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                <title>unemployment - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Employment Department: युवाओं पर बेरोजगारी की मार, कैथल जिले के 16 हजार से अधिक युवा ले रहा बेरोजगारी भत्ता</title>
                                    <description><![CDATA[अब तक जिला रोजगार कार्यालय से जारी किया जा चुका 223 करोड़ रुपए बेरोजगारी भत्ता | Kaithal News यूवाओ का कहना है कि उम्र सीमा 35 से बढ़ाकर 40 वर्ष करे सरकार कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। Employment Department Kaithal: बेरोजगारी एक बड़ी समस्या होती जा रही है। रोजगार ने मिलने के कारण युवा विदेशो की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/more-than-sixteen-thousand-youth-of-kaithal-district-are-taking-unemployment-allowance/article-67463"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-02/kaithal-news-5.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">अब तक जिला रोजगार कार्यालय से जारी किया जा चुका 223 करोड़ रुपए बेरोजगारी भत्ता | Kaithal News</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>यूवाओ का कहना है कि उम्र सीमा 35 से बढ़ाकर 40 वर्ष करे सरकार</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। </strong>Employment Department Kaithal: बेरोजगारी एक बड़ी समस्या होती जा रही है। रोजगार ने मिलने के कारण युवा विदेशो की तरफ मुंह करने लगे है। हालाँकि प्रदेश सरकार ने नवंबर 2016 में बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के लिए सक्षम योजना शुरु की थी, जिसका लाभ जिले के युवा भी ले रहे है। योजना के तहत जनवरी 2025 तक कैथल जिले के 16 हजार युवा सक्षम योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता प्राप्त कर रहे है। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">योजना शुरू होने से दिसम्बर 2024 तक जिले में सक्षम योजना के तहत पंजीकृत हुए युवाओं को जिला रोजगार कार्यालय कैथल की तरफ से भत्ता और मानदेय राशि के रूप में 223 करोड़ रूपये भत्ता जारी किया जा चूका है। बाहरवी पास युवाओं को करीब 90 करोड़ रुपए, स्नातक पास युवाओं को करीब 69 करोड़ रुपए और स्नातकोत्तर पास यूवाओ को करीब 63 करोड़ रुपए के भत्ते और मानदेय दिए गए है। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">योजना के तहत बाहरवी पास कर चुके 38 हजार 96 युवाओ ने अब तक जिला रोजगार कार्यालय में आवेदन किया है जिनमे से 11 हजार 622 युवा स्कीम का लाभ ले रहे है। स्नातक कर चुके 13 हजार 71 युवाओ ने आवेदन किया है और 3472 युवा योजना का फायदा उठा रहे है। स्नातकोत्तर कर चुके 5767 युवाओ ने आवेदन किया है जिनमे से 910 युवा भत्ते का लाभ ले रहे है। कुल 16 हजार युवा योजना का लाभ उठा रहे है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सक्षम युवा स्कीम के तहत ये मिलता है लाभ | Kaithal News</h3>
<p style="text-align:justify;">12वीं पास को 900 रुपये प्रतिमाह, ग्रेजुएट को 1500 रुपये प्रतिमाह, पोस्ट ग्रेजुएट को तीन हजार रुपये प्रतिमाह। वहीं 100 घंटे काम मिलने के बाद इस योजना के तहत 12वीं पास को 6900 रुपये प्रतिमाह, ग्रेजुएट को 7500 रुपये प्रतिमाह व पोस्ट ग्रेजुएट को नौ हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। इस योजना के तहत प्रार्थी को तीन साल यानी पुराना पंजीकरण के खत्म होने से एक सप्ताह पहले ऑनलाइन पोर्टल पर रिन्यू करवाना होता है। प्रार्थी को 35 वर्ष तक इस योजना का लाभ मिलता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सामान्य भत्ता स्कीम</h3>
<p style="text-align:justify;">12वीं से पोस्ट ग्रेजुएट तक के पास आउट जिन युवाओं का किसी कारण सक्षम योजना में रजिस्ट्रेशन नहीं होता उन्हें भी रोजगार विभाग बेरोजगारी भत्ता देता है। इसे सामान्य भत्ता स्कीम भी कहा जाता है। 232 युवा इस सामान्य भत्ता स्कीम का लाभ ले रहे है। इसमें 12वी पास युवाओ को 900 रूपये ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट को 1500 रूपये भत्ते के रूप में दिए जाते है। रोजगार कार्यालय में न्यू रजिस्ट्रेशन के बाद जब तीन साल पूरे हो जाते हैं तो आवेदक को फाइल लगानी पड़ती है। फाइल की क्रॉस वेरिफिकेशन के बाद भत्ता मिलना शुरू होता है। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">रोजगार विभाग युवाओं को 35 साल की उम्र तक बेरोजगारी भत्ता देता है। सक्षम योजना में उम्मीदवार हरियाणा के मान्यता प्राप्त शिक्ष्ण संस्थानों से रेगुलर में पास आउट होना चाहिए जबकि सामान्य भत्ता के लिए डिग्री होनी चाहिए चाहे वह किसी भी कॉलेज, यूनिवर्सिटी से हो | इसमें पहले उम्मीदवार से सिर्फ पंजाब नेशनल बैंक का ही खाता माँगा जाता था लेकिन अब सरकार ने युवाओ को राहत दी है और उम्मीदवार किसी भी बैंक खाते का प्रयोग कर सकता है</p>
<h3 style="text-align:justify;">उम्र सीमा बढ़ाकर 40 वर्ष की जाए: युवा</h3>
<p style="text-align:justify;">रोजगार की कतार में लगे युवा तीन हजार भत्ता और काम के बदले छह हजार मानदेय पाकर खुश तो हैं, लेकिन युवाओ की कुछ मांगे और समस्याएं है। सक्षम युवाओं का कहना है कि उन्हें हर दो या तीन महीने बाद नहीं बल्कि लगातार काम दिया जाए। इसके अलावा मानदेय और भत्ता जो कई महीने बाद मिलता है उसको हर महीने दिया जाए, ताकि उन्हें अपनी रोजाना की जरूरतों को पूरी करने में दिक्कतें ना आएं। उनकी मांग है कि सरकार इसके लिए उम्र सीमा को 35 से बढ़ाकर 40 साल कर दे और काम के घंटे बढ़ाकर मानदेय को भी दोगुना कर दे, ताकि उनके परिवार को पालन पोषण बढि़या हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">सहायक रोजगार अधिकारी रविन्द्र ने बताया कि जिले में सक्षम योजना के तहत युवाओं को भत्ता दिया जा रहा है। 16 हजार से अधिक युवा सक्षम योजना का लाभ लेकर भत्ता प्राप्त कर रहे है। समय समय पर युवाओं को गाइडेंस भी दी जाती है। रोज़गार विभाग स्कूलों में करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित करता है ताकि बच्चों के भविष्य को आकार दिया जा सके। इसके अलावा, यह समय-समय पर रोजगार मेले भी आयोजित करता है ताकि बेरोजगारी को कम किया जा सके और बेहतर नौकरी के अवसर प्रदान किए जा सकें। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="PM E-Bus Seva Yojana: लुधियाना, अमृतसर, जालंधर व पटियाला को मिलेंगी 347 ई-बसें" href="http://10.0.0.122:1245/ludhiana-amritsar-jalandhar-and-patiala-will-get-three-hundred-forty-seven-e-buses/">PM E-Bus Seva Yojana: लुधियाना, अमृतसर, जालंधर व पटियाला को मिलेंगी 347 ई-बसें</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/more-than-sixteen-thousand-youth-of-kaithal-district-are-taking-unemployment-allowance/article-67463</link>
