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                <title>report - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>एमएचए का कड़ा रूख, मांगी अमृतपाल सिंह पर पूरी रिपोर्ट रिपोर्ट में फॉरेन फंडिंग और पाकिस्तानी कनेक्शन का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[रिपोर्ट में फॉरेन फंडिंग और पाकिस्तानी कनेक्शन का दावा अमृतसर। मिनिस्ट्री आॅफ होम अफेयर (एमएचए) भारत सरकार ने कड़ा रुख इख्तियार करते हुए पंजाब सरकार से रविवार को हुई Amritpal सिंह की गिरफ्तारी के बाद मिशन अमृतपाल सिंह से संबंधित रिपोर्ट मांगी। जिसे पंजाब सरकार ने एमएचए को सौंप दिया है। और तो और नेशनल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h4 style="text-align:justify;">रिपोर्ट में फॉरेन फंडिंग और पाकिस्तानी कनेक्शन का दावा</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>अमृतसर।</strong> मिनिस्ट्री आॅफ होम अफेयर (एमएचए) भारत सरकार ने कड़ा रुख इख्तियार करते हुए पंजाब सरकार से रविवार को हुई Amritpal सिंह की गिरफ्तारी के बाद मिशन अमृतपाल सिंह से संबंधित रिपोर्ट मांगी। जिसे पंजाब सरकार ने एमएचए को सौंप दिया है। और तो और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने इस संबंधी अपनी शुरूआती जांच रिपोर्ट भी एमएचए को सौंप दी है। रिपोर्ट में यह सामने आया है कि फरारी के दौरान अमृतपाल विदेशी नंबर का यूज कर रहा था। वॉट्सऐप कॉलिंग के जरिए वह अपने साथियों के लिंक में था।</p>
<p style="text-align:justify;">एमएचए ने पंजाब सरकार से अमृतपाल सिंह की फरारी से लेकर गिरफ्तारी तक और पंजाब पुलिस का लाइन आॅफ एक्शन के संबंध में रिपोर्ट भेजने को कहा। इस रिपोर्ट में एमएचए ने कहा है कि अमृतपाल सिंह की फरारी के बाद उसे पनहा देने वालों का पूरा ब्योरा भी सौपा जाए। भारत सरकार की सख्ती के आगे झुकते हुए आज पंजाब सरकार ने पूरा रिकार्ड एमएचए के हवाले कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी तरफ इस मामले में एनआईए ने भी अपनी रिपोर्ट एमएचए को सौंप दी है। एनआईए ने एमएचए को सौपी अपनी शुरूआती रिपोर्ट में अमृतपाल सिंह को फंडिंग और उसके आईएसआई से संबंधों का उल्लेख किया है। इसके अलावा गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ के बारे में भी एमएचए को जानकारी दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">गिरफ्तारियों, पनाह देने वालों, विदेशी फंडिंग के अलावा विदेशी आंतकियों से अमृतपाल सिंह के संबंधों की जानकारी भी पंजाब सरकार ने एमएचए को दी है। पंजाब सरकार ने खासतौर पर अमृतपाल सिंह के पाकिस्तानी लिंक्स को उजागर किया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अब तक 400 से ज्यादा लोग गिरफ्तार</h3>
<p style="text-align:justify;">अमृतपाल सिंह मामले में अभी तक 400 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन एमएचए उन चेहरों तक पहुंचना चाहती है, जो पर्दे के पीछे बैठ अमृतपाल सिंह की मदद कर रहे थे। इसके साथ ही पुलिस द्वारा किए गए प्रयासों के बारे में भी एमएचए ने जानकारी मांगी है।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Apr 2023 13:36:02 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वाह! सरकारी विभाग, त्यौहार पर बिक गई मिठाइयां, अब आई सैंपल रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[– त्योहारी सीजन में लिए मिठाइयों के 343 सेंपल में से 77 सेंपल हुए फेल सेंपल की रिपोर्ट इतनी देर से आने पर भी लोग उठा रहे सवाल संजय कुमार मेहरा गुरुग्राम। त्योहारों पर बेची जानी वाली मिठाइयों में मिलावटी से इंकार नहीं किया जा सकता। कहने को तो मिलावटी मिठाइयों पर अंकुश लगाने के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-report-will-come-after-the-festival-is-out/article-39630"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/600.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;"><strong>– त्योहारी सीजन में लिए मिठाइयों के 343 सेंपल में से 77 सेंपल हुए फेल</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3><strong>सेंपल की रिपोर्ट इतनी देर से आने पर भी लोग उठा रहे सवाल</strong></h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>संजय कुमार मेहरा</strong><br />
<strong>गुरुग्राम।</strong> त्योहारों पर बेची जानी वाली मिठाइयों में मिलावटी से इंकार नहीं किया जा सकता। कहने को तो मिलावटी मिठाइयों पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य विभाग की ओर से सेंपल लेकर मिलावटी मिठाइयों को नष्ट कराया जाता है। त्योहार पर मिठाइयों के लिए गए सेंपल की अब रिपोर्ट आई है। खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन की ओर से कुल 343 सेंपल लिए गए थे, जिनमें से 77 के सेंपल फेल हुए हैं। यानी इनमें मिलावट थी। दुकानदारों ने तो मिलावटी मिठाइयां बेचकर लाखों की वारे-न्यारे कर लिए।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:-:</strong>–<a href="http://10.0.0.122:1245/the-political-delusions-of-the-bhajan-lal-family-could-not-be-broken-in-adampur/">आदमपुर में टूट नहीं पाया भजन लाल परिवार का सियासी तिलस्म</a></p>
