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                <title>Deficit - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Deficit RSS Feed</description>
                
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                <title>रोडवेज घाटे में क्यों? कारण तलाशने में जुटा महकमा</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सच कहूँ न्यूज)। प्रदेश की बीजेपी सरकार रोडवेज को घाटे से उबारने के लिए गंभीर हो गई। इसी को लेकर रोडवेज विभाग ने बसों में मुफ्त सफर करने वाली कैटेगरीज का डाटा एकत्रित करना शुरु कर दिया है। विभाग के निर्देशानुसार सभी परिचालकों को एक फॉर्म दिया गया है,जिसमें उन्हें यह बताना होगा कि छात्र-छात्राओं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/why-in-roadways-deficit-find-out/article-4093"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/bus-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज)। </strong>प्रदेश की बीजेपी सरकार रोडवेज को घाटे से उबारने के लिए गंभीर हो गई। इसी को लेकर रोडवेज विभाग ने बसों में मुफ्त सफर करने वाली कैटेगरीज का डाटा एकत्रित करना शुरु कर दिया है। विभाग के निर्देशानुसार सभी परिचालकों को एक फॉर्म दिया गया है,जिसमें उन्हें यह बताना होगा कि छात्र-छात्राओं के अलावा ओर कौन-कौन सी कैटेगरीज रोडवेज में फ्री में सफर कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">रोडवेज महाप्रबंधक उक्त आकंड़े 13 जून को चंडीगढ़ में होने वाली बैठक में प्रस्तुत करेंगे। दरअसल रोडवेज विभाग लंबे समय से घाटे में चल रहा है और अब रोडवेज मुख्यालय घाटे की असली वजह तलाशने के लिए जुट गया है। इसको लेकर विभाग ने फैसला लिया है, कि बसों में मुफ्त यात्रा कितने प्रतिशत सवारियां करती हैं। डिपो के अतिरिक्त महाप्रबंधक के मुताबिक विद्यार्थी रोडवेज विभाग से पास जारी करवाते हैं। लेकिन ज्यादातर मुफ्त सफर करने वाली कैटेगरीज का रिकार्ड भी विभाग के पास नहीं होता, तो विभाग सीधे तौर पर अनुमान नहीं लगा सकता कि बसों में कितने लोग रोजाना मुफ्त सफर करते हैं। इसमें सभी डिपार्टमेंट से संबंधित लोग शामिल हैं, लेकिन घाटे का खामियाजा सिर्फ रोडवेज विभाग को भुगतना पड़ता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मुफ्त व रियायती सफर करने वालों से घाटे में हैं रोडवेज: चमनलाल स्वामी</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा रोडवेज सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश सलाहकार चमनलाल स्वामी ने कहा कि सरकार रोडवेज बसों से घाटे का राग अलापती है, लेकिन यह नहीं देखती कि कितनी कैटेगरीज के लोग रोजाना बसों में मुफ्त सफर करते हैं, क्योंकि यह छूट खुद सरकार ने दे रखी है। जिसका खामियाजा सिर्फ रोडवेज विभाग को भुगतना पड़ता है। यूनियन की मांग है कि सरकार इन कैटेगरीज को मुफ्त सफर सुनिश्चित कराती है, तो संबंधित विभागों की जिम्मेदारी भी तय करते हुए करवाए। उन्होंने कहा कि बसों में 42 से ज्यादा कैटेगरी के लोग मुफ्त व रियायती दर्रों पर सफर करते हैं। बसों में तीसरा हिस्सा सवारी मुफ्त होती हैं। वहीं छात्रों की भीड़ से किराया देकर सफर करने वाली अधिकतर सवारियां बसों में नहीं चढ़ पाती हैं। जिससे बसों की बुकिंग कम आती है, तो अधिकारी संबंधित बस के कंडक्टरों को दोषी मानते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मुफ्त सफर करने वाली सवारियों की कंडक्टरों से मांगी हैं डिटेल</h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यालय के निर्देशानुसार सभी कंडक्टरों से बसों में मुफ्त व रियायती सफर करने वाली सवारियों की डिटेल मांगी है। इससे मालूम होगा कि रोजाना कितने लोग मुफ्त सफर करते हैं। डिटेल एकत्रित कर विभाग की बसों के घाटे का आकलन होगा। लेकिन आगामी निर्णय विभागीय अधिकारियों ने लेना है।<br />
<strong>– धनराज कुंडू, अतिरिक्त महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, सरसा।</strong></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Jun 2018 15:25:53 +0530</pubDate>
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                <title>इनैलो के विरोध से पीआरटीसी को घाटा</title>
