<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/foreign/tag-7577" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>foreign - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/7577/rss</link>
                <description>foreign RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एनजीओ के विदेशी चंदे को व्यवस्थित करने वाले विधेयक पर संसद की मुहर</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। राज्यसभा ने बुधवार को विपक्षी सदस्यों की गौर मौजूदगी में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2020 को पारित कर दिया जिसमें गैर सरकारी संगठनों के विदेशी चंदे को व्यवस्थित करने का प्रावधान किया गया है। लोकसभा ने इस विधेयक को इसी सप्ताह के प्रारंभ में पारित किया था। इस तरह से इस पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/parliaments-seal-on-the-bill-to-organize-foreign-donations-of-ngos/article-18663"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/parliament2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> राज्यसभा ने बुधवार को विपक्षी सदस्यों की गौर मौजूदगी में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2020 को पारित कर दिया जिसमें गैर सरकारी संगठनों के विदेशी चंदे को व्यवस्थित करने का प्रावधान किया गया है। लोकसभा ने इस विधेयक को इसी सप्ताह के प्रारंभ में पारित किया था। इस तरह से इस पर संसद की मुहर लग गयी है। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने विधेयक को पेश किया। इस पर हुयी संक्षिप्त चर्चा का जबाव देते हुये राय ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के मुताबिक ही आधार की व्यवस्था से जुड़ा संशोधन लाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा “ हमारा उद्देश्य है कि कोई भी संगठन हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को बाधित न करे और कोई खतरा पैदा नहीं हो। जिस उद्देश्य से संगठन को पैसा मिला है, उसी के लिए इस्तेमाल होना चाहिए। अगर कोई संस्था कानून के हिसाब से काम नहीं करती है तो उस स्थिति में उसे नोटिस देते हैं, उनका पक्ष सुनते हैं और फिर जरूरी होता है तो कानून के हिसाब से कार्रवाई करते हैं। विधेयक में प्रस्ताव है कि किसी भी एनजीओ के पदाधिकारियों को एफसीआरए लाइसेंस के रजिस्ट्रेशन के लिए आधार नंबर देना अनिवार्य होगा और सरकारी कर्मचारियों के विदेश से धन प्राप्त करने पर रोक होगी।”</p>
<p style="text-align:justify;">इस विधेयक में केंद्र सरकार को किसी एनजीओ या संस्था को विदेशी अभिदाय विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) सर्टिफिकेट सरेंडर करने की अनुमति देने में सक्षम बनाने का प्रस्ताव किया गया है। इसमें कुल विदेशी चंदे में से 20 फीसदी से अधिक प्रशासनिक व्यय नहीं करने का प्रावधान किया गया है जबकि वर्तमान में यह सीमा 50 फीसदी है। इसके तहत एनजीओ को विदेशी अनुदान के संबंध में दिल्ली में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में एक खाता खोलना होगा।</p>
<p> </p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/parliaments-seal-on-the-bill-to-organize-foreign-donations-of-ngos/article-18663</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/parliaments-seal-on-the-bill-to-organize-foreign-donations-of-ngos/article-18663</guid>
                <pubDate>Wed, 23 Sep 2020 11:54:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-09/parliament2.jpg"                         length="15752"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कश्मीर का जायजा लेने पहुंचा विदेशी प्रतिनिधिमंडल</title>
                                    <description><![CDATA[विदेशी प्रतिनिधिमंडल का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत विभिन्न क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय दलों के कई नेता या तो हिरासत में हैं या गिरफ्तार किए गए हैं। कुछ नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद रखा गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/foreign-representatives-arrived-to-take-stock-of-kashmir/article-12355"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/foreign-representative.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">कश्मीर घाटी का दौरा करने वाला यह दूसरा विदेशी प्रतिनिधिमंडल है (Foreign representative)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर (एजेंसी)।</strong> जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति का जायजा लेने के लिए (Foreign representative) विभिन्न देशों का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दो दिवसीय दौरे पर गुरुवार को यहां पहुंचा। केंद्र सरकार की ओर से पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने संबंधी अनुच्छेद 370 और 35ए को समाप्त किए जाने तथा राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के बाद कश्मीर घाटी का दौरा करने वाला यह दूसरा विदेशी प्रतिनिधिमंडल है। विदेशी प्रतिनिधिमंडल का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत विभिन्न क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय दलों के कई नेता या तो हिरासत में हैं या गिरफ्तार किए गए हैं। कुछ नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद रखा गया है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक विदेशी प्रतिनिधिमंडल नयी दिल्ली से वीरवार सुबह यहां पहुंचा।</li>
<li style="text-align:justify;">इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न देशों के दूतावासों के अधिकारी शामिल हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">प्रतिनिधिमंडल को श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सिविल लाइंस होते हुए एक निजी होटल में ले जाया गया है।</li>
