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                <title>blood - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Signs Of Sugar/Diabetes: शरीर में शुगर लेवल के बढ़ जाने पर शरीर देता है ये 10 संकेत!</title>
                                    <description><![CDATA[Signs Of Sugar/Diabetes: डायबिटीज आजकल दुनिया में एक आम बीमारी बन चुकी है। डायबिटीज आज के समय में सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली क्रोनिक बीमारी बन चुकी है। ऐसा इसलिए क्योंकि पहले के समय की तुलना में आजकल लोगों का युवाओं का लाइफस्टाइल ज्यादा ख़राब होता जा रहा है और इस कारण से डायबीटिज के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/signs-of-sugar-diabetes/article-70806"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-05/signs-of-sugar-diabetes.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Signs Of Sugar/Diabetes: डायबिटीज आजकल दुनिया में एक आम बीमारी बन चुकी है। डायबिटीज आज के समय में सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली क्रोनिक बीमारी बन चुकी है। ऐसा इसलिए क्योंकि पहले के समय की तुलना में आजकल लोगों का युवाओं का लाइफस्टाइल ज्यादा ख़राब होता जा रहा है और इस कारण से डायबीटिज के साथ लोगों को कभी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल बहुत ही कम लोग जानते हैं कि डायबिटीज के मरीजों का जब ब्लड शुगर ज्यादा बढ़ जाता है, तो शरीर के कुछ अंगों को सीधा नुकसान पहुंचाने लग जाता है और ऐसी स्थिति में ब्लड शुगर को जल्द से जल्द कंट्रोल करने के लिए जरूरी कदम उठा लेना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">डायबिटीज शुगर बढ़ने या घटने के लक्षणों को पहचानना भी बेहद जरूरी होता है, क्योंकि डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसके लक्षण शुरुआत में नहीं आते लेकिन एक स्थिति के बाद इसके लक्षण भी आते हैं, और वे काफी गंभीर होते हैं ऐसे में आपको इसके लक्षणों के बारे में यानी डाइट डायबिटीज के लक्षणों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। ताकि आप इसको समय पर पहचान कर इसका इलाज करा सके। Signs Of Sugar/Diabetes</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, हमारे शरीर के कुछ अंग संकेत दे देते हैं कि आपको डायबिटीज होने का ज्यादा खतरा रहता है। तो चलिए जानतें हैं कौन से अंग डायबिटीज विकसित होने के खतरे का संकेत देते हैं और डायबिटीज होने के क्या लक्षण है।<br />
किन अंगों पर करता है डायबिटीज सिधा अटैक?</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/black-pepper-side-effects/">Black Pepper Side Effects: काली मिर्च का अत्याधिक सेवन, खराब कर सकता है आपका जीवन!</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“Black Pepper Side Effects: काली मिर्च का अत्याधिक सेवन, खराब कर सकता है आपका जीवन!” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/black-pepper-side-effects/embed/#?secret=BNJaCQXKZc%23?secret=EP5Pv7Nmub" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>किडनी:</strong> डायबिटीज के मरीजों को किडनी से जुड़े रोग होने की काफी संभावना होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब ब्लड में शुगर लेवल बाढ़ जाता है तो किडनी के आसपास की रक्त वाहिकाएं संकुचित होने लगती है और किडनी को पर्याप्त रक्त नहीं मिल पाता है। ऐसे में धीरे-धीरे किडनी कमजोर पड़ने लगती है। Signs Of Sugar/Diabetes</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अग्न्याशय:</strong> बताया जाता है की डायबिटीज से ग्रस्त लोगों में स्वास्थ्य की तुलना में अग्नाशय से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा काफी ज्यादा रहता है। डायबिटीज के मरीजों में अक्सर पेन्क्रीटाइटिस के लक्षण काफी ज्यादा देखे जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नस:</strong> दरअसल डायबिटीज शरीर के किसी भी हिस्से में मौजूद नसों को प्रभावित कर सकता है, जब ब्लड शुगर जाता है, तो इसके कारण ब्लड वेसल्स संकुचित होने लगती है और नसों से जुड़ी समस्याएं भी पैदा हो जाती है। हाई ब्लड शुगर के दौरान यह रक्त वही काय प्रभावित हो जाती है, जो कुछ नसों को ऑक्सीजन ब्लड पहुंचाती है और इस कारण नसों में डैमेज होने की संभावना हो जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ह्रदय:</strong> आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सिर्फ हाई ब्लड प्रेशर ही नहीं बल्कि हाई ब्लड शुगर भी आपके दिल का दुश्मन है। हाई ब्लड शुगर के कारण शरीर की धमनियां भी प्रभावित हो सकती हैं, जो हार्ट को ब्लड पहुंचाती हैं। ऐसी स्थिति में हार्ट को पर्याप्त मात्रा में ब्लड नहीं मिल पाता है और हार्ट को नुकसान होने लगता है। Signs Of Sugar/Diabetes</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>आंख:</strong> डायबिटीज के मरीजों को अक्सर आंखों से जुड़ी समस्याएं होने लगती है। डायबिटीज मैं रेटिना के पीछे की ब्लड वेसल डैमेज हो जाती है, जिससे धुंधला दिखना और यहां तक कि कुछ मामलों में अंधापन भी हो सकता है। इस स्थिति को डायबिटीज रेटिनोपैथी भी कहा जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ज्यादा भूख लगना:</strong> डायबिटीज के मरीजों को बार-बार भूख लगती है और वे भूख मिटाने के लिए बार-बार कुछ ना कुछ खाते रहते हैं, अगर आप भी ऐसी स्थिति से परेशान हैं या आपके भी सामने ऐसी परेशानी आ रही है तो आप देना करते हुए तुरंत अपना हेल्थ चेकअप कराएं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>प्यास न बुझना/बार बार प्यास लगना:</strong> अगर आपका गला