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                <title>निजी अहंकार से ऊपर हों देश के मुद्दे</title>
                                    <description><![CDATA[कल 29 दिसंबर को किसान-सरकार वार्ता के लिए किसानों ने अपना चार सूत्रीय एजेंडा तैयार कर लिया है। किसान चाहते हैं कि सरकार तीनों कृषि बिलों को खत्म करने वाली क्रियाविधि स्पष्ट करे, न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनन गारंटी दे, धान की पराली जलाए जाने पर लगने वाले जुर्माने को हटाए, भावी बिजली कानून के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/countrys-issues-should-be-above-personal-ego/article-20873"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/farmer-protest-15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">कल 29 दिसंबर को किसान-सरकार वार्ता के लिए किसानों ने अपना चार सूत्रीय एजेंडा तैयार कर लिया है। किसान चाहते हैं कि सरकार तीनों कृषि बिलों को खत्म करने वाली क्रियाविधि स्पष्ट करे, न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनन गारंटी दे, धान की पराली जलाए जाने पर लगने वाले जुर्माने को हटाए, भावी बिजली कानून के मसौदे में भी बदलाव करे, अब आगे सरकार की ओर से अभी जो होना है वह वार्ता की टेबल पर ही स्पष्ट होगा। उधर भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर जिस तरह से ‘ये क्या जादू है’ का सवाल उछाला है एवं इस बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में किसान आंदोलन पर एक भी शब्द नहीं कहना स्पष्ट करता है कि 29 दिसंबर को शायद ही किसान आंदोलन का मुद्दा हल हो। दिल्ली से प्रकाशित एक अखबार ‘सिख टाइम्स’ ने अपने सूत्रों के हवाले से एक रहस्योद्घाटन छापा है जिसमें अखबार ने कहा है कि भाजपा अंदर ही अंदर किसान आंदोलन को कुचलने की पूरी तैयारी कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">सिख टाइम्स के अनुसार सरकार का खुफिया तंत्र भीड़ में बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं की संख्या व स्थिति का जायजा ले रहा है, किसी रोज रात को सोते आंदोलनकारियों पर कार्रवाई की जाएगी व आंदोलनकारी युवा खासकर पुरूष किसानों को अस्थायी जेल में भेजा जाएगा। सिख टाइम्स के रहस्योदघाटन अगर झूठे भी हैं, तब भी यह समझा जा सकता है कि सरकार मीडिया के माध्यम से आंदोलनकारी किसानों को भयभीत कर आंदोलन खत्म कराना चाहती है। किसान आंदोलन पर सरकार की जिद्द अब देश व मुद्दों से ऊपर उठकर निजी अहंकार का विषय बन चुकी लगती है। क्योंकि किसान संगठनों ने पहले ही वार्ताओं में सरकार जो आशंकाएं वर्तमान बिलों के विरुद्ध जताई हैं उनका सरकार के पास निर्णायक उत्तर नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">उलटे सरकार किसान हित के विज्ञापनों से जिन किसानों को खुश दर्शा रही थी वही किसान धरनों में शामिल हैं। किसान संगठनों का शक अगर सच है कि बिलों के पीछे अंबानी-अडानी उद्योग जगत के लोग हैं तब भविष्य में भाजपा का जो राजनीतिक नुक्सान होगा उसकी भरपाई उद्योग जगत भी नहीं कर पाएगा। भाजपा अपने उस दौर में पहुंच चुकी है यहां आगे शिखर खत्म होकर ढ़लान शुरू हो रही है। भाजपा अगर शिखर पर टिके रहना पसंद करती है तब उसे शहरी वोटरों पर भरोसा नहीं करना चाहिए क्योंकि वर्तमान कृषि बिलों से सबसे ज्यादा मार शहरी वर्ग को पड़ेगी, चूंकि कृषि बिलों से भविष्य में खाने का सामान कई गुणा महंगा होने वाला है। प्रधानमंत्री जी को सोचना होगा कि ‘प्रधान सेवक’ शब्दों से नहीं बना जा सकता उसके लिए जनता की सेवा में कोई गुस्ताखी न हो, इस पर भी गौर रखना होता है। केन्द्र सरकार को किसान मुद्दों का अविलम्ब हल निकालने की ओर बढ़ना चाहिए।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Dec 2020 09:55:33 +0530</pubDate>
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                <title>कट्टरता व नफरत में पहले भी बांटा है देश</title>
                                    <description><![CDATA[पता नहीं क्यों, हमारे नेताओं को 1947 का बंटवारा कैसे भूलता जा रहा हे। यदि देश का बंटवारा केवल भौगोलिक होता तब शायद इतनी बड़ी त्रासदी घटित न होती। बदकिस्मती से यह बंटवारा धार्मिक था, जिसे कट्टरता ने बर्बरता में बदल दिया। विश्व का सबसे बड़ा नरसंहार 1947 में भारत बंटवारे के वक्त हुआ। इस नफरत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/the-country-is-divided-earlier-in-bigotry-and-hatred/article-12590"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/bigotry-and-hatred.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">पता नहीं क्यों, हमारे नेताओं को 1947 का बंटवारा कैसे भूलता जा रहा हे। यदि देश का बंटवारा केवल भौगोलिक होता तब शायद इतनी बड़ी त्रासदी घटित न होती। बदकिस्मती से यह बंटवारा धार्मिक था, जिसे कट्टरता ने बर्बरता में बदल दिया। विश्व का सबसे बड़ा नरसंहार 1947 में भारत बंटवारे के वक्त हुआ। इस नफरत ने दोनों देशों के लोगों को बुरी तरह से तोड़कर रख दिया था और सभी ने इस बुरे दौर की निंदा भी की लेकिन अब फिर देश ऐसे दौर में वापिस लौटता दिख रहा है, जहां राजनीतिक विरोधता, धार्मिक विरोधता का रूप धर रही है।</h4>
<h4 style="text-align:justify;">भले ही इस माहौल का राजनीतिक पार्टियों को अवश्य लाभ मिल जाए लेकिन यह देश के लिए कभी न पूरा न होने वाला नुक्सान साबित होगा। कानून बनाने और लागू करने की एक संवैधानिक प्रक्रिया एवं व्यवस्था है। किंतु जब इस प्रक्रिया में धर्म का रंग चढ़ाया जाने लगा तब सहजता से लागू होने वाले कानून भी चुनौतीपूर्ण बन गए। सबसे जोखिम वाली बात यह है कि भूतपूर्व की भांति मुद्दों को धार्मिक रंगत देने का काम अब फिर नेताओं के ही हाथ है। कट्टरता, हिंसा व नफरत के कारण हम विश्व की अव्वल अर्थव्यवस्था के बावजूद कुछ मुद्दों पर गरीब देशों की कतार में खड़े हुए हैं। 21वीं सदी में कट्टरता के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।</h4>
