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                <title>‘मुफ्त’ में न उलझें मतदाता</title>
                                    <description><![CDATA[देश में चुनाव भले छोटा हो या बड़ा, नेता लोग मतदाताओं को तमाम जरू री बातें, मुद्दों, समस्याओं से भुलावा देकर ‘मुफ्त’ पर ला खड़ा करते हैं। अभी दिल्ली में विधानसभा चुनाव हैं जो कि 8 फरवरी को सम्पन्न हो जाएंगे। दिल्ली में अभी सबसे गंभीर समस्या प्रदूषण एवं भीड़ की है। पूरी दिल्ली दूषित […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/voters-should-not-involve-in-free/article-12943"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/voters.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">देश में चुनाव भले छोटा हो या बड़ा, नेता लोग मतदाताओं को तमाम जरू री बातें, मुद्दों, समस्याओं से भुलावा देकर ‘मुफ्त’ पर ला खड़ा करते हैं। अभी दिल्ली में विधानसभा चुनाव हैं जो कि 8 फरवरी को सम्पन्न हो जाएंगे। दिल्ली में अभी सबसे गंभीर समस्या प्रदूषण एवं भीड़ की है। पूरी दिल्ली दूषित हवा एवं आवास की कमी से जूझ रही है। लेकिन पब्लिक को मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी, मुफ्त यात्रा आदि इतने अच्छे लग रहे हैं कि सब कुछ भूल गए। इस बात में कोई दोराय नहीं कि आम आदमी पार्टी ने लोगों को अच्छी सरकार दी है। लेकिन फिर भी क्यों मतदाता वोट के लिए सब कुछ ‘मुफ्त’ चाह रहा है? राष्ट्रीय पार्टियां यहां मतदाताओं को देश के संसाधन लुटाती हैं वहीं बिना दल के नेता या किसी पार्टी में टिकिट का जुगाड़ लगा रहे नेता भीड़ जुटाने के लिए मुफ्त भोजन, मुफ्त कपड़े, मुफ्त बर्तन, मुफ्त इलैक्ट्रानिक सामान ही नहीं बांटते बल्कि मुफ्त नशों का भी वितरण करते हैं। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना देश का कोई सा भी राज्य देख लीजिए ‘मुफ्त’ के लिए राजनीतिक पार्टियों, नेताओं के पीछे मतदाताओं की भीड़ लगी है। इस तरह का रूझान तब और ज्यादा चिंताजनक है जब देश का शिक्षित एवं कमाने-खाने वाला वर्ग भी ‘मुफ्त’ के लिए लालायित है। सब जानते हैं कि कोई भी नेता या पार्टी कोई भी सुविधा व सामान अपने घर से नहीं देते बल्कि वह देश का धन है जो या तो सीधे लुटाया जाता है या फिर आगे-पीछे भ्रष्टाचार से एकत्रित कर उसमें से लुटाया जाता है। चुनाव के बाद फिर यही मतदाता रोज सड़क पीटता है कि उसके यहां पानी नहीं आ रहा, बिजली नहीं है, वह चैन से सो नहीं पा रहा, उसका व उसके बच्चों का गन्दी हवा में दम घुट रहा है, सरकारी कार्यालयों में बिना रिश्वत के उसका कोई काम नहीं हो रहा। चुनाव महज सरकार नहीं चुनते यह देश एवं आने वाली पीढ़ियों का पूरा भविष्य तय करते हैं। भविष्य में कितने समय तक गरीबी रहेगी, कितना भ्रष्टाचार चलेगा, आबादी की वर्षों से चली आ रही समस्याओं का कब व कैसा हल होगा यह चुनाव तय करते हैं। देशवासियों को चाहिए कि वह चुनाव के वक्त ‘मुफ्त’ के शोर से कान बंद कर यह जरूर देखें कि जिसे वह वोट देकर विधानसभा, संसद या पंचायत में भेज रहा है क्या वह उसकी, उसके क्षेत्र की समस्याओं से वाकिफ है? चुनाव से पहले क्या वह अपने क्षेत्र के लिए कुछ कर भी रहा है ? या अचानक से किसी गली से प्रकट हुआ है, नेता की सोच व उसकी छवि कैसी है? सबसे महत्वपूर्ण कि वह व्यक्ति राजनीतिक क्षेत्र में क्यों है? जब तक मतदाता अपने द्वारा चुने जा रहे नेता पर ध्यान केन्द्रित नहीं करता ‘मुफ्त’ की कोई भी वस्तु उसके व उसके जैसों का कभी कोई भला नहीं कर सकती, न ही देश व समाज को आगे ले जा सकती है।</h4>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Feb 2020 20:58:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Mughal Gardens 5 फरवरी से खुलेगा, फ्री होगा रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन करें अप्लाई</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति भवन का मुगल गार्डन लोगों के दीदार के लिए तैयार है। यह आम जनता के लिए 5-8 फरवरी तक खुलेगा। रजिस्ट्रेशन निशुल्क रहेगा और ऑनलाइन भी आवेदन कर सकेंगे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/mughal-gardens-will-open-from-february-5-registration-will-be-free-apply-online/article-12904"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/mughal-gardens.jpg" alt=""></a><br /><h2>यह आम जनता के लिए 5-8 फरवरी तक खुलेगा । <strong>Mughal Gardens</strong></h2>
<p>Edited By Vijay Sharma</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong>  राष्ट्रपति भवन का मुगल गार्डन <strong>(Mughal Gardens)</strong> लोगों के दीदार के लिए तैयार है। यह आम जनता के लिए 5-8 फरवरी तक खुलेगा। रजिस्ट्रेशन निशुल्क रहेगा और ऑनलाइन भी आवेदन कर सकेंगे। मुगल गार्डन रखरखाव के मद्देनजर प्रत्येक सोमवार बंद रहेगा। सुरक्षा कारणों से राष्ट्रपति भवन परिसर स्थित मुगल गार्डन में पानी व दूध की बोतल, ब्रीफकेस, हैंडबैग, लेडीज पर्स, कैमरा, रेडियो, छाता व अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं प्रतिबंधित रहेंगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">15 एकड़ में फैला है राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में मुगल गार्डन | <strong>Mughal Gardens</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">आजादी मिलने से पहले सर एडविन लुटियंस की परिकल्पना का साकार रूप ‘मुगल गार्डन’ राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में कुल 15 एकड़ में स्थित है। जमीं के जन्नत जम्मू-कश्मीर के मुगल गार्डन से प्रभावित होकर इसे बनाया गया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जन्नत जैसा एहसास कराता मुगल गार्डन | <strong>Mughal Gardens</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">पूरे गार्डन में कैनाल है जिसमें कल-कल करता पानी बहता रहता है। साथ ही फव्वारे भी हैं जो जन्नत सा एहसास कराते हैं। मुगल गार्डन के भीतर कुल 12 अलग-अलग गार्डन स्थित हैं जो अपनी खास गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हैं। इनमें मुख्य रूप से मुगल गार्डन जो रेक्टेंगिल, लॉन व सर्कुलर तीन हिस्सों में बंटा है। इसके अलावा रोज गार्डन, बायो डायवर्सिटी पार्क, म्यूजिकल फाउंटेन, हर्बल गार्डन, बटरफ्लाई, सनकीन गार्डन, स्प्रीचुअल गार्डन (जिसमें धर्म में वर्णित पेड़-पौधे लगे हैं) तथा कैक्टस गार्डन, न्यूट्रीशियन गार्डन व बायो फ्यूल पार्क स्थित है। बेल्वेदर इस्टेट कोलकाता से लाई गई दूब घास से ढंका हुए लान में मौलसारी, साइप्रस और चाइना ऑरेंज जैसे पेड़ बड़े करीने से लगाए गए हैं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>प्रवेश के लिए ऑनलाइन भी करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मुगल गार्डन 5 फरवरी से 8 मार्च तक सुबह 10 बजे से सायं 4 </strong><strong>बजे तक खुला रहेगा। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>हालांकि, रखरखाव कार्यों को लेकर सोमवार को यह बंद रहेगा। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>प्रवेश के लिए ऑनलाइन सुविधा भी है। रजिस्ट्रेशन निशुल्क रहेगा। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>एक मोबाइल नंबर से केवल एक बुकिंग की अनुमति है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>जिन आगंतुकों ने ऑनलाइन बुकिंग की है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>उन्हें पहचान पत्र के साथ आगंतुक प्रवेश पत्र (पेपर प्रिंच या मोबाइल पास) ले जाना होगा।</strong></li>
</ul>
<h2>गाड़ी की बजाए केंद्रीय सचिवालय तक मेट्रो से जाए</h2>
<p style="text-align:justify;">मुगल गार्डन देखने का प्लान बना रहे हैं तो बेहतर होगा अपनी गाड़ी की बजाए केंद्रीय सचिवालय तक मेट्रो से जाए। या फिर केंद्रीय टर्मिनल तक जाने वाली बस से पहुंचे। वहां से गार्डन में प्रवेश में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। मुगल गार्डन में चर्च रोड की तरफ गेट संख्या 35 से प्रवेश व निकासी का प्रबंध होगा। वैसे, रखरखाव के मद्देनजर प्रत्येक सोमवार मुगल गार्डन बंद रहेगा। सुरक्षा कारणों से राष्ट्रपति भवन परिसर स्थित मुगल गार्डन में पानी व दूध की बोतल, ब्रीफकेस, हैंडबैग, लेडीज पर्स, कैमरा, रेडियो, छाता व अन्य आपत्तिजनक वस्तु प्रतिबंधित रहेगी।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Feb 2020 12:06:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जन्मदिन के बहाने बंधक बनाए 24 मासूम कराए मुक्त, बदमाश और पत्नी की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[देर रात तोड़ा गया घर का दरवाजा | Children free फर्रुखाबाद (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में बेटी के जन्मदिन पर बुलाकर 24 बच्चों को बंधक बनाने वाले बदमाश को पुलिस ने मार गिराया। जबकि उसकी पत्नी को ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार दिया। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार मिश्रा से शुक्रवार को […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/24-hostage-children-free-killed-by-crook-and-wife/article-12843"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/children-free.jpg" alt=""></a><br /><h2>देर रात तोड़ा गया घर का दरवाजा | Children free</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>फर्रुखाबाद (एजेंसी)।</strong> उत्तर प्रदेश में फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में बेटी के जन्मदिन पर बुलाकर 24 बच्चों को बंधक बनाने वाले बदमाश को पुलिस ने मार गिराया। जबकि उसकी पत्नी को ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार दिया। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार मिश्रा से शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करीब 11 घंटे बंधक रहे 24 बच्चों को देर रात सुरक्षित मुक्त  करा लिया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस की प्राथमिकता सभी बंधक बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना था। इसी क्रम में पुलिस ने देर रात सुभाष के घर का दरवाजा तोड़कर दिया। इस पर वहां मौजूद भीड़ ने बदमाश सुभाष बाथम को दौड़ा लिया। वह घर में भागा तो पीछे से पुलिस भी घुस गई।</p>
<h2>गोली चलाकर भाग रहा था बदमाश</h2>
<p style="text-align:justify;">इस पर वह फिर गोली चलाने लगा और जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली लगने से सुभाष की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने घर में बने बेसमेंट में बंधक बनाकर रखे सभी बच्चों को सकुशल निकाल लिया। गुस्साई भीड़ ने सुभाष बाथम की पत्नी रुबी को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी भी मृत्यु हो गई। बच्चों को बंधक बनाये जाने की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। और बच्चों को सकुशल मुक्त कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने इस आपरेशन मासूम का नाम दिया था।</p>
<ul>
<li><strong>बेटी के जन्मदिन के बहाने बुलाकर बंधक बना लिए थे 24 मासूम बच्चे</strong></li>
<li><strong>सुभाष बाथम और उसकी पत्नी ने दिया था वारदात को अंजाम</strong></li>
<li><strong>सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों की बैठक बुलाई</strong></li>
<li><strong>बैठक में बच्चों को सुरक्षित निकालने के सख्त निर्देश दिए गए</strong></li>
<li><strong>सीएम के आदेश पर पुलिस ने देर रात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया</strong></li>
<li><strong>मुठभेड़ में बदमाश सुभाष बाथम मारा गया जबकि उसकी पत्नी को भीड़ ने पीटकर मार डाला</strong></li>
</ul>
<p> </p>
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<p> </p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/24-hostage-children-free-killed-by-crook-and-wife/article-12843</link>
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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2020 11:57:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रेरणा स्त्रोत : भ्रमजाल से मुक्ति</title>
