<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/incomplete/tag-7409" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Incomplete - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/7409/rss</link>
                <description>Incomplete RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>PM Housing Scheme: हरियाणा में गरीब के घर का सपना अधूरा, सरकार नाराज</title>
                                    <description><![CDATA[हैरानी की बात तो यह है कि सरकार की तरफ से 2 लाख मकान देने का टारगेट तय किया हुआ है और अभी तक यह सरकार सिर्फ 2294 लोगों का ही लोन पास बैंकर्स से पास करवाने में सफल हुई है। यह आंकड़ा मात्र टारगेट से 1 फीसदी है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/dream-of-poors-house-in-haryana-is-incomplete-government-angry/article-13008"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/prime-minister-housing-sche.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><span class="tlid-translation translation" lang="en" xml:lang="en"><span title="">PM Housing Scheme</span></span>: वित्त साल 2019-20 निजी बैंकों ने एक पैसा नहीं दिया लोन</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>बैंकर्स समिति की बैठक में बिजनेस रोकने की दी चेतावनी</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>अश्वनी चावला/सच कहूँ चंडीगढ़।</strong> खुद का घर हो अपना यह सपना संजोए हरियाणा के 50 हजार से ज्यादा लोगों ने प्रदेश सरकार के पास प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब, जरूरतमंद लोगों ने मकान बनाने के लिए आवेदन तो कर दिया, लेकिन निजी बैंकों द्वारा ऋण न दिए जाने से उनका सपना, सपना बनकर ही रह गया। निजी बैंकों की तरफ से किए जा रहे भेदभाव से हरियाणा सरकार इस कद्र नाराज है कि वह इन बैंकों का प्रदेश में कारोबार रोकने पर विचार कर रही है। हरियाणा के सभी प्राइवेट बैंकों के संचालकों को प्रदेश स्तरीय बैंकर्स समिति की मीटिंग दौरान सरकार ने सख्त हिदायत जारी करते हुए साफ कह दिया गया है कि अगर उन्होंने योजना के तहत आम लोगों को ऋण पास नहीं किए गए तो राज्य में निजी बैंकों को कारोबार देने से इंकार कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन बैंकों में छोटे-मोटे बैंक ही नहीं बल्कि बड़े-बड़े निजी बैंक शामिल हैं। जो कि हरियाणा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगों को लोन देने में कोई ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि सरकार की तरफ से 2 लाख मकान देने का टारगेट तय किया हुआ है और अभी तक यह सरकार सिर्फ 2294 लोगों का ही लोन पास बैंकर्स से पास करवाने में सफल हुई है। (PM Housing Scheme) यह आंकड़ा मात्र टारगेट से 1 फीसदी है। निजी बैंक की तरफ से वित साल 2019-20 में एक भी नया पैसा लोन के रूप में नहीं दिया गया है। जिसको लेकर सरकारी विभाग काफी ज्यादा चिंतित हैं। इसमें सबसे ज्यादा स्थानीय सरकार सबसे ज्यादा चिंतित है। क्योंकि आम लोगों को घर बनाकर देने में सबसे बड़ा टारगेट स्थानीय सरकार के पास ही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आदेशों के बावजूद ऋण मेले नहीं लगा रहे बैंक</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा के मुख्य सचिव की तरफ से पिछले महीने 13 दिसंबर को एक आदेश जारी करते हुए सभी बैंकर्स को कहा गया था कि वह ऋण मेले लगाते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आम लोगों से उनके आवेदन लें और उस आवेदन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए ज्यादा से ज्यादा ऋण दें। हरियाणा के मुख्य सचिव की तरफ से सख्त आदेशों के बावजूद भी ज्यादातर प्राइवेट बैंकर्स की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं की गई है। जिसके चलते लोन देने के मामले में आज भी जीरो पर ही खड़े हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सिर्फ 2294 लोगों लोन पास</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा सरकार की तरफ से तय किए गए टारगेट के अनुसार कुल 2 लाख लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिए जाने हैं। परंतु हरियाणा में अभी तक 2294 के केस को ही मंजूरी देते हुए पास किया गया है। इस मे 379 करोड़ 45 लाख का लोन मंजूर हुआ है। जबकि यह टारगेट से काफी ज्यादा नीचे है और इसको लेकर हरियाणा सरकार चिंतित भी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">डेढ़ लाख तक सब्सिडी, केन्द्र सरकार की है योजना</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाने वाले लोगों