<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/rice/tag-7444" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>rice - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/7444/rss</link>
                <description>rice RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Rice Theft Case: चावल चोरी मामले में तीन प्रवासी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[बरनाला (सच कहूँ न्यूज)। Tapa News: तपा पुलिस ने एक सप्ताह पहले दराज रोड स्थित पंजाब राज्य वेयरहाउस से हुई चावल चोरी के मामले का खुलासा करते हुए तीन प्रवासी युवकों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से चोरी की गई 22 बोरियां चावल बरामद की गई हैं। जानकारी के अनुसार, चोरों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/three-migrant-arrested-for-rice-theft/article-81533"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/paddy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनाला (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Tapa News: तपा पुलिस ने एक सप्ताह पहले दराज रोड स्थित पंजाब राज्य वेयरहाउस से हुई चावल चोरी के मामले का खुलासा करते हुए तीन प्रवासी युवकों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से चोरी की गई 22 बोरियां चावल बरामद की गई हैं। जानकारी के अनुसार, चोरों ने रात के समय गोदाम का ताला तोड़कर चावल की बोरियां चुराई थीं। इस मामले में बठिंडा निवासी तकनीकी सहायक हरीश कुमार के बयानों के आधार पर तपा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। तपा पुलिस स्टेशन प्रभारी शरीफ खान ने बताया कि इस मामले में विष्णु कुमार, विशाल कुमार और रोशन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया गया है। Barnala News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="टीटीई की सतर्कता से यात्री को भुला लैपटॉप बैग सुरक्षित मिला" href="http://10.0.0.122:1245/due-to-the-alertness-of-tti-gopal-meena-the-passengers-forgotten-laptop-bag-was-found-safe/">टीटीई की सतर्कता से यात्री को भुला लैपटॉप बैग सुरक्षित मिला</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/three-migrant-arrested-for-rice-theft/article-81533</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/three-migrant-arrested-for-rice-theft/article-81533</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 20:00:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-02/paddy.jpg"                         length="24268"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैथल अनाज मंडी में धान की सरकारी खरीद शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[दोपहर बाद आई बारिश में भीगा किसानो का धान | Kaithal News सुबह खरीद न होने के चलते किसानो ने मार्किट कमेटी कार्यालय का किया घेराव कैथल (सच कहूं/कुलदीप नैन)। Paddy Procurement: धान की सरकारी खरीद शुरू न होने के चलते किसानों के बढ़ रहे विरोध के बीच आखिरकार सरकारी खरीद एजेंसियों को झुकना पड़ा। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/government-purchase-of-paddy-start-in-kaithal-grain-market/article-62703"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-09/kaithal-news-21.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">दोपहर बाद आई बारिश में भीगा किसानो का धान | Kaithal News</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>सुबह खरीद न होने के चलते किसानो ने मार्किट कमेटी कार्यालय का किया घेराव</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूं/कुलदीप नैन)।</strong> Paddy Procurement: धान की सरकारी खरीद शुरू न होने के चलते किसानों के बढ़ रहे विरोध के बीच आखिरकार सरकारी खरीद एजेंसियों को झुकना पड़ा। यह फैसला मंडियों में धान की आवक ज्यादा होने के कारण लिया गया। पहले दिन सरकारी खरीद एजेंसी हैफेड ने खरीद शुरू की। हैफेड की ओर से जब धान की ढेरी में नमी की मात्रा की जांच की तो यह 20 से अधिक मिली। परंतु इस पर भी किसानों ने एतराज जताया। इसके बाद दूसरी मशीन से नमी जांची तो यह 17 प्रतिशत मिली। इसके बाद एजेंसी ने खरीद शुरू की। पहले दिन पीआर किस्म का करीब 500 क्विंटल धान खरीदा गया। किसानों के प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को सरकारी एजेंसियों ने तीन दिन पहले ही धान की सरकारी खरीद शुरू कर दी। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले धान की सरकारी खरीद शुरू न होने पर किसानों ने शुक्रवार को दूसरे दिन भी मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान डीएमईओ अभिनव वालिया ने किसानों को शांत करवाया। उन्होंने कहा कि पत्र आ चूका है और कुछ ही घंटो में खरीद शुरू हो जाएगी। इसके बाद दोपहर बाद धान की सरकारी खरीद शुरू हो गयी। वहीं, सरकारी खरीद शुरू होने से पहले किसानों ने करीब दो घंटे तक मार्केट कमेटी कार्यालय परिसर में धरना भी दिया।</p>