                                    <description><![CDATA[काशी में गंगा नदी के तट पर एक संत (Saint) का आश्रम था। वहाँ एक दिन उनके एक शिष्य ने उनसे पूछा- गुरूवर! शिक्षा का निचोड़ क्या है? तब संत ने मुस्करा कर कहा, एक दिन तुम स्वयं जान जाओगे। उस समय बात आई-गई हो गई, लेकिन कुछ समय बाद एक रात संत ने उस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/free-from-confusion/article-12088"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/free.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">काशी में गंगा नदी के तट पर एक संत (Saint) का आश्रम था। वहाँ एक दिन उनके एक शिष्य ने उनसे पूछा- गुरूवर! शिक्षा का निचोड़ क्या है? तब संत ने मुस्करा कर कहा, एक दिन तुम स्वयं जान जाओगे। उस समय बात आई-गई हो गई, लेकिन कुछ समय बाद एक रात संत ने उस शिष्य को एक पुस्तक देकर कहा- वत्स! इस पुस्तक को मेरे कमरे में एक तख्त पर रख दो।</p>
<h4 style="text-align:justify;">शिष्य पुस्तक लेकर कमरे में गया, लेकिन तत्काल पुस्तक कमरे में रखे बिना ही लौट आया। वह डर से काँप रहा था। संत ने पूछा- क्या हुआ? इतने डरे हुए क्यों हो? शिष्य ने कहा- गुरुवर! कमरे में साँप है। संत ने कहा- यह तुम्हारा भ्रम होगा। कमरे में साँप कहाँ से आएगा। तुम फिर जाओ और किसी मंत्र का जाप भी किया, लेकिन साँप उसी स्थान पर था। वह डर कर फिर बाहर आ गया और संत से बोला- साँप वहाँ से जा ही नहीं रहा है।</h4>
<p style="text-align:justify;">
संत ने कहा- इस बार तुम दीपक लेकर जाओ। साँप होगा तो दीपक के प्रकाश से भाग जाएगा। शिष्य इस बार दीपक लेकर गया, तो देखा कि वहाँ साँप नहीं है। साँप की जगह एक रस्सी लटकी हुई थी। अंधकार के कारण शिष्य को रस्सी का वह टुकड़ा साँप नजर आ रहा था। कमरे से बाहर आकर शिष्य ने कहा- गुरुवर! वहाँ साँप नहीं, रस्सी का टुकड़ा है। अंधेरे में मैंने उस रस्सी के टुकड़े को साँप समझ लिया था।</p>
<h4 style="text-align:justify;">संत ने कहा- वत्स! इसी को भ्रम कहते हैं। संसार गहन भ्रमजाल में जकड़ा हुआ है। ज्ञान के प्रकाश से ही इस भ्रमजाल को मिटाया जा सकता है, लेकिन अज्ञानता के कारण हम बहुत सारे भ्रमजालों को पाल लेते हैं और आंतरिक दीपक के अभाव में उसे दूर नहीं कर पाते। यह आंतरिक दीपक का प्रकाश संतों और ज्ञानियों के सत्संग से मिलता है। जब तक हमारे आंतरिक दीपक का प्रकाश प्रज्जवलित नहीं होगा, तब तक हम भ्रमजाल से मुक्ति नहीं पा सकते। उपाय यही है कि हम अपने मन के दीपक को जलाएँ और दुनिया में जितने भी भ्रमजाल हैं, उनसे पूरी तरह मुक्त हो जाएँ।</h4>
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<p> </p>
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<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/free-from-confusion/article-12088</link>
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                <pubDate>Sun, 29 Dec 2019 20:41:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>मुफ्त डाटा व त्यौहार</title>
                                    <description><![CDATA[देश में त्यौहारों का दौर जारी है। दशहरा पर्व भी निकल गया और दीपावली आने वाली है। भारतीय युवा पीढ़ी विशेष तौर पर मध्य वर्ग इन दिनों त्यौहारों की महत्वता से दूर होकर मोबाइल फोन पर फ्री व सस्ते मोबाइल डाटा के आॅफरों में व्यस्त है। त्यौहारों के संदेश को देखते हुए लग ही नहीं […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/free-data-and-festivals/article-6355"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/offar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश में त्यौहारों का दौर जारी है। दशहरा पर्व भी निकल गया और दीपावली आने वाली है। भारतीय युवा पीढ़ी विशेष तौर पर मध्य वर्ग इन दिनों त्यौहारों की महत्वता से दूर होकर मोबाइल फोन पर फ्री व सस्ते मोबाइल डाटा के आॅफरों में व्यस्त है। त्यौहारों के संदेश को देखते हुए लग ही नहीं रहा कि कोई त्यौहार आ रहा है। दशहरा व दीपावली पवित्र त्यौहार हैं जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उपभोक्ता कल्चर ने दीपावली को डिस्काउंट का त्यौहार बनाकर रख दिया। भारतीय युवाओं की हालत यह है कि महत्व समझने की बजाए इंटरनेट डाटा को ही आदर्श मान लिया है। निजी कंपनियों के लिए भारतीय त्यौहार आय का स्त्रोत बन गए हैं, दूसरी तरफ शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएं, संस्कृति जैसे क्षेत्र दयनीय दौर से गुजर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारों की नाकामी के कारण, वैश्वीकरण व निजीकरण ने ऐसा जाल बिछाया है कि देश में मुख्य मुद्दों व समस्याओं से ध्यान हटाया जा रहा है। सस्ते इंटरनेट को ही विकास की पहचान बनाकर पेश किया जा रहा है। इसी तरह लगता है कि जैसे सरकारों ने यही सोच लिया है कि 24 घंटे मोबाइल प्रयोग करने वाले युवा ही मजबूत भारत की पहचान होंगे। बेरोजगारी के सताए युवा विदेशों में जाने के लिए मजबूर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आज का युवा चिंतन से निकल अपनी चिंता को मिटाने के लिए मोबाइल फोन में आंखों गढ़ाकर बैठा है। राजनेताओं की गतिविधियां केवल सत्ता प्राप्त करने तक सीमित हैं। राजनेता वोट बटोरने के लिए जादूगरी भाषणों से मुद्दों का प्रयोग करते हैं, मुद्दों का हल नहीं निकालते। नशा बहुत बड़ी समस्या है जिस पर राजनैतिक जुमलेबाजी तो होती है लेकिन रोकने के लिए नेता पहल नहीं करते।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बात बिल्कुल गरीबी की तरह है। व्यंग्य के तौर पर यही कहा जाता है कि यदि गरीबी न रही तो राजनीति के पास मुद्दा क्या रहेगा। उसी तरह नशा भी राजनीति के लिए मनोरंजन बन गया। दीपावली के अवसर पर सब मुद्दे गायब हैं, सब समस्याएं गायब हैं क्योंकि भारतीय युवाओं पर मुफ्त इंटरनेट का भूत सवार है, यही बात राजनीति चाहती है। दिशाहीन युवाओं का अपनी समस्याओं से मुंंह फेर चुप कर बैठना किसी संतुष्टि का नहीं बल्कि गिरावट का प्रमाण है। दीपावली से कोई संदेश लेने की कोशिश नहीं हो रही। दीपावली अब महज कंपनियों की कमाई का जरिया बनकर रह गई है।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Oct 2018 09:33:33 +0530</pubDate>
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                <title>किक्करखेड़ा में मरीजों की निशुल्क जांच</title>
