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                <title>Miller - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>राइस मिलर फिजीकल वैरीफिकेशन : 81 करोड़ की गड़बड़ी का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[फूड एंड सप्लाई विभाग के एसीएस पी.के. दास के अनुसार इस मामले की जांच करने के लिए 300 अधिकारियों की टीम रोजाना लगभग 150 मिलों की जाँच कर रही है।अब तक हुई जाँच के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल के गृह क्षेत्र करनाल की कुल 303 मिलों में से 244 मिलों में कुल 9 हजार 801 मिट्रिक टन पैडी का अंतर पाया गया है।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/rice-miller-physical-variation-revealed-mess-of-81-crores/article-12016"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/rice-miller.jpg" alt=""></a><br /><h2> कुल 32427 मिट्रिक टन पैडी गायब मिली Rice Miller</h2>
<h3>सबसे ज्यादा 9801 मिट्रिक टन करनाल में गायब मिली</h3>
<h3> प्रदेश की कुल 1305 में से 1059 मिलों की हुई जाँच</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़/सच कहूँ)।</strong> प्रदेश में जारी राइस मिलों <strong>(Rice Miller)</strong> की फिजिकल वैरीफिकेशन का काम लगभग पूरा होने को है। अब तक हुई वैरीफिकेशन में 81 करोड़ की पैडी गायब पाई गई है। सबसे ज्यादा पैडी करनाल में गायब मिली है। बता दें कि प्रदेश में राइस मिलरों के कथित घोटाले की जांच के तहत मिलों की फिजिकल वैरीफिकेशन जारी है। इसमें सरकार द्वारा समझौते के तहत मार्केट से खरीदी गई पैडी जिन 1305 मिलों को दी गई थी उनकी फिजीकल वैरीफिकेशन की जा रही है। सरकार द्वारा मार्केट से खरीद कर मिलों को दी गई कुल पैडी के मुकाबले फिलहाल 1059 मिलों की जाँच के बाद कुल 32 हजार 427 मिट्रिक टन पैडी का फर्क सरकार की एजेंसियों को मिला है।</p>
<h3>करनाल में मिली सबसे बड़ी गड़बड़ी</h3>
<p style="text-align:justify;">फूड एंड सप्लाई विभाग के एसीएस पी.के. दास के अनुसार इस मामले की जांच करने के लिए 300 अधिकारियों की टीम रोजाना लगभग 150 मिलों की जाँच कर रही है।अब तक हुई जाँच के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल के गृह क्षेत्र करनाल की कुल 303 मिलों में से 244 मिलों में कुल 9 हजार 801 मिट्रिक टन पैडी का अंतर पाया गया है। वहीं दूसरा जिला गृह मंत्री अनिल विज का जिला अंबाला है । जहाँ अब तक कुल 193 मिलों की जांच के बाद 192 मिलों में 9 हजार 351 मिट्रिक टन पैडी गायब मिली है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कैसे होती है गड़बड़ी</h3>
<p style="text-align:justify;">एसीएस दास के अनुसार प्रदेश के राइस मिलर और आढ़तियों की मिलीभगत से ही धान घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है। उनके अनुसार धान की बुकिंग दिखा के सरकार से पैसा ले लिया जाता है जबकि धान नहीं लिया जाता। वहीं समय आने पर सरकार को छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड इत्यादि राज्यों से राशन वाला धान खरीद लिया जाता है। जिसे सरकार का पैसा लम्बे समय के लिए उपयोग कर लिया जाता है और दूसरे राज्यों से गरीबों, बीपीएल में बंटने वाला चावल खरीद कर उसे पूरा दिखा दिया जाता है। जबकि हरियाणा का धान बाहर की मंडियों में उचित दामों पर बेच दिया जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अगली बार सरकार उठाएगी ये कदम</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं अगले सीजन में घोटाला रोकने के लिए सरकार पैडी का ज्यादा स्टाक अपने पास ही जमा करेगी। वहीं प्राइवेट कम्पनी जो पैडी रखेगी उसकी हर 15 दिन पर स्टाक की चेकिंग करवाई जाएगी। इसके अलावा सरकार प्राइवेट फर्मों तक पैडी की पहुंच खुद करवाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जहाँ कम मिली पैडी, उन मिलरों को होगा शो काज नोटिस</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>जिन भी मिलरों से पैडी बड़ी संख्या में गायब मिली है, उन्हें शो काज नोटिस जारी होगा। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>उसके बाद उनका जवाब लिया जाएगा। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>सरकार इन्हें दो विकल्प देगी या जो भी पैसे का घोटाला है वो भरें। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>नहीं तो उनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज होगा और पैसा वसूला जाएगा। </strong></li>