<li style="text-align:justify;">सिविल लाइंस में अधिकांश दुकानें एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले हुए हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">और यातायात भी साम्इससे पहले अक्टूबर में राज्य के दौरे पर आए विदेशी प्रतिनिधिमंडल को जीरो ब्रिज रोड के जरिए लाया गया था ।</li>
<li style="text-align:justify;">जिसे अधिक सुरक्षित मार्ग माना जाता है।</li>
<li></li>
</ul>
<p><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong><span class="tlid-translation translation" lang="en" xml:lang="en"><span title=""><br />
</span></span></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/foreign-representatives-arrived-to-take-stock-of-kashmir/article-12355</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/foreign-representatives-arrived-to-take-stock-of-kashmir/article-12355</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Jan 2020 15:53:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-01/foreign-representative.jpg"                         length="19088"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IPL 2020 : पैट कंमिस सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[Most Expensive
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/pat-cummins-most-expensive-foreign-player/article-11884"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/pat-commins-australian-cricket-players-most-expensive-player-of-ipl.jpg" alt=""></a><br /><h2>15.5 करोड़ में कोलकाता नाइट राइडर्स ने खरीदा</h2>
<ul>
<li><strong>मैक्सवेल को पंजाब ने 10.75 करोड़ में खरीदा</strong></li>
</ul>
<p><strong>कोलकाता (एजेंसी)।</strong> आईपीएल-2020 को लेकर एक बार फिर खिलाड़ियों की बोलियों का सिलसिला शुरू हो गया। आस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस को कोलकाता नाइटराइडर्स ने 15.5 करोड़ रुपए में टीम का हिस्सा बनाया। वहीं ग्लेन मैक्सवेल को 10.75 करोड़ रुपये चुका कर किंग्स इलेवन पंजाब ने अपनी टीम में लिया। इसके साथ ही कमिंस आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे <strong>(Most Expensive)</strong> विदेशी खिलाड़ी बन गए हैं। आईपीएल इतिहास के वे तीसरे सबसे महंगे खिलाड़ी हैं।</p>
<h3>विराट कोहली को मिली सबसे ज्यादा कीमत</h3>
<p>कमिंस अधिकतम 2 करोड़ रुपए के बेस प्राइस की सूची में थे। कमिंस ने इस कीमत के साथ आईपीएल के पिछले रिकार्ड को भी तोड़ दिया है। वह हमवतन बेन स्टोक्स से आगे निकल गये। इंग्लैंड के आॅलराउंडर बेन स्टोक्स को 2017 में नई टीम राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स ने 14.5 करोड़ रुपए में खरीदा था। भारतीय और बेंगलुरु टीम के कप्तान विराट कोहली 17 करोड़ की कीमत के साथ इस लीग के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। युवराज सिंह को 2015 की नीलामी में दिल्ली ने 16 करोड़ रुपये की अविश्वसनीय कीमत पर खरीदा था। चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा और दिल्ली कैपिटल्स के ऋषभ पंत को 15-15 करोड़ रुपये में उनकी टीमों ने रिटेन किया है।</p>
<h3>332 खिलाड़ियों की लगी बोली</h3>
<p>नीलामी में कुल 332 खिलाड़ियों पर बोली लगी। इनमें 186 भारतीय और 143 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। नीलामी में एसोसिएट देशों से भी तीन क्रिकेटर हैं। इनमें से कुल 73 खिलाड़ियों को खरीदा जाना था जिनमें से 29 विदेशी थे।</p>
<ul>
<li><strong>मैक्सवेल को पंजाब ने 10.75 करोड़ में खरीदा</strong></li>
<li><strong>क्रिस मौरिस को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने 10 करोड़ में खरीदा</strong></li>
<li><strong>शेल्डन कोट्रेल को पंजाब ने 8.50 करोड़ रुपये में खरीदा। </strong></li>
<li><strong>नाथन कोल्टर नाइल को मुंबई इंडियन्स ने 8 करोड़ रुपए में खरीदा</strong></li>
</ul>
<p><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sports/pat-cummins-most-expensive-foreign-player/article-11884</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sports/pat-cummins-most-expensive-foreign-player/article-11884</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Dec 2019 14:59:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-12/pat-commins-australian-cricket-players-most-expensive-player-of-ipl.jpg"                         length="12591"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेश मंत्री विवादित बयान:  भारत के लोग मुफ्त खाने और नौकरी के लिए आते हैं बांग्लादेश</title>
                                    <description><![CDATA[भारत के मुकाबले हमारी इकॉनमी में ज़्यादा दम |Bangladesh Foreign Minister ढाका (एजेंसी) बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन (Bangladesh Foreign Minister) ने भारत को लेकर एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के लोग बांग्लादेश आते हैं क्योंकि यहां की इकॉनमी भारत से अच्छी है और साथ ही यहां लोगों को […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/bangladesh-foreign-ministers-disputed-statement/article-11832"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/bangladesh-foreign-minister.jpg" alt=""></a><br /><h3>भारत के मुकाबले हमारी इकॉनमी में ज़्यादा दम |<strong>Bangladesh Foreign Minister</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>ढाका (एजेंसी) </strong>बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन<strong> (Bangladesh Foreign Minister)</strong> ने भारत को लेकर एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के लोग बांग्लादेश आते हैं क्योंकि यहां की इकॉनमी भारत से अच्छी है और साथ ही यहां लोगों को मुफ्त में खाना मिलता है। उन्होंने ये भी कहा कि जो लोग यहां अवैध तरीके से रहते हैं उन्हें वापस भारत भेजा जाएगा। बांग्लादेशी अखबार के मुताबिक, भारतीयों के बांग्लादेश आने के सवाल पर अब्दुल मोमिन ने कहा, ‘भारत से लोग इसलिए बांग्लादेश आ रहे हैं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>बांग्लादेश  के आर्थिक हालात बेहतर हैं। