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                <title>इतिहास से वर्तमान व भविष्य की ओर बढ़ते संबंध</title>
                                    <description><![CDATA[भारत के बेहद खास रिश्ते वाले देशों में ‘बांग्लादेश’ का नाम अग्रणी है, वह भी बांग्लादेश के जन्म के समय से ही। रिश्ते की मजबूती का यह क्रम अनवरत बढ़ा है और यह इस बात से ही समझा जा सकता है कि किस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर बांग्लादेशी समकक्ष की आगवानी की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/moving-from-history-to-present-and-future/article-6089"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/moving-from-history-to-present-and-future-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत के बेहद खास रिश्ते वाले देशों में ‘बांग्लादेश’ का नाम अग्रणी है, वह भी बांग्लादेश के जन्म के समय से ही। रिश्ते की मजबूती का यह क्रम अनवरत बढ़ा है और यह इस बात से ही समझा जा सकता है कि किस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर बांग्लादेशी समकक्ष की आगवानी की है। वस्तुत: इंदिरा गांधी ने जिस प्रकार बांग्लादेश को तत्कालीन पश्चिमी पाकिस्तान के अत्याचारों से मुक्त कराया तो एक तरह से यह रिश्ता स्वाभाविक ही था। चूंकि चीन, पाकिस्तान जैसे देश भारत के साथ दूसरे पड़ोसियों के रिश्तों को नुक्सान पहुंचाने की कोशिश करते रहे हैं, ऐसे में बांग्लादेश के साथ भारत का कूटनीतिक संबंध और भी खास हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत लगातार बांग्लादेश से अपना संबंध मजबूत करने में दो कदम आगे बढ़कर पहल करता रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">1947 में हुए भारत बंटवारे की कटु यादें भला किसे याद नहीं होंगी। दुनिया में उतना भीषण कत्ल-ए-आम संभवत: दूसरी जगह न हुआ होगा। पर उसका नतीजा क्या निकला, जिस धर्म के नाम पर मोहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान मांगा था, वह तीन दशक भी संयुक्त रूप में पूरा न कर सका और बिखर गया। आखिर, वह जुड़ा रहता भी तो किस प्रकार? चूंकि, पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान में बांग्लादेश) कहे जाने वाले देश की संस्कृति, भाषा पश्चिमी पाकिस्तान से सर्वथा भिन्न थी। ऊपर से वहां के लोगों के साथ पश्चिमी पाकिस्तान द्वारा किया जाने वाला भेदभाव ताबूत में आखिरी कील साबित हुआ। बांग्लादेशियों के अधिकारों को कुचलने में पाकिस्तान की सेना ने जो जुल्म ढाये, उससे समस्त विश्व की आँखें नम हो उठी थीं। आज के समय में हम सीरिया में गृहयुद्ध की जो हालत देख रहे हैं, उससे कम दुरूह हालात न थे उस समय! अंतत: उस अत्याचार से जब भारत पर दुष्प्रभाव पडऩे लगा तब इंदिरा गाँधी के रूप में भारतीय राजनीतिक नेतृत्व ने कठोरतम निर्णय लिया और फिर उदय हुआ बांग्लादेश का। जाहिर तौर पर बांग्लादेश के जन्म के समय से ही भारत का रिश्ता बेहद करीबी रहा है, जो लगातार आगे बढ़ता जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">बहुत कम लोगों को पता होगा कि शेख हसीना से भारत का बेहद करीबी जुड़ाव रहा है। 15 अगस्त 1975 को जब बांग्लादेश में सेना के गुट ने शेख मुजीबुर रहमान के घर पर हमला किया, तो शेख हसीना के परिवार के अधिकांश सदस्य मौत के घाट उतार दिए गए थे। उनके पिता और बांग्लादेश की आजादी के नायक शेख मुजीबुर रहमान का शरीर गोलियों से छलनी कर दिया गया था। किसी तरह शेख हसीना और उनकी बहन बच गयी थीं, पर उन्हें कहीं और राजनीतिक शरण नहीं मिल सकी। फिर इंदिरा गाँधी ने कई सालों तक शेख हसीना और उनके पति डॉक्टर वाजेद को सुरक्षा और शरण प्रदान की। बाद में स्थिति में सुधार होने के बाद शेख हसीना 17 मई, 1981 को अपने वतन लौट सकी थीं, जहाँ लाखों बांग्लादेशियों ने उनका स्वागत किया और फिर वह अपने पिता का रूतबा हासिल करने में