहत सीड ग्रांट को बढ़ाकर 3 लाख रुपये से 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इसमें 7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपये और 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपये की ग्रांट दी जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये उद्यम हजारों रोजगार के अवसर पैदा करेंगे और युवाओं में नौकरी के लिए विदेश जाने की प्रवृत्ति को कम करने में मदद करेंगे। मान ने कहा कि मुफ्त बिजली, किसानों को दिन के समय बिजली की आपूर्ति और अन्य कई सुधारों के माध्यम से यह साबित हुआ है कि नए विचार सीधे लोगों को लाभ पहुंचा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि उद्यमिता और नवाचार में लगातार मिल रहे मजबूत समर्थन के कारण पंजाब भारत का स्टार्टअप हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सीड ग्रांट वितरण समारोह में उन्होंने कहा कि आज पंजाब के उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, विशेषकर हमारे युवा उद्यमियों के लिए जो नए विचारों के साथ अपना व्यवसायिक सफर शुरू कर रहे हैं। 31 स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ रुपये की सीड ग्रांट दी जा रही है। 7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपये और 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपये की ग्रांट दी गई। ये युवा उद्यमी अपने सपनों को साकार कर रहे हैं और इस सहयोग के हकदार हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पंजाबी अपनी मेहनत, जुनून और उद्यमिता के लिए दुनिया भर में जाने जा रहे: मान </h4>
<p style="text-align:justify;">भगवंत सिंह मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) भी इसी विचार से जन्मी थी, जब देश में पारिवारिक राजनीति का दबदबा था और आम आदमी की अनदेखी की जा रही थी। कई पहलुओं से ‘आप’ एक स्टार्टअप ही थी जिसने झाड़ू के अपने प्रतीक से राजनीतिक व्यवस्था को साफ किया। 2022 के विधानसभा चुनाव में पंजाब के लोगों ने 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को बाहर का रास्ता दिखाया और ईमानदार सरकार को अवसर दिया। इस फैसले ने पंजाब को बदल दिया और इसे देश का एक प्रमुख प्रदेश बना दिया। पंजाबियों की उद्यमी भावना को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाबी अपनी मेहनत, जुनून और उद्यमिता के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। इसी भावना से प्रेरित होकर हमारे युवा नए उद्यम शुरू कर रहे हैं और नए अवसर पैदा कर रहे हैं। वे केवल व्यवसाय नहीं चला रहे, बल्कि पंजाब के भविष्य को नया रूप दे रहे हैं।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/chandigarh-news-(3).jpg" alt="Chandigarh News" width="1280" height="720"></img>
Chandigarh News: युवा उद्यमियों को ग्रांट सौंपते मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान।
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 21:15:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' की शुरुआत की तैयारियों का लिया जायजा: योग्य लाभार्थी महिलाओं को पहली जुलाई से मिलेगी वित्तीय सहायता</title>
                                    <description><![CDATA[ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि प्रदेश भर की पात्र महिलाओं को पहली जुलाई से 'मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना' के तहत वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/chief-minister-bhagwant-singh-mann-took-stock-of-the-preparations/article-85955"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/bhagwant-mann1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Mann) ने आज घोषणा की कि प्रदेश भर की पात्र महिलाओं को पहली जुलाई से 'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' के तहत वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। इस प्रमुख योजना के कार्यान्वयन का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना है कि वे स्वाभिमान से अपना जीवन व्यतीत कर सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि 'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' के तहत पंजाब की हर पात्र महिला को 1,000 रुपये प्रति माह, जबकि अनुसूचित जाति (एस.सी.) श्रेणी से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। उन्होंने कहा, "फंड सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे और जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना के तहत पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस पहल का लाभ मिलने की उम्मीद है और पंजाब सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">इस योजना के बड़े सामाजिक महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि यह वित्तीय सहायता महिलाओं को अमीर नहीं बनाएगी, लेकिन यह उन्हें स्वाभिमान अवश्य प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, "महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे स्वयं जीवन का स्रोत हैं। माताओं और बहनों के आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती को पार करने में मदद कर सकते हैं। परिवार की भलाई में सुधार, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक तथा आर्थिक निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत करना बहुत आवश्यक है।"</p>
