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                <title>Training - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>National Education Policy: बेहतर प्रशिक्षण से मिलेगा नई शिक्षा नीति का लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[National Education Policy: शिक्षा ज्ञान रूपी ऐसा हथियार है, जिसके बल पर कोई भी देश उन्नति की ओर अग्रसर होता है। पर जिस प्रकार किसी भी हथियार को चलाने के लिए विशेष ट्रेनिंग की जरूरत होती है,उसी प्रकार नई शिक्षा नीति को देशभर में लागू करने के लिए बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था करने की सख्त […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/new-education-policy-will-benefit-from-better-training/article-50628"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/national-eduication-policy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">National Education Policy: शिक्षा ज्ञान रूपी ऐसा हथियार है, जिसके बल पर कोई भी देश उन्नति की ओर अग्रसर होता है। पर जिस प्रकार किसी भी हथियार को चलाने के लिए विशेष ट्रेनिंग की जरूरत होती है,उसी प्रकार नई शिक्षा नीति को देशभर में लागू करने के लिए बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था करने की सख्त जरूरत है। पुराने ढर्रे पर चल रही प्रशिक्षण व्यवस्था नई शिक्षा नीति लागू करने में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। आज भारत देश चाहे नई शिक्षा नीति बनने के 3 वर्ष पूरे कर रहा हो, इस उपलक्षय में दिल्ली में प्रगति मैदान में अखिल भारतीय शिक्षा सम्मेलन भी चल रहा है। इस शिक्षा सम्मेलन का उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया, यह अच्छी बात है।</p>
<p style="text-align:justify;">वास्तव में यह पल देशभर के लिए किसी बड़ी खुशी से कम नहीं है। लेकिन नई शिक्षा नीति में जिस कौशल विकास की बात कही गई है, उसे लागू करना देशभर के शिक्षण संस्थानों के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बनी हुई है। यह चुनौती सिर्फ और सिर्फ ट्रेनिंग की वजह से है, क्योंकि हमारे देश में नई शिक्षा नीति का ड्राफ्ट तैयार कर इसे लागू करने के लिए राज्यों को दे दिया गया है। पर इसे लागू करने वाले शिक्षकों को नई शिक्षा नीति की ट्रेनिंग कैसे दी जाएगी, इसकी व्यवस्था अभी तक नहीं की गई है? दूसरी तरफ पहले से ही देश के सभी जिलों में जिला स्तर पर चल रहे प्रशिक्षण संस्थानों में वही पुराने शिक्षक वही पुराना ढर्रा है। इसमें अभी तक कोई बदलाव न कर पाना चिंता का विषय है। यदि वर्तमान स्थिति की बात करें तो नई शिक्षा नीति के तहत प्रशिक्षण की व्यवस्था अभी तक देशभर के कुछ ही शिक्षण संस्थान व विश्वविद्यालय कर पाए हैं। सिर्फ इतना बदलाव देखने को मिला है। National Education Policy</p>
<p style="text-align:justify;">डिप्लोमा इन एजुकेशन व बैचलर इन एजुकेशन के स्थान पर नई शिक्षा नीति के कोर्स लागू किए जा रहे हैं। लेकिन 90 फीसदी शिक्षण संस्थानों में अभी भी डिप्लोमा इन एजुकेशन, बैचलर इन एजुकेशन व मास्टर इन एजुकेशन उन्हीं पुराने तौर-तरीकों से चलती आ रही है, जो वर्षों पुराने हैं। ऐसी स्थिति में प्रशिक्षण संस्थानों में जहां से देश भर के भावी शिक्षक प्रशिक्षण लेते हैं, उनके शिक्षकों को पहले प्रशिक्षण देने की सख्त जरूरत है। जब तक उन्हें नई शिक्षा नीति के बारे में विवरणात्मक रूप से नहीं पता होगा तब तक वे भावी शिक्षकों को उचित ट्रेनिंग नहीं दे सकेंगे। देश की राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में राष्ट्रीय स्तरीय आखिल भारतीय शिक्षा सम्मेलन चल रहा है। उससे इस सम्मेलन में आने वाले शिक्षकों व विद्यार्थियों को फायदा तो मिलेगा। लेकिन जब तक प्रशिक्षण के लिए बनाए गए सभी शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को शिक्षा नीति के अनुरूप प्रशिक्षित नहीं किया जाएगा तब तक नई शिक्षा नीति के फायदों की उम्मीद नहीं की जा सकती। National Education Policy</p>
<p style="text-align:justify;">नई शिक्षा नीति का ड्राफ्ट तैयार होने के बाद लागू करने की प्रक्रिया देशभर के राज्यों में इसी प्रकार चलती रहेगी। पर इस नई शिक्षा नीति को मूर्त रूप देने के लिए देश के शिक्षा मंत्रालय व राज्यों के शिक्षा मंत्रालयों को प्रशिक्षण व्यवस्था के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। नई शिक्षा नीति के अनुरूप एक ट्रेनिंग सेल का गठन कर आॅनलाइन या आॅफलाइन मोड में शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की जरूरत है। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि नई शिक्षा नीति का ड्राफ्ट भविष्य की शिक्षा के लिए बहुत अच्छा तैयार किया गया है। यदि इस शिक्षा नीति के नियमों के तहत पढ़ाई करवाई जाए तो वास्तव में भारत देश की तस्वीर बदल सकती है। क्योंकि यही एक ऐसी शिक्षा नीति है,जिसमें विद्यार्थियों को अपने बलबूते पर अपनी मर्जी के अनुसार विषय चुनने की इजाजत दी गई है। पर इस बात का भी ख्याल रखना होगा जो विद्यार्थी भविष्य में शिक्षक बनना चाहते हैं,उनके विषय संयोजन पर भी ध्यान देना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">विषय संयोजन के बिना शिक्षक बनने की चाह अधूरी रह सकती है। नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग द्वारा करवाए गए एक सर्वे के अनुसार देशभर में 60 फीसदी भावी शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने स्नातक स्तरीय डिग्री हासिल करने के बाद डिप्लोमा इन एजुकेशन या बैचलर इन एजुकेशन तो उत्तीर्ण कर ली है, पर उनके पास जानकारी ना होने की वजह से सब्जेक्ट संयोजन नहीं है। यही सब्जेक्ट संयोजन शिक्षक बनने के लिए सबसे बड़ी बाधा बन जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">उदाहरण के तौर पर यदि किसी को सामाजिक विज्ञान का अध्यापक बनना है तो उसके पास इतिहास व भूगोल में से कोई एक विषय होना अनिवार्य है। इसके अलावा इतिहास,भूगोल, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र, राजनीतिक विज्ञान व लोक प्रशासन में से दूसरा विषय चुनना होता है। यदि किसी भी शिक्षक के पास इन विषयों का संयोजन नहीं है तो वह जब तक शिक्षक नहीं बन सकता जब तक वह अपने सब्जेक्ट का संयोजन पूरा नहीं करता। अब यहां बात आती है सब्जेक्ट संयोजन कैसे बने? ऐसे विद्यार्थी जिनके पास सब्जेक्ट कंबीनेशन नहीं होता उन्हें दोबारा फिर एडिशनल तौर पर स्नातक स्तरीय पढ़ाई करनी पड़ती है। इसके बाद जाकर वे शिक्षक पद के लिए योग्य माने जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसा हम नहीं बल्कि हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था कह रही है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने पूरे देश के लिए ऐसे नियम बनाए हैं। इसी नियम को वर्तमान में केंद्र सरकार लागू भी कर चुकी है। स्वायत्त संस्थाएं केंद्रीय विद्यालय संगठन व नवोदय विद्यालय संगठन जैसे स्कूलों में भी शिक्षकों की भर्ती इसी एजुकेशन सिनेरियो के अनुसार हो रही है। यही एक सबसे बड़ी बात है जो भी भावी शिक्षक को बनना चाहता है,उसे बारहवीं/इंटर स्तर पर ही संयोजन