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                <title>Nirbhaya Case - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>निर्भया केस, आज न्याय हुआ है: PM मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[‘‘न्याय हुआ है। महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। हमारी नारी शक्ति ने हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। हमें मिलकर एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना है, जहां महिला सशक्तीकरण पर ध्यान दिया जाए, जहां समानता और अवसर पर जोर हो।’’             […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/nirbhaya-case-justice-is-done-today-pm-narendra-modi/article-13816"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-03/nirbhaya-case-justice.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>‘‘न्याय हुआ है। महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। हमारी नारी शक्ति ने हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। हमें मिलकर एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना है, जहां महिला सशक्तीकरण पर ध्यान दिया जाए, जहां समानता और अवसर पर जोर हो।’’</strong><br />
<strong>                                                                        -प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी</strong></p>
<h3 style="text-align:center;">निर्भया के गुनाहगारों को फांसी पर लटकाया</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> देश को झकझोर देने वाले निर्भया सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या मामले के चारों दोषियों विनय शर्मा (26), मुकेश सिंह (32), अक्षय ठाकुर (31) और पवन गुप्ता (25) को शुक्रवार तड़के पांच बजकर 30 मिनट पर यहां तिहाड़ जेल में फांसी दी गई। तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने बताया कि चारों दोषियों को ठीक 5:30 बजे फांसी पर लटकाया गया और करीब 6 बजे यानी आधे घंटे बाद चारों को डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया। जेल प्रशासन सूत्रों के अनुसार चारों दोषियों को एक साथ फांसी पर लटकाया गया और इसके लिए जेल नंबर-3 की फांसी कोठी में दो तख्तों पर चारों को लटकाने के लिए चार हैंगर बनाए गए थे। इनमें से एक का लीवर मेरठ से आए जल्लाद पवन ने खींचा तथा दूसरे लीवर को जेल स्टाफ ने खींचा।</p>
<p style="text-align:justify;">शुक्रवार तड़के चारों को इनके सेल से जगाया गया। हालांकि, चारों में से कोई भी सोया नहीं था। इसके बाद सुबह की जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद इनसे नहाने को कहा गया। इसके बाद इनके लिए चाय मंगाई गई, लेकिन किसी ने चाय नहीं पी। इसके बाद उनसे आखिरी इच्छा पूछी गई और फिर सेल से बाहर लाने से पहले चारों को काला कुर्ता-पजामा पहनाया गया तथा हाथ पीछे की ओर बांध भी दिए गए थे। चारों दोषियों को ठीक सुबह साढ़े पांच बजे फांसी दी गई।</p>
<h3>लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया</h3>
<p style="text-align:justify;">चारों दोषियों के शव को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए आठ बजे भेजा गया और उसके बाद सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी हुई। फांसी की खबर मिलते ही जेल के बाहर मौजूद लोगों ने तालियां बजाते और भारत माता की जय के नारे लगाते हुए तथा मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। सुरक्षा के मद्देनजर जेल के बाहर इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया था। तिहाड़ जेल में पहली बार चार लोगों को एक साथ फांसी दी गई। यह देश की सबसे बड़ी जेल है, जहां 16 हजार से अधिक कैदियों के रहने की जगह है।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के दोषियों की ओर से फांसी टलवाने के लिए दायर याचिका वीरवार को खारिज कर दी थी। जिसके बाद दोषियों के वकील ने फांसी की सजा पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसे शीर्ष अदालत ने भी खारिज कर दिया और उसके बाद तय समय पर फांसी दे दी गई।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>आज बहुत खुशी महसूस कर रही हूँ, क्योंकि उनकी बेटी को आखिरकार इंसाफ मिल गया। सात साल पहले जो घटना हुई, उससे लोग और देश शर्मसार हुआ था, लेकिन आज न्याय मिला है।</strong><br />
<strong>आशा देवी, निर्भया की माँ</strong></h4>
<p><strong>देर से ही सही उनको न्याय मिला। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक पिता होने का कर्त्तव्य निभाया है। इंसाफ के लिए दर दर की ठोकरें खाई है लेकिन आखिरकार इंसाफ मिला।</strong><br />