<p style="text-align:justify;">पंजीकरण प्रक्रिया की प्रगति का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश भर में पंजीकरण पहले ही शुरू हो चुका है और हर रोज लाखों महिलाओं के नाम दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "अनुसूचित जाति श्रेणी से संबंधित महिलाओं को इस योजना के तहत 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण करने की जिम्मेदारी लगभग दो लाख 'महिला सत्कार सखियों' को सौंपी गई है।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे बताया कि ये पंजीकरण आंगनवाड़ी केंद्रों, सेवा केंद्रों और संबंधित जिलों में डिप्टी कमिश्नरों द्वारा विशेष रूप से निर्धारित अन्य स्थानों के माध्यम से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "यह पहल पंजाब भर में महिलाओं को सशक्त बनाने और यह सुनिश्चित करने में बहुत सहायक सिद्ध होगी कि वे सम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपना जीवन व्यतीत कर सकें।"</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/bhagwant-mann1.jpg" alt="Bhagwant Mann" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 20:37:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ऐलान के 24 घंटों के भीतर पंजाब सरकार द्वारा निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस वृद्धि पर रोक लगाने के लिए कानून का मसौदा तैयार करने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वृद्धि को रोकने के लिए व्यापक सुधारों की घोषणा के 24 घंटों से भी कम समय में पंजाब सरकार ने इस निर्णय को कानून का]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/within-24-hours-of-chief-minister-bhagwant-singh-manns-announcement/article-85935"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/harjot-singh-bains.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Mann) द्वारा निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वृद्धि को रोकने के लिए व्यापक सुधारों की घोषणा के 24 घंटों से भी कम समय में पंजाब सरकार ने इस निर्णय को कानून का रूप देने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर तुरंत कानून का मसौदा तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि निजी स्कूलों की फीस को नियमित किया जा सके और पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। इससे 32 लाख से अधिक विद्यार्थियों और उनके परिवारों को अनुचित आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">यह प्रस्तावित कानून वार्षिक फीस वृद्धि को 5 प्रतिशत तक सीमित करेगा और पिछले तीन वर्षों में निर्धारित 15 प्रतिशत सीमा से अधिक फीस बढ़ाने वाले स्कूलों को विद्यार्थियों के अभिभावकों से ली गई अतिरिक्त राशि वापस करनी होगी। यह कदम पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में मुनाफाखोरी को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए एक निर्णायक पहल है कि निजी स्कूल व्यावसायिक लाभ की बजाय विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित में कार्य करें।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने निर्देशों में स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “सुलभ और किफायती शिक्षा प्रदान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इस समय पंजाब भर के लगभग 7,800 निजी स्कूलों में 32 लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। ये विद्यार्थी और उनके परिवार मनमाने तरीके से फीस वृद्धि के खिलाफ मजबूत सुरक्षा और इन संस्थानों के कामकाज में पूर्ण पारदर्शिता के हकदार हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में मुनाफाखोरी को सख्ती से रोकने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में यह निर्णय लिया गया है। शिक्षा एक पवित्र और जनकल्याणकारी कार्य है, न कि कोई व्यापारिक गतिविधि जिसे लाभ कमाने के लिए चलाया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा कि इस सिद्धांत को भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने भी समर्थन दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कई बार यह स्पष्ट किया है कि निजी संस्थानों को उचित फीस लेने का अधिकार है, लेकिन शिक्षा क्षेत्र में व्यावसायीकरण और अत्यधिक मुनाफाखोरी स्वीकार्य नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए सरकार एक ऐसा विधायी ढांचा लाएगी जिससे निजी संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगेगी। इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और विभाग को जल्द से जल्द कैबिनेट के विचार हेतु एक व्यापक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।” </p>
<p style="text-align:justify;">प्रस्तावित कानून के तहत पंजाब सरकार निजी स्कूलों के लिए एक सख्त वार्षिक फीस सीमा लागू करेगी। नए ढांचे के अनुसार निजी स्कूलों को एक वर्ष में 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">यह कानून अभिभावकों को पूर्वव्यापी राहत भी प्रदान करेगा। कोई भी निजी स्कूल जिसने लगातार पिछले तीन वर्षों में निर्धारित सीमा 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है, उसे कानूनी रूप से अतिरिक्त ली गई फीस अभिभावकों को वापस करनी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">भगवंत मान सरकार का मानना है कि शिक्षा हर बच्चे के लिए सुलभ और किफायती होनी चाहिए तथा अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए। इस प्रस्तावित कानून से पूरे पंजाब में निजी स्कूलों के लिए एक पारदर्शी और जवाबदेह नियामक ढांचा स्थापित होने की उम्मीद है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कांग्रेस सरकार ने निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने की छूट दी थी</h4>
<p style="text-align:justify;">2019 में कांग्रेस सरकार ने ऐसे प्रावधान लागू किए थे जिनके तहत निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने की छूट मिल गई थी। स्कूलों को केवल नोटिस बोर्ड और वेबसाइटों पर संशोधित फीस की जानकारी प्रदर्शित करने के बाद फीस ढांचे में बदलाव की अनुमति दी गई थी, जिसमें नियामक निगरानी बहुत कम थी। इससे मनमानी फीस वृद्धि का रास्ता खुल गया और पूरे पंजाब में अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता गया। </p>
