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                <title>सीबीआई सीवीसी पुरानी प्रक्रिया बदलें, गरीब ईमानदार मजबूत हों, भ्रष्टाचारी बाहर : पीएम</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) का नये भारत की नयी सोच के आड़े आने वाली पुरानी प्रक्रियाओं को बदलने का आह्वान करते हुए आज कहा कि दोनो शीर्ष एजेंसियां कानून को इस प्रकार से लागू करें जिससे शासनतंत्र में गरीब एवं ईमानदार […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/cbi-cvc-change-the-old-process/article-27727"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-10/pm-modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) का नये भारत की नयी सोच के आड़े आने वाली पुरानी प्रक्रियाओं को बदलने का आह्वान करते हुए आज कहा कि दोनो शीर्ष एजेंसियां कानून को इस प्रकार से लागू करें जिससे शासनतंत्र में गरीब एवं ईमानदार लोग मजबूत हों और भ्रष्टाचारी-अपराधी बाहर जायें। मोदी ने आज गुजरात के केवड़िया में केन्द्रीय सतर्कता विभाग (सीवीसी) और केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के एक संयुक्त सम्मेलन को वीडियो लिंक के माध्यम से संबोधित करते हुए अधिकारियों का आह्वान किया कि वे अब प्रिवेंटिव विजिलेंस यानी अपराध की संभावना की निगरानी एवं सतर्कता रखने का काम करें। इससे संसाधनों की बचत होगी और अपराधों पर असरदार ढंग से लगाम लगेगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">भ्रष्टाचार चाहे छोटा हो या बड़ा है खतरनाक</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हम भारत की आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। आने वाले 25 वर्ष, यानि इस अमृतकाल में आत्मनिर्भर भारत के विराट संकल्पों की सिद्धि की तरफ देश बढ़ रहा है। आज हम सुशासन, जनोन्मुखी, सक्रिय शासन को सशक्त करने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार चाहे छोटा हो या बड़ा, वो किसी ना किसी का हक छीनता है। ये देश के सामान्य नागरिक को उसके अधिकारों से वंचित करता है, राष्ट्र की प्रगति में बाधक होता है और एक राष्ट्र के रूप में हमारी सामूहिक शक्ति को भी प्रभावित करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि बीते छह सात सालों के निरंतर प्रयासों से हम देश में एक विश्वास कायम करने में सफल हुए हैं, कि बढ़ते हुए भ्रष्टाचार को रोकना संभव है। आज देश को ये विश्वास हुआ है कि बिना कुछ लेन-देन के, बिना बिचौलियों के भी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है और आज देश को ये भी विश्वास हुआ है कि देश को धोखा देने वाले, गरीब को लूटने वाले, कितने भी ताकतवर क्यों ना हो, देश और दुनिया में कहीं भी हों, अब उन पर रहम नहीं किया जाता, सरकार उनको छोड़ती नहीं है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान</h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि हमने देशवासियों के जीवन से सरकार के दखल को कम करने को एक मिशन के रूप में लिया। हमने सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए। अधिकतम सरकारी नियंत्रण की बजाय न्यूनतम सरकार एवं अधिकतम शासन पर फोकस किया। उन्होंने कहा कि आज सरकार देश के नागरिकों पर भरोसा करती है, उन्हें शंका की नजर से नहीं देखती।</p>
<p style="text-align:justify;">इस भरोसे ने भी भ्रष्टाचार के अनेकों रास्तों को बंद किया है। इसलिए दस्तावेजों की सत्यापन की अनिवार्यता को हटाकर, भ्रष्टाचार और अनावश्यक परेशानी से बचाने का रास्ता बनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि बीते कुछ वर्षों में हमने हजारो पुराने एवं अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया है और आगे भी हजारों कानूनों को समाप्त किया जाएगा। इससे जनजीवन आसान होगा। उन्होंने कहा कि हाल में शुरू प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, इससे भी निर्णय प्रक्रिया से जुड़ी अनेक मुश्किलें समाप्त होने वाली हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">एजेंसियों को अपराधियों से दो कदम आगे ही रहना होगा</h4>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने कहा, ‘जब हम भरोसे और तकनीक के दौर में आगे बढ़ रहे हैं, तो आप सभी साथियों, आप जैसे कर्मयोगियों पर देश का भरोसा भी उतना ही अहम है। हम सभी को एक बात हमेशा याद रखनी है- राष्ट्र प्रथम ! हमारे काम की एक ही कसौटी है- जनहित, जन-सरोकार। यदि इस