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                <title>संयमित भाषा ही उच्च राजनीति का आधार</title>
                                    <description><![CDATA[राजनीति (Politics) और भाषा का गहरा संबंध है। काबिल राजनेता गंभीर से गंभीर बात को भी संयम व संकोच भरे शब्दों में कह देता है लेकिन स्वार्थी और अयोग्य नेता अपनी राजनीति चमकाने व मीडिया की सुर्खियां बटोरने के लिए भाषा का प्रयोग इतनी गैर-जिम्मेदारी से करते हैं कि वे समाज में नफरत बढ़ाते हैं। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">राजनीति (<span lang="en" xml:lang="en">Politics</span>) और भाषा का गहरा संबंध है। काबिल राजनेता गंभीर से गंभीर बात को भी संयम व संकोच भरे शब्दों में कह देता है लेकिन स्वार्थी और अयोग्य नेता अपनी राजनीति चमकाने व मीडिया की सुर्खियां बटोरने के लिए भाषा का प्रयोग इतनी गैर-जिम्मेदारी से करते हैं कि वे समाज में नफरत बढ़ाते हैं। केंद्रीय मंत्री धर्मेंन्द्र प्रधान ने सख्त शब्दों में कहा है कि भारत में रहना है तो भारत माता की जय कहना ही पड़ेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ऐसा कुछ ही उत्तर प्रदेश के एक पुलिस अधिकारी ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं को पाकिस्तान जाने के लिए कह दिया। सरकार के शब्दों में नागरिकता संशोधन कानून स्पष्ट है जिसमें किसी को भी बाहर नहीं भेजा जा रहा है। न हिंदूओं, न मुस्लमानों को, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रोष प्रदर्शन करने वालों को समझाने के लिए काफी दलीलें दी हैं। उनका उद्देश्य भड़के लोगों को शांत करना है।</h4>
<p style="text-align:justify;">अमन शान्ति देश की ताकत है और विकास के लिए जरूरी है। फिर भी कुछ नेता अपनी ही पार्टी की सरकार की परवाह न कर भड़काऊ बयानबाजी कर रहे हैं जो देश में रहना चाहता है वह भारत माता का शत्रु कैसे हो सकता है? जो भारत में रहना चाहता है उस पर दबाव बनाकर पाकिस्तान का हितैषी बनाने के पीछे भी कोई तुक नहीं। जब छोटे व मझोले नेता अमन व शांति की बातें करेंगे तब जनता में उसका प्रभाव भी अच्छा होता है, इसीलिए यह आवश्यक हो गया है कि वरिष्ठ नेता पंक्ति दो के नेताओं को मर्यादा का पाठ पढ़ाएं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">वास्तव में यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि केवल विवादित बयान से ही राजनीति (<span lang="en" xml:lang="en">Politics</span>)नहीं होती बल्कि यह देश की एकता से खिलवाड़ है। भाजपा के साथ-साथ विरोधी पार्टियों के नेताओं के तीखे प्रहार भी जारी हैं, जो देशहित में नहीं। देश के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की टिप्पणी भी उनके कद मुताबिक निम्न स्तर की है। देवगौड़ा का कहना है कि बेरोजगारी का कारण घुसपैठियों की मौजूदगी है।</h4>
<p style="text-align:justify;">हालांकि बेरोजगारी का मुद्दा बड़ा पेचीदा है जिसके कई पहलू हैं। 70 वर्ष की बेरोजगारी पर पहले कोई चर्चा नहीं हुई जिसमें घुसपैठियों का जिक्र हो। केवल कुछ कहना ही है इसके लिए बयान देना ठीक नहीं। राजनीति(<span lang="en" xml:lang="en">Politics</span>) में तर्क व तथ्य छोटे पड़ते जा रहे हैं जिसने देश को अनदेखा कर दिया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कभी राजनेताओं के बोले हुए शब्द कहावत व पथप्रदर्शक बनने की सामर्थ्य रखते थे अब जो बाद में दीवारों, पुस्तकों, मुद्रा, स्तम्भों पर लिखे जाते थे। अब अधिकतर नेताओं को अपने कहे पर या तो माफी मांगनी पड़ती है या फिर कहना पड़ता है कि उसके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है अर्थात इनके बोल मूल्यहीन होकर कलहकारी हो गए हैं।</h4>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/moderate-language-is-the-basis-of-high-politics/article-12087</link>
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                <pubDate>Sun, 29 Dec 2019 20:31:03 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>14 साल जेल की सजा काटने व मौत के पांच साल बाद माथे से मिटा देशद्रोह का कलंक</title>