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                <pubDate>Sun, 16 Feb 2025 20:42:04 +0530</pubDate>
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                <title>Inflation, Unemployment : महंगाई, बेरोजगारी व असंतोष पर पाना होगा काबू</title>
                                    <description><![CDATA[Inflation and Unemployment ललित गर्ग। अठाहरवीं लोकसभा चुनाव के नतीजे भले ही अपने अंदर कई संदेशों को समेटे हुए हैं, भले ही भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला हो, भले ही इंडिया गठबंधन एक चुनौती के रूप में खड़ा हुआ हो, फिर भी तीसरी बार नरेन्द्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बनते हुए नये […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/inflation-and-unemployment/article-58457"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-06/inflation.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>Inflation and Unemployment</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>ललित गर्ग।</strong> अठाहरवीं लोकसभा चुनाव के नतीजे भले ही अपने अंदर कई संदेशों को समेटे हुए हैं, भले ही भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला हो, भले ही इंडिया गठबंधन एक चुनौती के रूप में खड़ा हुआ हो, फिर भी तीसरी बार नरेन्द्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बनते हुए नये भारत एवं सशक्त भारत को निर्मित करने के लिये वे पहले दो कार्यकाल से अधिक शक्ति, संकल्प एवं जिजीविषा के साथ आगे बढ़ रहे हैं। सीटों के लिहाज से भाजपा को भले ही नुकसान हुआ, लेकिन लगातार तीसरी बार वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। ओडिशा और तेलंगाना में पार्टी ने अपने शानदार प्रदर्शन से सबको चौंकाया है। ओडिशा में लोकसभा ही नहीं, विधानसभा में भी पार्टी ने बीजू जनता दल का 24 साल से चला आ रहा वर्चस्व तोड़ा। अरुणाचल प्रदेश की 60 सदस्यीय विधानसभा चुनाव में 54 प्रतिशत मत और 46 सीटों के प्रचंड बहुमत के बल पर भाजपा सरकार बनाने में सफल हुई है। वहीं, गुजरात, छतीसगढ़ और मध्य प्रदेश भाजपा के गढ़ बने हुए हैं, जबकि देश की राजनीति में अब भी मोदी सबसे बड़े एवं वर्चस्वी नेता है। वे अब भी अपने चौंकाने वाले एवं आश्चर्य में डालने वाले विलक्षण एवं अनूठे फैसलों से राष्ट्र को विकास की नई उड़ान देते रहेंगे। भाजपा को कम सीटें मिले कारणों की समीक्षा एवं मंथन करते हुए अपनी हार के कारणों को सहजता एवं उदारता से स्वीकारना चाहिए एवं जिन गलतियों के कारण कम सीटें मिली, उन्हें दूर करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार के चुनाव को नियोजित एवं प्रभावी तरीके से सम्पन्न करने में चुनाव आयोग की भूमिका सराहनीय रही। भले ही इंडिया गठबंधन ने ईवीएम और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह लगाकर देश एवं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कलंकित किया था। लेकिन चुनाव परिणाम ने न केवल इस प्रकार के भ्रामक, गुमराह करने वाली बातों एवं मिथकों को तोड़ दिया, बल्कि इसने भारत के जीवंत, बहुलतावादी, पंथनिरपेक्षी और स्वस्थ लोकतांत्रिक छवि को पुनर्स्थापित किया है। प्रधानमंत्री मोदी का अंधविरोध करने वाला वाम-जिहादी-सम्प्रदायवादी राजनीतिक समूह अपने इस वाहियात प्रलाप एवं राष्ट्र-विरोधी षड़यंत्र में कोई कमी नहीं छोड़ी। बावजूद इसके इंडिया गठबंधन के घटक दलों के लिये चुनाव परिणाम अनेक अर्थों में संतोषजनक रहे हैं। कांग्रेस के लिये यह चुनाव नये जीवन का वाहक बना हैं। वैसे भी एक आदर्श लोकतंत्र के लिये सशक्त विपक्ष का होना जरूरी है, यही लोकतंत्र को खूबसूरती देता है। भारतीय मतदाताओं ने इंडिया गठबंधन को विपक्षी भूमिका प्रभावी ढंग से निभाने का संदेश दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार के चुनाव परिणाम अनेक राजनीतिक दलों के सामने भी अनेक प्रश्न खड़े किए हैं। कौन जेल में रहेगा, इसका फैसला अदालतें करती हैं। परंतु दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस चुनाव को अपने जेल के अंदर रहने या बाहर रहने का अधिकार मतदाताओं को सौंपा था, जिसका नतीजा यह रहा कि उनके शासित वाले दिल्ली में ‘आप’ का खाता तक नहीं खुला, तो वहीं उनकी पार्टी पंजाब में विधानसभा चुनाव-2022 का चमत्कार दोहराने में विफल हो गई और 13 में से केवल 3 सीटें ही जीत पाई। शरद पवार का राजनीतिक वारिस कौन और असली शिवसेना किसकी? क्या माया और ममता अब भी ताकतवर हैं? यह चुनाव ऐसे ही कई सवालों के साथ शुरू हुआ था। इनमें से कुछ के जवाब मिल गए हैं और कुछ के बाकी हैं। जिस तरह के नतीजे आए हैं, उससे यह संदेह भी पैदा हुआ है कि क्या देश में आर्थिक सुधार जारी रहेंगे? क्या देश विकास के पथ पर अग्रसर होता रहेगा? नीतिगत स्थिरता का क्या होगा? शायद इसी संदेह की वजह से शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। लेकिन नरेन्द्र मोदी के पहले भाजपा मुख्यालय में दिये उद्बोधन एवं गठबंधन दलों के साथ हुई बैठक में इन सवालों के जवाब काफी हद तक मिल गए, जिससे शेयर बाजार ने भी तेजी पकड़ी है एवं भाजपा एवं सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">गठबंधन सरकारों के कुछ सकारात्मक पक्ष होते हैं तो कुछ नकारात्मक पक्ष भी। गठबंधन सरकारों का नेतृत्व करने वाले को घटक दलों से समन्वय के साथ चलना होता है। इसमें समस्या तब आती है, जब घटक दल अनुचित मांगें मनवाने लगते हैं अथवा सौदेबाजी करने की कोशिश करते हैं या फिर अपने संकीर्ण हितों की पूर्ति के लिए दबाव की राजनीति करने लगते हैं। इन स्थितियों से निबटने के लिये मोदी सरकार पहले ही अन्य निर्दलयी सांसदों एवं अन्य राजनीतिक दलों को अपने साथ जोड़ने का उपक्रम कर रही है। सहयोगी दल अनुचित मांग एवं दबाव की बजाय अपने राज्य के राजनीतिक एवं आर्थिक हितों की चिंता करें, लेकिन ऐसा करते समय उन्हें राष्ट्रीय हितों को ओझल नहीं करना चाहिए। यह उन्हें भी सुनिश्चित करना चाहिए कि गठबंधन सरकार सुगम तरीके से चले।</p>
