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                <title>उत्तर प्रदेश के आसमान में दिखी रोशनी की कतार</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार रात को एक ऐसी खबर सुनने को आई जिससे आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लखनऊ व लखीमपुर खीरी जैसे कई शहरों में सोमवार रात आसमान में रोशनी की एक कतार देखी (Strange Light in Sky) गई। ये रोशनी की कतार रात में गुजरती हुई […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/strange-light-seen-in-the-y-of-up/article-37728"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/strange-light-in-sky.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार रात को एक ऐसी खबर सुनने को आई जिससे आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लखनऊ व लखीमपुर खीरी जैसे कई शहरों में सोमवार रात आसमान में रोशनी की एक कतार देखी (Strange Light in Sky) गई। ये रोशनी की कतार रात में गुजरती हुई रोशन ट्रेन की तरह दिख रही थी। बताया जा रहा है कि दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति Elon Mu के स्टारलिंक इंटरनेट सैटेलाइट है जो भारत के आसमान से गुजरते है।</p>
<p style="text-align:justify;">मीडिया रिपोर्ट की मानें तो एलन मस्क इन सैटेलाइट्स को लगभग हर दूसरे महीने अपने फॉल्कन-9 रॉकेट से अंतिरिक्ष में छोड़ते हैं। बताया जाता है कि इस रॉकेट में 2 स्टेज होते हैं। पहला स्टेज आमतौर पर लॉन्चिंग के नौ महीने बाद धरती पर वापस लौट आता है। जबकि दूसरा स्टेज स्टारलिंक सैटेलाइट्स को धरती की निचली कक्षा में स्थापित करता है। धरती पर दूसरा स्टेज कुछ समय बाद क्रैश लैडिंग करता है। इससे पहले पिछले वर्ष दिसंबर में भी पंजाब में यह चीज देखने को मिली थी।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Sep 2022 12:12:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>प्रकाश के उस अथाह पुंज में</title>
                                    <description><![CDATA[Boundless Beam धरा पर आकाश नन्ही बूंद क्यों बरसा रहा? शीतल मंद समीर भी सुन सन सन सन कुछ गा रहा! धरा ने भी धुंध का परिधान क्यों धारण किया? बन गई दुल्हन संवर के किससे ये घूंघट किया! हरित-हार श्रंगार करके किसका इंतजार करती? अलंकृत हो करके क्यों है? खुशी का इजहार करती! चहकती […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/boundless-beam-of-light/article-12732"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/boundless-beam.jpg" alt=""></a><br /><h2>Boundless Beam</h2>
<h4>धरा पर आकाश नन्ही बूंद क्यों बरसा रहा?<br />
शीतल मंद समीर भी सुन सन सन सन कुछ गा रहा!<br />
धरा ने भी धुंध का परिधान क्यों धारण किया?<br />
बन गई दुल्हन संवर के किससे ये घूंघट किया!<br />
हरित-हार श्रंगार करके किसका इंतजार करती?<br />
अलंकृत हो करके क्यों है? खुशी का इजहार करती!<br />
चहकती चिड़ियों का झुंड किस बात को समझा रहा?<br />
आकाश में परिहास करता ये किधर को जा रहा?<br />
सारी प्रकृति नहाकर किसका स्वागत कर रही?<br />
मीठी वायु की मधुरता ह्रदय को क्यों हर रही है?<br />
कह रही है ये हवा आ रहे शाहों के शाह!<br />
इसीलिए गायन किया है और संवारी है ये राह!<br />
कह रहे खग-वृंद आ जाओ है आना यदि,<br />
जा रहे हैं हम तो सारे श्री जलालाना में ही।<br />
जिस जगह की गायों का दूध था रब ने पिया,<br />
उस घेर की मुंडेर पर कुछ देर को बैठेंगे जा।<br />
यदि सूर्य के तेज से खिल जाती हैं कलियां सभी<br />
तो अलग के अथाह तेज से ये जमीं ही खिल गई।<br />
मिल गर्इं खुशियां धरा को प्रीतम प्यारे के मिलन की<br />
छोह पाएगी ये अब मुर्शीद प्यारे के चरण की<br />
जलाल ही जलाल आज श्री जलालाना में छाया<br />
श्री जलालाना भी आज अनंत सूरज बन गया।<br />
गंध ने पुष्पों की आज रूप वो धारण किया,<br />
मानो परमाणु सुगंध ने अपना विस्तारण किया!<br />
सैकड़ों नदियां हो जातीं सागर में एक रूप जैसे<br />
प्रकाश के उस अथाह पुंज में सूरज भी आज समा गया।<br />
चांद तारे सारे जैसे सूर्योदय में छुप जाते हैं।<br />
छुप गया सूरज भी आज जोत इलाही के आने से<br />