                                    <description><![CDATA[देशद्रोह मामले में उम्रकैद की 14 साल की सजा काट रहे तीन लोगों को कलकत्ता हाईकोर्ट ने बरी कर दिया। इनमें से एक की मरने के पांच साल बाद देशद्रोह के कलंक से मुक्ति मिली कोलकाता एजेंसी। देशद्रोह के मामले में 14 साल से उम्रकैद की सजा काट रहे तीन लोगों को कलकत्ता हाईकोर्ट ने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/calcutta-high-court/article-9694"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-06/calcutta-high-court.jpg" alt=""></a><br /><h2>देशद्रोह मामले में उम्रकैद की 14 साल की सजा काट रहे तीन लोगों को कलकत्ता हाईकोर्ट ने बरी कर दिया। इनमें से एक की मरने के पांच साल बाद देशद्रोह के कलंक से मुक्ति मिली</h2>
<p><strong>कोलकाता एजेंसी।</strong> देशद्रोह के मामले में 14 साल से उम्रकैद की सजा काट रहे तीन लोगों को कलकत्ता हाईकोर्ट ने बरी कर दिया। इनमें से एक की मौत हो चुकी जिन्हें मरने के पांच साल बाद देशद्रोह के कलंक उन्हें मुक्ति मिली है। तीनों को निचली अदालत ने 2005 में देशद्रोह के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।</p>
<h2>निचली अदालत के इस फैसले को 2006 में कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी गई</h2>
<p>इसके बाद निचली अदालत के इस फैसले को 2006 में कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हालांकि इस मामले पर फैसला आने से पहले ही निचली अदालत में दोषी करार सुशील राय की मौत 2014 में हो गई। हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव बनर्जी व जस्टिस शुभ्रा घोष की खंडपीठ ने शुक्रवार तो तीनों को देशद्रोह के आरोपों से मुक्त कर दिया।</p>
<p>गौरतलब है कि सुशील राय, पतितपावन हल्दर व संतोष देवनाथ को राज्य के कभी माओवाद प्रभावित जंगलमहल के झाड़ग्राम से गिरफ्तार किया गया था। उन पर आम लोगों को सरकार के खिलाफ हथियार उठाने के लिए उकसाने का आरोप लगा था। निचली अदालत में दोषी करार दिए गए तीनों के अधिवक्ता अम‌र्त्य घोष के अनुसार उनके मुवक्किलों के पास से कुछ माओवादी साहित्य व अन्य सामग्रियां बरामद हुई थीं, लेकिन हथियार नहीं मिले थे।</p>
<p>तीनों के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उनके मुव्वकिलों को पुलिस ने देशद्रोह व आ‌र्म्स एक्ट के झूठे मामले में फंसाया था, जबकि पुलिस का दावा किया था कि उन लोगों के हुगली स्थित किराए के मकान से पास जिलेटिन स्टीक के साथ .303 की राइफल बरामद हुई थी।</p>
<p>पुलिस के दावों को खारिज करते हुए प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जहां से हथियारों की बरामदगी हुई थी, वहां उनके मुवक्किलों के रहने के कोई कागजी सबूत नहीं है। इधर वादी पक्ष के सरकारी अधिवक्ता एन अहमद ने इन तमाम दावों को खोखला बताते हुए दोषी करार दिए गए तीनों को हार्डकोर माओवादी बताया। हालांकि दोनों पक्षों की दलील सुनने व पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य व गवाहों की बातें सुनने के बाद खंडपीठ ने तीनों को सभी आरोपों से बरी कर दिया।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Jun 2019 11:14:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में रजिस्टर्ड वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य</title>
                                    <description><![CDATA[ऐसा न होने पर जुर्माना देने के साथ  जाना पड़ सकता है जेल नई दिल्ली (सच कहूँ) Edited By Vijay Sharma। दिल्ली में रजिस्टर्ड वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य होगा। ऐसा न होने पर जुर्माना देने के साथ ही जेल जाना पड़ सकता है। दिल्ली परिवहन विभाग ने अक्टूबर से ऐसी गाड़ियों के खिलाफ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/it-is-mandatory-to-have-high-security-number-plates-in-registered-vehicles/article-6001"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/car.jpg" alt=""></a><br /><h2>ऐसा न होने पर जुर्माना देने के साथ  जाना पड़ सकता है जेल</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ) Edited By Vijay Sharma। </strong>दिल्ली में रजिस्टर्ड वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य होगा। ऐसा न होने पर जुर्माना देने के साथ ही जेल जाना पड़ सकता है। दिल्ली परिवहन विभाग ने अक्टूबर से ऐसी गाड़ियों के खिलाफ अभियान चलाने का निर्णय लिया है, जिनमें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी होगी। यह अभियान 14 अक्टूबर से चलेगा। वाहन मालिकों को राहत देने के लिए अक्टूबर से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी जो 13 अक्टूबर तक चलेगी</p>