को न सिर्फ सस्ते दर पर मकान मिलेंगे बल्कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डेढ़ लाख रुपए तक की सब्सिडी भी मिलेगी अपना खुद का मकान लेने के पश्चात इस स्कीम के तहत सरकार की तरफ से डेढ़ लाख रुपए तक की सब्सिडी जारी की जाती है और अभी तक हरियाणा में मात्र 2294 ऐसे केस सामने आए हैं। जो कि मकान पाने के साथ साथ सब्सिडी लेने के भी हकदार बने हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इन बैंकों ने नहीं दिया एक पैसे का लोन</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">बंधन बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">एचडीएफसी बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">डीसीबी</li>
<li style="text-align:justify;">फेडरल बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">आईडीबीआई बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">इंडसइंड बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">कर्नाटका बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">करूर व्यस्या बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">कोटक महिंद्रा बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">आरबीएल बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">नैनीताल बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">यस बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">साउथ इंडियन बैंक</li>
</ul>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/dream-of-poors-house-in-haryana-is-incomplete-government-angry/article-13008</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/dream-of-poors-house-in-haryana-is-incomplete-government-angry/article-13008</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Feb 2020 19:48:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-02/prime-minister-housing-sche.jpg"                         length="17484"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अढ़ाई साल बीते फिर भी अधूरा फेसिलेशन सैंटर</title>
                                    <description><![CDATA[ खेल नर्सरी के लिए तैयार किया जा रहा है राजकीय महाविद्यालय का छात्रावास भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। भीम स्टेडियम में करीब अढ़ाई साल पूर्व फेसिलेशन सैंटर का निर्माण शुरू हुआ था। उस समय दावा किया जा रहा था कि इस केंद्र के बनने से एक छत के नीचे ही खेल विभाग के कार्यालय, पुस्तकालय, हॉल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/incomplete-fessilation-center/article-8483"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-04/fessilation-center.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;"> खेल नर्सरी के लिए तैयार किया जा रहा है राजकीय महाविद्यालय का छात्रावास</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)</strong>। भीम स्टेडियम में करीब अढ़ाई साल पूर्व फेसिलेशन सैंटर का निर्माण शुरू हुआ था। उस समय दावा किया जा रहा था कि इस केंद्र के बनने से एक छत के नीचे ही खेल विभाग के कार्यालय, पुस्तकालय, हॉल व दूसरे कार्यक्रमों के कक्ष आ जाएंगे। इतना ही नहीं, इस केंद्र में खिलाड़ियों के रूकने की जगह के साथ-साथ कैंटीन की सुविधा भी होगी। प्रदेश के 22 जिलों में एक ही तरह के नक्शे के अनुरूप इन फेसिलेशन सैंटरों का निर्माण करवाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">तीन माह पूर्व 26 जनवरी को मुख्यमंत्री ने इसका उद्घाटन भी कर दिया। उस समय फेसिलेशन सैंटर को खेल विभाग को सौंपने का दबाव भी बना, लेकिन जब केंद्र में काम अधूरा था तो विभाग ने अपने हाथ खींच दिए। जब केंद्र का निरीक्षण किया गया तो इसमें कही खिड़कियों की कमी थी तो कही फर्श की घिसाई नहीं हुई थी। कही बाथरूम अधूरे तो कही बिजली का काम। इस प्रकार की दर्जनों आपत्तियां लगाकर जब निर्माण एजेंसी को सौंपी गई तो उन्होंने तत्कालीन खामियों को दूर करने का भरोसा दिलाया। अब निर्माण एजेंसी खामियों को दूर करने में जुटी हुई है। शायद इसके बाद ही खेल विभाग इस भवन को तैयार करेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">छात्रावास की सफाई का एक बार फिर से उठाया बीड़ा</h2>
