<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/heart/tag-739" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>heart - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/739/rss</link>
                <description>heart RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Heart Attack in Kids: इन कारणों से कम उम्र में आ सकता है हार्ट अटैक, हो जाए अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[Heart Attack in Kids: आजकल कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक का खतरा बन रहा है। बीते कुछ सालों में हार्ट अटैक की दिक्कत बहुत ज्यादा बढ़ गई है, लेकिन भारत में ये बीमारी काफी सीरियश है। यहां आर्ट प्रोब्लम को सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। डॉक्टरो की मानें तो भारत में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/heart-attack-in-kids/article-49686"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/heart-attack-in-kids.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Heart Attack in Kids: आजकल कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक का खतरा बन रहा है। बीते कुछ सालों में हार्ट अटैक की दिक्कत बहुत ज्यादा बढ़ गई है, लेकिन भारत में ये बीमारी काफी सीरियश है। यहां आर्ट प्रोब्लम को सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। डॉक्टरो की मानें तो भारत में हार्ट अटैक की उम्र ओर देशों के मुकाबले 10 साल घट गई है, कहा जाता है कि एशियन स्टडी के लोगों में हार्ट अटैक की संभावना ज्यादा रहती रहती है। Heart Attack in Kids</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि इसकी सही वजह क्या है ये अभी तक कोई पता नहीं लगा पाया है, लेकिन वैज्ञानिकों और डॉक्टरो का कहना है कि युवाओं का बदला लाइफस्टाइल ही हार्ट अटैक की सबसे बड़ी वजह है। भारत देश में खराब लाइफस्टाइल की वजह से युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल कम उम्र में हार्ट अटैक के केस अब हैरान नहीं करते हैं, बल्कि इस तरह के केस अब डराते हैं, क्योंकि कुछ समय कुछ समय पहले तक 40 साल के कम उम्र में हार्ट अटैक आना काफी आश्चर्य की बात होती थी लेकिन अब ज्यादातर हार्ट अटैक के मामलों का शिकार हुए युवक की उम्र 40 साल या इससे कम और इसके आस पास देखने को मिल रही है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर ऐसा बदलाव क्यों हुआ और क्यों कम उम्र में लोग इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ रहें हैं।</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/drinking-water-rules/">Drinking Water Rules: 50 की उम्र में दिखना चाहते हैं 25 के तो पानी पीने के इन नियमों का करे पालन, हर कोई पूछेगा चमकती स्किन का राज</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“Drinking Water Rules: 50 की उम्र में दिखना चाहते हैं 25 के तो पानी पीने के इन नियमों का करे पालन, हर कोई पूछेगा चमकती स्किन का राज” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/drinking-water-rules/embed/#?secret=hkrdNPozHX%23?secret=2ch1H01rP0" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल हार्ट अटैक, हार्ट स्ट्रोक, कार्डियक अरेस्ट और मायोकार्डियल इनफ्रैक्शन ये सभी दिल से जुड़ी जानलेवा स्थितायां है। अब तक इन बीमारियों को बड़ी उम्र से संबंधित माना जाता था। लेकिन अब हार्ट अटैक के हर 5 में से एक पेशेंट की उम्र 40 साल से कम होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक्यूट मायोकार्डियल इनफ्रैक्शन या हार्ट अटैक की स्थिति तब बनती है, जब हार्ट मसल में आने वाले ब्ल्ड का फ्लो अचानक से कम हो जाता है। इससे हार्ट मसल्स को क्षति पहुंचती है। बड़ी उम्र में ऐसी स्थितियां बनने का कारण शरीर की भर्ती कार्यक्षमता और उम्र को भी माना जाता था। लेकिन अब जिस तरह 20 से 30 साल की उम्र के बीच भी हार्ट अटैक के मामले सामने आ रहे हैं, ये खौंफ पैदा करने वाली स्थितियां हैं। तो चलिए जानते हैं इस बारे में और जानते हैं कि आखिर हार्ट अटैक के बढ़ने की वजह क्या है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल हमारे भारत देश में युवाओं के लाइफस्टाइल में हो रहे बदलाव से टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा (obesity), हाई ब्लड प्रेशर  (high blood pressure) और बैंड कोलेस्ट्रॉल जैसी परेशानियां बहुत ही तेजी से बढ़ रही है और यही हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या है हार्ट अटैक के कारण?</h3>