<strong>-निर्भया के पिता</strong></p>
<p><strong>‘‘सात साल बाद आज निर्भया के दोषियों को फाँसी हुई। आज संकल्प लेने का दिन है कि अब दूसरी निर्भया नहीं होने देंगे। पुलिस, कोर्ट, राज्य सरकार, केंद्र सरकार – सबको संकल्प लेना है कि हम सब मिलकर सिस्टम की खामियों को दूर करेंगे और भविष्य में किसी बेटी के साथ ऐसा नहीं होने देंगे।’’</strong><br />
<strong>अरविन्द केजरीवाल, दिल्ली सीएम</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>‘‘चार दोषियों को फांसी देकर आज एक मिसाल कायम की गई है हालांकि यह सजा और पहले दी जानी चाहिए थी। अब दोषियों को पता चल गया है कि उन्हें सजा दी जाएगी, वे तारीख बढ़ा सकते हैं लेकिन उन्हें सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में कानून की कई खामियां भी सामने आयीं जिन्हें दूर करने के लिए सरकार को काम करना चाहिए।’’</strong><br />
<strong>-रेखा शर्मा, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>‘‘7 साल के लंबे इंतजार के बाद आज न्याय की जीत हुई। निर्भया की माँ ने न्याय के लिए दर-दर की ठोकर खार्इं। सारा देश सड़कों पर उतरा, अनशन किया, लाठी खाई। ये सारे देश की जीत है और अब हमें देश में एक कठोर सिस्टम बनाना है। विश्वास है बदलाव आएगा, जरूर आएगा। सत्यमेव जयते।’’</strong><br />
<strong>स्वाति मालीवाल, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष</strong></p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या है पूरा मामला:</h3>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2012 में दक्षिणी दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में चलती बस में 23 वर्षीय पैरा-मेडिकल छात्रा के साथ छह लोगों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए सामूहिक दुष्कर्म किया था। बुरी तरह घायल छात्रा को सड़क किनारे फेंक दिया गया था। कई दिनों तक चले इलाज के बाद छात्रा की सिंगापुर में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद राजधानी दिल्ली समेत देशभर में व्यापक प्रदर्शन हुए थे। दुष्कर्म के दोषियों में से एक नाबालिग था, जिसे तीन साल की सजा के बाद बाल सुधार गृह से 2015 में रिहा कर दिया गया तथा एक आरोपी राम सिंह ने 2013 में तिहाड़ जेल में खुदकुशी कर ली थी। शेष चार दोषियों को शुक्रवार को तड़के तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2020 15:29:18 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>निर्भया: नाबालिग होने के दावे संबंधी पवन की क्यूरेटिव याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[निर्भया मामला। दोषी पवन गुप्ता की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज, राष्ट्रपति कोविंद ने भी पवन और अक्षय सिंह की दूसरी दया याचिका नामंजूर की
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/nirbhaya-case-curative-petition-dismissed-of-pawan/article-13790"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-03/nirbhaya-case-12.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"> सरकारी वकील बोले- किसी दोषी के पास अब कोई विकल्प नहीं</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> देश को दहला देने वाले निर्भया दुराचार एवं हत्या मामले के गुनाहगार पवन का एक और पैंतरा गुरुवार को उस वक्त नाकाम हो गया, जब उच्चतम न्यायालय ने उसके नाबालिग होने के दावे को ठुकरा दिया। शीर्ष अदालत ने चैंबर में सकुर्लेशन के जरिए यह कहते हुए पवन की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज कर दी और कहां कि इसमें कोई नया आधार नजर नहीं आ रहा है। इसलिए मृत्यदंड पर रोक की अर्जी खारिज की जाती है। पवन ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक और कयूरेटिव पिटीशन दायर की थी जिसमें कहा गया था कि वारदात के समय वह नाबालिग था इसलिए उसकी फाँसी की सजा खारिज की जाए।</p>
<h3>चारों दोषियों को कल सुबह फांसी लगभग तय</h3>
<p style="text-align:justify;">यह याचिका पवन ने सुप्रीम कोर्ट में उसकी पुनर्विचार याचिका खारिज होने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की। इस कयूरेटिव याचिका खारिज होना तय था कयोकिं पवन की नाबालिग होने की दलील को सुप्रीम कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है, यह याचिका जजों ने अपने चेंबर में सुनी थी जिसमें किसी तरफ का वकील जिरह के लिए मौजूद नहीं होता है, जज अपने पुराने फैसले के संदर्भ में यह देखते हैं कि दोषी कोई बहुत अहम कानूनी पहलू तो नहीं ले आया है जो कि कोर्ट में पहले जजों के सामने न रखा गया हो, इस मामले में सभी दोषी अपनी अपनी दलीलों को कई कई बार कोर्ट में रख चुके हैं जिन्हें सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रायल कोर्ट ने चारों दोषियों को फाँसी पर लटकाने के लिए 20 मार्च की सुबह का डेथ वारंट जारी किया हुआ है। सरकारी वकील ने दिल्ली की दिल्ली की सेशंस कोर्ट में बताया कि चारों दोषियों के पास अदालत में अब कोई विकल्प बाकी नहीं है।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2020 14:25:33 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>निर्भया के तीन दोषी फांसी रुकवाने पहुंचे आईसीजे</title>