                                    <description><![CDATA[अबोहर (सुधीर/नरेश)। गांव किक्कर खेड़ा में स्थित डेरा सच्चा सौदा के नामचर्चा घर व शाह सतनामी मौज डिस्पेंसरी में ब्लॉक स्तरीय नामचर्चा व 101 वें नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन बुधवार को किया गया। इस मौके नामचर्चा के दौरान कविराजों ने शब्दों का उच्चारण किया जिसे उपस्थित साध-संगत द्वारा बड़ी श्रद्धा के साथ श्रवण […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/free-check-of-patients-in-kikarheda/article-6325"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/free-check-of-patients-in-kikarheda-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अबोहर (सुधीर/नरेश)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">गांव किक्कर खेड़ा में स्थित डेरा सच्चा सौदा के नामचर्चा घर व शाह सतनामी मौज डिस्पेंसरी में ब्लॉक स्तरीय नामचर्चा व 101 वें नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन बुधवार को किया गया। इस मौके नामचर्चा के दौरान कविराजों ने शब्दों का उच्चारण किया जिसे उपस्थित साध-संगत द्वारा बड़ी श्रद्धा के साथ श्रवण किया गया। नामचर्चा की कार्यवाही ब्लॉक भंगीदास सुखचैन सिंह इन्सां द्वारा चलाई गई। इस दौरान साध-संगत को ब्लॉक में चल रहे सतगुरु मुर्शिद की याद तथा सृष्टि के भले के लिए अरदास व अखंड सुमिरन में बढ़चढ़कर भाग लेने की विनती की गई। तथा प्रत्येक शुक्रवार को चल रही मौजपुर धाम बुधरवाली दरबार में सेवा कार्यों की शिफ्ट में अधिक से अधिक सेवादारों को सेवा पर पहुंचने का आह्वान किया। नामचर्चा के उपरांत नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का कैम्प का शुभारंभ किया गया। जिसमें शाह सतनाम जी सुपर स्पेशलिटि अस्पताल सरसा से जनरल विशेषज्ञ डॉ.संदीप भादु, आॅप्टिमेट्रिस्ट प्रवीण कुमार, डेंटिस्ट सुखविंदर, डेंटिस्ट कामिनी विशेष तौर से अपनी सेवाएं देने पहुंचे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके इलावा चरणजीत, राजेश, मुकेश, कृष्ण कालड़ा इत्यादि लोगों ने अपनी सेवाएं प्रदान की। इस अवसर पर विशेषज्ञ सन्दीप भादू ने इन दिनों बढ़ रहे डेंगू के प्रकोप से बचने के लिए बेहतरीन टिप्स दिए। साथ ही बदलते मौसम से होने वाली बीमारियों से खासकर बच्चों का ख्याल रखने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान की। साथ ही कोई भी दवा बगैर डॉक्टरी सलाह के लेने हेतू मना किया गया। इस मौके पर दूर-दराज व नजदीकी क्षेत्र से पहुंचे कुल 76 मरीजों ने अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई। ब्लॉक कमेटी द्वारा अति जरुरतमन्द मरीजों के लिए नि:शुल्क दवाएं वितरित की गई। कैंप में सीएससी रामसरा धर्मेंदर सिंह फार्मासिस्ट कैंप का निरीक्षण करने पहुंचे। गांव किक्करखेड़ा के सरपंच रवि राज सिंह विशेष रूप से इस कैंप में पहुंचे। उन्होंने बताया कि हर माह लगने वाले इस कैंप से गांव के साथ साथ आसपास के क्षेत्र के लोगों को भी इसका लाभ मिल रहा है। पहुंचे हुए मरीजों के लिए गांव किक्कर खेड़ा की साध-संगत की और से लंगर-चाय आदि की विशेष व्यवस्था की गई। इस मौके पर 15 मैम्बर रामप्रताप, मोहनलाल , राकेश अनेजा, बनवारी लाल, ब्लॉक भंगीदास सुखचैन सिंह, बनवारी लाल, गुरमुख, जगदीश राय, सुमित राजदेवा शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के सेवादार, अलग-अलग गाँवों के भंगीदास और अन्य सेवादार तथा साध-संगत बड़ी संख्या में यहां उपस्थित हुए।</p>
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                <pubDate>Thu, 18 Oct 2018 14:14:02 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>कर्जमुक्त कंपनियों का बढ़ता मुनाफा</title>
                                    <description><![CDATA[हाल ही में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी सूचकांक में शामिल कंपनियों के प्रतिफल का विश्लेषण किया गया, जिससे पता चला कि वैसी कंपनियां जो आंतरिक स्रोत से पूंजी जुटा कर कारोबार कर रही हैं, के प्रदर्शन में निरंतर सुधार आ रहा है। यह निष्कर्ष 911 कंपनियों के अंकेक्षित तुलना पत्र के विश्लेषण के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/growing-profits-of-debt-free-companies/article-6319"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/company.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">हाल ही में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी सूचकांक में शामिल कंपनियों के प्रतिफल का विश्लेषण किया गया, जिससे पता चला कि वैसी कंपनियां जो आंतरिक स्रोत से पूंजी जुटा कर कारोबार कर रही हैं, के प्रदर्शन में निरंतर सुधार आ रहा है। यह निष्कर्ष 911 कंपनियों के अंकेक्षित तुलना पत्र के विश्लेषण के आधार पर निकाला गया। इस आंकलन में बैंक एवं गैर-बैंक ऋणदाता कंपनियों को शामिल नहीं किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पड़ताल में औसत आंकड़ों को सूचीबद्ध होल्डिंग कंपनियों की सूचीबद्ध सहायक कंपनियों के साथ समायोजित किया गया है, ताकि दोहरी गणना से बचा जा सके। विश्लेषण के लिये कंपनियों की नकदी आवक, कर्ज के स्तर और ऋण के बजाय आंतरिक कोष से वित्त पोषित संपत्तियों के अनुपात को आधार बनाया गया। विश्लेषण से यह पता चला कि जो कंपनियां कर्जमुक्त हैं, वे बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस आकलन में वर्ष 2013 से वर्ष 2018 तक के प्रतिफल को शामिल किया गया। कंपनियाँ, जो खुद के संसाधनों पर निर्भर रही हैं, ने आलोच्य अवधि में 30 प्रतिशत से अधिक का प्रतिफल दिया है। इन कंपनियों का प्रदर्शन अप्रैल, 2018 के बाद भी बेहतर रहा है, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में 2 बार नीतिगत दरों में इजाफा किया है। जून और अगस्त में बढ़ोतरी के जरिये कुल 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी की गई है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण कर्ज मिलने की शर्त कड़ी हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">कर्ज के महंगे होने से कर्ज में चूक करने वाली ऋणदाता कंपनियों की संख्या में इजाफा हुआ है। आईएलऐंडएफएस समूह के डूबने से भी स्थानीय बाजार से पूँजी जुटाना में मुश्किलें आ रही है। बाजार में अनिश्चितता का माहौल है। बीते महीनों से वैश्विक बाजार से भी पूँजी इकठ्ठा करना महंगा हुआ है।<br />