<h4 style="text-align:justify;">विश्व के छोटे-छोटे देश धर्म व जातिवाद के झगड़ों से बाहर निकलकर सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं। शक्तिशाली देश आर्थिक हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में धर्मों व जातिवाद के विवाद कमजोर पड़ रहे है। कनाडा जैसे देश का रक्षा मंत्री प्रवासी होने पर भी कोई आपत्ति नहीं, वहीं कनाडा में अन्य देशों की भाषाओं को भी सम्मान मिल रहा है। लेकिन भारत में अपनी ही भाषाओं के नाम पर विवाद जारी हैं। हम अनेकता में एकता की मिसाल थे। सभी पार्टियों को स्वार्थ को त्यागकर चाहिए कि आपसी मानवीय रिश्तों, प्रेम एवं विश्वास को बढ़ाएं। आधुनिक युग में कट्टरता को कोई भी स्वीकार नहीं करेगा। विश्व स्तर पर देश की साख को मजबूत करने के लिए हर कदम पर लोकतंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है।</h4>
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                <pubDate>Sat, 18 Jan 2020 20:35:25 +0530</pubDate>
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                <title>देश में भय व तनाव का माहौल : मायावती</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा और कांग्रेस को बताया एक ही थाली के चट्टे-बट्टे  | Fear and Tension लखनऊ (एजेंसी)। भाजपा और कांग्रेस पर ‘घिनौनी राजनीति’ करने और एक ही थाली के चट्टे-बट्टे होने का आरोप लगते हुए बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने बुधवार को कहा कि देश में भय और तनाव का माहौल है। वे अपने 64वें […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/there-is-an-atmosphere-of-fear-and-tension-in-the-country-mayawati/article-12500"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/tension-and-fear-1.jpg" alt=""></a><br /><h2>भाजपा और कांग्रेस को बताया एक ही थाली के चट्टे-बट्टे  | Fear and Tension</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> भाजपा और कांग्रेस पर ‘घिनौनी राजनीति’ करने और एक ही थाली के चट्टे-बट्टे होने का आरोप लगते हुए बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने बुधवार को कहा कि देश में भय और तनाव का माहौल है। वे अपने 64वें जन्मदिन पर बुधवार सुबह पत्रकारों से बातचीत में बोल रहीं थी। उन्होंने कहा कि देश की स्थिति कांग्रेस के समय से भी ज्यादा खराब हो गई है। भाजपा उससे भी दो कदम आगे है। देश की अर्थव्यवस्था खराब हो गई है और तनाव( Tension) तथा भय (Fear) का माहौल है। मायावती ने कहा कि बसपा अनुशासित एवं कैडर आधारित पार्टी है। जो शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में विश्वास रखती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए हमारे कार्यकर्ता संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) का विरोध करने के लिए सड़कों पर नहीं उतरे। बल्कि हमारी पार्टी ने लोकसभा और राज्यसभा में इसका विरोध किया और इसके विरोध में मतदान भी किया। भाजपा और कांग्रेस पर एक ही थाली के चट्टे बट्टी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये झूठ की घिनौनी राजनीति कर रही हैं। भाजपा को अपने विकास के वादे पर काम करना चाहिए। भाजपा कांग्रेस के नक्शे कदम पर चल रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ये भी बोली</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>भाजपा, कांग्रेस की आलोचना छोड़कर देश हित और गरीबी हटाने का कार्य करें तो ज्यादा बेहतर रहेगा। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) उन सभी पर लागू हो जिनके ऊपर जुल्म-ज्यादती हुई। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>सरकार की गलत नीतियों के कारण देश भर में अशांति है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>कानून व्यवस्था बिगड़ गई है, जो राष्ट्रीय चिंता का विषय है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>भाजपा अगर कांग्रेस की राह पर चलती रही तो अन्य राज्यों की सत्ता भी गंवा बैठेगी।</strong></li>
</ul>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jan 2020 12:27:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी-शाह देश को गुमराह कर रहे हैं: सोनिया गांधी</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीमती गांधी ने संसद भवन- एनैक्सी में कई विपक्षी दलों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के बयानों में विरोधाभास है और दोनों मिलकर देशवासियों को गुमराह कर रहे हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/modi-shah-is-misleading-the-country-sonia/article-12463"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/sonia-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">सीएए विरोध प्रदर्शन, जेएनयू हिंसा सहित कई मुद्दों पर विपक्षी दलों ने की बैठक (Sonia Gandhi)</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>बीएसपी, आप, टीएमसी, शिवसेना नहीं हुई शामिल</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)</strong> कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि समाज को धर्म के आधार पर बांटने का प्रयास किया जा रहा है। श्रीमती गांधी ने संसद भवन- एनैक्सी में कई विपक्षी दलों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के बयानों में विरोधाभास है और दोनों मिलकर देशवासियों को गुमराह कर रहे हैं। दोनों लगातार उकसावे वाले बयान दे रहे हैं और हिंसा तथा अत्याचार के प्रति असंवेदनशील बने हुए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों में हुई हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी- शाह की सरकार की अक्षमता साबित हो गयी है और ये शासन चलाने