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> वहां से जो लोग आते हैं खासकर गरीबों को यहां नौकरी मिल जाती है </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>साथ ही फ्री का खाना भी मिल जाता है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> भारत के मुकाबले हमारी इकॉनमी में ज़्यादा दम है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>भारत में नौकरी की कमी है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> इसलिए वहां के लोग यहां आ रहे हैं।’</strong></li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">बांग्लादेश ने मांगी लिस्ट</h2>
<p style="text-align:justify;">अब्दुल मोमिन ने दो दिन पहले इस बात के भी संकते दिए थे कि भारत में रह रहे अवैध बांग्लादेशी वापस वहां आ सकते हैं। उन्होंने भारत से अनुरोध किया कि अगर उसके पास वहां अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की सूची है तो उसे मुहैया कराए और वह उन्हें लौटने की मंजूरी देगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">भारतीय नागरिक अवैध रूप से बांग्लादेश में घुस रहे हैं</h2>
<p style="text-align:justify;">मोमिन ने  कहा है कि कुछ भारतीय नागरिक आर्थिक वजहों से बिचौलिए के जरिए अवैध रूप से बांग्लादेश में घुस रहे हैं। उन्होंने यहां मीडिया से कहा, ‘लेकिन अगर हमारे नागरिकों के अलावा कोई बांग्लादेश में घुसता है तो हम उसे वापस भेज देंगे। ’ उनसे उन रिपोर्टों के बारे में पूछा गया था कि कुछ लोग भारत के साथ लगती सीमा के जरिए अवैध रूप से देश में घुस रहे हैं ।</p>
<p><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/bangladesh-foreign-ministers-disputed-statement/article-11832</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/bangladesh-foreign-ministers-disputed-statement/article-11832</guid>
                <pubDate>Tue, 17 Dec 2019 13:58:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-12/bangladesh-foreign-minister.jpg"                         length="51511"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनाव भी आकर्षित कर रहे हैं विदेशी सैलानियों को</title>
                                    <description><![CDATA[सात चरणों के लोकसभा चुनावों के पहले चरण का मतदान जहां 11 अप्रैल को होने जा रहा है वहीं हमारे देश की चुनाव प्रक्रिया को जानने, देखने और परखने के लिए 700 विदेशी सैलानियों का पहला दल भारत आ रहा है। मजे की बात यह है कि यह दल कोई ऐतिहासिक या पुरातात्विक महत्व के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/elections-are-also-attracting-foreign-tourists/article-8467"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-04/foreign-tourists.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सात चरणों के लोकसभा चुनावों के पहले चरण का मतदान जहां 11 अप्रैल को होने जा रहा है वहीं हमारे देश की चुनाव प्रक्रिया को जानने, देखने और परखने के लिए 700 विदेशी सैलानियों का पहला दल भारत आ रहा है। मजे की बात यह है कि यह दल कोई ऐतिहासिक या पुरातात्विक महत्व के स्थानों या महलों-किलों या हवेलियों को देखने नहीं आ रहा बल्कि यह दल हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में हो रहे लोकसभा के चुनावों की प्रक्रिया देखने आ रहा है। खासबात यह कि इन्हें भारत सरकार या किसी देश की एजेन्सी द्वारा नहीं बुलाया या भेजा जा रहा है बल्कि यह तो नए टर््ेंड के रुप में इलेक्शन टूरिज्म पैकेज के रुप में आ रहा है। दरअसल सारी दुनिया में हमारी चुनाव व्यवस्था को आदर्श व्यवस्था के रुम में जाना जाता है। यही कारण है कि पर्यटकों के ट्यूर आयोजकों द्वारा हमारे देश में हो रहे चुनावों को भी पर्यटन के रुप में प्रस्तुत किया जा रहा है और इलेक्शन ट्यूर आयोजित किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">माना जा रहा है कि देश के करीब 35 ट्यूर आपरेटर देश में सात चरणों में हो रहे लोकसभा के चुनावों का ट्यूर पैकेज बनाकर विदेशी पर्यटकों के सामने रखा गया है और मजे की बात यह है कि लगभग 1600 लोगों ने तो अपनी बुकिेंग करवा भी ली है जिसमें पहले चरण में 700 पर्यटकों का दल 10 अप्रेल को हमारे देश आ रहा है। ट्यूर आॅपरेटरों का कयास है कि सात चरणों के इस चुनावी सीजन में एक मोटे अनुमान के अनुसार दस हजार से अधिक पर्यटक इलेक्शन टूरिज्म पैकेज के तहत आने वाले हैं। ट्यूर आॅपरेटरों द्वारा इलेक्शन ट्यूर पैकेज को जिस तरह से तैयार किया गया है उसमें पर्यटकों द्वारा तय किए गए क्षेत्रों में चुनाव की तैयारियों, चुनावी सभाओं, रैलियोें, रोड शो के साथ ही मतदान होते हुए भी विदेशी सैलानियों को दिखाया जाएगा। इसमें कोई दो राय नहीं कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र हमारे देश में हैं। इसमें भी दो राय नहीं हो सकती की दुनिया के देशों में हमारी चुनाव प्रणाली और व्यवस्था को आदर्श माना जाता है। निष्पक्ष और निडर मतदान की व्यवस्था हमारी विशेषता है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में दुनिया के देशों की हमारे चुनावों पर नजर रहती है। माना जा रहा है कि अमेरिका, इंग्लेण्ड सहित योरोपीय देशों के साथ ही रुस आदि देशों के सैलानी इलेक्शन टूरिज्म पैकेज से प्रमुखता से जुडेंगे। दुनिया के अधिकांश देशों के चुनावों और हमारी चुनावों में बड़ा अंतर यह है कि पाकिस्तान सहित कई देशों में होने