<p style="text-align:justify;">भगवंत मान सरकार द्वारा लाए जाने वाले नए कानून का उद्देश्य इस व्यवस्था को समाप्त करना, निजी स्कूलों की जवाबदेही सुनिश्चित करना और विद्यार्थियों तथा अभिभावकों को अतिरिक्त फीस के बोझ से राहत देना है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/harjot-singh-bains.jpg" alt="Harjot Singh Bains" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 15:37:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पंजाब की 'पंज-आब' पहचान और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के सम्मान में शंभू में स्वागती गेट का निर्माण किया जाएगा: मुख्यमंत्री भगवंत मान</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और इसकी समृद्ध विरासत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने के उद्देश्य से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों की समीक्षा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/swagati-gate-will-be-constructed-at-shambhu-in-honor-of/article-85880"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/chandigarh.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Chandigarh: पंजाब की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और इसकी समृद्ध विरासत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने के उद्देश्य से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों की समीक्षा की। पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग की एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शंभू सीमा पर भव्य स्वागती गेट के निर्माण को भी मंजूरी दी है, जो पंजाब की 'पंज-आब' पहचान और वास्तुकला की विरासत के सम्मान में तैयार किया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने श्री आनंदपुर साहिब में संशोधित हेरिटेज स्ट्रीट प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">हेरिटेज स्ट्रीट किला श्री आनंदगढ़ साहिब, तख्त श्री केसगढ़ साहिब और अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों को जोड़ने के साथ-साथ श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए आध्यात्मिक आभा प्रदान करेगी, जिससे पंजाब की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सिख धर्म के सबसे सम्मानित ऐतिहासिक और आध्यात्मिक केंद्रों में से एक श्री आनंदपुर साहिब में प्रस्तावित हेरिटेज स्ट्रीट के लिए संशोधित योजना को मंजूरी दे दी है। "श्री आनंदपुर साहिब में प्रस्तावित हेरिटेज स्ट्रीट किला आनंदगढ़ साहिब के पास गोल चौक से शुरू होगी और तख्त श्री केसगढ़ साहिब पार्क, गुरुद्वारा सीसगंज साहिब और गुरुद्वारा भोरा साहिब तक जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस प्रोजेक्ट की योजना श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आध्यात्मिक और विरासत अनुभव को और मजबूत करने के लिए बनाई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा कि प्रोजेक्ट के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों से सभी आवश्यक मंजूरियां प्राप्त की जाएंगी और इसके डिजाइन को भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और अन्य सक्षम अधिकारियों द्वारा विधिवत मंजूरी दी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि प्रोजेक्ट के सुचारू एवं निर्बाध कार्यान्वयन और इसकी निगरानी के लिए उच्च-शक्ति समिति भी बनाई जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">महत्वपूर्ण शंभू स्वागती गेट प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किया कि शंभू सीमा पर बनने वाला भव्य स्वागती गेट पंजाब की शान को दर्शाएगा। यह गेट चार-मार्गी एन.एच.ए.आई. (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) सड़क पर 12 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा, जो हमारी भव्य विरासत और परंपराओं के सम्मान का प्रतीक होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वास्तुकला अजूबे को इस प्रकार तैयार किया गया है कि यह सहजता से मौजूदा हाईवे बुनियादी ढांचे से जुड़ सके, जो इसकी सुंदरता को और निखारेगा। इस गेट के हाईवे के पिलर दोनों तरफ सर्विस रोड के साथ स्थापित होंगे, जो पंजाब के प्रवेश गेट पर भव्य पहचान बनाएंगे। पंजाब की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक वास्तुकला के सम्मान में तैयार किए गए इस ढांचे पर विस्तृत कारीगरी शामिल होगी, जो राज्य की अद्वितीय पहचान को दर्शाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">डिजाइन में शामिल अनूठी सांस्कृतिक विशेषताओं की पहचान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह गेट पारंपरिक और वास्तुकला की एक श्रृंखला के माध्यम से क्षेत्रीय कलात्मकता को प्रदर्शित करेगा। गेट में पत्थर की क्लैडिंग, एफ.आर.पी. वर्क, भव्य जाली पैटर्न, फुलकारी से प्रेरित कलाकृति और कई अन्य विशेषताएं होंगी, जो पंजाब की समृद्ध कलात्मक परंपराओं को दर्शाएंगी। इस डिजाइन की अवधारणा 'पंज-आब' शब्द की उत्पत्ति का सम्मान करती है, जिसका अर्थ है पांच पानियों की भूमि और इस विचार को आर्किटेक्चरली 'रिदम ऑफ फाइव' द्वारा दर्शाया गया है, जिसमें गेटवे के दोनों तरफ पांच-पांच गुंबद हैं, जो राज्य के पांच नदियों का प्रतीक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, तरुनप्रीत सिंह सौंद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/chandigarh.jpeg" alt="Chandigarh" width="770" height="437"></img></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 15:27:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब में पहली बार गन्ने के 100 प्रतिशत बकाए का निपटारा, भगवंत मान सरकार ने साल 2025-26 के पिढ़ाई सीजन के दौरान किसानों को 695.36 करोड़ रुपये का भुगतान किया</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब ने कृषि और सहकारी क्षेत्रों को मजबूत करने में बड़ी उपलब्धि हासिल की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/for-the-first-time-in-punjab-100-percent-settlement-of/article-85756"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/bhagwant-mann.