बार-बार बहुत सूखता है और पानी पीने के बावजूद भी आप की प्यास नहीं बुझती, ऐसी स्थिति में आपको शुगर की जांच करानी चाहिए। Signs Of Sugar/Diabetes</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बार बार पेशाब आना:</strong> रात के वक्त अगर आप 4 से 5 वार पेशाब करने उठते हैं तो यह निश्चित ही शुगर की शुरुआत है। अगर आपके सामने ऐसी समस्या आती है तो आप तुरंत शुगर चेक करा ले क्योंकि ये डायबिटीज का बड़ा लक्षण है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अचानक वजन कम होना या बढ़ना:</strong> अगर आपका वजन अचानक तेजी से बढ़ रहा है या घट रहा है तो यह डायबिटीज का लक्षण है। मतलब वजन का बढ़ना और घटना दोनों ही डायबिटीज के लक्षण है अगर ऐसा होता है तो आपको वक्त रहते सतर्क रहने की जरूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ज्यादा थकान होना:</strong> अगर आप पहले बिना थके 10 से 12 घंटे तक काम कर लेते थे और आपको कोई थकावट भी महसूस नहीं होती थी, लेकिन अब अगर आप 8 घंटे काम करते हैं और आपको काफी थकावट महसूस होने लगती है, तो आपको डायबिटीज की जांच करा लेनी चाहिए।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/diet-tips-for-uric-acid/">Diet Tips For Uric Acid: यूरिक एसिड बढ़ने पर तुरंत खाना छोड़ दें ये चीजें</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 May 2025 14:07:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Symptoms of High Blood Sugar: ब्लड शुगर बढ़ने पर शरीर के ये 8 अंग करते हैं इशारा, जानें क्या है शुगर</title>
                                    <description><![CDATA[Symptoms of High Blood Sugar In Hindi: डायबिटीज आजकल दुनिया में एक आम बीमारी बन चुकी है। डायबिटीज आज के समय में सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली क्रोनिक बीमारी बन चुकी है। ऐसा इसलिए क्योंकि पहले के समय की तुलना में आजकल लोगों का युवाओं का लाइफस्टाइल ज्यादा खराब होता जा रहा है और इस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/symptoms-of-high-blood-sugar-in-hindi/article-51638"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/symptoms-of-high-blood-sugar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Symptoms of High Blood Sugar In Hindi: डायबिटीज आजकल दुनिया में एक आम बीमारी बन चुकी है। डायबिटीज आज के समय में सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली क्रोनिक बीमारी बन चुकी है। ऐसा इसलिए क्योंकि पहले के समय की तुलना में आजकल लोगों का युवाओं का लाइफस्टाइल ज्यादा खराब होता जा रहा है और इस कारण से डायबीटिज के साथ लोगों को कभी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">WHO के अनुसार डायबिटीज की समस्या दुनिया की गंभीर समस्याओं में शामिल है व रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में ब्लड शुगर के मरीज सबसे ज्यादा पाए जाते हैं। इसे साइलेंट किलर का भी नाम दिया गया है। जब ये बीमारी बढ़ती है तब इसका पता चलता है। लेकिन जब शरीर में ब्लड शुगर असंतुलित होता है तो इसके कुछ लक्षण नजर आने लगते हैं। आइयें जानते हैं उन लक्षणा के बारे में…</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/liver-disease-symptoms-liver-kharab-hone-ke-lakshan/">Liver Disease Symptoms: शरीर में ये संकेत दिखाई देें तो समझ जाइए लीवर हो रहा है डैमेज, तुरंत कराए जांच</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“Liver Disease Symptoms: शरीर में ये संकेत दिखाई देें तो समझ जाइए लीवर हो रहा है डैमेज, तुरंत कराए जांच” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/liver-disease-symptoms-liver-kharab-hone-ke-lakshan/embed/#?secret=8JMZTEVXee%23?secret=Bk1QknqzZo" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<h3 style="text-align:justify;">डायबिटीज के लक्षण</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>ज्यादा भूख लगना:</strong> डायबिटीज के मरीजों को बार-बार भूख लगती है और वे भूख मिटाने के लिए बार-बार कुछ ना कुछ खाते रहते हैं, अगर आप भी ऐसी स्थिति से परेशान हैं या आपके भी सामने ऐसी परेशानी आ रही है तो आप देना करते हुए तुरंत अपना हेल्थ चेकअप कराएं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>प्यास न बुझना/बार बार प्यास लगना:</strong> अगर आपका गला बार-बार बहुत सूखता है और पानी पीने के बावजूद भी आप की प्यास नहीं बुझती, ऐसी स्थिति में आपको शुगर की जांच करानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बार बार पेशाब आना:</strong> रात के वक्त अगर आप 4 से 5 वार पेशाब करने उठते हैं तो यह निश्चित ही शुगर की शुरुआत है। अगर आपके सामने ऐसी समस्या आती है तो आप तुरंत शुगर चेक करा ले क्योंकि ये डायबिटीज का बड़ा लक्षण है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अचानक वजन कम होना या बढ़ना:</strong> अगर आपका वजन अचानक तेजी से बढ़ रहा है या घट रहा है तो यह डायबिटीज का लक्षण है। मतलब वजन का बढ़ना और घटना दोनों ही डायबिटीज के लक्षण है अगर ऐसा होता है तो आपको वक्त रहते सतर्क रहने की जरूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ज्यादा थकान होना:</strong> अगर आप पहले बिना थके 10 से 12 घंटे तक काम कर लेते थे और आपको कोई थकावट भी महसूस नहीं होती थी, लेकिन अब अगर आप 8 घंटे काम करते हैं और आपको काफी थकावट महसूस होने लगती है, तो आपको डायबिटीज की जांच करा लेनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>हाथ-पैर में दिक्कत होना:</strong> जिन लोगों का ब्लड शुगर लेवल हाई होता है, उनके हाथ-पैर बहुत जल्दी सुन्न हो जाते हैं.</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अधिक भूख लगना:</strong> प्यास के साथ ही बार-बार भूख लगना और थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ भी मीठा खाने की इच्छा होना भी ब्लड शुगर लेवल के बढ़ने की निशानी हो सकता है.</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मुंह सूखना:</strong> हर समय मुंह सूखना और गले के साथ ही होठों में भी ड्राइनेस आना ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का इंडिकेशन हो सकता है।</p>