वाले चुनावों की निष्पक्षता को लेकर प्रश्न उठते रहे हैं। यही कारण है कि संयुक्त रार्ष्ट् संघ सहित कई संस्थाओं को उन देशों में चुनावों की निष्पक्षता जांचने के लिए दूसरे देशों से पर्यवेक्षक भेजे जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हमारे देश में आम चुनाव किसी महोत्सव से कम नहीं होते। नामांकन से लेकर मतदान और फिर मतगणना तक अलग हीतरह की फिजा बनी रहती है। इलेक्शन कमीशन ने जिस तरह से चुनाव प्रक्रिया को आसान व सहज बनाया है उससे लोगों में मतदान के प्रति रुझान बढ़ा है। युवाओं में तो अलग ही जोश देखने को मिलता है। फिर राजनीतिक दलों द्वारा जिस तरह से इलेक्शन केंपेन चलाया जाने लगा है और जिस तरह से रोड शो और चुनावी रैलियों के माध्यम से शक्ति प्रदर्शन किया जाता है वह विदेशियों के लिए निश्चित रुप से किसी आश्चर्य से कम नहीं माना जा सकता। चुनाव आयोग द्वारा जिस तरह से निष्पक्ष चुनाव की तैयारियां की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">और चुनाव से जुड़ी छोटी से छोटी जानकारी मतदाताओं तक अभियान चलाकर पहुंचाई जा रही है वह चुनावों की निष्पक्षता को और अधिक पुष्ट करती है। लोकसभा क्षेत्रों में जिस तरह से कार्मिकों का नियोजन किया जाता है और जिस तरह से पर्यवेक्षकों जिम्मे पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी जाती है वह अनुकरणीय है। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती और मतदाताआें में विश्वास पैदा करने के लिए फ्लेग मार्च आदि की व्यवस्था से लोग नीडर होकर मतदान करने लगे हैं। दुनिया के देशों में जिस तरह की हमारे लोकतंत्र और चुनावों की पहचान और गरिमा है उसे देखते हुए चुनाव पर्व को दुनिया के देशों के पर्यटकों के लिए इलेक्शन टूरिज्म पर्व के रुप में प्रचारित प्रसारित किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">चूंकि हमारे चुनावों में पूरी तरह से ग्लेमर है तो दूसरी और चुनावों में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं होने से इलेक्शन टूरिज्म को बड़े और व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जा सकता है। हांलाकि लोकसभा के पांच साल में चुनाव होते हैं पर हमारे देश में विधानसभाआें के चुनाव तो किसी ना किसी राज्य में प्रतिवर्ष होते रहते हैं, ऐसे में राज्य विशेष को फोकस करके भी इलेक्शन टूरिज्म से लोगों को आकर्षित किया जा सकता है। माना जाना चाहिए कि आने वाले समय में इलेक्शन टूरिज्म भी एक बड़े आयोजन के रुप में दुनिया के देशों के पर्यटकों को आकर्षित करने में कामयाब होगा। इससे सबसे बड़ा लाभ जहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से होगी वहीं हमारी लोकतांत्रिक व चुनावी व्यवस्था को विदेशी लोग नजदीक से देख सकेंगे। इससे हमारी व्यवस्था और लोकतंत्र की गरिमा में ही बढ़ोतरी होगी।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा</strong></p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/elections-are-also-attracting-foreign-tourists/article-8467</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/elections-are-also-attracting-foreign-tourists/article-8467</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Apr 2019 19:27:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-04/foreign-tourists.jpg"                         length="144402"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुषमा स्वराज पहुंचीं सऊदी अरब, गांधी-जायद डिजिटल संग्रहालय का करेंगी उद्घाटन</title>
                                    <description><![CDATA[जेसीएम के 12वें सत्र की  करेंगी सह-अध्‍यक्षता अबू धाबी, (एंजेसी)। विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज (Foreign Minister Sushma Swaraj ) 12वें भारत-यूएई संयुक्त आयोग बैठक(जेसीएम) के लिए सोमवार देर रात अबू धाबी पहुंच गईं। वह यहां यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ बैठक में शामिल होंगी। सुषमा दो दिवसीय यूएई […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/foreign-minister-sushma-swaraj/article-6800"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-12/sushma-swaraj.jpg" alt=""></a><br /><h2>जेसीएम के 12वें सत्र की  करेंगी सह-अध्‍यक्षता</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>अबू धाबी, (एंजेसी)।</strong> विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज <strong>(Foreign Minister Sushma Swaraj )</strong> 12वें भारत-यूएई संयुक्त आयोग बैठक(जेसीएम) के लिए सोमवार देर रात अबू धाबी पहुंच गईं। वह यहां यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ बैठक में शामिल होंगी। सुषमा दो दिवसीय यूएई दौरे पर रहेंगी जहां वह अर्थव्यवस्था और तकनीकी सहयोग पर भारत-यूएई संयुक्त आयोग के 12वें सत्र की बैठक की अपने समकक्ष शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ सह अध्यक्षता करेंगी।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रवीश कुमार ने सोशल मीडिया के जरिए सुषमा स्‍वराज के अबू धाबी पहुंचने की सूचना दी।</li>
<li style="text-align:justify;">उन्‍होंने ट्वीट किया, ‘हेल्‍लो अबू धाबी! विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज आकर्षक सिटी अबू धाबी पहुंच गई हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">विदेश मंत्री भारत-यूएई के बीच होने जा रहे जेसीएम के 12वें सत्र की सह-अध्‍यक्षता करेंगी।</li>
<li style="text-align:justify;">इस दौरान यूएई की राजधानी अबूधाबी में वह गांधी-जायद डिजिटल म्यूजियम का उद्घाटन करेंगी साथ ही भारतीय समुदाय के लोगों के साथ बातचीत भी करेंगी।’</li>
</ul>
<h2>यूएई भारत को तेल आयात करने वाला छठा सबसे बड़ा स्रोत है</h2>
