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                <title>लोकसभा में 7 मिनट के भीतर दो विधेयक पारित, कार्यवाही स्थगित</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। लोकसभा में शुक्रवार को विपक्ष के हंगामे के बीच सात मिनट के भीतर दो महत्वपूर्ण विधेयक पारित करा दिये गये और उसके बाद कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। सदन ने विपक्ष के हंगामे के बीच ही कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2021 और केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/two-bills-passed-in-lok-sabha-within-7-minutes-proceedings-adjourned/article-25797"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-08/loksabha.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> लोकसभा में शुक्रवार को विपक्ष के हंगामे के बीच सात मिनट के भीतर दो महत्वपूर्ण विधेयक पारित करा दिये गये और उसके बाद कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। सदन ने विपक्ष के हंगामे के बीच ही कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2021 और केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2021 पारित कर दिया। एक बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे जैसे ही शुरू हुई, पीठासीन अधिकारी राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि विभिन्न दलों ने स्थगन प्रस्ताव दिये हैं, जिन्हें अध्यक्ष ने नकार दिया है।</p>
<h4><strong>पीठासीन अधिकारी ने हंगामे के बीच ही आवश्यक दस्तावेज सदन पटल पर रखवाये</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कुछ बोलने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि सदन में तीसरे सप्ताह भी गतिरोध खत्म नहीं हुआ है, लेकिन सरकार ने इस गतिरोध को खत्म करने के लिए विपक्ष से बातचीत तक नहीं की। इस पर सत्ता पक्ष से यह कहा गया कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दल खुद इससे भाग रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच विपक्ष के सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप हंगामा करते हुए पहुंच चुके थे। पीठासीन अधिकारी ने हंगामे के बीच ही आवश्यक दस्तावेज सदन पटल पर रखवाये। वहीं राज्य सभा में आज विपक्षी दलों के सदस्यों ने पेगासस जासूसी मामले और किसान आंदोलन को लेकर भारी शोरगुल और हंगामा किया जिससे शून्य काल और प्रश्न काल सुचारु रूप से संचालित नहीं हो सके और सदन की कार्यवाही सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>शेखावत के उपस्थित नहीं रहने पर राज्यसभा में आपत्ति</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">जल संसाधन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के आज राज्यसभा में उपस्थित नहीं रहने पर विपक्ष की ओर से आपत्ति व्यक्त की गई। सदन की कार्यवाही शुरू होने पर उप सभापति हरिवंश ने मंत्रियों के वक्तव्य देने के लिए शेखावत का नाम पुकारा लेकिन वह सदन में उपस्थित नहीं थे। शेखावत को जल शक्ति मंत्रालय की अनुदान मांगों के संबंध में एक वक्तव्य देना था। कांग्रेस के उप नेता आंनद शर्मा ने मंत्री के सदन में उपस्थित नहीं होने पर व्यवस्था का मामला बताते हुए कहा कि शेखावत ने सदन से अनुपस्थित रहने की अनुमति ली थी या नहीं। इस पर सदन के नेता पीयूष गोयल ने शर्मा से सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में इस पर ध्यान दिया जाएगा।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Aug 2021 15:24:42 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कांग्रेस प्रत्याशियों का फैसला वीरवार को</title>