<p>नोट: लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी दवा का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने नजदीकी डाक्टर से संपर्क करें।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/right-time-to-drink-water/">Healthy Tips: खाना खाने से पहले और बाद में कब पीना चाहिए पानी, जानिये …</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Aug 2023 11:07:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Signs Of Sugar/Diabetes: शरीर में शुगर लेवल बढ़ जाने पर शरीर देता है ये 7 संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[Signs Of Sugar/Diabetes: भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या हर रोज बढ़ रही है पहले उम्र एक पड़ाव में आकर शुगर होता था लेकिन अब किसी भी उम्र में व्यक्ति डायबिटीज का शिकार हो सकते हैं। लेकिन इसके पीछे का कारण किसी को मालूम नहीं है। एक्सपर्ट का मानना है की यह सब व्यक्ति […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/when-the-sugar-level-in-the-body-increases-the-body-gives-these-7-signs/article-51249"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/signs-of-sugar-diabetes.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Signs Of Sugar/Diabetes: भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या हर रोज बढ़ रही है पहले उम्र एक पड़ाव में आकर शुगर होता था लेकिन अब किसी भी उम्र में व्यक्ति डायबिटीज का शिकार हो सकते हैं। लेकिन इसके पीछे का कारण किसी को मालूम नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक्सपर्ट का मानना है की यह सब व्यक्ति के बदलते लाइफस्टाइल के कारण हो रहा है। कोविड के बाद से ऐसा सुनने में आ रहा है कि हर घर में किसी ने किसी एक व्यक्ति को डायबिटीज की बीमारी है, लगभग हर पांच में से दो भारतीय को डायबिटीज की समस्या है। देखा जाए तो डायबिटीज कोई बड़ी बीमारी नहीं है, अपने खान-पान और लाइफस्टाइल को मैनेज करते हुए इसे ठीक रखा जा सकता है। लेकिन अगर समय पर इसका परहेज नहीं किया गया तो यह दूसरी कई बड़ी बीमारियों को भी न्योता दे सकता है। Signs Of Sugar/Diabetes</p>
<h3 style="text-align:justify;">डायबिटीज का संकेत | Signs Of Sugar/Diabetes</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>हाथ पर पीले, लाल या भूरे निशान</li>
<li>त्वचा का रंग गहरा होना</li>
<li>मोटी और सख्त चमड़ी</li>
<li>हाथ पर छाले होना</li>
<li>जख्मों व घावों का ना भरना</li>
<li>स्पॉट होना</li>
<li>पीले रंग के छोटे दाने आना</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">डायबिटीज को कैसे करें कंट्रोल | Signs Of Sugar/Diabetes</h3>
<p style="text-align:justify;">दरअसल डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए जितना महत्व दबाओ स्वयं का है उसने महत्व ज्यादा का है। डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए डाइट प्लान का होना बहुत जरूरी है। माना जाता है कि डायबिटीज के मरीज नॉरमल रूटीन लाइफ में नहीं जी सकते, इसलिए उन्हें एकदम इस्त्री डाइट लेना चाहिए। कारी जानकारी के लिए आपको बता दें कि मधुमेह के कारण शरीर में इंसुलिन नमक हार्मोन का स्त्राव है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके होने के अन्य कारणों में आप अत्यधिक तनाव वजन या उम्र बढ़ने के साथ ही जेनेटिक कारण भी है। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें ज्यादा से ज्यादा परहेज ही आप को सुरक्षित और स्वस्थ रख सकता है। वही अगर आपने परहेज में कोई गलती की या अपनी डेली रूटीन में कोई बड़ी गड़बड़ी यह तो आपको बहुत परेशानी झेलनी पड़ सकती है। इसलिए आपको निश्चित डाइट चार्ट फॉलो करना चाहिए जिसके बारे में आज हम आपको बताएंगे।</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/aloe-vera-gel-is-beneficial-not-only-for-in-but-also-for-hair-just-use-these-methods/">Hair Care Tips: सिर्फ त्वचा ही नहीं बल्कि बालों के लिए भी फायदेमंद है ‘एलोवेरा जेल’ बस इन तरीकों से करें इस्तेमाल</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“Hair Care Tips: सिर्फ त्वचा ही नहीं बल्कि बालों के लिए भी फायदेमंद है ‘एलोवेरा जेल’ बस इन तरीकों से करें इस्तेमाल” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/aloe-vera-gel-is-beneficial-not-only-for-in-but-also-for-hair-just-use-these-methods/embed/#?secret=hlxUVIVrlD%23?secret=kK445hQP95" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<h4 style="text-align:justify;">डायबिटीज डाइट चार्ट | Signs Of Sugar/Diabetes</h4>
<p style="text-align:justify;">आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शुगर की बीमारी ऐसी है की अगर यह एक बार आपको हो जाए, तो यह उम्र उम्र भर आपके साथ ही बनी रहती है। ऐसे में आपको नियंत्रित मात्रा में खाना खाना होगा आपके डाइट में कार्बोहाइड्रेट वसा और प्रोटीन होना चाहिए। लेकिन जो लोग मोटापे के शिकार है उनके लिए कूल कैलोरी का 60% कार्बोहाइड्रेट से 20% फ्लैट से और 20% प्रोटीन से लेना चाहिए।<br />