<h3>1509 किस्म के धान का भाव 2700 रुपये प्रति क्विंटल</h3>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि पिछले कई दिन से मंडी में कम हो रहे धान के भाव के बीच किसानों में रोष है। इस समय 1509 किस्म के धान के 2700 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिल रहे हैं। वहीँ धान में नमी की मात्रा ज्यादा होने के चलते पहले दिन पीआर धान की भी कुछेक ढेरियो की ही खरीद हो सकी। गौरतालाब है कि पहले राज्य में धान की सरकारी खरीद 23 सितंबर से शुरू होनी थी, लेकिन सरकार ने अचानक तारीख बदलकर 1 अक्टूबर कर दी। सरकार द्वारा तारीख आगे बढ़ाने का किसानों ने जगह जगह विरोध किया। धान खरीद में हो रही देरी को लेकर किसानों ने अनाज मंडियों के बाहर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिए, जिसके बाद सरकार ने खरीद शुरू करने के निर्देश दे दिए। Kaithal News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:–  </strong><a title="एफएसटी व एसएसटी टीम ने बरामद की सवा पांच लाख की नकदी" href="http://10.0.0.122:1245/fst-and-sst-team-recovered-cash-worth-five-lakh-two-hundred-fifty-thousand/">एफएसटी व एसएसटी टीम ने बरामद की सवा पांच लाख की नकदी</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/government-purchase-of-paddy-start-in-kaithal-grain-market/article-62703</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/government-purchase-of-paddy-start-in-kaithal-grain-market/article-62703</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Sep 2024 20:25:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2024-09/kaithal-news-21.jpg"                         length="84373"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धान की खरीद और भुगतान में पनग्रेन सबसे आगे</title>
                                    <description><![CDATA[जालंधर (सच कहूँ न्यूज)। पंजाब में जालंधर (Jalandhar) के जिला उपायुक्त विशेष सारंगल ने सोमवार को बताया कि जिले की 81 अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों में 280092 टन धान की आमद हो चुकी है, जिसमें से अब तक 274390 टन धान की खरीद की जा चुकी है। उपायुक्त ने बताया कि सरकारी खरीद एजेंसी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/panjgrain-is-at-the-forefront-in-purchasing-and-payment-of-paddy/article-54044"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-10/paddy-crop.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जालंधर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पंजाब में जालंधर (Jalandhar) के जिला उपायुक्त विशेष सारंगल ने सोमवार को बताया कि जिले की 81 अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों में 280092 टन धान की आमद हो चुकी है, जिसमें से अब तक 274390 टन धान की खरीद की जा चुकी है। उपायुक्त ने बताया कि सरकारी खरीद एजेंसी पनग्रेन ने इस साल जिले के किसानों से सर्वाधिक धान खरीद कर एवं सर्वाधिक भुगतान कर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। Jalandhar News</p>
<p style="text-align:justify;">खाद्य, नागरिक एवं आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पनग्रेन ने अब तक 99864 टन, पनसप ने 78708 टन, मार्कफेड ने 67357 टन और पंजाब स्टेट वेयरहाउस कॉपोर्रेशन ने 27694 टन धान की खरीद की है। इसके अलावा पनग्रेन द्वारा किसानों को खरीदी गई फसल का सर्वाधिक 195 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आंकड़ों के मुताबिक, मार्कफेड और पनसप द्वारा 143 करोड़ रुपये और अन्य राज्य खरीद एजेंसियों द्वारा 132 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। पंजाब स्टेट वेयरहाउस कॉपोर्रेशन द्वारा खरीदी गई फसल के लिए किसानों को 49 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। सारंगल ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की फसल की समय पर खरीद, डिलीवरी और भुगतान पर पूरा ध्यान दे रहा है ताकि पूरी खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में फसल आने के बाद निर्धारित समय के भीतर उसकी खरीद की जाए और उसका भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल बेचने के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। उपायुक्त ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से जिले में खरीद, उठान और भुगतान प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं और किसानों को आश्वासन दिया कि खरीद कार्य सुचारू ढंग से चलाया जाएगा। Jalandhar News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="India-Canada Tensions: कनाडा का वीजा चाहने वालों के लिए आया बड़ा अपडेट" href="http://10.0.0.122:1245/big-update-for-canadian-visa-seekers/">India-Canada Tensions: कनाडा का वीजा चाहने वालों के लिए आया बड़ा अपडेट</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/panjgrain-is-at-the-forefront-in-purchasing-and-payment-of-paddy/article-54044</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/panjgrain-is-at-the-forefront-in-purchasing-and-payment-of-paddy/article-54044</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Oct 2023 17:43:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-10/paddy-crop.jpg"                         length="24195"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खरीफ सीजन के तहत जिला में की जा चुकी 67 हजार 441 मिट्रिक टन धान की खरीद</title>
                                    <description><![CDATA[खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)। उपायुक्त डॉ० मनोज कुमार ने कहा कि खरीफ सीजन के अंतर्गत जिला (Sonipat) में धान और बाजरा की आवक के साथ ही सुचारू रूप से इनकी खरीद की जा रही है। सोनीपत जिला में 08 अक्टूबर सायं तक 67 हजार 441 मिट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। इनमें […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sixty-seven-thousand-four-hundred-forty-one-metric-tons-of-paddy-has-been-purchased-in-sonipat-district/article-53452"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-10/millet-purchase.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)।