के सब्जेक्ट दिए जाने चाहिए ताकि भविष्य में उसे किसी भी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े। शनिवार को देश की राजधानी दिल्ली में शिक्षा सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर बल दिया की शिक्षा से ही देश का भाग्य बदलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उनकी यह बात 100 फीसदी सही है। पर बात घूम कर वहीं आती है। प्रशिक्षण… जब तक देश भर के शिक्षण महाविद्यालयों में नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रशिक्षित शिक्षक नहीं होंगे, तब तक नई शिक्षा नीति को लागू करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। भारत देश के पहले विधि मंत्री बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने भी यह बात कही थी कि शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जिसे जो पिएगा वही दहाड़ेगा। पर यह शेरनी का दूध मिले कैसे? पहली बात तो प्रशिक्षण नहीं है। दूसरी बात वर्तमान में शिक्षा प्रतिवर्ष महंगी होती जा रही है। महंगी शिक्षा गरीब तबके के लोगों व मध्यम स्तर के लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही है। जब तक आमजन की पहुंच में शिक्षा नहीं होगी, तब तक शिक्षा को पाना बड़ा ही मुश्किल कार्य है। National Education Policy</p>
<p style="text-align:right;"><strong>डॉ. संदीप सिंहमार, वरिष्ठ लेखक एवं स्वतंत्र टिप्पणीकार (यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Punjab &amp; Haryana Weather Today: पंजाब हरियाणा में फिर बारिश का अलर्ट, 2 अगस्त से होगी भारी बारिश" href="http://10.0.0.122:1245/punjab-haryana-weather-today/">Punjab &amp; Haryana Weather Today: पंजाब हरियाणा में फिर बारिश का अलर्ट, 2 अगस्त से होगी भारी बारि…</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Jul 2023 12:00:57 +0530</pubDate>
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                <title>पांच दिन के प्रशिक्षण के इंतजार में 3300 युवा!</title>
                                    <description><![CDATA[आवेदन के चार माह बाद भी प्रशिक्षण देने का शेड्यूल नहीं बना पाया रोडवेज विभाग सरसा (सच कहूँ न्यूज)। कौशल योजना के तहत बस स्टैंड स्थित प्रशिक्षण स्कूल में चालक व परिचालकों को प्रशिक्षण दिया जाना है। प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने वालों को चार माह बाद भी प्रशिक्षण नहीं मिला है। जिसको लेकर आवेदक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/roadways-department-could-not-make-schedule-for-training-even-after-application/article-37400"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/roadways-buses.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>आवेदन के चार माह बाद भी प्रशिक्षण देने का शेड्यूल नहीं बना पाया रोडवेज विभाग</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कौशल योजना के तहत बस स्टैंड स्थित प्रशिक्षण स्कूल में चालक व परिचालकों को प्रशिक्षण दिया जाना है। प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने वालों को चार माह बाद भी प्रशिक्षण नहीं मिला है। जिसको लेकर आवेदक इंतजार कर रहे हैं। सरसा स्थित प्रशिक्षण स्कूल में सरसा के साथ फतेहाबाद, हिसार, जींद व अन्य जिलों के 3300 युवाओं ने आवेदन किया था। प्रशिक्षण के बाद चालक व परिचालकों को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। रोडवेज विभाग ने चालक-परिचालकों को प्रशिक्षण देने के लिए शेड्यूल बनाने का कार्य अभी तय नहीं हुआ है। जिसके तहत सफल आवेदकों को पांच दिन का प्रशिक्षण दिया जाना था। इसी के साथ रोडवेज विभाग चालक व परिचालकों का प्रशिक्षण लेने वालों का डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>प्रशिक्षण के लिए 3300 ने किया आवेदन</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बस स्टैंड स्थित प्रशिक्षण स्कूल में 3300 आवेदन प्रशिक्षण के अप्रैल माह में आवेदन किया था। जिनमें चालक पद के लिए 1600 व परिचालक पद के लिए 1700 युवाओं ने आवेदन किया है। रोडवेज विभाग के प्रशिक्षण स्कूल में सरसा के साथ फतेहाबाद, हिसार, जींद व अन्य जिलों से भी युवाओं ने आवेदन जमा करवाए हैं। इसी के साथ राजस्थान व पंजाब से भी कई युवकों ने प्रशिक्षण के लिए आवेदन जमा करवाया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>लड़कियों को भी मिलना है प्रशिक्षण</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">रोडवेज बसों में चालक व परिचालक के पद पर लड़कियां भी नौकरी करना चाहती है। जिसको लेकर लड़कियों ने भी आवेदन किया हुआ है। रोडवेज विभाग के प्रशिक्षण स्कूल में 14 लड़कियों ने परिचालक व 4 लड़कियों ने चालक पद के लिए आवेदन किया।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 04 Sep 2022 09:08:47 +0530</pubDate>
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                <title>आपदा प्रशिक्षण से रोकी जा सकेगी मानव क्षति</title>
                                    <description><![CDATA[भारत में बीते कुछ वर्षो से प्राकृतिक और मानवजनित आपदाएं-घटनाएं बढ़ी हैं। मानवीय हिमाकत ने पिछले दिनों दिल्ली के अनाज मंडी इलाके में बड़ी घटना को जन्म दिया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Disaster training)ने आगजनी को मानवजनित आपदाओं में अव्वल स्थान दिया है। लेकिन आपदा विशेषज्ञों की मानें तो ऐसी घटनाओं को आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/disaster-training-will-prevent-human-loss/article-12089"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/disaster-training.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:center;"><strong><em><span style="text-decoration:underline;">भारत में बीते कुछ वर्षो से प्राकृतिक और मानवजनित आपदाएं-घटनाएं बढ़ी हैं। मानवीय हिमाकत ने पिछले दिनों दिल्ली के अनाज मंडी इलाके में बड़ी घटना को जन्म दिया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Disaster training)ने आगजनी को मानवजनित आपदाओं में अव्वल स्थान दिया है। लेकिन आपदा विशेषज्ञों की मानें तो ऐसी घटनाओं को आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण से रोका जा सकता है। इस क्षेत्र में एक नाम ऐसा है जो वर्षों से न सिर्फ सरकारी अधिकारियों, बल्कि आमजनों को भी आपदाओं से निपटने का गुर सिखा रही है। डॉ. अंजलि क्वात्रा अंतराष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ जो स्वयंसेवी संगठन फिलांथ्रोफे की प्रमुख भी हैं। वह कहती हैं कि देश में बाढ़, भूकंप, चक्रवात व भूस्लखन कभी भी दस्तक दे देते हैं। इसलिए स्वंय के जानमाल के बचाव को प्रत्येक इंसान को आपदा प्रबंधन के हुनर सीखने चाहिए। दिल्ली की घटना को ध्यान में रखकर डॉ. अंजलि क्वात्रा से आपदा प्रबंधन मुद्दे पर रमेश ठाकुर की विस्तृत बात हुई। पेश हैं बातचीत के प्रमुख हिस्से।</span></em></strong></p>
<h3></h3>
<h3 style="text-align:justify;">दिल्ली जैसी अचानक घटने वाली घटनाओं को आपदा प्रबंधन के जरिए कैसे बचाया जा सकता है?</h3>
