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                <title>बदलने जा रहे हैं अंग्रेजों के समय के कानून, सदन में तीन बिल पेश</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। हमारे देश की संरचना अंग्रेजों के समय से चली आ रही है। इस बीच कई कानून तब से चल रहे हैं। संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन की शुरूआत भी हंगामेदार रही और लोकसभा (Lok Sabha) में हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-laws-of-the-british-era-are-going-to-change-three-bills-presented-in-the-house/article-51084"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/amit-shah.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> हमारे देश की संरचना अंग्रेजों के समय से चली आ रही है। इस बीच कई कानून तब से चल रहे हैं। संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन की शुरूआत भी हंगामेदार रही और लोकसभा (Lok Sabha) में हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कल संसद में विपक्ष द्वारा मोदी सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव कमजोर पड़ गया। प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष पर निशाना साधा और यूपीए सरकार के दौरान हुए घोटालों की याद दिलाई। Amit Shah</p>
<h3 style="text-align:justify;">देश में आपराधिक न्याय प्रणाली में होगा बड़ा बदलाव</h3>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) लोकसभा में सुरक्षा भारतीय संहिता विधेयक 2023 पर चर्चा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि 1860 से लेकर 2023 तक देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था अंग्रेजों के बनाए कानूनों के मुताबिक चलती रही। अब कानून बदल जाएंगे और देश में आपराधिक न्याय प्रणाली में बड़ा बदलाव आएगा। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में भारतीय दंड संहिता, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम में संशोधन के लिए तीन विधेयक पेश किए।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>भारतीय न्यायपालिका संहिता, 2023</strong></li>
<li><strong>भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023</strong></li>
<li><strong>भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">शाह (Amit Shah) ने कहा कि अंग्रेजों द्वारा बनाये गये दंड विधान प्रक्रिया से संबंधित तीनों विधेयक गुलामी की निशानियां ब्यां कर रहे थे। इनमें 475 जगह गुलामियों को समाप्त करके नये विधेयक बनाये गये हैं। अंग्रेजों के बनाये गये कानूनों की व्यवस्था से इंसाफ मिलना भारी हो गया था। मिलता भी था तो वो इतनी देर से मिलता था कि अदालतों में जाना ही सजा हो गया था। उन्होंने कहा कि नये विधेयकों में पुलिस और न्यायिक अधिकारियों को आधुनिक से आधुनिक तकनीक इस्तेमाल करने का प्रावधान किया गया है। इनमें ई-मेल ,सर्वर औ बेवसाइट के उपयोग को कानूनी वैधता प्रदान की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि नये विधेयकों के अनुसार पुलिस को किसी आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र 90 दिन में दायर करना होगा। अदालतों को भी आरोप पत्र दाखिल करने के लिए 90 दिनों की छूट का अधिकार होगा। इस तरह आरोप पत्र दाखिल करने में 180 दिनों से अधिक समय नहीं लगेगा। सभी तरह की प्रक्रिया पूरी करने के बाद 30 दिनों में फैसला करना होगा। फैसला सुनाये जाने के बाद 7 दिनों में उसे वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नये विधेयक में अंग्रेजों द्वारा बनाये गये राजद्रोह से जुड़े कानून को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। अपराध करने के बाद भगोड़े आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा चलाया जा सकेगा और उन्हें सजा सुनायी जा सकेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">‘‘भारतीयों को अधिकार देना है नए कानून का उद्देश्य’’</h3>