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब ने कृषि और सहकारी क्षेत्रों को मजबूत करने में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस तहत पहली बार पंजाब सरकार ने साल 2025-26 के पिढ़ाई सीजन के दौरान गन्ना किसानों के 100 प्रतिशत बकाए अदा कर दिए हैं। प्रदेश भर की शुगर मिलों ने रिकॉर्ड 167.20 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की और 695.36 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, ताकि किसानों को उनकी फसल के बकाए का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">यह उपलब्धि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की किसान कल्याण, फसल विविधीकरण और ग्रामीण समृद्धि के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। किसानों को पारंपरिक गेहूं-धान के चक्र से बाहर निकलने और गन्ने की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करके, सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ कृषि विकास के नए अवसर पैदा किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">गन्ने की खेती और शुगर मिलें रोजगार के अवसर पैदा करने और हजारों किसान परिवारों की सहायता में अहम भूमिका निभाती आ रही हैं। कृषि को और प्रोत्साहित करने के लिए सहकारी शुगर मिलों ने किसान-हितैषी कई पहल की हैं, जिनमें उन्नत बीजों की आपूर्ति, सब्सिडी वाली कृषि मशीनरी, उर्वरक, खरपतवार और कीटनाशक, मिट्टी जांच की सुविधाएं, जागरूकता शिविर और प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। इन प्रयासों ने उत्पादन बढ़ाने और गन्ने की खेती में किसानों के विश्वास को मजबूत करने में बड़ा योगदान दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">भगवंत मान सरकार ने किसानों को समय पर भुगतान करने को भी प्राथमिकता दी है। साल 2025-26 के पेराई सीजन के दौरान खरीदे गए गन्ने के सभी भुगतान जारी किए गए, जिससे गन्ना उत्पादकों को बड़ी वित्तीय राहत मिली और सरकार की कृषि नीतियों में उनका भरोसा और मजबूत हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">भगवंत मान सरकार द्वारा बकाए का सीधा भुगतान ने गन्ने की खेती में किसानों का भरोसा बहाल किया: पाल सिंह<br />गांव हुथियां के सरपंच और बटाला शुगर मिल से जुड़े किसान पाल सिंह ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, "मैं पिछले 30 सालों से गन्ने की खेती कर रहा हूं और इस समय मेरे पास 20 एकड़ में गन्ने की खेती है। हम बटाला शुगर मिल से जुड़े हैं और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार के अधीन मिल ने यह सुनिश्चित किया है कि राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचे। कुछ किसानों को 20 लाख रुपये, कुछ को 10 लाख रुपये और कुछ को 15 लाख रुपये सीधे उनके खातों में मिले हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा, "हमारे खातों में जमा भुगतान ने किसानों का उत्साह बढ़ाया है। पहले भुगतान राशि समय के साथ किश्तों में आती थी। अब किसानों को बकाए सीधे उनके खातों में मिल गए हैं, जिससे हममें से कई लोगों को गेहूं और धान से आगे बढ़ने और गन्ने की खेती का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहन मिला है।"</p>
<p style="text-align:justify;">भगवंत मान सरकार के समय पर भुगतान ने राहत दी और अन्य किसानों को गन्ने की खेती से जुड़ने के लिए प्रेरित किया-लखबीर सिंह मिल की शुरुआत से ही इससे जुड़े गांव आलोवाल के लखबीर सिंह ने कहा, "जब से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सत्ता में आए हैं, फसल के भुगतान में काफी सुधार हुआ है। पूरा भुगतान जारी करने के फैसले से बटाला मिल से जुड़े किसानों में खुशी की लहर है। जमीन मालिकों को उनके बकाए मिल गए हैं और वे बेहद संतुष्ट हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा, "अगर गन्ने का भुगतान इसी तरह होता रहा तो किसान अधिक से अधिक गन्ने की खेती करने और मिलों से जुड़े रहने के लिए बहुत प्रेरित होंगे। मिल ने किसानों को बड़ी राहत दी है और उनके विश्वास को मजबूत किया है।"</p>
<p style="text-align:justify;">मिल के स्टाफ के योगदान की सराहना करते हुए लखबीर सिंह ने कहा, "मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़ी लगन से काम किया है और इसे सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मिलों में से एक बनाने में मदद की है। इन परिणामों को हासिल करने में उनके प्रयासों ने अहम भूमिका निभाई है।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री की पहल की सराहना करते हुए उन्होंने आगे कहा, "मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह सुनिश्चित करके किसानों को बहुत बड़ी राहत दी है कि भुगतान राशि समय पर सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर हो। इससे किसानों का भरोसा बढ़ा और उन्हें गन्ने की खेती जारी रखने का प्रोत्साहन मिला है।"</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/bhagwant-mann.jpg" alt="Bhagwant Mann" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 19:56:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल में छेद की बीमारी से वर्षों तक जूझती रहीं गुरप्रीत कौर; ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ ने दिया नया जीवन</title>
                                    <description><![CDATA[भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना पंजाब के लोगों को उपचार के खर्च की चिंता से मुक्त करते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करा रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/gurpreet-kaur-struggled-with-heart-disease-for-years-mukhyamantri-swasthya/article-85755"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/chandigar-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Chandigar News: भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना पंजाब के लोगों को उपचार के खर्च की चिंता से मुक्त करते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करा रही है। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस योजना को लोगों का व्यापक समर्थन मिला है और अब तक इसमें 45 लाख से अधिक लोगों का पंजीकरण हो चुका है। विशेष रूप से चिकित्सा आपात स्थितियों में हजारों परिवारों को इसका लाभ मिला है और अनेक लाभार्थियों ने इसके लिए सरकार का आभार व्यक्त किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसी ही एक लाभार्थी हैं बठिंडा की 37 वर्षीय गुरप्रीत कौर, जिनका जीवन हृदय की एक गंभीर बीमारी के कारण अचानक संकट में आ गया था। जब उन्हें पता चला कि उनके दिल में एक बड़ा छेद है, तो उन्हें न केवल स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा, बल्कि उपचार के भारी खर्च की चिंता भी सताने लगी। लेकिन एम्स बठिंडा में सफल उपचार और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के सहयोग से उन्हें जीवन का नया अवसर मिला।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकांश लोगों के लिए हृदय की धड़कन ऐसी चीज है जिसके बारे में वे कभी सोचते भी नहीं। यह जीवन के हर सुख-दुख के साथ चुपचाप चलती रहती है। लेकिन गुरप्रीत कौर की हर धड़कन अनजाने में एक छिपे हुए खतरे को अपने साथ लिए हुए थी।</p>
<p style="text-align:justify;">अब तक गुरप्रीत का जीवन अपने परिवार की देखभाल और घरेलू जिम्मेदारियों के इर्द-गिर्द सामान्य रूप से चल रहा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह जन्म से ही हृदय की एक ऐसी बीमारी से पीड़ित थीं, जो वर्षों तक सामने नहीं आई।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि उनके हृदय के ऊपरी दोनों कक्षों के बीच 22 मिलीमीटर का बड़ा एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (ए एस डी ) था। इसके कारण रक्त प्रवाह में असंतुलन पैदा हो गया था और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था। यदि इसका उपचार नहीं किया जाता, तो आगे चलकर यह हृदय विफलता जैसी गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता था।</p>
<p style="text-align:justify;">बीमारी का पता चलते ही परिवार में चिंता का माहौल बन गया। एक ओर स्वास्थ्य की चिंता थी, दूसरी ओर उपचार का खर्च भी एक बड़ी चुनौती था। गुरप्रीत कौर बताती हैं, “सबसे पहले मेरे मन में इलाज के खर्च का ही विचार आया। मुझे चिंता थी कि हम इतना खर्च कैसे उठा पाएंगे। ऐसा लग रहा था जैसे हमारा परिवार जीवन के एक बहुत कठिन मोड़ पर खड़ा हो।”</p>
<p style="text-align:justify;">एम्स बठिंडा के विशेषज्ञों ने इस समस्या को दूर करने के लिए एक विशेष प्रक्रिया की सलाह दी। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, 5 मई 2026 को कार्डियक कैथेटराइजेशन लैब में सामान्य एनेस्थीसिया के तहत यह प्रक्रिया की गई। इस दौरान 24 मिलीमीटर का एम्प्लाट्ज़र सेप्टल ऑक्लूडर डिवाइस लगाकर हृदय के छेद को बंद किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना पर भरोसा किया, जिसके तहत लगभग एक लाख रुपये की उपचार लागत कवर की गई। यह प्रक्रिया जोखिमपूर्ण थी और सहमति दस्तावेजों में संभावित हृदय संबंधी जटिलताओं, हीमोडायनामिक अस्थिरता तथा गंभीर चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता जैसी आशंकाओं का उल्लेख किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्डियक कैथेटराइजेशन लैब के बाहर परिवार के सदस्य हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहे थे। गुरप्रीत के पति उस समय को याद करते हुए कहते हैं, “हम केवल प्रार्थना ही कर सकते थे। हर मिनट बहुत लंबा लग रहा था। जब डॉक्टर बाहर आए और उन्होंने बताया कि सब कुछ सफल रहा, तो ऐसा लगा जैसे हमारे सिर से बहुत बड़ा बोझ उतर गया हो।”</p>
<p style="text-align:justify;">यह प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही और कोई जटिलता सामने नहीं आई। गुरप्रीत के लिए यह एक स्वस्थ भविष्य की ओर नई शुरुआत थी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत मिला आर्थिक सहयोग परिवार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ, जिसने उन्हें ऐसे भारी खर्च से बचा लिया जो उनके लिए असहनीय हो सकता था।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह मामला सार्वजनिक स्वास्थ्य सहायता के वास्तविक उद्देश्य को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “किसी भी परिवार को आर्थिक कठिनाइयों के कारण गुणवत्तापूर्ण उपचार से वंचित नहीं रहना चाहिए। गुरप्रीत की स्वस्थता इस बात का प्रमाण है कि समय पर चिकित्सा सुविधा और आर्थिक सुरक्षा न केवल जीवन बचा सकती है, बल्कि परिवारों की गरिमा भी बनाए रख सकती है।” आज गुरप्रीत कौर, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के हजारों अन्य लाभार्थियों की तरह, नई उम्मीद और बेहतर स्वास्थ्य के साथ जीवन की ओर आगे बढ़ रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, पंजाब के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 1,75,210 मरीजों को लाभ मिल चुका है और 3,43,370 उपचार किए जा चुके हैं। योजना पर अब तक 581.90 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जो राज्य में कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/chandigar-news.jpg" alt="Chandigar News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 19:10:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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                <title>हम पंजाब को देश का अग्रणी शिक्षा केंद्र बनाएंगे, हमारे बच्चों को कनाडा या ऑस्ट्रेलिया की ओर देखने की जरूरत नहीं रहेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के शिक्षा ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाने के चार साल बाद भगवंत मान सरकार अब बड़े लक्ष्य पर नजर टिकाए बैठी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/we-will-make-punjab-the-leading-education-center-of-the/article-85741"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/chandigarh-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Chandigarh News: पंजाब के शिक्षा ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाने के चार साल बाद भगवंत मान सरकार अब बड़े लक्ष्य पर नजर टिकाए बैठी