<p style="text-align:justify;">किसी भी बड़े त्योहार विशेषकर दीवाली पर मिठाइयों समेत अनेक खाद्य पदार्थों में मिलावट की अधिक संभावनाएं रहती ह। मिलावट खोरों पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य संरक्षा विभाग को कार्रवाई करनी होती है। मिठाइयों की दुकानों में पहुंचकर सेंपल लेने होते हैं। होना तो यह चाहिए कि जिस मिठाई के सेंपल लिए जाते हैं, उसकी बिक्री रिपोर्ट आने तक नहीं की जानी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो पाता। विभाग तो सेंपल लेकर अपनी ओर से प्रक्रिया पूरी कर लेता है, लेकिन रिपोर्ट आने तक उस सेंपल वाली मिठाई की दुकानों पर धड़ल्ले से बिक्री होती रहती है। इस त्योहारी सीजन में भी ऐसा ही हुआ।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कुल 145 सेंपल में पायी गई गड़बड़ी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन की ओर से शहर में मिठाइयों के 343 सेंपल लिए गए। इसमें से 77 सेंपल फेल होने की रिपोर्ट सामने आई है। यानी इन मिठाइयों में मिलावट थी। मिलावट वाले सेंपल के अलावा 14 सेंपल ऐसे हैं, जिन पर पूरी जानकारी अंकित नहीं थी। 54 सेंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। किसी न किसी रूप में 145 सेंपल में गड़बड़ी पाई गई। विभाग ने मिलावट खोर दुकानदारों को नोटिस जरूर दिए हैं। हो सकता है कि उन पर एफआईआर भी हो जाए। अदालत में केस चले, उन्हें सजा हो जाए, लेकिन वे मिलावटी मिठाइयां तो बिक चुकी हैं। लोगों की सेहत से खिलवाड़ तो हो चुका है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खाद्य सुरक्षा विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा: अभय जैन</h3>
<p style="text-align:justify;">मानव आवाज संस्था के संयोजक अभय जैन एडवोकेट का कहना है कि सेंपल लेकर उनकी रिपोर्ट में देरी करना भी एक तरह से लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है। किसी भी प्रोडक्ट की रिपोर्ट उसी दिन आनी चाहिए। तब तक उसकी बिक्री पर भी रोक लगनी चाहिए। खाद्य विभाग की यह कार्यप्रणाली सीधे तौर पर भ्रष्टाचार है। यह विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा है। छापेमारी सिर्फ दिखावे के लिए की जाती है।</p>
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                                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Nov 2022 18:13:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आय बढ़ने पर भी खुशहाली की गारंटी नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[हाल ही में संयुक्त राष्टÑ की ओर से विश्व खुशहाली पर एक रिपोर्ट जारी हुई है, भारत उसमें 140वें पायदान पर है जबकि कुछ वर्ष पहले भारत 133वें पायदान पर था, हम सात पायदान नीचे गिर चुके हैं। देश में जैसे-जैसे आर्थिक तानाबाना फैल रहा है देश में खुशहाली का स्तर गिर रहा है। आखिर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">हाल ही में संयुक्त राष्टÑ की ओर से विश्व खुशहाली पर एक रिपोर्ट जारी हुई है, भारत उसमें 140वें पायदान पर है जबकि कुछ वर्ष पहले भारत 133वें पायदान पर था, हम सात पायदान नीचे गिर चुके हैं। देश में जैसे-जैसे आर्थिक तानाबाना फैल रहा है देश में खुशहाली का स्तर गिर रहा है। आखिर इस आर्थिक दौड़ का लाभ कौन ले रहा है? साफ है गरीबों को खुशहाली नहीं मिल रही बल्कि देश का उद्योगजगत अपनी सम्पति बढ़ाने में लगा हुआ है। अभी लोकसभा चुनाव हो रहे हैं एक बार फिर कांग्रेस ने नारा दे दिया है कि वह देश के 20 प्रतिशत गरीब परिवारों को गरीबी से मुक्त करेगी ऐसे परिवारों के न्यूनतम छह हजार रूपये महीना व 72000 रूपये वार्षिक आय गारंटी के साथ उपलब्ध करवाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा इससे बेचैन हो उठी है, भाजपा नेता एवं वित्तमंत्री अरूण जेटली ने कांग्रेस के वादे को छोटा करने के लिए कहा है देश का हर परिवार पहले ही 106000 रूपये की निश्चित आय सब्सिडी के तौर पर ले रहे हैं। वित्तमंत्री की बात से बहुत कम लोग सहमत होंगे चूंकि ये 106000 रूपये गरीबों को नजर नहीं आ रहे। गरीबी हटाने का सर्वप्रथम नारा 1971 में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने दिया था, तब से अब तक पिछले करीब 50 साल में गरीबी बहुत ही सुस्त चाल से हटी है,</p>
<p style="text-align:justify;">बल्कि जितने परिवार गरीबी में फंस रहे हैं उसकी तुलना में बहुत कम परिवार इससे उबर पा रहे हैं। कोई भी राजनीतिक पार्टी पता नहीं क्यों उन कारणों को दूर नहीं करना चाह रही जो गरीबी को मिटने नहीं दे रहे, रह-रहकर राजनेता नगद आय या सहायता का प्रलोभन देते रहते हैं, जिससे गरीबी का एकमात्र कारण भ्रष्टाचार दिन-दोगुना रात चौगुना बढ़ रहा है। इस देश में अभी तक भी शासन व प्रशासन में भ्रष्टाचार खत्म हो इस पर कोई ईमानदार पहल नहीं हो सकी है। यही एकमात्र कारण है कि भारतीय बहुत कमा लेने के बाद भी खुशहाल नहीं हैं और यह खुशहाली भारतवासियों से सदैव दूर बनी रहेगी यदि यहां भ्रष्टाचार नहीं मिटता।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/world-happiness-report/article-8232</link>
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                <pubDate>Tue, 26 Mar 2019 20:02:23 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजनीतिक कचरे की टोकरी है रणजीत सिंह रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[जस्टिस रणजीत सिंह आयोग ने बरगाड़ी व अन्य स्थान पर हुई श्री गुरु गं्रथ साहिब की बेअदबी के बारे में अपनी रिपोर्ट गत दिवस विधानसभा में पेश कर दी है। आयोग ने बरगाड़ी में बेअदबी का बर्तन डेरा सच्चा सौदा के 10 श्रद्धालुओं के सिर फोड़ दिया। देश के इतिहास में किसी ही जांच आयोग […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/political-waste-baet-is-ranjit-singh-report/article-5623"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/political-waste-basket-is-ranjit-singh-report.jpg" alt=""></a><br /><p>जस्टिस रणजीत सिंह आयोग ने बरगाड़ी व अन्य स्थान पर हुई श्री गुरु गं्रथ साहिब की बेअदबी के बारे में अपनी रिपोर्ट गत दिवस विधानसभा में पेश कर दी है। आयोग ने बरगाड़ी में बेअदबी का बर्तन डेरा सच्चा सौदा के 10 श्रद्धालुओं के सिर फोड़ दिया। देश के इतिहास में किसी ही जांच आयोग की रिपोर्ट का इतना बुरा हाल नहीं हुआ होगा।</p>