<p style="text-align:justify;">लोस में बोलते हुए गृहमंत्री ने कहा ‘इन तीनों कानूनों को रिप्लेस कर के इनकी जगह तीन नए कानून जो बनेंगे, उनकी भावना भारतीयों को अधिकार देने की होगी। इन कानूनों का उद्देश्य किसी को दंड देना नहीं होगा। इसका उद्देश्य होगा लोगों को न्याय देना।’ अमित शाह ने कहा कि ’18 राज्यों, छह केंद्र शासित प्रदेशों, भारत की सुप्रीम कोर्ट, 22 हाईकोर्ट, न्यायिक संस्थाओं, 142 सासंद और 270 विधायकों के अलावा जनता ने भी इन विधेयकों को लेकर सुझाव दिए हैं। चार साल तक इस पर काफी चर्चा हुई है। हमने इस पर 158 बैठकें की हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नाबालिग से दुष्कर्म पर मौत | Amit Shah</h3>
<p style="text-align:justify;">गृहमंत्री ने लोस में बताया कि नए कानूनों में बदलाव के तहत हमने महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों को कम करने और सामाजिक समस्याओं को निपटाने हेतु ढेर सारे प्रावधान किए हैं। गैंग रेप सभी मामलों में 20 साल की सजा या आजीवन कारावास तथा 18 साल से कम उम्र की बच्चियों के मामले में मृत्युदंड की सजा दी जाएगी। साथ ही रेप कानून में एक नया प्रावधान कि विरोध न करने का मतलब सहमति नहीं है तथा गलत पहचान बताकर यौन संबंध बनाने वाले को अपराध माना जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मॉब लिंचिंग में मिलेगी मौत की सजा</h3>
<p style="text-align:justify;">गृहमंत्री द्वारा पेश किए गए नए विधेयक के अनुसार मॉब लिंचिंग को हत्या माना जाएगा। मॉब लिंचिंग यानि जब 5 या 5 से अधिक लोगों का एक समूह एक साथ मिलकर नस्ल, जाति, समुदाय, लिंग, जन्म स्थान, भाषा, व्यक्तिगत विश्वास या किसी अन्य आधार पर हत्या करता है तो ऐसे समूह के हर सदस्य को मौत की सजा दी जाएगी या कठोर कारावास दिया जाएगा। इसमें कम से कम 7 साल की सजा या अधिकतम मौत की सजा मिल सकती है। साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Manipur: महिलाओं एवं बच्चियों के लापता होने की त्रासदी" href="http://10.0.0.122:1245/tragedy-of-missing-women-and-girls/">Manipur: महिलाओं एवं बच्चियों के लापता होने की त्रासदी</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Aug 2023 17:30:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूक्रेन पर कभी भी आक्रमण कर सकता है रूस : ब्रिटिश</title>
                                    <description><![CDATA[लंदन (एजेंसी)। ब्रिटिश के रक्षा मंत्री बेन वालेस ने दावा किया है कि रूस किसी भी समय कीव के खिलाफ आक्रमण शुरू कर सकता है, जबकि मॉस्को बार-बार आश्वासन दे रहा है कि वह किसी भी देश को डरा नहीं रहा है। वालेस के हवाले से द संडे टाइम्स ने बताया कि यूक्रेन के खिलाफ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/russia-can-attack-ukraine-anytime-british/article-30762"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-02/united-kingdom.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लंदन (एजेंसी)।</strong> ब्रिटिश के रक्षा मंत्री बेन वालेस ने दावा किया है कि रूस किसी भी समय कीव के खिलाफ आक्रमण शुरू कर सकता है, जबकि मॉस्को बार-बार आश्वासन दे रहा है कि वह किसी भी देश को डरा नहीं रहा है। वालेस के हवाले से द संडे टाइम्स ने बताया कि यूक्रेन के खिलाफ रूसी आक्रमण अत्याधिक संभावित है और रूस किसी भी वक्त हमला कर सकता है। रक्षा मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि मामले के बढ़ने पर रूसी सीमाओं पर नाटो सैन्य निर्माण करेगा और नाटो सहयोगी इससे जुड़े खर्च को बढ़ाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्रिटिश के रक्षा मंत्री शुक्रवार को रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु से मुलाकात के लिए मॉस्को पहुंचे थे। वालेस ने कहा कि बातचीत रचनात्मक और स्पष्ट रही और उन्होंने मॉस्को से यूक्रेनी सीमा पर स्थिति को कम करने का आग्रह किया। सर्गेई शोइगु ने मुलाकात के बाद इस संबंध में कहा कि रूस-ब्रिटिश संबंधों का स्तर शून्य के करीब है और रूस एवं नाटो के बीच संबंधों में बिगड़ती स्थिति को रोकना आवश्यक है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कीव में आस्ट्रेलियाई दूतावास बंद</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कैनबरा (एजेंसी)। आॅस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मारिस पायने ने रविवार को कहा कि आॅस्ट्रेलिया ने कीव में अपने दूतावास के संचालन को बंद कर दिया है और राजनयिक कर्मचारियों को यूक्रेनी शहर ल्वीव में एक अस्थायी कार्यालय में स्थानांतरित कर रहा है। विदेश मंत्री पायने ने अपने बयान में कहा, ‘यूक्रेन की सीमा पर रूसी सैनिकों के निर्माण के कारण बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए, सरकार ने कीव में आॅस्ट्रेलियाई दूतावास के कर्मचारियों को प्रस्थान करने और कीव में हमारे दूतावास में अस्थायी रूप से बंद करने का निर्देश दिया है।’ विदेश मंत्री ने कहा कि यूक्रेन में अपने नागरिकों को दूतावास संबंधी सहायता प्रदान करने की आॅस्ट्रेलिया की क्षमता कम हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पायने ने कहा, ‘हम अपने संचालन को ल्वीव में एक अस्थायी कार्यालय में स्थानांतरित कर रहे हैं,’ उन्होंने कहा कि आस्ट्रेलियाई लोगों को तुरंत यूक्रेन छोड़ने की सलाह दी जा रही है क्योंकि ‘अल्प सूचना पर सुरक्षा की स्थिति बदल सकती है।’ कनाडा के विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा कि कीव में कनाडाई दूतावास संचालन को निलंबित कर रहा है और यूक्रेन के ल्वीव शहर में कनाडाई लोगों की सहायता के लिए एक अस्थायी कार्यालय बनाया जा रहा है। कनाडाई लोगों को यूक्रेन छोड़ने और देश की सभी यात्रा से बचने की सलाह दी गई थी। इससे पहले शनिवार को जर्मन संघीय विदेश कार्यालय ने जर्मन नागरिकों से किसी भी गैर-जरूरी प्रवास को जल्द से जल्द समाप्त कर वापस लौटने का आह्वान किया। इसी तरह की सलाह न्यूजीलैंड, बेल्जियम और फिनलैंड सहित अन्य देशों द्वारा जारी की गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>तुर्की ने अपने नागरिकों को यूक्रेन नहीं जाने की दी सलाह</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">अंकरा। रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर तुर्की ने अपने नागरिकों को यूक्रेन नहीं जाने की सलाह दी है। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने यात्रा परामर्श जारी कर अपने नागरिकों को यूक्रेन की यात्रा करने से गुरेज करने की सलाह दी। मंत्रालय ने कहा, ‘यह अनुशंसा की जाती है कि हमारे नागरिक यूक्रेन के पूर्वी सीमा क्षेत्रों की यात्रा करने से परहेज करें।’ मंत्रालय ने नागरिकों से अपनी सुरक्षा के लिए हर संभव सावधानी बरतने और आवश्यक यात्रा से पहले कीव स्थित तुर्की दूतावास से संपर्क करने को कहा। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को अमेरिकी नागरिकों से सैन्य कार्रवाई के बढ़ते खतरे के मद्देनजर तत्काल यूक्रेन छोड़ने को कहा था।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कनाडा दूतावास ने कीव में रोका अपना परिचालन</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">ओटावा। कनाडा ने अस्थाई तौर पर यूक्रेन की राजधानी में सुरक्षा को लेकर बढ़ते तनाव के बीच दूतावास के परिचालन को रोक दिया है, जिसकी जानकारी विदेश मंत्री मेलानी जोली ने दी। श्रीमती जोली ने जारी बयान में कहा कि यूक्रेन की सीमा पर रूस के सैनिकों के निर्माण के कारण सुरक्षा की स्थिति में लगातार गिरावट को देखते हुए, हम अपने कार्यों को ल्वीव के अस्थायी कार्यालय में स्थानांतरित कर देंगे और यूक्रेन के कीव में मौजूद अपने दूतावास के कार्यों को रोक देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन में कनाडा की राजनयिक उपस्थिति जारी रहेगी और कनाडा के नागरिक अस्थाई कार्यलय में दूतावास संबंधी सेवाएं प्राप्त कर पाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्री जोली ने कहा कि इससे दूतावास संबंधी सेवाएं प्रदान करने में हमारी क्षमता सीमित हो जाएगी। कनाडा के नागरिकों यूक्रेन की यात्रा से बचना चाहिए। हम यहां मौजूद अपने नागरिकों से यूक्रेन छोड़ने का आग्रह करते हैं। कनाडा के विदेश मंत्री के मुताबिक यूक्रेन में सुरक्षा स्थिति में सुधार होने और दूतावास के कर्मचारियों की सुरक्षा का आश्वासन होने के उपरांत कीव में दूतावास संचालन फिर से शुरू किया जाएगा।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Feb 2022 10:42:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान में प्रदर्शन, ब्रिटिश राजदूत को हिरासत में लिया</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदर्शनकारियों को भड़काने का आरोप, बाद में छोड़ा  | British Ambassador arrested तेहरान (एजेंसी)। ईरान (Iran) में ब्रिटेन के राजदूत रॉब मैकेयर को कुछ घंटों के लिए गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। एजेंसी सूत्रों के अनुसार तेहरान में अमीरकबीर यूनिवर्सिटी आफ टैक्नोलॉजी के बाहर यूक्रेन (Ukraine) विमान हादसे के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/british-ambassador-arrested-at-tehran-demonstration/article-12422"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/british-ambassador-arrested-at-tehran-demonstration.