बिना कर्ज वाली कंपनियों का प्रदर्शन इसलिये बेहतर है, क्योंकि उनकी कोई देनदारी नहीं है। कम कर्ज होना या कर्ज का नहीं होना हमेशा फायदेमंद होता है। ऐसी स्थिति बेहतर प्रदर्शन में मददगार होती है। कर्ज नहीं होने से शेयर बाजार से पूँजी जुटाने की जरूरत नहीं होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">शेयर बाजार से पूँजी नहीं जुटाने से शेयरधारकों की इक्विटी कम नहीं होगी, प्रोमोटर का कैपिटल अक्षुण्ण बना रहेगा। आम तौर पर अच्छे कारोबारी मॉडल और शानदार वृद्धि करने वाली कंपनियों को शेयर बाजार से पूँजी जुटाने की जरूरत नहीं होती है, क्योंकि उनके द्वारा अच्छे प्रदर्शन करने के आसार होते हैं। फिच रेटिंग्स और उसकी भारतीय इकाई इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च के 28 सितंबर के प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में हाल में बढ़़ोतरी की है और वह इस प्रक्रिया को आगे भी जारी रखेगा की प्रबल संभावना जताई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">माना जा रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक की इस नीति की वजह से दुनिया भर में पूँजी की उपलब्धता कम होगी। एजेंसी के मुताबिक घरेलू स्तर पर पूँजी की उपलब्धता में और भी कमी आने की संभावना है। फिलहाल, भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। कमजोर रुपये से कंपिनयों के लिए विदेश से कर्ज लेना महंगा हो गया है। वर्तमान में वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता की स्थिति है एवं घरेलू स्तर पर ब्याज दर ऊंचे स्तर पर है। बदले परिवेश में भारतीय कंपनियाँ अपने बैलेंस शीट को ऋणमुक्त बनाने की कोशिश कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनियाँ राजस्व वृद्धि में सुधार के बावजूद वृद्धि पर जोर नहीं दे रही हैं। मन:स्थिति में इस बदलाव से वित्त वर्ष 2018 में भारतीय कंपनियों का शुद्ध कर्ज-इक्विटी अनुपात सुधरा है और नई परियोजनाओं में निवेश 10 साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। पिछले साल कंपनियों का संयुक्त रूप से कुल ऋण सालाना आधार पर 3.3 प्रतिशत अधिक था, जो पिछले 10 सालों में सबसे धीमी वृद्धि है, जबकि गत वर्ष इन कंपनियों का संयुक्त राजस्व सालाना आधार पर 10.5 प्रतिशत अधिक था और उनका शुद्ध लाभ 3.4 प्रतिशत बढ़ा था। इधर, वित्त वर्ष 2018 में संयुक्त रूप से कंपनियों की स्थायी संपत्तियों या संयंत्रों एवं उपकरणों में निवेश 3 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछले 10 सालों में सबसे कम वृद्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;">विनिर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में नये निवेश घटने की रफ्तार और अधिक है। पिछले वित्त वर्ष में तेल एवं गैस, सूचना प्रौद्योगिकी सेवायेँ एवं फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स कंपनियों को छोड़कर अन्य कंपनियों की संयुक्त रूप से स्थायी संपत्तियां 2.8 प्रतिशत बढ़ीं, जो पिछले 10 सालों में सबसे सुस्त वृद्धि है। वित्त वर्ष 2018 में कंपनियों, जिसमें ऊर्जा शामिल नहीं है का शुद्ध कर्ज उनके शुद्ध पूँजी या शेयरधारक इक्विटी के अनुपात में सुधरकर औसतन 60 प्रतिशत पर आ गया। यह वित्त वर्ष 2016 में 68 प्रतिशत पर एक दशक के सर्वोच्च स्तर पर था।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवधि में तेल एवं गैस, आईटी सेवाएं और एफएमसीजी को छोड़कर अन्य कंपनियों का कर्ज अनुपात सुधरकर 80 प्रतिशत पर आ गया था, जो वित्त वर्ष 2016 में 10 साल के सर्वोच्च स्तर 87 प्रतिशत पर था। इस तरह के संकेतों से पता चलता है कि कंपनियों की बैलेंस शीट में कर्ज का बोझ घटा है, जो बैंकरों और कर्ज में डूबी कंपनियों के शेयर बाजार मूल्यांकन के लिए सकारात्मक है।इक्नॉमिक्स रिसर्च ऐंड एडवाइजरी सर्विसेज के संस्थापक और एमडी जी चोक्कालिंगम के अनुसार इक्विटी के अनुपात में कर्ज में गिरावट उपभोक्ता क्षेत्रों में ज्यादा मुनाफे या ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता के तहत कंपनी ऋण के पुनर्गठन की वजह से आई है। इससे बैंकों को इन कंपनियों में अपने ऋण का बड़ा हिस्सा छोड़ना पड़ा है। आईबीसी के तहत कंपनियों का कर्ज बैंकों का घाटा बन जाता है, जिससे कंपनियों के कर्ज में कमी दिखती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस साल मार्च के अंत में भारतीय कंपनियों का कुल कर्ज 26.9 लाख करोड़ रुपये था, जो एक साल पहले के स्तर 25.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। वित्त वर्ष 2018 की अंतिम तिमाही में कंपनियों के पास नकदी एवं इसके समान संपत्ति 8.66 लाख करोड़ रुपये थी, जो एक साल पहले के स्तर 8.73 लाख करोड़ रुपये से कम है। हालाँकि, चोक्कालिंगम के तर्क को सही नहीं ठहराया जा सकता है, क्योंकि यह विश्लेषण अनियमित एवं नमूना आधार पर किया गया है, जिसमें कंपनियाँ बैंक की चूककर्ता हैं या नहीं का खुलासा नहीं किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिये, किसी भी तरह से ऐसे निष्कर्ष पर नहीं पहुँचा जा सकता है। कंपनियों के बैलेंस शीट से कर्ज के भार कम करने के दौरान उन्हें मुश्किलों का भी सामना करना पड़ रहा है। ज्यादातर कंपनियों ने पिछले वित्त वर्ष में अपने ऋण अनुपात में सुधार दर्ज किया है, लेकिन इस दौरान धातु एवं खनन, ऊर्जा एवं दूरसंचार क्षेत्रों में इक्विटी अनुपात में शुद्ध कर्ज की स्थिति बिगड़ी है। इन तीन क्षेत्रों का वित्त वर्ष 2018 में भारतीय कंपनियों के कुल बकाया ऋण में औसतन 43 प्रतिशत हिस्सा रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे माहौल में बैंकों को अपने कर्ज को वसूलने में मुश्किल हो रही है। बिजली कंपनियों का कुल कंपनी ऋणों में करीब 20 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन इस क्षेत्र का कुल कंपनी लाभ में हिस्सा महज 5.9 प्रतिशत है। सबसे ज्यादा कर्ज वाले क्षेत्र बिजली, धातु व खनन, निर्माण, बुनियादी ढांचा और दूरसंचार हैं। इनका कुल उधारी में करीब 53 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन वित्त वर्ष 2018 में कुल लाभ में इनका हिस्सा महज 12 प्रतिशत था। कंपनियों की खराब वित्तीय हालात के लिये सरकार को भी कुछ हद तक जिम्मेदार माना जा सकता है, जो सरकारी बैंकों का पुनर्पूंजीकरण नहीं कर पा रही है। मौजूदा समय में सरकारी बैंक ही कंपनियों को ऋण देने वाले मुख्य ऋणदाता हैं।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>सतीश सिंह</strong></p>