<p>इस रिपोर्ट का विधानसभा में पेश करने से पहले बुरी तरह जुलूस निकल व बाद में तो जो हुआ वह सभी ने विधानसभा में लाइव देखा। हिम्मत सिंह सहित अन्य अहम गवाहों ने आयोग के पास दर्ज अपने बयानों पर आपत्ति जताई कि उन्हें गुमराह किया गया है। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस रणजीत सिंह का नजदीकी रिश्तेदार सुखपाल खैहरा आम आदमी पार्टी का नेता है। रणजीत सिंह की कई नेताओं के साथ नजदीकी व रिपोर्ट का लीक होना, रिपोर्ट तैयार करने के पीछे की भावना को स्पष्ट करता है।</p>
<p>यह रिपोर्ट अपने आप में एक राजनीतिक निशाने को मुख्य रखकर तैयार की गई है क्योंकि यह रिपोर्ट विधान सभा में पेश करने से पहले ही नेताओं के हाथ चढ़ गई थी। जस्टिस रणजीत सिंह आयोग को पंजाब में हिंदू, सिख व मुस्लमान धर्मों के पावन ग्रंथों की बेअदबी के मामलों की जांच सौंपी गई थी। यह कुल 122 मामले थे लेकिन रणजीत सिंह आयोग ने केवल बरगाड़ी कांड पर ही जोर दिया। रिपोर्ट में डेरा प्रेमियों को उलझाने के लिए बेबुनियाद व अनमेल तथ्यों को मनचाहे तरीके से जोड़ा गया, जो एक फिल्म की कहानी से भी आसान काम था।</p>
<p>आयोग ने डेरा सच्चा सौदा की विचारधारा, इतिहास व भलाई कार्यों को नजरअंदाज कर डेरा प्रेमियों को दोषी बनाने के लिए ऐसे व्यक्तियों की गवाहियां दर्ज की, जो कई दशकों से डेरा सच्चा सौदा के खिलाफ बेवजह मुहिम चला रहे थे। आयोग को उस बलजीत सिंह दादूवाल की गवाही बहुत भारी लगती है जिस पर देश विरोधी ताकतों ने विदेशों से करोड़ों रुपए मिलने के आरोप हैं।</p>
<p>कुरान, भगवत गीता जैसे पावन ग्रंथों की बेअदबी के पीछे कुछ विदेशी ताकतों का हाथ होने जैसा प्रतीत हो रहा है, जो कई धर्मों के लोगों में नफरत फैलाकर दंगे-फसाद करवाना चाहती हो लेकिन आयोग ने केवल धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को अनदेखा करते हुए विदेशी ताकतों की साजिश से रूख बदल लिया। आयोग ने अपनी पूरी ताकत केवल डेरा श्रद्धालुओं के सिर मढनी थी। आयोग की रिपोर्ट में मारे गए डेरा श्रद्धालु गुरदेव सिंह निवासी बुर्ज जवाहर सिंह वाला के बारे में कहा है कि जब बरगाड़ी में पावन ग्रंथ चोरी हुआ तब वह अपनी दुकान पर उपस्थित था, तो इससे स्पष्ट है कि वह कहीं गया ही नहीं था, अपनी दुकान पर था। दुकान वाला तो दुकान पर ही रहेगा। आयोग ने मनघढ़त कहानी यह लिखी है कि गुरदेव सिंह कहता होता था कि गुरू ग्रंथ साहब तो एक किताब है जो 400 रुपए में खरीदी जा सकती है।</p>
<p>गुरदेव सिंह ने यह बात किसे और कब कही, आयोग के पास कोई जवाब नहीं जबकि वास्तविकता यह है डेरा प्रेमी गुरदेव सिंह गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धा रखता था। गुरदेव सिंह की हत्या के बाद एकत्रित हुई डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत के लंगर पानी के लिए गांव के गुरुद्वारा साहिब द्वारा सहयोग मिलता रहा था। गांव का कोई व्यक्ति भी यह नहीं कहता कि वह गुरुद्वारा साहिब का विरोधी था। यदि कोई ऐसी बात होती तो गुरुद्वारा साहिब की समिति ने कभी पुलिस के पास शिकायत तो दी होती। गुरदेव सिंह की मौत के बाद डेरा विरोधियों ने अपनी कहानी बनाने के लिए आयोग के पास झूठी गवाही दर्ज करवाई।</p>
<p>आयोग की जांच में सबसे बड़ी कमी यह है कि गुरदेव सिंह के हत्याकांड के पीछे जो साजिश थी, उसे हल करने का प्रयास तक नहीं किया गया। गुरदेव सिंह की हत्या के मामले में कुछ व्यक्ति गिरफ्तार भी किये थे। यदि आयोग तह तक जाता तो बेअदबी कांड के असल दोषियों तक पहुंचा जा सकता था।<br />
बेअदबी की घटनाओं के बाद एक साल तक गुरदेव सिंह अपनी दुकान गुरुद्वारा के सामने आम की तरह ही चला रहा था। यदि उसने कोई गलत काम किया होता तो वह गांव क्यों न छोड़ जाता। गुरदेव सिंह इस मामले में जांच कर रही सीबीआई को भी सहयोग दे रहा था। गुरदेव सिंह के हत्यारे कौन थे और उनका क्या उद्देश्य था यह एक बड़ा सवाल है, जिसे आयोग ने बुरी तरह दरकिनार किया।</p>
<p>रणजीत सिंह आयोग ने एसआईटी की जिस रिपोर्ट का जिक्र किया है वह रिपोर्ट एक फिल्म की कहानी की तरह है, जिसमें मनचाहे तरीके से पात्रों व घटनाओं को फिट किया है। हैरानी इस बात की है कि पंजाब में सभी धर्मों के ग्रंथों का अपमान हुआ है, जो किसी बड़ी साजिश की तरफ इशारा करती है लेकिन न तो रणजीत सिंह आयोग व न ही एसआईटी ने इस गहरी साजिश को ढूंढने का प्रयास किया, बल्कि साजिशकर्ता की कहानी को पुलिस के शब्दों का अमली जामा पहना दिया।</p>
<p>डेरा सच्चा सौदा सर्वधर्म संगम है। पंजाब में आधे से ज्यादा श्रद्धालु सिख हैं। आयोग डेरा सच्चा सौदा को अपराध का अड्डा करार देता है लेकिन आयोग के लिए इस बात की कोई महत्वता नहीं रही कि विश्व भर में डेरा सच्चा सौदा खूनदान, शरीरदान व नेत्रदान की मुहिम चलाने में सबसे बड़ी संस्था है। देश की केंद्र सरकार सहित पंजाब सरकार भी मानवता भलाई कार्यों के लिए डेरा श्रद्धालुओं को सम्मानित कर चुकी है। देश के माननीय राष्ट्रपति से डेरा सच्चा सौदा को सम्मान पत्र मिल चुके हैं।</p>
<p>यह बात देश की हकीकत बन गई है कि जो पार्टी की सरकार आयोग बनाएगी, रिपोर्ट उसके ही हक में बनेगी। डेरा श्रद्धालुओं ने 2017 की विधान सभा चुनाव में अकाली-भाजपा को समर्थन दिया था। बरगाड़ी कांड की आड़ में सरकार ने एक तीर से दो निशाने मारे। अकाली दल व डेरा श्रद्धालुओं को सबक सिखाने के लिए जस्टिस रणजीत सिंह की रिपोर्ट का झूठा नाटक रचा। जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की अपनी कोई प्राप्ति ही नहीं बल्कि एसआईटी ने डेरा विरोधी सोच से बनाई गई रिपोर्ट व डेरा विरोधी तत्वों की गवाहियों पर अधारित रिपोर्ट है। <em>तिलकराज शर्मा</em></p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Aug 2018 14:54:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करोड़ों रुपए में तैयार हुई रणजीत सिंह आयोग की​ झुठी रिपोर्ट, रिपोर्ट में केवल सूत्र का ही जिक्र</title>