                                    <description><![CDATA[संगरूर (गुरप्रीत सिंह)।सतलुज यमुना लिंक नहर के मामले में इनैलो द्वारा पंजाब के वाहनों की हरियाणा में पाबंदी का असर बड़े स्तर पर देखने को मिला। पंजाब सरकार द्वारा हरियाणा जाने वाली सभी बसों को नजदीकी बार्डरों पर रोक दिया गया है। पंजाब में पीआरटीसी अथवा किसी अन्य डिपो की बस हरियाणा की सीमा के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/prtc-deficit-due-to-protest-of-inld/article-2212"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/protest.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>संगरूर (गुरप्रीत सिंह)।</strong>सतलुज यमुना लिंक नहर के मामले में इनैलो द्वारा पंजाब के वाहनों की हरियाणा में पाबंदी का असर बड़े स्तर पर देखने को मिला। पंजाब सरकार द्वारा हरियाणा जाने वाली सभी बसों को नजदीकी बार्डरों पर रोक दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब में पीआरटीसी अथवा किसी अन्य डिपो की बस हरियाणा की सीमा के भीतर दाखिर नहीं हुई। इनैलो के आह्वान पर पीआरटीसी के विभिन्न डिपूओं पर बड़ा असर पड़ा है। जानकारी मुताबिक पीआरटीसी के संगरूर, भटिंडा, बरनाला, लुधियाना व फरीदकोट के डिपो को लाखों रुपये का घाटा सहन करना पड़ा और इस कारण सवारियों को भी बड़े स्तर पर परेशान होना पड़ा।</p>
<h2 style="text-align:justify;"><strong>डिपूओं की बसें बार्डर पर रुकी, हरियाणा जाने वाले यात्री हुए परेशान</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">इनैलो द्वारा लगाई गई रोक का असर देखने के लिए ‘सच कहूँ’ प्रतिनिधि ने विभिन्न बस स्टैंडों का दौरा किया। संगरूर के बस स्टैंड में अंबाला जाने वाली बस के चालक से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उन्हें सिर्फ राजपुरा तक जाने के लिए कहा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब उन्हें हरियाणा जाने वाली सवारियों के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि उन्हें डिपो द्वारा सिर्फ राजपुरा तक जाने का ही फरमान है। बस में सवार दिनेश कुमार, रवि कोछड़, दीपिका व अन्य सवारियों ने बताया कि उन्होंने अपने परिवारिक समारोह के लिए अंबाला पहुंचना था और वह काफी दूर से आए हैं। उन्हें इस मामले संबंधी पता नहीं था,</p>
<p style="text-align:justify;">जिस कारण उन्हें चिंता सता रही है कि वह आगे कैसे पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि अब वह राजपुरा जाकर हरियाणा साईड जाने के लिए किसी गाड़ी का प्रबंध करेंगे। इस तरह बस में सवार अन्य सवारियों ने भी सीधा अंबाला जाना था।</p>
<p style="text-align:justify;">रूट में हुई रद्दो बदल कारण पीआरटीसी को काफी आर्थिक घाटा पड़ने के आसार हैं। सिर्फ संगरूर जिले को इनैलों के आह्वान कारण लगभग 10 लाख रुपये का घाटा पड़ने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त अन्य डिपूओं का नुकसान अलग होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">जब इस संबंध में पीआरटीसी के जनरल मैनेजर प्रदीप सचदेवा से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि हरियाणा में बंद का असर तो जरूर हुआ है, किन्तु इस संबंधी सभी डिपूओं को कितना घाटा पड़ा है, इस बारे में अंकड़े आने के बाद ही पता चल सकेगा। हरियाणा को जाने वाले सभी टाईम उसी तरह चल रहे हैं, किन्तु सभी बसों को बार्डरों पर रोका जा रहा है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">50 से अधिक रूट हुए प्रभावित</h2>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि संगरूर से विभिन्न डिपूओं के 50 से अधिक टाईम हैं, जो दिल्ली व हरियाणा को जाते हैं। यह सभी रूट बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। नरवाना, हिसार, कैथल, अंबाला, दिल्ली, शिमला,कसौली जाने के लिए यात्रियों को बड़े स्तर पर परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारी अनुसार संगरूर से पीआरटीसी का पहला टाईम सुबह 4:50 पर दिल्ली को वाया जींद चलता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त नरवाना, दिल्ली जाने के लिए लगभग 26 टाईम हैं, जो विभिन्न डिपूओं की बसें के हैं। इसके अतिरिक्त संगरूर से हिसार जाने के लिए 10 बसों के टाईम हैं, जिन्हें मूनक में रोक दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">कैथल को 18 टाईम हैं। कैथल की सवारियों को संगतपुरा बार्डर पर रोका गया है। अंबाला जाने के लिए लगभग 24 टाईम हैं, जिन्हें राजपुरा तक रोका गया। इसके अतिरिक्त भटिंडा, फरीदकोट, संगरूर डिपूओं की बसें हैं, जो हरियाणा में दाखिल नहीं हो सकी।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Jul 2017 00:00:05 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हड़ताल से पनबस को साढ़े तीन करोड़ का घाटा</title>