<p style="text-align:justify;">Diabetes: डायबिटीज के मरीजों में चाहे वो बूढ़े है या व्यस्क उन्हें हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा 2 से 3 गुना बढ़ जाता है। अगर सही समय पर इसे कंट्रोल न किया जाए तो यह शरीर की ब्लड वेसैल्स में सूजन को बढ़ाती है। जिसकी वजह से हार्ट को होने वाले ब्लड सर्कुलेशन में रूकावटें आ सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि लंबे समय तक आर्टरीज में इस प्रकार की सूजन बने रहने से कोलेस्ट्रॉल और प्लाक भी बढ़ जाता है। इससे हार्ट की नसों को नुकसान भी पहुंच सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मोटापा: मोटापा, मोटापा हार्ट अटैक के सबसे बड़े कारणों में से एक है। दरअसल हमारे शरीर में फैट या वसा की सही मात्रा होना बहुत जरूरी है। वैसे तो फैट बॉडी को एनर्जी देता है लेकिन ज्यादा मात्रा में लिया गया फैट नसों को ब्लॉक करने लगता है, जिसकी वजह से नसों में ब्लड सर्कुलेशन सही तरह से नहीं हो पाता। इस सिचुएशन में कभी कभी नसों में क्लॉटिंग भी हो सकती हैं, जो। हार्ट अटैक की वजह बन सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाई ब्लड प्रेशर: हाई ब्लड प्रेशर की वजह से शरीर में वर्ल्ड का फ्लो तेजी से बढ़ता है जिससे कई बार शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है ब्लड फ्लो तेज होने से हार्ट की आर्टरीज पर बहुत ज्यादा प्रेशर पड़ता है जिससे हार्टअटैक हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">नींद न होना: मोबाइल, टीवी और देर रात तक काम करने के कारण युवाओं के स्लीपिंग पैटर्न (सोने और जागने का चक्र) में भी बहुत बदलाव आ गया है। वो रात को जागकर काम करते हैं जिसके कारण समय पर खानपान नहीं हो पाता और नींद भी पूरी नहीं हो पाती। नींद पूरी न होने का सीधा कनेक्शन दिल का दौरा पड़ने से है। तो इस चीज़ को सीरियसली लें और 6 से 8 घंटे की नींद जरूर पूरी करें।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/are-these-foods-bad-for-the-heart/">Harmful Food For Heart: क्या दिल के लिए हानिकारक हैं ये फूड? | Dr Shobhit Tomar</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/heart-attack-in-kids/article-49686</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/heart-attack-in-kids/article-49686</guid>
                <pubDate>Fri, 07 Jul 2023 11:21:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-07/heart-attack-in-kids.jpg"                         length="35154"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Heart Health : एडवांस तकनीक से दिल की गंभीर बीमारियों का इलाज आसान: Dr Akhil Rastogi</title>
                                    <description><![CDATA[बड़ौत सन्दीप दहिया। Heart Health : दिल की बीमारी अब गंभीर नही। एडवांस तकनीक से दिल से जुड़ी बीमारियों का इलाज (Heart Health ) अब आसान हो रहा है। उक्त बातें ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल कार्डियक साइंस एंड सीटीवीएस के हेड डॉक्टर अखिल कुमार रस्तोगी ने बडौत नगर में पत्रकारवार्ता करते हुए बताई।उन्होंने कहा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/treatment-of-serious-heart-diseases-is-easy-with-advanced-technology/article-48933"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/heart-health.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत सन्दीप दहिया</strong>। Heart Health : दिल की बीमारी अब गंभीर नही। एडवांस तकनीक से दिल से जुड़ी बीमारियों का इलाज (Heart Health ) अब आसान हो रहा है। उक्त बातें ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल कार्डियक साइंस एंड सीटीवीएस के हेड डॉक्टर अखिल कुमार रस्तोगी ने बडौत नगर में पत्रकारवार्ता करते हुए बताई।उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है वहीं कार्डियक साइंस में काफी तरक्की भी हो रही है जिससे मरीजों को नया जीवन मिल रहा है। अब हार्ट ओपन किए बिना ही सर्जरी हो रही हैं और तकनीक इतनी एडवांस हो गई है कि मुश्किल से मुश्किल केस का सफल इलाज हो रहा है। Heart Health</p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना है कि लेटेस्ट एडवांसमेंट की मदद से ऐसे केस भी सुलझाए जा रहे हैं जो बिल्कुल बॉर्डर लाइन पर होते हैं। डॉ अखिल रस्तोगी ने बताया कि हैरानी की बात ये है कि 25-40 वर्ष के बीच के लोगों में दिल की बीमारियां काफी बढ़ी हैं। एक अनुमान के मुताबिक, भारत में हर चार में से एक मौत हल्के लक्षणों को इग्नोर करने के कारण होती है। आजकल कई तरह की कार्डियक सर्जरी उपलब्ध हैं। Heart Health</p>
<p style="text-align:justify;">इनमें बैलून माइट्रल वाल्वोप्लास्टी, बैलून एट्रियल वाल्वोप्लास्टी, एट्रियल सेप्टल या वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट क्लोजर हैं। वाल्व और जन्मजात समस्याओं के लिए भी इसी तरह की प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं। कार्डियक सर्जरी के लिए आजकल तीव्र दिल के दौरे पड़ने पर रेडियल रूट प्राइमरी पीटीसीए है, हार्ट ओपन किए बिना वाल्व बदलने के लिए टीएवीआई प्रक्रिया है और ओपन हार्ट सर्जरी के बिना माइट्रल वाल्व में रिसाव की रिपेयरिंग के लिए माइट्रा क्लिप है। Heart Health</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि ट्रांस-एओर्टिक वाल्वुलर इंटरवेंशन (TAVI)-कार्डियक साइंस के क्षेत्र में प्रगति के साथ, तीव्र दिल के दौरे पड़ने पर रेडियल रूट प्राइमरी पीटीसीए है, हार्ट ओपन किए बिना वाल्व बदलने के लिए टीएवीआई प्रक्रिया में परक्यूटीनियस तकनीक ने इलाज में क्रांति ला दी है। टीएवीआर एक ऐसी प्रक्रिया है जहां एओर्टिक वाल्व पेरिफेरल आर्टेरियल के जरिए इम्प्लांट किया जाता है। हार्ट फेल के गंभीर मामलों में ईसीएमओ, एलवीएडी और हार्ट लंग ट्रांसप्लांट जैसी प्रक्रियाओं ने एंड स्टेज के हार्ट पेशंट को नया जीवन दिया है</p>
