<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/mobilize/tag-7476" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Mobilize - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/7476/rss</link>
                <description>Mobilize RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सपने देखना नहीं साकार करने के लिए जुटना जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[हरि शंकर आचार्य सिने अभिनेता संजय दत्त के जीवन पर आधारित फिल्म ‘संजू’ शुक्रवार को रिलीज हुई। इसने पहले ही दिन सफलता के झंडे गाड़ दिए। इससे पहले यूट्यूब पर जारी हुए इसके टीजर को लगभग छह करोड़ बार देखा जा चुका है। यहां इस फिल्म का उल्लेख करना इस कारण जरूरी है क्योंकि यह […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/need-to-mobilize-for-realizing-no-dreams/article-4591"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/dream.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">
हरि शंकर आचार्य</p>
<p style="text-align:justify;">सिने अभिनेता संजय दत्त के जीवन पर आधारित फिल्म ‘संजू’ शुक्रवार को रिलीज हुई। इसने पहले ही दिन सफलता के झंडे गाड़ दिए। इससे पहले यूट्यूब पर जारी हुए इसके टीजर को लगभग छह करोड़ बार देखा जा चुका है। यहां इस फिल्म का उल्लेख करना इस कारण जरूरी है क्योंकि यह फिल्म बॉलीवुड के सफलतम डायरेक्टर्स में से एक राजकुमार हिरानी की फिल्म है। वही राजकुमार हिरानी जिसने अब तक चार फिल्में बनाई हैं और चारों ही सुपर हिट रही हैं। अगर इन चार फिल्मों की कुल कमाई जोड़ें तो यह नौ सौ करोड़ के पार पहुंच चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">
हिरानी ने सबसे पहले वर्ष 2003 में बनाई ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’। इसने कमाए 34 करोड़। दूसरी फिल्म 2006 में आई ‘लगे रहो मुन्ना भाई’। इसने सौ करोड़ से अधिक कमाई की। वर्ष 2009 में हिरानी लाए ‘थ्री इडियट्स’। इसने 273 करोड़ कमाकर रिकॉर्ड बनाया तो वर्ष 2014 में आई ‘पीके’ ने पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए लगभग 450 करोड़ रुपये कमा लिए। एक बात और ‘पीके’ की कहानी भी खुद हिरानी ने लिखी। इस पटकथा लेखन में उन्हें पांच वर्ष का समय लगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
अब चलते हैं हिरानी के बैकग्राउंड पर। राजकुमार हिरानी का जन्म 22 नवंबर 1962 को नागपुर के सिंधी परिवार में हुआ। राजकुमार के परिजन उन्हें चार्टर्ड एकाउंटेंट के रूप में देखना चाहते थे, लेकिन हिरानी पढ़ाई में बहुत होशियार नहीं थे। उनके कभी अच्छे अंक नहीं आए। इस कारण यह सपना पूरा नहीं हो सका। हिरानी के पिता एक टाइपिंग इस्टीट्यूट चलाते थे। वे इस काम में पिता की मदद करते थे। हां, अभिनेता बनना उनका सपना था। इसी कारण उनके पिता ने फोटोशूट करवाकर उन्हें मुंबई के एक्टिंग स्कूल भेजा लेकिन वहां राजकुमार हिरानी का मन नहीं लगा और वे जल्दी ही इसे छोड़कर आ गए।</p>
<p style="text-align:justify;">
इस दौरान उन्होंने खुद को एडवरटाइजिंग फिल्मों में निर्माता निर्देशक के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया। वे फेविकोल के एक विज्ञापन में भी दिखा दिए। उन्होंने विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म ‘1942 ए लव स्टोरी’ में के प्रोमो और ट्रेलर पर काम किया। ‘करीब’ के प्रोमो एडिट किए, लेकिन वर्ष 2000 में ‘मिशन कश्मीर’ की एडिटिंग करते हुए उन्होंने पहली बार सफलता का स्वाद चखा। बस फिर क्या था, राजकुमार हिरानी ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। चाहे ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ हो ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ और चाहे ‘थ्री इडियट्स’ और ‘पीके’ हर बार उन्होंने न सिर्फ सफलता प्राप्त की बल्कि इस सफलता को और अधिक बड़ी करते रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">
राजकुमार हिरानी ने हर फिल्म के लिए एक यूनीक स्टोरी का चयन किया। यही कारण है कि हिरानी को राष्ट्रीय पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। उनकी फिल्मों ने अनेक पुरस्कार जीते और लोगों के दिल जीतने में भी कामयाब रहे। हर सफलता के बाद हिरानी ने कई गुने जोश के साथ नया प्रोजेक्ट हाथ में लिया और उसमें भी सफलता को चूमकर दम लिया। संजय दत्त हमेशा से ही उनके नजदीक रहे। इस कारण उन्होंने अपनी पटकथा के मूल में दत्त के जीवन को रखा। उनके जीवन में अनेक छूए-अनछूए पहलुओं को बड़ी शिद्दत के साथ दर्शकों के बीच रखा।</p>
<p style="text-align:justify;">
पर्दे पर यह फिल्म रिलीज हो चुकी है और सफलता की ओर बढ़ रही है। नि:संदेह यह फिल्म भी हिरानी के पुराने अनुभवों को दोहराएगी। ऐसा नहीं है कि राजकुमार हिरानी को यूं ही मिल गई। इसके लिए उन्होंने बहुत मेहनत की। स्वयं को स्थापित करने के लिए दिन-रात एक कर दिए। उनका कोई फिल्मी बैकग्राउण्ड नहीं था, लेकिन उनके मन में कुछ करने का जुनून था। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। इसके बूते उन्होंने इतिहास रच डाला। उन्होंने हर बार ‘मन’ की आवाज सुनी। दर्शकों की नब्ज को समझा और एक से बढ़कर एक यूनिक सब्जेक्ट के साथ पर्दे पर आए। तो इस ‘संडे’का ‘फंडा’ यह है कि सिर्फ सपने देखने से कुछ नहीं होता बल्कि इन सपनों को साकार करने अथक परिश्रम करना पड़ता है। इस राह में बाधाएं भी आती हैं, लेकिन उनसे घबराए बिना लगातार आगे बढ़ने वाला ही इतिहास रच सकता है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/need-to-mobilize-for-realizing-no-dreams/article-4591</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/need-to-mobilize-for-realizing-no-dreams/article-4591</guid>
                <pubDate>Sun, 01 Jul 2018 08:28:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-07/dream.jpg"                         length="126608"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        