है। इस लक्ष्य के तहत पंजाब को देश का अग्रणी शिक्षा केंद्र बनाना और इस पुरानी धारणा को बदलना है कि बेहतर शिक्षा सिर्फ विदेशों में ही मिल सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में केरल को पछाड़कर पंजाब द्वारा बड़ी छलांग, बोर्ड टॉपरों में लड़कियों के बढ़ते दबदबे और जेईई मेन में सरकारी स्कूलों के 359 विद्यार्थियों की सफलता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य की 'शिक्षा क्रांति' के जमीनी स्तर पर सार्थक नतीजे सामने आने शुरू हो गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आज यहां टैगोर थिएटर में 'सितारे ज़मीन पर' कार्यक्रम के दौरान 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा में सभी जिलों से पहले तीन स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान संबोधन करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूल अब पहचान के लिए संघर्ष नहीं कर रहे, बल्कि देश भर में उत्कृष्टता, आत्मविश्वास और अवसरों के नए मानदंड स्थापित कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम की कुछ झलकियां 'एक्स' पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “आज चंडीगढ़ में ‘सितारे ज़मीन पर’ कार्यक्रम के दौरान पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के होनहार टॉपरों को सम्मानित</p>
<p style="text-align:justify;">करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस मौके पर मैंने शिक्षा विभाग को विशेष हिदायतें जारी कीं कि जन्म तिथि के आधार पर रैंक तय करने की बजाय बराबर अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को संयुक्त रूप से पहला स्थान दिया जाए। आज आपकी सरकार के सुहृदय प्रयासों से पंजाब के सरकारी स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में केरल को भी पछाड़ रहे हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने पोस्ट के अंत में कहा, “विद्यार्थियों के लिए मेरा संदेश साफ और स्पष्ट है कि जीवन में आप चाहे कितने भी सफल हो जाओ, हमेशा जमीन से जुड़े रहो। अपने अध्यापकों और माता-पिता का हमेशा सम्मान करो, क्योंकि एक विजेता को भी मेडल लेने के लिए झुकना पड़ता है। आपके सभी के उज्ज्वल और सफल भविष्य के लिए मेरी दिल से शुभकामनाएं।”</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब भर के जिलों के शानदार प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित ‘सितारे ज़मीन पर’ समागम के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य की ‘शिक्षा क्रांति’ ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की इच्छाओं को बदल दिया है और उनके लिए अवसरों के नए रास्ते खोले हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यार्थियों को उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं उन सभी विद्यार्थियों को बधाई देता हूं जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से अपने माता-पिता, अध्यापकों और समाज का नाम रोशन किया है। अतीत में ऐसे समागम कभी नहीं आयोजित किए गए क्योंकि पिछली सरकारों ने शिक्षा, खासकर सरकारी स्कूलों की ओर कभी ध्यान नहीं दिया। पहले इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अक्सर परीक्षाओं में मुकाबला करने से हिचकते और असुरक्षित महसूस करते थे, लेकिन आज वे पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं और अपनी योग्यता साबित कर रहे हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए पंजाब सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारे अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है जहां वे आधुनिक शिक्षण प्रणालियां सीखते हैं। वापस आने के बाद वे इस ज्ञान को विद्यार्थियों और साथी अध्यापकों के साथ साझा करते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि शिक्षा का विश्व स्तरीय मानक पंजाब के कोने-कोने के क्लासरूम तक पहुंचे। यह नवीनतम पहल शिक्षा प्रणाली को पुनर्जीवित कर रही है और गुणात्मक बदलाव ला रही है जिसका सीधा फायदा विद्यार्थियों को हो रहा है। ये अध्यापक बदलाव के दूत के रूप में काम कर रहे हैं और पंजाब में शिक्षा क्रांति को मजबूत कर रहे हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा, “यह पहल अध्यापकों की निपुणता को निखारती है और उन्हें आधुनिक विधियों से लैस करती है ताकि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए तैयार किया जा सके। नतीजे आज दिखाई दे रहे हैं क्योंकि पंजाब के विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और अपने परिवारों का नाम रोशन कर रहे हैं। मौजूदा युग हुनर का है, हमारी सरकार युवाओं को हुनर प्रशिक्षण प्रदान करने पर विशेष जोर दे रही है।”</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यार्थियों को जमीन से जुड़े रहने और मेहनत करते रहने के लिए प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “तुम्हें जीवन में ग्रास-रूट्स (जमीन से जुड़ने) बनने की कोशिश करनी चाहिए न कि पैराशूट बनने की। ग्रास-रूट्स मेहनत और दृढ़ इरादे से जमीन से उठते हैं और दुनिया को जीतने के लिए आगे बढ़ते हैं। ऐसे मेहनती व्यक्तियों के लिए असीम अवसर होते हैं। दूसरी ओर पैराशूट वाले आसमान से नीचे उतरते हैं और उनका देर-सवेर गिरना तय होता है। तुम्हारा ध्यान हमेशा बुलंदी छूने पर होना चाहिए और हमारी सरकार तुम्हारे सपनों को साकार करने में हर संभव सहायता प्रदान करेगी।”</p>
<p style="text-align:justify;">हवाई जहाज से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जिस तरह एक रनवे हवाई जहाज को सुचारू रूप से उड़ान भरने में सक्षम बनाता है, पंजाब सरकार विद्यार्थियों को ऐसे अवसरों के लिए तैयार कर रही है ताकि उनके सपनों को साकार करने में मदद मिले। हमारे युवाओं के विचारों को उड़ान भरने के लिए पंख देने की हर कोशिश की जा रही है और इस नेक कार्य में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है। मैं हर युवा से अपील करता हूं कि मेहनत और लगन से अलग पहचान बनाएं क्योंकि तुम जो कुछ हासिल कर सकते हो उसकी कोई सीमा नहीं है।”</p>