<p style="text-align:justify;">गांधी-जायद डिजिटल म्यूजियम आधुनिक यूएई के संस्थापक शेख जायद व भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन, कार्यों व उनके विचारों को परिलक्षित करेगा। इस संग्रहालय का उद्घाटन ऐसे मौके पर हो रहा है जब महात्मा गांधी का 150वां जयंती वर्ष व शेख जायद का जन्मशताब्दी वर्ष है। बता दें कि करीब 50 अरब अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार के साथ भारत और यूएई एक दूसरे के सबसे बड़े कारोबारी साझेदार है और उन्होंने एक-दूसरे के यहां मजबूत निवेश किया है। यूएई भारत को तेल आयात करने वाला छठा सबसे बड़ा स्रोत है और यहां भारतीय समुदाय के करीब 33 लाख लोग रहते हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो।</p>
<p>Foreign, Minister, Sushma Swaraj</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/foreign-minister-sushma-swaraj/article-6800</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/foreign-minister-sushma-swaraj/article-6800</guid>
                <pubDate>Tue, 04 Dec 2018 09:29:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-12/sushma-swaraj.jpg"                         length="113728"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूनान के विदेश मंत्री ने दिया इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[यूनान (वार्ता)। यूनान के विदेशमंत्री निकोस कोटजियास ने मैसिडोनिया के नाम को लेकर यहां गठबंधन सरकार में मतभेद के मद्देनजर बुधवार को इस्तीफा दे दिया। यूनान के प्रधानमंत्री एलेक्सिस सिपरास के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि इस्तीफा प्राप्त हुआ है। श्री कोटियास गत जून में मैसेडोनिया का नाम बदलने को लेकर हुए समझौता […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/greece-resigns-by-foreign-minister/article-6315"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/greece-foreign-minister.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>यूनान (वार्ता)।</strong> यूनान के विदेशमंत्री निकोस कोटजियास ने मैसिडोनिया के नाम को लेकर यहां गठबंधन सरकार में मतभेद के मद्देनजर बुधवार को इस्तीफा दे दिया। यूनान के प्रधानमंत्री एलेक्सिस सिपरास के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि इस्तीफा प्राप्त हुआ है। श्री कोटियास गत जून में मैसेडोनिया का नाम बदलने को लेकर हुए समझौता वार्ता में यूनान की ओर से मुख्य वार्ताकार थे।</p>
<h2>कोटियास का मंगलवार को यूनान के रक्षामंत्री पेनोस कम्मेनोस से विवाद हो गया था</h2>
<p>कतर संवाद समिति की रिपोर्ट के अनुसार श्री कोटियास का मंगलवार को गठबंधन सरकार में छोटे समर्थक इंडिपेंडेंट ग्रीक पार्टी के नेता एवं यूनान के रक्षामंत्री पेनोस कम्मेनोस से विवाद हो गया था। श्री कम्मेनोस इस झमझौते का विरोध करते हैं।यह समझौता मैसेडाेनिया के नाम को लेकर करीब तीन दशकों से चले आ रहे विवाद को खत्म करने को लेकर किया गया।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/greece-resigns-by-foreign-minister/article-6315</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/greece-resigns-by-foreign-minister/article-6315</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Oct 2018 09:29:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/greece-foreign-minister.jpg"                         length="42428"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीरव की विदेश में 4,000 करोड़ की संपत्ति जब्त करने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली(सच कहूँ)। पीएनबी घोटाला मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नीरव मोदी की विदेश में स्थित 4,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों की पहचान की है। जांच एजेंसी अब उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जब्त करने की तैयारी कर रही है। इससे पहले भी केंद्रीय […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/neerav-modi-foreign-assets-will-be-seized/article-5998"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/nirav-modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली(सच कहूँ)।</strong> पीएनबी घोटाला मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नीरव मोदी की विदेश में स्थित 4,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों की पहचान की है। जांच एजेंसी अब उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जब्त करने की तैयारी कर रही है। इससे पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसी धोखाधड़ी के अन्य मामलों में आस्ट्रेलिया और अमेरिका में संपत्तियों को जब्त कर चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी अब तक कई न्यायिक अनुरोध पत्र (लेटर्स रोगेटरीज) मुंबई की स्थानीय अदालत से जारी करा चुकी है और कइयों को अभी अमेरिका, ब्रिटेन, स्विटजरलैंड, हांगकांग और सिंगापुर जैसे देशों को भेजा जा रहा है। ताकि नीरव मोदी और उसके परिवार के इन देशों में स्थित मकान और विला जैसी अचल संपत्तियों को जब्त किया जा सके।</p>
<h2>अधिकारियों की एक विशेष टीम बनाई</h2>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि विदेश में स्थित इन संपत्तियों का पता लगाने के लिए अधिकारियों की एक विशेष टीम बनाई गई थी। उनसे मिली सूचना के आधार पर करीब 4,000 करोड़ रुपये की लगभग दो दर्जन संपत्तियों को संबंधित विदेशी अधिकारियों की मदद से जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। विदेश में चिह्नित ये संपत्तियां नीरव मोदी, उसके परिवार के सदस्यों और कुछ मामलों में उसकी बोगस या डमी फर्मो के नाम पर हैं। माना जा रहा है कि उक्त देशों में नीरव मोदी के कुछ शोरूम्स भी ईडी की रडार पर हैं और उन्हें भी जल्द जब्त किया जा सकता है। बता दें कि जांच एजेंसी अब तक नीरव मोदी और उसके परिवार के सदस्यों की देशभर में करीब 700 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त कर चुकी है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/neerav-modi-foreign-assets-will-be-seized/article-5998</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/neerav-modi-foreign-assets-will-be-seized/article-5998</guid>