<p style="text-align:justify;">निश्चित ही मोदी सरकार के सामने चुनौतीपूर्ण स्थितियां हैं, जिस तरह महाभारत युद्ध में पांडवों के सामने जटिल स्थितियां थी। आज द्रोण नहीं तुष्टिकरण है, कृपाचार्य नहीं भ्रष्टाचार है, अश्वत्थामा नहीं आतंकवाद है, दुर्याेधन नहीं महत्वाकांक्षा एवं अनैतिकता है, शकुनि नहीं आंतरिक और वैश्विक षड्यंत्र है, राष्ट्रवाद नहीं समस्त प्रकार की विघटनकारी शक्तियां-भाषावाद, क्षेत्रवाद, जातिवाद, सम्प्रदायवाद, स्वार्थवाद आदि हैं और कर्ण नहीं कट्टरवाद है। साथ में महंगाई, बेरोजगारी, असंतोष आदि की अत्यंत जटिल समस्याएं भी हैं और अब भी भारत इनमें फंसा हुआ है। नरेन्द्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल में इन सबसे कैसे निपटेंगे यह तो समय ही बताएगा।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>-(यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/news-brief/inflation-and-unemployment/article-58457</link>
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                <pubDate>Sat, 08 Jun 2024 10:45:50 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Youth Unemployment : आखिर कब दूर होगी युवाओं की उदासीनता </title>
                                    <description><![CDATA[चुनाव और युवा : आत्महत्या करने वालों में आर्थिक रूप से वंचित 75 प्रतिशत युवा हैं शामिल || Youth Unemployment Youth Unemployment: भारत के विदेश मंत्री ने हाल ही में एक प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्र में लिखा कि यह अमृतकाल अर्थात एक सशक्त और समावेशी अर्थव्यवस्था का पहला आम चुनाव है और हमारे युवाओं को […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/youth-unemployment-in-india/article-57480"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/employment-crisis-in-punjab-unemployment-rate-7.4.gif" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<h3 style="text-align:center;"><strong>चुनाव और युवा : आत्महत्या करने वालों में आर्थिक रूप से वंचित 75 प्रतिशत युवा हैं शामिल || Youth Unemployment</strong></h3>
<p>Youth Unemployment: भारत के विदेश मंत्री ने हाल ही में एक प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्र में लिखा कि यह अमृतकाल अर्थात एक सशक्त और समावेशी अर्थव्यवस्था का पहला आम चुनाव है और हमारे युवाओं को इसके महत्व को समझना चाहिए। इसका तात्पर्य क्या है, यह वर्तमान सरकार को समझना होगा किंतु युवाओं के लिए यह स्पष्ट नहीं है क्योंकि शिक्षित या अशिक्षित वर्गों द्वारा इसके प्रभाव को पूर्णत: नहीं समझा गया। सरकार मानव संसाधनों को पोषित कर रही है और जीवन की जरूरतों की आसानी तथा उद्यमिता को बढावा दे रही है किंतु क्या यह पीढ़ी मानती है कि शब्दों और कार्यों में समानता नहीं है।</p>
<p>सामाजिक विश्लेषकों और युवा नेताओं के विचारों में यह चिंता स्पष्टत: दिखायी देती है कि दुर्भाग्य से सरकार समस्या के आयामों से अवगत नहीं है। हालांकि युवा जनसंख्या का सर्वाधिक गतिशील वर्ग माना जाता है। भारत में विश्व की सर्वाधिक युवा जनसंख्या है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के जनसंख्या आकलन के संबंध में प्रतिनिधि समूह की रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर 25 से 29 आयु वर्ग के युवाओं की संख्या 2021 में कुल जनसंख्या का 27.2 प्रतिशत था 2036 तक इनकी संख्या कम होकर 22.7 प्रतिशत रह जाएगी किंतु संख्या की दृष्टि से यह अभी काफी अधिक 34.5 करोड है। किंतु यह दु:खद तथ्य है कि आम युवा चुनावी प्रक्रिया में रूचि नहीं लेता है और यह उसे अपनी आवाज को सुनाने के साधन के रूप में नहीं मानता।</p>
<p>सकल घरेलू उत्पाद की उच्च वृद्धि दर के माध्यम से इस बात को न्यायसंगत ठहराने का प्रयास किया जाता है किंतु ग्रामीण युवा कृषि को अलाभप्रद मान रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे रोजगार (Youth Unemployment) उपलब्ध नहीं है। जेन नेक्सट में हताशा और निराशा है हालांकि इन विषयों पर इन चुनावों में चर्चा हो रही है किंतु इससे युवाओं में आशा नहीं जगी है कि नई सरकार उनके मुद्दों का निराकरण करेगी और इसका कारण भारत में बेरोजगारी के संबंध में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की हालिया रिपोर्ट है जिसमें पाया गया है कि भारत में कुल बेरोजगारों में 83 प्रतिशत युवा हैं। इन बेरोजगार लोगों में युवाओं की संख्या 66 प्रतिशत है।</p>
<p>वस्तुत: विश्व में भारत में सर्वाधिक बेरोजगारी दर है। यहां पर हेडलाइन दर 23 प्रतिशत है। जिसके चलते भारत यमन, ईरान, लेबनान, सीरिया और ऐसे अन्य देशों की श्रेणी में आ गया है किंतु ये देश एक तेजी से बढ रही अर्थव्यवस्था या पांचवीं सबसे बडी का दावा नहीं करते हैं। हमारे छोटे पड़ोसी बंगलादेश में यह मात्र 12 प्रतिशत है। 20 से 24 वर्ष के आयु वर्ग मे बेरोजगारी दर 44 प्रतिशत है। इसलिए इस बात पर हैरानी नहीं होती है कि जिन लोगों का भविष्य दांव पर लगा है उनकी मतदान में कोई रूचि नहीं है।</p>
<p>वर्ष 2024 के चुनावों में लगभग 38 युवा मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं। बिहार, दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में कम संख्या में लोग मतदाता के रूप में पंजीकृत हो रहे हैं। एसोसिएशन फोर डेमोक्रेटिक रिफार्म ने स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रक्रिया के बारे में युवाओं में संशय है। उनमें उदासीनता का कारण यह है कि अधिकतर राजनीतिक दलों में पर्याप्त युवा नेता नहीं है। राजनीतिक नेतृत्व उभरती सामाजिक और आर्थिक समस्याओं के बारे में चिंता प्रदर्शित नहीं करते हैं। बिहार में युवा मतदाताओं की कम संख्या के बारे में एक्शन फोर अकाउंटेबल गवर्नेस के राजीव कुमार का कहना है कि हालांकि बिहार में राजनीतिक जागरूकता है किंतु युवाओं में राजनीतिक नेतृत्व की प्रतिबद्धता के बारे में हताशा और निराशा है। इसलिए राजनीतिक दलों की गारंटी या वायदे से युवा पीढी प्रभावित नहीं हो रही है क्योंकि वे वास्तविक इरादों पर आधारित नहीं है।</p>