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों को भड़काने का आरोप, बाद में छोड़ा  | British Ambassador arrested</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>तेहरान (एजेंसी)।</strong> ईरान (Iran) में ब्रिटेन के राजदूत रॉब मैकेयर को कुछ घंटों के लिए गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। एजेंसी सूत्रों के अनुसार तेहरान में अमीरकबीर यूनिवर्सिटी आफ टैक्नोलॉजी के बाहर यूक्रेन (Ukraine) विमान हादसे के खिलाफ सैकड़ों छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस प्रदर्शन (Demonstration) में ब्रिटिश राजदूत रॉब मैकेयर भी शामिल हुए। छात्रों ने रैली निकाली और इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के कार्रवाई करने की मांग की। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से दिवंगत कमांडर कासिम सुलेमानी की तस्वीर फाड़ी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग भी किया। कमांडर सुलेमानी की गत सप्ताह अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत हो गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">मैकेयर पर प्रदर्शनकारियों को उकसाने का आरोप है। उन्हें गिरफ्तार करने के कुछ ही घंटों बाद रिहा कर दिया गया। लेकिन इस संबंध में समन भेजकर उनसे जवाब तलब किया जाएगा। गौरतलब है कि बुधवार को यूक्रेन विमान हादसे में कुल 176 लोग मारे गए थे। मृतकों में अधिकतर लोग ईरान और कनाडा के थे। यह हादसा उसी दिन हुआ, जब ईरान ने इराक में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी थी।</p>
<h3>ये है पूरा मामला</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>यूक्रेन विमान हादसे के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे अमीर कबीर यूनिवर्सिटी के छात्र</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उठाई मांग</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>प्रदर्शन में ब्रिटेन के राजदूत रॉब मैकेयर भी थे शामिल</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर दिवंगत कमांडर कासिम सुलेमानी की तस्वीर फाड़ी</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को किया तितर-बितर</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>ब्रिटिश राजदूत को हिरासत में लिया, कुछ देर बाद छोड़ा</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>रॉब मैकेयर से समन भेजकर जवाब तलब</strong></li>
</ul>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jan 2020 11:16:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्रिटेन की संसद में दूसरी बार औंधे मुंह गिरा ब्रेक्जिट समझौता</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रसेल्‍स (एजेंसी )। ब्रिटेन की संसद ने दूसरी बार बेक्जिट समझौते को खारिज कर दिया है। संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ कामन्स में ब्रितानी सांसदों ने यूरोपीय संघ से बिना किसी समझौते से बाहर निकलने के प्रस्ताव को 308 के मुकाबले 312 वोटों से ख़ारिज कर दिया है। सदन के इस फैसले के बाद […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्रसेल्‍स (एजेंसी )।</strong> ब्रिटेन की संसद ने दूसरी बार बेक्जिट समझौते को खारिज कर दिया है। संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ कामन्स में ब्रितानी सांसदों ने यूरोपीय संघ से बिना किसी समझौते से बाहर निकलने के प्रस्ताव को 308 के मुकाबले 312 वोटों से ख़ारिज कर दिया है। सदन के इस फैसले के बाद अब यह संभावना प्रबल हो गई है कि ब्रिटेन यूरापीय संघ (इयू) से बिना किसी समझौते के ही अलग होगा। उधर, सदन में समझौता खारिज होने के बाद यूरोपीय संघ ने इस परिणाम पर खेद जताया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, ब्रिटिश संसद ने यूरोपीय संघ से बिना किसी समझौते से बाहर निकलने के