कसौटी पर कोई खरा उतरता है तो उसके साथ किसी भी मुश्किल में वह साथ खड़े रहेंगे। प्रधानमंत्री ने तकनीक के जरिये अपराधों खासकर साइबर धोखाधड़ी की चुनौती का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक के बहुत से फायदे हैं पर इसके नकारात्मक पहलू भी हैं जिनसे निपटना जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">अपराधी तकनीक की तोड़ ढूंढ लेते हैं। उन्होंने कहा कि एजेंसियों को अपराधियों से दो कदम आगे ही रहना है। देशवासियों को धोखा देने वालों के लिए छिपने की सुरक्षित जगह कहीं नहीं हो सकती है। कोई कितना ही ताकतवर क्यों ना हो। देशहित के खिलाफ काम करने वालों पर कार्रवाई से पीछे नहीं हटा जा सकता है। पर यह भी ध्यान रखना है कि हमारा काम किसी को डराना नहीं है। बल्कि गरीब आम आदमी के मन से डर दूर होना चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलेरेंस की नीति</h4>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने दोनो एजेंसियों से कहा, ‘इस पर आप मंथन करें कि सीबीआई और सीवीसी में दशकों से ऐसी प्रक्रिया जो नये भारत की नयी सोच के आड़े आती हैं उन्हें हटाया जाए। इसके लिए इससे बेहतर समय क्या हो सकता है जब देश अमृत महोत्सव मना रहा है। आप इसमें जुट जायें। आपको कमियां और जहां से भ्रष्टाचार पनपता है वह मालूम है। हमारे सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलेरेंस की नीति है।</p>
<p style="text-align:justify;">आप कानूनों को इस तरह से लागू करें कि गरीब एवं ईमानदार सिस्टम के करीब आए और भ्रष्टाचारी इससे बाहर जायें। उन्होंने कहा कि आज 21वीं सदी का भारत, आधुनिक सोच के साथ ही तकनीक को मानवता के हित में इस्तेमाल करने पर बल देता है। नया भारत नये तरीके खोजता है और उन्हें क्रियान्वित करना है। नया भारत अब ये भी मानने को तैयार नहीं कि भ्रष्टाचार सिस्टम का हिस्सा है। उसे पारदर्शी व्यवस्था चाहिए, प्रभावी एवं आसान प्रक्रिया चाहिए और सरल शासन प्रणाली चाहिए।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Oct 2021 11:48:58 +0530</pubDate>
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                <title>सीवीसी दो सप्ताह में सीबीआई मामले की जांच करे: उच्चतम न्यायालय</title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्र और सीवीसी को भी नोटिस जारी | CVC नई दिल्ली (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को केन्द्रीय सतर्कता आयोग (CVC) को केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ जांच करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यों की पीठ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/cvc-to-investigate-cbi-case-in-two-weeks-supreme-court/article-6465"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/cvc.jpg" alt=""></a><br /><h2>केन्द्र और सीवीसी को भी नोटिस जारी | CVC</h2>
<p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को केन्द्रीय सतर्कता आयोग <strong>(CVC)</strong> को केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ जांच करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यों की पीठ ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए केन्द्र और सीवीसी को भी नोटिस जारी किया है।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ वाली तीन सदस्यीय पीठ ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ए के पटनायक के नेतृत्व में यह जांच पूरी कराने का आदेश दिया है। वर्मा ने स्वयं को छुट्टी पर भेजने के केन्द्र सरकार के फैसले के खिलाफ बुधवार को एक याचिका दायर की थी।</p>
<h2>सीबीआई मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले का सरकार ने किया स्वागत</h2>
<p>सरकार ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से संबंधित विवाद में उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए शुक्रवार को कहा कि इससे भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों विशेष रूप से देश की प्रमुख जांच एजेंसी को लेकर पूरी निष्पक्षता बनाए रखने का उसका रुख सही साबित हुआ है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार न्यायालय के आज के आदेश को बहुत सकारात्मक मानती है। सीबीआई के शीर्ष अधिकारियों के संबंध में केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त <strong>(CVC)</strong> के निर्देश तथा सरकार का निर्णय उच्च मानकों और उचित कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप है।