<h2>13 अक्टूबर तक का  दिया समय</h2>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि राजधानी दिल्ली में एक करोड़ से अधिक वाहन हैं। नए वाहनों में पहले से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगी हुई हैं, जबकि पुरानी कारों और दोपहिया वाहनों को नंबर प्लेट बदलने के लिए 13 अक्टूबर तक का समय दिया जाएगा। नंबर प्लेट बदलने के लिए दिल्ली में 13 केंद्र खोले जाएंगे। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है या अन्य विकल्प की व्यवस्था की जाएगी।</p>
<h2>विभाग की वेबसाइट पर  कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन</h2>
<p style="text-align:justify;">केंद्रों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली परिवहन विभाग ने विशेष सॉफ्टवेयर बनाया है, जिसकी मदद से लोग नंबर प्लेट बदलने के लिए विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के आधार पर संबंधित व्यक्ति को टोकन दिया जाएगा, जिसमें समय और तारीख के बारे में जानकारी होगी। फीस सहित अन्य सभी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। दोपहिया के लिए 67 रुपये और चारपहिया वाहनों के लिए 13 रुपये चुकाने पड़ सकते हैं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में सभी नंबर उभरे हुए होंगे।</li>
<li style="text-align:justify;">इंडिया लिखा हुआ बारकोड वाला क्रोमियम होलोग्राम होगा।</li>
<li style="text-align:justify;">बार कोड से गाड़ी की पूरी जानकारी ऑनलाइन मिलेगी।</li>
<li style="text-align:justify;">लेजर से लिखा दस अंकों का यूनिक सीरियल नंबर होगा।</li>
<li style="text-align:justify;">आरटीओ या ट्रैफिक पुलिस द्वार बार कोड स्कैन करते ही वाहन की पूरी जानकारी मिल जाएगी।</li>
<li style="text-align:justify;">हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की इस व्यवस्था का एलान केंद्र ने 001 में किया था।</li>
<li style="text-align:justify;">इसमें राज्यों को निविदाएं आमंत्रित करने का अधिकार दिया गया था।</li>
<li style="text-align:justify;">शीला दीक्षित सरकार के दौरान प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन टेंडर को लेकर विवाद हो गया था।</li>
</ul>
<h2>दिल्ली के साथ एनसीआर में लगभग 40 लाख गाड़ियां से ज्यादा पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं</h2>
<p>परिवहन विभाग के एक अधिकारी की मानें तो दिल्ली के साथ एनसीआर में लगभग 40 लाख गाड़ियां से ज्यादा पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं हैं। इनमें फोर व्हीलर और टू-व्हीलर दोनों वाहन शामिल हैं। अधिकारी के मुताबिक नए नंबर प्लेट देने के लिए दिल्ली में 13 अधिकृत सेंटर हैं। गौरतलब है कि 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का आदेश दिया था। दिल्ली में अप्रैल 2012 में हाई सिक्यॉरिटी नंबर प्लेट लगाने शुरू कर दिए गए थे।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Sep 2018 09:30:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज इस्लामाबाद हाई कोर्ट में अपील करेंगे नवाज शरीफ</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। भ्रष्टाचार के मामले में रावलपिंडी के अदियाला जेल में कैद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज की तरफ से सोमवार को इस्लामाबाद हाई कोर्ट मे अपील दाखिल होगी। हालांकि अभी इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि अदालत इनकी अपील पर नियमित तौर पर सुनवाई […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/nawaz-sharif-to-appeal-in-islamabad-high-court-today/article-4850"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/nawaz.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong></p>