<p style="text-align:justify;">घटना नि:संदेह दर्दनाक थी। लेकिन आगे ऐसी घटनाएं न घटें इसके लिए सबक लेना चाहिए। हमारी टीम पिछले 12 सालों से राष्ट्रीय और अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर आपदा प्रबंधन (Disaster training) का प्रशिक्षण दे रही है। आपने पूछा दिल्ली घटना को कैसे टाला जा सकता था। दिल्ली की घटना में फायर ब्रिगेड के एक कर्मी ने अपनी जान जोखिम में डाल कर कईंयों को बचाया। हमें ऐसे ही कर्मियों की संख्या बढ़ानी है। पुलिसकर्मियों के लिए आपदा प्रशिक्षण का ज्ञान अनिवार्य कर देना चाहिए। हमारी संस्था ने कॉमनवेल्थ गेम के समय ऐसे कई वॉलेंटियर तैयार किए थे, दिल्ली, मुंबई और औरंगाबाद के पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने के साथ ही हमने पांच सितारा होटल के कर्मचारियों को भी हादसों में क्षति को रोकने का प्रशिक्षण दिया है जिसका रिजल्ट बहुत अच्छा है। घटना के वक्त दोषारोपण के बजाय बचाव के विकल्प खोजने चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्राकृतिक आपदाओं के अलावा मानवजनित घटनाओं में ज्यादा इजाफा हो रहा है। कोलकाता के कोचिंग सेंटर में लगी आग और दिल्ली में शॉर्ट सर्किट होना ताजा उदाहरण है?</h3>
<p style="text-align:justify;">देखिए, प्राकृतिक आपदाएं कुदरती होती हैं। पर, मानवजनित आपदाएं रोकी जा सकती हैं। हम छोटी लेकिन बेहद जरूरी बातों को नजरअंदाज करते हैं, जिसका परिणाम बड़े हादसे से चुकाना पड़ता है। घर में यदि बिजली के उपकरण पुराने हो गए हैं, किसी तार से चिंगारी निकल रही है या फिर करंट आ रहा है तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। आग अधिकतर शार्ट सर्किट से लगती है जिसपर आसानी से काबू किया जा सकता है। एक अहम बात और भी है लोगों को बचाव करने की जानकारी अधूरी होती है। यूं कहें कि आपदा प्रबंधन का ज्ञान न के बराबर होता है। घटनाओं के वक्त लोग मूकबधिर बनकर तमाशा देखते हैं। हालांकि उस वक्त वह कर भी क्या सकते हैं। कई लोग बिजली से लगी आग में पानी के इस्तेमाल को गलत मानते हैं हम लगभग सभी वर्ग के लोगों में आपदा प्रबंधन की क्लास के समय यही बताते हैं कि शॉट सर्किट के वक्त पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। दिल्ली के कारखाने में जब आग लगी थी तो समय रहते अगर पानी डाला जाता तो धुंआ नहीं निकलता।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कुछ घटनाएं ऐसी जगहों पर घट जाती हैं जहां आपदा के वक्त बचाव कार्य संभंव नहीं हो पाता ?</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर आप किसी और की जान नहीं भी बचा पा रहे तो ऐसे हादसे में सबसे जरूरी है खुद को सुरक्षित रखें। हमने बीते कुछ सालों से ऐसी संकरी बस्तियों में भी शिविर लगाए हंै। अभी दक्षिण दिल्ली के कुछ इलाकों में रोजाना आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कैंप का आयोजन किया जा रहा है, जिससे यदि संबंधित अधिकारी या अग्निशमन दल को पहुंचने में देर हो तो पहला प्रयास खुद किया जा सके। आग लगने में सबसे अधिक मौत दम घुटने की वजह से होती हैं, ऐसे में लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें, आग की लपटे क्योंकि नीचे से ऊपर की ओर उठती हैं, इसलिए सीढ़ियों से नीचे उतरने का प्रयास करें, यदि किसी को एफेक्सियां या सांस लेने में तकलीफ तो बाहर निकलने के बाद तुरंत उसे सीपीआर दें, जिससे सांस को तुरंत वापस लाया जा सकता है। इसमें हथेली के बल से मरीज की पसली पर पांच से दस मिनट तक दबाना होता है यह बहुत आसान प्रक्रिया है, जिसे हर कोई कर सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">घरेलू स्तर पर छोटी आपदाओं से लोग कैसे अपना बचाव कर सकते हैं?</h3>
<p style="text-align:justify;">देखिए, हम किसी बड़ी घटना की बात न भी करें, तो हमारी जानकारी घरों में रोज होने वाली ऐसी घटनाओं के बारे में बहुत कम होती है, उदाहरण के लिए किसी की सांस नली में खाना अटक गया या फिर गाड़ी पानी में फंस गई, घरों में बच्चे अकसर बर्तन सिर में फंसा लेते हैं। ऐसे में सही जानकारी नहीं होने पर जान तक जा सकती है। सांस नली में खाना फंसने पर व्यक्ति के पीछे से कमर के हिस्से से नाभि पर मुठ्ठी रखकर उसे दो से दिन बार झटके के साथ दबाना है, जिससे तुरंत सांस नली में फंसा हुआ खाना बाहर आ जाएगा। इसी तरह चाकू से यदि हाथ कट गया है तो जिस तरफ खून का बहाव होता है उस तरफ हाथ सीधा न करके विपरित दिशा में किया जा जाए तो खून की क्षति को रोका जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सरकारी स्तर पर आपदा प्रबंधन के लिए किए जा रहे प्रयासों से आप कितना संतुष्ट हैं ?</h3>
<p style="text-align:justify;">आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए अभी देश में बहुत कुछ किया जाना बाकी है, दिल्ली या सूरत या कहीं भी ऐसे हादसे न हों इसके लिए आपदा प्रबंधन के साथ ही बेसिक लाइफ सपोर्ट कोर्स भी कराया जाना चाहिए। ऐसे किसी भी हादसे में क्षति को कम करना और अपनी जान बचाना यह दो काम प्रमुख होते हैं, हालांकि विदेशी में इमारतों का निर्माण इस तरह किया जाता है कि आपात स्थिति में अधिक से अधिक लोगों को आपातकालीन मार्ग से निकाला जा सकता है, इसके लिए कई आधुनिक उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है, जहां वॉटर केनिन नहीं पहुंच सकते वहां वॉटर बॉल या पानी के बड़े गोलों का इस्तेमाल किया जाता है, इसके साथ ही कई ऐसी अग्निरोधक चीजों का प्रयोग आपदा प्रबंधन के लिए किया जा रहा है। इमारतों का नक्शा पास करते हुए इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए कि इमारत में आपदा से बचाव के पर्याप्त इंतजाम हों, इसके साथ ही सुरक्षा संयंत्र भी मानकों के अनुसार लगाए जाने चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आप इस बात को मानती हो, इस क्षेत्र में हमारी तैयारियां अभी भी काफी कमजोर हैं?</h3>
<p style="text-align:justify;">सरकार को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक मुहिम चलानी चाहिए, जिससे प्रत्येक व्यक्ति आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण प्राप्त करें, ताकी समय पड़ने पर किसी की जान बचा सकें, हम अपने प्रशिक्षण शिविर में बेहद सामान्य तरीकों को समझाते हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर कोई भी किसी और को भी यह सिखा सकता है। पिछले कई सालों में हमने मेडिकल इमरजेंसी जैसे हृदयघात या सड़क दुर्घटना आदि में इसका प्रयोग अधिक देखा है अब लोग जागरुक हो रहे हैं उन्हें अपने साथ ही दूसरों की जान की परवाह होती है। लेकिन सरकारी एजेंसियों को भी अपना काम जिम्मेदारी से करना होगा, जिससे हादसे ही न हों।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/disaster-training-will-prevent-human-loss/article-12089</link>
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                <pubDate>Sun, 29 Dec 2019 20:53:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रशिक्षण में लगाया दमखम अब नजर वर्ल्ड कप पर</title>