                                    <description><![CDATA[ICJ, Nirbhaya Case | चारों की फांसी तीन बार टल चुकी है नई दिल्ली (एजेंसी)। निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के चार दोषियों में से तीन पवन, विनय और अक्षय ने अपनी फांसी को एक बार फिर टलवाने के लिए नया हथकंडा अपनाया है। तीनों की तरफ से अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में अर्जी लगाकर फांसी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/three-convicts-of-nirbhaya-case-arrived-to-icj-for-stop-the-hanging/article-13729"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-03/nirbhaya-case-21.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">ICJ, Nirbhaya Case | चारों की फांसी तीन बार टल चुकी है</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के चार दोषियों में से तीन पवन, विनय और अक्षय ने अपनी फांसी को एक बार फिर टलवाने के लिए नया हथकंडा अपनाया है। तीनों की तरफ से अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में अर्जी लगाकर फांसी को गैरकानूनी बताते हुए रोकने की अपील की गई है। अदालतों में तीनों की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता ए पी सिंह ने सोमवार को कहा कि फांसी की सजा के खिलाफ विश्वभर के विभिन्न संगठनों ने आईसीजे को पत्र लिखा है जिसमें फांसी की सजा को टालने का अनुरोध किया गया है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">निर्भया मामले में इन तीनों के अलावा मुकेश को भी फांसी की सजा मिली है।</li>
<li style="text-align:justify;">चारों की फांसी तीन बार टल चुकी है और अब 20 मार्च को फांसी देना निर्धारित किया है।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">आईसीजे के समक्ष दी गई याचिका में इसकी त्वरित सुनवाई और विनय शर्मा, पवन कुमार गुप्ता और अक्षय कुमार सिंह की फांसी को गैर कानूनी बताते हुए इसे रोकने की अपील की गई है। सिंह ने बताया कि निर्भया मामले में विश्वभर के लोग रुचि ले रहे हैं। विदेशों में बसे लोगों ने भी तीनों की फांसी रुकवाने के लिए आईसीजे से गुहार लगाई है। याचिका में कहा गया है कि तीनों को 20 मार्च को तिहाड़ में जेल नंबर तीन में दी जाने वाली फांसी पर रोक लगाई जाए। इस मामले की खुली अदालत में सुनवाई के सूचीबद्ध किया जाये। मामले से जुड़े रिकार्ड वसंत विहार थाने से मंगाए जायें। संयुक्त राष्ट्र के दिशा-निदेर्शों के अनुसार मानवाधिकारों के संरक्षण और प्राकृतिक न्याय को ध्यान में रखकर आगे आदेश जारी किया जाए।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2020 09:58:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Nirbhaya Case : नया डेथ वारंट जारी, दोषियों को होगी 20 मार्च को फांसी</title>
                                    <description><![CDATA[चारों दोषियों को 20 मार्च को तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाया जायेगा। निर्भया के दोषियों पवन गुप्ता, मुकेश सिंह, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को फांसी देने के लिए यह चौथी बार डेथ वारंट जारी किया गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/nirbhaya-case-new-death-warrant-issued-convicts-to-be-hanged-on-march-20/article-13486"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-03/nirbhaya-case-2.jpg" alt=""></a><br /><h2>फांसी देने के लिए चौथी बार डेथ वारंट जारी किया गया</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पटियाला हाउस अदालत ने निर्भया दुष्कर्म के दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए गुरुवार को नया डेथ वारंट जारी किया। चारों दोषियों को 20 मार्च को तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाया जायेगा। निर्भया के दोषियों पवन गुप्ता, मुकेश सिंह, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को फांसी देने के लिए यह चौथी बार डेथ वारंट जारी किया गया है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">इससे पहले चारों दोषियों को फांसी देने के लिए तीन बार डेथ वारंट जारी किए गए।</li>