<p style="text-align:justify;">भ्रष्टाचार के मामले में रावलपिंडी के अदियाला जेल में कैद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज की तरफ से सोमवार को इस्लामाबाद हाई कोर्ट मे अपील दाखिल होगी। हालांकि अभी इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि अदालत इनकी अपील पर नियमित तौर पर सुनवाई करेगी या नहीं। 68 साल के नवाज और उनकी बेटी को शुक्रवार को लंदन से लौटने के बाद लाहौर में गिरफ्तार कर लिया गया था. बता दें कि 6 जुलाई के फैसले में पाकिस्तान की एहतिसाब (अकाउंटेबिलिटी) अदालत ने इवनफील्ड संपत्ति भ्रष्टाचार के मामले में नवाज शरीफ को 10 साल, मरियम नवाज को 7 साल व दामाद कैप्टन (रिटायर्ड) सफदर को एक साल की सजा सुनाई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तानी अखबार डॉन की खबर के मुताबिक नवाज शरीफ के वकीलों की एक टीम वकालतनामे पर हस्ताक्षर करवाने अदियाला जेल गई थी। सूत्रों के मुताबिक नवाज शरीफ की लीगल टीम न सिर्फ पाकिस्तान की एहतिसाब (अकाउंटेबिलिटी) अदालत के 6 जुलाई के फैसले को चुनौती देगी बल्की वे पाकिस्तान की अंतरिम सरकार के कानून मंत्रालय के जेल ट्रायल संबंधी अधिसूचना को भी चुनौती देगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के मुताबिक सोमवार को नवाज शरीफ खानदान के वकील तीनों के दोषी करार दिए जाने के फैसले के खिलाफ अलग-अलग तीन अपील इस्लामाबाद हाई कोर्ट मे दाखिल करेंगे। साथ ही तीन अन्य अपील पाकिस्तान की एहतिसाब (अकाउंटेबिलिटी) अदालत के फैसले को स्थगित करने के लिए भी हाई कोर्ट मे सोमवार को ही दाखिल होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अब जब नवाज शरीफ के वकील कोर्ट में अपील करेंगे तो देखना होगा कि 25 जुलाई को पाकिस्तान में होने वाले आम चुनाव से पहले नवाज शरीफ परिवार को राहत मिलती है या उन्हें आगे भी जेल में वक्त बिताना पड़ेगा।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Jul 2018 02:48:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली हाई कोर्ट ने मेट्रो कर्मियों की हड़ताल पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[हाई कोर्ट के इस फैसले से 25 लाख यात्रियों को राहत Delhi High Court stops execution of Metro workers strike नई दिल्ली(एजेंसी)। हाई कोर्ट सेे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के हजारों कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से रोक लगा दी है (Delhi High Court stops […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/delhi-high-court-stays-metro-workers-strike/article-4569"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/metro-workers-strike.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">हाई कोर्ट के इस फैसले से 25 लाख यात्रियों को राहत</h2>
<h3 style="text-align:justify;">Delhi High Court stops execution of Metro workers strike</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली(एजेंसी)। </strong>हाई कोर्ट सेे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के हजारों कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से रोक लगा दी है (Delhi High Court stops execution of Metro workers strike)। इसके साथ ही अदालत ने नोटिस जारी कर हड़ताली कर्माचारियों से भी जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई अब 6 जुलाई को होगी। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने माना कि दिल्ली मेट्रो वर्तमान समय में दिल्ली की लाइफ लाइन बन चुकी है और ये जनसेवा के आधार पर चलती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर आदेश के बावजूद भी  कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं तो उन पर अदालत की अवमानना का मामला चलाया जाएगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">6 जुलाई तक जवाब देने का आदेश</h2>
<p style="text-align:justify;">डीएमआरसी ने दिल्ली हाई कोर्ट में दलील दी कि कर्मचारियों से जुड़ी कुछ मांगो को मान लिया गया था। इस पर 23 जुलाई तक फैसला किया जाना था। इसी बीच कर्मचारियों ने नई मांगें रख दीं। मामले की गंभीरता और लाखों लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हाई कोर्ट ने दिल्ली मेट्रो कर्मचारियों की हड़ताल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी और यूनियन को 6 जुलाई तक जवाब देने के आदेश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">डीएमआरसी कर्मचारी यूनियन के महासचिव महावीर प्रसाद ने कहा कि पिछले साल डीएमआरसी ने जिन मांगों को पूरा करने के लिए आश्वासन दिया था वे अभी तक पूरी नहीं की गईं। कर्मचारियों को पांच साल पर पदोन्नति देने का प्रावधान है, लेकिन कर्मचारी 10 साल से एक ही पद पर काम कर रहे हैं। ग्रेड वेतनमान 13,500-25,520 रुपये का ग्रेड वेतनमान 14,000-26,950 रुपये में विलय जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Jun 2018 08:37:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा- आप किसी के दफ्तर में घुसकर ऐसे धरना नहीं दे सकते</title>