सफल भी रहीं। पिछले दिनों भारत और बांग्लादेश के बीच हुए ‘परमाणु समझौतेझ् को दक्षिण एशिया की राजनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">सच कहा जाए तो भारत और दूसरे दक्षिण एशियाई देश ड्रैगन की दोहरी चाल को बखूबी समझते हैं। वह जानते हैं सच्चे मित्र भारत जैसी स्वाभाविक दोस्ती चीन से कभी हो ही नहीं सकती, इसलिए भारत को कूटनीति की बिसात पर सधी चाल से चलना होगा और संतुलन बनाकर चीन की दोस्ती के दांव को दक्षिण एशियाई क्षेत्र में मजबूती से उजागर करना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच लैंड बाउंड्री एग्रीमेंट के सफल होने के बाद समुद्री मामलों के सुलझने की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि, ये तो एक छोटी सी झलक है, क्योंकि भारत और बांग्लादेश के बीच कई सारे समझौते हो रहे हैं, जिनका प्रारूप और प्रभाव आने वाले समय में और भी बेहतर ढंग से नजऱ आएगा। वैश्विक परिदृश्य में दो देशों के संबंधों की अहमियत बार बार प्रमाणित हुई है। वहीं बात जब बांग्लादेश जैसे महत्वपूर्ण पड़ोसी की हो तो फिर यह अहमियत और भी बढ़ जाती है। निश्चित रूप से दोनों देशों की आने वाली पीढिय़ां पीएम नरेंद्र मोदी और बांग्लादेशी पीएम शेख हसीना का धन्यवाद करेंगी, जिनके सकारात्मक दृष्टिकोण से दक्षिण एशियाई देशों के विकास का नया और चौड़ा मार्ग प्रशस्त हुआ है। <em><strong>जगजीत शर्मा</strong></em></p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Oct 2018 12:42:14 +0530</pubDate>
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                <title>मानसून सत्र का आज आखिरी दिन, राज्यसभा में पेश होगा संशोधित ट्रिपल तलाक बिल</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली(एजेंसी)। संसद के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन है। आज केंद्र सरकार राज्यसभा में अति महत्वपूर्ण तीन तलाक बिल को पेश कर सकती है. गुरुवार को ही मोदी कैबिनेट ने इस बिल में संशोधन किए हैं जिसके बाद अब ये बिल पास होने की उम्मीद जताई जा रही है। बता दें कि इससे पहले […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/monsoon-session-today-is-last-day-the-rajya-sabha-in-the-present-will-modify-the-triple-divorce-bill/article-5294"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/treepal-talaq.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">
<strong>नई दिल्ली(एजेंसी)। </strong>संसद के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन है। आज केंद्र सरकार राज्यसभा में अति महत्वपूर्ण तीन तलाक बिल को पेश कर सकती है. गुरुवार को ही मोदी कैबिनेट ने इस बिल में संशोधन किए हैं जिसके बाद अब ये बिल पास होने की उम्मीद जताई जा रही है। बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने इस बिल में कई तरह की कमियां बताई थीं, जिसके बाद बिल को संशोधित किया गया है। गौरतलब है कि गुरुवार को ही राज्यसभा में उपसभापति के चुनाव हुए हैं, इस चुनाव में एनडीए के हरिवंश सिंह ने बड़ी जीत हासिल की है। यही कारण है कि एनडीए की स्थिति अभी मजबूत नज़र आ रही है। ऐसे में केंद्र सरकार चाहेगी कि सत्र का अंत होते हुए वह तीन तलाक जैसे महत्वपूर्ण बिल को पास करवा पाए।</p>
<h2>अब मजिस्ट्रेट को जमानत देने का अधिकार होगा</h2>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि नए बिल में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) के मामले को गैर जमानती अपराध तो माना गया है लेकिन संशोधन के हिसाब से अब मजिस्ट्रेट को जमानत देने का अधिकार होगा। साथ ही विधेयक में एक और संशोधन किया गया है जिसमें पीड़ित के रिश्तेदार जिससे उसका खून का रिश्ता हो भी शिकायत दर्ज कर सकता है. बता दें कि पिछले सत्र में राज्यसभा में इस विधेयक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोक-झोंक देखने को मिली थी। जब विपक्ष की तरफ से विधेयक को त्रुटिपूर्ण बताते हुए प्रवर समिति में भेजने की मांग की गई थी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">संशोधित तीन तलाक बिल में क्या खास</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">ट्रायल से पहले पीड़िता का पक्ष सुनकर मजिस्ट्रेट दे सकता है आरोपी को जमानत।</li>
