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                <title>Can - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>सिनेमाहॉल के अंदर ले जा सकते हैं घर का खाना</title>
                                    <description><![CDATA[गोरखपुर(एजेंसी)। सिनेमाहॉलों में खाने-पीने के सामान बाहर से ले जाने पर कोई रोक नहीं है। कतई जरूरी नहीं कि आप सिनेमाहॉल परिसर के स्टाल से ही सामान खरीदें। सूचना का अधिकार के तहत दी गई जानकारी में कमिश्नर, वाणिज्य कर, उत्तर प्रदेश ने बताया है कि सिनेमाहॉल/ मल्टीप्लेक्स संचालकों को ऐसा कोई अधिकार नहीं दिया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>गोरखपुर(एजेंसी)।</strong> सिनेमाहॉलों में खाने-पीने के सामान बाहर से ले जाने पर कोई रोक नहीं है। कतई जरूरी नहीं कि आप सिनेमाहॉल परिसर के स्टाल से ही सामान खरीदें। सूचना का अधिकार के तहत दी गई जानकारी में कमिश्नर, वाणिज्य कर, उत्तर प्रदेश ने बताया है कि सिनेमाहॉल/ मल्टीप्लेक्स संचालकों को ऐसा कोई अधिकार नहीं दिया गया है, जिससे कि वह बाहर से खरीदे हुए खाने-पीने के सामान के प्रयोग पर रोक लगा सकें। यही नहीं चलचित्र नियमावली, 1951 के अंतर्गत दिए लाने वाले लाइसेंस की शर्त में यह भी प्राविधान है कि प्रेक्षागृह के भीतर चाय, कॉफी, दूध, शीतल पेय, या ऐसी कोई भी खाद्य सामग्री, जो मुहर बंद पैकेट में न हो, का विक्रय करने की अनुमति नहीं होगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सिनेमाहाल में बाहर से सामान को लाने पर करते हैं मनाही</h2>
<p style="text-align:justify;">आमतौर पर दर्शकों को सिनेमाहॉल/मल्टीप्लेक्स के भीतर बाहर से खरीदे हुए खाने-पीने के सामान को सुरक्षा जांच के नाम पर नहीं ले जाने दिया जाता है। मजबूरी में लोगों को परिसर के भीतर के स्टॉल से ही सामान खरीदना होता है। यहां सामान, खुले बाजार की अपेक्षा ऊंची कीमत पर मिलता है। गोरखपुर के आरटीआइ कार्यकर्ता आनंद रुंगटा ने इस बाबत वाणिज्य कर विभाग से आरटीआइ के तहत जानकारी मांगी थी। कमिश्नर वाणिज्य कर कार्यालय, उत्तर प्रदेश ने जवाब में यह भी स्पष्ट किया कि बाहर से खरीदे हुए वही सामान प्रेक्षागृह के भीतर ले जा सकते हैं, जो सीलबंद पैकेट या बोतल में हो।</p>
<p style="text-align:justify;">प्राय: सिनेमाहॉलों में खाद्य पदार्थ खुले में मिलते हैं। इन पर एमआरपी भी छपी नहीं होती। उत्तर प्रदेश सिनेमेटोग्राफी (26वां संशोधन) नियमावली 2018 के अनुसार भी सिनेमाहॉल मालिक मुहरबंद पैकेटों में ही सामान बेच सकते हैं। एक अन्य आरटीआइ के जवाब में ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी मुख्यालय, लखनऊ ने बताया है कि सिनेमाहॉल के भीतर खाद्य सामग्री बेचते हुए बिल देना एवं नियमानुसार जीएसटी पंजीयन कराना अनिवार्य है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कमाई का असल जरिया है खान-पान</h2>
<p style="text-align:justify;">सिनेमाहॉल परिसर की कैंटीन से सामान खरीदने पर जोर देने के पीछे दरअसल कमाई का खेल है। एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते वर्ष जुलाई से सितंबर की अवधि में देश के दो बड़े मल्टीप्लेक्स चेन ने फूड एवं वेबरिजेस श्रेणी में क्रमश: 25 और 42 फीसद की बढ़त दर्ज की, यह पिछले नौ माह में सर्वाधिक बढ़त थी। विशेषज्ञों के मुताबिक बॉक्स ऑफिस से होने वाली कमाई पर निर्भर रहने में जोखिम को देखते हुए सिनेमाहॉल फूड एंड वेबरिजेस को आय के अतिरिक्त और मजबूत स्रोत के रूप में विकसित करने पर फोकस कर रही हैं।बीते वर्ष बांबे हाइकोर्ट ने तो सिनेमाहॉल के भीतर इंटरवल में टिफिन ले जाने की भी अनुमति दी थी। हालांकि बाद में इस आदेश को चैलेंज किया गया था, जिस पर सुनवाई होनी शेष है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">नियम पालन करना जरूरी</h2>
<p style="text-align:justify;">आरटीआइ कार्यकर्ता आनंद रुंगटा का कहना है कि खाने-पीने के सामान बाहर से ले जाने पर रोक का नियम नहीं है। लोगों को इस संबंध में जागरुक होना चाहिए। सामान लेते समय बिल जरूर लें। सिनेमाहॉल संचालकों को भी इन नियमों का पालन करना चाहिए।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>रंगमंच</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Jan 2019 13:34:22 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>राम मंदिर: सरकार कानून बनाए, कोर्ट के फैसले का और इंतजार नहीं कर सकते: विहिप</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व हिंदू परिषद ने कहा- हिंदू समाज सालों तक कोर्ट के फैसले का इंतजार नहीं कर सकता नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक इंटरव्यू में कहा कि राम मंदिर के मामले में न्याय प्रक्रिया (Ram Temple Government Can Not Make Law VHP) पूरी होने के बाद ही अध्यादेश लाने पर विचार किया जाएगा। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:justify;">विश्व हिंदू परिषद ने कहा- हिंदू समाज सालों तक कोर्ट के फैसले का इंतजार नहीं कर सकता</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक इंटरव्यू में कहा कि राम मंदिर के मामले में न्याय प्रक्रिया (Ram Temple Government Can Not Make Law VHP) पूरी होने के बाद ही अध्यादेश लाने पर विचार किया जाएगा। इसके बाद भाजपा के समर्थक दलों और संगठनों ने इस पर नाराजगी जताई। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने इस मुद्दे को लेकर बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उसने सरकार से मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने की मांग की। इससे पहले मोदी ने कहा था कि सरकार संविधान के तहत ही काम करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा।विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, “हमने राम जन्मभूमि पर (Ram Temple Government Can Not Make Law VHP) प्रधानमंत्री का बयान देखा है। यह मामला 69 साल से कोर्ट में चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला उनकी प्राथमिकता में नहीं है। अब यह सुनवाई 4 जनवरी को हो रही है, लेकिन जिस बेंच को सुनवाई करनी थी, उसका गठन नहीं हुआ है। अब यह फिर से सीजेआई की कोर्ट में आ गया है।”</p>
<h2 style="text-align:justify;">‘संत तय करेंगे कि आगे क्या करना है’</h2>
<p style="text-align:justify;">आलोक कुमार ने कहा, “हमें लग रहा है कि सुनवाई अभी कोसों मील दूर है। ऐसे में विहिप का फैसला है कि हिंदू समाज सालों तक कोर्ट के फैसले का इंतजार नहीं कर सकता। हम चाहते हैं कि सरकार अध्यादेश लाकर भव्य मंदिर बनाए। इस मामले में आगे की बातचीत प्रयागराज में धर्म संसद होगी। वहां संत तय करेंगे कि हमें आगे क्या करना है।”</p>
<h2 style="text-align:justify;">‘सांसदों ने मंदिर निर्माण का समर्थन किया’</h2>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ”हम देश के ज्यादातर सांसदों से मिले। उन्होंने संसद में कानून लाकर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करने का समर्थन किया है। हिंदू समाज लंबे समय से लोकतंत्र की लड़ाई लड़ रहा है। संत समाज हमारे साथ खड़ा है। 31 जनवरी को धर्म संसद में संत जो निर्णय लेंगे, हम उसी पर आगे बढ़ेंगे।”</p>
<h2 style="text-align:justify;">‘कांग्रेस के वकीलों ने मामले को लटकाया’</h2>
<p style="text-align:justify;">आलोक कुमार ने कहा- ”कांग्रेस के वकीलों की कोशिश है कि यह मामला कोर्ट में लटकता रहे। हमारे पास दोनों मामले खुले हैं कि संसद में कानून बने या सुप्रीम कोर्ट लगातार सुनवाई करे। प्रधानमंत्री ने भले ही हमारा समर्थन नहीं किया है, लेकिन हमें उन्हीं से उम्मीद है। हमने प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा है।”</p>