</ul>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Dec 2019 12:28:47 +0530</pubDate>
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                <title>सच कहूँ एक्&amp;#x200d;सक्&amp;#x200d;लूसिव: हरियाणा में 28 हजार मीट्रिक टन चावल डकार गए राईस मिलर</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन को करोड़ों का चूना अब हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज ने रिकवरी के लिए कसा शिकंजा Haryana: Rais Miller has done 28 thousand metric tonnes of rice gooseberry सच कहूँ/देवीलाल बारना कुरुक्षेत्र। हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन ने पिछले लंबे समय से विभाग को करोड़ों रूपए का चुना लगाने वाले राईस मिलरों को चिन्ह्ति […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-rais-miller-has-done-28-thousand-metric-tonnes-of-rice-gooseberry/article-4571"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/77-4.jpg" alt=""></a><br /><h3>हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन को करोड़ों का चूना</h3>
<h3>अब हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज ने रिकवरी के लिए कसा शिकंजा</h3>
<h2>Haryana: Rais Miller has done 28 thousand metric tonnes of rice gooseberry</h2>
<p><strong>सच कहूँ/देवीलाल बारना कुरुक्षेत्र।</strong> हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन ने पिछले लंबे समय से विभाग को करोड़ों रूपए का चुना लगाने वाले राईस मिलरों को चिन्ह्ति कर उनके खिलाफ रिकवरी की कार्रवाई तेज कर दी है। हरियाणा एग्रो में 28 हजार मीट्रिक टन चावल की हेरा-फेरी को पकड़ा हैHaryana: Rais Miller has done 28 thousand metric tonnes of rice gooseberry। प्रदेश के 26 राईस मिलरों ने पांच साल से भी अधिक समय से विभाग को चावल जमा नहीं करवाया है। विभाग द्वारा बार-बार नोटिस भेजने के बावजूद भी इन राईस मिलरों ने बकाया चावल जमा नहीं करवाया है।</p>
<h3>प्रदेश के 26 राईस मिलरों को भेजे नोटिस</h3>
<h2>Haryana: Rais Miller has done 28 thousand metric tonnes of rice gooseberry</h2>
<p>कड़ा संज्ञान लेते हुए विभाग ने 26 राईस मिलरों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने के लिए पुलिस के पास रिपोर्ट दर्ज करवाई है। लेकिन अभी तक 26 राईस मिलरो में से केवल 12 राईस मिलरों के खिलाफ ही मामला दर्ज हो पाया है। हालांकि विभाग लगातार पुलिस विभाग को रिमाईंडर भेजकर बाकि बचे 14 राईस मिलरों के खिलाफ जल्द से जल्द मामला दर्ज करवाने के लिए पत्र लिख रहा है।</p>
<h2>बकायेदरों के खिलाफ विभाग सख्त</h2>
<h3>Haryana: Rais Miller has done 28 thousand metric tonnes of rice gooseberry</h3>
<p>सूत्रों का कहना है कि हरियाणा एग्रो के प्रदेश भर में अलग-अलग जिलों में 26 राईस मिलरों के खिलाफ बकायादारी को लेकर विभाग के चेयरमैन गोविंद भारद्वाज ने मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के चलते इस मामले में भी कडा संज्ञान लिया है। उनके संज्ञान लेने के बाद ही प्रदेश के सभी बकायादारों की बकायदा सूचि बनाई गई और पुलिस को इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए दस्तावेज सौंपे गए हैं।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Jun 2018 09:20:51 +0530</pubDate>
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