के योग्य नहीं है। मौजूदा सरकार लोगों को सुरक्षा उपलब्ध कराने में नाकाम रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">असम में एनआरसी विफल साबित हुआ</h3>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि असम में एनआरसी विफल साबित हुआ है। सरकार अब राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) पर ध्यान केंद्रित कर रही है जो राष्ट्रीय स्तर पर एनआरसी से पहले की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि विरोध का तात्कालिक कारण सीएए और एनआरसी है लेकिन समाज के व्यापक स्तर पर रोष दिखायी दे रहा है। उन्होंने कहा कि असली मुद्दे अर्थव्यवस्था की गिरती हालत और आर्थिक विकास दर का मंद पड़ना है। समाज के गरीब और वंचित तबके को नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के पास इसका कोई जवाब नहीं है और देश का ध्यान बंटाने के लिए विभाजनकारी और ध्रुवीकरण की राजनीति कर रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आबादी के एक बड़े हिस्से को प्रताड़ित किया जा रहा  है</h3>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती गांधी ने कहा कि सरकार दमन करने और घृणा पर उतर आयी है और लोगों को धार्मिक आधार पर बांटा जा रहा है। देश में अफरा तफरी की अभूतपूर्व स्थिति बनी हुई है। संविधान को कमजोर किया जा रहा है और सरकार के अंगों का दुरुपयोग हो रहा है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">उत्तरप्रदेश और दिल्ली में पुलिस के बल प्रयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा है।</li>
<li style="text-align:justify;"> युवाओं और छात्रों को खासतौर पर निशाना बनाया जा रहा है।</li>
<li style="text-align:justify;">आबादी के एक बड़े हिस्से को प्रताड़ित किया जा रहा है और उनका दमन किया जा रहा है।</li>
<li style="text-align:justify;">नागरिकों के सहयोग से देशभर में युवा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।</li>
</ul>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jan 2020 18:02:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जन्मदिन पर विशेष : सेना में देश सेवा करना चाहती थी अभिनेत्री नंदा</title>
                                    <description><![CDATA[नेताजी सुभाष चन्द्र बोस से थी प्रभावित  | Actress Nanda मुंबई (एजेंसी)। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री नंदा (Actress Nanda) ने लगभग तीन दशक तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। लेकिन बहुत कम लोगों को पता होगा कि वह फिल्म अभिनेत्री न बनकर सेना में काम करना चाहती थीं। मुंबई में आठ जनवरी 1939 को जन्मी नंदा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/actress-nanda-wanted-to-serve-the-country-in-the-army/article-12288"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/actress-nanda.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">नेताजी सुभाष चन्द्र बोस से थी प्रभावित  | Actress Nanda</h3>
<p style="text-align:justify;">मुंबई (एजेंसी)। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री नंदा (Actress Nanda) ने लगभग तीन दशक तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। लेकिन बहुत कम लोगों को पता होगा कि वह फिल्म अभिनेत्री न बनकर सेना में काम करना चाहती थीं। मुंबई में आठ जनवरी 1939 को जन्मी नंदा के घर में फिल्म का माहौल था। उनके पिता मास्टर विनायक मराठी रंगमंच के जाने-माने हास्य कलाकार थे। इसके अलावा उन्होंने कई फिल्मों का निर्माण भी किया था। उनके पिता चाहते थे कि नंदा फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेत्री बने। लेकिन इसके बावजूद नंदा की अभिनय में कोई दिलचस्पी नहीं थी।</p>
<p style="text-align:justify;">नंदा महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस से काफी प्रभावित थीं। उनकी ही तरह सेना से जुड़कर देश की रक्षा करता चाहती थीं। एक दिन का वाकया है कि जब नंदा पढ़ाई में व्यस्त थी। तब उनकी माँ ने उसके पास आकर कहा, ‘तुम्हें अपने बाल कटवाने होंगे। क्योंकि तुम्हारे पापा चाहते हैं कि तुम उनकी फिल्म में लड़के का किरदार निभाओ।’</p>
<h3 style="text-align:justify;">पिता की मृत्यु के बाद मजबूरी में फिल्मी लाइन चुनी  | Actress Nanda</h3>
<p style="text-align:justify;">माँ की इस बात को सुनकर नंदा को काफी गुस्सा आया। पहले तो उन्होंने बाल कटवाने के लिये साफ तौर से मना कर दिया। लेकिन माँ के समझाने पर वह इस बात के लिए तैयार हो गई। फिल्म के निर्माण के दौरान नंदा के सर से पिता का साया उठ गया। साथ ही फिल्म भी अधूरी रह गई। धीरे-धीरे परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने लगी। उनके घर की स्थित बहुत खराब हो गयी थी। उन्हें अपना बंगला और कार बेचने के लिये विवश होना पड़ा। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण नंदा ने बाल कलाकार फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया। बतौर बाल कलाकार नंदा ने मंदिर (1948), जग्गु (1952), शंकराचार्य (1954), अंगारे (1954) जैसी फिल्मों मे काम किया।</p>
