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                <title>फाईनेंस कार्यालय पर लगाई सेंध, लाखों पर हाथ साफ</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर शुरू की जांच सच कहूँ/ राजमीत इन्सां डबवाली। जैसे-जैसे ठंड व धुंध बढ़ती जा रही है, वैसे ही शहर में चोर गिरोह सक्रिय होते जा रहे हैं। जो किसी भी वारदात को अंजाम देने से नहीं चूकते। बीती रात्रि चौटाला रोड पर एक फाईनेंस कंपनी के कार्यालय […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/break-in-finance-office-hands-on-millions-clear/article-21233"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-01/break-in-finance-office-hands-on-millions-clear.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर शुरू की जांच</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/ राजमीत इन्सां डबवाली।</strong> जैसे-जैसे ठंड व धुंध बढ़ती जा रही है, वैसे ही शहर में चोर गिरोह सक्रिय होते जा रहे हैं। जो किसी भी वारदात को अंजाम देने से नहीं चूकते। बीती रात्रि चौटाला रोड पर एक फाईनेंस कंपनी के कार्यालय से अज्ञात चोर तिजोरी में रखी लाखों रुपये की राशि चुरा ले गए। राशि के साथ-साथ चोर तिजोरी भी अपने साथ ले गए। चोरी की घटना का पता लगने के बाद फाईनेंस कंपनी के मैनेजर ने शहर थाना पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवाई है। फाईनेंस कंपनी के मैनेजर रविंद्र कुमार ने बताया कि शहर के चौटाला रोड पर स्थित वार्ड नंबर 7 में भारत फाईनेंस कंपनी लि. के नाम से कार्यालय खोल रखा है। जिसमें वह बतौर मैनेजर कार्यरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">बीती रात्रि वह कार्यालय मंगल कर अपने अधीनस्थ स्टॉफ के साथ बाहर वाले कमरे में सो गए। सुबह करीब साढ़े 7 बजे जब वह उठे तो अंदर के रूम का नजारा देखकर उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। कमरे का पीछे का दरवाजा टूटा हुआ था और कमरे में रखी अलमारी खुली हुई थी व अन्य सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था। उन्होंने देखा कि कमरे में रखी तिजौरी वहां से गायब थी। उन्होंने बताया कि तिजौरी में 6 लाख 27 हजार 494 रूपये की राशि थी। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और मौका मुआयना कर जांच शुरु कर दी। जांच अधिकारी कैलाश चंद्र ने बताया कि मैनेजर रविंद्र कुमार की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Jan 2021 21:49:38 +0530</pubDate>
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                <title>मोबाईल इंटरनेट से फैलता ठग्गी का जाल रुकना चाहिए</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/thieving-from-internet-should-stop/article-4687"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/rbi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आरबीआई ने ई-मेल व इंटरनेट से ही रही ठग्गी से देशवासियों को सावधान किया है। बतौर बैंक कुछ जालसाज आरबीआई के अधिकारी बनकर, आरबीआई जैसी ही लैटर पैड व पोर्टल से लोगों को ठग्ग रहे हैं। इसके अलावा एक-दूसरे तरही की साईबर ठग्गी हो रही है, जिसका एक नमूना यहां पेश है मेरा नाम ऐमा सिमोन है और मैं अफ्रीकी देश सुडान में फंसी हूं यहां एक पादरी के पास से मैंने इंटरनेट लेकर आपको मेल किया है। मेरे पिता इंग्लैंड में एक इंजीनियर हैं वहां उनकी मौत हो चुकी है जबकि वह मेरे लिए करोड़ों पौंड छोड़कर गए हैं, जिसे पाने के लिए मुझे आपकी सहायता चाहिए। पैसा मिलने पर इसमें से एक बड़ा हिस्सा में आपको दूंगी। इस तरह कभी सीरिया, कभी ईराक, कभी लीबिया व अन्य किसी अशान्त देश का नाम लेकर ई-मेल के द्वारा ठग्गी हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">ई-मेल के अलावा मोबाईल पर भी मोबाईल कम्पनी प्रतिनिधि व बैंक प्रतिनिधि बनकर यह ठग्गी का गिरोह देश में आम आदमी की खून-पसीने की कमाई को बैंक अकाऊंट से चुरा रहा है। इस गिरोह के देश व विदेश में कितने लोग हैं कोई पता नहीं? पुलिस ऐसी धोखाधड़ी में शिकायत लेती है, साईबर सेल जांच करता है परंतु कभी कोई पकड़ा गया हो इसकी कोई खबर नहीं। बैंक भी इस पर पल्ला झाड़ लेते हैं। बड़े पैमाने पर हो रहे इस अपराध को रोकने के लिए केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकारें अभी तक कोई विशेष आॅप्रेशन शुरु नहीं कर सकी।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे दु:खद बात यह है कि साईबर ठग्गी करने वाले ये ठग्ग बैंक खातों से धन उड़ा रहे हैं यहां कि कोई अपने पैसे को सबसे अधिक सुरक्षित समझता है। इस तरह हो रही ठग्गी से निपटने के लिए प्रशासन, बैंकों द्वारा सतत अभियान चलाना होगा, जो नागरिकों को जानकारी दे कि वह दस रूपये भी बिना मेहनत लालच न करें ताकि कोई जालसाज उनसे ठग्गी न कर सके।</p>
<p style="text-align:justify;">जो अनजाने में अपने कार्ड का पिन या मोबाईल ओटीपी बता बैठते हैं उनके लिए भी जागरूकता को प्रभावी बनाया जाए। जिस तेजी से आमजन फोन व इंटरनेट के प्रति जागरूक होगा उतनी ही तेजी से साईबर ठग्गी के क्राईम रूकेंगे। पुलिस प्रशासन, जांच एजेंसीज को भी उन्नत तकनीकी से दक्ष बनाया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">जब तक पुलिस की तकनीकी दक्षता ठग्गों से श्रेष्ठ नहीं होगी साईबर ठग्गी के अपराधी बचते रहेंगे व देशवासियों को ठगते रहेंगे। आरबीआई ने उसके स्वयं के नाम से हो रही ठग्गी प्रति तो जागरूक ता फैलाई है,अच्छा हो यदि ई-मेल से व मोबाईल से हो रही अन्य तरह की ठग्गी से भी आरबीआई बचाए।</p>
<p> </p>
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<p> </p>
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                <pubDate>Fri, 06 Jul 2018 03:20:11 +0530</pubDate>
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