<p>सरकार द्वारा भ्रष्टाचार का मुकाबला करने की बातें की जाती हैं और इससे युवा पीढी इस सबंध में ठोस कार्यवाही के बजाय इसे एक नारे के रूप में देखती है। प्रधानमंत्री मोदी ने दावा किया है कि पिछले एक दशक में विभिन्न विकास नीतियों कार्यान्वयन पर 30 लाख करोड रूपए खर्च किए गए और लाभार्थियों को सीधे उनके खातों में पैसे दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के शासन से अलग है जिसने कभी दावा किया था कि यदि दिल्ली से एक रूपया भेजा जाता है तो गंतव्य तक केवल 1 पैसा पहुंचता है। आप कल्पना कीजिए कि यदि उनके नियंत्रण में 30 लाख करोड रूपए होंगे तो इसके क्या परिणाम होंगे। जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार यथावत है। क्या युवा इससे खुश होंगे? इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है क्योंकि कारपोरेट जगत आटोमेशन की दिशा में बढ रहा है जिसके कारण रोजगार के अवसरों में और कटौती होगी।</p>
<p>राजनीतिक दलों को इस बारे में विचार करना चाहिए कि देश के प्रतिभाशाली युवा अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग क्यों नहीं कर रहे हैं। इसका एकमात्र उपाय यह है कि ऐसी रणनीति या योजना बनाए जो उन्हें प्रेरित करे और युवा पीढी लाभप्रद कार्यो में संलिप्त हो जिससे सामंजस्यपूर्ण सामाजिक आर्थिक विकास होगा। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि रिक्त पडे सरकारी पदों को भरने के अलावा निजी सेक्टर में भी पर्याप्त पदों में भर्ती करे और अपनी श्रम शक्ति से अत्यधिक कार्य न करवाए।</p>
<p>जैसा कि कुछ अर्थशास्त्रियों ने सुझाव दिया है कि देश में बेरोजगारी (Youth Unemployment) भत्ता शुरू किया जाना चाहिए। जब बड़ी परियोजनाएं जिनके लाभार्थी युवा होते हैं, वे चलाई जा रही हैं तो फिर गरीब या आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए भत्ते के कार्यान्वयन में कोई समस्या नहीं हो सकती है और इसके लिए यदि आवश्यक हुआ तो अत्यधिक धनी वर्ग पर 1 प्रतिशत कर लगाया जाना चाहिए। किसी राष्ट्र की प्रगति उसकी युवा पीढ़ी पर निर्भर करती है। अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक है कि वह युवा पीढ़ी की आवश्यकताओं की ओर ध्यान दे क्योंकि यही वह वर्ग है जो देश के भावी विकास में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>-धुर्जति मुखर्जी (यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
</div>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/youth-unemployment-in-india/article-57480</link>
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                <pubDate>Tue, 14 May 2024 10:37:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>काम न मिलने के विरोध में पानी की टंकी पर चढ़े ‘शोले के वीरू’</title>
                                    <description><![CDATA[काम न मिलने के विरोध में दलमीर खेड़ा में मनरेगा मजदूर पानी की टंकी पर चढ़े काम शुरू मजदूर बाद वे टैंकी से नीचे उतर आए रजनीश फाजिल्का/अबोहर (सच कहूँ न्यूज)। उपमंडल अबोहर का ग्राम दलवीर खेड़ा, मजदूरों और पंचायत (Fazilka News) में मनरेगा मजदूर में विवाद तब बढ़ गया जब में निर्धारित दिनों के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/mgnrega-workers-climbed-on-the-water-tank-to-protest-against-not-getting-work/article-46555"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/fazilka-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">काम न मिलने के विरोध में दलमीर खेड़ा में मनरेगा मजदूर पानी की टंकी पर चढ़े</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>काम शुरू मजदूर बाद वे टैंकी से नीचे उतर आए रजनीश</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>फाजिल्का/अबोहर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> उपमंडल अबोहर का ग्राम दलवीर खेड़ा, मजदूरों और पंचायत (Fazilka News) में मनरेगा मजदूर में विवाद तब बढ़ गया जब में निर्धारित दिनों के आधार पर मनरेगा मजदूरों को काम नहीं मिलने से गुस्साए मनरेगा मजदूर आज गांव के वाटर वर्कस में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए और जमकर नारेबाजी की।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="शहीद सेवक सिंह की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, चारों तरफ पसरा मातम" href="http://10.0.0.122:1245/martyr-sevak-singh-was-cremated-with-official-honours/">शहीद सेवक सिंह की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, चारों तरफ पसरा मातम</a></p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार विरोध जता रहे मजदूरो कुलविंदर सिंह, राजकौर, सीमा रानी, परमजीत कौर अमरो बाई ने कहा कि पंचायत सचिव द्वारा उन्हें 12 दिन का काम दिया गया लेकिन सरंपच ने छह दिन काम करवाने के बाद काम रूकवा दिया। (Fazilka News) जिसके चलते मजबूरन उन्हे पानी की टैंकी पर चढकर प्रदर्शन करना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद आप पार्टी के हलका इंचार्ज दीप कंबोज व अन्य पुलिस व प्रशासन अधिकारी मौके पर पहुंचें और नरेगा मजदूरों को समझाते हुए मौके पर ही सचिव द्वारा उन सभी मजदूरों की हाजरी लगवाते हुए फिर से काम शुरू करवाया। जिसके बाद वे टैंकी से नीचे उतर आए।