                                    <description><![CDATA[करोड़ों खर्च के बावजूद भी झूठी रिपोर्ट, मिले केवल ‘सूत्र’| Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal अकालियों को बहस के लिए मिले केवल 14 मिनट| Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal चंडीगढ़ (अश्वनी चावला)। जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट पर (Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal) बहस के लिए अकालियों को केवल 14 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/justice-ranjit-singh-blamed-on-the-report-of-sukhbir-badal/article-5596"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/sukh.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:left;">करोड़ों खर्च के बावजूद भी झूठी रिपोर्ट, मिले केवल ‘सूत्र’| Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal<br />
अकालियों को बहस के लिए मिले केवल 14 मिनट| Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal</h2>
<p style="text-align:justify;">
<strong>चंडीगढ़ (अश्वनी चावला)।</strong> जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट पर <strong>(Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal)</strong> बहस के लिए अकालियों को केवल 14 मिनट मिले। समय कम मिलने से नाराज अकाली दल के विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा किया। सदन की कार्रवाई का वाक आउट करते हुए बाहर आकर अपना अलग से मॉक सेशन शुरू कर दिया। जहां कई प्रस्ताव पास करते हुए जस्टिस रणजीत सिंह व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की गई।  इस दौरान सैशन में विधायक लखबीर सिंह लोधीनंगल को स्पीकर बनाया गया, जबकि बिक्रम मजीठिया व परमिन्दर ढींडसा से लेकर सुखबीर बादल ने जस्टिस रणजीत सिंह की रिपोर्ट पर बात रखी। उन्होंने इस रिपोर्ट को नकार दिया और झूठी रिपोर्ट को तैयार करने वाले जस्टिस रणजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करने तक की मांग कर दी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">राजनीतिक बदलाखोरी को लेकर बनाई कहानी| Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal</h2>
<p style="text-align:justify;">मॉक सैशन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि विधान सभा में पेश की गई जस्टिस रणजीत सिंह की रिपोर्ट सिखों के साथ धोखा है, क्योंकि इस रिपोर्ट में तो केवल राजनैतिक बदलाखोरी को लेकर ही झूठी कहानी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट को हर किसी ने पढ़ा है, कोई भी एक जगह बता दी जाए जहां यह कहा हो कि यह सबूत है। इस रिपोर्ट में यही कहा गया है कि उन्होंने सुना है या फिर उन्हें किसी ने कहा है। इस रिपोर्ट में किसी के नाम का भी जिक्र नहीं है। इस रिपोर्ट में हिम्मत सिंह व एक अन्य गवाह का जिक्र है। इन दोनों गवाह ने रणजीत सिंह की रिपोर्ट की धज्जियां उड़ाते हुए बयानों को ही झूठ करार दे दिया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जस्टिस को रिपोर्ट तैयार करने का पता ही नहीं| Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal</h2>
<p style="text-align:justify;">सुखबीर बादल ने कहा कि रणजीत सिंह को अपनी ही रिपोर्ट पर विश्वास नहीं है तभी ही सरकार ने इस रिपोर्ट को सीबीआई को भेजते हुए कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जस्टिस रणजीत सिंह ने डेढ़ साल में करोड़ों रुपए खर्च कर केवल यह बताया कि सूत्रों के द्वारा यह पता चला या फिर वहां यह बातचीत चल रही थी। इस रणजीत सिंह को जस्टिस किसने बना दिया था, जिसे यह भी नहीं पता कि रिपोर्ट कैसे तैयार की जाए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">रिपोर्ट पर खर्च पैसे को ब्याज सहित वसूला जाए| Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal</h2>
<p style="text-align:justify;">
सुखबीर बादल ने कहा इस रिपोर्ट में शिरोमणी अकाली दल के खिलाफ कुछ भी सबूत पेश नहीं किए हैं तो कैसे हवा में ही दोषी बनाया जा रहा है। सुखबीर बादल ने कहा कि यह रिपोर्ट सुखजिन्दर रंधावा के घर में बैठकर तैयार की गई है और जस्टिस रणजीत सिंह ने साइन किए हैं। उन्होंने कहा कि जस्टिस रणजीत सिंह ने कुछ नहीं किया है और उस पर खर्च किया गया पाई पाई खजाने में ब्याज सहित जमा करवाने के साथ ही रणजीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की जाए।</p>
<h2 style="text-align:left;">मॉक सैशन खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास| Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal</h2>