प्रतिदिन अंतर्निर्मित चार्ट को करें फ़ॉलो<br />
1.आधा खाना खाने के 15-20 मिनट बाद मेथी दाना खाने से शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है और यह कई कामों में भी फायदा देता है।<br />
2.रोटी के आटे को बिना चोकर निकाले यूज में ले लिया जाए और इसकी गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सोयाबीन मिला ले। इससे आपका शुगर कंट्रोल में रहेगा।<br />
3.घी और तेल का उपयोग कम से कम करें।<br />
4.शुगर रोगियों को लगभग 1 घंटे पहले अच्छी स्पीड से पैदल यात्रा करनी चाहिए और साथ में गया और योगा भी करनी चाहिए।<br />
5.इसके साथ शुगर के मरीजों को प्रोटीन अच्छी मात्रा में और उच्च गुणवत्ता वाला लेना चाहिए। इसके लिए दूध, दही, पनीर, सोयाबीन आदि का सेवन अधिक करना चाहिए।<br />
6.डायबिटीज व्यक्ति को खाना सही समय पर लेना चाहिए। ऐसा ना करने पर हाइपोग्लाइसीमिया हो सकता है। के कारण इसके कारण कमजोरी, अत्याधिक भूख लगना, पेट फूलना, नजर से गिरना या दोहोरी नींद आना हरदिया गति तेज होना संकेत आना एक गंभीर स्थिति में कोमा में जाने की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।<br />
7.डायबिटीज के व्यक्ति को हमेशा अपने साथ कुछ मिठाई जैसे शुगर, चॉकलेट या नमकीन बिस्कुट रखना चाहिए, यदि आपको हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण दिखे तो तुरंत इसका सेवन करें।<br />
8.एक सामान्य मधुमेह रोगी को यह ध्यान रखना चाहिए कि उसे थोड़ी थोड़ी देर में कुछ ना कुछ खाना चाहिए।<br />
9.डायबिटीज के मरीज को नियमित रूप से डबल टोंड दूध का ही उपयोग करना चाहिए। इसके साथ ही यह भी ध्यान देना चाहिए कि आपके खाद पदार्थों में मिठास की मात्रा कम से कम हो।<br />
10.आपको चना, परमल टुकड़े या मूंग जैसी किसी भी समसामयिक अनाज सुख और किक के बराबर का उपयोग करना चाहिए। शिक्षण संस्थानों में दही या छाछ के प्रयोग से ग्लूकोज की मात्रा में कमी आती है।</p>
<p>नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। सच कहूँ इसकी पुष्टि नहीं करता है। यह किसी भी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/benefits-of-drinking-aloe-vera-juice-on-an-empty-stomach-in-the-morning-reduce-obesity-in-2-weeks/">ALOE VERA JUICE: सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस पीने के फ़ायदे, 2 हफ्ते मे मोटापा घटायें</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/when-the-sugar-level-in-the-body-increases-the-body-gives-these-7-signs/article-51249</link>
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                <pubDate>Wed, 16 Aug 2023 11:24:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रक्त बोतल लेकर ग्रेटर नोएडा से दिल्ली पहुंचा ड्रोन</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। देश में पहली बार बुधवार को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से रक्त की 10 बोतलें लेकर एक विशेष ड्रोन सफलता पूर्वक नयी दिल्ली (New Delhi) के लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज पहुंचा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने यहां बताया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने आईड्रोन योजना […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/drone-carrying-blood-bottle-reached-delhi-from-greater-noida/article-47456"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/italian-drone.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> देश में पहली बार बुधवार को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से रक्त की 10 बोतलें लेकर एक विशेष ड्रोन सफलता पूर्वक नयी दिल्ली (New Delhi) के लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज पहुंचा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने यहां बताया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने आईड्रोन योजना के तहत ड्रोन से रक्त बोतल की आपूर्ति करने का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। नयी दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और ग्रेटर नोएडा के गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंसेज के बीच देश में पहली बार रक्त बोतल पहुंचायी गयी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="तीन बच्चों की हत्यारिन माँ की जमानत अर्जी खारिज" href="http://10.0.0.122:1245/bail-application-of-mother-who-killed-three-children-rejected/">तीन बच्चों की हत्यारिन माँ की जमानत अर्जी खारिज</a></p>
<p style="text-align:justify;">इसमें रक्त की 10 बोतलें शामिल थी। इससे पहले आरसीएमआर ने ड्रोन के माध्यम से मणिपुर और नागालैंड के दूरदराज के क्षेत्रों में चिकित्सा आपूर्ति, टीके और दवाओं के वितरण का सफलतापूर्वक संचालन किया है। आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा कि इस आईड्रोन का उपयोग पहली कोविड महामारी के दौरान दुर्गम क्षेत्रों में टीकों के वितरण के लिए किया गया था। आज हम रक्त और रक्त से संबंधित उत्पादों का परिवहन कर रहे हैं, जिन्हें कम तापमान पर रखा जाना चाहिए। बाद में इसका प्रयोग पूरे देश में किया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/drone-carrying-blood-bottle-reached-delhi-from-greater-noida/article-47456</link>
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                <pubDate>Wed, 10 May 2023 20:02:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिसार में खून का गोरखधंधा!</title>