<p style="text-align:justify;">माइट्रा क्लिप-वाल्वुलर हार्ट की जटिलताएं एक और घातक चीज है और इसमें वाल्व बदलना ही लास्ट विकल्प बचता है. लेकिन अब माइट्रा क्लिप को कैथेटर की मदद से लगाकर बिना सर्जरी के ही वाल्व की रिपेयरिंग कर दी जाती है। माइट्रा क्लिप एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कैथेटर के जरिए दिल में वाल्व लगा दिए जाते हैं। इस प्रक्रिया में नसों के जरिए कैथेटर को इंट्रा ट्रायल सेप्टम में छेद करके दिल के राइट चैंबर से लेफ्ट चैंबर में भेजा जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद इकोकार्डियोग्राफी और एक्स-रे की मदद से लीक होने वाले वाल्व पर क्लिप लगाई जाती है, जिससे मरीज की स्थित में सुधार होता है। इस प्रक्रिया के 24-48 घंटे के अंदर मरीज को डिस्चार्ज किया जा सकता है। दिल का क्रायोब्लेशन- ये एक बहुत ही लेटेस्ट तकनीक है। ये एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है यानी इसमें बहुत ही चीर-काट की जाती है। ये एक बहुत ही सुरक्षित प्रक्रिया है और इसमें स्वस्थ टिशू और आसपास के किसी हिस्से को नुकसान पहुंचने की आशंका जीरो रहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">माइक्रा AV पेसमेकर- पेसमेकर तकनीक में ये एक बहुत ही क्रांतिकारी चीज आई है। ये डिवाइस दुनिया में सबसे छोटा पेसमेकर है जिसकी बैटरी लाइफ 15 साल है। इसका वजन केवल 15 ग्राम है और इसमें डुअल चैंबर की क्षमता है। आज की तारीख तक, ये डिवाइस भारत के सिर्फ दो अस्पतालों में इंप्लांट की जाती है। परंपरागत पेसमेकर्स की तुलना में इसके इस्तेमाल से 63 फीसदी दिक्कतें कम हुई हैं. माइक्रा एवी को पैर की नस के जरिए दिल में लगाया जाता है, जिसके चलते दिल में किसी तरह के कट लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और इसमें किसी तरह के इंफेक्शन का चांस भी नहीं रहता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/treatment-of-serious-heart-diseases-is-easy-with-advanced-technology/article-48933</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/treatment-of-serious-heart-diseases-is-easy-with-advanced-technology/article-48933</guid>
                <pubDate>Sat, 17 Jun 2023 10:35:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-06/heart-health.jpg"                         length="38384"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल की बेपरवाही, बन ना जाए लापरवाही, करें दिल की देखभाल, रखें ऐसे अपने दिल का ख्याल</title>
                                    <description><![CDATA[हैल्थ विशेषज्ञ की मानें तो गर्मी के सीजन हमें ज्यादातर शीतल रहने की जरूरत ज्यादा होती है। (Heart Care) यह हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक है। स्पेशली तब, जब बात दिल की सेहत की हो। दरअसल, गर्मी बढ़ने के साथ हीट स्ट्रोक से लेकर हाइपरटेंशन तक की समस्या बढ़ने लगती है और यह आगे चलकर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/take-care-of-your-heart-like-this-adopt-these-effective-measures/article-46905"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/caste-survey-on-heart-attack-for-the-first-time-in-the-country.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">हैल्थ विशेषज्ञ की मानें तो गर्मी के सीजन हमें ज्यादातर शीतल रहने की जरूरत ज्यादा होती है। (Heart Care) यह हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक है। स्पेशली तब, जब बात दिल की सेहत की हो। दरअसल, गर्मी बढ़ने के साथ हीट स्ट्रोक से लेकर हाइपरटेंशन तक की समस्या बढ़ने लगती है और यह आगे चलकर हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का भी कारण बन सकता है। यह सच है कि गर्मी का मौसम भी आपके दिल के लिए समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए जरूरी है, गर्मी के मौसम में अपने दिल की सेहत कैसे हैल्थी रहे, इसके बारे में जानना।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दिल बनाम गर्मी | Heart Care</h3>
<p style="text-align:justify;">एक शोध के अनुसार गर्मी जैसे-जैसे बढ़ती है दिल की बीमारी के मरीजों की मौत का आंकड़ा भी बढ़ने लगता है। सामान्य दिनों की तुलना में यह संख्या दोगुनी या तिगुनी भी बढ़ सकती है। वहीं अमेरिकन स्ट्रोक एसोसिएशन की स्टडी बताती है कि तापमान में बढ़ोत्तरी होने पर हार्ट स्ट्रोक के खतरे बढ़ जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने से हमारे शरीर से पानी स्किन के जरिए पसीने के रुप में बाहर निकल जाता है। पसीना निकलने पर हम थोड़ी ठंडक महसूस करते हैं, लेकिन ज्यादा पसीना निकलने से हमारे शरीर के ब्लड में पानी की मात्रा कम हो जाती है। अब इस ब्लड को शरीर में प्रवाहित कराने के लिए हमारे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। जिसके चलते दिल का स्ट्रेस बढ़ जाता है। और यह स्ट्रेस उसके जोखिम को और बढ़ा देता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कैसे रखें दिल की देखभाल | Heart Care</h3>