</strong> उपायुक्त डॉ० मनोज कुमार ने कहा कि खरीफ सीजन के अंतर्गत जिला (Sonipat) में धान और बाजरा की आवक के साथ ही सुचारू रूप से इनकी खरीद की जा रही है। सोनीपत जिला में 08 अक्टूबर सायं तक 67 हजार 441 मिट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। इनमें ग्रेड-ए 1893 मिट्रिक टन, पीआर कॉमन धान 253 मिट्रिक टन, बासमत्ती 65 मिट्रिक टन तथा 1509 किस्म 65 हजार 230 मिट्रिक टन शामिल है। Kharkhoda News</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा जिला की सभी खरीद केन्द्रों पर अब तक किसान 828 मिट्रिक टन बाजरा लेकर पहुंचे है। जिसकी खरीद की जा चुकी है। उपायुक्त ने कहा कि धान व बाजरा की खरीद के लिए प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां की गई है। किसान के धान व बाजरे के एक-एक दाने को खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि मंडियों व खरीद केंद्रों में किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। Kharkhoda News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="जन सहयोग से साकार हुई शहर के विकास की संकल्पना : करुणा" href="http://10.0.0.122:1245/concept-of-city-development-realized-with-public-cooperation-karuna/">जन सहयोग से साकार हुई शहर के विकास की संकल्पना : करुणा</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sixty-seven-thousand-four-hundred-forty-one-metric-tons-of-paddy-has-been-purchased-in-sonipat-district/article-53452</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sixty-seven-thousand-four-hundred-forty-one-metric-tons-of-paddy-has-been-purchased-in-sonipat-district/article-53452</guid>
                <pubDate>Mon, 09 Oct 2023 15:53:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-10/millet-purchase.jpg"                         length="19570"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिड-डे-मील में ज्यादा चावल खाने से कुपोषण का शिकार हो रहे बच्चे!</title>
                                    <description><![CDATA[निरोगी हरियाणा की स्क्रीनिंग में हुआ खुलासा फतेहाबाद में 1904 में से 125 बच्चे मिले कुपोषित | Fatehabad News फतेहाबाद (सच कहूँ ब्यूरो)। सरकारी स्कूल में बच्चों को दिए जा रहे मिड-डे-मील  (Midday Meal) में चावल की मात्रा अत्याधिक परोसने से बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/children-becoming-victims-of-malnutrition-due-to-eating-too-much-rice-in-mid-day-meal/article-51897"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/midday-meal.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">निरोगी हरियाणा की स्क्रीनिंग में हुआ खुलासा</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>फतेहाबाद में 1904 में से 125 बच्चे मिले कुपोषित | Fatehabad News</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>फतेहाबाद (सच कहूँ ब्यूरो)।</strong> सरकारी स्कूल में बच्चों को दिए जा रहे मिड-डे-मील  (Midday Meal) में चावल की मात्रा अत्याधिक परोसने से बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग को बच्चों में कुपोषण को रोकने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। तीनों विभागों द्वारा लगाए गए कैम्पों में पता चला है कि बच्चों को पौष्टिक आहार नहीं मिल पाना, इसका बड़ा कारण है। Fatehabad News</p>
<p style="text-align:justify;">इन विभागों ने स्क्रीनिंग की तो 1904 में से 125 बच्चे कुपोषण का शिकार मिले। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील दिया जा रहा है, लेकिन इसका बजट इतना कम है कि रेसिपी बन ही नहीं पा रही है। इसके अलावा जो रेसिपी दी गई है, उसे छात्र खाना पसंद नहीं करते हैं। चावल की रेसिपी को कम करके गेहूं को बढ़ावा दिया जाए, ताकि कुपोषण को खत्म किया जा सके। निरोगी हरियाणा और जिला आरंभिक हस्तक्षेप केंद्र की स्क्रीनिंग रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। Fatehabad News</p>
<p style="text-align:justify;">निरोगी हरियाणा द्वारा जिले में स्क्रीनिंग की गई, इसमें 125 बच्चे कुपोषण का शिकार मिले हैं। इसके अलावा स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग कर रही जिला आरंभिक हस्तक्षेप केंद्र की टीम को अप्रैल से अगस्त माह तक 91 बच्चे कुपोषण का शिकार मिले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 1904 बच्चों की स्क्रीनिंग हुई है। इसमें 49 लड़के और 42 लड़कियां कुपोषण का शिकार मिली हैं। Fatehabad News</p>
<p style="text-align:justify;">निरोगी हरियाणा के तहत फतेहाबाद जिले में 4 लाख 62 हजार लोगों की स्क्रीनिंग होनी है। अब तक एक लाख लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। इसमें 125 बच्चे कुपोषण का शिकार मिले हैं। इसके पीछे कारण ये है कि बच्चों को पौष्टिक आहार नहीं मिल पा रहा है। इसको लेकर माता-पिता को जागरूक किया जा रहा है।<br />
<strong>                                                                                      -मेजर डॉ. शरद तुली, उप सिविल सर्जन</strong></p>
<p style="text-align:justify;">स्कूलों में कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील दिया जा रहा है, लेकिन बजट इतना कम है कि रेसिपी बन ही नहीं पा रही है। इसके अलावा जो रेसिपी दी गई है उसे छात्र खाना पसंद नहीं करते हैं। चावल की रेसिपी को कम करके गेहूं को बढ़ावा दिया जाए ताकि कुपोषण को खत्म किया जा सके।<br />
<strong>                                                            -देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिला आरंभिक हस्तक्षेप केंद्र की तरफ से स्कूलों में जाकर टीमें छात्रों की स्क्रीनिंग कर रही है। स्क्रीनिंग के दौरान जो छात्र कुपोषण का शिकार मिल रहे हैं उनके मां-बाप को जागरूक किया जा रहा है। जरूरत अनुसार जांच भी करवाई जा रही है ताकि बच्चों में कमियों का पता चल पाए और समय रहते उपचार शुरू किया जा सके।<br />
<strong>                                                                         -सुखदेव सिंह, मैनेजर, जिला आरंभिक हस्तक्षेप केन्द्र</strong></p>
<h3 style="text-align:justify;">रेसिपी पसंद नहीं कर रहे छात्र | Fatehabad News</h3>