                                    <description><![CDATA[जुलाई में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिये लड़कियों ने कसी कमर चंडीगढ़ (सच कहूं न्यूज)। 14से 28 जुलाई तक इटली में आयोजित होने वाली इनलाईन व क्वाड हॉकी वर्ल्ड चैम्पियनशिप की तैयारियों के लिए सेक्टर 7 के डीएवी स्कूल ग्राउंड में चल रहा संपन्न हो गया। प्रशिक्षण शिविर में अपना दमखत परखने के बाद अब […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/focus-on-training-next-target-world-cup/article-3781"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/hockey-player.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">जुलाई में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिये लड़कियों ने कसी कमर</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूं न्यूज)। </strong>14से 28 जुलाई तक इटली में आयोजित होने वाली इनलाईन व क्वाड हॉकी वर्ल्ड चैम्पियनशिप की तैयारियों के लिए सेक्टर 7 के डीएवी स्कूल ग्राउंड में चल रहा संपन्न हो गया। प्रशिक्षण शिविर में अपना दमखत परखने के बाद अब सभी खिलाड़ियों की नजर इटली से भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतकर लाने पर है। 15 दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में हरियाणाकी 20, चण्डीगढ़ की 12, कर्नाटक की 5 व तेलंगाना की 2 महिला खिलाड़ियों ने खूब पसीना बहाया। शिविर कोच जसविंदर सिंह गोल्डी और महिला कोच पूजा मलिक ने संयुक्त रूप से बताया कि इस शिविर में खिलाड़ियों को तकनीक के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होने की प्रशिक्षण भी दिया गया हैे। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों में खेल में तेजी लाने का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। रॉलर स्केटिंग फेडरेशन के अध्यक्ष तुलसी अग्रवाल और सचिव नरेश शर्मा भी बीच बीच में शिविर का जायजा लेकर खिलाड़ियों का मनोबल मजबूत करते रहे हैें</p>
<h3 style="text-align:justify;">इन हॉकी खिलाड़ियों ने लिया भाग</h3>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>इनलाईन गर्ल्ज</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">सुमेया जायसवाल, शिवानी, नंदनी चौधरी, कवलीन कौर, गुनिका कौर, सुमेया सेठ,सान्या सेठ, आयुषी, रूबाब(सभी चंडीगढ़), सुमेधा, सौम्या,मेघा, सिमरनप्रीत, मुस्कान इन्सां, अपराजिता, पूर्णिमा, निकिता, संजना (सभी हरियाणा), रीतिका, भूमिका, निवेदिता, अयान, पवित्रा (सभी कर्नाटक) रूनझुन शारदा, शरीन मिढा, अंकिता गोयल (चंडीगढ़) मन्नी कंबोज, आंचल, प्रवीण, नवनीत, मनदीप, सोनिया, सिमरनजीत,साविया, सतवीर, असमी, सिमरन, गगनदीप, सिया, सुमन सिंह (हरियाणा) स्वेता व रिया (तेलंगाना)</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/focus-on-training-next-target-world-cup/article-3781</link>
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                <pubDate>Thu, 24 May 2018 14:46:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रभारी महासचिव (संगठन और प्रशिक्षण) नियुक्त होना सम्मान की बात: गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (वार्ता): वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अशोक गहलोत ने कहा है कि पार्टी ने प्रभारी महासचिव( संगठन और प्रशिक्षण) की जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी हैं यह उनके लिए सम्मान की बात है और वह पूरी निष्ठा के साथ अपने काम को पूरा करेंगें। गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रभार संभालने के बाद पार्टी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/honor-to-be-appointed-general-secretary-in-charge-organization-and-training-gehlot/article-3682"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-03/gahlot.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><em><strong>नई दिल्ली (वार्ता): </strong></em>वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अशोक गहलोत ने कहा है कि पार्टी ने प्रभारी महासचिव( संगठन और प्रशिक्षण) की जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी हैं यह उनके लिए सम्मान की बात है और वह पूरी निष्ठा के साथ अपने काम को पूरा करेंगें। गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रभार संभालने के बाद पार्टी संगठन में बडा फेर बदल करते हुए कल श्री अशोक गहलोत को संगठन का प्रभार सौंप दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">श्री गहलोत संगठन के साथ साथ प्रशिक्षण का प्रभार भी संभालेंगे। उन्हें पिछले वर्ष गुजरात विधानसभा चुनाव से पूर्व पार्टी महासचिव नियुक्त करते हुए प्रदेश का प्रभार साैंपा गया था। गुजरात चुनाव में पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया था और माना जा रहा है कि यह ध्यान में रखकर ही उन्हें नयी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इससे पहले इस पद का जिम्मा श्री जनार्दन द्विवेदी संभाल रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">श्री गहलोत ने इस पद पर नियुक्त होने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा है कि वह पार्टी को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम करते रहेंगें। श्री गहलोत ने एक टवीट् कर कहा“ प्रभारी महासचिव( संगठन और प्रशिक्षण) की नई जिम्मेदारी ….. यह वाकई मेरे लिए सम्मान की बात है और मैं पूरी लगन तथा निष्ठा के साथ अपनी इस जिम्मेदारी को पूरा करूंगा तथा पार्टी को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयत्नशील रहूंगा। मैं श्री गांधी का आभारी हूं।”</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Mar 2018 01:12:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सामान्य छात्रों के सलेबस से शिक्षा ग्रहण करेंगे ‘दिव्यांग’</title>
                                    <description><![CDATA[पहल। 5 दिवसीय शिविर में शिक्षकों को दिया जा रहा प्रशिक्षण विभाग ने जारी किया पत्र ओढ़ां (सच कहूँ न्यूज)। दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा में लाने की दिशा में सरकार ने कमर कस ली है। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद् ने पाठ्यनक्रम अनुकूल अभियान के तहत सभी जिला परियोजना समन्वयक को पत्र जारी कर शिक्षकों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/handicapped-will-receive-education-from-normal-syllabus/article-2988"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/teacher.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">पहल। 5 दिवसीय शिविर में शिक्षकों को दिया जा रहा प्रशिक्षण</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>विभाग ने जारी किया पत्र</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ओढ़ां (सच कहूँ न्यूज)।</strong> दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा में लाने की दिशा में सरकार ने कमर कस ली है। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद् ने पाठ्यनक्रम अनुकूल अभियान के तहत सभी जिला परियोजना समन्वयक को पत्र जारी कर शिक्षकों को 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर लगाने के निर्देश दिए है। विभाग की ओर से मिले पत्र के बाद प्रदेशभर में मंगलवार को प्रशिक्षण शिविर की शुरूआत भी हो गई है। परिषद् का कहना है कि इस अभियान में शिक्षक तन्मयता के साथ कार्य करते हुए दिव्यांग बच्चों को सामान्य बच्चों की तरह शिक्षा मुहैया करवाएं। इस अभियान में प्राईमरी स्तर से लेकर माध्यमिक स्तर के सामान्य शिक्षकों को ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ये है अभियान का उद्देश्य</h3>