<h2 style="text-align:justify;">मोदी ने कहा था- तीन तलाक पर भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हम अध्यादेश लाए</h2>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा था कि राम मंदिर मुद्दे पर अध्यादेश लाने के बारे में न्याय प्रक्रिया खत्म होने के बाद ही विचार किया जाएगा। तीन तलाक पर भी हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अध्यादेश लाए थे। कांग्रेस के वकील खलल पैदा कर रहे हैं, इसलिए अदालती कार्यवाही धीमी हो गई है। न्याय प्रक्रिया खत्म होने के बाद सरकार के तौर पर हमारी जो भी जिम्मेदारी होगी, हम वह करेंगे।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Jan 2019 13:54:46 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन में नया नियम: टैक्स नहीं चुकाया तो नहीं छोड़ पाएंगे देश</title>
                                    <description><![CDATA[बीजिंग (एजेंसी)। नए साल से चीन की टैक्स कलेक्शन अथॉरिटी ने नया नियम बनाया है। इस नियम के तहत ऐसा कोई भी बिजनेसमैन, कंपनी या व्यक्ति जिस पर किसी भी तरह का टैक्स बकाया हो, वह देश छोड़कर नहीं जा सकेगा। इस डेटाबेस को पुलिस, बैंक, इमिग्रेशन, पासपोर्ट, एयपोर्ट और सी-पोर्ट जैसे विभागों के साथ भी साझा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/china-major-tax-evaders-can-not-leave-country/article-7152"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-01/tax.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बीजिंग (एजेंसी)।</strong> नए साल से चीन की टैक्स कलेक्शन अथॉरिटी ने नया नियम बनाया है। इस नियम के तहत ऐसा कोई भी बिजनेसमैन, कंपनी या व्यक्ति जिस पर किसी भी तरह का टैक्स बकाया हो, वह देश छोड़कर नहीं जा सकेगा। इस डेटाबेस को पुलिस, बैंक, इमिग्रेशन, पासपोर्ट, एयपोर्ट और सी-पोर्ट जैसे विभागों के साथ भी साझा किया जाएगा। ये सभी विभाग इन बकायदारों पर नजर रखेंगे। ऐसे लोगों को देश छोड़ने की इजाजत भी नहीं होगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">शुरू में 10 लाख से ज्यादा टैक्स के बकाएदारों पर होगी कार्रवाई</h2>
<p style="text-align:justify;">नए नियम के दायरे में शुरुआत में ऐसे कारोबारी, कंपनियां और नौकरीपेशा लोग आएंगे, जिन पर 1 लाख युआन (10.26 लाख भारतीय रुपये) का टैक्स बाकी है। ऐसे बकायदारों की सभी जानकारी मसलन आई कार्ड, बैंक अकाउंट नंबर और पासपोर्ट डिटेल्स को टैक्स अथॉरिटी अपने ब्लैकलिस्ट डेटाबेस में डाल देगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विदेशी कर्मचारियों और विदेश में काम कर रहे चीनी नागरिक भी दायरे में</h3>
<p style="text-align:justify;">नए कानून के तहत अगर कोई विदेशी नागरिक अपने कारोबार या फिर नौकरी के सिलसिले में चीन में 183 दिन से ज्यादा ठहरता है तो वो उसकी पूरी कमाई टैक्स के दायरे में होगी। हालांकि इस प्रावधान पर अमेरिका और हॉन्गकॉन्ग ने विरोध जताया है। इनके अलावा विदेश में नौकरी कर रहे चीनी नागरिकों को भी चीन में इनकम टैक्स देना होगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">चीन में सिर्फ 2 फीसदी लोग देते हैं टैक्स</h2>
<p style="text-align:justify;">चीन की आबादी 138 करोड़ है। इनमें से 2.8 करोड़ लोग ही टैक्स देते हैं। अब टैक्स डिपार्टमेंट सरकारी आय बढ़ाने के लिए टैक्स दरें बढ़ाने की बजाय टैक्स कलेक्शन बढ़ाने पर ज्यादा जोर दे रहा है।</p>
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                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Jan 2019 09:41:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गांगुली और सचिन को पीछे छोड़ सकते हैं रोहित</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। हिटमैन के नाम से मशहूर और वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक का विश्व रिकार्ड अपने नाम रखने वाले भारतीय उपकप्तान रोहित शर्मा वेस्टइंडीज़ के खिलाफ वनडे सीरीज़ में सौरभ गांगुली और सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ सकते हैं। एकदिवसीय क्रिकेट में लंबे लंबे छक्के मारने के महारथी रोहित के पास सर्वाधिक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/rohit-can-leave-behind-ganguly-and-sachin/article-6310"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/rohit-can-leave-behind-ganguly-and-sachin.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली (एजेंसी)।</p>