                <pubDate>Wed, 19 Sep 2018 08:48:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-09/nirav-modi.jpg"                         length="32544"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केरल के लिए विदेशी सहायता नीति, आत्मसम्मान और पक्षपात</title>
                                    <description><![CDATA[बाढ़ग्रस्त केरल में राहत और बचाव कार्य के लिए संयुक्त अरब अमीरात से वित्तीय सहायता लेने के लिए भारत सरकार द्वारा इंकार करने से एक राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है। यह मुद्दा एक कानूनी और संवैधानिक मुद्दा भी बन गया है क्योंकि केरल के एक पूर्व मुख्यमंत्री उच्चतम न्यायालय में पहुंच गए हैं। संकट […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/foreign-aid-policy-for-kerala-self-esteem-and-favoritism/article-5625"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/foreign-aid-policy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बाढ़ग्रस्त केरल में राहत और बचाव कार्य के लिए संयुक्त अरब अमीरात से वित्तीय सहायता लेने के लिए भारत सरकार द्वारा इंकार करने से एक राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है। यह मुद्दा एक कानूनी और संवैधानिक मुद्दा भी बन गया है क्योंकि केरल के एक पूर्व मुख्यमंत्री उच्चतम न्यायालय में पहुंच गए हैं। संकट के समय भी विदेशी सहायता केवल मानवीय सहायता नहीं रह जाती है अपितु यह दानदाता और ग्राहक के बीच एक जटिल संबंध है। केरल के मुख्यमंत्री ने कहा है कि संयुक्त अरब अमीरात ने केरल में पुनर्वास कार्यों के लिए 700 करोड़ रूपए की वित्तीय सहायता देने की पेशकश की है। यह राशि भारत सरकार द्वारा दी गयी 100 करोड़ की आरंभिक राशि से कहीं अधिक है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत सरकार ने किसी तरह की विदेशी सहायता लेने से इंकार किया है हालांकि राज्य में भारी नुकसान हुआ है और सरकार ने कहा है कि वह राहत और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए घरेलू स्रोतों पर निर्भर रहेगी जैसा कि 2004 में निर्णय लिया गया था किंतु इस संबंध में कोई स्पष्ट नीति नहीं है। कतर, मालदीव, सऊदी अरब यहां तक पाकिस्तान ने भी केरल के लिए मानवीय सहायता देने की पेशकश की है। राज्य सरकार ने केन्द्र से कहा है कि वह राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए 2600 करोड़ रूपए का विशेष पैकेज दे। राज्य के 14 जिलों में से 11 जिले बाढ़ प्रभावित हैं और राज्य में सड़कों, पुलों, भवनों आदि को भारी नुकसान पहुंचा है। अंतराषर््ट्रीय एजेंसियां किसी भी देश की सरकार की सहमति के बिना सहायता नहीं दे सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए संयुक्त अरब अमीरात की सहायता को केरल तब तक स्वीकार नहीं कर सकता जब तक भारत सरकर इसकी स्वीकृति न दे। केरलवासियों का मध्य-पूर्व के देशों के साथ विशेष सबंध हैं जहां पर वे विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं। संयुक्त अरब अमीरात में कार्यरत 20 लाख भारतीय प्रवासियों में से अधिकतर केरलवासी हैं और वे अबू धाबी, दुबई, शारजाह जैसे मुख्य शहरों में नियोजित हैं। अनिवासी भारतीय अपने श्रम और विशेषज्ञता के माध्यम से संयुक्त अरब अमीरात में संपत्ति निर्माण में योगदान कर रहे हैं और इसीलिए संयुक्त अरब अमीरात ने केरल को सहायता की पेशकश की है। भारत विदेशों से लगभग 69 बिलियन डालर की विदेशी राशि प्राप्त करता है और इसमें से सर्वाधिक 15.69 बिलियन डालर संयुक्त अरब अमीरात से प्राप्त होती है। इसके अलावा कुवैत, ओमान, कतर से भी भारी राशि प्राप्त होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्व के अनेक देश प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए विदेशी सहायता से इंकार करने का नीतिगत निर्णय ले चुके हैं। हाल ही में वेनेजुएला ने उच्च मुद्रा स्फीति के बावजूद बाढ़ और चिकित्सा सामग्री की कमी के चलते हुए भी विदेशी सहायता नहीं ली। थाईलैंड, म्यांमार और चिली ने भी आपदा प्रबंधन के लिए विदेशी सहायता नहीं ली। नेपाल ने भी बाढ़ राहत के लिए भारत से सहायता नहीं ली हालांकि दोनों देश घनिष्ठ पड़ोसी हैं। इसके पीछे कारण यह है कि बार-बार आ रही प्राकृतिक आपदाओं के लिए विदेशी सहायता लेने से उस पर निर्भरता बढ़ जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">जब आपदा या संकट आंशिक रूप से मानव निर्मित हो तो ऐसी विदेशी सहायता लेने से स्थायी समाधान नहीं मिल पाता है। यह अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों से मिली सहायता से भिन्न होती है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध बदलते रहते हैं तथा ऐसी सहायता प्राप्त करने वाले देश को बदले में उसकी अपेक्षाओं के प्रति आगाह रहना चाहिए। सरकार के इस रूख को आत्मसम्मान या पक्षपात से जोडना गलत है और इस मुद्दे की राजनीति में विदेशों से सहायता प्राप्त करने की जटिलताओं को नहीं समझा जा रहा है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/foreign-aid-policy-for-kerala-self-esteem-and-favoritism/article-5625</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/foreign-aid-policy-for-kerala-self-esteem-and-favoritism/article-5625</guid>