<p style="text-align:justify;">विधानसभा की गैलरी में शिरोमणी अकाली दल के मॉक सैशन को लेकर ब्रह्म्म मोहिन्द्रा ने सदन में निंदा प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि शिरोमणी अकाली दल के विधायकों द्वारा सदन के बराबर विधानसभा की इमारत में सदन चलाना गलत है और मर्यादा का उल्लंघन किया जा रहा है। ब्रह्म्म मोहिन्द्रा ने इस मॉक सैशन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश करते हुए पास करवाया।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Aug 2018 20:53:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>संयुक्त राष्ट की एकतरफा व अधूरी रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट ने जम्मू कश्मीर बारे अपनी रिपोर्ट में मानवीय अधिकारों के हनन का जिक्र किया है जिसको भारत सरकार तथा भारतीय सेना ने रद्द किया है। दरअसल संयुक्त राष्ट की रिपोर्ट में बुनियादी तथ्यों को ही नजरअंदाज कर दिया गया है। मानवीय अधिकारों के हनन के लिए सेना को जिम्मेदार बताया गया है पर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/united-and-incomplete-report-of-united-nations-2/article-4553"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/letter1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">संयुक्त राष्ट ने जम्मू कश्मीर बारे अपनी रिपोर्ट में मानवीय अधिकारों के हनन का जिक्र किया है जिसको भारत सरकार तथा भारतीय सेना ने रद्द किया है। दरअसल संयुक्त राष्ट की रिपोर्ट में बुनियादी तथ्यों को ही नजरअंदाज कर दिया गया है। मानवीय अधिकारों के हनन के लिए सेना को जिम्मेदार बताया गया है पर यह तथ्य गायब है कि आखिर राज्य में सेना की तैनाती क्यों है?</p>
<p style="text-align:justify;">कश्मीर में विदेशी आतंकवाद ने गड़बड़ फैलाई है। आतंकवादी कार्रवाई में सिर्फ पुलिस तथा फौज के जवान ही शहीद नहीं होते बल्कि आम नागरिक भी मारे जा रहे हैं। आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाने वाले पत्रकार शुजात बुखारी के कत्ल के पीछे भी पाकिस्तान आधारित आतंकवादी संगठन का हाथ बताया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरहदी गांवों पर पाक रेजरां की गोलीबारी ने घरों को छलनी कर दिया है। लाखों लोग घर से बेघर हो चुके हैं। ऐसे हालातों में आतंकवाद का जिक्र ही ना करना रिपोर्ट तैयार करने वाले विशेषज्ञ पर शक की सुई जाती है। फौजी कार्रवाइयों में मानवीय अधिकारों की रक्षा का मसला होता है तथा इस बात पर पहरा देने की जरूरत होती है। जम्मू कश्मीर में सुरक्षा कर्मियों की ज्यादतियों के कारण उन पर मुकदमें भी हुए और उन्हें सजाएं भी सुनाई गर्इं। कानून के आगे हर गुनहगार बराबर है।</p>
<p style="text-align:justify;">ये मिसालें ही इस बात का सबूत हैं कि कश्मीर में मानवीय अधिकारों की रक्षा के लिए पूरा कानूनी ढांचा है। ऐसी व्यवस्था में सुरक्षा बल मानवीय अधिकारों के प्रति जिम्मेदार बने रहते हैं। संयुक्त राष्टÑ जैसी प्रतिष्ठित संस्था द्वारा तथा आंकड़ों की जांच किये बिना ही जम्मू कश्मीर में मानवीय अधिकारों के हनन का मुद्दा बनाना एकतरफा तथा किसी उद्देश्य की तरफ प्रेरित होता नजर आता है। जम्मू कश्मीर में चल रहे अरबों रुपये के उन विकास कार्यों को रिपोर्ट में जगह नहीं मिली जो आम कश्मीरियों की बेहतरी के लिए किये जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसी रिपोर्टें आतंकवाद से निपटने में विश्व की समस्या है तथा कश्मीर में आतंकवाद को भी इससे अलग नहीं किया जा सकता। मानवीय अधिकारों के नाम पर आतंकवाद को बढ़ने देना जायज नहीं। आतंकवाद के खिलाफ अंतर्रराष्टय मंचों को स्थितियों की बारीकियों को देखने की जरूरत है।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/united-and-incomplete-report-of-united-nations-2/article-4553</link>
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                <pubDate>Fri, 29 Jun 2018 08:35:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनरल रावत ने संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट खारिज की</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय सेना का मानवाधिकार रिकार्ड संदेह से परे नई दिल्ली (एजेंसी)। सेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) को खारिज करते हुए कहा कि भारतीय सेना के मानवाधिकार रिकार्ड सर्वोपरि है। जनरल रावत ने बुधवार को साइबरटेक इंडिया 2018 सम्मेलन के उद्घाटन के बाद संवाददाताओं से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/general-rawat-dismisses-un-report/article-4538"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/rawat.jpg" alt=""></a><br /><h1>भारतीय सेना का मानवाधिकार रिकार्ड संदेह से परे</h1>
<p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) को खारिज करते हुए कहा कि भारतीय सेना के मानवाधिकार रिकार्ड सर्वोपरि है। जनरल रावत ने बुधवार को साइबरटेक इंडिया 2018 सम्मेलन के उद्घाटन के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भारतीय सेना का मानव अधिकार के मामले में रिकार्ड सर्वोपरि है। उन्होंने यूएनएचआरसी की रिपोर्ट को ‘प्रेरित’ करार दिया। सैन्य प्रमुख ने कहा, ‘हमें भारतीय सेना के मानवाधिकार रिकार्ड के बारे में कुछ कहने की जरुरत नहीं है। यह सर्वविदित है। कश्मीर के लोग भी इससे भली भांति परिचित हैं। इसलिए मैं नहीं समझता की यूएनएचआरसी की रिपोर्ट को लेकर कोई चिंता करनी चाहिए। ऐसी कुछ रिपोर्टे प्रेरित होती हैं। भारतीय सेना का मानवाधिकार रिकार्ड संदेह से परे है। इससे पहले विदेश मंत्रलाय ने भी रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे ‘निराधार , विवादास्पद और प्रेरित’ करार दिया था और इस पर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि यह बिना प्रमाणित किए हुए झूठे आंकड़ों पर आधारित है। संयुक्त राष्ट्र ने 14 जून को कश्मीर में मानवाधिकार को लेकर एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें कश्मीर और पाक अधिकृत कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए इन मामलों की अंतर्राष्ट्रीय जांच की वकालत की थी। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट जुलाई 2016 से अप्रैल 2018 के बीच जम्मू-कश्मीर के घटनाक्रम पर आधारित थी। 8 जुलाई 2016 में ही सुरक्षाबलों ने जैश आतंकी बुरहान वानी को एनकाउंटर में मार गिराया था, जिसके बाद घाटी में उग्र प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया था। इस दौरान हालात काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों को कई बार बल प्रयोग भी करना पड़ा।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/general-rawat-dismisses-un-report/article-4538</link>