<h3>ऐसे आगे बढ़ा करियर</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>1956 में चाचा व्ही शांताराम की फिल्म ‘दीया और तूफान’ से नंदा ने बतौर अभिनेत्री कैरियर की शुरूआत की। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>फिल्म की असफलता से वह कुछ खास पहचान नहीं बना पाई। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>इसके बाद राम लक्षमण, साक्षी गोपाल, चांद मेरे आजा सहित कई फिल्में भी फ्लॉप हो गई।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>नंदा की किस्मत का सितारा निर्माता एल.वी. प्रसाद की ‘छोटी बहन’ से चमका। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>फिल्म में बलराज साहनी ने बड़े भाई और नन्दा ने छोटी बहन की भूमिका निभाई। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>शैलेन्द्र का लिखा और लता मंगेशकर द्वारा गाया फिल्म का गीत ‘भइया मेरे राखी के बंधन को निभाना’ बेहद लोकप्रिय हुआ था।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>काला बाजार, हम दोनों, कानून, जब-जब फूल खिले, गुमनाम, इत्तेफाक, आहिस्ता-आहिस्ता, प्रेम रोग                                                    और मजदूर आदि सुप्रीम हिट फिल्में दी।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>वर्ष 1992 में नंदा निर्माता-निर्देशक मनमोहन देसाई के साथ परिणय सूत्र में बंध गई। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>लेकिन वर्ष 1994 में मनमोहन देसाई की असमय मृत्यु से नंदा को गहरा सदमा पहुंचा। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाली नंदा 25 मार्च 2014 को इस दुनिया को अलविदा कह गई।</strong></li>
</ul>
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</span></span></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>रंगमंच</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jan 2020 13:10:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सावधान&amp;#8230;हैकर्स से देश की सुरक्षा को खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले दशकभर की बात करें तो पूरे विश्व में सबसे ज्यादा डिजिटल होने का दावा हम करते आ रहे हैं।
 तरक्की की तस्वीर भी अच्छे परिदृश्य के साथ दिख भी रही है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/beware-the-security-of-the-country-is-threatened-by-hackers/article-11575"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/hackers.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">है से पूरा विश्व परेशान हैं। हम इनके विषय में लगातार सुनते भी रहते हैं। इनके जाल बड़े स्तर फैलने से अब सरकारों के काम पर भी असर पड़ने लगा। यदि हिन्दुस्तान के परिवेश की बात की जाए तो बीते लगभग एक वर्ष में भारत में 110 वेबसाइट हैक हुई हैं जिसमें से लगभग पचास महत्वपूर्ण साइट केंद्र सरकार व राज्य सरकारों की हैं। यह हैकर्स हमारे देश के नही हैं बल्कि चीन, पाकिस्तान, नीदरलैंड, फ्रÞांस, ताइवान, रूस, सर्बिया जैसे देशों से हैं जो हमारी सुरक्षा में सेंध लगा रहे हैं। कल यह मामला राज्यसभा में भी उठाया गया और केंद्र सरकार ने कहा कि साइबर टीम भी यह मान रही है कि साइबर सुरक्षा तंत्र को और अधिक सुरक्षित करने की जरुरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">हैक होने की जानकारी सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंडियन कम्प्यूटर इमर्जेंसी रेस्पांस टीम के हवाले से दी और यह भी बताया कि जो बेवसाइट हैक हुई हैं उनके आईपी एड्रेस से पता चला है कि सबसे ज्यादा पाकिस्तान और चीन से हैक किया जा रहा है। साथ ही सरकार ने यह भी बताया कि हमारी सरकार, साइबर सुरक्षा सीईआरटी-इन अन्य देशों के साथ लगातार संपर्क में रहती हैं जिससे हैकिगं न हो। लेकिन देश की इतनी महत्वपूर्ण वेबसाइटें हैक होने से स्पष्ट हो रहा है कि इतने दावों के बाद भी साइबर स्पेस सुरक्षा अभी बेहद कमजोर हैं। यह मामला पहली बार नही हुआ है लेकिन आज के डिजिटल युग में ऐसी घटना हमारे लिए शर्मनाक हैं क्योंकि हम डिजिटल युग की ओर बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी वर्ष पाकिस्तानी हैकर्स ने करीब सौ अन्य वेबसाइट हैक की थी जिसमें बीजेपी के नागपुर दफ्तर व गुजरात की वेबसाइट के अलावा भाजपा नेता आईके जडेजा का ब्लॉग भी था। इसके अलावा अगस्त 2019 में ही अमेरिकी का साइबर सुरक्षा फर्म फायरआइ ने बताया था कि हैकर्स ने भारत की एक प्रमुख स्वास्थ्य सेवा वेबसाइट को हैक कर लिया था। हैकर्स ने मरीज और डॉक्टर की जानकारी वाले 68 लाख रिकॉर्ड को चोरी कर लिया। हालांकि फायर आइ वेबसाइट का नाम नही बताया था लेकिन यह जानकारी दी थी कि इसमें अधिकतर हैकर्स चीन के थे जो स्वास्थ्य संगठनों और वेब पोर्टलों से चोरी किए गए डेटा को बेच रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">जग-जाहिर है कि मौजूदा समय में हमारे देश में इंटरनेट का बिजनेस बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए इंटरनेट प्रक्रिया को सुरक्षित करना किसी चुनौती से कम नही है। पिछले दशकभर की बात करें तो पूरे विश्व में सबसे ज्यादा डिजिटल होने का दावा हम करते आ रहे हैं। तरक्की की तस्वीर भी अच्छे परिदृश्य के साथ दिख भी रही है। परिवर्तन युग के सबसे बड़ा गवाह हम ही बन रहे हैं लेकिन हैकर्स हमारी इस तरक्की में बाधा बन रहे हैं। अब आम से लेकर खास डिजिटल इंडिया का हिस्सा बन रहा है। आज हर व्यक्ति एक मोबाइल से अपनी जिंदगी से जुडे हर कार्य को करने लगा। हर चीज का ऐप बन रहा है।यदि लोगों को यह आभास हो जाए कि हमारे देश में इतनी महत्वूर्ण साइट हैक हो रही हैं तो उनके छोटे से सिस्टम को हैक करना कोई बड़ी बात नही रह जाएगी जिससे हमारी गति रुक सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि देश की सुरक्षा के अन्य पहलू की बात करें तो पिछले दिनों सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर अनिका चोपड़ा नाम की एक महिला भारतीय सेना के जवानों को अपनी अदाओं का दीवाना बनाकर खुफिया जानकारी लेती थी। सूत्रों के अनुसार अनिका चोपड़ा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ की एजेंट थी जो जवानों को हनीट्रैप का शिकार बनाती है। यह महिला इससे पहले भी कई अन्य भारतीय सेना से जुड़े युवकों को भी अपने जाल में फंसा चुकी थी। हालांकि यह तय नही हो पाया था कि इसका नाम सही है या नही लेकिन यह पाकिस्तान के लिए काम करती थी,इस बात की पुष्टि हो गई थी। हमारे आस पास के कई देश किसी भी हाल में हमारे देश की खुफिया जानकारी लेने का प्रयास करते रहते हैं। यह तो एक-दो उदाहरण जो हमारे सामने आ रहे हैं, न जाने इसके अलावा भी किस-किस माध्यम से हम पर निगाह बनाई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार को हैकर्स का खेल समझते हुए इस दिशा में बहुत काम करना होगा क्योंकि यदि किसी दिन कोई बड़ी घटना हो गई और देश का भारी नुकसान हो गया तो हाथ मसलने और निंदा करने के अलावा कुछ और नहीं बचेगा। जान-माल के अलावा के भी नुकसान के कई रुप हो सकते हैं। केंद्र सरकार को यहां अपने उन मुल्कों से सहायता लेनी चाहिए जो इस मामलें में अच्छे से काम कर रहे हैं या यूं कहे कि इस मामले में हमसे मजबूत हैं। यदि ऐसे मामलों के इतिहास को देखा जाए तो हैकर्स ने कई देशों को नुकसान पहुंचाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">खुफिया जानकारी के अलावा स्वास्थ संबंधित सेवा के सिवाय देश की बड़ी कंपनियों को क्षति पहुंचाई जाती है। आज लगभग सभी सरकारी काम भी वेबसाइटों द्वारा होने लगे। हर छोटे-बड़े काम करने के लिए हम इंटरनेट का प्रयोग करते हैं।इसमें भी दो राय नही है कि हमनें इस क्षेत्र में बहुत काम भी किया है और अभी भी लगातार जारी भी है लेकिन अब इसके और विस्तार से पहले इसकी तंत्र सुरक्षा करना बेहद अनिवार्य है। यह मुद्दा बेहद सूझबूझ का भी है तो इसलिए इसके हर पहलू को समझकर कड़े कदम उठाने होंगे।<br />
<strong><em>-योगेश कुमार सोनी</em></strong></p>
<p> </p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Dec 2019 19:58:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने का लिया प्रण</title>
                                    <description><![CDATA[आधिकारियों और कर्मचारियों ने देश में एकता, आखंडता और देश की सुरक्षा को बनाए रखने के लिए
अपना आप समर्पित करने संबंधी प्रण लिया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/pledge-to-maintain-unity-integrity-and-security-of-the-country/article-10970"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-10/sardar-patel-.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">राष्ट्रीय एकता दिवस: डिप्टी कमिशनर ने शहर निवासियों को को दिलाई शपथ | (Sardar Patel’s birth anniversary)</h2>
<p><strong>धियाना(राम गोपाल रायकोटी )।</strong> देश की आजादी, एकता और अखंडता के लिए अपना <strong>(Sardar Patel’s birth anniversary)</strong> कीमती योगदान देने वाले और देश के पहले उप प्रधान मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्म दिवस संबंधी आज पूरे देश में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के तौर पर मनाया गया। इस संबंधी जहां सभी सरकारी कार्यालयों में आधिकारियों और कर्मचारियों को देश में एकता, आखंडता और देश की सुरक्षा को बनाए रखने के लिए अपना आप समर्पित करने संबंधी प्रण लिया गया वहीं डिप्टी कमिशनर प्रदीप कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में स्थानीय गुरू नानक स्टेडियम से ‘रन फार यूनिटी’ का आयोजन किया गया। इस दौड़ को शुरू करवाने से पहले अग्रवाल ने दौड़ में भाग लेने वालों को शपथ दिलाई।</p>
<h2><strong>500 से अधिक शहरवासियों ने लिया ‘रन फार यूनिटी’ दौड़ में हिस्सा</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">इस मौके शपथ दिलाते समय पर सभी प्रतिभागियों ने एक आवाज में कहा, ‘‘मैं कसम के साथ यह वायदा करता हूं कि मैं राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बरकरार रखने के लिए अपने आप को समर्पित करूँगा और अपने देशवासियों में यह संदेश फैलाने का भी हर संभव प्रयास करूंगा। मैं यह कसम अपने देश की एकता की भावना के साथ ले रहा हूँ, जिस को सरदार वल्लभ भाई पटेल की दूरदर्शिता व कामों द्वारा संभव बनाया जा सका था। मैं अपने देश की अंदरूनी सुरक्षा यकीनी बनाने के लिए अपना योगदान देने का भी कसम खाता हूँ।’’‘रन फार यूनिटी’ में 500 से अधिक शहर निवासियों ने भाग लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह दौड़ फुहारा चौक, कॉलेज रोड से होती हुई नेहरू रोज गार्डन में खत्म हुई। इस मौके अतिरिक्त कमिशनर नगर निगम संयम अग्रवाल, अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर (जनवा) इकबाल सिंह संधू, एसडीएम पायल सागर सेतिया, अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर पुलिस दीपक परीक, एसडीएम लुधियाना (पश्चिमी) अमरिन्दर सिंह मल्लि, एसीपी मनोज गोर्की, जिला लोक संपर्क अधिकारी प्रभदीप सिंह नत्थोवाल आदि उपस्थित थे।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>दौड़ को डिप्टी कमिशनर प्रदीप कुमार अग्रवाल ने झंडी दिखाकर रवाना किया और खुद दौड़ में भाग लिया।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> इस मौके दौड़ में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को संबोधित करते डीसी ने कहा </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>देश की एकता, एकसारता और सुरक्षा को खतरे में डालने वाली ताकतों को </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>रोकने के लिए देश निवासी प्रयास करें।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> उल्लेखनीय हैकि अग्रवाल ने जिला स्तरीय सभी आधिकारियों को भी हिदायत दी थी </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>कि वह अपने अधीन आते सभी कार्यालयों में यह शपथ लेना यकीनी बनाएं। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>इस संबंधी स्थानीय बचत भवन में जिला स्तरीय समारोह दौरान यह कसम </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>जिला लोक संपर्क अधिकारी प्रभदीप सिंह नत्थोवाल ने उठवाई।</strong></li>
</ul>
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<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Oct 2019 20:40:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोच को बदलें देश बदल जाएगा</title>