                                    <description><![CDATA[-लग सकती है 5 उम्मीदवारों पर मोहर सच कहूँ/अश्वनी चावला चंडीगढ़। लोकसभा चुनावों को लेकर पिछले काफी दिनों से चल रही माथा-पच्ची के बीच में वीरवार को  कांग्रेस प्रत्याशियों को लेकर फैसला आ सकता है। दिल्ली में होने वाली केंद्रीय चुनाव कमेटी की मीटिंग में हरियाणा के 5 प्रत्याशियों का ऐलान किए जाने की संभावना […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/lok-sabha-elections-13/article-8468"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-04/lok-sabha-elections-2.jpg" alt=""></a><br /><h2>-लग सकती है 5 उम्मीदवारों पर मोहर</h2>
<p><strong>सच कहूँ/अश्वनी चावला</strong><br />
<strong>चंडीगढ़।</strong> लोकसभा चुनावों को लेकर पिछले काफी दिनों से चल रही माथा-पच्ची के बीच में वीरवार को  कांग्रेस प्रत्याशियों को लेकर फैसला आ सकता है। दिल्ली में होने वाली केंद्रीय चुनाव कमेटी की मीटिंग में हरियाणा के 5 प्रत्याशियों का ऐलान किए जाने की संभावना नजर आ रही है। भूपेंद्र सिंह को सोनीपत से उतारे जाने की चर्चा चल रही है, वहीं पर कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर को सरसा से, अंबाला से कुमारी शैलजा, कुरुक्षेत्र से नवीन जिंदल, रोहतक से दीपेन्द्र हुड्डा व भिवानी से रितू चौधरी के लगभग नाम फाइनल कर लिए गए हैं। आज केंद्रीय चुनाव कमेटी की मीटिंग बाद इन नामों की लिस्ट जारी करने की संभावना है।</p>
<h3>हिसार सीट को लेकर नहीं हो पा रहा फैसला</h3>
<p>किसान से कांग्रेस पार्टी कुलदीप बिश्नोई को चुनाव में उतारना चाहती है जबकि कुलदीप बिश्नोई लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। बिश्नोई हिसार सीट से अपने बेटे भव्य विश्नोई को टिकट दिलवाना चाहते हैं।जबकि कांग्रेस हाईकमान इसके लिए तैयार नहीं है। जिस कारण हिसार सीट को लेकर पेंच फंसा हुआ है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Apr 2019 19:35:21 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>राहुल आज अमेठी से करेंगे नामांकन, सोनिया-प्रियंका भी होंगी साथ</title>
                                    <description><![CDATA[अमेठी, (एजेंसी)। पांचवें चरण की नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के पहले दिन बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष व अमेठी संसदीय सीट से प्रत्याशी राहुल गांधी अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस दौरान उनके साथ मांसोनिया गांधी और पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी व महासचिव प्रियंका वाड्रा भी मौजूद रहेंगी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार रात आठ बजे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>अमेठी, (एजेंसी)।</strong> पांचवें चरण की नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के पहले दिन बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष व अमेठी संसदीय सीट से प्रत्याशी राहुल गांधी अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस दौरान उनके साथ मांसोनिया गांधी और पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी व महासचिव प्रियंका वाड्रा भी मौजूद रहेंगी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार रात आठ बजे अपनी बहन प्रियंका वाड्रा के साथ अमेठी के भुएमऊ गेस्ट हाउस पहुंच गए। यहां से वह आज नामांकन करने अमेठी अपने संसदीय क्षेत्र जाएंगे। बताया जाता है कि वह फुरसतगंज हवाई पट्टी पहुंचेंगे, जहां उनकी मां सोनिया गांधी दिल्ली से आएंगी।</p>
<p>यहीं से सोनिया, प्रियंका और राहुल एक साथ रोड शो में निकलेंगे, जिसके बाद राहुल नामांकन दाखिल करेंगे। चूंकि अगले ही दिन गुरुवार 11 अप्रैल को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष व रायबरेली सांसद सोनिया गांधी का नामांकन होना है। ऐसे में प्रियंका और सोनिया रायबरेली स्थित गेस्ट हाउस में आकर रुकेंगी, जबकि राहुल गांधी बिहार में जनसभा संबोधित करने हेलीकॉप्टर से चले जाएंगे।</p>