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                <pubDate>Thu, 18 Oct 2018 10:06:36 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>मच्छरजनित बीमारियों से मुक्त हो देश</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में जीका का कहर हमारे लिए चेतावनी है। डेंगू, इन्सेफलाइटिस ,मलेरिया आदि से तो पहले से ही जूझ रहे हैं और अब ये नई बीमारियों का प्रकोप। अब अगर भारत को मच्छरों का देश कहें तो कोई गलत बात नहीं होगी। देश के हर कोने में मच्छरों का जमावड़ा है और इसके विपरीत मच्छरों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/country-free-from-mosquito-diseases/article-6284"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/country-free-from-mosquito-diseases-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जयपुर में जीका का कहर हमारे लिए चेतावनी है। डेंगू, इन्सेफलाइटिस ,मलेरिया आदि से तो पहले से ही जूझ रहे हैं और अब ये नई बीमारियों का प्रकोप। अब अगर भारत को मच्छरों का देश कहें तो कोई गलत बात नहीं होगी। देश के हर कोने में मच्छरों का जमावड़ा है और इसके विपरीत मच्छरों से मुक्ति के प्रयास नाकाफी है। सरकारी स्तर पर मच्छरों से मुक्ति के काम में ढिलाई बरती गई है। आज जब विश्व के कई देश मलेरिया,डेंगू आदि से मुक्ति पा चुके हैं तब भी हमारी स्थिति बदतर होती जा रही है। दरअसल मुख्य समस्या यह है हमारे यहां केवल मच्छर जनित बीमारियो के इलाज पर ही ध्यान दिया जाता है जबकि ध्यान देना चाहिए मच्छरों के लार्वा को खत्म करने पर। जब मच्छर नहीं रहेंगे तभी रोग नहीं होंगे। मच्छरों से मुक्ति ही इन बीमारियो से निपटने का पुख्ता उपाय है। गौरतलब है कि हर साल बारिश के मौसम के ठीक बाद अनुकूल वातावरण होते ही मच्छरों की तादाद बेतहाशा बढ़ जाती है। हजारों लोग इसका शिकार बनते हैं और पूरा स्वास्थ्य महकमा मच्छरों के आगे बेबस नजर आता है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजधानी जयपुर में जीका का प्रकोप चिंता और चिंतन का विषय है। इसके साथ ही दिल्ली सहित लगभग पूरे देश में डेंगू और मलेरिया के सैकड़ों रोगी सामने आना भी गम्भीर बात है। शहरों के साथ ही गावों में भी मच्छर जनित रोग इसी तरह पांव पसार रहे है। यह लोगों की लापरवाही और स्वास्थ्य विभाग की नाकामी दोनों को दशार्ता है। विडम्बना है कि हर वर्ष मलेरिया,डेंगू,चिकुनगुनिया और इंसेफ्लाइटिस जैसी मच्छरजनित बीमारियां महामारी की तरह पूरे देश में फैल जाती हैं और हजारों लोगों की मौत हो जाती हैं। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो भारत दुनिया का ऐसा तीसरा देश है जहाँ मलेरिया से सबसे ज्यादा मौते होती हैं। यह एक राष्ट्रीय आपदा से कम नहीं है। मौजूदा कार्यक्रमों और व्यवस्था से इन बीमारियों से निजात नहीँ पायी जा सकती है। नेशनल वेक्टर बोर्न डीजिज कन्ट्रोल प्रोग्राम के आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष मलेरिया के 10,59,437 मामले सामने आए। दूसरी ओर डेंगू और चिकुनगुनिया के हजारों मामले तो अलग हैं। यह विडंबना ही है कि मच्छरजनित रोग महामारी का रूप धारण कर लेते हैं तब भी जनस्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च वरीयता का विषय नहीं बनता हैं और इन रोगों का समूलनाश करना भी सरकार की प्राथमिकता में शामिल नहीं रहा है क्योंकि अगर प्राथमिकता में शामिल होता तो 1958 में दिए गए नारे “मच्छर रहेगा,मलेरिया नहीँ”के इतने सालों बाद भी इतने मामले सामने नहीं आते।</p>
<p style="text-align:justify;">अभी भी सरकार ने मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य 2030 तक रखा है। ऐसा बिल्कुल भी नहीँ है की देश को मलेरिया, डेंगू आदि से मुक्त नहीँ किया जा सकता क्योंकि मिसाल के तौर पर श्रीलंका ने मलेरिया और न्यूजीलैंड ने अपने आप को डेंगु मुक्त कर लिया है। भारत में इन रोगों के पाँव पसारने के कई कारण हैं जिसमें पहला यह है कि सरकार केवल बरसात के दिनों में इश्तेहार छपवाकर लोगों को मच्छरों से बचाव के तरीके बताकर इतिश्री कर लेती हैं या फिर पारम्परिक तरीके से धुँआ छोड़कर मच्छर प्रजनन नियंत्रण के उपाय किये जाते हैं जो कि अपर्याप्त हैं। जन जागरूकता अभियान भी मंथर गति से चल रहा है। इसके अलावा विदेशों से डेंगु की वेक्सिन लेने में भी ढिलाई बरती गई है। साथ ही साथ घरेलू वेक्सीन तैयार करने के प्रयास भी सुस्त हैं। बजट खर्च बहुत कम हैं। कुछ तो साफ सफाई की कमी और राजनीतिक स्तर पर बरती गई लापरवाही का भी परिणाम है। सोचनीय बात यह भी है यह हमारी भी लापरवाही है कि हम खुद मच्छरों को आश्रय देने का काम करते है।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने घर में जब तक कूलर,गमले,पानी के टैंक,पुराना कबाड़, टायर ट्यूब आदि में मच्छर घर बनाते रहेंगे और अंडे पैदा करते रहेंगे तब तक ये बीमारियां भी हमारे घरों में ही रहेगी। फिर हम अगर किसी ओर को या सरकार को दोष देते हैं तो वो ठीक नहीं है। अपने घरों में मच्छरों के लार्वा पनपने नहीं देना हमारी जिम्मेदारी है। पहली शर्त यह है कि पहले हमें खुद को सुधरना और जागरूक रहना होगा। सरकार और जनता,सभी के कारणों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की उपलब्धि नाकाफी रही हैं। खैर,अब इन रोगों के नियंत्रण के लिए प्रभावी रोडमेप बनाकर युद्ध स्तर पर कार्य करने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग को बड़े पैमाने पर संभावित एरिया का सर्वे करके और ‘नियंत्रण विभाग’ का पुनर्गठन करके ‘मच्छर लार्वा प्रजनन नियंत्रक वृहद अभियान’ क्रियान्वित करना चाहिए। जिन घरों में मच्छर के लार्वा पाए जाएं उन लोगों पर जुर्माना लगाया जाए। लोगों को साफ सफाई की सख्त हिदायत दी जाए। साथ ही साथ मच्छर प्रजनन नियंत्रक दवाई का छिड़काव भी सतत रूप से जारी रखें। इसके लिए प्रभावी नीति और टास्क फोर्स का गठन किया जाए और जवाबदेही तय की जाएं। लोग स्वयं भी साफ सफाई के प्रति विशेष ध्यान दें। अगर सरकार और जनता दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ पुख्ता साझा प्रयास करें तो इन बीमारियों से मुक्ती पाई जा सकती हैं। <em><strong>नरपत दान चारण</strong></em></p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Oct 2018 14:27:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>26 जनवरी तक आवारा पशु मुक्त होगा हरियाणा</title>