<p style="text-align:justify;">सफलता के बावजूद विद्यार्थियों को नम्र रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “तुम्हें अपनी उपलब्धियों से कभी भी घमंडी नहीं होना चाहिए। आत्मविश्वास और सकारात्मक रहना जरूरी गुण हैं, लेकिन घमंड कभी भी सफलता के साथ नहीं आना चाहिए। नम्रता, मेहनत और दृढ़ता निरंतर सफलता की असली कुंजियां हैं और ये मूल्य हमेशा तुम्हारे सफर का मार्गदर्शन करती रहें।”</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब की शानदार विरासत का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब न सिर्फ देश को अनाज देता है बल्कि देश की खड़गभुजा भी है। पंजाब के लोग अपनी बहादुरी, मेहनत और उद्यमी भावना के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। इस पवित्र धरती का एक-एक इंच महान गुरुओं, संतों, पीरों-पैगंबरों और शहीदों की महान विरासत को समर्पित है जिन्होंने हमें बेइंसाफी, जुल्म और जबर के विरुद्ध खड़े होने की शिक्षा दी। पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और नर्म मेहमाननवाजी को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे जोड़ा, “पंजाबी स्वभाव से ही अग्रणी रहने के गुण के मालिक हैं और उन्होंने हमेशा हर क्षेत्र में बुलंदी हासिल की है। यह बहुत गर्व की बात है कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में पंजाबियों ने अग्रणी भूमिका निभाई और देश के लिए बेमिसाल कुर्बानियां दी।”</p>
<p style="text-align:justify;">सभा को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “जब मैंने पद संभाला था तो पंजाब में लगभग चार लाख बच्चे फर्श पर बैठकर पढ़ रहे थे। आज पंजाब सरकार के प्रयासों से एक भी बच्चा फर्श पर बैठकर पढ़ने के लिए मजबूर नहीं है। पंजाब अब शिक्षा क्षेत्र से संबंधित लगभग हर राष्ट्रीय रिपोर्ट में शीर्ष स्थान हासिल कर रहा है।”</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “देश में पुरानी परीक्षा प्रणाली को बदलना चाहिए। नीट जैसी परीक्षाओं के लीक होने जैसी घटनाएं लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को बर्बाद कर रही हैं। 19वीं सदी की सिस्टम पर भरोसा करने की बजाय परीक्षाएं विद्यार्थियों की समग्र योग्यता और क्षमताओं का मूल्यांकन करने वाली होनी चाहिए, न कि तीन घंटे की परीक्षा तक सीमित।”</p>
<p style="text-align:justify;">मनीष सिसोदिया ने आगे कहा, “परीक्षा प्रणाली को 21वीं सदी के विद्यार्थियों की जरूरतों और योग्यताओं के मुताबिक ढाला जाना चाहिए ताकि उनकी समग्र व्यक्तित्व और क्षमता का विकास हो सके। इस बदलाव के लिए हमें शिक्षा को प्राथमिकता देने वाली और शिक्षा में निवेश करने वाली सरकारें चुननी चाहिए।”</p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर विद्यार्थियों ने विचार साझा किए कि पंजाब की 'शिक्षा क्रांति' उनके स्कूलों, विश्वास और ख्वाहिशों को कैसे नया रूप दे रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस समागम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने शिक्षा को मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार के प्रयासों की भरपूर प्रशंसा की। फरीदकोट जिले के जैतो से हरलीन शर्मा ने विद्यार्थियों को लगातार उत्साहित करने और उन्हें उत्कृष्टता हासिल करने के लिए हौसला अफजाई करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद किया। श्री मुक्तसर साहिब जिले के सरकारी स्कूल रुपाणा के विद्यार्थी निखिल पांडे ने अपने अध्यापकों को समर्पित एक कविता पेश की और सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद किया।</p>
<p style="text-align:justify;">लुधियाना से सुहानी चौहान ने कहा कि पंजाब सरकार की शिक्षा पहलकदमियों ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के विश्वास को मजबूत किया है और उन्होंने विद्यार्थियों को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर बोलने और विचार रखने के लिए उत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सराहना की। ज़ीरा के एक सरकारी स्कूल की ग्यारहवीं कक्षा की विद्यार्थी अनमोलप्रीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार ने लड़कियों के लिए आवागमन की सुविधाएं प्रदान करके शिक्षा को अधिक सुलभ बनाया है। उन्होंने अपने स्कूल में एक लिफ्ट की स्थापना पर भी प्रकाश डाला और साझा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही स्कूल का दौरा करेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">भगवंत मान सरकार की शिक्षा क्रांति ने शानदार नतीजे दिए</h4>
<p style="text-align:justify;">पंजाब की शिक्षा क्रांति ने पूरे राज्य में शानदार नतीजे देना शुरू कर दिए हैं। नीति आयोग के स्कूल शिक्षा मूल्यांकन में, पंजाब के सरकारी स्कूलों ने पारंपरिक रूप से बेहतर प्रदर्शन वाले कई राज्यों को पछाड़कर देश भर में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। इस साल स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के 359 विद्यार्थियों ने जेईई मेन के लिए क्वालीफाई किया है, जबकि सरकार ने जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग देने के लिए कोचिंग संस्था ‘फिजिक्स वाला’ के साथ भी भागीदारी की है।</p>
<p style="text-align:justify;">भगवंत मान सरकार ने लगभग 19,000 सरकारी स्कूलों में माता-पिता-शिक्षक मिलनी पहल शुरू की है, जिसने विद्यार्थियों के विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए लगभग 25 लाख माता-पिता और 1.8 लाख से अधिक स्कूल स्टाफ को मिलनियों का मौका दिया। अन्य प्रमुख सुधारों में फिनलैंड और सिंगापुर में शिक्षकों के लिए विदेशी प्रशिक्षण कार्यक्रम, विद्यार्थियों के लिए आवागमन सुविधाएं और पंजाब के बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्कूल ऑफ एमिनेंस का विस्तार शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/chandigarh-news.jpg" alt="Chandigarh News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 14:24:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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                <title>पंजाब भर में मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ बनी जीवनरेखा</title>