<p style="text-align:justify;">सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र कुपोषण का शिकार न हो इसको लेकर मिड-डे मील दिया जा रहा है। विशेषज्ञों से जब बात की गई तो सामने आया कि मिड डे मील का बजट इतना ज्यादा नहीं है कि बच्चों को पूरा पौष्टिक आहार दिया जा सके। ऐसे में कम बजट के चलते विद्यार्थियों को मिड डे मील में चावल ज्यादा परोसे जा रहे हैं जबकि पौष्टिक माना जाने वाले गेहूं की नाममात्र मात्रा ही है।</p>
<p style="text-align:justify;">यानि मिड डे मील में 60 फीसदी चावल आइटम है तो 40 फीसदी गेहूं की रेसिपी दी जा रही है। कुक भी चावल की रेसिपी बनाकर खुश है, क्योंकि चावल बनाने में उन्हें ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती और ये जल्द ही बन जाते हैं जबकि गेहूं की रेसिपी बनाने में मेहनत और समय दोनों ज्यादा लगता है। इसका असर छात्रों की सेहत पर पड़ रहा है। गेहूं की रेसिपी की बात की जाए तो नमकीन दलिया बनाया जाता है, जिसे छात्र खाना पसंद नहीं करते हैं। Fatehabad News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="नशा मुक्ति जागरूकता साइकिल रैली का खरखौदा पहुंचने पर स्वागत" href="http://10.0.0.122:1245/drug-de-addiction-awareness-cycle-rally-welcomed-on-reaching-kharkhoda/">नशा मुक्ति जागरूकता साइकिल रैली का खरखौदा पहुंचने पर स्वागत</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/children-becoming-victims-of-malnutrition-due-to-eating-too-much-rice-in-mid-day-meal/article-51897</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/children-becoming-victims-of-malnutrition-due-to-eating-too-much-rice-in-mid-day-meal/article-51897</guid>
                <pubDate>Sun, 03 Sep 2023 16:33:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-09/midday-meal.jpg"                         length="40250"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Basmati Rice: बासमती धान: कम लागत में पाएं बेशुमार पैदावार</title>
                                    <description><![CDATA[देश में मॉनसून का आगाज होने वाला है। इसके साथ ही हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रेदश, तमिलनाडु और बिहार सहित पूरे देश में किसान धान की खेती में लग जाएंगे। ऐसे तो पूरे देश में धान की कई किस्मों की खेती की जाती है, लेकिन बासमती के क्या कहने! इसका कोई […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/cultivation-of-basmati-rice/article-48125"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/cultivation-of-basmati-rice.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश में मॉनसून का आगाज होने वाला है। इसके साथ ही हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रेदश, तमिलनाडु और बिहार सहित पूरे देश में किसान धान की खेती में लग जाएंगे। ऐसे तो पूरे देश में धान की कई किस्मों की खेती की जाती है, लेकिन बासमती के क्या कहने! इसका कोई तोड़Þ नहीं है। यह अपने स्वाद, सुगंध के लिए मशहूर है। आपको बता दें कि बासमती धान की भी कई किस्में होती हैं और सबका अपना-अपना स्वाद और फ्लेवर होता है। अगर किसान भाई बासमती धान की खेती करने का प्लान बना रहे हैं, तो उन्हें आज ऐसी किस्मों के बारे में बताया जा रहा है जिससे बंपर पैदावार मिलेगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="चुकंदर, धन देने में धुरंधर ! अमीर बनना है तो फसल ऐसे उगाएं, मन माफिक मुनाफा पाएं" href="http://10.0.0.122:1245/do-sugar-beet-farming-to-become-rich/">चुकंदर, धन देने में धुरंधर ! अमीर बनना है तो फसल ऐसे उगाएं, मन माफिक मुनाफा पाएं</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">बासमती धान की किस्में | (Cultivation of Basmati Rice)</h3>
<p style="text-align:justify;">पूसा 834: पूसा 834 उच्च उपज वाली बासमती धान की एक बेहतरीन किस्म है। इस किस्म को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने विकसित किया है। इसमें रोग से लड़ने की क्षमता अधिक पाई जाती है। इसके ऊपर झुलरा रोग का कोई असर नहीं पड़ेगा। पूसा 834 अर्ध- बौनी किस्म है। तेज हवा और आंधी चलने पर भी इसकी फसल खेत में नहीं गिरती है। खास बात है कि यह किस्म 125 से 130 दिन में पक कर तैयार हो जाती है। यानी कि 130 दिन बाद आप इसकी कटाई कर सकते हैं। अगर पैदावार की बात करें तो 6-7 टन धान आप प्रति हेक्टेयर उत्पादित कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पंत धान-12: पंत धान 12 बासमती की एक बेहतरीन किस्म है। यह कम समय में ही पक कर तैयार हो जाती है। इसकी उपज क्षमता भी अन्य बासमती किस्मों के मुकाबले अधिक है। अगर किसान भाई इसकी खेती करते हैं, तो 110 से 115 दिन में ही फसल पक कर तैयार हो जाती है। इससे प्रति हेक्टेयर आपको 7-8 टन उपज मिलेगी। पंत धान 12 को भी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने पंत यूनिवर्सिटी आॅफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर विकसित किया है। इसी लिए इसका नाम पंत दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बासमती (Cultivation of Basmati Rice) की एक उच्च उपज वाली किस्म है। इसे शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने तैयार किया है। यह भी एक अर्ध-बौनी किस्म है। ऐसे में तेज हवा का उसके ऊपर कोई असर नहीं पड़ता है। यह एक सिंचित धान की किस्म है, जिसकी सबसे अधिक खेती जम्मू- कश्मीर में की जाती है। इसकी फसल को तैयार होने में 135 से 140 दिन लग जाते हैं। इसकी उपज क्षमता प्रति हेक्टेयर 6-7 टन है। यह सूखा, जलभराव और खारे पानी का भी असानी से सहन कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूसा-1401: पूसा-1401 को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के सहयोग से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने विकसित किया है। यह एक बासमती धान की अर्ध- बौनी किस्म है। इसकी फसल को आप 135 से 140 दिन बाद काट सकते हैं। इसकी खेती नॉर्थ इंडिया के सिंचित क्षेत्रों में की जाती है। इसकी उपज क्षमता प्रति हेक्टेयर 4-5 टन है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कृषि</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/agriculture/cultivation-of-basmati-rice/article-48125</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/agriculture/cultivation-of-basmati-rice/article-48125</guid>