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                <pubDate>Thu, 28 Jun 2018 10:35:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तंबाकू नियंत्रण में भारत की दुनिया भर में सराहना</title>
                                    <description><![CDATA[‘ग्लोबल टोबैको एपिडिमिक-2017’ की रिपोर्ट जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। राजस्थान सरकार, चिकित्सकों व सामाजिक संस्थाओं द्वारा तबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों की रोकथाम के लिए किए जा रहे सत्त प्रयासों से दुनिया के एक सौ प्रमुख शहरों की सूची में जयपुर सहित भारत के 13 शहरों को इसमें शामिल किया गया है। इसकी जानकारी 19 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/worldwide-appreciation-of-india-in-tobacco-control/article-2604"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/tobacco-control.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">‘ग्लोबल टोबैको एपिडिमिक-2017’ की रिपोर्ट</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> राजस्थान सरकार, चिकित्सकों व सामाजिक संस्थाओं द्वारा तबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों की रोकथाम के लिए किए जा रहे सत्त प्रयासों से दुनिया के एक सौ प्रमुख शहरों की सूची में जयपुर सहित भारत के 13 शहरों को इसमें शामिल किया गया है। इसकी जानकारी 19 जुलाई 2017 को न्यूयॉर्क में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा ‘ग्लोबल टोबैको एपिडिमिक-2017’ की रिपोर्ट में मिली है। जिसमें भारत व इन शहरों की और से तंबाकू नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की गई है। भारत के अलावा नेपाल, भूटान, बंगलादेश व फिलीपींस ने भी तंबाकू नियंत्रण में अच्छा कार्य किया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">तंबाकू नियंत्रण में जयपुर दुनिया भर के एक सौ शहरों में शामिल</h2>
<p style="text-align:justify;">टोबेको कंट्रोल के नेडर आफिसर डॉ. एस.एन.धेलपुरिया ने बताया कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ, प्रमुख शासन सचिव वीनू गुप्ता, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक नवीन जैन की और से निंरतर तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों की रोकथाम के लिए किउ जा रहे प्रयासें से ही जयपुर का नाम विश्व के एक सौ शहरों की सूची में आया है। इसके लिए कोटपा अधिनियम को प्रभावी रुप से क्रियान्वयन कराने के लिए प्रयास किये जा रहे है। डॉ. धेलपुरिया ने बताया कि इसके लिए प्रदेश में कैंसर रोग विशेषज्ञों की और से चलाया जा रहा अभियान वायॅस आॅफ टोबेको विक्टिम (वीओटीवी) की भी बड़ी भूमिका रही है। इसमें चिकित्सकें की और से निंरतर सरकार को तंबाकू के खतरों से अवगत कराया जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">छह फीसदी तंबाकू उपभोक्ता हुए कम</h3>
<p style="text-align:justify;">एक माह पूर्व जारी ग्लोबल एडल्ट्स टोबैको सर्वे (गेट्स-2)2017 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में गत सात वर्षों में तंबाकू उपभोक्ताओं की संख्या 34.6 से घटकर 28.6 हो गई है। इसमें छह फीसदी तंबाकू उपभोक्ता कम हुए हैं। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जागरूकता बढ़ाने, तंबाकू उत्पादों के प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने के बाद सात साल में 81 लाख उपभोक्ताओं ने तंबाकू को अलविदा कह दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए तंबाकू के इस्तेमाल और रक्षात्मक नियमों की निगरानी रखकर, धूम्रपान से लोगों को बचाकर, तंबाकू छोड़ने के लिए सहायता देकर, तंबाकू से खतरों के प्रति लोगों को अगाह करके, तंबाकू उत्पादों के प्रचार, प्रमोशन व स्पांसरशिप पर प्रतिबंध लगाकर तथा तंबाकू उत्पादों पर टैक्स की दरों को बढ़ाकर कार्य किया जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">तंबाकू नियंत्रण में विश्व के 100 शहरों में भारत की स्थिति कुछ इस प्रकार से है:-</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>1. जयपुर 83</strong><br />
<strong>2. कोलकाता 5</strong><br />
<strong>3. दिल्ली 6</strong><br />
<strong>4. चेन्नई 23</strong><br />
<strong>5. हैदराबाद 26</strong><br />
<strong>6. बेंगलुरु 27</strong><br />
<strong>7. अहमदाबाद 36</strong><br />
<strong>8. पुणे 46</strong><br />
<strong>9. सूरत 58</strong><br />
<strong>10. कानपुर 66</strong><br />
<strong>11. मुंबई 2</strong><br />
<strong>12. लखनऊ 87</strong><br />
<strong>13. नागपुर 96</strong></p>
<h3 style="text-align:center;">तंबाकू के खिलाफ चलाया जागरुकता अभियानर</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश सहित देशभर में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर तंबाकू के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। वहीं सरकार की ओर से तंबाकू छोड़ने वाले लोगों के लिए वर्ष 2016 में टोल फ्री नंबर जारी किया। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में होने वाली हर 10 मौत में से एक मौत तंबाकू के कारण ही होती है। करीब सात मिलियन लोग दुनिया भर में प्रतिवर्ष तंबाकू के कारण ही मरते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">राजस्थान के प्रयास सराहनीय</h3>