                                    <description><![CDATA[सड़कों पर पशु छोड़ने वाले पशुपालकों पर सख्त कार्रवाई के आदेश Haryana Will Free The Vagaries Till January 26 सच कहूँ/अश्वनी चावला चंडीगढ़। आवारा पशुओं के कारण रोजाना हो रही घटनाओं से अगले साल 26 जनवरी के बाद मुक्ति मिल सकती है क्योंकि हरियाणा सरकार ने राज्य को आगामी 26 जनवरी 2019 तक आवारा पशु मुक्त राज्य […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-will-free-the-vagaries-till-january-26/article-6012"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/haryana-will-free-the-vagaries-till-january-26.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">सड़कों पर पशु छोड़ने वाले पशुपालकों पर सख्त कार्रवाई के आदेश Haryana Will Free The Vagaries Till January 26</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/अश्वनी चावला चंडीगढ़। </strong></p>
<p style="text-align:justify;">आवारा पशुओं के कारण रोजाना हो रही घटनाओं से अगले साल 26 जनवरी के बाद मुक्ति मिल सकती है क्योंकि हरियाणा सरकार ने राज्य को आगामी 26 जनवरी 2019 तक आवारा पशु मुक्त राज्य बनाने के संकल्प ले लिया है जिसके चलते मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने गत देर सायं राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधिक्षकों व जिला के अन्य अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रैंस के माध्यम से आदेश तक जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन-जिन जिलों में इस योजना के तहत अच्छा कार्य किया गया है, उसे ध्यान में रखते हुए आगे की कार्य योजना बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पशु सड़कों पर घूम रहे हैं, उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए और जुमार्ना किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमन्त्री के सख्त निर्देश हैं <strong>Haryana Will Free The Vagaries Till January 26</strong> कि राज्य को आवारा पशु मुक्त बनाने के लिए गलत कार्य करने वाले व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा। आवारा पशु प्रबंधन योजना की समीक्षा करते हुए डॉ गुप्ता ने सम्बन्धित अधिकारियों से कहा कि वे इस योजना के तहत हर माह चर्चा करेंगे। बैठक में हरियाणा विजन जीरो योजना के तहत डॉ. राकेश गुप्ता ने राज्य के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के लोगों को सुरक्षित आवागमन देने के लिए सडकों का आॅडिट, पेड़ हटवाना व पेंट इत्यादि करवाया जाए ताकि विजिबिलिटी ठीक हो। उन्होंने संबंधि नोडल अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे सडक सुरक्षा के मुद्दे पर कार्य करें और निर्धारित अवधि के दौरान संबंधित उपायुक्त की बैठक में जरूर शामिल हों।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में उन्होंने जागृति अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमन्त्री चाहते हैं कि इस अभियान के तहत जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइट व शौचालयों का कार्य पूरा कर लिया जाए तथा परिवहन विभाग के कर्मियों को महिलाओं के प्रति व्यवाहार के बारे में प्रशिक्षण दिया जाए।</p>
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                                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Sep 2018 12:39:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शाह सतनामी मौज डिस्पेंसरी में नि:शुल्क मेडिकल जांच कैंप आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[कैंप में 66 मरीजों के स्वास्थ्य का हुआ चैकअप अबोहर(सुधीर अरोड़ा)। शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग द्वारा ब्लॉक व गांव किक्कर खेड़ा में स्थित शाह सतनामी मौज डिस्पेंसरी एवं नामचर्चा घर में मासिक नि:शुल्क मैडिकल जांच शिविर का आयोजन बुधवार को किया गया। जानकारी अनुसार कैंप का शुभारंभ सुबह 10 बजे किया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/shah-satnami-mouj-dispensary-organized-free-medical-check-up-camp/article-4802"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/camp-news.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">कैंप में 66 मरीजों के स्वास्थ्य का हुआ चैकअप</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>अबोहर(सुधीर अरोड़ा)।</strong> शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग द्वारा ब्लॉक व गांव किक्कर खेड़ा में स्थित शाह सतनामी मौज डिस्पेंसरी एवं नामचर्चा घर में मासिक नि:शुल्क मैडिकल जांच शिविर का आयोजन बुधवार को किया गया। जानकारी अनुसार कैंप का शुभारंभ सुबह 10 बजे किया गया, जहां शाह सतनाम जी सुपर स्पेशलिटि अस्पताल सरसा से जनरल विशेषज्ञ डॉ. संदीप भादु,दंत रोग विशेषज्ञ शाक्षी, स्टाफ सदस्य कामिनी,राजेश विशेष तौर से अपनी सेवाएं देने पहुंचें।</p>