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में दो अतिरिक्त कदम उठाने को कहा है। एक तो मामले की जांच को जल्दी निपटाना और दूसरा जांच न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में करना। उन्होंने कहा कि न्यायालय का आदेश निष्पक्षता की प्रक्रिया को और मजबूत करता है। सरकार का यह मानना रहा है कि सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच यह जांच एजेंसी खुद नहीं कर सकती। सीबीआई के कामकाज की निगरानी करने का अधिकार सीवीसी को है और न्यायालय का आदेश इस तथ्य को सही साबित करता है तथा सरकार के पक्ष को मजबूत करता है।</p>
<h2>न्यायालय का आदेश सरकार के मुंह पर तमाचा: कांग्रेस</h2>
<p>कांग्रेस ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक अलोक वर्मा कोे हटाने के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय के आदेश को मोदी सरकार के मुंह पर तमाचा करार देते हुए कहा कि न्यायालय ने सच को जिन्दा रखा है। पार्टी ने एक बयान जारी कर न्यायालय के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आज पत्रकारों से कहा कि जो लोग सीबीआई की स्वायत्तता को नष्ट करने का प्रयास कर रहे थे यह उनके मुंह पर तमाचा है। उन्होंने कहा कि सीवीसी अब सरकार के इशारे पर काम नहीं कर सकती बल्कि उसे उच्चतम न्यायलय के पूर्व न्यायाधीश की देखरेख में काम करना होगा।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Oct 2018 17:26:08 +0530</pubDate>
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                <title>सीवीसी की नियुक्ति को रद्द करने से सुप्रीम कोर्ट का इन्कार</title>
                                    <description><![CDATA[कोर्ट राजनीतिक पक्षपात के पहलू पर गौर नहीं करेगा (Supreme, Court, Denies, Cancellation, Appointment, CVC) नई दिल्ली (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने मुख्य सतर्कता आयुक्त एवं और सतर्कता आयुक्त की नियुक्तियों को रद्द करने से सोमवार को इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि इसमें उसे कोई आधार नहीं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/supreme-court-denies-cancellation-of-appointment-of-cvc/article-4620"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/supreme-court-denies-cancellation-appointment-cvc.jpg" alt=""></a><br /><h1>कोर्ट राजनीतिक पक्षपात के पहलू पर गौर नहीं करेगा</h1>
<p><strong>(Supreme, Court, Denies, Cancellation, Appointment, CVC)</strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उच्चतम न्यायालय ने मुख्य सतर्कता आयुक्त एवं और सतर्कता आयुक्त की नियुक्तियों को रद्द करने से सोमवार को इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि इसमें उसे कोई आधार नहीं मिला, जिससे इन्हें रद्द किया जा सके। गैर सरकारी संगठन कॉमन कॉज और सेंटर फॉर इंटीग्रिटी एंड गवर्नेंस ने याचिका दायर की थी। न्यायालय को इस मामले में फैसला सुनाना था कि सीवीसी और सतर्कता आयुक्तों के पदों पर नियुक्त व्यक्ति बेदाग छवि होने का मानदंड पूरा करता है या नहीं। कॉमन कॉज ने सीवीसी के वी. चौधरी और सतर्कता आयुक्त वीसी टी. एम. भसीन की नियुक्ति को चुनौती दी थी और कहा था कि ये नियुक्ति गैरकानूनी है।</p>
<h1>वर्ष 2013 में उनके खिलाफ आरोपों पर सीवीसी ने जांच भी की थी</h1>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा था कि वह राजनीतिक पक्षपात के पहलू पर गौर नहीं करेगा, लेकिन केवल इस बात की जांच करेगा कि सीवीसी और सतर्कता आयुक्तों के पदों पर नियुक्त व्यक्ति बेदाग छवि होने का मानदंड पूरा करता है या नहीं। शीर्ष अदालत ने 2015 में दायर एक याचिका पर सुनवाई की थी जिसमें सीवीसी के. वी. चौधरी और सतर्कता आयुक्त वीसी टी. एम. भसीन की नियुक्ति पर यह आरोप लगाते हुए चुनौती दी गई थी कि उनका रिकॉर्ड साफ नहीं है और उनकी नियुक्ति के दौरान अपारदर्शी प्रक्रिया का पालन किया गया। वर्ष 2013 में उनके खिलाफ आरोपों पर सीवीसी ने जांच भी की थी। श्री चौधरी को सीवीसी पद पर छह जून 2015 को जबकि भसीन को 2015 में 11 जून को वीसी नियुक्त किया गया था।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Jul 2018 14:03:21 +0530</pubDate>
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