                                    <description><![CDATA[अभी जुम्मा-जुम्मा वंदे भारत रेल का शुभमुहुर्त हुआ है, लेकिन देश के कुछ लोगों ने उस पर भी पत्थर मारने शुरु कर दिए हैं पिछले दशकों में भारतीय रेलवे में बहुत विकास हुआ है। हर सरकार ने अपने वक्त में रेलवे में नया जोड़ा है। अभी ‘वंदे भारत’ रेल की शुरूआत से देश में तेज […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">अभी जुम्मा-जुम्मा वंदे भारत रेल का शुभमुहुर्त हुआ है, लेकिन देश के कुछ लोगों ने उस पर भी पत्थर मारने शुरु कर दिए हैं पिछले दशकों में भारतीय रेलवे में बहुत विकास हुआ है। हर सरकार ने अपने वक्त में रेलवे में नया जोड़ा है। अभी ‘वंदे भारत’ रेल की शुरूआत से देश में तेज गति एवं अत्याधुनिक कोच व सेवाएं रेलवे में शुरू हो गई, जो कि देशवासियों की बहुत समय से मांग थी। देश का रेलवे ढांचा काफी चुस्त-दुरुस्त व सुरक्षित हुआ है। भारतीय रेलवे दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे तंत्र है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन रेलवे के साथ एक त्रासदी भी जुड़ी है वह यह कि भारतीय लोग इसके साथ बहुत बुरा सुलूक करते हैं। सरकार के साथ लोगों का छोटा-बड़ा जो भी झगड़ा हो सबसे पहले रेलवे को शिकार बनाया जाता है। तोड़-फोड़ यातायात में बाधा लोगों के लिए आम बात है परंतु रेलवे को इसका बहुत नुक्सान उठाना पड़ता है। जो कि किसी न किसी रूप में देशवासियों का अपना ही नुक्सान है। हर देशवासी भले वह ग्रामीण है या शहरी, पढ़ा है या अनपढ़ वह टिकट खरीदकर रेलवे से विश्वस्तरीय सुविधाओं की मांग करता है, लेकिन यात्रा के बाद रेलवे के तौलिए, टायलेट के मग, चदरें, आईने, बल्ब चोरी कर ले जाता है, ऐसा क्यों? लोग पहले रेलवे को नुक्सान पहुंचाते हैं फिर मजाक उड़ाते है, आखिर यह मजाक है किसका स्वयं देशवासियों का ही तो मजाक बनता है। यहां ‘वंदे भारत’ को बनाया, चलाया देश ने हैं, अत: देश इसको सुरक्षित भी रखे अच्छा भी रखे।</p>
<p style="text-align:justify;">पढ़ने वालों को मेरी बात भले रेलवे की अपील लगे लेकिन यह एक देशवासी का देश की सम्पति को लेकर फिक्र है, जो कि सबके हिस्से आना चाहिए। देशवासियों की गैर जिम्मेदाराना हरकतों का भ्रष्ट लोग भरपूर लाभ उठाते हैं, वह अपने कामों की गलतियों को भी देशवासियों पर थोप देते हैं, वहीं वह वास्तविक नुक्सान को बढ़ा-चढ़ा कर देश व रेलवे दोनों का धन भी ऐठते हैं। कितना अच्छा हो यदि देशवासी सरकारी सेवाओं का अपनी निजी सम्पति की तरह फिक्र करें और उनका भरपूर सद्पयोग करें।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी अस्पताल, बस सेवा, सड़कें, फुटपाथ, पार्क, स्ट्रीट लाईटें, ऐसी अनेकों सेवाएं हैं, जिन्हें पब्लिक बेमतलब तोड़ती रहती है, जबकि यह सारी सेवाएं व सम्पति देश की पीढ़ियों को संवार सकती हैं। यह कितना दुखद है कि देश का शिक्षित, समझदार युवा, प्रौढ़, महिला-पुरुष विदेशों में काम करके उन्हें अच्छा बताता है जबकि खुद के घर को कूड़ा-कबाड़ा रखता है, तोड़-फोड़ करता है फिर बुरा बताता है। फर्क सिर्फ सोच का है देश वही हैं लोग वही है जो विदेशों को स्वर्ग बना रहे है और अपना घर वह बेहाल करके खुश होते हैं।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Feb 2019 11:38:20 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देशभर में पांव पसार रहा स्वाइन फ्लू, सैकड़ों लोग बीमार, कई की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली(एजेंसी)। इन दिनों उत्तर भारत के अनेक क्षेत्रों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़त पर हैं। वायरस से होने वाली यह बीमारी लापरवाही बरतने पर गंभीर रूप अख्तियार कर सकती है, लेकिन सुखद बात यह है कि इसका समय रहते कारगर इलाज संभव है। कुछ सजगताएं बरतकर स्वाइन फ्लू से बचा जा सकता है […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली(एजेंसी)।</strong> इन दिनों उत्तर भारत के अनेक क्षेत्रों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़त पर हैं। वायरस से होने वाली यह बीमारी लापरवाही बरतने पर गंभीर रूप अख्तियार कर सकती है, लेकिन सुखद बात यह है कि इसका समय रहते कारगर इलाज संभव है। कुछ सजगताएं बरतकर स्वाइन फ्लू से बचा जा सकता है आम बोलचाल में स्वाइन फ्लू के नाम से जाना जाने वाला इंफ्लूजा एक विशेष प्रकार के वायरस इंफ्लूजा ‘ए’ एच1 एन1 के कारण फैल रहा है। यह वायरस सुअर में पाए जाने वाले कई प्रकार के वायरस में से एक है। सुअर के शरीर में इस वायरस के रहने के कारण ही इसे स्वाइन फ्लू कहते हैं। वायरस के ‘जीन्स’ में स्वाभाविक तौर पर परिवर्तन होते रहते हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ऐसे फैलता है स्वाइन फ्लू</h2>
<p style="text-align:justify;">स्वाइन फ्लू का संक्रमण व्यक्ति को स्वाइन फ्लू के रोगी के संपर्क में आने पर होता है। इस रोग से प्रभावित व्यक्ति को स्पर्श करने (जैसे हाथ मिलाना), उसके छींकने, खांसने या पीड़ित व्यक्ति की वस्तुओं के संपर्क में आने से स्वाइन फ्लू से कोई व्यक्ति ग्रस्त होता है। खांसने, छींकने या आमने-सामने निकट से बातचीत करते समय रोगी से स्वाइन फ्लू के वायरस दूसरे व्यक्ति के श्वसन तंत्र (नाक, कान, मुंह, सांस मार्ग, फेफड़े) में प्रवेश कर जाते हैं। अनेक लोगों में यह संक्रमण बीमारी का रूप नहीं ले पाता या कई बार सर्दी, जुकाम और गले में खराश तक ही सीमित रहता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">
ऐसे लोग जिनका प्रतिरक्षा तंत्र (इम्यून सिस्टम) कमजोर होता है। जैसे बच्चे,वृद्ध, डायबिटीज या एच.आई.वी से ग्रस्त व्यक्ति।</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">दमा और ब्रॉन्काइटिस के मरीज।</li>
<li style="text-align:justify;">नशा करने वाले व्यक्ति।</li>
<li style="text-align:justify;">कुपोषण, एनीमिया या अन्य क्रोनिक बीमारियों से प्रभावित लोग।</li>