                <pubDate>Fri, 31 Aug 2018 15:10:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/foreign-aid-policy.jpg"                         length="100671"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेशों में ही क्यों बढ़ रही है हिन्दी की ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[भारत एक है, संविधान एक है। लोकसभा एक है। सेना एक है। मुद्रा एक है। राष्ट्रीय ध्वज एक है। लेकिन इन सबके अतिरिक्त बहुत कुछ और है जो भी एक होना चाहिए। बात चाहे राष्ट्र भाषा हो या राष्ट्र गान या राष्ट्र गीत- इन सबको भी समूचे राष्ट्र में सम्मान एवं स्वीकार्यता मिलनी चाहिए। राष्ट्र […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/why-is-the-power-of-hindi-growing-in-foreign-countries/article-5409"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/unnamed-file.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत एक है, संविधान एक है। लोकसभा एक है। सेना एक है। मुद्रा एक है। राष्ट्रीय ध्वज एक है। लेकिन इन सबके अतिरिक्त बहुत कुछ और है जो भी एक होना चाहिए। बात चाहे राष्ट्र भाषा हो या राष्ट्र गान या राष्ट्र गीत- इन सबको भी समूचे राष्ट्र में सम्मान एवं स्वीकार्यता मिलनी चाहिए। राष्ट्र भाषा हिन्दी को आजादी के 72वर्ष बीत जाने पर भी अपने ही देश में घोर उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है, जो राष्ट्रीय शर्म का विषय है, जबकि विश्व में हिन्दी की ताकत बढ़ रही है, जिसका ताजा प्रमाण है कि संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) द्वारा हिन्दी में ट्वीटर सेवा शुरू करना। देश के सम्मान में उस समय और अधिक इजाफा हुआ जब संयुक्त राष्ट्र संघ ने ट्विटर पर हिंदी में अपना अकाउंट बनाया और हिंदी भाषा में ही पहला ट्वीट किया। पहले ट्वीट में लिखा संदेश पढ़कर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। इतना ही नहीं संयुक्त राष्ट्र संघ ने फेसबुक पर भी हिंदी पेज बनाया है। साथ ही साथ साप्ताहिक हिन्दी समाचार भी सुने जा सकेंगे। भारत सरकार के प्रयत्नों से हिन्दी को विश्वस्तर पर प्रतिष्ठापित किया जा रहा है, यह सराहनीय बात है। लेकिन भारत में उसकी उपेक्षा कब तक होती रहेगी?</p>
<p style="text-align:justify;">मॉरिशस में होने वाले 11वें विश्व हिन्दी सम्मेलन में गोस्वामी तुलसीदास, महानकवि अभिमन्यु अनंत व गोपालदास के नाम पर सभागार बनाए गए हैं। विदेशमंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज के इस कथन से एक नया विश्वास जगा है कि वैश्विक स्तर पर हिंदी को मान्यता दिलाने के सरकार के प्रयास सफल होते दिखाई पड़ रहे हैं। आने वाले समय में विदेश मंत्रालय दुनिया भर में और खासकर गिरमिटिया देशों में हिंदी को बचाने के लिए और भी कदम उठाएगा। नागपुर में आयोजित पहले विश्व हिन्दी सम्मेलन 1975 से लेकर भोपाल में आयोजित 2015 के सम्मेलन तक बार-बार यह प्रश्न खड़ा होता रहा है कि संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी कब अधिकारिक भाषा बनेगी। इसके लिये सबसे बड़ी बाधा 193 देशों के दो तिहाई सदस्य देशों की सहमति-समर्थन नहीं है बल्कि इन सभी देशों को इस पर होने वाले खर्च की है। इसी बाधा की वजह से जर्मनी और जापान की भाषा भी वह स्थान हासिल नहीं कर पाई है।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे पहले 1977 में हिंदी में भाषण दिया था अटल बिहारी बाजपेयी ने। उस वक्त वे जनता पार्टी सरकार में विदेश मंत्री थे और यूएन में भारत की अगुवाई कर रहे थे। संयुक्त राष्ट्र में किसी भी भारतीय के पहले हिंदी भाषण का पूरे देश में जोरदार स्वागत हुआ था। उनके भाषण की जगह-जगह चर्चा होती थी। इसके बाद उन्होंने सन 2002 में भारत के प्रधानमंत्री के रूप में दोबारा इस अंतरराष्ट्रीय मंच से हिंदी में अपनी बात रखी थी। लेकिन प्रश्न यह है कि दोनों ही सक्षम नेताओं ने हिन्दी को अपने ही देश में क्यों उपेक्षित रहने दिया। क्या कारण है कि आजादी के 70 साल बाद भी सरकारें अपना काम-काज अंग्रेजी में करती हैं, यह देश के लिये दुर्भाग्यपूर्ण एवं विडम्बनापूर्ण स्थिति है।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीयता एवं राष्ट्रीय प्रतीकों की उपेक्षा एक ऐसा प्रदूषण है, एक ऐसा अंधेरा है जिससे ठीक उसी प्रकार लड़ना होगा जैसे एक नन्हा-सा दीपक गहन अंधेरे से लड़ता है। छोटी औकात, पर अंधेरे को पास नहीं आने देता। राष्ट्र-भाषा को लेकर छाए धूंध को मिटाने के लिये कुछ ऐसे ही ठोस कदम उठाने ही होंगे। विकास की उपलब्धियों से हम ताकतवर बन सकते हैं, महान नहीं। महान् उस दिन बनेंगे जिस दिन राष्ट्र भाषा, राष्ट्र ध्वज, राष्ट्र-गान एवं राष्ट्र-गीत को उचित स्थान एवं सम्मान देंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">कितने दुख की बात है कि आजादी के 70 साल बाद भी हमारे दूर-दराज के जिलों में राज्य सरकारें अपना काम-काज अंग्रेजी में करती हैं। हिन्दी विश्व की एक प्राचीन, समृद्ध तथा महान भाषा होने के साथ ही हमारी राजभाषा भी है, यह हमारे अस्तित्व एवं अस्मिता की भी प्रतीक है, यह हमारी राष्ट्रीयता एवं संस्कृति की भी प्रतीक है। भारत की स्वतंत्रता के बाद 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया कि हिन्दी ही भारत की राजभाषा होगी। इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद ही हिन्दी को हर क्षेत्र में प्रचारित-प्रसारित करने के लिए 1953 से सम्पूर्ण भारत में 14 सितम्बर को प्रतिवर्ष हिन्दी-दिवस के रूप में मनाया जाता है। राजभाषा बनने के बाद हिन्दी ने विभिन्न राज्यों के कामकाज में आपसी लोगों से सम्पर्क स्थापित करने का अभिनव कार्य किया है। लेकिन अंग्रेजी के वर्चस्व के कारण आज भी हिन्दी भाषा को वह स्थान प्राप्त नहीं है, जो होना चाहिए। चीनी भाषा के बाद हिन्दी विश्व में सबसे अधिक बोली जाने वाली विश्व की दूसरी सबसे बड़ी भाषा है। भारत और अन्य देशों में 70 करोड़ से अधिक लोग हिन्दी बोलते, पढ़ते और लिखते हैं। पाकिस्तान की तो अधिकांश आबादी हिंदी बोलती व समझती है। किसी भी देश की भाषा और संस्कृति किसी भी देश में लोगों को लोगों से जोड़े रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। भाषा राष्ट्र की एकता, अखण्डता तथा प्रगति के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण होती है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/why-is-the-power-of-hindi-growing-in-foreign-countries/article-5409</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/why-is-the-power-of-hindi-growing-in-foreign-countries/article-5409</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Aug 2018 21:17:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/unnamed-file.jpg"                         length="95713"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेशी मुद्रा भंडार साढ़े आठ महीने के निचले स्तर पर</title>