                                    <description><![CDATA[ पंजाब में बदलते तापमान और उमसभरी गर्मी के आगमन के साथ एक बार फिर मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/bhagwant-mann-governments-mukhyamantri-sehat-yojana-becomes-lifeline-amid-increasing/article-85550"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/bhagwant-mann-41.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Chandigarh News: पंजाब में बदलते तापमान और उमसभरी गर्मी के आगमन के साथ एक बार फिर मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। रोज़मर्रा की बीमारियों से राहत पाने के लिए पहले से ही मरीज़ों की भीड़ झेल रहे सरकारी अस्पतालों में अब बुखार संबंधी बीमारियों, श्वसन संक्रमणों और पेट संबंधी विकारों के मामलों में एक नई बढ़ोतरी देखी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, यह मौसमी लहर हर साल चिंताजनक रूप से लौटती है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक्यूट फेब्राइल इलनेस कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि अचानक तेज़ बुखार के साथ उत्पन्न होने वाली एक ऐसी स्थिति है जिसमें कई तरह की बीमारियाँ शामिल हो सकती हैं। यूएस सेंटर्स फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, ऐसी स्थितियाँ वायरल, बैक्टीरियल या परजीवी संक्रमणों के कारण हो सकती हैं। कई बार मरीज़ बुखार को मुख्य लक्षण के रूप में लेकर अस्पताल पहुँचते हैं, जबकि संक्रमण का मूल कारण शुरुआती अवस्था में स्पष्ट नहीं हो पाता।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के हालिया आँकड़े बताते हैं कि पिछले चार महीनों में एक्यूट फेब्राइल इलनेस कैशलेस इलाज दावों की सबसे बड़ी श्रेणियों में शामिल रहीं। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी से प्राप्त आँकड़ों के अनुसार, एक्यूट फेब्राइल इलनेस के 5,840 मामले दर्ज किए गए, जिन पर ₹1.31 करोड़ के दावों का भुगतान किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, पानी से फैलने वाले और श्वसन संबंधी बीमारियों के भी उल्लेखनीय मामले सामने आए। एंटरिक फीवर के 1,396 मामले दर्ज हुए, जिन पर ₹30.47 लाख के दावे किए गए। निमोनिया के 377 मामलों पर ₹11.06 लाख, जबकि एक्यूट ब्रोंकाइटिस के 326 मामलों पर ₹9.24 लाख ख़र्च हुए। वहीं मानसून के दौरान अक्सर चर्चा में रहने वाली बीमारियों के मामले अपेक्षाकृत सीमित रहे। डेंगू के केवल 12 मामले दर्ज हुए, जिन पर ₹40,880 का दावा हुआ। मलेरिया के सिर्फ 3 मामले, चिकनगुनिया के 6 मामले, और हीट स्ट्रोक के 4 मामले सामने आए, जो अत्यधिक गर्मी से संबंधित अस्पताल भर्ती की तुलनात्मक रूप से कम संख्या को दर्शाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हालाँकि, जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की सलाह दे रहे हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के एक अध्ययन के अनुसार बारिश, मच्छरों की बढ़ती संख्या और स्थानीय स्वच्छता स्थितियों के अनुसार मौसमी प्रकोप तेज़ी से बदल सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सिविल अस्पताल, पटियाला के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. विकास गोयल ने बताया कि यह स्थिति हर वर्ष ओपीडी में दिखाई देने वाले समान्य मौसमी दबाव को दर्शाती है I उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश मामले प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल स्तर पर आसानी से संभाले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी के कारण एक्यूट फेब्राइल इलनेस, उल्टी,दस्त, सिरदर्द, श्वसन संक्रमण और त्वचा व आँखों से जुड़ी एलर्जी के मामले बढ़ जाते हैं। गरम मौसम के कारण लोग अक्सर इलाज में देरी कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. विकास गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना मरीज़ों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है क्योंकि इससे उन्हें बिना आर्थिक बोझ के अस्पताल में भर्ती होकर कैशलेस उपचार मिल रहा है। उन्होंने कहा,“यह योजना सुनिश्चित करती है कि मरीज़ बिना अग्रिम पैसे की चिंता किए समय पर इलाज प्राप्त कर सकें। समय पर जाँच और उपचार से कई जानें बचाई जा सकती हैं, क्योंकि आर्थिक बाधा दूर होने से लोग इलाज में देरी नहीं करते।”</p>
<p style="text-align:justify;">बच्चे अत्यधिक गर्मी और उमस वाले मौसम में सबसे अधिक संवेदनशील बने रहते हैं। गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज, फरीदकोट के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शशि कांत धीर ने चेतावनी दी कि शिशु और छोटे बच्चे संक्रमणों की चपेट में जल्दी आते हैं। उन्होंने बताया कि ठीक से आहार न लेना, बार-बार उल्टी होना, तेज साँस चलना, डिहाइड्रेशन, दौरे पड़ना और लगातार बुखार जैसे लक्षणों को कभी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि तीन महीने से कम उम्र के शिशु में किसी भी तरह के बुखार को तत्काल चिकित्सकीय आपात स्थिति माना जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. शशि कांत धीर ने यह भी कहा कि  जागरूकता अभियान, स्वच्छता शिक्षा, टीकाकरण और मच्छर नियंत्रण उपायों के माध्यम से संक्रमण के प्रसार को रोकने में अभिभावकों, आशा वर्करों, आँगनवाड़ी कर्मियों और स्कूलों की भूमिका बेहद महत्त्वपूर्ण है।</p>
<p style="text-align:justify;">फ़िलहाल, जैसे-जैसे पंजाब एक और लंबी गर्मी की तैयारी कर रहा है, अस्पतालों के भीड़भरे गलियारे यह याद दिला रहे हैं कि मौसमी बीमारियाँ आज भी परिवारों और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2025-03/bhagwant-mann-41.jpg" alt="Bhagwant-Mann-4" width="900" height="495"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 21:18:47 +0530</pubDate>
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