                                    <description><![CDATA[सोमवार को केजरीवाल के धरने का आठवां दिन है नई दिल्ली। आईएएस अफसरों की हड़ताल खत्म कराने की मांग को लेकर उपराज्यपाल के दफ्तर में धरने पर बैठे अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भाजपा ने सोमवार को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। भाजपा विधायक विजेंदर गुप्ता ने हाईकोर्ट से अपील की है अपील में इस हड़ताल को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/high-court-aed-delhi-government-you-can-not-someones-office/article-4294"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/kjkj-copy-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">सोमवार को केजरीवाल के धरने का आठवां दिन है</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">आईएएस अफसरों की हड़ताल खत्म कराने की मांग को लेकर उपराज्यपाल के दफ्तर में धरने पर बैठे अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भाजपा ने सोमवार को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। भाजपा विधायक विजेंदर गुप्ता ने हाईकोर्ट से अपील की है अपील में इस हड़ताल को खत्म कराने की मांग की है भजपा विधायक विजेंदर गुप्ता ने। इस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार से कहा कि आप किसी के दफ्तर या घर में घुसकर ऐसे हड़ताल नहीं कर सकते। इस तरह के धरने को मंजूरी किसने दी। अगली सुनवाई 22 जून को होगी।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Jun 2018 13:52:06 +0530</pubDate>
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                <title>थोक महंगाई 14 महीने के उच्चतम स्तर पर</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। फल एवं सब्जियों और खाद्य पदार्थों के साथ ही ईंधन की कीमतों में आई तेजी से इस वर्ष मई में थोक मूल्य सूचंकाक पर आधारित महंगाई 14 महीने के उच्चतम स्तर 4.43 प्रतिशत पर पहुंच गई जो इस वर्ष अप्रैल में 3.18 प्रतिशत और पिछले वर्ष मई में 2.26 प्रतिशत रही थी। इससे पहले […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/wholesale-inflation-rises-to-14-month-high/article-4166"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/thok.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>फल एवं सब्जियों और खाद्य पदार्थों के साथ ही ईंधन की कीमतों में आई तेजी से इस वर्ष मई में थोक मूल्य सूचंकाक पर आधारित महंगाई 14 महीने के उच्चतम स्तर 4.43 प्रतिशत पर पहुंच गई जो इस वर्ष अप्रैल में 3.18 प्रतिशत और पिछले वर्ष मई में 2.26 प्रतिशत रही थी। इससे पहले मार्च 2017 में थोक महंगाई 5.11 प्रतिशत के उच्चतम स्तर पर रही थी। वीरवार को जारी थोक महंगाई के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मई 2018 में खाद्य पदार्थों की महंगाई 1.60 प्रतिशत रही जबकि अप्रैल में यह 0.87 प्रतिशत रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह से सब्जियों की थोक महंगाई भी अप्रैल 2018 के 0.89 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर 2.51 प्रतिशत पर पहुंच गयी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में आयी तेजी के मद्देनजर घरेलू बाजार में उसकी कीमतों में हुयी बढोतरी से ईंधन एवं पावर की महंगाई अप्रैल 2018 के 7.85 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर 11.22 फीसदी हो गयी। मई 2018 में आलू की कीमतों में सबसे अधिक बढोतरी दर्ज की गयी। अप्रैल में इसमें 67.94 प्रतिशत की बढोतरी हुयी थी जो मई में बढ़कर 81.93 प्रतिशत पर पहुंच गयी। इसी तरह से फलों की कीमतों में भी 15.40 प्रतिशत की बढोतरी हुयी जबकि दाल की कीमतों में 21.13 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Jun 2018 20:01:59 +0530</pubDate>
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