<p style="text-align:justify;">दिल के मरीजों के लिए बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने एहतियात के तौर पर पांच उपाय बताए हैं। चिलचिलाती धूप और बढ़ती उमस में हर किसी को इन उपायों को अपनाने की जरुरत है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सोच-समझ कर निकलें घर से बाहर</h3>
<p style="text-align:justify;">तपती गर्मी में घर से बाहर निकलना यानी खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है। इस मौसम में लू लगने के साथ-साथ दिल के लिए भी खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए चिलचिलाती धूप में घर से बाहर निकलने से परहेज करें। जरुरी हो तो बाहर निकलने के लिए दोपहर बाद 3 बजे से 4 बजे के बाद का समय ही चुनें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हल्के रंग व वजन वाले कपड़े करें प्रयोग</h3>
<p style="text-align:justify;">गर्मी के सीजन में ऐसे कपड़ों को पहने जिनका रंग और वजन हल्का हो, जैसे सूती कपड़े। उन कपड़ों को पहनें जो शरीर से पसीने को दूर करने में बाधित न करें। आंखों की सुरक्षा के लिए धूप के चश्मे, चेहरे सहित शरीर के बाकी हिस्सों के बचाव के लिए सिर पर टोपी पहनें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पानी ज्यादा पीएं</h3>
<p style="text-align:justify;">घर से बाहर निकलने से पहले पर्याप्त पानी पीकर निकलें। साथ ही पानी की बोतल अपने साथ लेकर जाएं। ऐसा एक्सरसाइज करने से पहले और बाद में भी करें। कैफीन युक्त या एल्कोहॉल युक्त पेय लेने से परहेज करें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">चलते वक्त थोड़ा रुकें</h3>
<p style="text-align:justify;">इस मौसम में जब भी घर से बाहर निकलें निश्चित अंतराल के बाद बीच-बीच में छायादार जगहों पर रुकें, आराम करें और पानी भी लें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दिल से लापरवाही पड़ सकती है भारी</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर आपको लगता है कि आपको गर्मी के कारण हृदय गति बढ़ने या कम होने की समस्या हो रही है, तो तुरंत किसी डॉक्टर से सलाह लें। दिल के स्वास्थ्य के लिए किसी भी तरह की लापरवाही आपको भारी पड़ सकती है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/take-care-of-your-heart-like-this-adopt-these-effective-measures/article-46905</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/take-care-of-your-heart-like-this-adopt-these-effective-measures/article-46905</guid>
                <pubDate>Sat, 29 Apr 2023 19:22:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-04/caste-survey-on-heart-attack-for-the-first-time-in-the-country.gif"                         length="148844"                         type="image/gif"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुनिया के सबसे छोटे हार्ट पंप ‘इम्पेला’ ने 81 वर्षीय महिला को दी नई जिंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। अगर आपके दिल की मासपेशियां कमजोर हैं, दिल की एक से ज्या धमनियां/नाड़ियाँ बंद हैं, आप एक से अधिक गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं जिसके कारण से आपको बेहोश कर सर्जरी यां एनजियोप्लास्टी नहीं की जा सकती और ऊपर से आपको हार्ट अटैक आ जाये तो चिंता ना करें, आप सिर्फ […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/worlds-smallest-heart-pump-impella-gives-new-life-to-81-year-old-woman/article-32159"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-04/impella.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> अगर आपके दिल की मासपेशियां कमजोर हैं, दिल की एक से ज्या धमनियां/नाड़ियाँ बंद हैं, आप एक से अधिक गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं जिसके कारण से आपको बेहोश कर सर्जरी यां एनजियोप्लास्टी नहीं की जा सकती और ऊपर से आपको हार्ट अटैक आ जाये तो चिंता ना करें, आप सिर्फ समय पर उस हस्पताल पहुँच जाएं जहां पर हृदय विशेषज्ञ सुरक्षित एंजियोप्लास्टी के माध्यम से पहले इम्पेला हार्ट पम्प डालें और फिर बिना सर्जरी और बिना बेहोश किए दिल की धमनियां खोल दें। पारस अस्पताल के हृदय रोग विज्ञान विभाग के चेयरमैन डॉ. एच.के. बाली के नेतृत्व में हृदय रोग विशेषज्ञों की टीम ने मरीज के दिल में दुनिया के सबसे छोटे हृदय पंप इम्पेला को डालने के उपरांत सुरक्षित एंजियोप्लास्टी (पीसीआई) के माध्यम से पाँच स्टेंट डालकर 81 वर्षीय महिला को एक नया जीवन दिया, जिसे पिछले हफ्ते जानलेवा दिल का दौरा पड़ा था।</p>