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Apr 2023 17:53:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब में बढ़ाने होंगे रोजगार के अवसर</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब का युवा आज चौराहे पर है। उनमें व्याप्त बड़े पैमाने की बेरोजगारी, विदेशों को होता पलायन, नशे की लत का बढ़ना और आंदोलनों में शिरकत बताती है (Unemployment) कि सब कुछ ठीक नहीं है। वक्त की दरकार है कि युवाओं को विकास गतिविधियों में शामिल होने के मौके मिलें। राज्य सरकार ने एक साल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/employment-opportunities-will-have-to-be-increased-in-punjab/article-46442"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/now-change-the-horrific-picture-of-unemployment.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पंजाब का युवा आज चौराहे पर है। उनमें व्याप्त बड़े पैमाने की बेरोजगारी, विदेशों को होता पलायन, नशे की लत का बढ़ना और आंदोलनों में शिरकत बताती है (Unemployment) कि सब कुछ ठीक नहीं है। वक्त की दरकार है कि युवाओं को विकास गतिविधियों में शामिल होने के मौके मिलें। राज्य सरकार ने एक साल में 26,797 नौकरियां प्रदान करके अच्छी शुरूआत की है, तथापि राज्य में बेरोजगारी दर 8.2 प्रतिशत है, जो कि राष्ट्रीय औसत 7.45 फीसदी से कुछ अधिक है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="‘इन्फ्लूएंजा’ को गंभीरता से लेने की जरूरत" href="http://10.0.0.122:1245/need-to-take-influenza-seriously/">‘इन्फ्लूएंजा’ को गंभीरता से लेने की जरूरत</a></p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार सूबे में लगभग 25 लाख बेरोजगार लोग हैं, इसलिए बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजन करना सबसे बड़ा चुनौतीपूर्ण कार्य है। पंजाबी युवाओं की रोजगार संभावना भी कम है। आम शिक्षा प्राप्त युवाओं में दर 10 प्रतिशत है तो तकनीकी पढ़ाई कर चुके युवाओं में 25 फीसदी है। अतएव, रोजगार की संभावना में सुधार करने को तरजीह मिलनी चाहिए। कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र में निकलने वाली नौकरियों से सूबे के युवाओं को ज्यादा विकल्प नहीं मिल पाते।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य के विकास मॉडल का ज्यादा ध्यान कृषि पर रहा है। खेत संचालन का काम युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप नहीं है। राज्य की स्थिति विडंबनापूर्ण है, प्रगति प्रवासियों के लिए नौकरियां तो स्थानीयों के लिए बेरोजगारी पैदा कर रही हैं। तेजी से हो रहे यांत्रिकीकरण के कारण भी यह विषम स्थिति बनी है, जिसे नतीजे में संभवत: प्रवासियों की नौकरियां भी छिन जाएं। कुछेक को छोड़कर, मौजूदा उद्योगों में स्थानीय युवाओं के लिए सम्माननीय नौकरियां शायद ही निकलती हों। औद्योगिक क्षेत्र में लघु उद्यमी ज्यादा है, जो पुरानी तकनीकें इस्तेमाल करते हैं, इनमें भी अधिकांश श्रमिक प्रवास हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि कुल नौकरियों का 40 फीसदी हिस्सा सेवा क्षेत्र से मिलता है। लेकिन, तकनीकी ज्ञान का आधुनिकीकरण नहीं हो पाने से युवाओं को नौकरी की गुणवत्ता से समझौता करना पड़ रहा है। (Unemployment) राज्य सरकार को बेरोजगारी कम करने के दृष्टिगत, तीन-आयामी नीति अपनाने की सलाह है। प्रथम, पिछला संकट दूर किया जाए, दूसरा, युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करें और तीसरी, अर्थव्यवस्था में ढांचागत बदलाव करना।</p>
<p style="text-align:justify;">सूबे के विश्वविद्यालयों को इस क्षेत्र से हाथ मिलाकर युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करना चाहिए। विश्वविद्यालय को अपनी क्षमता के अनुसार, सर्वव्यापी तकनीक चालित कोर्स, अनुसंधान एवं नूतन-खोजों की शिनाख्त करनी चाहिए। उन्हें अपने मौजूदा पाठ्यक्रम में ढांचागत बदलाव लाकर नए रोजगार से तालमेल करना बनाना होगा। इसके लिए उद्योग और समाज के साथ संस्थानों की साझेदारी को अनिवार्य किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य सरकार के लिए एक अन्य चुनौती है, श्रमिकों में नई तकनीकी बदलावों के बरअक्स पुराने जमाने का कौशल बने रहना। विश्व आर्थिक मंच ने ह्यपुनर्कौशल क्रांति की ओरह्ण नामक अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जो श्रमिक तकनीकी रूप से पिछड़ गए हैं, उनके लिए व्यवहार्य रोजगार कौशल रूपांतर के नये तरीकों की शिनाख्त की जाए। सूबा सरकार को विश्वव्यापी अनुभव से सीखकर, नियोक्ताओं को (Unemployment) प्रोत्साहन देना और शिक्षण संस्थानों को श्रमिकों के लिए पुनर्कौशल कार्यक्रम शुरू करने को कहना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">खेती क्षेत्र में भी, ह्यडिजिटल कृषि 4.0ह्ण को बढ़ावा देकर गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजित किए जा सकते हैं, जिसके अंतर्गत समूची कृषि-खाद्य मूल्य संवर्धन शृंखला में विकास नई तकनीकें जैसे कि रिमोट सेंसिंग, एआई, मोबाइल फोन, ई-एक्सटेंशन सर्विस, पोजिशनिंग टेक्नोलॉजी, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और बिग डाटा का उपयोग करके हो सकता है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Apr 2023 16:53:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रोजगार कैसे प्राप्त करें, बेरोजगारी कैसे दूर करें, पूज्य गुरु के शानदार टिप्स</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा। सच्चे, रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने शाह सतनाम जी आश्रम, बरनावा (यूपी) से अपने अमृतमयी वचनों की वर्षा करते हुए फरमाया कि मालिक के नाम में सुख है, आत्मिक शांति है, मालिक के नाम में तंदुरुस्ती है। मालिक के नाम में वो सब नियामतें हैं जो […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/msg-maha-rehmokaram-month/article-43479"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-02/unemployment.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा।</strong> सच्चे, रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने शाह सतनाम जी आश्रम, बरनावा (यूपी) से अपने अमृतमयी वचनों की वर्षा करते हुए फरमाया कि मालिक के नाम में सुख है, आत्मिक शांति है, मालिक के नाम में तंदुरुस्ती है। मालिक के नाम में वो सब नियामतें हैं जो आपने कभी सोची भी नहीं होंगी। वो सब खुशियां हैं जिसकी आपने कभी कल्पना नहीं की होगी। क्योंकि राम, ओउम, हरि, अल्लाह, गॉड, ख़ुदा, रब्ब सब कुछ देने वाला है, सब कुछ बनाने वाला है, वो दया का सागर, रहमत का दाता है, अन्दर बाहर किसी को कोई कमी नहीं छोड़ता। पर आज का दौर बड़ा ही भयानक दौर है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कोई काम छोटा नहीं होता, शुरूआत तो कीजिये</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि कोई भी बेरोजगार ना रहे अगर यह सोच ले कि मैंने कोई ना कोई अच्छा कर्म करना ही करना है। चाहे वो छोटी स्केल (स्तर) से शुरू करे या बड़े से। छोटा कुछ नहीं होता, आपने देखा होगा कि हमारे देश में जो धनाढ्यों में नंबर रखते हैं, वो भी किसी समय में बड़े गरीब हुआ करते थे और आज कहां से कहां पहुंच गए। तो उन्होंने छोटे से छोटा काम करने में भी संकोच नहीं किया। तो उसी तरह आप भी कर्मयोगी बनिये, जो हमारे पवित्र वेदों में बोला, ज्ञान योगी बनिये। कर्म करते जाइये।</p>