<p style="text-align:justify;">हिटमैन के नाम से मशहूर और वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक का विश्व रिकार्ड अपने नाम रखने वाले भारतीय उपकप्तान रोहित शर्मा वेस्टइंडीज़ के खिलाफ वनडे सीरीज़ में सौरभ गांगुली और सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ सकते हैं। एकदिवसीय क्रिकेट में लंबे लंबे छक्के मारने के महारथी रोहित के पास सर्वाधिक छक्के उड़ाने के मामले में गांगुली और सचिन को पीछे छोड़ने का मौका रहेगा। रोहित ने अब तक 188 मैचों में 186 छक्के मारे हैं जबकि गांगुली ने 311 मैचों में 190 और सचिन ने 463 मैचों में 195 छक्के मारे हैं। रोहित को सचिन को पीछे छोड़ने के लिए 10 छक्कों की जरुरत है। भारत ने वनडे में सर्वाधिक छक्के मारने का रिकार्ड पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के नाम है जिन्होंने 327 मैचों में 217 छक्के मारे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो<strong>।</strong></p>
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                <pubDate>Wed, 17 Oct 2018 13:20:37 +0530</pubDate>
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                <title>&amp;#8230;कभी अस्त नहीं हो सकता ‘सच’ का सूरज</title>
                                    <description><![CDATA[12 महीने, 365 दिन या एक बरस। मुमकिन है, आप सबके लिए इन तीनों ही संज्ञाओं का एक ही रटा-रटाया (The sun of ‘truth)  अर्थ हो यानि महज ‘कलेंडर’ में बदलाव। लेकिन, हर गुजरते पल के साथ एक अनकही-अनसुनी-अंजानी सी ‘पीर’ सहने वाले किसी भी शख्स से चंद पल बतियाएंगे तो बखूबी मालूम चल जाएगा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/can-never-set-not-true-in-the-sun/article-5551"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/can-never-set-not-true-in-the-sun.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;"><strong>12 महीने, 365 दिन या एक बरस। </strong></h1>
<p style="text-align:justify;">मुमकिन है, आप सबके लिए इन तीनों ही संज्ञाओं का एक ही रटा-रटाया<strong> (The sun of ‘truth)</strong>  अर्थ हो यानि महज ‘कलेंडर’ में बदलाव। लेकिन, हर गुजरते पल के साथ एक अनकही-अनसुनी-अंजानी सी ‘पीर’ सहने वाले किसी भी शख्स से चंद पल बतियाएंगे तो बखूबी मालूम चल जाएगा कि, वक्त की ‘धार’ और ‘मार’, दोनों ही कितनी भयावह होती हैं? भारतवर्ष ही नहीं, वरन् समूचे विश्व में आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का अलौकिक प्रकाश बिखेरने वाली विशाल सेवाशील संस्था ‘डेरा सच्चा सौदा’ से जुड़े हर अनुयायी ने ऐसी परिस्थितियों को झेला है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बात और है कि, अपने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अनन्य प्रेरणा और मार्गदर्शन की बदौलत ऐसे किसी भी व्यक्ति के मन में कभी किसी के प्रति द्वेष या निंदा का भाव उत्पन्न नहीं हुआ। हर संकट, हर मुश्किल, हर चुनौती से विचलित हुए बिना वे आज भी पूर्ण मनोयोग से मानवता मात्र की सेवा में जुटे हैं और नित प्रतिदिन ईश्वर से बस यही प्रार्थना करते हैं कि, परमपिता परमेश्वर सर्वजगत का कल्याण करें और राह से भटकने वालों को सदा के लिए सत्यता के प्रकाश से आलोकित कर दें।</p>
<p style="text-align:justify;">पूरी दुनिया में डेरा सच्चा सौदा की ख्याति और लोकप्रियता की मिसाल यूं ही नहीं दी जाती। यह अपनी ही अनुकरणीय कार्य शैली से जन-जन की सेवा का आदर्श उदाहरण पेश करने वाली ऐसा आदर्श संस्था है, जिसके सेवादारों की संख्या स्वयं किसी विश्व कीर्तिमान से कम नहीं। आप महज क्षण भर के लिए सेवा के किसी भी प्रारूप की परिकल्पना भर करिए, डेरे के अनगिनत अनुयायियों की ओर से पूर्ण नि:स्वार्थ भाव से की गई सेवा के अनेक उदाहरण देखते ही देखते आपकी आँखों के आगे नुमायां हो जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">यकीनन, मानव कल्याण के प्रति सत्त समर्पित इस संस्था के मार्गदर्शक परम पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां से हासिल सकारात्मक दृष्टिकोण और आदर्श शिक्षाओं का ही काबिल-ए-तारीफ प्रतिफल है कि, तमाम चुनौतियों के बावजूद आज भी अनुयायियों का यह विशाल समूह पूरी लगन एवं निष्ठाभाव से अपने दायित्व निर्वहन में जुटा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वह भी तब, जब गत वर्ष कमोबेश इन्हीं दिनों में, समाज विरोधियों की पूज्य गुरु जी के खिलाफ रची गई साजिश का घिनौना रूप सामने आया था, ताकि उनके अनगिनत सेवादारों का मनोबल पूरी तरह समाप्त हो जाए और वे ‘व्रजआघात’ सरीखे इस असहनीय कष्ट को सहने योग्य तक न रह सकें।<br />
बाकायदा, गहन ‘रिसर्च’ और सुनियोजित ‘पटकथा’ का सहारा लेते हुए ऐसे तमाम शर्मनाक तथा मनमाने अनर्गल आरोप पूज्य गुरुजी पर लगाए गए, जिनकी रंगत पूरी तरह ‘स्याह’ होने के बावजूद यह कांच की मानिंद बखूबी साफ हो गया कि, इस देश में अब ‘सच’ का साथ देने वालों का कोई खैरख्वाह नहीं। इतना ही नहीं, लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहलाने वाले मीडिया के एक बड़े वर्ग की भूमिका भी इस पूरे प्रकरण से सवालों में घिर गई, जब महज ‘सुर्खियां’ बटोरने या ‘टीआरपी’ में खुद को सबसे आगे बनाए रखने की होड़ में हर किस्म की नैतिकता से लेकर सदाचार, परोपकार, सेवाभाव, जन कल्याण और सत्यता सरीखे समस्त आदर्श मानवीय मूल्यों को सिरे से दरकिनार कर दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">न कोई ठोस प्रामाणिक तथ्य और न ही किसी प्रकार की मान-मर्यादा। ऐसे हर पहलू को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए मीडिया का एक बड़ा वर्ग बाकायदा किसी तयशुदा ‘टीवी श्रृंखला’ की तर्ज पर समाज में चौतरफा दुष्प्रचार का जहर घोलता रहा। मीडिया के इसी रवैये के कारण न केवल डेरे के अनुयायियों की आस्था बुरी तरह आहत हुई बल्कि, देश के आम जनमानस को गुमराह करने में भी तकरीबन तमाम टीवी चैनलों से लेकर प्रिंट मीडिया तक का एक बड़ा वर्ग कतई पीछे नहीं रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">जन कल्याण में जुटे डेरा सच्चा सौदा के समूचे सांगठनिक ढांचे को पूरी तरह छिन्न-भिन्न करने की मंशा के साथ इतनी तेजी से इस षड्यंत्र का ताना-बाना बुना गया कि, दिन-रात समाजसेवा में लीन साध-संगत को कानोंकान कोई खबर न हो सकी। बची-खुची कसर, पर्दे के पीछे से ही पूरे खेल को अंजाम तक पहुंचाने में जुटी उन ‘सफेदपोश’ ताकतों ने पूरी कर दी, जो महज अपनी ‘स्वार्थपूर्ति’ की खातिर इतने खतरनाक ढंग से एक-एक चाल चलते चले जा रहे थे। तकरीबन, समूचे उत्तर भारत की हिंदी पट्टी में आम पाठकों से लेकर बुद्धिजीवी वर्ग को पूरी तरह भ्रमित करते हुए डेरा सच्चा सौदा और पूज्य गुरु जी पर तमाम किस्म के मिथ्या आरोप लगाने का यह सिलसिला बदस्तूर महीनों तक जारी रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">निष्ठुरता और अमानवीयता की हद तो तब हो गई, जब इस पूरी काली साजिश के कारण अंततोगत्वा पूज्य गुरु जी के सुनारियां जाने के बाद भी मीडिया के तथाकथित मठाधीशों ने एक क्षण के लिए भी उफ न करते हुए झूठे आरोपों और तथ्यों का पुलिंदा अपने-अपने मंचों पर परोसने का क्रम थमने नहीं दिया।<br />
लेकिन, यह भी निस्संदेह, पूज्य गुरु जी से ही हासिल आत्मबल और प्रेरणा का ही सशक्त प्रभाव रहा कि, न जाने कितने ही प्रकार के पूर्वाग्रहों और कुंठित मनोदशाओं से ग्रस्त मीडिया के इस बड़े तबके से मिलने वाली नित नई चुनौती का सामना करने में आपके प्रिय समाचार पत्र ‘सच कहूँ’ ने कहीं कोई कमी नहीं रख छोड़ी। हर रोज पूरी ताकत के साथ, ‘सच कहूँ’ अपने शीर्षक के अनुरूप और यथा नाम तथा गुण की तर्ज पर सत्य की मशाल लगातार रोशन किए रहा। मिथ्या आरोपों का मजबूती से जवाब देते हुए ‘सच कहूँ’ ने अपने मार्गदर्शक की प्रेरणा के सहारे डेरा सच्चा सौदा से जुड़े एक-एक अनुयायी तक बखूबी संदेश पहुंचाया कि, उन्हें मीडिया के एक बड़े वर्ग में दर्शाए गए झूठ से जरा भी घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है बल्कि, वे पूरे आत्मविश्वास के साथ इस संकट का सामना करें और पूज्य गुरु जी से मिली सीख के सहारे जन-जन की सेवा में पहले की भांति स्वयं को क्षण प्रतिक्षण तल्लीन रखें।</p>