<p style="text-align:justify;">विस्तृत जानकारी देते हुए डॉ बाली ने बताया कि पंचकूला की कमला (बदला नाम) दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल आई थी, जिसकी हृदय की बाईं मुख्य धमनी सहित धमनियां भारी 3 रुप से सख्त होने के उपरांत गंभीर रुप से अवरुद्ध हो गईं थी। मरीज की कई अन्य बीमारियों के कारण हृदय की सर्जरी संभव नहीं थी। उन्होंने कहा कि मरीज और परिवार के सदस्यों के साथ चर्चा के बाद इम्प्लांट को फिट करने के उपरांत एंजियोप्लास्टी का निर्णय लिया गया। डॉ बाली ने कहा कि ऐसा करने से वह उस रोगी के जीवन को बचाने में सक्षम रहे।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/worlds-smallest-heart-pump-impella-gives-new-life-to-81-year-old-woman/article-32159</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/worlds-smallest-heart-pump-impella-gives-new-life-to-81-year-old-woman/article-32159</guid>
                <pubDate>Thu, 07 Apr 2022 10:14:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-04/impella.jpg"                         length="175172"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चेन्नई:  पी राजगोपाल का हार्ट अटैक से निधन, हत्या के मामले में हुई थी उम्रकैद</title>
                                    <description><![CDATA[राजगोपाल ने 18 साल पहले अपने कर्मचारी की हत्या की थी चेन्नई (एजेंसी)। सर्वणा भवन रेस्टोरेंट चेन के मालिक पी राजगोपाल का गुरुवार को हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे 72 साल के थे। राजगोपाल को एक कर्मचारी के अपहरण और हत्या के मामले में उम्रकैद हुई थी। पिछले हफ्ते उन्होंने सरेंडर किया था। तबीयत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/p-rajagopal-dies-of-heart-attack/article-9982"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-07/p-rajagopal.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">राजगोपाल ने 18 साल पहले अपने कर्मचारी की हत्या की थी</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>चेन्नई (एजेंसी)।</strong> सर्वणा भवन रेस्टोरेंट चेन के मालिक पी राजगोपाल का गुरुवार को हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे 72 साल के थे। राजगोपाल को एक कर्मचारी के अपहरण और हत्या के मामले में उम्रकैद हुई थी। पिछले हफ्ते उन्होंने सरेंडर किया था। तबीयत बिगड़ने पर सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाए गए थे। मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश के बाद निजी अस्पताल विजया में शिफ्ट किए गए थे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद का फैसला बरकरार रखा था</h2>
<p style="text-align:justify;">डोसा किंग के नाम से मशहूर राजगोपाल को 2001 के अपहरण और हत्या के मामले में स्थानीय अदालत ने 2004 में दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई थी। 2009 में मद्रास हाईकोर्ट ने सजा बढ़ाकर उम्रकैद कर दी। लेकिन, राजगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत ले ली थी। इस साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने भी सजा बरकरार रखते हुए 7 जुलाई को सरेंडर करने के लिए कहा। राजगोपाल ने बीमारी के आधार पर सजा कुछ दिन आगे बढ़ाने की मांग की थी लेकिन खारिज हो गई। राजगोपाल ने अपने कर्मचारी प्रिंस सांताकुमार की हत्या इसलिए कर दी थी क्योंकि वे सांताकुमार की पत्नी से शादी करना चाहते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">सांता के ससुर 1990 में सर्वणा भवन की चेन्नई ब्रांच के असिस्टेंट मैनेजर थे। राजगोपाल ने ज्योतिषी की सलाह पर उनकी बेटी से शादी का प्रस्ताव रखा था जबकि राजगोपाल की पहले से दो पत्नियां थीं। उस वक्त लड़की 20 साल की थी। उसने राजगोपाल से इनकार कर दिया और 1999 में सांताकुमार से शादी कर ली। अभियोजन पक्ष के वकील में कोर्ट में बताया कि राजगोपाल ने 2001 में सांता और उसकी पत्नी को धमकी देकर शादी तोड़ने के लिए कहा। दोनों ने पुलिस से शिकायत की थी। कुछ दिन बाद ही सांताकुमार का अपहरण हो गया। उसकी लाश जंगल में मिली थी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">20 देशों में सर्वणा भवन के आउटलेट</h2>
<p style="text-align:justify;">तमिलनाडु के तूतीकोरीन में जन्मे राजगोपाल ने चेन्नई में किराने की दुकान से शुरुआत की थी। बाद में सर्वणा भवन रेस्टोरेंट शुरू कर इसे इंटरनेशनल चेन बना दिया। भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया समेत 20 देशों में सर्वणा भवन के आउटलेट हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/p-rajagopal-dies-of-heart-attack/article-9982</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/p-rajagopal-dies-of-heart-attack/article-9982</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Jul 2019 15:54:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-07/p-rajagopal.jpg"                         length="128048"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हर एक दिल में है, इस ईद की खुशी</title>
