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                <title>irrigation - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>irrigation RSS Feed</description>
                
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                <title>सिंचाई के लिए 100 परियोजनाएं शुरु :मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[फसल को जोखिम से बचाने के लिए बीमा योजना लाभदायक नयी दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि किसानों के हर खेत को पानी मिले एवं फसलों का भरपूर उत्पादन हो इसके लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत देश में लगभग 100 सिंचाई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं । श्री मोदी ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/100-projects-started-for-irrigation-modi/article-4330"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/narendra-modi-2.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">फसल को जोखिम से बचाने के लिए बीमा योजना लाभदायक</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली, एजेंसी।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि किसानों के हर खेत को पानी मिले एवं फसलों का भरपूर उत्पादन हो इसके लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत देश में लगभग 100 सिंचाई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं । श्री मोदी ने किसानों से सीधा संवाद करते हुए आज कहा कि फसल में किसी प्रकार का जोखिम ना हो, इसके लिये फसल बीमा योजना है, कटाई के बाद सही कीमत मिले इसके लिये ईनाम शुरु किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि कृषि के लिये सरकार बजट में निश्चित राशि आवंटित करती है, पिछली सरकार ने कृषि के लिये 1,21,000 करोड़ रूपए की धनराशि आवंटित की थी और उनकी सरकार ने इसे 2,12,000 करोड़ रूपए किया, यानि लगभग दोगुना किया, यह किसान कल्याण के लिये हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है ।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान की लागत कम कैसे हो, उपज का उचित मूल्य मिले, फसल की बरबादी रुके, इसके लिये सरकार ने फैसला लिया कि अधिसूचित फसलों के लिये न्यूनतम मूल्य लागत का डेढ गुना दिया जायेगा । देश के किसानों पर भरोसा था, उन्हें आवश्यक सुविधायें, वातावरण दिया जाये तो किसान मेहनत, और परिणाम लाने को तैयार है, और सरकार ने किसानों को साथ लेकर इस दिशा में काम किया ।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Jun 2018 12:17:36 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भारत इज्ररायल व फिलीस्तीन</title>
                                    <description><![CDATA[गुट निरपेक्ष भारत के प्रधानमंत्री ने दुनिया भर में कृषि, चिकित्सा, सिंचाई व सैन्य साजोसमान के लिए प्रसिद्ध इज्ररायल की यात्रा कर कई अहम समझौतों पर अपने हस्ताक्षर किए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का तल अवीव में इज्ररायल के प्रधानमंत्री की ओर से जिस तरह गले मिलकर व हिंदी में ‘आपका स्वागत है’ जैसे शब्दों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/india-israel-and-palestine/article-2005"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/pm.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">गुट निरपेक्ष भारत के प्रधानमंत्री ने दुनिया भर में कृषि, चिकित्सा, सिंचाई व सैन्य साजोसमान के लिए प्रसिद्ध इज्ररायल की यात्रा कर कई अहम समझौतों पर अपने हस्ताक्षर किए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का तल अवीव में इज्ररायल के प्रधानमंत्री की ओर से जिस तरह गले मिलकर व हिंदी में ‘आपका स्वागत है’ जैसे शब्दों से अभिनंदन किया गया उससे वैश्विक स्तर पर इन देशों के रिश्तों की धूम मच गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इज्ररायल-फिलीस्तीन टकराव पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की समझ रखने वाले विद्वान भारत के इस कदम को अमेरिका परस्ती करार देकर भारत की गुटनिरपेक्ष छवि को आघात पहुंचने की बात कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस यात्रा का महत्व भारत व इज्ररायल की व्यक्तिगत छवियों पर अलग-अलग है। भारत के लिए इज्ररायल महज फिलीस्तीन का विरोधी राष्ट्र व अमेरिका का मित्र राष्ट्र नहीं है अपितु विज्ञान के क्षेत्र में पूरी दुनिया में अपनी धाक जमा देने वाला राष्ट्र है। छोटे हो रहे लेकिन तेजी से बदल रहे विश्व में भारत के लिए</p>