                                    <description><![CDATA[तीन लाख डॉलर घटकर 1.48 अरब डॉलर हो गया मुंबई (एजेंसी)।विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति में एक अरब डॉलर से ज्यादा की गिरावट के कारण देश का विदेशी मुद्रा भंडार 27 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 95.09 करोड़ डॉलर घटकर साढ़े आठ माह के निचेल स्तर 404.19 अरब डॉलर पर आ गया। पिछले सात सप्ताह में से […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/foreign-exchange-at-lower-level/article-5151"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/dollar.jpg" alt=""></a><br /><h3>तीन लाख डॉलर घटकर 1.48 अरब डॉलर हो गया</h3>
<p><img class="aligncenter" src="https://cdn.pixabay.com/photo/2014/11/25/08/08/financial-crisis-544944_960_720.jpg" alt="financial-crisis-544944_960_720.jpg"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई (एजेंसी)।</strong>विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति में एक अरब डॉलर से ज्यादा की गिरावट के कारण देश का विदेशी मुद्रा भंडार 27 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 95.09 करोड़ डॉलर घटकर साढ़े आठ माह के निचेल स्तर 404.19 अरब डॉलर पर आ गया। पिछले सात सप्ताह में से छह में इसमें गिरावट रही है। इससे पहले 20 जुलाई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 6.77 करोड़ डॉलर की बढ़त के साथ 405.14 अरब डॉलर पर रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसका इससे निचला स्तर 15 दिसंबर 2017 को समाप्त सप्ताह में 401.39 अरब डॉलर दर्ज किया गया था। रिजर्व बैंक के शुक्रवार को जारी आँकड़ों के अनुसार, 27 जुलाई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 1.01 अरब डॉलर घटकर 379.04 अरब डॉलर रह गया। इसका भी यह 15 दिसंबर 2017 के बाद का निचला स्तर है। स्वर्ण भंडार 6.11 करोड़ डॉलर बढ़कर 21.20 अरब डॉलर पर पहुँच गया। आलोच्य सप्ताह में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि पाँच लाख डॉलर बढ़कर 2.47 अरब डॉलर पर और विशेष आहरण अधिकार तीन लाख डॉलर घटकर 1.48 अरब डॉलर हो गया।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/foreign-exchange-at-lower-level/article-5151</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/foreign-exchange-at-lower-level/article-5151</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Aug 2018 13:14:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/dollar.jpg"                         length="21077"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेलवे टीटीई ने विदेशी महिला का लौटाया सामान</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर पश्चिम रेलवे महाप्रबन्धक टीपी सिंह ने किया सम्मानित| Railway TTE Honesty Foreign Woman जयपुर। उदयपुर से जयपुर आ रही विदेशी महिला (Railway TTE Honesty Foreign Woman) यात्री का एक बैग जल्दबाजी में ट्रेन में  ही छूटे बैग को लौटाकर रेलवे टीटीई ने सराहनीय कार्य किया है। जानकारी के अनुसार सामान छूटने पर विदेशी महिला ने रविन्द्र शर्मा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/railway-tte-recovers-goods-of-foreign-women/article-4943"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/railway-news1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">उत्तर पश्चिम रेलवे महाप्रबन्धक टीपी सिंह ने किया सम्मानित| Railway TTE Honesty Foreign Woman</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर।</strong> उदयपुर से जयपुर आ रही विदेशी महिला <strong>(Railway TTE Honesty Foreign Woman) </strong>यात्री का एक बैग जल्दबाजी में ट्रेन में  ही छूटे बैग को लौटाकर रेलवे टीटीई ने सराहनीय कार्य किया है। जानकारी के अनुसार सामान छूटने पर विदेशी महिला ने रविन्द्र शर्मा टीटीई जयपुर को सामान ट्रेन में छूटने की जानकारी देते हुए अगले दिन एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़ने के बारे में बताया। इस पर कार्यवाही करते हुए जयपुर मंडल के टिकट चेकिंग स्टाफ ने उदयपुर के स्टाफ से सम्पर्क कर जानकारी प्रदान की तथा उदयपुर में करण पंवार टीटीई उदयपुर ने सजगता से ट्रेन में से उपरोक्त सामान को प्राप्त कर अगली ट्रेन उदयपुर-खजुराहो एक्सप्रेस से जयपुर के लिये रवाना किया। अगले दिन सुबह जयपुर में सामान प्राप्त कर रविन्द्र शर्मा ने विदेशी महिला यात्री को जयपुर एयरपोर्ट जाकर उनका सामान लौटाकर प्रशंसनीय कार्य किया। दोनों कर्मचारियों की कर्तव्यपरायणता को देखते हुए टीपी सिंह, महाप्रबन्धक उत्तर पश्चिम रेलवे ने उनकी सराहना की तथा उन्हें सम्मानित किया।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/railway-tte-recovers-goods-of-foreign-women/article-4943</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/railway-tte-recovers-goods-of-foreign-women/article-4943</guid>
                <pubDate>Sat, 21 Jul 2018 09:21:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-07/railway-news1.jpg"                         length="165069"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        