                                    <description><![CDATA[सीएम फ्लाइंग ने मौके पर पकड़ा कंपाउंडर व स्टॉफ़ हिसार। (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। एक इंसान के द्वारा किया गया रक्तदान किसी भी बीमार, घायल व गंभीर रूप से किसी भी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की जान बचाने के काम आता है। (Hisar News) यही एक वजह है कि स्थानीय सरकारों से लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h3 style="text-align:justify;">सीएम फ्लाइंग ने मौके पर पकड़ा कंपाउंडर व स्टॉफ़</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हिसार। (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)।</strong> एक इंसान के द्वारा किया गया रक्तदान किसी भी बीमार, घायल व गंभीर रूप से किसी भी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की जान बचाने के काम आता है। (Hisar News) यही एक वजह है कि स्थानीय सरकारों से लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन तक रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाता है। पर अफसोस की बात है कि जब रक्तदान करने वाला इंसान तो इंसानियत के काम आने वाला हो और रक्तदान कर रहा हो। पर जहाँ रक्तदान किया जा रहा हो वहाँ न तो किसी प्रकार की अथॉरिटी हो और ना ही प्रशिक्षित स्टॉफ। ऐसी जगह पर किया गया खून दान किसी की भी जान जोखिम में डाल सकता है। हिसार में वीरवार को ऐसा ही हुआ। यह बात कहने व सुनने में बड़ी कड़वी लग रही है, पर सच्चाई यही है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="सड़क हादसे में 3 लोगों की मौत" href="http://10.0.0.122:1245/three-killed-in-road-accident-on-talwandi-sabo-road/">सड़क हादसे में 3 लोगों की मौत</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से चल रहा है अस्पताल</h3>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से चलने वाले एक अस्पताल में कुछ ऐसा ही खून के नाम पर गोरखधंधा चल रहा था। शिकायत पर जब मुख्यमंत्री की टीम (Hisar News) ने दोपहर बाद करीब 3 बजे अस्पताल में छापा मारा तो बिना किसी रिकॉर्ड के एक व्यक्ति का रक्त लेते हुए मिले। सीएम टीम के पदाधिकारियों ने पुलिस की मौजूदगी में एक कंपाउंडर एक अन्य स्टाफ को जांच के लिए हिरासत में लिया। सूचना मिलने के बाद सिविल सर्जन हिसार की टीम भी मौके पर पहुंच गई। यह पूरा मामला तोशाम रोड के पास स्थित महात्मा गांधी अस्पताल का है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">शिकायत के आधार पर पड़ी रेड</h3>
<p style="text-align:justify;">यहां पिछले कई दिनों से शिकायत मिल रही थी कि इस अस्पताल में बिना किसी परमिशन के ब्लड बैंक चलाया जा रहा है। इसी शिकायत को आधार बनाकर जब सीएम की टीम ने रेड मारी तो मौके पर ऐसा ही मिला। अब सोचने की बात यह है कि जिस व्यक्ति का रक्त लिया जा रहा था, वह किस उद्देश्य से लिया जा रहा था ? क्या वह वास्तव में ही किसी जरूरतमंद के लिए लिया जा रहा था… या फिर उनकी मंशा कोई और थी। अभी तक इस मामले में सीएम टीम के अधिकारी स्थानीय पुलिस की निगरानी में जांच कर रही है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले की जांच जारी थी।<br />
तह तक जांच करनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पूरे समाज के लिए सोचने का मामला जरूर है। रक्तदान करने से पहले अधिकृत ब्लड बैंक या अधिकृत रक्तदान शिविरों का पता होना चाहिए लेकिन रक्त के नाम पर बहुत से लोग इमोशनल ब्लैकमेल भी कर लेते हैं। यही एक वजह है कि जब भी किसी व्यक्ति के लिए रक्तदान करने की बात आती है तो व्यक्ति भावनाओं में बहकर रक्तदान करने चला जाता है। पर यदि इसी प्रकार बिना अधिकृत डॉक्टर या स्टॉफ यदि रक्त ले रहा हो तो रक्तदाता की जान ही जोखिम में डल सकती है। (Hisar News) इस विषय में पुलिस प्रशासनिक, अधिकारियों व सरकार को तह तक जांच करनी चाहिए। ताकि भविष्य में इस प्रकार की गलती दोबारा ना हो।</p>
<p style="text-align:justify;">टीम में शामिल सब इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह व राकेश ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जाँच चल रही है। उन्होंने कहा की मौके पर एमबीबीएस स्तर का भी चिकित्सक मौजूद माहि मिला।</p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/cm-flying-caught-compounder-and-staff/article-46821</link>
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                <pubDate>Thu, 27 Apr 2023 19:44:58 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चिंताजनक : अबोहर के सिविल अस्पताल में मिला बांबे ब्लड ग्रुप का मरीज</title>
                                    <description><![CDATA[समाज सेवी संस्थाएं व स्वास्थ्य विभाग ब्लड उपलब्ध करवाने मेंं जुटा अबोहर (सुधीर अरोड़ा)। ‘रेयरार आफ दि रेयर’ माना जाने वाला ब्लड गु्रप बांबे ब्लडगु्रप का एक केस अबोहर क्षेत्र में भी सामने आया है। जिसे देखकर स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला हैरान है। गांव अमरपुरा निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति यहां के सरकारी अस्पताल में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/bombay-blood-group-patient-found-in-abohar-civil-hospital/article-24991"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-07/bombay-blood-group.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">समाज सेवी संस्थाएं व स्वास्थ्य विभाग ब्लड उपलब्ध करवाने मेंं जुटा</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>अबोहर (सुधीर अरोड़ा)।</strong> ‘रेयरार आफ दि रेयर’ माना जाने वाला ब्लड गु्रप बांबे ब्लडगु्रप का एक केस अबोहर क्षेत्र में भी सामने आया है। जिसे देखकर स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला हैरान है। गांव अमरपुरा निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति यहां के सरकारी अस्पताल में भर्ती है। जोकि शुगर से पीड़ित है व तकलीफ होने पर उसे यहां के सरकारी अस्प्ताल में भर्ती करवाया गया। जब उसका ब्लड ग्रुप किसी ग्रुप से मैच नहीं किया गया तो उसके ब्लड की जांच की गई तो बाम्बे ब्लड गु्रप पाया गया। मरीज को ब्लड उपलब्ध करवाने के लिए शहर की प्रसिद्ध समाजसेवी संस्थाएं जुट गए हैं। अस्पताल प्रभारी गगनदीप सिंह ने कहा कि मरीज को रक्त उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी मदद करेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सैंपल चंडीगढ़ भेजा</h4>