<p style="text-align:justify;">अब तक 79 विश्व कीर्तिमान अपने नाम कर चुके डेरे का यह गौरवशाली सफर पूरी आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ सतत् चलायमान है। मुश्किलें चाहें कितनी भी हों, राह में बाधाएं कितनी भी क्यों न आएं, ‘सत्य’ का सूरज कभी अस्त नहीं होगा…! वस्तुत: अपने कर्तव्य पथ से एक पल के लिए विमुख न होने वाले ये तमाम सेवाशील प्राणी हर रोज परमपिता से यही प्रार्थना करते हैं कि, वे अनर्गल और मिथ्या आरोप लगाने वालों को क्षमा करें क्योंकि, वे नहीं जानते कि, वे क्या कह रहे हैं ? वे अज्ञानी हैं, पतित हैं, अंध हैं, अश्रद्ध हैं, अविवेकी हैं, नश्वर हैं, वे धर्म-अधर्म नहीं जानते, दर्शन नहीं जानते, परोपकार नहीं जानते, वे पुण्य नहीं समझते और दान या सेवा की महिमा से पूरी तरह अंजान हैं। उनका केवल इतना उद्देश्य है कि, किसी भी तरह हमारी प्राचीन-अवार्चीन आध्यात्मिक संपन्नता और सेवाशीलता को समर्पित भावना तहस-नहस हो जाए। लेकिन, वे यह नहीं जानते कि, आध्यात्मिक संपन्नता ही तो हमारा वास्तविक बल है। न जाने कब से इसे तोड़ने के कुत्सित प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हमारी आस्थाओं, श्रद्धाओं, सेवाशीलता को अंधश्रद्धा साबित करने की साजिश रची जा रही है। इसी के तहत, हमारे मार्गदर्शकों पर मुकदमे किए गए, उन्हें जेल में डालकर यातनाएं दी जा रही हैं लेकिन, याद रखना चाहिए कि, सांच को आंच नहीं होती। युग कोई भी हो, चुनौतियों का पहाड़ कितना ही विशालकाय क्यों न हो, हमारे आदर्श हमेशा बेदाग साबित होते रहे हैं, क्योंकि चाहे शासन-प्रशासन हो या फिर न्याय व्यवस्था ही क्यों न हो, हर व्यवस्था में आध्यात्मिक तत्व अवश्य विद्यमान रहता है और इस मूल सार्वभौमिक तत्व में विश्वास रखने वाले किसी भी परिस्थिति में अध्यात्म की गहराई में झांककर सत्य खंगालने से एक क्षण के लिए पीछे नहीं हटते। वे अध्यात्म की विराट परिधि से पूरी तरह परिचित होते हैं, साथ ही डेरा सच्चा सौदा सरीखे मानव कल्याण के प्रति सत्त समर्पित आध्यात्मिक केंद्रों तथा उनके साधकों की महिमा भी जानते हैं और हमारी आध्यात्मिक संपन्नता को हर हाल में अक्षुण्ण बनाए रखने का अपना सबसे परम दायित्व भी…! पवन शर्मा</p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Aug 2018 12:59:42 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोई नहीं चुरा सकता आधार डाटा, फैलाई गई थी अफवाह: यूआईडीएआई</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आज कहा कि कुछ स्वार्थी तत्वों ने गूगल की एक भूल का दुरुपयोग कर आधार की छवि खराब करने और लोगों के बीच भय फैलाने का प्रयास किया है। प्राधिकरण का कहना है कि किसी फोन के कांटैक्ट की सूची में दर्ज नंबर के जरिये उस फोन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/uidai-no-one-can-steal-the-base-data/article-5166"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/udali.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली (एजेंसी)।</strong> भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आज कहा कि कुछ स्वार्थी तत्वों ने गूगल की एक भूल का दुरुपयोग कर आधार की छवि खराब करने और लोगों के बीच भय फैलाने का प्रयास किया है। प्राधिकरण का कहना है कि किसी फोन के कांटैक्ट की सूची में दर्ज नंबर के जरिये उस फोन की सूचनाएं नहीं चुरायी जा सकती है।<br />
प्राधिकरण ने आज कहा कि गूगल की एक गलती से उसका (प्राधिकरण का) पुराना हेल्पलाइन नंबर 18003001947 कई मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं की कांटैक्ट सूची में आ गया था। अफवाह फैलाने वालों ने उसी को लेकर आधार की छवि खराब करने की कोशिश की।</p>
<h2>कांटैक्ट सूची में किसी हेल्पलाइन नंबर से किसी फोन की सूचनाएं नहीं चुरायी जा सकती</h2>