<p style="text-align:justify;">ये सभी धर्मों में है कि कर्म करना और ज्ञानयोगी होना बेहद जरूरी है। तो ज्ञान हासिल करो और कर्मयोगी बनकर आगे बढ़ते जाओ। शुरूआत चाहे दिहाड़ी-मजदूरी से क्यों ना करनी पड़े, चाहे आप कितने भी पढ़े लिखे क्यों न हों, बेरोजगारी से वो दिहाड़ी-मजदूरी हजारों गुणा ज्यादा अच्छी है। पर इगो भी तो कोई चीज होती है। मैंने इतनी डिग्रियां, मेरे पास ये-ये, फिर भी मुझे कुछ नहीं हासिल हो रहा, फिर भी नौकरी नहीं, मेरे साथ वाला ये हो गया, मेरे पीछे वाला, मेरे आगे वाला, उस चक्कर में मत पड़ो।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>असफल होने पर भी प्रयास करना मत छोड़ो</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि हर कोई अपने कर्मों की और मेहनत की करके आगे बढ़ता है। कईयों के संचित कर्म बहुत अच्छे होते हैं, वो जिस चीज को भी हाथ डालते हैं, सोना बन जाता है। और कईयों के संचित कर्म इतने बुरे होते हैं कि सोने को हाथ डालें तो राख बन जाता है। पर इसका मतलब ये थोड़ा है कि आप हाथ डाला और राख बन गया और छोड़ दिया, जी नहीं, मेहनत करनी ना छोड़ो। हक-हलाल, कड़ा परिश्रम, हार्ड वर्क, दसां नहुंआ दी कीरत करते रहो। कोई भी काम मिल जाए, कोई भी काम छोटा-बड़ा नहीं होता। पता नहीं भगवान ने आपके लिए क्या छुपा कर रखा है? छोटा सा काम शुरू किया, क्या पता वो कब बड़ा हो जाए और आप तरक्की कर जाएं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/msg-maha-rehmokaram-month/article-43479</link>
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                <pubDate>Tue, 14 Feb 2023 17:35:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Breaking News : बेरोजगारों के लिए हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने की बड़ी घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने पूर्व पीएम स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस के अवसर पर बहुत बड़ी घोषणा की। हरियाणा के सीएम ने आज गुड गवर्नेस डे के अवसर पर बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि पुलिस विभाग में 2500 पदों पर भर्ती की जाएगी। भर्ती की प्रक्रिया की शुरूआत जनवरी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-cm-manohar-lal-made-announcement-for-the-unemployed/article-41416"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/cm-manohar-lal-khattar1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> हरियाणा के मुख्यमंत्री ने पूर्व पीएम स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस के अवसर पर बहुत बड़ी घोषणा की। हरियाणा के सीएम ने आज गुड गवर्नेस डे के अवसर पर बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि पुलिस विभाग में 2500 पदों पर भर्ती की जाएगी। भर्ती की प्रक्रिया की शुरूआत जनवरी 2023 से होगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अभी तक राज्य में सिर्फ पुलिस कमिश्नरी हैं। अब पानीपत शहर को भी पुलिस कमिश्नरी बनाया जाएगा। विस्तृत जानकारी आना बाकी…</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Dec 2022 11:47:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ वामपंथी दलों का 31 मई को प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[उदयपुर (एजेंसी)। देश में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ वामपंथी दलों द्वारा आगामी 31 मई को यहां जिला कलेक्ट्री पर प्रदर्शन कर सभा की जाएगी। माकपा के जिला सचिव राजेश सिंघवी ने बताया कि जिला कलेक्ट्री, उदयपुर पर प्रदर्शन और सभा के पूर्व टाउन हाल से रेली निकलेगी, जो देहली गेट होते हुए कलेक्ट्री […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/demonstration-of-left-parties-against-inflation-and-unemployment-on-may-31/article-33963"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-05/cpi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>उदयपुर (एजेंसी)।</strong> देश में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ वामपंथी दलों द्वारा आगामी 31 मई को यहां जिला कलेक्ट्री पर प्रदर्शन कर सभा की जाएगी। माकपा के जिला सचिव राजेश सिंघवी ने बताया कि जिला कलेक्ट्री, उदयपुर पर प्रदर्शन और सभा के पूर्व टाउन हाल से रेली निकलेगी, जो देहली गेट होते हुए कलेक्ट्री पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि बढ़ती महंगाई से लोगों पर अभूतपूर्व बोझ पड़ा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष के दौरान पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में 70 प्रतिशत सब्जियों में 20 प्रतिशत खाना पकाने के तेल में 23 प्रतिशत और अनाज की कीमतों में आठ प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 May 2022 11:21:09 +0530</pubDate>
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                <title>‘बेरोजगारी की पीड़ा झेलने को मजबूर युवा’</title>