                <pubDate>Sat, 27 May 2023 15:30:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-05/cultivation-of-basmati-rice.jpg"                         length="84853"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दो मजहबों के भाईचारे ने पेश की इन्सानियत की मिसाल, मुस्लिम भाईयों ने भरा हिंदू बेटी का भात</title>
                                    <description><![CDATA[रितू की शादी के भात में भातियों ने 20 हजार नकद, कपड़े व गहनों सहित अन्य सामान दिया इस्लाम ने मंदिर और गौशाला के लिए भी दिया दान सच कहूँ/इन्द्रवेश चरखी दादरी। हिंदू-मुस्लिम समाज ने आपसी सद्भावना व भाईचारे की अनोखी मिसाल पेश की है। चरखी दादरी में 22 साल पहले मुस्लिम भाई को धर्मभाई […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-brotherhood-of-two-religions-set-an-example-of-humanity-muslim-brothers-offered-rice-for-a-hindu-daughter/article-46699"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/charkhi-dadri.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;">रितू की शादी के भात में भातियों ने 20 हजार नकद, कपड़े व गहनों सहित अन्य सामान दिया</li>
<li style="text-align:justify;">इस्लाम ने मंदिर और गौशाला के लिए भी दिया दान</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/इन्द्रवेश</strong><br />
<strong>चरखी दादरी</strong>। हिंदू-मुस्लिम समाज ने आपसी सद्भावना व भाईचारे की अनोखी मिसाल पेश की है। चरखी दादरी में 22 साल पहले मुस्लिम भाई को धर्मभाई बनाकर हिंदू बहन ने राखी बांधी थी। मुस्लिम धर्म भाई ने उसी बहन की बेटी की शादी में भात भरकर अपना फर्ज निभाया। धर्मभाई इकराम मलिक व इस्लाम मलिक 14 भातियों के साथ धर्म बहन के घर भात भरने पहुंचे और हिंदू रीति रिवाज के अनुसार भातियों ने सभी रस्में निभाई। दो मजहबों के बीच इस आपसी भाईचारे की हर कोई सराहना कर रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सभी त्यौहारों को मिलकर मनाते हैं परिवार</h3>
<p style="text-align:justify;">इकराम मलिक ने बताया कि दोनों के परिवार काफी समय से एक-दूसरे का साथ देते आ रहे हैं और सभी त्यौहारों को मिलकर मनाते हैं। धर्म बहन लता ने दरवाजे पर भातियों को तिलक लगाकर स्वागत किया और घर के आंगन में भात लिया। भात में 20 हजार रुपए नकद, कपड़े, गहनों सहित हिंदू रस्मों के अनुसार मंदिर व गौशाला में भी दान दिया है। बहन का भात भरकर आपसी भाईचारा बढ़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं दुल्हन के भाई जीवन ने बताया कि समाज में हिंदू-मुस्लिम को लेकर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अफवाहें फैलाई जाती हैं, लेकिन मुस्लिम समाज के भाइयों ने भात भरकर सद्भावना के साथ भाईचारे की मिसाल कायम की है। वहीं मुस्लिम समाज की निशा ने बताया कि दोनों परिवारों के बीच कोई धर्म आड़े नहीं आया। हमेशा लता को ननद व माजा-भांजे के रिश्ते अनुसार लगातार 25 सालों से एक-दूसरे के घरों में दोनों मजहबों के त्यौहार खुशी से मनाते आ रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आपसी भाईचारे को मिला बढ़ावा</h3>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि मूलरूप से उत्तराखंड निवासी लक्ष्मण व लता परिवार सहित करीब 25 सालों से दादरी शहर में रह रहे हैं। वहीं इस्लाम व इकराम मलिक का परिवार भी उनके पड़ोस में रह रहा है। रविवार को लता की बेटी की शादी थी और मजबूरीवश भात भरने उसका भाई नहीं आ सका। जैसे ही यह जानकारी मुस्लिम भाइयों को मिली तो 22 साल पहले धर्मभाइयों ने मुस्लिम इंतजामिया कमेटी पदाधिकारियों के साथ पंहुचकर हिंदू रीति-रिवाज अनुसार रितू का भात भरा। हिंदू बहन लता ने बताया कि उसकी बेटी रितू की 23 अप्रैल को शादी हुई। भात की रस्म अदा करने मुस्लिम भाईचारे से इस्लाम और इकराम मलिक ने धर्म भाई का फर्ज निभाया है। इस शादी में धर्म भाइयों ने समाज में आपसी भाईचारे की नई मिसाल पेश की है।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/the-brotherhood-of-two-religions-set-an-example-of-humanity-muslim-brothers-offered-rice-for-a-hindu-daughter/article-46699</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/the-brotherhood-of-two-religions-set-an-example-of-humanity-muslim-brothers-offered-rice-for-a-hindu-daughter/article-46699</guid>
                <pubDate>Tue, 25 Apr 2023 12:57:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-04/charkhi-dadri.jpg"                         length="73788"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सभी सरकारी योजनाओं में फोर्टिफाइड चावल के वितरण को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। सरकार ने देश भर में चरणबद्ध तरीके से सभी सरकारी योजनाओं के तहत वर्ष 2024 तक फोर्टिफाइड चावल के वितरण को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गुरूवार को यहां हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/approval-for-distribution-of-fortified-rice-in-all-government-schemes/article-32213"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-04/fortified-rice.