<h2 style="text-align:center;">कैंप में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी अपनी सेवाएं</h2>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर अलग-अलग बीमारियों के जैसे शुगर, खून की कमी, आंखों, पैरालाइज से ग्रस्त, रसौली इत्यादि 66 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई। पहुंचे हुए मरीजों के लिए गांव किक्कर खेड़ा की साध-संगत की और से लंगर-चाय-ठंडे जल आदि की विशेष व्यवस्था की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर 45 मेंबर कृष्ण लाल जेई, 25 मेंबर दिलबाग सिंह इन्सां, बलवंत नोखवाल इन्सां, 15 मेंबर रामप्रताप नोखवाल इन्सां, मोहनलाल इन्सां,गुरमुख,गुरपवित्र सिंह ,ब्लॉक भंगीदास सुखचैन सिंह,कृष्ण इन्सां,जगदीश राय,सुजान बहनें, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के सेवादार तथा साध-संगत यहां उपस्थित हुए।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Jul 2018 04:46:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खुले में शौच से मुक्त होगा पंजाब, 30 जून तक तय किया लक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[120 शहरी स्थानीय इकाईयों ने लक्ष्य पूरा करने का किया ऐलान शेष को तय समय में पूरा करने के निर्देश चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। पंजाब में आज भी चल रहे खुले में शौच को पंजाब से शोचमुक्त करवाने के लिए पंजाब सरकार ने घोषण कर दी है। पंजाब को खुले में शौच मुक्त करवाने के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/punjab-will-be-free-from-defecation/article-4313"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/sohe-mukth.jpg" alt=""></a><br /><h1>120 शहरी स्थानीय इकाईयों ने लक्ष्य पूरा करने का किया ऐलान</h1>
<p><strong> शेष को तय समय में पूरा करने के निर्देश</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। </strong></p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब में आज भी चल रहे खुले में शौच को पंजाब से शोचमुक्त करवाने के लिए पंजाब सरकार ने घोषण कर दी है। पंजाब को खुले में शौच मुक्त करवाने के लिए सरकार द्वारा 30 न तक का समय तय किया गया है हालांकि यह लक्ष्य सिर्फ शहरी क्षेत्रों के लिए ही रखा गया है, जब कि ग्रामीण क्षेत्रों संबंधी बाद में सरकार की तरफ से घोषणा की जाएगी। पंजाब सरकार द्वारा शुरु किए गए ‘तंदरूस्त पंजाब’ मिशन के लक्ष्यों को पूरा करन के लिए स्थानीय सरकारों संबंधी विभाग ने नवजोत सिंह सिद्धू के मार्गदर्शन के अंतर्गत सभी शहरों को खुल्ले में शौच मुक्त करने के शुरू किए अभियान को तेज करते 30 जून तक पंजाब के सभी शहरों व कस्बों में इसको पूरा करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अब तक 120 शहर खुले में शौच मुक्त हो गए हैं जबकि बाकी रहते 47 शहर /कस्बे 30 जून तक यह लक्ष्य पूरा कर लेंगे। इस मिशन की प्राप्ति के लिए विभाग द्वारा 40.82 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं। जानकारी अनुसार ‘तंदरुस्त पंजाब मिशन’ के अंतर्गत स्थानीय सरकारें विभाग द्वारा शहरों में खुलेआम फै लाई जाती गन्दगी की समस्या को दूर करने का प्रण लिया गया है। पंजाब में मौजूद 167 शहरी स्थानीय इकाईयों में से 120 ने अब तक स्व: घोषणा में खुले में शौच से मुक्त होने का घोषण कर दी है। वक्ताआें ने बताया कि विभाग द्वारा इस की पुष्टि के लिए तीसरी पार्टी की तरफ से सर्वेक्षण करवाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत अब तक 72 स्थानीय शहरी इकाईयों के स्व घोषणा की पुष्टि हो गई है जबकि शेष का काम जारी है।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/punjab-will-be-free-from-defecation/article-4313</link>
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                <pubDate>Tue, 19 Jun 2018 09:32:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेरिट प्राप्त विद्यार्थियों को दो साल तक शिक्षा के साथ रहना व खाना भी फ्री</title>
                                    <description><![CDATA[सरकारी स्कूलों के होनहार बच्चों के लिए ‘सुपर 100’ योजना लाई प्रदेश सरकार भिवानी (सच कहूँ/इंद्रवेश)। हरियाणा के सरकारी स्कूल से 10वीं में 80 प्रतिशत या फिर इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए खुशखबरी है। ऐसे बच्चों को अब सरकार टेस्ट लेकर दो वर्ष की शिक्षा नि:शुल्क देंगी जिससे वे अपने सपनो […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/students-with-merit-can-stay-for-two-years-with-education-and-also-free-food/article-4077"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/super-100.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">सरकारी स्कूलों के होनहार बच्चों के लिए ‘सुपर 100’ योजना लाई प्रदेश सरकार</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ/इंद्रवेश)।</strong> हरियाणा के सरकारी स्कूल से 10वीं में 80 प्रतिशत या फिर इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए खुशखबरी है। ऐसे बच्चों को अब सरकार टेस्ट लेकर दो वर्ष की शिक्षा नि:शुल्क देंगी जिससे वे अपने सपनो को पंख दे सकेंगे।ऐसे छात्रों को शिक्षा विभाग इंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिक बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगे। ऐसे अभिभावको के लिए भी खुशखबरी है, जो कि अपने बच्चों को ऐसी शिक्षा देने के लिए आर्थिक स्थिति में नही था क्योंकि सरकार अब ऐसे बच्चों को यह शिक्षा निशुल्क देंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम का नाम ‘सुपर100’ दिया गया है। इसके लिए 14 जून को टैस्ट आयोजित किया जाएगा। इस टैस्ट के पास होने के बाद रेवाड़ी में इन छात्रों को स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी। जो कि दो वर्ष की होगी। यहां यह भी बता दे कि यह केवल सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए भी होगी। इसके लिए राज्य भर के 100 बच्चों का चुनाव होगा। शिक्षा विभाग का यह कदम काफी सहरानीय है। इस सुपर 100 में दाखिला लेने की अब होड़ सी मच गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह सिर्फ सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए है, जिन्होंने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में मैरिट प्राप्त की है। खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी नरेश महता से इस बात की पुष्टि की है और बताया है कि विभाग से उनके पास पत्र आ गया है। उन्होंने बताया कि इससे बच्चों का भविष्य तो उज्जवल होगा ही, वही सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले भी बढ़ेंगे, क्योंकि यह स्कीम सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के लिए ही है। वहीं अभिभावको ने भी सरकार की इस योजना की सराहना की है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Jun 2018 09:27:48 +0530</pubDate>
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