<li style="text-align:justify;">पीड़िता, परिजन और खून के रिश्तेदार ही एफआईआर दर्ज करा सकते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">मजिस्ट्रेट को पति-पत्नी के बीच समझौता कराकर शादी बरकरार रखने का अधिकार होगा।</li>
<li style="text-align:justify;">एक बार में तीन तलाक बिल की पीड़ित महिला मुआवजे की अधिकार।</li>
</ul>
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<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Aug 2018 08:58:46 +0530</pubDate>
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                <title>आइफा पुरस्कार समारोह में नृत्य पेश करेंगी रेखा</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई (एजेंसी)। हिंदी फिल्मों की सदाबहार अभिनेत्री रेखा बैंकाक में होने वाले आइफा पुरस्कार समारोह में नृत्य पेश करेंगी। रेखा से यह पूछे जाने पर कि वह किस गाने पर आइफा पुरस्कार समारोह में नृत्य करेंगी , उन्होंने कहा, “ मेरा एक नाम मिस्ट्री भी है इसलिए मै अभी अपने नृत्य के गानों से पर्दा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/rangmanch/rekha-will-present-dance-at-the-iifa-awards-ceremony/article-4155"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/rekha.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई (एजेंसी)। </strong>हिंदी फिल्मों की सदाबहार अभिनेत्री रेखा बैंकाक में होने वाले आइफा पुरस्कार समारोह में नृत्य पेश करेंगी। रेखा से यह पूछे जाने पर कि वह किस गाने पर आइफा पुरस्कार समारोह में नृत्य करेंगी , उन्होंने कहा, “ मेरा एक नाम मिस्ट्री भी है इसलिए मै अभी अपने नृत्य के गानों से पर्दा नहीं उठाऊंगी। इसे भी तक मिस्ट्री ही रहने दीजिए।” रेखा आइफा पुरस्कार समारोह में अपने कार्यक्रम को लेकर बहुत अधिक उत्साहित दिखीं। रेखा ने कहा कि उन्होंने पिछले 20 वर्षों से किसी भी समारोह में अपना नृत्य पेश नहीं किया लेकिन इस बार यह अवसर मिल रहा है ।</p>
<p style="text-align:justify;">वरूण ने कहा कि इस बार समारोह में दो बहुत महत्वपूर्ण लोग परफॉर्म करेंगे, जिनमें एक हैं बॉबी देओल और दूसरी हैं बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री रेखाजी। दोनो ही कलाकार लंबे समय के बाद किसी समारोह में अपना नृत्य पेश करने वाले हैं। बॉबी अपने सुपरहिट फिल्मों के गानों जैसे ‘गुप्त’, ‘सोल्जर’ और ‘रेस 3’ के गानों पर परफॉर्म करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार आईफा पुरस्कार समारोह बैंकॉक में आयोजित किया जा रहा है। बैंकॉक में होने वाला यह 19 वां समारोह है। तीन दिन चलने वाला यह रंगारंग कार्यक्रम 22 से 24 जून, सियाम निर्मित थिएटर में होगा। रेखा के अलावा इस बार आइफा में रणबीर कपूर, शाहिद कपूर, वरुण धवन, अर्जुन कपूर, श्रद्धा कपूर, कृति सनोन, बॉबी देओल, आयुष्मान खुराना आदि भी परफॉर्म करेंगे। गौरतलब है कि पहली बार आइफा अवार्ड साल 2000 में मिलेनियम डोम, लंदन में आयोजित किया गया था। पुरस्कार हर साल बॉलीवुड से जुड़े कलाकारों और तकनीकी क्षेत्र के लोगों को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है।</p>
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                                                            <category>रंगमंच</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Jun 2018 09:38:08 +0530</pubDate>
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