                                    <description><![CDATA[पचास फीसदी से ज्यादा बस सेवा प्रभावित रही दिल्ली व जालंधर जाने वाले यात्री रहे परेशान PathanKot, Sachkahoon News:  रेगुलर करने की मांग को लेकर शुक्रवार से प्रदेश के समूह पनबस कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। पनबस कर्मियों के हड़ताल के पहले दिन पठानकोट डिपो से पचास फीसद से अधिक सरकारी बस सेवा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/strike-panbus-million-deficit/article-459"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/01-13.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>पचास फीसदी से ज्यादा बस सेवा प्रभावित रही</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली व जालंधर जाने वाले यात्री रहे परेशान</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>PathanKot, Sachkahoon News:</strong>  रेगुलर करने की मांग को लेकर शुक्रवार से प्रदेश के समूह पनबस कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। पनबस कर्मियों के हड़ताल के पहले दिन पठानकोट डिपो से पचास फीसद से अधिक सरकारी बस सेवा प्रभावित होने के कारण जहां विभाग को तीन लाख से अधिक का आर्थिक नुक्सान उठाना पड़ा है, वहीं पास होल्डरों सहित आम जनता को खासी परेशानी हुई।<br />
हड़ताल के चलते सबसे ज्यादा परेशानी जम्मू जाने वाले यात्रियों को उठानी पड़ी। जालंधर, लुधियाना व दिल्ली के लिए भी बसें कम चलने से यात्रियों को परेशान होना पड़ा। हड़ताल पर बैठे पनबस कर्मियों ने राज्य सरकार के खिलाफ वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए पंजाब सरकार मुदार्बाद के नारे लगाए।</p>
<p><strong>तीस के करीब रूट रहे बंद</strong><br />
हड़ताल के पहले दिन पठानकोट में पचास फीसद के करीब सरकारी रूट मिस हुए। शुक्रवार को हड़ताल के पहले दिन पठानकोट डिपो रोडवेज प्रबंधक की ओर से सुबह चार बजे से लेकर छह बजे तक डिपो की ओर से चंडीगढ़ के लिए चार बसें तो चलाई गई थी, लेकिन इसके बाद हड़ताली कर्मियों ने सरकारी बसों को नहीं चलने दिया। हड़ताल के कारण रोडवेज के पक्के ड्राइवरों की संख्या कम होने के कारण सुबह 11 बजे तक तीस के करीब रूट बंद रहे।</p>
<p><strong>डिपो को हुआ 3.50 लाख का नुक्सान</strong><br />
पनबस कर्मियों के हड़ताल पर होने की वजह से पठानकोट-अमृतसर रूट पर सरकारी बसें कम ही चलीं। हालांकि किलोमीटर स्कीम के तहत डिपो की ओर से पांच-छह बसों को चलाया गया। इसके बावजूद पठानकोट से आज 88 में से 45 रूट मिस हुए। मिस होने वाले रूट में अमृतसर, 9 चंडीगढ 4, दिल्ली 5, दीनानगर, जनियाल व घरोटा-चंडीगढ़ 3, जम्मू के 3, जालंधर के 4, डलहोजी-चंबा के 3 रूट बंद रहे।</p>
<p><strong>जम्मू जाने वाले यात्री ज्यादा परेशान</strong><br />
पनबस कर्मियों की हडताल के चलते सबसे ज्यादा परेशानी जम्मू जाने वाले यात्रियों को उठानी पड़ी। जम्मू जाने वाले रामदीन, निर्मला देवी, कृष्णा देवी, राकेश बनोत्रा, मनोज कचोत्रा, विजय कुमार, मनोहर लाल आदि ने बताया कि एक घंटे से वह जम्मू जाने वाली बस का इंतजार कर रहे हैं। अब एक बस आई तो वह काउंटर पर लगने से पहले ही भर गई, जिस कारण कई यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ा। उन्होंने जेएंडके ट्रांसपोर्ट के साथ-साथ रोडवेज अधिकारियों से मांग करते हुए कहा कि हड़ताल को देखते हुए जम्मू के लिए विशेष बस सेवा चलाई जाए।<br />
उधर, इस संदर्भ में जब पंजाब रोडवेज पठानकोट डिपो के ड्यूटी इंस्पेक्टर राज कुमार से बात की तो उनका कहना था कि पनबस कर्मियों के चलते आज डिपो के रोजाना चलने वाले रूटों में से पचास फीसद रूट नहीं चल पाए। हड़ताल के चलते डिपो को तकरीबन 3.50 लाख के करीब आर्थिक नुक्सान हुआ है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/strike-panbus-million-deficit/article-459</link>
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                <pubDate>Sat, 10 Dec 2016 02:43:47 +0530</pubDate>
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