<p>पिछले सप्ताह गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केरल की वायनाड लोकसभा सीट से भी अपना नामांकन भरा है। इस दौरान वहां भी उन्होंने नामांकन से पहले रोड शो किया था। उनके साथ प्रियंका वाड्रा भी मौजूद थीं। बुधवार को अमेठी में भी भव्य रोड शो की तैयारी है। रोड शो में भारी भीड़ जुटाने के लिए कांग्रेसी देर शाम तक जुटे रहे।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Apr 2019 10:53:24 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनहित के मुद्दे से बहस चुनाव में गायब क्यों ?</title>
                                    <description><![CDATA[चुनावी तारीखों का एलान हो चुका है। ऐसे में 2019 के चुनावी महाभारत में अपने-अपने तरीके से राजनीतिक दल तरकश से तीर रूपी वादे और दावे करना शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस अगर रोटी और राम के सहारे पुनर्जन्म की बाट जोह रहीं, तो समूचा सत्तापक्ष चौकीदार बन 272 के जादुई आंकड़े छूने को उतावला […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">चुनावी तारीखों का एलान हो चुका है। ऐसे में 2019 के चुनावी महाभारत में अपने-अपने तरीके से राजनीतिक दल तरकश से तीर रूपी वादे और दावे करना शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस अगर रोटी और राम के सहारे पुनर्जन्म की बाट जोह रहीं, तो समूचा सत्तापक्ष चौकीदार बन 272 के जादुई आंकड़े छूने को उतावला दिख रहा। ऐसे में बात जब चुनावी मौसम में जन और उससे जुड़े मुद्दे की होगी। फिर नजर तो यहीं तात्कालिक दृश्य से आएगा, कि जन और उसके मुद्दें चुनावी नारों के फेर में कहीं न कहीं धूमिल से हो रहें। ऐसे में जब देश की अवाम एक बार पुन: लोकतंत्र के पावन पर्व पर अपने मताधिकार का उपयोग करने आगामी दिनों में जा रहीं। तो उसे पच्चन वर्ष बनाम पांच वर्ष नहीं, तो कम से कम मोदी सरकार के पांच वर्ष बनाम यूपीए-1 और यूपीए- दो के कार्यों का तुलनात्मक अध्ययन करना चाहिए। जिससे बेहतर और श्रेष्ठ रहनुमाई तंत्र का चुनाव हो सके। जो मजबूत सरकार ही न हो, बल्कि बेहतर शासन और कुशल नीति निर्माण का खाका भी खींच सकें। जिससे देश और समाज सशक्त बन सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां बात जब अवाम द्वारा बेहतर सरकार के चुनाव की हुई। तो कुछ तर्क होंगे। हमाम में सब नंगे है। फिर बेहतर का चुनाव कैसे होगा। ऐसे में कुछ जिम्मेदारी आम मतदाता की भी बनती है। आखिर मतदाता जनप्रतिनिधि चयन के समय जाति, धर्म और अपना-पराया क्यों देखता है। एक तरफ उसे बेहतर राजनीतिक तंत्र चाहिए दूसरी तरफ उसे जाति, धर्म के उम्मीदवार को मत भी देना है। तो ऐसे में दोहरा चरित्र तो आम जनमानस में भी है। ऐसे में अगर उसे लोकतंत्र के मंदिर में सर्वोत्तम चाहिए, तो बदलाव तो उसे भी अपनी सोच में करना होगा। आज क्या कारण है, कोई दलित मत का मसीहा बन बैठा तो कोई यादव, मुस्लिम और ब्राह्मण का। शायद इसलिए क्योंकि अवाम खुद जाति, धर्म, उम्मीदवार का देखकर मत देती है। तो पहले बदलाव अवाम को अपनी सोच में करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">फिर बेहतर उम्मीदवार तो अपने-आप राजनीतिक दल चुनावी महाकुंभ में खड़ा करने लगेंगे। तो इस 2019 के चुनावी कुंभ में लगभग सभी दलों के उम्मीदवारों का एलान हो चुका या आने वाले दिनों में हो जाएगा। ऐसे में इस बार अवाम के पास मौका इन्हीं में से श्रेष्ठ चुनने का है। फिर अब अवाम को सवाल अपने जनप्रतिनिधियों से पूछना होगा कि आखिर वो मत उन्हें क्यों दें और वो उनके लिए सर्वश्रेष्ठ जनप्रतिनिधि क्यों आउट कैसे साबित होंगे। दरअसल एक बात पर गौर करें, तो