<li style="text-align:justify;">कानूनी अड़चनों के चलते तीनों बार फांसी टालनी पड़ी थी।</li>
<li style="text-align:justify;">अब दोषियों के पास कोई कानूनी विकल्प नहीं बचा है।</li>
<li style="text-align:justify;">दोषियों को अब 20 मार्च को सुबह साढ़े पांच बजे फांसी देने के लिए डेथ वारंट जारी हुआ है।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2020 16:09:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Nirbhaya Case: राष्ट्रपति ने पवन गुप्ता की दया याचिका खारिज की</title>
                                    <description><![CDATA[पवन गुप्ता के साथ- साथ मुकेश , विनय और अक्षय को फांसी की सजा सुनायी गयी। मामले के एक अन्य आरोपी रामसिंह ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी जबकि छठा आरोपी एक किशोर था जिसे तीन वर्ष तक सुधार गृह में रखने के बाद रिहा कर दिया गया था।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pawan-guptas-mercy-petition-rejected/article-13457"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-03/pawan-gupta.jpg" alt=""></a><br /><h2>अन्य तीनों आरोपियों की दया याचिका राष्ट्रपति द्वारा पहले ही खारिज की जा चुकी है</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निर्भया बलात्कार और हत्याकांड मामले के चार दोषियों में से एक पवन गुप्ता की दया याचिका बुधवार को खारिज कर दी। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि राष्ट्रपति ने पवन गुप्ता की दया याचिका खारिज कर दी है। अन्य तीनों आरोपियों की दया याचिका राष्ट्रपति द्वारा पहले ही खारिज की जा चुकी है इससे इन चारों को फांसी दिये जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। चारों दोषियों को मंगलवार सुबह फांसी दी जानी थी लेकिन पवन गुप्ता ने सोमवार को राष्ट्रपति के पास अपनी दया याचिका दायर कर दी जिससे उनकी फांसी पर रोक लग गयी थी।</p>
<h3>मामले के एक अन्य आरोपी रामसिंह ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने उसकी सुधार याचिका को खारिज कर दिया था।</li>
<li style="text-align:justify;">वर्ष 2012 के बलात्कार और हत्याकांड मामले में 6 लोगों को दोषी पाया गया था।</li>
<li style="text-align:justify;">पवन गुप्ता के साथ- साथ मुकेश , विनय और अक्षय को फांसी की सजा सुनायी गयी।</li>
<li style="text-align:justify;">मामले के एक अन्य आरोपी रामसिंह ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">जबकि छठा आरोपी एक किशोर था जिसे तीन वर्ष तक सुधार गृह में रखने के बाद रिहा कर दिया गया था।दोषियों ने 16 दिसम्बर 2012 को ‘निर्भया’ के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद उसकी बर्बता के साथ पिटायी की थी। अस्पताल में उपचार के दौरान निर्भया की मौत हो गयी थी। पिछले आठ वर्षों के दौरान न्यायालय में इस मामले की सुनवाई की दौरान कई उतार चढाव आये और दोषियों के वकील ने कानूनी प्रावधानों और दांव पेंचों के आधार पर इस मामले को लंबे समय तक लटकाये रखने की पूरी कोशिश की।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/pawan-guptas-mercy-petition-rejected/article-13457</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/pawan-guptas-mercy-petition-rejected/article-13457</guid>
                <pubDate>Wed, 04 Mar 2020 17:17:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निर्भया केस में सुप्रीम कोर्ट ने क्यूरेटिव पेटिशन को किया खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[फांसी की नई तारीख 3 मार्च (Nirbhaya Case) नई दिल्ली (एजेंसी)। निर्भया दुराचार और हत्या के चौथे दोषी पवन की क्यूरेटिव पिटिशन सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। पवन ने अपनी अर्जी में कहा था कि वह घटना के वक्त नाबालिग था। इस मामले में उसकी रिव्यू याचिका पहले ही खारिज हो गई थी। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/nirbhaya-case-hearing-on-plea-of-%E2%80%8B%E2%80%8Bconvict-pawan-in-supreme-court-today/article-13391"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-03/nirbhaya-case-11.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">फांसी की नई तारीख 3 मार्च (Nirbhaya Case)</h2>