प्रस्‍ताव खारिज किए जाने का फैसला कानूनी रूप से बाध्‍यकारी नहीं है। इसका तात्‍पर्य यह नहीं है कि ब्रिटेन यूरोपीय संघ से बाहर नहीं निकलेगा। अब इस पर मतदान गुरुवार को होगा कि बेक्जिट को टाला जाए या नहीं। अगर ब्रेक्जिट को टालने का प्रस्‍ताव पारित हो गया और यूरोपीय संघ भी इसके लिए तैयार हो जाता है तो ब्रिटेन निर्धारित 29 मार्च को यूरोपीय संघ से बाहर नहीं जाएगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">लगातार दूसरी बार खारिज हुई टेरीजा मे की डील, विरोध में पड़े 391 वोट</h2>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि अगर ब्रिटेन की संसद ब्रेक्जिट समझौते को मंजूर करने में विफल रहती है और यूरोपीय संघ इस पर अधिक समय देने के लिए राजी नहीं होता तो ब्रिटेन 29 मार्च को यूरोपीय संघ से बिना किसी समझौते के बाहर हो जाएगा। हालांकि, यह संकेत है कि यूरोपीय संघ ब्रिटेन का और अधिक समय देने पर विचार कर सकता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">आरबीआइ के पूर्व गर्वनर राजन ने कहा, पूंजीवाद खतरे में, समाज में ‘विद्रोह’ की स्थिति</h2>
<p style="text-align:justify;">उधर, यूरोपीय परिषद के अध्‍यक्ष डोनाल्‍ड टस्‍क ने इन परिणामों पर खेद जताया है। लेकिन ब्रसेल्‍स की तरफ से उन्‍होंने चेताया है कि इससे कुछ कर पाना बहुत मुश्किल होगा। यूरोपीय संघ की प्रमुख बेक्जिट वार्ताकार मिशेल बार्नियर ने कहा है कि ब्रसेल्‍स इससे ज्‍यादा कुछ नहीं कर सकता। यूरोपीय आयोग के अध्‍यक्ष जीन क्‍लाउड जंकर के हवाले से कहा गया है अब इस समस्‍या का हल लंदन से ही निकलेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">टेरीजा मे का दावा, ब्रेक्जिट डील पर मिल गई सफलता</h2>
<p style="text-align:justify;">ब्रिटिश ससंद में ब्रेक्जिट पर ऐतिहासिक मतदान के पूर्व यूरोपीय कमीशन के अध्‍यक्ष ज्‍यां क्‍लाउड जंकर ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि यह समझौता सदन से पास नहीं होता तो तीसरा मौका नहीं दिया जाएगा। बता दें कि ब्रेक्जिट से निकलने के लिए 29 मार्च की तारिख निर्धारित की गई है। सदन में यह प्रस्‍ताव लाए जाने के पूर्व स्‍ट्रासबर्ग में लंबी बैठक के बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने कहा था कि इस समझौते के सभी पहलुओं की जाचं कर ली गई है।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Mar 2019 12:30:27 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>ब्रिटेन के पहले सिख सांसद तनमनजीत ढेसी को अब ब्रिटिश सरकार के रुख का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[फगवाड़ा। ब्रिटेन सरकार के पास पड़े ऑप्रेशन ब्लू स्टार से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे ब्रिटेन के पहले सिख सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी को अब अदालत के आदेश के बाद ब्रिटिश सरकार की कार्रवाई का इंतजार है। सलोह से सांसद ढेसी ने कहा, उन्होंने सेक्रेट्री ऑफ डिफेंस को पत्र लिख इस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/uks-first-sikh-mp-tanmajit-dhesi-awaiting-british-government/article-4163"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/kjkj-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>फगवाड़ा।</strong> ब्रिटेन सरकार के पास पड़े ऑप्रेशन ब्लू स्टार से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे ब्रिटेन के पहले सिख सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी को अब अदालत के आदेश के बाद ब्रिटिश सरकार की कार्रवाई का इंतजार है। सलोह से सांसद ढेसी ने कहा, उन्होंने सेक्रेट्री ऑफ डिफेंस को पत्र लिख इस संबंधी बयान जारी करने को कहा था तो उन्हें कहा गया था कि सरकार की नीति और सुरक्षा कारणों से टिप्पणी नहीं की जा सकती। ब्रिटेन के कानून के अनुसार किसी भी दस्तावेज को 30 साल से ज्यादा गोपनीय नहीं रखा जा सकता। उक्त घटना को 30 साल हो चुके हैं। साल 2014 में आॅप्रेशन ब्लू स्टार के 30 साल पूरे होने के चलते सार्वजनिक हुए इन दस्तावेजों से पता चला था कि आप्रेशन ब्लू स्टार में ब्रिटेन की सरकार ने भी सलाह दी थी।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Jun 2018 15:37:38 +0530</pubDate>
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