<p style="text-align:justify;">सरकारी अस्पताल के एसएमओ डा. गगनदीप सिंह ने बताया कि जैसे ही उन्हें इस ब्लड गु्रप का मरीज मिलने की जानकारी मिली तो उन्होंने पथैलोजिस्ट डा. दीक्षी बब्बर से से विचार विमर्श किया और मरीज के रक्त की जांच करने के बाद उसके रक्त को जांच के लिए पीजीआई भेजा गया है। चंडीगढ पीजीआई की रिपोर्ट और उनकी सिफारिश से ही मरीज को यह रक्त उपलब्ध हो पाएगा। सरकारी अस्पताल के एसएमओ डा गगनदीप सिंह के अनुसार यह गु्रप बहुत कम पाया जाता है व देश में केवल इस गु्रप के 279 शख्स ही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल दाखिल व्यक्ति की हालत नाजुक है व उसमें केवल चार ग्राम खून है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या है बाम्बे ब्लड गु्रप | Bombay Blood Group</h4>
<p style="text-align:justify;">बाम्बे ब्लड गु्रप ओ पॉजिटिव रक्त समूह से एक ऐसा दुर्लभ रक्त समूह है जो लाखों लोगों में से किसी एक में पाया जाता है। इस रक्त समूह को रेयर आॅफ द रेयरेस्ट रक्त समूह भी कहते है। यह सिर्फ अपने ही ब्लड ग्रुप यानी एचएच ब्लड टाइप वालों से ही ब्लड ले सकता हैं। भारत में इस ब्लड गु्रप के 279 सदस्य हैं।</p>
<p> </p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/bombay-blood-group-patient-found-in-abohar-civil-hospital/article-24991</link>
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                <pubDate>Thu, 08 Jul 2021 12:02:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Humanity: रक्तदान कर बचाई मासूम की जान</title>
                                    <description><![CDATA[वहीं डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत अपने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणाओं पर चलकर गर्व से खुनदान करती है और किसी की भी जान बचाने के लिए दौडे चले आते है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/saved-innocents-life-by-donating-blood/article-13024"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/donating-blood.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">किसी की भी जान बचाने के लिए दौडे चले आते है डेरा प्रेमी (Humanity)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>संगरिया, सच कहूँ न्यूज।</strong> रक्तदान के क्षेत्र में इतनी जन जागृति आ जाएगी किसी ने सोचा भी नहीं था। जहां लोग रक्तदान के नाम से घबरा जाते थे व दुर्घटनाओं व बीमारी से पीड़ित लोग रक्त की कमी से असमय मौत के शिकार हो जाते थे। वहीं डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत अपने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणाओं पर चलकर गर्व से खुनदान करती है और किसी की भी जान बचाने के लिए दौडे चले आते है। (Humanity) इसी कड़ी में टिब्बी निवासी आलोक आर्य ने हनुमानगढ़ के सरकारी हस्पताल में उपचाराधीन 1 वर्षीय मासूम बच्चे को अपना एक यूनिट रक्तदान कर उसकी जान बचाई।</p>
<p style="text-align:justify;">टिब्बी के सेवादार भाई रमेश भुनान इन्सां ने बताया कि यहां के वार्ड नं 20 निवासी संदीप सिंह के 1 वर्षीय पुत्र को खुन की कमी के चलते हनुमानगढ़ के सरकारी हस्पताल में भर्ती करवाया गया। ईलाज दौरान खुन की जरूरत पड़ने पर समाजसेवी भाई आलोक आर्य ने मौके पर जाकर अपना 1-यूनिट रक्तदान कर बच्चे के ईलाज में सहायता कर इंसानियत का फर्ज अदा किया।</p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/saved-innocents-life-by-donating-blood/article-13024</link>
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                <pubDate>Thu, 13 Feb 2020 18:04:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बुरी स्वास्थ्य सुविधाएं</title>
                                    <description><![CDATA[एक तरफ केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व राज्य सरकारें कोरोना वायरस के साथ निपटने के लिए पूरे प्रबंधों का दावा कर रही हैं वहीं दूसरी तरफ पंजाब के फगवाड़ा के सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक में मरीजों को गलत ग्रुप व एचआईवी पीड़ित रक्त चढ़ाने का मामला सामने आया है। अस्पताल की ये लापरवाही कितनी घातक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/bad-health-facilities/article-12963"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/bad-health-facilities.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">एक तरफ केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व राज्य सरकारें कोरोना वायरस के साथ निपटने के लिए पूरे प्रबंधों का दावा कर रही हैं वहीं दूसरी तरफ पंजाब के फगवाड़ा के सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक में मरीजों को गलत ग्रुप व एचआईवी पीड़ित रक्त चढ़ाने का मामला सामने आया है। अस्पताल की ये लापरवाही कितनी घातक हो सिद्ध हो सकती है इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं, यह सीधा मरीजों की जिंदगी के साथ जुड़ा सवाल है। चिंता वाली बात यह है कि देश में मेडीकल सेवाओं का ढ़ांचा ही अभी तक इस कार्य में सक्षम नहीं हो पाया कि पीड़ित मरीज को सुरक्षित व सही ग्रुप का रक्त मुहैया करवाया जाए।</h4>