<p style="text-align:justify;">इज्ररायल जैसे देशों से दूर रहना संभव नहीं, खासकर इन परिस्थितियों में जब पूरे एशिया की कृषि की हालत बेहद बदत्तर हो चुकी हो। दूसरी ओर इज्ररायल के लिए भारत से संबंधों का दोहरा महत्व है।</p>
<p style="text-align:justify;">इज्ररायल विकासशील देशों को एक बड़े बाजार के तौर पर देख रहा है। दरअसल इज्ररायल व फिलीस्तीन के भूगोलिक टकराव को यहुदियों एवं मुस्लिम धर्मों के मध्य टकराव के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि सच्चाई यह है कि मिस्त्र, जार्डन एवं अरब के कई राष्ट्र ने इज्ररायल के साथ बहुत अच्छे संबंध बना लिये है जोकि पहले इज्ररायल के साथ धर्म की दृष्टि से शत्रुभाव रखते आ रहे थे। अत: भारत-इज्ररायल निकटता पर दुनिया को भला क्या हैरत हो सकती है। इज्ररायल यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का फिलीस्तीन नहीं जाना, फिलीस्तीन का विरोध नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की सांस्कृतिक विशेषता रही है कि इसने हर देश से कुछ न कुछ सीखने का सदैव प्रयत्न किया है। यहां तक कि आपदा के वक्त भारत अपने पड़ोसी पाकिस्तान को सहायता देने का प्रस्ताव भी रखता है जबकि दोनों देशों में अपने बंटवारे के वक्त से ही शत्रुता जैसा रिश्ता चला आ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत यदि इज्ररायल के साथ द्विपक्षीय रिश्ते रखता है एवं दोनों देश सूचना तकनीक, चिकित्सा, कृषि, विज्ञान आदि क्षेत्रों में आदान-प्रदान करते हैं तब बाकी विश्व को भला इस पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय प्रधानमंत्री ने अरब देशों के साथ भी अपने रिश्ते मजबूत किए हैं। यहां तक कि आतंकवाद जिसका कि आजकल चेहरा इस्लामी हो रखा है पर भी अरब देशों का सहयोग हासिल किया है। विश्व संदर्भ में भारत-इज्ररायल दोस्ती किसी दूसरे के संबंधों की तिलांजलि नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                <pubDate>Thu, 06 Jul 2017 01:58:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिंचाई पानी के लिए तरसे किसान</title>
                                    <description><![CDATA[बैलाण के प्रयासों से नहर मरम्मत का कार्य आरम्भ अनूपगढ़। अनूपगढ़ शाखा की पतरोड़ा क्षेत्र की पी. वितरिका की जर्जर अवस्था से परेशान किसानों के हित में आवाज उठाने के लिए भाजपा नेत्री एवं प्रदेश युवा मोर्चा की मंत्री प्रियंका बैलाण नागपाल द्वारा किए गए प्रयास आखिरकार रंग लाए और नहरी विभाग द्वारा किसानों के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/canal-repair-work-to-start/article-1089"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/kisan.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">बैलाण के प्रयासों से नहर मरम्मत का कार्य आरम्भ</h2>
<p style="text-align:justify;">अनूपगढ़। अनूपगढ़ शाखा की पतरोड़ा क्षेत्र की पी. वितरिका की जर्जर अवस्था से परेशान किसानों के हित में आवाज उठाने के लिए भाजपा नेत्री एवं प्रदेश युवा मोर्चा की मंत्री प्रियंका बैलाण नागपाल द्वारा किए गए प्रयास आखिरकार रंग लाए और नहरी विभाग द्वारा किसानों के जीवन से जुड़े इस संवदेनशील मुद्दें पर गम्भीरता दिखाते हुए नहर के मरम्मत कार्य के तहत पट्टों को मजबूती प्रदान करने के लिए मिट्टी डलवाने का कार्य आरम्भ कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वितरिका से दर्जनों चकों