                                    <description><![CDATA[दुनिया भर के मुसलमानों के लिए ईद-उल-फित्र की बेहद अहमियत है। यह त्यौहार इस्लाम के अनुयायियों के लिए एक अलग ही खुशी लेकर आता है। ईद के शाब्दिक मायने ही ‘बहुत खुशी का दिन’ है। ईद का चांद आसमां में नजर आते ही माहौल में एक गजब का उल्लास छा जाता है। हर तरफ रौनक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/everyone-is-in-the-heart-the-joy-of-this-edd/article-4195"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/edd.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दुनिया भर के मुसलमानों के लिए ईद-उल-फित्र की बेहद अहमियत है। यह त्यौहार इस्लाम के अनुयायियों के लिए एक अलग ही खुशी लेकर आता है। ईद के शाब्दिक मायने ही ‘बहुत खुशी का दिन’ है। ईद का चांद आसमां में नजर आते ही माहौल में एक गजब का उल्लास छा जाता है। हर तरफ रौनक ही रौनक अफरोज हो जाती है। चारों तरफ मोहब्बत ही मोहब्बत नजर आती है। एक मुकद्दस खुशी से दमकते सभी चेहरे इंसानियत का पैगाम माहौल में फैला देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">शायर मोहम्मद असदुल्लाह ईद की कैफियत कुछ यूं बयां करते हैं, ‘‘महक उठी है फजा पैरहन की खुशबू से/चमन दिलों का खिलाने को ईद आई है।’’ कुरआन के मुताबिक पैगंबरे इस्लाम ने फरमाया है कि ‘‘जब अहले ईमान रमजान के पवित्र महीने के एहतेरामों से फारिग हो जाते हैं और रोजों-नमाजों तथा उसके तमाम कामों को पूरा कर लेते हैं, तो अल्लाह एक दिन अपने उक्त इबादत करने वाले बंदों को बख्शीश व इनाम से नवाजता है। इसलिए इस दिन को ईद कहते हैं और इसी बख्शीश व इनाम के दिन को ईद-उल फित्र का नाम देते हैं।’’</p>
<p style="text-align:justify;">रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है। इस्लाम के अनुयायियों के लिए रमजान महीने की अहमियत इसलिए भी है कि इन्हीं दिनों पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के जरिए अल्लाह की अहम किताब कुरान शरीफ जमीन पर उतरी थी। यही वजह है कि इस पूरे महीने मुस्लिम भाई-बहिन रोजे रखते हैं और अपना ज्यादातर वक्त इबादत-तिलावतों (नमाज पढ़ना और कुरान पाठ) में गुजारते हैं। रमजान माह के रोजे मुसलमानों के लिए फर्ज करार दिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रोजों का महत्व इस मायने में है, ताकि इंसानों को भूख-प्यास का महत्व पता चले। भौतिक वासनाएं और लालच इंसान के वजूद से हमेशा के लिए जुदा हो जाएं और इंसान कुरआन के मुताबिक अपने आप को ढाल लें। रोजा जब्ते नफ्स यानी खुद पर काबू रखने की तरबियत देता है। रोजा रखनेवालों में परहेजगारी पैदा करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">लिहाजा रमजान का महीना इंसान को अशरफ और आला बनाने का महीना है। लेकिन यदि कोई सिर्फ अल्लाह की ही इबादत करे और उसके बंदों से मोहब्बत करने व उनकी मदद करने से हाथ पीछे खींचे, तो ऐसी इबादत को इस्लाम ने खारिज किया है। इस्लाम का पैगाम है-‘‘अगर अल्लाह की सच्ची इबादत करनी है तो उसके सभी बंदों से प्यार करो और हमेशा सबके मददगार बनो।</p>
<p style="text-align:justify;">यह इबादत ही सही इबादत है। ईद की असल खुशी इसी में है।’’ यानी इंसान सामाजिक सरोकारों और भाईचारे से जुड़ा रहे। अपने कामों से किसी का दिल न दुखाए और न ही किसी का बुरा करे।</p>
<p style="text-align:justify;">पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब ने फरमाया है कि ‘‘रमजान सब्र का महीना है। रोजा रखने में कुछ तकलीफ हो, तो इसे बर्दाश्त करें।’’ फिर आपने कहा कि ‘‘रमजान गम बांटने का महीना है। यानी गरीबों के साथ अच्छा बर्ताव किया जाए। अगर दस चीजें अपने रोजा इफ्तार के लिए लाए हैं तो दो-चार गरीबों के लिए भी लाएं। अपने इफ्तार व सहर के खाने में गरीबों का भी ख्याल रखें। अगर आपका पड़ोसी गरीब है, तो उसका खास तौर पर ख्याल रखें कि कहीं ऐसा न हो कि हम तो खूब पेट भर कर खा रहे हैं और हमारा पड़ोसी थोड़ा खाकर सो रहा है।’’</p>
<p style="text-align:justify;">इस बारे में पैगम्बरे इस्लाम ने यहां तक फरमाया है कि ‘‘जो शख्स खुद पेट भर खाए और उसके पड़ोस में उसका पड़ोसी भूखा रह जाए, वह ईमान नहीं रखता।’’ रमजान महीने के खत्म होते ही दसवां माह शव्वाल शुरू होता है। माह की पहली चांद रात ईद की चांद रात होती है। इस रात का इंतजार मुस्लिम भाईयों को पूरे साल भर रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस इंतजार की भी खास वजह होती है और वह इसलिए क्योंकि इस रात को दिखने वाले चांद से ही ईद-उल फितर का ऐलान होता है। बच्चे, बड़े-बूढ़े यानी घर के सभी छोटे-बड़े मेम्बर अपने-अपने घर की छतों पर चांद का दीदार करने इकट्ठे हो जाते हैं और चांद का दीदार होते ही, मुस्कराते हुए एक-दूसरे को मुबारकवाद देते हैं। ईद की आहट भर से खुशियों से उनके चेहरे दमकने लगते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पहली ईद-उल-फित्र पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब ने सन 624 ईसवी में जंग-ए-बदर के बाद मनाई थी। तब से यह त्यौहार हर साल सारी दुनिया में मनाया जाता है। इस दिन सभी मुसलमान ईदगाह या मस्जिद में इकट्ठे होकर दो रक्आत नमाज शुक्राने की अदा करते हैं। नमाज से पहले वे हाथ उठाकर यह नीयत बांधते हैं कि ‘‘ए अल्लाह, आपका शुक्रिया कि आपने हमारी इबादत कबूल की। इसके शुक्राने में हम दो रक्आत ईद की नमाज पढ़ रहे हैं।’’</p>