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> सरकार ने देश भर में चरणबद्ध तरीके से सभी सरकारी योजनाओं के तहत वर्ष 2024 तक फोर्टिफाइड चावल के वितरण को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गुरूवार को यहां हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत एकीकृत जन वितरण प्रणाली, एकीकृत बाल विकास सेवा , प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण ( मध्यान्ह) और अन्य योजनाओं के तहत सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में वर्ष 2024 तक चरणबद्ध तरीके से फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति शुरू कर दी जायेगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या है मामला</h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस पर प्रतिवर्ष आने वाले 2700 करोड़ रुपए के खर्च को केन्द्र सरकार जून 2024 तक वहन करेगी। उन्होंने कहा कि पहले चरण में इस योजना को एकीकृत बाल विकास योजना तथा मध्यान्ह भोजन के लिए मार्च 2022 तक समूचे देश में लागू किया जायेगा। दूसरे चरण में इसके साथ साथ योजना को जन वितरण तथा सभी आकांक्षी जिलों में वर्ष 2023 तक अन्य योजनाओं के लिए लागू किया जायेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">तीसरे चरण में मार्च 2024 तक देश के सभी जिलों को योजना के दायरे में लाया जायेगा। इस योजना पर अमल के लिए खाद्य एवं जन वितरण विभाग राज्य सरकारों , केन्द्र शासित प्रदेशों, विभागों, विकास भागीदारों , उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के साथ समन्वय करेगा। भारतीय खाद्य निगम और राज्यों की एजेन्सी पहले से ही फोर्टिफाइड चावल की खरीद में लगी हैं और करीब 88.65 टन चावल की खरीद की जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत 15 अगस्त को महिलाओं , बच्चों और दूध पिलाने वाली माताओं में कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए देश के हर गरीब को फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध कराने की घोषणा की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2019-20 में जन वितरण प्रणाली के तहत फोर्टिफाइड चावल देने के लिए तीन वर्ष की पायलट योजना शुरू की थी। इसके तहत 11 राज्यों आन्ध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र , तमिलनाडु , छत्तीसगढ, उत्तर प्रदेश, ओड़िशा, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और झारखंड के एक एक जिले को इसके दायरे में लाया गया था।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/approval-for-distribution-of-fortified-rice-in-all-government-schemes/article-32213</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/approval-for-distribution-of-fortified-rice-in-all-government-schemes/article-32213</guid>
                <pubDate>Fri, 08 Apr 2022 18:58:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-04/fortified-rice.jpg"                         length="30372"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जैविक बासमती चावल के निर्यात को दिया जाएगा प्रोत्साहन</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। सरकार ने जैविक बासमती चावल का मूल्यवर्धन करने और इसके निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निर्यातकों को प्रोत्साहन देने का फैसला किया है। केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने यहां बताया कि बासमती निर्यात विकास संगठन-बीईडीएफ ने उत्तर प्रदेश के मोदीपुरम में बासमती चावल की विविधता की पहचान और कीटनाशक अवशेषों, एफ्लाटॉक्सिन […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/export-of-organic-basmati-rice-will-be-encouraged/article-20196"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-11/rice.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> सरकार ने जैविक बासमती चावल का मूल्यवर्धन करने और इसके निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निर्यातकों को प्रोत्साहन देने का फैसला किया है। केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने यहां बताया कि बासमती निर्यात विकास संगठन-बीईडीएफ ने उत्तर प्रदेश के मोदीपुरम में बासमती चावल की विविधता की पहचान और कीटनाशक अवशेषों, एफ्लाटॉक्सिन और भारी धातुओं के परीक्षण के लिए डीएनए फिंगर प्रिंटिंग की सुविधाओं के साथ अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की है। प्रयोगशाला और प्रदर्शन तथा प्रशिक्षण फार्म, एसवीपी कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में स्थापित किया गया है। संगठन की गतिविधियां बासमती चावल के निर्यात के लिए आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर केंद्रित हैं। बीईडीएफ की 8वीं वार्षिक आम बैठक पिछले सप्ताह ही आयोजित की गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के दौरान, जैविक बासमती चावल की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए सभी पक्षों के साथ एक कार्यशाला आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। निर्यातकों को मूल्य संवर्धन और उत्पाद में विविधता के लिए प्रोत्साहित करने का भी निर्णय लिया गया। भारत से निर्यात के मामले में बासमती चावल सबसे बड़ा कृषि उत्पाद है। वर्ष 2019-20 के दौरान चार अरब 33 करोड़ 10 लाख डॉलर के 44 लाख टन से ज्यादा बासमती चावल का निर्यात किया गया। पिछले 10 वर्षों में, बासमती चावल के निर्यात में दोगुनी से अधिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2009-10 के दौरान बासमती चावल का निर्यात लगभग 22 लाख टन था। बासमती चावल के प्रमुख बाजार सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात , ईरान, यूरोपीय संघ और अमेरिका हैं। बासमती चावल एक पंजीकृत भौगोलिक संकेत (जीआई) है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कृषि</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/agriculture/export-of-organic-basmati-rice-will-be-encouraged/article-20196</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/agriculture/export-of-organic-basmati-rice-will-be-encouraged/article-20196</guid>