के किसानों को सिंचाई सुविधा मिली हुई है, परंतु लम्बे समय से इस वितरिका की जर्जर हालत के कारण पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा था। बार-बार नहर के टूटने की समस्या बनी हुई थी। गत दिनों भी यह वितरिका 2 बार टूटी, जिससे उक्त नहर क्षेत्र के किसानों को सिंचाई पानी का भरपूर नुक्सान हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">किसानों की सिंचाई की बारियां पिटी, जिससे किसानों ने अपना रोष जनप्रतिनिधियों के समक्ष प्रकट किया। इस मामले में भाजपा नेत्री प्रियंका बैलाण ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात करके उन्हें मौके की स्थिति दिखाई और समस्या को जयपुर में बैठे उच्चाधिकारियों तक भी पहुंचाया। किसानों की समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए गम्भीरता से प्रयास आरम्भ किए, जिस पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों की नींद टूटी और नहर की मरम्मत का कार्य आरम्भ हो पाया।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Jun 2017 21:41:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिंचाई पानी में कटौती का फिर से विरोध शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[किसानों ने मुख्य अभियंता का किया घेराव लगातार 1200 क्यूसेक पानी चलाए जाने की मांग HanumanGarh, Hardeep Singh: भाखड़ा सिंचाई प्रणाली की नहरों में तीन में से एक समूह चलाकर 850 क्यूसेक पानी उपलब्ध करवाने का फिर से विरोध शुरू हो गया है। 31 मार्च तक लगातार 1200 क्यूसेक पानी चलाने की मांग को लेकर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/irrigation-water-cuts-protests-again/article-537"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/02-21.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>किसानों ने मुख्य अभियंता का किया घेराव</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>लगातार 1200 क्यूसेक पानी चलाए जाने की मांग</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>HanumanGarh, Hardeep Singh:</strong> भाखड़ा सिंचाई प्रणाली की नहरों में तीन में से एक समूह चलाकर 850 क्यूसेक पानी उपलब्ध करवाने का फिर से विरोध शुरू हो गया है। 31 मार्च तक लगातार 1200 क्यूसेक पानी चलाने की मांग को लेकर भाखड़ा क्षेत्र के काश्तकारों ने शुक्रवार को जल संसाधन विभाग (उत्तर) के मुख्य अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। आक्रोशित काश्तकारों ने मुख्य अभियंता राजकुमार चौधरी का घेराव कर 1200 क्यूसेक से कम पानी चलाने पर आन्दोलन करने की चेतावनी दी। इससे पूर्व दोपहर को सैकड़ों काश्तकार सादुलशहर के पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष राजेन्द्र खिचड़ के नेतृत्व में मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचे तथा घेराव-प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने बताया कि वर्तमान में भाखड़ा की नहरों में 1200 क्यूसेक पानी चल रहा है। सिंचाई विभाग द्वारा 21 दिसम्बर से 1200 की जगह 850 क्सूसेक पानी चलाया जाना प्रस्तावित है। 350 क्यूसेक पानी कटौती से फसलों को नुकसान होगा।</p>
<p>किसानों का कहना था कि अधिकतर काश्तकारों ने गेहूं की बिजाई की है। अगर गेहूं को समय पर पर्याप्त पानी नहीं मिला तो फसल खराब हो जाएगी। उन्होंने बताया कि बरसात की कमी रही है। क्षेत्र में भूमिगत जल फसल के लिए उचित नहीं है। ऐसी स्थिति में क्षेत्र का किसान नहरी पानी पर निर्भर हैं।</p>
<p><strong>किसानों ने विभाग को दी चेतावनी</strong><br />
इस पर किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सिंचाई विभाग ने प्रस्तावित रेगुलेशन में बदलाव कर पर्याप्त सिंचाई पानी उपलब्ध नहीं करवाया तो 19 दिसम्बर को मुख्य अभियन्ता कार्यालय का घेराव-प्रदर्शन कर धरना दिया जाएगा। प्रदर्शन में हनुमान झोरड़, संजीव खिचड़, हरिसिंह, हाथियांवाली सहित भाखड़ा क्षेत्र के सैकड़ों काश्तकार शामिल थे।</p>
<p><strong>पानी में कटौती न करने की मांग</strong><br />