<p style="text-align:justify;">नमाज के बाद मुसलमान भाई खुदा से पूरी दुनिया में सुख-शांति और बरकत के लिए दुआएं मांगते हैं। हां एक और महत्वपूर्ण बात, नमाज पढ़ने के लिए जाने से पहले सभी मुसलमान फितरा यानी जान व माल का सदका जो हर मुसलमान पर फर्ज होता है, वह गरीबों में बांटते हैं। सदका गरीबों की इमदाद का एक तरीका है। गरीब आदमी भी इस इमदाद से साफ और नये कपड़े पहनकर और अपना मनपसंद खाना खाकर अपनी ईद मना सकते हैं। इसके अलावा रमजान के महीने में आर्थिक रूप से सक्षम हर मुसलमान को अपनी सालाना आमदनी का ढाई फीसद गरीबों को दान में देना होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दान को जकात कहते हैं। जकात हर मुसलमान पर फर्ज है। इस व्यवस्था के पीछे इस्लाम मजहब की यह सोच है कि हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचे, जिससे वह भी ईद की खुशियों में शामिल हो सके। यह बात भी बतलाना लाजिमी होगी कि इस्लाम पांच प्रमुख स्तंभों पर टिका हुआ है, जिसमें रोजा और जकात भी शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस्लाम में अमीर-गरीब, छोटे-बड़े, उच्च जाति-निम्न जाति का कोई भेद-भाव नहीं। सभी एक समान हैं। लिहाजा सभी आपस में मिलकर यह त्यौहार मनाते है। ईद बुनियादी तौर पर आपस में भाईचारे को बढ़ावा देने वाला भी त्यौहार है। ईद की विशेष नमाज के बाद सभी एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकवाद देते हैं। दीगर मजहब को मानने वाले भी अपने मुस्लिम भाईयों से गले मिलकर ईद की मुबारकवाद देते हैं। ईद पर बच्चों का उत्साह और खुशियां देखते ही बनती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नए-नए कपड़े पहने चहकते-महकते बच्चे चारों तरफ एक खुशी का माहौल बना देते हैं। छोटों को अपने बड़ों से ईदी (पैसे या कोई तोहफा) मिलती है। हर घर में तरह-तरह की लजीज सेवईंया और पकवान बनते हैं। दोस्तों और रिश्तेदारों को सेवईंयों की दावत दी जाती है। कुल मिलाकर इस त्यौहार की खुशियां कई दिनों तक दिलों को रौनक करती रहती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मशहूर जनवादी शाईर नजीर अकबराबादी ने अपनी एक नज्.म में ईद-उल-फित्र के त्यौहार पर क्या खूब कहा है-‘‘ऐसी न शब-ए-बरात न बकरीद की खुशी/ जैसी हर एक दिल में है इस ईद की खुशी।’’</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>वसीमा खान</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p> </p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/everyone-is-in-the-heart-the-joy-of-this-edd/article-4195</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/everyone-is-in-the-heart-the-joy-of-this-edd/article-4195</guid>
                <pubDate>Sat, 16 Jun 2018 08:45:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/edd.jpg"                         length="147300"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एशिया के दिल में क्या है</title>
                                    <description><![CDATA[गत दिनों अमृतसर में संपन्न हुए हार्ट आॅफ एशिया के छठे मंत्रिस्तरीय सम्मलेन का केंद्र बिंदु निश्चित तौर पर आतंकवाद से त्रस्त एशिया ही था लेकिन जिस तरह रूस ने अफगानिस्तान के काउंटर टेररिज्म फ्रेमवर्क की राह में अड़ंगा लगाया और पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय कूटनीति पर प्रश्न खड़े किये उससे कुछ प्रश्नों का उठना […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/what-is-at-the-heart-of-asia/article-462"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/heart-o-fasia.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">गत दिनों अमृतसर में संपन्न हुए हार्ट आॅफ एशिया के छठे मंत्रिस्तरीय सम्मलेन का केंद्र बिंदु निश्चित तौर पर आतंकवाद से त्रस्त एशिया ही था लेकिन जिस तरह रूस ने अफगानिस्तान के काउंटर टेररिज्म फ्रेमवर्क की राह में अड़ंगा लगाया और पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय कूटनीति पर प्रश्न खड़े किये उससे कुछ प्रश्नों का उठना लाजिमी है। प्रश्न यह कि आखिरकार रूस का रुख भारत के प्रति बदला-बदला नजर क्यों आ रहा है? भारत को रूस ने सलाह दी कि इस प्रकार की आपसी आक्रामकता को शांति के लिए काम करने वाले मंचों पर नहीं उठाया जाना चाहिए। रूस का यह बदला हुआ तेवर भारत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।<br />
गौरतलब है कि रूस पहले भी ब्रिक्स सम्मेलन में आतंक को लेकर पाकिस्तान को अलग-थलग करने वाली भारत की मुहिम को झटका दे चुका है, जबकि रूस दशकों से भारत का प्रगाढ़ मित्र है। दरअसल, पाकिस्तान की रणनीति बड़ी तेजी से बदल रही है। वह पहले से अमेरिका के निकट रहा है, जबकि इन दिनों उसने चीन और रूस के साथ भी अपनी नजदीकी बढ़ा ली है। इसका प्रभाव भी अब साफ दिखने लगा है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अभी तक चीन ही उसकी तरफदारी करता दिखता था, लेकिन अब रूस भी भारत को आंखें दिखाने लगा है। यह संकेत कुछ अच्छे नहीं है।<br />