बड़ा दुर्भाग्य है विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश का। जिसके संविधान में बोलने आदि की आजादी भी दी गई है, लेकिन देश की अवाम सिर्फ मत किसी तरह देकर अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर लेती है। उसे इस आबोहवा से बाहर निकलना होगा। अगर खुद का, अपने समाज का और देश का विकास होते देखना चाहते तो। वरना इन सियासतदानों का क्या है, ये ऐसे ही देश को नारों के फेर में उलझाकर अपनी कुर्सी हथियाते रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां समझने की बात यह भी है, कि चुनाव की तारीख के साथ सभी दल जनता के बीच पहुँच रहें। लेकिन दुर्भाग्य है वह जनता का दरवाजा सटीक और यर्थाथ के मुद्दों पर न खटखटाते हुए भावनात्मक रूप से उन्हें बरगला रहें। यहां जब हम इक्कीसवीं सदी में जी रहें, विश्व परिदृश्य पर हम कई मायनों में पिछड़े हुए तो बात जनमानस के चहुँमुखी विकास की होनी चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य देखिए उस लोकतंत्र का। जिसमें जिक्र पहले लोक का आता है। उसी में कोई रोटी और राम के नाम पर अपनी दुकान को चमकाने की फिराक में है। तो कोई चौकीदार के बल सत्ता में पुन: वापसी चाहता है। ऐसे में जब आगामी दिनों में करीब 90 करोड़ भारतीय अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। तो उस समय हमारे सामने यह बात अपनी तस्दीक देगी कि हम सिर्फ आबादी और आकार के लिहाज से एक बड़े मुल्क के रूप में तो हैं, लेकिन उसी मुल्क में बहुतायत समस्याएं भी हैं। जिन पर निगहबानी सियासतदां भी आज के दौर में करना नहीं चाहते।</p>
<p style="text-align:justify;">एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के सर्वे के मुताबिक, रोजगार के अच्छे अवसर, बेहतर स्वास्थ्य सेवा, पेयजल, अच्छी सड़कें और सार्वजनिक यातायात के साधन लोगों के लिए प्रमुख मुद्दे हैं। खेती-किसानी से जुड़े मसले भी मतदाताओं के लिए अहम प्राथमिकता रखते हैं। प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे में बताया गया है कि लोग बेरोजगारी की समस्या का ठोस समाधान चाहते हैं और कारोबार को बढ़ाने की जरूरत महसूस करते हैं। लेकिन सियासतदां कर क्या रहें, इससे वाकिफ हम और आप सभी हैं। ऐसे में अब सियासतदां के कार्य क्या होते यह बताने के लिए अवाम को जाति, धर्म आदि का पीछा छुड़ाते हुए खुद आगे आना होगा। तभी देश, समाज और अवाम का कुछ भला हो सकता। वैसे इस बार का लोकतांत्रिक पर्व कई अन्य मायनों में भी रोचक रहने वाला है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार के आम चुनाव में पहली बार ऐसे मतदाता भी अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। जिनका जन्म इक्कीसवीं सदी में हुआ है। वहीं इक्कीसवीं सदी जिस सदी में तकनीक अपने उच्चतम विकसित अवस्था में हिंडोले मार रही। ये मतदाता उस वर्ग से तालुकात रखते हैं, जिन्हें आगामी समय के लिए देश का कर्णधार माना जाता है। जो स्वतंत्र सोच रखते हैं, विचारों और सूचनाओं बेहतर तरीके से जानने और समझने के अलावा विश्लेषित करते हैं। यहां जब ऐसे मतदाताओं के आंकड़े पर निगहबानी करेंगे तो चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 2019 के आम चुनाव में ऐसे नौ फीसदी मतदाता पहली बार शामिल होंगे। जो मतदान करेंगे। ऐसे में सियासतदानों को अब व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप और आक्षेप की राजनीति से इतर होकर मुद्दों की राजनीति पर बल देना होगा, और अवाम को बढ़-चढ़ कर मतदान करना होगा। अगर ये दल सत्तासीन होना चाहते तो? इसके अलावा बेहतर लोकतंत्र की परिकल्पना को सिद्ध करना चाहते तो।