                                    <description><![CDATA[पीलीबंगा (सच कहूँ न्यूज)। आम आदमी पार्टी के किसान संवाद कार्यक्रम के तहत पीलीबंगा विधानसभा क्षेत्र के गांव खरलिया एवं सूरांवाली में संवाद सभाओं का आयोजन किया गया। इन सभाओं में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र बेनीवाल के अनुसार खरलिया के ग्रामीणों ने क्षेत्र की समस्याओं पर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/youth-forced-to-bear-the-pain-of-unemployment/article-33494"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-05/pain-of-unemployment.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पीलीबंगा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> आम आदमी पार्टी के किसान संवाद कार्यक्रम के तहत पीलीबंगा विधानसभा क्षेत्र के गांव खरलिया एवं सूरांवाली में संवाद सभाओं का आयोजन किया गया। इन सभाओं में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र बेनीवाल के अनुसार खरलिया के ग्रामीणों ने क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा करते हुए बताया कि सिंचाई पानी की कमी से किसान अत्यधिक परेशानी हो रही है। पेयजल की कमी के कारण घर-घर जल योजना के सच को समझा जा सकता है। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी (Pain of Unemployment) किसानों को कर्ज की ओर धकेल रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">युवा वर्ग भर्तियों की उम्मीद में लगातार बेरोजगारी की पीड़ा (Pain of Unemployment) झेलने को मजबूर है। ग्रामीण क्षेत्रों में 14 से 16 घंटे की बिजली कटौती ने जीना मुश्किल कर दिया है। निराश्रित पशु भूखे-प्यासे तड़प रहे हैं। सरकारी स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम करने के नाम पर ग्रामीणों से मजाक किया जा रहा है। क्योंकि स्टॉफ तो बदला नहीं गया। माध्यम बदलने से कुछ नहीं होगा। क्षेत्र की टूटी हुई सड़कें जनप्रतिनिधियों को दिखाई नहीं दे रही। चारों ओर भ्रष्टाचार का बोलबाला है। जहां देखो नशा ही नशा बिक रहा है। सतासीन नेता आम लोगों की बात नहीं सुन रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">जनप्रतिनिधि क्षेत्र में लोगों से मिलने में भी हिचकिचा रहे हैं। जनता को कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है। इन सबके बीच दिल्ली और पंजाब की सरकारों के काम आम आदमी पार्टी से उम्मीद बढ़ा रहे हैं। लोग आम आदमी पार्टी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। बेनीवाल के अनुसार खरलिया के साथ ही सूरांवाली में भी ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि गांव में डाले जाने वाले मृत पशुओं के कारण जीना मुश्किल हो रहा है। ग्राम पंचायत कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">गांव के गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को खाद्य सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है। दोनों गांवों में ग्रामीणों ने आम आदमी पार्टी का साथ देने का संकल्प लिया। इस मौके पर एडवोकेट अमरजीत सिंह, फिरोज सिंह, बनवारी लाल, राकेश कुमार, जरनैल सिंह, सुभाष बोगिया, मदन लाल, अजय वाल्मीकि, दुन्नीराम लूना, बबलू सोनी, लखविंद्र सिंह, सुरजीत सिंह, इन्द्राज गोस्वामी, ईश्वर राम डाबला, पालाराम आदि मौजूद रहे।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 May 2022 21:03:26 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जुलाई-सितंबर 2021 में बेरोजगारी दर 9.8 प्रतिशत</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। देश में जुलाई से सितंबर 2021 में बेरोजगारी दर 9.8 प्रतिशत रही है जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 13.2 प्रतिशत था। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने मंगलवार को यहां बताया कि कोरोना महामारी के बाद औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों में इजाफा हो रहा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/unemployment-rate-9-8-percent-in-july-september-2021/article-31698"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/unemployment-rate.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> देश में जुलाई से सितंबर 2021 में बेरोजगारी दर 9.8 प्रतिशत रही है जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 13.2 प्रतिशत था। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने मंगलवार को यहां बताया कि कोरोना महामारी के बाद औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों में इजाफा हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">आंकड़ों के अनुसार 15 वर्ष से अधिक के श्रम बल में वर्ष 2021 की जुलाई से सितंबर की तिमाही में बेरोजगारी दर 9.8 प्रतिशत दर्ज की गयी है। वर्ष 2020 की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 13.2 प्रतिशत दर्ज किया गया था। जुलाई से सितंबर 2021 की अवधि में पुरुषों में बेरोजगारी की दर 9.3 प्रतिशत और महिलाओं में 11.6 प्रतिशत रही है। आंकड़ों में कहा गया है कि अप्रैल से जून 2021 की तिमाही में बेरोजगारी की दर 12.6 प्रतिशत रही थी।</p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Mar 2022 19:23:57 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>लोकसभा: साढ़े छह करोड़ लोग गरीब, पांच करोड़ बेरोजगार: राउत</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। शिवसेना के विनायक राऊत ने कहा कि महंगाई ने देश की अधिकांश जनता परेशान है। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल 13 निजी बीमा कंपनियों को हटा कर एक सरकारी बीमा कंपनी को जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि किसानों को बीमा योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/six-and-a-half-crore-people-poor-five-crore-unemployed/article-30494"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-02/vinayak-raut.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> शिवसेना के विनायक राऊत ने कहा कि महंगाई ने देश की अधिकांश जनता परेशान है। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल 13 निजी बीमा कंपनियों को हटा कर एक सरकारी बीमा कंपनी को जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि किसानों को बीमा योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने भारत संचार निगम लिमिटेड की अनदेखी किये जाने और जियो को बढावा दिये जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की एक लाख 40 हजार 987 करोड़ रुपए की वसूली पर खुश है लेकिन महाराष्ट्र की 33 हजार करोड़ रुपए की बकाया राशि नहीं दे रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के डॉ. अमोल कोल्हे ने कहा कि कोरोना की महामारी ने बताया है कि स्वास्थ्य को मौलिक अधिकार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा एवं अर्थव्यवस्था दोनों पर इस महामारी का कुप्रभाव पड़ा है। साढ़े छह करोड़ लोग गरीब हो गये, पांच करोड़ बेरोजगार हैं, 54 करोड़ लोगों की आमदनी घटी है और 60 लाख से अधिक लघु उद्यम बंद हो गये हैं। देश के 142 लोगों के हाथों में 23 लाख 56 करोड़ रुपए की दौलत सिमट आयी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>देश को मानसिक रूप से कमजोर किया जा रहा है</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास के दो साल नष्ट हो गये हैं। डिजीटल डिवाइड के कारण वंचित समुदायों के बच्चे कैसे डिजीटल शिक्षा पाएंगे। डॉ. कोल्हे ने पत्रकारिता के क्षरण पर चिंता जतायी और कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को निष्पक्षता से काम करने की आजादी नहीं है। विश्व में अभिव्यक्ति की आजादी के मामले में 180 देशों में से भारत 142वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि देश को मानसिक रूप से कमजोर किया जा रहा है और उनके मन में नफरत एवं धार्मिक उन्माद का जहर घोला जा रहा है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सरकार को जनता के सामने पश्चाताप करना चाहिए: बसपा</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के रीतेश पांडेय ने कहा कि देश की जनता ने कोरोना की विभीषिका में बहुत से परिजनों को खोया है। सरकार को जनता के सामने पश्चाताप, विनम्रता एवं आत्मनिरीक्षण की भावना के साथ पेश आना चाहिए। लेकिन सरकार इसके उलट व्यवहार कर रही है। उन्होंने किसान आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार ने विरोध की आवाज को बल और अहम से दबाने का काम किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि कानून वापस ले लिये लेकिन आंदोलन में मारे गये 700 किसानों के प्रति संवेदना का एक शब्द नहीं कहा। किसानों की आय दोगुनी करनी थी लेकिन कृषि लागत दोगुनी कर दी। इसी प्रकार से मनरेगा में कटौती हो रही है। पांडेय ने कहा कि चावल एवं गेहूं देकर भुखमरी नहीं खत्म होगी। इससे वोट भले ही मिल जाए लेकिन स्वस्थ एवं पोषित नागरिक नहीं बन सकता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह लोगों से बात करें और योजनाओं को जमीनी यथार्थ के आधार पर बनाये।<b></b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Feb 2022 13:03:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>बेरोजगारी हटाने के लिए बनें प्रभावी नीतियां</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार में रेलवे भर्ती की परीक्षा के परिणामों में देरी और अन्य गड़बड़ियों के खिलाफ परीक्षार्थियों का गुस्सा फूट रहा है। इन बेरोजगारों को विद्यार्थी संघ भी अपना समर्थन दे रहा है। पांच राज्यों की विधानसभा चुनावों के नजदीक होने के कारण यह मुद्दा काफी चर्चा में है, फिर भी यह मामला अभी राजनीति से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/effective-policies-should-be-made-to-remove-unemployment/article-30333"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-01/employment-crisis-in-punjab-unemployment-rate-7.4.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बिहार में रेलवे भर्ती की परीक्षा के परिणामों में देरी और अन्य गड़बड़ियों के खिलाफ परीक्षार्थियों का गुस्सा फूट रहा है। इन बेरोजगारों को विद्यार्थी संघ भी अपना समर्थन दे रहा है। पांच राज्यों की विधानसभा चुनावों के नजदीक होने के कारण यह मुद्दा काफी चर्चा में है, फिर भी यह मामला अभी राजनीति से प्रेरित बताया जा रहा है। भले ही बेरोजगार भी यह समझते हैं कि चुनावों के समय मांगें उठाना बेहतर होता है लेकिन हाल-फिलहाल किसी राजनीतिक पार्टी ने इस आंदोलन का फायदा उठाने से दूरी बनाई है। असल में यह मुद्दा रोजगार का मुद्दा है। तत्कालीन कारण भले रेलवे परीक्षा हो, लेकिन इसकी वास्तविक जड़ें बेरोजगारी प्रति सरकारों की नीतियों संबंधी पढ़े-लिखे बेरोजगारों की अंसतुष्टि है। यह मामला महज बिहार तक ही सीमित नहीं बल्कि पूरे देश में बेरोजगारी की मार है, जो अलग-अलग रूप में प्रकट हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब में इस बेरोजगारी ने जहां नशा तस्करी को बढ़ाया है वहीं ‘ब्रेन ड्रेन’ भी इसी बेरोजगारी का परिणाम है। अमीर घरों और मध्य वर्ग के नौजवान नौकरियों और स्व रोजगार की उम्मीद छोड़कर आईलैट्स सैटरों में भीड़ के रूप में देखे जाते हैं। जम्मू-कश्मीर में भी विदेशी आतंकवादी संगठन बेरोजगार कश्मीरियों को रूपयों का लालच देकर हिंसक कार्रवाईयों में शामिल करते रहे हैं। देश के विकास और अमन-शांति के लिए रोजगारमुखी विकास बहुत ही आवश्यक है। यह मनोवैज्ञानिक और सामाजिक तथ्य हैं कि बेरोजगारी अपराधों को जन्म देती है। विकास का फायदा आम लोगों को होना चाहिए। भले ही सबके लिए नौकरी संभव नहीं लेकिन स्व रोजगार के साथ बड़े प्रोजैक्ट विकास मुखी होने चाहिए। अभी कोरोना महामारी के कारण लगाई गई पाबंदियों के बावजूद कार्पोरेट घरानों की आमदन में भारी वृद्धि हुई है, जबकि आम आदमी की आय में गिरावट आई है।</p>
<p style="text-align:justify;">सभी सरकारें अपने आप को आम आदमी की सरकारें तो कह रही हैं लेकिन आम आदमी के मसले हल होते नजर नहीं आ रहे। कार्पोरेट घरानों के बढ़ने-फूलने के दरमियान छोटे उद्योगपति, व्यापारी, दुकानदार कमजोर हो रहे हैं। बिहार का बेरोजगार भड़क रहा है, लेकिन पंजाब का बेरोजगार विदेशों की तरफ जा रहा है, मामला दोनों का ही एक सा है, परंतु नजरिया अलग-अलग है। लेकिन दोनों का साझा सूत्र बेरोजगारी है। बेरोजगारी को वर्तमान समस्या मानने की बजाय इसे बड़ी समस्या समझा जाए। भविष्य के संदर्भ में इसे लेकर प्रभावी नीतियां बनाने की आवश्यकता है।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jan 2022 10:00:08 +0530</pubDate>
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