<li style="text-align:justify;">गर्भवती महिलाएं इस संक्रमण की चपेट में जल्दी आती हैं। गर्भवती महिलाओं में संक्रमण के कारण मृत्यु दर तुलनात्मक रूप से अधिक होती है। ऐसी</li>
<li style="text-align:justify;">महिलाओं को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा हो सकती है।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षणों के जटिल होने से रोगी को लोअर रेस्पाइरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, डीहाइड्रेशन और निमोनिया हो सकता है। ऐसी स्थितियों में रोगी की जान खतरे में पड़ सकती है। गले का खराब होना और कभी-कभी छाती में तकलीफ आदि जटिलताएं संभव हैं। इसके अलावा पुरानी गंभीर बीमारी का बिगड़ना जैसे अपर रेस्पाइरेटरी ट्रैक्ट की बीमारियां (साइनोसाइटिस आदि) और लोअर रेस्पाइरेटरी ट्रैक्ट की बीमारियां (निमोनिया, ब्रॉन्काइटिस और दमा) होने की आशंकाएं ज्यादा होती हैं। इसी तरह हृदय संबंधी कुछ बीमारियों के होने का जोखिम भी बढ़ जाता है। वहीं स्वाइन फ्लू की गंभीर स्थिति में न्यूरोलॉजिकल डिस्ऑर्डर भी उत्पन्न हो सकते हैं।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/swine-flu-spreading-across-the-country/article-7504</link>
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                <pubDate>Thu, 31 Jan 2019 19:37:27 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज से देश-विदेश में ये बदलाव, आम लोगों को होगा फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्‍ली(एजेंसी)। नए साल का आगमन हो गया है। वर्ष 2018 को अलविदा कर वर्ष 2019 का स्वागत करने की खुशी का इजहार लोगों ने अपने-अपने अंदाज में किया। नेताओं से लेकर अभिनेताओं तक नववर्ष की बधाइयां दे रहे हैं। इस साल देश में ही नहीं, विदेशों में भी कई बड़े बदलाव होने जा रहे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/these-changes-in-country-and-abroad-from-today-the-common-people-will-benefit/article-7153"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-01/shoping-mall.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">न<strong>ई दिल्‍ली(एजेंसी)</strong>। नए साल का आगमन हो गया है। वर्ष 2018 को अलविदा कर वर्ष 2019 का स्वागत करने की खुशी का इजहार लोगों ने अपने-अपने अंदाज में किया। नेताओं से लेकर अभिनेताओं तक नववर्ष की बधाइयां दे रहे हैं। इस साल देश में ही नहीं, विदेशों में भी कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। तेलंगाना और आंध्रप्रदेश को आज अलग-अलग हाई कोर्ट मिल रहा है। वहीं ब्राजील को अपना नया राष्‍ट्रपति।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मेट्रो के चौथे फेज का काम आज से होगा शुरू</h2>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के काम की शुरुआत आज यानी 1 जनवरी से होने जा रही है। दिल्ली सरकार ने इसकी मंजूरी पहले ही दे दी थी। 104 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट से दिल्ली के कई इलाके आपस में जुड़ जाएंगे। इस प्रोजेक्ट में कुल 46,845 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। इस खर्च को दिल्‍ली और केंद्र सरकार मिलकर वहन करेगी। इस फेस के पूरा होने के बाद दिल्‍ली के लोगों का सफर और आसान हो जाएगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">तेलंगाना और आंध्रप्रदेश का होगा अलग-अलग हाई कोर्ट</h2>
<p style="text-align:justify;">तेलंगाना और आंध्रप्रदेश को आज से अलग-अलग हाई कोर्ट मिल जाएंगे। तेलंगाना बनने के बाद से अबतक दोनों राज्यों का एक ही हाई कोर्ट था। इसकी वजह से लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब तेलंगाना और आंध्रप्रदेश का अलग-अलग हाई कोर्ट होने से लोगों की काफी परेशानियां कम हो जाएंगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ब्राजील को मिलेंगे नए राष्ट्रपति</h2>
<p style="text-align:justify;">ब्राजील के लिए नए साल की शुरुआत बेहद सुखद होने जा रही है। नए साल के पहले दिन ब्राजील को अपना नया राष्ट्रपति मिलने जा रहा है। जायर बोल्सनारो मंगलवार को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने जा रहे हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">नए साल में सरकार ने दिया तोहफा, 120 रुपए सस्ता हुआ LPG सिलेंडर</h2>
<p style="text-align:justify;">नए साल के आगाज से पहले जनता के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। गैर सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 120.50 रुपए की कटौती की है। इसके अलावा सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत में भी 5.91 रुपए की कटौती की गई है। अब गैर सब्सिडी सिलेंडर 689 रुपए में मिलेगी। पहले इसकी कीमत 809.50 रुपए थी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">23 वस्तुएं और सेवाएं आज से हुईं सस्ती</h2>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने आम जनता को नए साल का तोहफा देते हुए पहली जनवरी से 23 वस्तुओं और सेवाओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) घटा दिया है। सोमवार को इस सिलसिले में अधिसूचना जारी कर दी गई। इनमें टीवी, छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, टायर और सिनेमा टिकट जैसी चीजें शामिल हैं। इनके अलावा मॉनीटर और 32 इंच तक के टीवी, रीट्रेडेड टायर, पावर बैंक, डिजिटल कैमरा, वीडियो कैमरा, वीडियो गेम, दिव्यागों को ले जाने वाले वाहनों के कलपुर्जे और एसेसरीज, प्राकृतिक कॉर्क, वॉकिंग स्टिक, फ्लाई एश ब्लॉक आदि के लिए उपभोक्ताओं को मंगलवार से कम दाम देने होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">जीएसटी काउंसिल ने अपनी पिछली बैठक में इन वस्तुओं एवं सेवाओं पर 28 फीसद की दर को कम कर दिया था। कुछ वस्तुओं पर इसे घटाकर 18 फीसद, जबकि कुछ सेवाओं पर 18 फीसद की दर को कम कर 12 फीसद किया गया है। जीएसटी की 28 फीसद की सबसे ऊंची दर अब कुछ लक्जरी वस्तुओं, अहितकर सामान, सीमेंट, बड़े टीवी स्क्रीन व एयरकंडीशनरों पर ही रह गई है।</p>