<p style="text-align:justify;">पाठ्यनक्रम अनुकूल नामक इस अभियान का उदेश्य समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना है। विभाग का कहना है कि जो पाठयनक्रम सामान्य बच्चों के लिए लगा हुआ है क्यों न उसी पाठ्यनक्रम को दिव्यांग बच्चों के अनुकूल बनाया जाए। क्योंकि दिव्यांग छात्रों में कई मंदबुद्धि या जिनमें ज्ञानइन्द्री की कमी होती हंै। ओढां खंड में प्राईमरी स्तर से 16 व माध्यमिक स्तर के 16 शिक्षकों को ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें इस 5 दिवसीय शिविर में ये प्रशिक्षण दिया जाएगा कि दिव्यांग छात्रों को सामान्य छात्रों के साथ बैठाकर किस तरह से शिक्षा दी जाए, उसकी भाषा व इशारों को किस तरह से समझा जाए तथा उसके मानसिक स्तर का पता लगाकर उन्हें किस तरह से सामान्य क्रियाएं सिखाकर आत्मनिर्भर बनाया जाए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">इतिश्रि नहीं चलेगी</h2>
<p style="text-align:justify;">देखने में आया है कि शिक्षकों व अभिभावकों द्वारा दिव्यांग बच्चों को एक अलग नजर से देखा जाता था। उक्त छात्र जब कक्षा में बैठते तो उन्हें घर भेज दिया जाता था। जिसके मद्देनजर दिव्यांग बच्चे व उनके अभिभावकों के आयोजित शिविर के बाद इस विषय में जागृति भी प्रदान हुई। विभाग का कहना है कि इस अभियान में शिक्षक किसी भी तरह की कोताही न बरतकर इतिश्रि न करें ताकि सरकार द्वारा चलाए गए इस अभियान का सभी दिव्यांग छात्र लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सके।</p>
<h2 style="text-align:justify;">वाहन भत्ते का भी प्रावधान</h2>
<p style="text-align:justify;">बीईओ ओढां मधू जैन ने बताया कि दिव्यांग विद्यार्थियों को विद्यालय तक आने जाने के लिए सरकार द्वारा वाहन भत्ते का भी प्रावधान दिया गया है। विभाग द्वारा उन दिव्यांग छात्रों का चयन किया गया है जो स्कूल तक आने में असमर्थ है। ओढ़ां खंड में 210 दिव्यांग छात्रों में से विगत वर्ष 41 बच्चों का चयन किया गया है जिनमें प्रत्येक छात्र को 11 माह का 2750 रूपये वाहन भत्ता वितरित किया गया है। इसके अतिरिक्त 46 बच्चों का मेडिकल चेकअप किया गया है जिसमें से 41 बच्चों के मेडिकल सर्टिफिकेट बनाए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/handicapped-will-receive-education-from-normal-syllabus/article-2988</link>
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                <pubDate>Tue, 08 Aug 2017 08:39:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इस साल 1,33,100 युवाओं का होगा स्किल डेवलपमेंट</title>
                                    <description><![CDATA[50 हजार युवाओं को ट्रेनिंग देगा हरियाणा कौशल विकास मिशन चंडीगढ़(सच कहूँ न्यूज)। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017-18 के दौरान प्रदेश में 1,33,100 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है ताकि उन्हें आधुनिक ट्रेडों में प्रशिक्षण देकर रोजगार के योग्य बनाया जा सके और रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ill-development-of-youth/article-2777"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/skill-development.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">50 हजार युवाओं को ट्रेनिंग देगा हरियाणा कौशल विकास मिशन</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017-18 के दौरान प्रदेश में 1,33,100 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है ताकि उन्हें आधुनिक ट्रेडों में प्रशिक्षण देकर रोजगार के योग्य बनाया जा सके और रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित किए जा सकें। कौशल विकास तथा औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि इनमें से 50 हजार युवाओं को हरियाणा कौशल विकास मिशन द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा जबकि शेष को विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि हरियाणा कौशल विकास मिशन द्वारा कुल 50 हजार लक्षित युवाओं में से 14 हजार युवाओं को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के केन्द्र प्रायोजित राज्य-व्यवस्थित घटक के तहत जबकि 5 हजार युवाओं को चालक प्रशिक्षण स्कूलों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">आधुनिक ट्रेडों में प्रशिक्षण देकर रोजगार के योग्य बनाए जाने की तैयारी</h2>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि हरियाणा कौशल विकास मिशन ने 23 प्रशिक्षण प्रदाताओं को सूचीबद्घ किया है जोकि कृषि, सौंदर्य एवं स्वास्थ्य, दूर संचार, गारमेंट टेक्सटाइल, सुरक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, आॅटोमोटिव, रिटेल, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तथा बीमा, लॉजिस्टिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा प्लास्टिक विनिर्माण में राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुसार प्रशिक्षण देंगे। प्रवक्ता ने बताया कि स्मार्ट ग्राम पहल के तहत जिला गुरुग्राम के गांव दौला (सोहना) में कौशल प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया गया है जिसमें राष्ट्रपति द्वारा गोद लिए गए पांच गांवों के युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरुग्राम में कौशल विवि का ट्रांजिट कैम्पस चालूसाईबर सिटी गुरुग्राम से हरियाणा विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (ट्रांजिट कैम्पस) चालू हो गया है। उन्होंने बताया कि कौशल विकास पर ध्यान केन्द्रित करते हुए प्रदेश में बहुकौशल विकास केन्द्र, राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान, राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, प्रधानमंत्री कौशल केन्द्र और भारत अंतरराष्ट्रीय कौशल केन्द्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के सक्षम पोर्टल पर पंजीकृत युवाओं को भी प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ill-development-of-youth/article-2777</link>