<p style="text-align:justify;">उधर खेल विभाग द्वारा राजकीय महाविद्यालय के छात्रावास में हॉकी व एथलेटिक्स की नर्सरी शुरू करने के लिए छात्रावास की सफाई का एक बार फिर से बीड़ा उठाया है। नर्सरी में हॉकी व एथलेटिक्स के 25-25 खिलाड़ी आवासीय सुविधा के साथ-साथ खान-पान के लिए पात्र होंगे। इस छात्रावास में करीब 57 कमरें हैं। पिछले तीन दशक से बंद पड़े महाविद्याल के छात्रावास को 6 वर्ष पूर्व खेल विभाग को नर्सरी चलाने के लिए दिया गया था। इसके बाद कई बार छात्रावास की सफाई व रख-रखाव की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन अंजाम तक नहीं पहुंच पाई। अब एक बार फिर से खेल नर्सरी शुरू करने के लिए छात्रावास की सफाई का बीड़ा उठाया गया है।</p>
<p style="text-align:right;">‘‘नर्सरी के लिए खिलाड़ियों का चयन करके मुख्यालय को स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं। खिलाड़ियों के लिए आवास के रूप में राजकीय महाविद्यालय में छात्रावास का रख-रखाव व सफाई करवाई जा रही है। जैसे ही आदेश आएंगे, नर्सरी को शुरू करवा दिया जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि फेसिलेशन सैंटर का क्या चल रहा है तो उन्होंने बताया कि कुछ कमियां थी, जिन्हे इंगित किया गया है। उन कमियों के दूर होने के बाद पुन: निरीक्षण किया जाएगा।<br />
<strong>-जेजी बैनर्जी, खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी भिवानी। </strong></p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/incomplete-fessilation-center/article-8483</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/incomplete-fessilation-center/article-8483</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Apr 2019 17:17:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-04/fessilation-center.jpg"                         length="91699"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आजादी अभी अधूरी</title>
                                    <description><![CDATA[देश आज 72वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। लगभग पौनी सदी गुजरने तक देश हथियारों, खाद्य व जन्म दर घटाने के पक्ष से तरक्की कर गया है किंतु जिस राजनीति व सरकारी पक्षपात के खिलाफ स्वतंत्रता सेनानियों ने कुर्बानियां दी थी वह पक्षपात आज भी देश के माथे पर कलंक बना हुआ है। स्वतंत्रता संग्रामियों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/freedom-is-just-incomplete/article-5396"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/freedom.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश आज 72वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। लगभग पौनी सदी गुजरने तक देश हथियारों, खाद्य व जन्म दर घटाने के पक्ष से तरक्की कर गया है किंतु जिस राजनीति व सरकारी पक्षपात के खिलाफ स्वतंत्रता सेनानियों ने कुर्बानियां दी थी वह पक्षपात आज भी देश के माथे पर कलंक बना हुआ है। स्वतंत्रता संग्रामियों की याद में स्मारक जरूर बन गए हैं, जिन पर अरबों रुपए खर्च किए गए हैं, लेकिन केवल इमारतों का निर्माण ही स्वतंत्रता सैनानियों को सच्चा सलाम नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">हालात तो तब अजीबो -गरीब नजर आते हैं, जब देश भक्तों की यादगारों के नींव पत्थर रखने या उद्घाटन करने वाले राजनेता खुद भ्रष्टाचार के आरोप का सामना कर रहे होते हैं। सत्ता हाथ में आने के बाद सरकारी पैसे को राजनेता पानी की तरह बहाते हैं। लेकिन जनता मूलभूत सुविधाओं को तरसती रह जाती है। आज भी अमीरों, राजनीतिज्ञों व गरीबों के लिए दो अलग-अलग भारत हैं। एक वह भारत है जहां आम किसान बारिश से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा लेने के लिए सरकारी दफ्तरों में चक्कर काटता थक जाता है और उसे एक एकड़ फसल का मुआवजा 100 रुपए मिलता है। दूसरी तरफ एक असर रसूख वाला नेता है जिसे पटवारी 20 एकड़ फसल के नुकसान का मुआवजा डेढ़ लाख रुपए उसके घर खुद देकर आता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज भी अत्याचार के शिकार हुए लोगों की सुनवाई होनादूर उल्टा मुकदमा ही उनके खिलाफ दर्ज हो जाता है। भ्रष्टाचार देश को खोखला कर रहा है जिसे रोकने के लिए राजनीतिक बयान ज्यादा दागे जा रहे हैं। राष्ट्रीय पार्टियों के लिए भ्रष्टाचार सत्ता पाने के लिए एक सहारा बन गया है। एनडीए ने कांग्रेस के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाकर सत्ता तो प्राप्त कर ली किंतु वही आरोपों का सामना भाजपा भी कर रही है। भ्रष्टाचार विरुद्ध लड़ाई बयानबाजी से आगे बढ़ रही है। सरकारें बदलतीं है, घोटाले भी चल रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अनाज का उत्पादन बढ़ा है लेकिन कुपोषण भी जारी है। गरीबी मिटाने की स्कीमें आज भी वोट बैंक की नीति को लेकर जारी हैं। यदि विकास है तब गरीबी कहां से आ रही है। आर्थिक सिद्धांतों पर राजनीति में विरोधाभाष है। निसंदेह देश ने तरक्की की है लेकिन राजनेताओं व उनके साथ जुड़े उद्योगपतियों ने देश की तरक्की से लाख गुणा ज्यादा तरक्की की है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज इंडिया की पहचान अम्बानी व टाटा के कारण है जो दुनिया के अमीर लोगों में गिने जाते हैं। उधर देश राजधानी दुष्कर्मों व भूख से मर बच्चियों की खबरों से पटी पड़ी है। 