                <pubDate>Sat, 28 Nov 2020 14:39:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-11/rice.jpg"                         length="122432"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राइस मिलर फिजीकल वैरीफिकेशन : 81 करोड़ की गड़बड़ी का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[फूड एंड सप्लाई विभाग के एसीएस पी.के. दास के अनुसार इस मामले की जांच करने के लिए 300 अधिकारियों की टीम रोजाना लगभग 150 मिलों की जाँच कर रही है।अब तक हुई जाँच के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल के गृह क्षेत्र करनाल की कुल 303 मिलों में से 244 मिलों में कुल 9 हजार 801 मिट्रिक टन पैडी का अंतर पाया गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/rice-miller-physical-variation-revealed-mess-of-81-crores/article-12016"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/rice-miller.jpg" alt=""></a><br /><h2> कुल 32427 मिट्रिक टन पैडी गायब मिली Rice Miller</h2>
<h3>सबसे ज्यादा 9801 मिट्रिक टन करनाल में गायब मिली</h3>
<h3> प्रदेश की कुल 1305 में से 1059 मिलों की हुई जाँच</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़/सच कहूँ)।</strong> प्रदेश में जारी राइस मिलों <strong>(Rice Miller)</strong> की फिजिकल वैरीफिकेशन का काम लगभग पूरा होने को है। अब तक हुई वैरीफिकेशन में 81 करोड़ की पैडी गायब पाई गई है। सबसे ज्यादा पैडी करनाल में गायब मिली है। बता दें कि प्रदेश में राइस मिलरों के कथित घोटाले की जांच के तहत मिलों की फिजिकल वैरीफिकेशन जारी है। इसमें सरकार द्वारा समझौते के तहत मार्केट से खरीदी गई पैडी जिन 1305 मिलों को दी गई थी उनकी फिजीकल वैरीफिकेशन की जा रही है। सरकार द्वारा मार्केट से खरीद कर मिलों को दी गई कुल पैडी के मुकाबले फिलहाल 1059 मिलों की जाँच के बाद कुल 32 हजार 427 मिट्रिक टन पैडी का फर्क सरकार की एजेंसियों को मिला है।</p>
<h3>करनाल में मिली सबसे बड़ी गड़बड़ी</h3>
<p style="text-align:justify;">फूड एंड सप्लाई विभाग के एसीएस पी.के. दास के अनुसार इस मामले की जांच करने के लिए 300 अधिकारियों की टीम रोजाना लगभग 150 मिलों की जाँच कर रही है।अब तक हुई जाँच के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल के गृह क्षेत्र करनाल की कुल 303 मिलों में से 244 मिलों में कुल 9 हजार 801 मिट्रिक टन पैडी का अंतर पाया गया है। वहीं दूसरा जिला गृह मंत्री अनिल विज का जिला अंबाला है । जहाँ अब तक कुल 193 मिलों की जांच के बाद 192 मिलों में 9 हजार 351 मिट्रिक टन पैडी गायब मिली है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कैसे होती है गड़बड़ी</h3>
<p style="text-align:justify;">एसीएस दास के अनुसार प्रदेश के राइस मिलर और आढ़तियों की मिलीभगत से ही धान घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है। उनके अनुसार धान की बुकिंग दिखा के सरकार से पैसा ले लिया जाता है जबकि धान नहीं लिया जाता। वहीं समय आने पर सरकार को छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड इत्यादि राज्यों से राशन वाला धान खरीद लिया जाता है। जिसे सरकार का पैसा लम्बे समय के लिए उपयोग कर लिया जाता है और दूसरे राज्यों से गरीबों, बीपीएल में बंटने वाला चावल खरीद कर उसे पूरा दिखा दिया जाता है। जबकि हरियाणा का धान बाहर की मंडियों में उचित दामों पर बेच दिया जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अगली बार सरकार उठाएगी ये कदम</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं अगले सीजन में घोटाला रोकने के लिए सरकार पैडी का ज्यादा स्टाक अपने पास ही जमा करेगी। वहीं प्राइवेट कम्पनी जो पैडी रखेगी उसकी हर 15 दिन पर स्टाक की चेकिंग करवाई जाएगी। इसके अलावा सरकार प्राइवेट फर्मों तक पैडी की पहुंच खुद करवाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जहाँ कम मिली पैडी, उन मिलरों को होगा शो काज नोटिस</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>जिन भी मिलरों से पैडी बड़ी संख्या में गायब मिली है, उन्हें शो काज नोटिस जारी होगा। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>उसके बाद उनका जवाब लिया जाएगा। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>सरकार इन्हें दो विकल्प देगी या जो भी पैसे का घोटाला है वो भरें। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>नहीं तो उनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज होगा और पैसा वसूला जाएगा। </strong></li>
</ul>
<p><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/rice-miller-physical-variation-revealed-mess-of-81-crores/article-12016</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/rice-miller-physical-variation-revealed-mess-of-81-crores/article-12016</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Dec 2019 12:28:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-12/rice-miller.jpg"                         length="25342"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धान मंडी के पिडों पर लगे कृषि जिन्सों के ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[अनूपगढ़ में 4 लाख थैले बारदाना की और पड़ सकती है आवश्यकता अनूपगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। अनूपगढ़ की धान मंडी में समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद के साथ-ही धीरे-धीरे (rice) कृषि जिन्सों की आवक बढ़ती जा रही है। समर्थन मूल्य पर गेंहू की खरीद के लिए पूर्व में लगभग साढ़े 10 लाख थैले बारदाना उपलब्ध […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/rice/article-8912"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-05/rice-copy.