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                <pubDate>Tue, 01 Aug 2017 07:27:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब और यूके के बीच समझौते पर हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[कौशल विकास को उत्साहित करने के लिए सरकार प्रयासरत  रोजगार के लिए गुणात्मक प्रशिक्षण देने पंजाब में अंतर राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किये जा रहे हं: चन्नी चंडीगढ़। पंजाब सरकार और यूके ने पंजाब के नवयुवकों को अंतर राष्ट्रीय स्तर का कौशल विकास प्रशिक्षण मुहैया करवाने के लिए वीरवार को समझौते पर हस्ताक्षर किए। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/signing-agreement-between-punjab-and-uk/article-1784"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/agreement.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">कौशल विकास को उत्साहित करने के लिए सरकार प्रयासरत</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong> रोजगार के लिए गुणात्मक प्रशिक्षण देने पंजाब में अंतर राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किये जा रहे हं: चन्नी</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> पंजाब सरकार और यूके ने पंजाब के नवयुवकों को अंतर राष्ट्रीय स्तर का कौशल विकास प्रशिक्षण मुहैया करवाने के लिए वीरवार को समझौते पर हस्ताक्षर किए। यूके द्वारा ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर चंडीगढ़ एंड्रयू आयर और पंजाब सरकार की ओर से पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव तकनीकी शिक्षा और ओद्यौगिक प्रशिक्षण जी विजरालिंगम ने तकनीकी शिक्षा मंत्री पंजाब चरनजीत सिंह चन्नी की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किये।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके डा. संदीप सिंह कौड़ा सलाहकार पंजाब स्किल डेवेलपमेंट मिशन पंजाब भी उपस्थित थे। इस मौके पर बोलते हुए चन्नी ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा विदेशी रोजगार के लिए पंजाबी नवयुवकों को गुणात्मक कौशल प्रशिक्षण देने के लिए पंजाब में अंतर राष्ट्रीय कौशाल प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किए जा रहे हंै।</p>
<p style="text-align:justify;">तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर चंडीगढ़ ने विभाग, पंजाब स्किल डेवेलपमेंट मिशन और यूके कौशल प्रोवाईडर्ज के बीच संबधों को बनाने में सुविधाजनक भूमिका निभाने का भरोसा दिया है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार यूके में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास कॉलेज स्थापित करने की योजना पर कार्य कर रही है, जहां पंजाबी विद्यार्थियों को अंतर राष्ट्रीय स्तर के अध्यापकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यूके द्वारा ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर चंडीगढ़ एंड्रयू आयर और पंजाब सरकार की ओर से पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव कनीकी शिक्षा और ओद्यौगिक प्रशिक्षण जी विजरालिंगम ने तकनीकी शिक्षा मंत्री पंजाब चरनजीत सिंह चन्नी की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किये। इस मौके डा. संदीप सिंह कौड़ा सलाहकार पंजाब स्किल डेवेलपमेंट मिशन पंजाब भी उपस्थित थे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">निजी एजेंट नहीं कर सकेंगे लूट</h2>
<p style="text-align:justify;">तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि विदेशों में तकनीकी शिक्षा प्रदान करवाने के नाम पर निजी एजेंटों के हाथों में नवयुवकों के शोषण को रोकने के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा विदेशी विश्वविद्यालयों और कालेजों से समझौते पर हस्ताक्षर किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पंजाब तकनीकी शिक्षा विभाग विदेशी संस्थानों से तालमेल स्थापित कर रहा है, ताकि हमारे विद्यार्थियों को विदेशों में पढ़ाई के आसान और बेहतर अवसर मिल सकें। ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर एंड्रयू आयर ने कहा कि स्किल डेवेलपमैंट के क्षेत्र में पंजाब सरकार के साथ इस स्कीम का पहला समझौता हुआ है।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/signing-agreement-between-punjab-and-uk/article-1784</link>
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                <pubDate>Fri, 30 Jun 2017 01:02:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय युवाओं के प्रशिक्षण हेतू 25 करोड़ डॉलर देगा विश्व बैंक</title>
                                    <description><![CDATA[रोजगार के अवसर बढ़ाने की कवायद: नई दिल्ली (एजेंसी)। विश्व बैंक ने भारत में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के लिए 25 करोड़ डॉलर का कर्ज मंजूर किया है। इससे युवाओं को अधिक कुशल बनाया जा सकेगा, जिससे उन्हें रोजगार पाने में आसानी है। यह कदम कौशल भारत मिशन के अनुकूल है। विश्व बैंक ने कहा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/world-bank-to-give-25-million-dollars-for-training-of-indian-youth/article-1672"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/world-bank.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">रोजगार के अ<strong>वसर बढ़ाने की कवायद:</strong></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> विश्व बैंक ने भारत में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के लिए 25 करोड़ डॉलर का कर्ज मंजूर किया है। इससे युवाओं को अधिक कुशल बनाया जा सकेगा, जिससे उन्हें रोजगार पाने में आसानी है। यह कदम कौशल भारत मिशन के अनुकूल है। विश्व बैंक ने कहा है कि वह भारत सरकार के युवाओं को अधिक कुशल बनाने के प्रयासों में समर्थन का इच्छुक है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस सहयोग से युवा भारत की आर्थिक वृद्धि और समृद्धि में और अधिक योगदान कर सकेंगे। बैंक ने बयान में कहा कि 25 करोड़ डालर के कौशल भारत मिशन परिचालन (सिमो) को बैंक के कार्यकारी निदेशकों के बोर्ड ने मंजूर किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे राष्ट्रीय स्तर पर 3 से 12 माह या 600 घंटे की अवधि के लघु अवधि के कौशल विकास कार्यक्रमों का बाजार के हिसाब से तर्क संगत बढ़ सकेगी। इस कार्यक्रम के तहत 15 से 59 साल के बेरोजगारों या अनुकूल रोजगार से वंचित लोगों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें 1.2 करोड़ 15 से 29 साल के ऐसे युवाओं को भी शामिल किया जाएगा, हर साल श्रम बाजार में उतरते हैं। इस कार्यक्रम के तहत महिलाओं को रोजगार और उद्यमशीलता के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे और उनका कौशल विकास किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत सरकार के युवाओं को अधिक कुशल बनाने के प्रयासों में समर्थन का इच्छुक है। उन्होंने कहा कि इस सहयोग से युवा भारत की आर्थिक वृद्धि और समृद्धि में और अधिक योगदान कर सकेंगे। बैंक ने बयान में कहा कि 25 करोड़ डालर के कौशल भारत मिशन परिचालन (सिमो) को बैंक के कार्यकारी निदेशकों के बोर्ड ने मंजूर किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/world-bank-to-give-25-million-dollars-for-training-of-indian-youth/article-1672</link>
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                <pubDate>Tue, 27 Jun 2017 01:39:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुफ्त ड्राइविंग सीखाएगी सरकार, मिलेगा रोजगार</title>