<p style="text-align:justify;">सभी चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाअ‍ें को तंबाकू मुक्त का अभियान, ग्राम पंचायत स्तर पर रैली, एक दिन का विश्ेष अभियान, प्रदेश के सभी पुलिसथाना परिसर, समाज कल्याण विभाग के छात्रावास व कार्यालय, तंबाकू छोड़ने वालें के लिए नि:शुल्क चिकित्सा सेवा व बच्चों के द्वारा अपने अभिभावकें से तंबाकू न करने की अपील को राष्ट्रीय स्तर पर लागू की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Jul 2017 07:39:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश में युद्ध के लिए पर्याप्त है गोला बारूद : जेटली</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने युद्ध के लिए 10 दिन का ही गोला बारूद होने संबंधी एक रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि देश में पर्याप्त मात्रा में आयुध सामग्री है और इसकी खरीद प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है। हथियारों की खरीद प्रक्रिया हुई सरल जेटली ने मंगलवार को राज्यसभा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/ammunition-is-enough-for-war-in-the-country-jaitley/article-2599"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/arun-jaitley1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने युद्ध के लिए 10 दिन का ही गोला बारूद होने संबंधी एक रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि देश में पर्याप्त मात्रा में आयुध सामग्री है और इसकी खरीद प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">हथियारों की खरीद प्रक्रिया हुई सरल</h2>
<p style="text-align:justify;">जेटली ने मंगलवार को राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव द्वारा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की गत दिनों संसद में पेश रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूछे गए सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, लेकिन 2013 का मामला है। अब हथियारों की खरीद प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और इसके लिए अधिकारों को विकेन्द्रित किया गया है तथा हाल ही में आवश्यक गोला बारूदों की खरीद की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि कैग की रिपोर्ट एक समय विशेष के सन्दर्भ में दी गई है, लेकिन उसके बाद इस में काफी प्रगति हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि कैग की रिपोर्ट पर हम चर्चा नहीं करते, लेकिन लोक लेखा समिति में इस पर विचार होने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Jul 2017 05:39:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोयला कर्मचारियों के पेंशन कोष को 19 हजार करोड़ का घाटा</title>
                                    <description><![CDATA[कर्मचारियों को पेंशन के पड़ सकते है लाले नई दिल्ली (एजेंसी)। भारी अनियमितताओं के चलते कोयला उद्योग से जुड़े कर्मचारियों के पेंशन निधि में 19699 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है और स्थिति को जल्द सुधारा नहीं गया तो कर्मचारियों को पेंशन के लाले पड़ जाएंगे। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की संसद में पेश […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/loss-of-19-thousand-crores-in-pension-fund-of-coal-employees/article-2560"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/coal-employees.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">कर्मचारियों को पेंशन के पड़ सकते है लाले</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> भारी अनियमितताओं के चलते कोयला उद्योग से जुड़े कर्मचारियों के पेंशन निधि में 19699 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है और स्थिति को जल्द सुधारा नहीं गया तो कर्मचारियों को पेंशन के लाले पड़ जाएंगे। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की संसद में पेश 2016 की रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार 1998 से लागू कोयला खान पेंशन योजना के तहत इसके बोर्ड को हर तीसरे वर्ष लेखा लिपिकों द्वारा पेंशन निधि की समीक्षा कराना जरूरी है लेकिन कैग ने अपनी पड़ताल में पाया कि समीक्षा नियमित रूप से नहीं की गई। वर्ष 2001 से 2013 के दौरान मात्र चार बार समीक्षा की गई और उसकी बेहतरी के लिए की गई अहम सिफारिशें लागू नहीं की गई।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कर्मचारियों को उठाना पड़ा वित्तीय नुकसान</h2>
<p style="text-align:justify;">पेंशन निधि की ताजा आकलन रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च को उसकी देनदारी 41161 करोड़ रुपये थी। उसकी परिसंपत्तियों का कुल मूल्य 14819 करोड़ रुपये तथा लेकिन चालू अंशदान 6643 करोड़ रुपये था। इस तरह निधि का कुल घाटा 19698.58 करोड़ था। कैग के अनुसार लिपिकों की राय थी कि यदि घाटा इसी तरह जारी रहा तो 16 वर्ष में निधि की राशि समाप्त हो जाएगी और इसमें अंशदान करने वालों को कोई पेंशन नहीं मिलेगी। उनकी रिपोर्ट में पेंशन निधि को जारी रखने के लिए मौजूदा अंशदान की दर 4.91 से बढ़ाकर वेतन का 19.46 प्रतिशत करने की पुरजोर सिफारिश की गई थी लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">पेंशन निधि में निहायत कमी, भविष्य निधि से पेंशन निधि खाते में गलत तरीके से राशि के हस्तांतरण तथा भविष्य निधि के निवेश के लिए मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन न करने, ब्याज के गलत भुगतान और पिछले करीब सात वर्षों से 1.71 करोड़ रुपये की राशि का पता न लगने जैसी भी अनियमितताएं भी पाईगई हैं, जिससे कर्मचारियों को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Jul 2017 07:15:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सभी विभागों में नहीं बढ़ेगी रिटायरमेंट उम्र: कैप्टन अभिमन्यु</title>