<h4 style="text-align:justify;">कभी देश में रक्तदान की कमी रहती थी, जिसे समाज सेवी संस्थाओं ने दूर करने में अहम योगदान दिया है। लेकिन अस्पतालों में जमा किए गए रक्त का सही प्रयोग ही ना हो पाना सरकार व स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों की नाकामी का ही परिणाम है। वैसे स्वास्थ्य मंत्रियों द्वारा अस्प्तालों में छापेमारी की खबरें प्रतिदिन ही आती रहती हैं। अस्पतालों में ईलाज में लापरवाहियों के जारी रहने से छापेमारी पर भी सवाल उठने स्वाभाविक है।</h4>
<h4 style="text-align:justify;">दरअसल सेवाओं में ऊपर से लेकर नीचे तक चूक न होना बहुत ही आवश्यक है। केवल छापेमारी ही समस्या का हल नहीं बल्कि उच्च अधिकारियों का निम्न स्तरीय अधिकारियों के कामकाज को दुरूस्त बनाना आवश्यक है। दरअसल सरकारी अस्पताल केवल गरीबों के अस्पताल बनकर रह गए हैं। इन अस्पतालों की कमियां तब ही सामने आती हैं जब कोई बड़ी घटना घटित हो जाए। ईमानदार व मेहनती कर्मचारियों को कोई शाबाशी नहीं दी जाती व सही तरीके से काम न करने वाले अधिकारी/कर्मचारी अपनी लापरवाही हमेशा जारी रखते हैं। अगर अस्पतालों के कामकाज की समय पर जांच होती रहे तब लापरवाही रोकी जा सकती है। जब किसी एक घटना के घटने पर कोई सबक नहीं लिया जाता या कुछ दिनों बाद ही घटना को भुला दिया जाता है तब फिर कोई न कोई नयी घटना घटित हो जाती है।</h4>
<h4 style="text-align:justify;">सरकारी भाषा में ‘जांच’ एक ऐसा शब्द है जो मामले को लम्बे समय तक लटकाकर लापरवाही करने वालो को ‘सुरक्षा कवच’ प्रदान करता है। सख्त सजाएं देंगे, दोषी बख्शे नहीं जाएंगे जैसे शब्द घिस-पिट चुके हैं। महज सजाएं देना ही मामले का हल नहीं बल्कि सिस्टम में सुधार व माहौल बनाने की भी बड़ी आश्यकता है। कर्मचारियों-अधिकारियों में काम के प्रति जिम्मेवारी, लगन व सेवा भावना होनी चाहिए। जब डॉक्टर या मेडीकल अधिकारी यह समझेंगे कि उसकी छोटी सी लापरवाही या बुरे व्यवहार से किसी मरीज की जान जा सकती है और सही तरीके से काम करने पर किसी की जिंदगी बचा सकती है, तब यह सोच कभी भी गलती करने का मौका ही नहीं देगी। इससे सेवाएं बेहतर बनेंगी व राष्ट का विकास होगा।</h4>
<p> </p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Feb 2020 21:22:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बदलने लगी सोच, रक्तदान के प्रति आई जागरूकता</title>
                                    <description><![CDATA[ थैलेसिमिया से पीड़ित मरीजों के लिए लगाया रक्तदान शिविर शिविर में लगभग 200 लोगों ने किया रक्तदान इन्द्री(सच कहूँ न्यूज)। सिंगला मोर्टस के सौंजन्य से इन्द्री के देवी मंदिर में समाजसेवी गगन सिंगला व कपिल किशोर की ओर से एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें रक्तदानियों ने रक्त दान किया। इस कार्य में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2> थैलेसिमिया से पीड़ित मरीजों के लिए लगाया रक्तदान शिविर</h2>
<ul>
<li>
<h2><strong>शिविर में लगभग 200 लोगों ने किया रक्तदान</strong></h2>
</li>
</ul>
<p><strong>इन्द्री(सच कहूँ न्यूज)।</strong> सिंगला मोर्टस के सौंजन्य से इन्द्री के देवी मंदिर में समाजसेवी गगन सिंगला व कपिल किशोर की ओर से एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें रक्तदानियों ने रक्त दान किया। इस कार्य में करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कालेज के डॉक्टरों का विशेष सहयोग रहा। जानकारी देते हुए समाजसेवी कपिल किशोर व गगन सिंगला ने बताया कि यह रक्तदान शिविर विशेष रूप से थैलेसीमिया रोग से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिये लगाया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि कल्पना चावला मैड़िकल कालेज में लगभग 70 के करीब थैलेसीमिया बीमारी से पीड़ित मरीजों का इलाज हो रहा है। थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों में खून नहीं बनता है। इन मरीजों का खून प्रत्येक बीस दिन के बाद बदला जाता है। इसलिये इनकों खून की कमी ना पड़े इसके लिये ऐसे शिविरों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि अगला रक्तदान शिविर इन्द्री के गांव ब्याना की पंचायत घर में 10 मार्च को लगाया जाएगा।</p>
<p>इस मौके पर अखिल सिंगला, वैभव सिंगला, रवि ड़ंग, राजेश ड़ंग, चिराग मेहता, रोहित, हिंमाशु भाटिया, लवली लूथरा, पुलिकित, हिमाशु जिंदल, सुखबीर शर्मा, अनिल कुमार, राकेश गर्ग, राजन मेहता, मदन मित्तल, मनोज गोयल सहित सैकड़ों की संख्या में लोगों ने रक्तदान किया। इस मौके पर सभी रक्तदानियों को सर्टिफिकेट व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/blood-donation-camp-2/article-7900</link>
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                <pubDate>Sun, 03 Mar 2019 19:32:13 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रक्तदान करें और जीवन रक्षक बनें</title>
                                    <description><![CDATA[देवेंद्रराज सुथार रक्तदान जिंदगी से जूझ रहे लोगों को नया जीवन प्रदान करता हैं। इसलिए रक्तदान को महानदान व जीवनदान कहा गया है। रक्तदान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने व रक्त की जरूरत पड़ने पर उसके लिए पैसे देने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए जैसे उद्देश्यों को ध्यान में रखकर विश्व स्वास्थ्य संगठन के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/blood-donation-and-become-life-saver/article-4152"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/blood-01.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>देवेंद्रराज सुथार</strong></p>