                                    <description><![CDATA[5 हजार युवाओं को मुफ्त कार ड्राइविंग कोर्स करवाने की तैयारी ड्राइविंग टेस्ट पास होने के बाद मिलेगा सर्टिफिकेट चंडीगढ़। ड्राइविंग सीखने के इच्छुक युवाओं के लिए सुनहरा मौका है। टेस्ट में पास होने पर सर्टिफिकेट और लाइसेंस भी मिलेगा, जल्दी करें फायदा उठाएं फ्री है कोर्स। दरअसल हरियाणा सरकार की ओर से पांच हजार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/government-will-learn-free-driving-and-give-employment/article-1407"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/bus11.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">5 हजार युवाओं को मुफ्त कार ड्राइविंग कोर्स करवाने की तैयारी</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>ड्राइविंग टेस्ट पास होने के बाद मिलेगा सर्टिफिकेट</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> ड्राइविंग सीखने के इच्छुक युवाओं के लिए सुनहरा मौका है। टेस्ट में पास होने पर सर्टिफिकेट और लाइसेंस भी मिलेगा, जल्दी करें फायदा उठाएं फ्री है कोर्स। दरअसल हरियाणा सरकार की ओर से पांच हजार युवाओं को कार ड्राइविंग का कोर्स कराया जाएगा। इन युवाओं को ड्राइविंग टेस्ट में पास होने के बाद सर्टिफिकेट भी जारी होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्स की फीस हरियाणा स्किल डेवलपमेंट मिशन की ओर से अदा की जाएगी। निजी ड्राइविंग स्कूलों के जरिये युवाओं को यह कोर्स कराया जाएगा। कम शिक्षित युवाओं को ड्राइविंग कोर्स कराकर उन्हें रोजगार दिलाने का प्रयास होगा। इसके लिए सरकार के निर्देश पर हरियाणा स्किल डेवलपमेंट मिशन ने कार ड्राइविंग का कोर्स कराने का फैसला लिया है, जिसमें पहले चरण में प्रदेशभर के 18 से 35 साल की उम्र के पांच हजार युवाओं को यह कोर्स कराया जाएगा। इसके लिए आवेदक 8वीं पास होना चाहिए। हर जिले के लिए एक टारगेट तय किया गया है। तय संख्या से अधिक आवेदन आने पर अनुसूचित, पिछड़ा वर्ग, बीपीएल तथा महिलाओं को प्राथमिकता देकर लिस्ट तैयार की जाएगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">30 घंटे की थ्योरी, 12 घंटे की ड्राइविंग</h2>
<p style="text-align:justify;">कार ड्राइविंग कोर्स एक महीने का होगा, जिसमें कुल 30 घंटे की थ्योरी क्लासेज, 12 घंटे की ड्राइविंग प्रैक्टीकल क्लास होंगी। सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट 1989 के तहत यह कोर्स होगा, जिसमें रोड बिहेवियर, ड्राइविंग एटीकेडस, रोड रेज, रोड कम्युनिकेशन स्किल की ट्रेनिंग दी जाएगी। कार ड्राइविंग का सर्टिफिकेट हासिल करने वालों को लाइट कॉमर्शियल व्हीकल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। लाइट कॉमर्शियल व्हीकल का सर्टिफिकेट वालों को हैवी कॉमर्शियल व्हीकल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">यहां मिलेगा प्रशिक्षण</h2>
<p style="text-align:justify;">प्रदेशभर में करीब 246 पंजीकृत ड्राइविंग स्कूल हैं। इनमें से प्रदेश सरकार की ओर से कुछ स्कूलों को चिह्नित किया जाएगा। इन चिह्नित किए गए निजी ड्राइविंग स्कूल में यह ट्रेनिंग दी जाएगी। स्कूल चिह्नित करने के लिए जिला स्तर पर कमेटी होगी। एडीसी की अध्यक्षता में बनी कमेटी में एसडीएम, आरटीए, हरियाणा कौशल मिशन के डायरेक्टर, डिस्ट्रिक्ट स्किल कोर्डिनेटर होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/government-will-learn-free-driving-and-give-employment/article-1407</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/government-will-learn-free-driving-and-give-employment/article-1407</guid>
                <pubDate>Mon, 19 Jun 2017 09:30:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अपराध का अड्डा बनी जेलें</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब की जेलों के विषय में कहा जाता है कि जो नशा बाहर से नहीं मिलता, वह जेल में से आसानी से मिल जाता है। सुधारगृह के नाम पर जानी जाने वाली जेलों में अपराध की ट्रेनिंग मिल रही है। पंजाब सहित अन्य राज्यों की जेलों में घातक मादक पदार्थ, मोबाइल जब्त होने के समाचार आम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/jails-of-crime/article-1035"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/jail.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पंजाब की जेलों के विषय में कहा जाता है कि जो नशा बाहर से नहीं मिलता, वह जेल में से आसानी से मिल जाता है। सुधारगृह के नाम पर जानी जाने वाली जेलों में अपराध की ट्रेनिंग मिल रही है। पंजाब सहित अन्य राज्यों की जेलों में घातक मादक पदार्थ, मोबाइल जब्त होने के समाचार आम बात हैं। बहुत सी जेलों में माफिया सरगनाओं का दरबार लगाना, नाचगान करवाने तक की कहानियां भी जेलों से बाहर आती रहती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">संदिग्ध जेलों के अफसर अपराधियों से सांठगाठ के चलते कई दफा गिरफ्तार भी हो चुके हैं। नशे के सौदागरों के लिए तो जेलें जैसे सुरक्षित मंडियां हो गई हैं। आजकल जेलों से अपराधी सोशल मीडिया पर अपनी गतिविधियों को भी अपडेट करने लगे हैं। पिछले महीनों में पंजाब में एक जेल ब्रेक कर खतरनाक अपराधी भाग गए थे, जिनके साथ आतंकी भी भाग गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">यह सब इसलिए भी हो रहा है, क्योंकि कहीं न कहीं राजनेता भी जेलों के अंदर की दुनिया में अपनी दिलचस्पी रख रहे हैं। कई नेताओं का अपराधिक संबंध उन्हें जेल तक भी ले गया है। बिहार, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्टÑ, पंजाब में जेलों के प्रबंधों को ठीक किए जाने की बेहद आवश्यकता है। देश में फैल रहे घातक मादक पदार्थों के जाल का नेटवर्क तोड़ने के सूत्र जेलों से ही मिल सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नशों से इतर यदि नैतिक जीवन की भी बात करें, तब जेलों में कमजोर कैदियों का दैहिक व मानसिक शोषण भी एक बड़ी समस्या है। दबंग कैदी, कमजोर कैदियों से अपना निजी काम करवाने के साथ उनकी मार-पिटाई भी करते हैं। जेलों में अनैतिक जीवन की मुख्य वजह उनमें क्षमता से अधिक कैदियों का ठूंस-ठूंस कर रखा जाना भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">बढ़ रही अपराधियों की संख्या के सामने जेलों का विस्तार नहीं हो रहा, जिसके चलते सुधार गृह की भूमिका निभाने वाली जेलें एक तरह से यातना गृह बनकर रह गई हैं। यहां समाजविज्ञान की नजर में एक अपराधी जो मानसिक तौर पर बीमार व्यक्ति है, वह और ज्यादा बीमार व हिंसक हो रहा है। केन्द्र व राज्य सरकारों को जेलों में सुरक्षा, अनुशासन को बढ़ाने के प्रयास करने होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">जेलों में आधुनिक दौर के अनुसार शिक्षा, रोजगार व तनाव से दूर करने के प्रबंध समान्तर तौर पर विकसित करने होंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति जो सजा काट रहा है, या काट कर बाहर आने वाला है, वह पुन: अपराध की ओर नहीं लौटे। जेलें अपराध के नए ट्रेनिंग स्थल तो कतई नहीं बननी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/jails-of-crime/article-1035</link>