                                    <description><![CDATA[ कैबिनेट की सब कमेटी की रिपोर्ट तैयार चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़)। हरियाणा सरकार द्वारा रिटायरमेंट उम्र पर फैसले को लेकर गठित कैबिनेट सब कमेटी ने साफ कर दिया है कि हर विभाग में आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष नहीं की जाएगी। सब कमेटी की मंगलवार को बैठक वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के कार्यालय पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/retirement-age-will-not-increase-in-all-departments-captain-abhimanyu/article-2426"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/abhimanyu.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;"> कैबिनेट की सब कमेटी की रिपोर्ट तैयार</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़)।</strong> हरियाणा सरकार द्वारा रिटायरमेंट उम्र पर फैसले को लेकर गठित कैबिनेट सब कमेटी ने साफ कर दिया है कि हर विभाग में आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष नहीं की जाएगी। सब कमेटी की मंगलवार को बैठक वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के कार्यालय पर हुई। वित्त मंत्री ने ने बताया कि रिटायरमेंट आयु सिर्फ उन्हीं विभागों में बढ़ेगी, जिनमें तकनीकी पद ज्यादा हैं और लंबे समय से खाली पदों पर नई भर्तियां नहीं हो पा रही हैैं। कैप्टन अभिमन्यु के नेतृत्व वाली कैबिनेट सब कमेटी ने अब तकनीकी पदों पर काम कर रहे विभागाध्यक्षों पर भी लगाम डाल दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">कमेटी ने इन पदों पर काम करने वाले विभागाध्यक्षों का कार्यकाल तीन से पांच वर्ष निर्धारित करने की सिफारिश की है। कैबिनेट सब कमेटी ने तय किया है कि बिजली, स्वास्थ्य, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी तथा सिंचाई विभाग समेत उन्हीं विभागों में रिटायरमेंट आयु 60 साल की जाएगी, जिनमें तकनीकी पद अधिक हैैं और रिक्तियां पूरी नहीं हो पा रही हैैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अनिल विज फिर रहे नदारद</h3>
<p style="text-align:justify;">कैबिनेट की सब कमेटी की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज हर बार की तरह इस बार भी शामिल नहीं हुए, लेकिन राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने भागीदारी की। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <pubDate>Tue, 18 Jul 2017 08:25:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीनी मीडिया का दावा 158 भारतीय सैनिक मारे गए, भारत ने बताया &amp;#8216;चाल&amp;#8217;</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्‍ली: चीन हर तरह से भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। वो ‘साम दाम दंड भेद’ की नीति अपना रहा है। जब बॉर्डर पर जोर नहीं चल रहा, तो अब मीडिया के जरिए चीन तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है। चीनी मीडिया में खबर आई कि बॉर्डर पर चीनी सेना ने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/chinese-media-report-claiming-its-army-killed-158-indian-soldiers/article-2405"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/china-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्‍ली:</strong> चीन हर तरह से भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। वो ‘साम दाम दंड भेद’ की नीति अपना रहा है। जब बॉर्डर पर जोर नहीं चल रहा, तो अब मीडिया के जरिए चीन तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">चीनी मीडिया में खबर आई कि बॉर्डर पर चीनी सेना ने 158 भारतीय सैनिकों को मार गिराया है। ऐसी ही कुछ खबरें पाकिस्तान न्‍यूज चैनलों पर भी चल रही हैं। लेकिन भारत ने इन खबरों को झूठा करार दिया है। गौरतलब है कि पिछले महीने से भारत और चीन के बीच डोकलाम को लेकर तनातनी चल रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय सैनिकों ने चीनी सेना के डोकलाम में रोड निर्माण करने पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद दोनों देशों की ओर से सीमा पर सैनिकों को संख्या बढ़ा दी। वही पाकिस्तान की टीवी चैनल में ऐसी तस्वीरें दिखाई गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जिसमें दावा किया जा रहा है कि सिक्किम में चीन की सेना ने सीमा पर रॉकेट के जरिए भारी गोलाबारी की है। जिसमें भारतीय चौकियों को तबाह कर दिया गया है। साथ ही ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">चीनी सैनिकों ने किया था युद्धाभ्यास</h2>
<p style="text-align:justify;">सिक्किम सेक्टर के डोका ला क्षेत्र में भारतीय और चीनी सेना के गतिरोध के बीच चीन की सेना ने सोमवार को कहा कि उसने पठारी इलाके में हमले की अपनी क्षमता जांचने के लिए दूर दराज के तिब्बत पवर्तीय क्षेत्र में गोलीबारी का अभ्यास किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सेना ने कहा, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी, पीएलए ने 5000 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर 11 घंटा लंबा अभ्यास किया, जिसका लक्ष्य इस तरह के ठिकानों पर लड़ाकू क्षमता को बेहतर करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Tue, 18 Jul 2017 00:56:41 +0530</pubDate>
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