<p style="text-align:justify;">प्राधिकरण ने बयान में कहा कि वह ऐसे निहित स्वार्थी तत्वों के प्रयास की ‘निंदा’ करता है जिन्होंने गूगल की एक ‘भूल’ का दुरुपयोग आधार के खिलाफ अफवाह फैलाने के लिए किया।प्राधिकरण ने कहा है कि कांटैक्ट सूची में किसी हेल्पलाइन नंबर से किसी फोन की सूचनाएं नहीं चुरायी जा सकती ‘‘इसलिये इस नंबर को मिटाने में कोई डर नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे कोई नुकसान नहीं है। यदि लोग चाहते हैं तो वे उसकी जगह यूआईएडीआई के नये हेल्पलाइन नंबर 1947 को रख सकते हैं।’’</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि फ्रांस का साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ होने का दावा करने वाले एक ट्विटर यूजर ने पिछले सप्ताह ट्वीट कर इस अफवाह को जन्म दिया था। उसने प्राधिकरण को संबोधित करते हुए इस ट्वीट में कहा था, ‘‘अलग-अलग मोबाइल फोन सेवा कंपनियों के ग्राहक जिनके पास आधार कार्ड है या नहीं और जिन्होंने एमआधार एप का इस्तेमाल भी नहीं किया है, उनके भी फोन की कांटैक्ट सूची में आपका हेल्पलाइन नंबर उन्हें बताये बिना क्यों दर्ज कर दिया गया है?’’ इसके बाद सोशल मीडिया पर आधार के खिलाफ अफवाहों का दौर चलने लगा था जिसके कारण सरकार भी हरकत में आयी और गूगल को बयान जारी कर अपनी भूल माननी पड़ी</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Aug 2018 09:29:00 +0530</pubDate>
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                <title>मेट्रो सेवा 30 जून से हो सकती है ठप</title>
                                    <description><![CDATA[9000 नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल Metro service can be stopped from June 30 दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली की ‘लाइफ लाइन’ कही जाने वाली मेट्रो सेवा शनिवार 30 जून से ठप हो सकती है Metro service can be stopped from June 30। दरअसल दिल्ली मेट्रो के 9000 नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारियों ने 29 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/metro-service-can-be-stopped-from-june-30-10-0-0-122-1245/article-4554"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/metro-1.jpg" alt=""></a><br /><h2>9000 नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल</h2>
<h2>Metro service can be stopped from June 30</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली (एजेंसी)।</strong> दिल्ली की ‘लाइफ लाइन’ कही जाने वाली मेट्रो सेवा शनिवार 30 जून से ठप हो सकती है Metro service can be stopped from June 30। दरअसल दिल्ली मेट्रो के 9000 नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारियों ने 29 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और 30 जून से अनिश्चितकालीन सेवा हड़ताल पर जाने की बात कही है।  नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि समेत 10 मांगे रखी और पूरा न होने तक अनिश्चितकालीन  हड़ताल की धमकी दी है।</p>
<h2>मेट्रो के संचालन पर  हड़ताल का असर दिखना तय</h2>
<h2>Metro service can be stopped from June 30</h2>
<p style="text-align:justify;">नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारियों में ट्रेन ऑपरेटर्स, टेक्निशियन, ऑपरेशन स्टाफ, स्टेशन कंट्रोलर, मेन्टनेंस स्टाफ आदि कर्मचारी शामिल हैं। ऐसे में मेट्रो के संचालन पर इनकी हड़ताल का असर दिखना तय है। मेट्रो कर्मचारियों की हड़ताल से मेट्रो से हर दिन सफर करने वाले लाखों यात्रियों को भी परेशानी हो सकती है।</p>
<h2>ये हैं मेट्रो कर्मचारियों की मांगें (Metro service can be stopped from June 30)</h2>
<p style="text-align:justify;">कर्मचारियों का कहना है कि पिछले साल डीएमआरसी प्रबंधन ने जो वादे किए थे उन्हें पूरा नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने वेतनमान में सुधार, काम की सीमा, कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा, CISF कर्मियों का मेट्रो परिसर में कार्य करने के लिए गाइडलाइंस और कर्मचारियों को निकालने के लिए स्पष्ट नियमों की मांग की है।</p>
<h2>19 जून से ही काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध कर रहे</h2>