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                <pubDate>Thu, 08 Jun 2017 23:15:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मूल्य आधारित हो पुलिस प्रशिक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस व्यवस्था और पुलिस प्रशिक्षण में गुणात्मक बदलाव लाए जाने की आवश्यकता है। ये विचार हाल ही में सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद में आयोजित पुलिस महानिदेशकों के वार्षिक सम्मेलन में स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्त किए। स्मार्ट पुलिस के निर्माण के उल्लेख के तुरंत बाद उनकी इस सलाह का व्यावहारिक महत्व बढ़ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/prices-based-police-training/article-441"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/police-traingin.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पुलिस व्यवस्था और पुलिस प्रशिक्षण में गुणात्मक बदलाव लाए जाने की आवश्यकता है। ये विचार हाल ही में सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद में आयोजित पुलिस महानिदेशकों के वार्षिक सम्मेलन में स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्त किए। स्मार्ट पुलिस के निर्माण के उल्लेख के तुरंत बाद उनकी इस सलाह का व्यावहारिक महत्व बढ़ जाता है। यह पुलिस प्रशिक्षण में पेशेवर कौशल और मानवीय जीवन की पृष्ठभूमि में मानवीय समस्याओं से निपटने के लिए आवश्यक गुणों की ओर संकेत करता है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि देश में सुरक्षा परिदृश्य बदल गया है इसलिए पुलिस व्यवस्था में प्रौद्योगिकी और मानवीय संपर्क दोनों का समान महत्व है। अपराध निवारण और अपराधों का पता लगाने के लिए अनेक प्रौद्योगिकी उपकरणों का आविष्कार किया गया है। किंतु पुलिस व्यवस्था के कठिन कार्य में मानवीय पहलू में सुधार के मामले में हमारा रिकार्ड बहुत धीमा है।<br />
इसका दोष पूर्णत: पुलिस संगठन को नहीं दिया जा सकता है। समाज को भी पुलिस व्यव्स्था के लिए मानक निर्धारित करने होंगे और पुलिस को अपने कार्यकरण में उन मानकों को बनाए रखने में सहायता करनी होगी। पुलिस और जिस समाज की वह सेवा करता है वे परस्पर निर्भर हैं और दोनों में पारस्परिक समझ और सम्मान होना चाहिए। वर्तमान में लोगों और पुलिस के संबंध सौहार्दपूर्ण नहीं हैं। लोग तब तक पुलिस की मदद नहीं लेते हैं जब तक उन्हें गंभीर अपराधों या नुक्सान में ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं होना पड़ता है। पुलिस के कार्यों में जनता का सहयोग अन्य देशों में स्वीकार्य है। भारत में भी यह अपनाया गया है, किंतु व्यवहार में अधिक देखने को नहीं मिलता है। मोदी ने इस ओर संकेत किया कि पुलिसकर्मी को मानव और सामाजिक विज्ञान के कुछ पहलुओं का ज्ञान होना आवश्यक है।<br />
वर्तमान में पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण में कानून, कानूनी प्रक्रिया, फोरेंसिक विज्ञान, हथियार प्रशिक्षण आदि शामिल हैं, जो अपराध नियंत्रण के लिए आवश्यक हैं। इसके अलावा उन्हें नेतृत्व प्रबंधन, नैतिक मूल्यों और मानव अधिकारों का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। अब इसमें बदलाव की मांग की जा रही है। जिससे सामुदायिक आधारित जनोन्मुखी समस्याओं को सुलझाने वाली पुलिस व्यवस्था बन सके न कि एक यांत्रिक कानून प्रवर्तन एजेंसी बने। राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के उद्देश्य कथन में कहा गया है कि वह अपने छात्रों में ऐसे मूल्यों और मानदंडों की भावना पैदा करने का प्रयास करेगी, जिससे वे जनता की बेहतर सेवा करे, मानव अधिकारों का सम्मान करे, कानून और न्याय के उदार दृष्टिकोण को समझें, पेशेवरता, शारीरिक तंदुरूती और मानसिक सजगता के उच्च मानकों को प्रा΄त करें।<br />
पुलिस व्यवस्था के प्रत्येक पहलू पर अब गुणात्म्क बदलाव की आवश्यकता है। इन पहलुओं में अपराध का पता लगाना, अपराध निवारण, संदिग्ध अपराधियों, पीड़ितों और दर्शकों के साथ व्यवहार शामिल है। पुलिस प्रशिक्षण में सुधार के लिए अनेक देशों में कार्य किया जा रहे हैं। लोकतांत्रिक देशों में पुलिस का कार्य जनता का कल्याण है। किसी भी शासन व्यव्स्था में पुलिस एक सामाजिक साधन है जिसका कार्य जीवन और संपत्ति की सुरक्षा करना है किंतु सामान्यतया इसे कानून लागू करने वाली एजेंसी के रूप में देखा जाता है जिसे जनता के साथ व्यवहार करने के लिए धमकाने की शक्तियां प्रा΄त हैं।<br />
अमेरिका के फेडरल ब्यूरो आॅफ इन्वेस्टीगेशन ने अपने एक बुलेटिन में एक आदर्श पुलिस अधिकारी के गुणों में पहल, नैतिक मूल्यों का पालन, काननू का ज्ञान, संप्रेषण कौशल, बुद्धिमता, सभ्यता, सेवा भाव, विनम्रता, गुस्से पर नियंत्रण और नए ज्ञान प्रा΄त करने की चाह शामिल किए हैं। किसी भी लोकतांत्रिक देश में पुलिसकर्मियों के पास ये गुण होने चाहिए।<br />
एक सच्चे पुलिसकर्मी को उस समाज के मूल्यों का पालन करना चाहिए, जिसकी वह सेवा करता है। इसलिए पुलिसकर्मियों को मूल्य आधारित प्रशिक्षण देना आवश्यक बन गया है ताकि वे व्यक्ति और समुदाय के अधिकारों का सम्मान कर सकें। मूल्य केवल भावनात्मक गुण नहीं है, वे किसी भी संगठन के मार्ग-निर्देशन और कर्मचारियों के व्यवहार के लिए आवश्यक है। वे उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए भी आवश्यक है। संगठनात्मक मूल्य, उत्कृष्ट व्यवहार और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ाते हैं। इससे व्यक्तिगत और पेशेवर मानक अपनाए जाते हैं। पुलिस को जनता का सम्मान करना चाहिए और अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गरिमा का पालन करना चाहिए।<br />
राज्यों में राज्य स्तरीय पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए राज्य पुलिस अकादमियां हैं। इन अकादमियों में भी गुणात्मक सुधार के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम बनाए गए हैं। उदाहरण के लिए केरल पुलिस अकादमी ने पुलिसकर्मियों में मानसिक दबाव का सामना करने और पुलिसकर्मियों की शारीरिक स्वस्थता के लिए पाठ्यक्रम में संशोधन किया है तथा पुलिस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में पहले ही योगा शुरू कर दिया गया है। पंजाब पुलिस अकादमी का उद्देश्य ऐसे पुलिस अधिकारियों को तैयार करना है जो पुलिस बल का साहस, सत्य निष्ठा, ईमानदारी, समर्पण और सेवा भावना से कमान संभालें और इसमें उच्च शिक्षा, प्रौद्योगिकी प्रगति तथा मानव अधिकारों पर विशेष बल दिया गया है। अन्य राज्यों में भी ऐसे ही प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।<br />
पुलिस कर्मियों के दृष्टिकोण और व्यवहार में गुणात्मक बदलाव की आवश्यकता है। पुलिसकर्मियों को आम नागरिकों की संवेदनशीलता के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए और यह आवश्यक है कि वे अपनी कार्यवाही में कानूनी पहलुओं के साथ-साथ मानवीय भावना को भी ध्यान में रखें और इसका उद्देश्य पुलिस बल को कुशल, लोकतांत्रिक और मानवीय बनाना है।</p>
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                <pubDate>Thu, 08 Dec 2016 09:00:14 +0530</pubDate>
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