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>महेश तिवारी</strong></p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Mar 2019 19:25:52 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>मतदाताओं को जागरूक करने के लिये पंजाब में स्वीप गतिविधि लांच</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (एजेंसी)। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनज? पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी डा. एस करुणा राजू ने स्वीप गतिविधियां (Loksabha elections Punjab) जारी कीं। ये गतिविधियां चुनाव आयोग की तरफ से जारी हिदायतों के मद्देनज? की जाएंगी, जिससे वोटरों में जागरूकता पैदा की जा सके। डा. राजू ने बुधवार को बताया कि सिस्टमैटिक वोटर एजुकेशन […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>चंडीगढ़ (एजेंसी)।</strong> आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनज? पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी डा. एस करुणा राजू ने स्वीप गतिविधियां (Loksabha elections Punjab) जारी कीं। ये गतिविधियां चुनाव आयोग की तरफ से जारी हिदायतों के मद्देनज? की जाएंगी, जिससे वोटरों में जागरूकता पैदा की जा सके।</p>
<p>डा. राजू ने बुधवार को बताया कि सिस्टमैटिक वोटर एजुकेशन एंड वोटर पाटीर्सीपेशन (स्वीप) को शुरू करने का मकसद वोटरों को वोट की अहमीयत और आदर्श वोटिंग करने के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि स्वीप गतिविधियां पहले भी चलाईं जातीं हैं लेकिन इस बार गैर सरकारी संगठन , छात्र , यूथ क्लबों और कई अन्य संस्थाओं की मदद से इस गतिविधि को बड़े स्तर पर चलाया जाएगा।</p>
<p>मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि इस गतिविधि से जुड़े एनजीओज , छात्रों , यूथ क्लबों और कई अन्य संस्थाएं इस कार्य के लिए पहले से स्थापित की गई संस्थाओं के साथ मिल कर वोटरों को जागरूक करने का काम करेंगी।</p>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Jan 2019 17:11:24 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>विपक्ष बोलने नहीं दे रहा इसीलिए लोकसभा के बजाय जनसभा का इस्तेमाल &amp;#8211; मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[डीसा (गुजरात):  नोटबंदी के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि विपक्ष चूकि इस मुद्दे पर अपने झूठ के उजागर होने से बचने के लिए उन्हें लोकसभा में बोलने नहीं नहीं दे रहा इसीलिए वह अपनी बात जनसभाओं के माध्यम से रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/opposition-not-allawing-to-speek-so-using-public-sabha-rather-than-lok-sabha/article-464"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/modi-in-map.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>डीसा (गुजरात):</strong>  नोटबंदी के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि विपक्ष चूकि इस मुद्दे पर अपने झूठ के उजागर होने से बचने के लिए उन्हें लोकसभा में बोलने नहीं नहीं दे रहा इसीलिए वह अपनी बात जनसभाओं के माध्यम से रख रहे हैं।<br />
उन्होंने कहा कि विमुद्रीकरण के 50 दिन बाद लोगों की कठिनाई धीरे धीरे कम हो जाएगी और स्थिति सामान्य हो जाएगी पर लोगों को मोबाईल बैंकिंग और ई पेमेंट जैसी चीजों को अपना लेना चाहिए ताकि उन्हें कभी भी बैंकों या एटीएम के समक्ष कतार नहीं लगानी पडे।<br />
उन्होंने यह भी कहा कि वह भ्रष्टाचारियों को और नोटों की हेराफेरी करने वालों को किसी कीमत पर नहीं छोडेंगे। <a href="http://www.univarta.com/opposition-not-allawing-to-speek-so-using-public-sabha-rather-than-lok-sabha/states/topnews/713796.html"><em>(वार्ता) </em></a></p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Dec 2016 05:59:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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