सिंचाई विभाग के अधिकारी कम पानी होने का रोना रो रहे हैं। किसानों ने बताया कि गत 28 नवंबर को जिला कलेक्ट्रेट पर हुए धरना-प्रदर्शन के बाद प्रशासन की मध्यस्थता से हुई वार्ता में 15 दिन और किसानों को 1200 क्यूसेक पानी देने पर सहमति बनी थी। यह समयावधि 20 दिसम्बर को समाप्त हो रही है। वर्तमान में चल रहे रेगुलेशन में सिंचाई विभाग ने भविष्य में दिए जाने वाले पानी में से सात दिन काटकर पानी उपलब्ध करवाया था। उन्होंने बताया कि किसानों की मांग है कि वर्तमान में 1200 क्यूसेक पानी चलाया जाए तथा भविष्य में दिए जाने वाले पानी में कटौती कर दी जाए। उन्होंने क्षेत्र के किसानों एवं आमजन की भावना को देखते हुए भाखड़ा की नहरों में 1200 क्यूसेक पानी में किसी भी स्थिति में कटौती न करने की मांग की। वार्ता में मौजूद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बांधों में जल स्तर कम होने का हवाला देते हुए चार में से दो समूह पानी चलाया जाना असंभव बताया।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Dec 2016 03:35:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों को नहीं मिल रहा सिंचाई पानी, रोष</title>
                                    <description><![CDATA[अखिल भारतीय किसान सभा की बैठक आयोजित AnupGarh, SachKahoon News:  अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा इंदिरा गांधी नहर परियोजना की सूरतगढ़ शाखा को 4 दिन और चलाने की मांग को लेकर अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग श्रीविजयनगर के कार्यालय के समक्ष कल सोमवार से अनिश्चित कालीन धरना दिया जाएगा। किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष सुनील गोदारा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>अखिल भारतीय किसान सभा की बैठक आयोजित</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>AnupGarh, SachKahoon News:</strong>  अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा इंदिरा गांधी नहर परियोजना की सूरतगढ़ शाखा को 4 दिन और चलाने की मांग को लेकर अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग श्रीविजयनगर के कार्यालय के समक्ष कल सोमवार से अनिश्चित कालीन धरना दिया जाएगा। किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष सुनील गोदारा ने बताया कि इंदिरा नहर पंजाब में टूटने के कारण गत 6 दिसम्बर से 8 दिसम्बर तक मंगलवार, बुधवार और वीरवार की किसानों की बारी का पानी नहीं लग पाया। इस समय सूरतगढ़ शाखा में पानी चलाया जा रहा है। इसलिए इन तीन दिनों में सूरतगढ़ शाखा के जिन किसानों की पानी की बारी थी, उन किसानों की फसलें बर्बाद हो जाएंगी। गोदारा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा नहर में 3 समूह बनाकर 1 समूह में पानी चलाया जा रहा है। ऐसे में वर्तमान में किसानों को 24 दिन में 1 पानी की बारी मिलती है। ऐसी स्थिति में 1 बारी नहीं मिलने पर उसे 48 दिन बाद पानी मिलेगा। ऐसी स्थिति में किसानों की फसल बरबाद हो जाएगी। इसलिए सूरतगढ़ शाखा के किसानों को पानी की भरपाई करने के लिए लगातार 15 दिसम्बर तक पानी दिया जाए। गोदारा ने बताया कि इस मांग को लेकर माकपा जिला सचिव श्योपतराम मेघवाल के नेतृत्व में श्रीविजयनगर में अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। उन्होंने ने बताया कि धरने की तैयारी को लेकर आज शनिवार को धान मंडी में अखिल भारतीय किसान सभा की एक बैठक तहसील अध्यक्ष राकेश महला की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें अनिश्चितकालीन धरने को सफल बनाने के बारे में विचार किया गया। बैठक में दयाराम ढाका, राजू चलाना, कुलजीत सिंह, देवेन्द्र सिंह, रोशनलाल लिम्बा व खजान चंद डागला सहित अन्य पदाधिकारियों, सदस्यों और किसानों ने भाग लिया।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 Dec 2016 01:15:27 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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