<p style="text-align:justify;">रक्तदान जिंदगी से जूझ रहे लोगों को नया जीवन प्रदान करता हैं। इसलिए रक्तदान को महानदान व जीवनदान कहा गया है। रक्तदान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने व रक्त की जरूरत पड़ने पर उसके लिए पैसे देने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए जैसे उद्देश्यों को ध्यान में रखकर विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा 14 जून को विश्व भर में रक्तदान दिवस मनाया जाता हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि यह दिवस 14 जून को ही क्यों मनाया जाता है? दरअसल इस दिन विख्यात आॅस्ट्रियाई जीवविज्ञानी और भौतिकीविद कार्ल लेण्डस्टाइनर का जन्म हुआ था। जिन्होंने रक्त में अग्गुल्युटिनिन की मौजूदगी के आधार पर रक्त का अलग-अलग रक्त समूहों- ए, बी, ओ में वर्गीकरण कर चिकित्सा विज्ञान में अहम योगदान दिया। जिसके कारण उन्हें वर्ष 1930 में शरीर विज्ञान में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 1997 में 100 फीसदी स्वैच्छिक रक्तदान की नींव रखी थी। जिसके कारण आज विश्व के 124 देशों में स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहन मिल रहा हैं। ज्ञातव्य है कि तंजानिया में 80 प्रतिशत लोग रक्तदान के लिए पैसे नहीं लेते हैं। वहीं, ब्राजील और आॅस्ट्रेलिया में तो यह कानून है कि कोई भी रक्तदान के लिए पैसों की मांग नहीं कर सकता। लेकिन, इसके विपरीत भारत में रक्तदान के लिए पैसे लेने पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। यह शर्मनाक है कि भारत जैसे देश में रक्त का व्यापार हो रहा है। निश्चित ही मशीनी युग ने हमारी सोच को विकृत व संवेदना को निगलने का काम किया है, तभी तो जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे</p>
<p style="text-align:justify;">किसी व्यक्ति के प्राण बचाने के लिए हमें पैसे लेने की जरूरत पड़ रही हैं। समय पर रक्त नहीं मिलने व पैसे नहीं जुटा पाने के कारण भारत में प्रतिवर्ष 15 लाख लोगों की मौत रक्त की कमी के कारण हो जाती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मापदंड के अनुसार किसी भी देश में किसी भी स्थिति में उसकी जनसंख्या का कम से कम 1 प्रतिशत रक्त आरक्षित होना ही चाहिए। उक्त मानक के अनुसार हमारे देश में कम से कम 1 करोड़ 30 लाख यूनिट रक्त का हर समय आरक्षित भंडार होना चाहिए। लेकिन, पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार हमारे पास प्रतिवर्ष रक्त की औसतन 90 लाख यूनिट ही उपलब्ध हो पाती है। प्रतिवर्ष लगभग 25 से 30 प्रतिशत रक्त की कमी रह जाती है। रक्त की कमी के अलावा दूसरी चिंताजनक बात, रक्त की शुद्धता है। इसलिए संक्रमित रक्त चढ़ाए से होने वाली मौतों को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में रक्तदान करने वाले राज्यों के आंकड़ों की बात करे तो मध्यप्रदेश में वर्ष 2006 में 56.2 प्रतिशत, वर्ष 2007 में 65.17 प्रतिशत, वर्ष 2008 में 68.75 प्रतिशत के लगभग रहा। वहीं, रक्तदान के क्षेत्र में डेरा सच्चा सौदा की बात न की जाए तो लेख लिखना बेमानी सा लगता है। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु जी ने अपने भक्तों में रक्तदान के प्रति ऐसा जज्बा भरा कि चार विश्व रिकॉर्ड डेरा सच्चा सौदा के नाम हो गए। डेरा सच्चा सौदा ने एक दशक में पांच लाख लीटर रक्तदान कर अपना लोहा मनवाया है। यही कारण है कि डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों को चलते फिरते ब्लॅड पंप का नाम दिया गया है। पर चिंताजनक है कि भारत में कुल जनसंख्या के अनुपात में एक प्रतिशत आबादी भी रक्तदान नहीं करती है। जबकि थाईलैण्ड में 95 फीसदी, इण्डोनेशिया में 77 फीसदी और म्यांमार में 60 फीसदी हिस्सा रक्तदान से पूरा होता है। भारत में मात्र 46 लाख लोग स्वैच्छिक रक्तदान करते हैं। इनमें महिलाएं मात्र 06 से 10 प्रतिशत हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में रक्तदान को लेकर अभी तक पूरी तरह से जागरूकता आना बाकी है। अधिकांश लोगों में अब भी यह भ्रांति फैली हुई हैं कि रक्तदान करने से शरीर में रक्त की कमी हो जाती है, जो कि बिलकुल गलत है। रक्तदान करने से रक्त बढ़ता है और शरीर में नये रक्त का संचार होता है। रक्तदान करने के बाद तकरीबन 21 दिनों के भीतर ही शरीर पुन: रक्त निर्माण कर लेता है। इसलिए किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करने से कतई कतराने की आवश्यकता महसूस नहीं होनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">आजकल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक द्वारा रक्तदान के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करने हेतु एक नए फीचर जारी करने की पहल स्वागतेय है। लेकिन, सरकारी प्रयासों को भी गति देना होगा। देश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी सर्वसुविधायुक्त ब्लड बैंक स्थापित करने होंगे। भारत जैसे भौगोलिक विभिन्नता वाले विशाल देश में जहां कई क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदाएं अक्सर दस्तक देती हैं, उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में हमारे जवान कर्तव्य निभाते हुए खून बहाते हैं तथा हमारे अस्थिर पड़ोसी देश हमेशा युद्ध जैसे हालात पैदा करते हैं ऐसे में रक्त का पर्याप्त आरक्षित भंडार होना अत्यंत आवश्यक हो जाता हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Jun 2018 09:01:40 +0530</pubDate>
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