<h2>Metro service can be stopped from June 30</h2>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली मेट्रो के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 19 जून से ही हाथ पर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध कर रहे हैं। मैंनेजमेंट के उदासिन रवैये को देखते हुए कर्मचारियों ने 25 जून से कार्यस्थल पर मिलने वाली सभी सुविधाओं का त्याग करने और अपनी ड्यूटी के दौरान भूखा रहने का निर्णय लिया।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Jun 2018 08:58:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>कल दस्तक दे सकता है प्री-मानसून,  हरियाणा समेत उत्तर-भारत को मिलेगी गर्मी से राहत</title>
                                    <description><![CDATA[खेती को प्रभावित कर सकती है मानसून की देरी सच कहूँ/ देवीलाल बारना कुरुक्षेत्र। मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों में उत्तर भारत के इलाकों में प्री-मानसून की तेज बारिश की भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग के अनुसार न केवल उत्तर भारत अपितु उत्तर-पश्चमी राज्यों में भी प्री-मानसून की बारिश होने की बात कही है। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/can-knock-tomorrows-pre-monsoon/article-4510"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/kuk-01.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">खेती को प्रभावित कर सकती है मानसून की देरी</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/ देवीलाल बारना</strong><br />
कुरुक्षेत्र। मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों में उत्तर भारत के इलाकों में प्री-मानसून की तेज बारिश की भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग के अनुसार न केवल उत्तर भारत अपितु उत्तर-पश्चमी राज्यों में भी प्री-मानसून की बारिश होने की बात कही है। इस समय जहां पूरा उत्तर भारत प्रचंड़ गर्मी की चपेट में है, वहीं मुंबई जैसी जगहों पर तेज बारिश ने जीवन अस्त व्यस्त कर रखा है। हर बार की तरह उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मानसून में फिर से देरी है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक, 12 दिन पहले ही उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून को दस्तक दे देनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">
एक बार फिर से 12 दिन की देरी के बाद मानसून सक्रिय हो गया है। इसके अलावा मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा में प्री-मानसून अगले 2 दिनों में दस्तक दे सकता है। कहा जा रहा है कि 27 जून से इन राज्यों में प्री-मानसून की बारिश हो सकती है, तब जाकर कहीं लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">27 जून से प्री-मानसून में भीगेगा उत्तर भारत</h3>
<p style="text-align:justify;">विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में भी मानसून के आने में देरी हो चुकी है, लेकिन विभाग ने 27 जून से समूचे उत्तर पश्चिम भारत में प्री-मानसून बारिश की संभावना जताई है। प्री-मानसून बारिश के तुरंत बाद मानसूनी बारिश होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि महीने के अंत में मानसून उत्तर भारत में भी छा जाएगा। विभाग ने अगले दो-तीन दिनों में पूर्वोत्तर में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है।</p>
<h2>उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई बरसात</h2>
<p>अभी तक जिन इलाकों में मानसून पहुंच चुका है, वहां पर अनुमान के मुताबिक बरसात नहीं हुई है। हालांकि मौसम विभाग द्वारा इस बार सामान्य से अधिक मानसून की बात कही गई है। लेकिन पहले 23 दिनों के आंकड़ों को देखें तो बारिश में दस फीसदी की कमी है।</p>
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                <pubDate>Tue, 26 Jun 2018 09:28:06 +0530</pubDate>
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