पहले थीं अनाथ रूहें हो गई सनाथ अब<br />
शाह सतनाम जी के रूप में आए उनके नाथ जब।<br />
रहमते अपार का वर्णन न कोई कर सके<br />
‘बघियाड़’ की औकात क्या कोई कर सका, ना कर सके।</h4>
<h4>Boundless Beam</h4>
<h3><strong>-बघियाड़</strong></h3>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jan 2020 21:26:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सड़कों पर मौत का सन्नाटा नहीं, जीवन का उजाला हो</title>
                                    <description><![CDATA[शनिवार को हरियाणा के कैथल-कुरूक्षेत्र रोेड पर सड़क किनारे खड़ी पिकअप में एक ट्रक भिड़ जाने से 4 लोगों की दर्दनांक मौत हो गई। इसी तरह बिहार में एक सड़क हादसें में पूरे आठ लोग अपनी जान गवां बैठे। सड़क हादसों और उनमें मरने वालों की बढ़ती संख्या के आंकड़ों ने लोगों की चिंता तो […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/not-the-silence-of-death-on-the-streets-the-light-of-life/article-4443"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/accident-6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">शनिवार को हरियाणा के कैथल-कुरूक्षेत्र रोेड पर सड़क किनारे खड़ी पिकअप में एक ट्रक भिड़ जाने से 4 लोगों की दर्दनांक मौत हो गई। इसी तरह बिहार में एक सड़क हादसें में पूरे आठ लोग अपनी जान गवां बैठे। सड़क हादसों और उनमें मरने वालों की बढ़ती संख्या के आंकड़ों ने लोगों की चिंता तो बढ़ा दी ही है लेकिन एक यहां ज्वलंत प्रश्न भी खड़ा हुआ है कि नेशनल हाइवे से लेकर राज्यमार्ग और आम सड़कों पर सर्वाधिक खर्च होने एवं व्यापक परिवहन नीति बनने के बावजूद ऐसा क्यों हो रहा है? इस पर केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को गंभीरता से चिन्तन करना अपेक्षित है।</p>
<p style="text-align:justify;">सड़क हादसों में मरने वालों की बढ़ती संख्या ने एक महामारी एवं भयंकर बीमारी का रूप ले लिया है। आज जो संकेत हमें मिल रहे हैं, वे बेहद चिन्ताजनक है। हमें अपने आप को कहां रोकना है, कहां सुरक्षा की छतरी खोलनी है एवं कहां गलत खेल रोकना है, यह विवेक हमें अपने आप में जागृत करना ही होगा। हम परिस्थितियों और हालातों को दोषी ठहराकर बचने का बहाना कब तक ढंूढते रहेंगे? सोचनीय प्रश्न यह भी है कि आखिर हमने प्रतिकूलताओं से लड़ने के ईमानदार प्रयत्न कितने किए?</p>
<p style="text-align:justify;">इन प्रश्नों एवं खौफनाक दुर्घटनाओं के आंकडों में जिन्दगी सहम-सी गयी है। सड़कों पर मौत का सन्नाटा नहीं, जीवन का उजाला हो। सड़क दुर्घटनाओं पर नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़े दिल दहलाने वाले हैं। पिछले साल सड़क हादसों में हर घंटे 16 लोग मारे गए। सड़क दुर्घटनाओं की संख्या और उनमें मरने वालों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो संदेश ‘मन की बात’ में भी उसका जिक्र किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई और लोगों की जान बचाने के लिए कदम उठाने की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सड़क परिवहन और सुरक्षा कानून बनाएगी तथा दुर्घटना के शिकारों को बिना पैसा चुकाए तुरंत चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराएगी। सड़कों पर दुर्घटनाएं सचमुच में बहुत बढ़ गई हैं। कारण अधिक यातायात। लाखों नए वाहनों का प्रतिवर्ष सड़कों पर आना। सड़क मार्गों की खस्ता हालत। नौसिखिए चालक। शराब पीकर वाहन चलाना।</p>
<p style="text-align:justify;">आगे निकलने की होड़। ट्रक ड्राइवरों की अनियमित एवं लम्बी ड्राइविंग, भारतीय ट्रकों की जर्जर दशा-ये सब कारण हैं। सवारी वाहनों में मान्य लोगों से ज्यादा सवारियों को बैठा कर चलाना (ओवर क्राउडिंग) और मालवाही वाहनों में ओवर लोडिंग और जगह से ज्यादा रखी लोहे की सरियाँ इत्यादि भी सड़क दुर्घटनाओं के कारण बनते हैं। कुछ मार्गों पर विशेष जगहें हैं जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। उनके साथ अन्धविश्वास व अन्य कारण जुड़े हुए हैं। क्यों नहीं इन कारणों को मिटाने का प्रयास किया जाता?</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Jun 2018 08:17:52 +0530</pubDate>
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