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                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Jan 2019 09:50:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन में नया नियम: टैक्स नहीं चुकाया तो नहीं छोड़ पाएंगे देश</title>
                                    <description><![CDATA[बीजिंग (एजेंसी)। नए साल से चीन की टैक्स कलेक्शन अथॉरिटी ने नया नियम बनाया है। इस नियम के तहत ऐसा कोई भी बिजनेसमैन, कंपनी या व्यक्ति जिस पर किसी भी तरह का टैक्स बकाया हो, वह देश छोड़कर नहीं जा सकेगा। इस डेटाबेस को पुलिस, बैंक, इमिग्रेशन, पासपोर्ट, एयपोर्ट और सी-पोर्ट जैसे विभागों के साथ भी साझा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/china-major-tax-evaders-can-not-leave-country/article-7152"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-01/tax.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बीजिंग (एजेंसी)।</strong> नए साल से चीन की टैक्स कलेक्शन अथॉरिटी ने नया नियम बनाया है। इस नियम के तहत ऐसा कोई भी बिजनेसमैन, कंपनी या व्यक्ति जिस पर किसी भी तरह का टैक्स बकाया हो, वह देश छोड़कर नहीं जा सकेगा। इस डेटाबेस को पुलिस, बैंक, इमिग्रेशन, पासपोर्ट, एयपोर्ट और सी-पोर्ट जैसे विभागों के साथ भी साझा किया जाएगा। ये सभी विभाग इन बकायदारों पर नजर रखेंगे। ऐसे लोगों को देश छोड़ने की इजाजत भी नहीं होगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">शुरू में 10 लाख से ज्यादा टैक्स के बकाएदारों पर होगी कार्रवाई</h2>
<p style="text-align:justify;">नए नियम के दायरे में शुरुआत में ऐसे कारोबारी, कंपनियां और नौकरीपेशा लोग आएंगे, जिन पर 1 लाख युआन (10.26 लाख भारतीय रुपये) का टैक्स बाकी है। ऐसे बकायदारों की सभी जानकारी मसलन आई कार्ड, बैंक अकाउंट नंबर और पासपोर्ट डिटेल्स को टैक्स अथॉरिटी अपने ब्लैकलिस्ट डेटाबेस में डाल देगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विदेशी कर्मचारियों और विदेश में काम कर रहे चीनी नागरिक भी दायरे में</h3>
<p style="text-align:justify;">नए कानून के तहत अगर कोई विदेशी नागरिक अपने कारोबार या फिर नौकरी के सिलसिले में चीन में 183 दिन से ज्यादा ठहरता है तो वो उसकी पूरी कमाई टैक्स के दायरे में होगी। हालांकि इस प्रावधान पर अमेरिका और हॉन्गकॉन्ग ने विरोध जताया है। इनके अलावा विदेश में नौकरी कर रहे चीनी नागरिकों को भी चीन में इनकम टैक्स देना होगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">चीन में सिर्फ 2 फीसदी लोग देते हैं टैक्स</h2>
<p style="text-align:justify;">चीन की आबादी 138 करोड़ है। इनमें से 2.8 करोड़ लोग ही टैक्स देते हैं। अब टैक्स डिपार्टमेंट सरकारी आय बढ़ाने के लिए टैक्स दरें बढ़ाने की बजाय टैक्स कलेक्शन बढ़ाने पर ज्यादा जोर दे रहा है।</p>
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                <pubDate>Tue, 01 Jan 2019 09:41:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देशभर में नए साल का जश्न, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी शुभकामनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली(सच कहूँ)। घडी की सुईयों ने जैसे ही बारह बजाए वैसे ही पूरा देश नए साल के आगमन की खुशी में जश्न मनाने में डूब गया। वर्ष 2018 को अलविदा कर वर्ष 2019 का स्वागत करने की खुशी का इजहार लोगों ने अपने-अपने अंदाज में किया। नेताओं से लेकर अभिनेताओं तक नववर्ष की बधाईयां […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/new-year-celebration-across-the-country/article-7151"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-01/happy-new-year.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली(सच कहूँ)।</strong> घडी की सुईयों ने जैसे ही बारह बजाए वैसे ही पूरा देश नए साल के आगमन की खुशी में जश्न मनाने में डूब गया। वर्ष 2018 को अलविदा कर वर्ष 2019 का स्वागत करने की खुशी का इजहार लोगों ने अपने-अपने अंदाज में किया। नेताओं से लेकर अभिनेताओं तक नववर्ष की बधाईयां दे रहे हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने इस मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।नए साल का आगाज हो गया है।भारत में नए साल का जोरदार स्वागत किया गया। दिल्ली से लेकर शिमला और गोवा में जबरदस्त अंदाज में लोगों ने नववर्ष का स्वागत किया। न्यूजीलैंड में सबसे पहले 2019 की शुरुआत हुई और इस मौके पर जमकर जश्न मनाया गया। न्यूजीलैंड के बाद ऑस्ट्रेलिया में नए साल की शुरुआत हुई।</p>
<h2>पीएम मोदी ने सोमवार को ट्वीट कर न्यू ईयर की शुभकामनाएं दीं</h2>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने सोमवार को ट्वीट कर न्यू ईयर की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘सभी को 2019 की शुभकामनाएं। मैं कामना करता हूं कि ये साल सभी के जीवन में खुशियां, समृद्धि और अच्छा स्वास्थ्य लेकर आए।’राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने न्यू ईयर की बधाई दी। उन्होंने ट्वीट में लिखा, ‘सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं! वर्ष 2019 में सभी देशवासियों और पूरे विश्व समुदाय के जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और उल्लास का संचार होता रहे।’</p>
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                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/new-year-celebration-across-the-country/article-7151</link>
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                <pubDate>Tue, 01 Jan 2019 09:34:39 +0530</pubDate>
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