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">अनूपगढ़ में 4 लाख थैले बारदाना की और पड़ सकती है आवश्यकता</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>अनूपगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> अनूपगढ़ की धान मंडी में समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद के साथ-ही धीरे-धीरे (rice) कृषि जिन्सों की आवक बढ़ती जा रही है। समर्थन मूल्य पर गेंहू की खरीद के लिए पूर्व में लगभग साढ़े 10 लाख थैले बारदाना उपलब्ध करवाया गया था, लेकिन व्यापार मंडल द्वारा एफसीआई के अधिकारियों से खरीद के लिए करीब 15 लाख थैलों की मांग पूर्व ही कर रखी है। ऐसे में आने वाले दिनों सरकारी एजेंसी की खरीद पर बारदाना को लेकर परेशानी का विषय बन सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">व्यापारियों तथा किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो इसके लिए व्यापार मंडल अध्यक्ष भजन कामरा, उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गिल, कोषाध्यक्ष मोहन बजाज तथा सचिव राजेश सैन की ओर से लगातार यह प्रयास किए जा रहे हैं कि समर्थन मूल्य पर गेंहू की खरीद के दौरान समस्त प्रकार की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलती रहे तथा किसानों को किसी प्रकार के संकट का सामना नहीं करना पड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि पूर्व में आई बारदाने की खेप में से आवश्यकतानुसार धान मंडी के व्यापारियों को बारदाना वितरण कर दिया गया, लेकिन गेंहू सीजन के तहत फसल की आवक हर वर्ष लगभग 15 लाख थैलों के आसपास होती है, ऐसे में अनूपगढ़ में समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए अभी लगभग 5 लाख थैलों की और आवश्यकता है, जिसके लिए व्यापार मंडल की ओर से मौखिक रूप से सरकारी एजेंसी के अधिकारियों को अवगत करवाया दिया गया है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/rice/article-8912</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/rice/article-8912</guid>
                <pubDate>Mon, 06 May 2019 13:45:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-05/rice-copy.jpg"                         length="193378"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सच कहूँ एक्&amp;#x200d;सक्&amp;#x200d;लूसिव: हरियाणा में 28 हजार मीट्रिक टन चावल डकार गए राईस मिलर</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन को करोड़ों का चूना अब हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज ने रिकवरी के लिए कसा शिकंजा Haryana: Rais Miller has done 28 thousand metric tonnes of rice gooseberry सच कहूँ/देवीलाल बारना कुरुक्षेत्र। हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन ने पिछले लंबे समय से विभाग को करोड़ों रूपए का चुना लगाने वाले राईस मिलरों को चिन्ह्ति […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-rais-miller-has-done-28-thousand-metric-tonnes-of-rice-gooseberry/article-4571"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/77-4.jpg" alt=""></a><br /><h3>हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन को करोड़ों का चूना</h3>
<h3>अब हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज ने रिकवरी के लिए कसा शिकंजा</h3>
<h2>Haryana: Rais Miller has done 28 thousand metric tonnes of rice gooseberry</h2>
<p><strong>सच कहूँ/देवीलाल बारना कुरुक्षेत्र।</strong> हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन ने पिछले लंबे समय से विभाग को करोड़ों रूपए का चुना लगाने वाले राईस मिलरों को चिन्ह्ति कर उनके खिलाफ रिकवरी की कार्रवाई तेज कर दी है। हरियाणा एग्रो में 28 हजार मीट्रिक टन चावल की हेरा-फेरी को पकड़ा हैHaryana: Rais Miller has done 28 thousand metric tonnes of rice gooseberry। प्रदेश के 26 राईस मिलरों ने पांच साल से भी अधिक समय से विभाग को चावल जमा नहीं करवाया है। विभाग द्वारा बार-बार नोटिस भेजने के बावजूद भी इन राईस मिलरों ने बकाया चावल जमा नहीं करवाया है।</p>
<h3>प्रदेश के 26 राईस मिलरों को भेजे नोटिस</h3>
<h2>Haryana: Rais Miller has done 28 thousand metric tonnes of rice gooseberry</h2>
<p>कड़ा संज्ञान लेते हुए विभाग ने 26 राईस मिलरों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने के लिए पुलिस के पास रिपोर्ट दर्ज करवाई है। लेकिन अभी तक 26 राईस मिलरो में से केवल 12 राईस मिलरों के खिलाफ ही मामला दर्ज हो पाया है। हालांकि विभाग लगातार पुलिस विभाग को रिमाईंडर भेजकर बाकि बचे 14 राईस मिलरों के खिलाफ जल्द से जल्द मामला दर्ज करवाने के लिए पत्र लिख रहा है।</p>
<h2>बकायेदरों के खिलाफ विभाग सख्त</h2>
<h3>Haryana: Rais Miller has done 28 thousand metric tonnes of rice gooseberry</h3>
<p>सूत्रों का कहना है कि हरियाणा एग्रो के प्रदेश भर में अलग-अलग जिलों में 26 राईस मिलरों के खिलाफ बकायादारी को लेकर विभाग के चेयरमैन गोविंद भारद्वाज ने मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के चलते इस मामले में भी कडा संज्ञान लिया है। उनके संज्ञान लेने के बाद ही प्रदेश के सभी बकायादारों की बकायदा सूचि बनाई गई और पुलिस को इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए दस्तावेज सौंपे गए हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-rais-miller-has-done-28-thousand-metric-tonnes-of-rice-gooseberry/article-4571</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-rais-miller-has-done-28-thousand-metric-tonnes-of-rice-gooseberry/article-4571</guid>
                <pubDate>Sat, 30 Jun 2018 09:20:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/77-4.jpg"                         length="107567"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        