1947 में मिली आजादी केवल राजनीतिक आजादी नहीं बल्कि आर्थिक, सामाजिक व संस्कृतिक खुशहाली की चाहत भी थी। वास्तविक आजादी के अर्थ को पूरा करने की आवश्यकता है।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/freedom-is-just-incomplete/article-5396</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/freedom-is-just-incomplete/article-5396</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Aug 2018 12:00:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/freedom.jpg"                         length="67792"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संयुक्त राष्ट की एकतरफा व अधूरी रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट ने जम्मू कश्मीर बारे अपनी रिपोर्ट में मानवीय अधिकारों के हनन का जिक्र किया है जिसको भारत सरकार तथा भारतीय सेना ने रद्द किया है। दरअसल संयुक्त राष्ट की रिपोर्ट में बुनियादी तथ्यों को ही नजरअंदाज कर दिया गया है। मानवीय अधिकारों के हनन के लिए सेना को जिम्मेदार बताया गया है पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/united-and-incomplete-report-of-united-nations-2/article-4553"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/letter1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">संयुक्त राष्ट ने जम्मू कश्मीर बारे अपनी रिपोर्ट में मानवीय अधिकारों के हनन का जिक्र किया है जिसको भारत सरकार तथा भारतीय सेना ने रद्द किया है। दरअसल संयुक्त राष्ट की रिपोर्ट में बुनियादी तथ्यों को ही नजरअंदाज कर दिया गया है। मानवीय अधिकारों के हनन के लिए सेना को जिम्मेदार बताया गया है पर यह तथ्य गायब है कि आखिर राज्य में सेना की तैनाती क्यों है?</p>
<p style="text-align:justify;">कश्मीर में विदेशी आतंकवाद ने गड़बड़ फैलाई है। आतंकवादी कार्रवाई में सिर्फ पुलिस तथा फौज के जवान ही शहीद नहीं होते बल्कि आम नागरिक भी मारे जा रहे हैं। आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाने वाले पत्रकार शुजात बुखारी के कत्ल के पीछे भी पाकिस्तान आधारित आतंकवादी संगठन का हाथ बताया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरहदी गांवों पर पाक रेजरां की गोलीबारी ने घरों को छलनी कर दिया है। लाखों लोग घर से बेघर हो चुके हैं। ऐसे हालातों में आतंकवाद का जिक्र ही ना करना रिपोर्ट तैयार करने वाले विशेषज्ञ पर शक की सुई जाती है। फौजी कार्रवाइयों में मानवीय अधिकारों की रक्षा का मसला होता है तथा इस बात पर पहरा देने की जरूरत होती है। जम्मू कश्मीर में सुरक्षा कर्मियों की ज्यादतियों के कारण उन पर मुकदमें भी हुए और उन्हें सजाएं भी सुनाई गर्इं। कानून के आगे हर गुनहगार बराबर है।</p>
<p style="text-align:justify;">ये मिसालें ही इस बात का सबूत हैं कि कश्मीर में मानवीय अधिकारों की रक्षा के लिए पूरा कानूनी ढांचा है। ऐसी व्यवस्था में सुरक्षा बल मानवीय अधिकारों के प्रति जिम्मेदार बने रहते हैं। संयुक्त राष्टÑ जैसी प्रतिष्ठित संस्था द्वारा तथा आंकड़ों की जांच किये बिना ही जम्मू कश्मीर में मानवीय अधिकारों के हनन का मुद्दा बनाना एकतरफा तथा किसी उद्देश्य की तरफ प्रेरित होता नजर आता है। जम्मू कश्मीर में चल रहे अरबों रुपये के उन विकास कार्यों को रिपोर्ट में जगह नहीं मिली जो आम कश्मीरियों की बेहतरी के लिए किये जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसी रिपोर्टें आतंकवाद से निपटने में विश्व की समस्या है तथा कश्मीर में आतंकवाद को भी इससे अलग नहीं किया जा सकता। मानवीय अधिकारों के नाम पर आतंकवाद को बढ़ने देना जायज नहीं। आतंकवाद के खिलाफ अंतर्रराष्टय मंचों को स्थितियों की बारीकियों को देखने की जरूरत है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/united-and-incomplete-report-of-united-nations-2/article-4553</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/united-and-incomplete-report-of-united-nations-2/article-4553</guid>
                <pubDate>Fri, 29 Jun 2018 08:35:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/letter1.jpg"                         length="159895"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        