हालांकि सम्मलेन के मंच से अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने पाकिस्तान को आतंकवादी गतिविधियों के चलते खूब खरी-खोटी सुनाई और संयुक्त घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाने पर पूरी सहमति देखी जा सकती है। फिलहाल इस सम्मेलन में अफगानिस्तान को भारत के साथ जबरदस्त दोस्ती निभाते हुए देखा जा सकता है। जिस तर्ज पर पाकिस्तान को अफगानिस्तान ने लताड़ा है उसे भारत अपनी कूटनीतिक सफलता के रूप में पेश कर रहा है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्तों में आतंकवाद को लेकर दरारें आ रहीं थी, उससे पाकिस्तान को इस बात को लेकर पहले से ही आशंका थी कि अफगानिस्तान इस मंच से उस पर हमला कर सकता है।<br />
इसके अतिरिक्त पाक भारत की आक्रामक कूटनीति से पहले से ही डरा हुआ है वह जानता है कि भारत किसी भी द्विपक्षीय या बहुपक्षीय मंच पर उसे घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ेगा। शायद यही कारण था कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के सलाहकार सरताज अजीज एक दिन सम्बन्धों में कुछ तनाव कम करने के उद्देश्य से भारत पहुँच गए थे और उन्होंने पहले अफगानी राष्ट्रपति से मुलाकात भी की थी ,पर पर अजीज के प्रयास निरर्थक चले गये क्योंकि भारत ने तो उसे लताड़ा ही बल्कि अशरफ गनी ने भी यह तक कह डाला कि जो पांच सौ करोड़ डॉलर की मदद उन्हें पाकिस्तान दे रहा है उसे वह स्वयं आतंकवाद को खत्म करने में प्रयोग करें।<br />
विदित हो हार्ट आॅफ एशिया अफगानिस्तान में शांति व स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2 नवम्बर, 2011 को तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में स्थापित किया गया था । दरसल अफगानिस्तान को आतंकवाद का केंद्र माना जाता था और वहां पर शांति एशिया में शांति व स्थिरता लाने का एक बड़ा माध्यम हो सकती है। एशिया के 14 देशों का यह संगठन क्षेत्रीय संतुलन साधने, समन्वय बिठाने साथ ही आपसी सहयोग बढ़ाने का भी काम करता है। 18 सहयोगी राष्ट्र और 12 सहायक और अंतर्राष्ट्रीय संगठन भी इसमें शामिल हैं। अमृतसर में हुए हार्ट आॅफ एशिया का यह छठवां आयोजन था जिसका मुख्य उद्देश्य आतंकवाद का खात्मा है पर इस मामले में कितने कदम आगे बढ़े इसका भी लेखा-जोखा किया जाना चाहिए। इसकी खासियत घोषणापत्र में पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद का नाम शामिल मिल किया जाना है। दरअसल हार्ट आॅफ एशिया के इस छठे सम्मलेन को अपेक्षित रूप से सफल मान सकते हैं, क्योंकि हार्ट आॅफ एशिया के मंच से पाकिस्तान को साफ संदेश दे दिया गया है कि आतंकियों और हिंसक चरमपंथियों को पनाह देना शांति के लिए कितना बड़ा खतरा हो सकता है।<br />
इस बीच इस बात पर भी चर्चा जोरों पर है कि क्या भारत के राष्टÑीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सरताज अजीज के बीच कोई मुलाकात हुई है। दरअसल प्रधानमंत्री मोदी की ओर से बीते 3 दिसम्बर को विदेश मंत्रियों के लिए डिनर का आयोजन किया गया था। डिनर के बाद अजीत डोभाल और सरताज अजीत के बीच मुलाकात की बात कही जा रही है। पाकिस्तानी मीडिया मुलाकात होने का दावा कर रहा है जबकि भारत इससे इंकार कर रहा है। देखा जाए तो पाकिस्तानी मीडिया और पाकिस्तान सरकार समेत उसके तमाम प्रतिनिधि अक्सर बात को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करते रहे हैं साथ ही अपनी शेखी बघारने में पीछे नहीं रहते। बीते दिनों पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शरीफ ने तब हद कर दी जब उन्होंने यह कह डाला कि नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें न केवल शानदार व्यक्ति कहा बल्कि पाकिस्तान को सम्भावनाओं वाला देश करार दिया जबकि व्हाईट हाउस की ओर से इस पर कोई तवज्जो नहीं दिया गया। पाकिस्तानी मीडिया किसी अपवाह तंत्र से कम नहीं है और सरताज अजीज जैसे लोग किसी भी परिस्थिति को भुनाने में तनिक मात्र भी पीछे नहीं रहते हैं।<br />
फिलहाल हार्ट आॅफ एशिया के मंच पर पाकिस्तान की आतंकवाद के मामले में बोलती बंद हो गयी। लेकिन यह हमारे लिए चिंता का विषय है कि क्यों कुछ देशों का झुकाव पाकिस्तान की तरफ बढ़ रहा है। क्या एशिया के सभी देश अब आतंकवाद को भी अपनी कूटनीतिक चालों में शामिल कर चुके हैं। क्यों प्रत्येक मंच सभी देश खुलकर आतंकवाद के विरोध में सामने नहीं आते। यकीनन, इस पूरे परिदृश्य में अब भारतीय कूटनीतिज्ञों को समझ लेना चाहिए कि जब पाकिस्तान के साथ भारत जूझेगा, तो उसके लिए विश्व समुदाय के ताकतवर देशों में से भारत के पक्ष में कौन खड़ा होगा? अब भारत को सोचना होगा कि आखिर वह किस रास्ते चले? इसके आलावा भारत अब यह भी टटोले कि आखिरकार एशिया के दिल में क्या है। <em>पार्थ उपाध्याय </em></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/what-is-at-the-heart-of-asia/article-462</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/what-is-at-the-heart-of-asia/article-462</guid>
                <pubDate>Sat, 10 Dec 2016 04:59:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/heart-o-fasia.jpg"                         length="80399"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        