<p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> निर्भया दुराचार और हत्या के चौथे दोषी पवन की क्यूरेटिव पिटिशन सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। पवन ने अपनी अर्जी में कहा था कि वह घटना के वक्त नाबालिग था। इस मामले में उसकी रिव्यू याचिका पहले ही खारिज हो गई थी। 5 जजों की पीठ ने सर्वसम्मति से पवन की याचिका को खारिज कर दिया। (Nirbhaya Case) बता दें कि पवन की ओर से वकील ए. पी. सिंह ने उच्चतम न्यायालय ने यह याचिका दायर की। इस मामले के तीन अन्य गुनाहगारों की क्यूरिटिव पिटीशन और दया याचिकाएं पहले खारिज हो चुकी है। राजधानी के दक्षिण दिल्ली में निर्भया के साथ 16 दिसंबर 2012 को चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया था, और उसे सड़क पर फेंक दिया गया था।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">पवन कुमार गुप्ता की सुधारात्मक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बंद कमरे में की सुनवाई।</li>
<li style="text-align:justify;">याचिका की सुनवाई पांच जचों की पीठ ने की ।</li>
<li style="text-align:justify;">जस्टिस एन वी रमण, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आर एफ नरीमन, जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण शामिल हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">यह पीठ जस्टिस रमण के चैंबर में सुधारात्मक याचिका पर सुनवाई हुई।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">फांसी को उम्रकैद में बदलने का अनुरोध</h3>
<p>इन चारों के वकील को बहुत अच्छे से पता है कि मौत की तारीख कैसे आगे सरकाई जा सकती है। उसी हिसाब से इनके वकील लाइफ लाइन का इस्तेमाल कर रहे हैं।(Nirbhaya Case) पवन ने अपराध के समय खुद के नाबालिग होने का दावा करते हुए फांसी को उम्रकैद में बदलने का अनुरोध किया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पवन को छोड़ सभी दोषियों के कानूनी विकल्प खत्म</h3>
<p style="text-align:justify;">चारों दोषियों में से इकलौता पवन कुमार गुप्ता ही है, जिसने अब तक सुधारात्मक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायिर नहीं की थी, जो उसने शुक्रवार को दायर की। बाकी तीनों दोषियों विनय, मुकेश और अक्षय के फांसी से बचने के सभी कानूनी विकल्प खत्म हो चुके हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खुद को चोटिल करके फांसी टाल सकते हैं दोषी</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">फांसी के फंदे पर लटकाए जाने से पहले किसी भी दोषी का अच्छे से मेडिकल चेकअप किया जाता है।</li>
<li style="text-align:justify;">इस बात का ख्याल रखा जाता है कि फंदे पर लटकने से पहले दोषी पूरी तरह से स्वस्थ्य हो।</li>
<li style="text-align:justify;">अगर दोषी खुद को चोटिल कर लेते हैं तो उसके स्वस्थ्य होने तक फांसी टल सकती है।</li>
<li style="text-align:justify;">वजन कम होने की स्थिति में भी फांसी टल सकती है।</li>
<li style="text-align:justify;"> दोषी विनय जेल के ग्रिल्स में अपना हाथ फंसाकर फ्रैक्चर करने की भी कोशिश कर चुका है।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">फिर टल सकती है चारों गुनाहगारों की फांसी</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">निर्भया के गुनाहगारों को 3 मार्च को फांसी दिए जाने की तारीख तय की गई है।</li>
<li style="text-align:justify;">कानूनी जानकार बताते हैं कि निर्भया के गुनाहगार पवन की क्यूरेटिव अर्जी अगर खारिज होने के बाद उसकी ओर से मर्सी पिटीशन दाखिल की जाएगी तो 3 मार्च को फांसी टल जाएगी।</li>
<li style="text-align:justify;">अबकी बार अगर पवन की मर्सी याचिका भी खारिज हो गयी तो नई तारीख पर सभी को फांसी पर लटकाया जाएगा।</li>
</ul>
<p> </p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Mar 2020 11:28:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निर्भया: गुनहगारों को अंगदान का विकल्प देने संबंधी याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[अगर दोषी चाहें तो खुद स्वेच्छा से अंगदान कर सकते हैं (Nirbhaya Case) नई दिल्ली (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने निर्भया के दोषियों को मेडिकल रिसर्च के लिए अंगदान का विकल्प दिये जाने संबंधी याचिका सोमवार को खारिज कर दी। (Nirbhaya Case) न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की खंडपीठ ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/nirbhaya-case-supreme-court-dismisses-plea-to-give-guilty-organ-donors-option/article-13385"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-03/unnao-case-sc-decides-to-bring-the-victim-to-delhi-order-to-shift-uncle-to-tihar-copy.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">अगर दोषी चाहें तो खुद स्वेच्छा से अंगदान कर सकते हैं</h2>
<h2 style="text-align:center;">(Nirbhaya Case)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>उच्चतम न्यायालय ने निर्भया के दोषियों को मेडिकल रिसर्च के लिए अंगदान का विकल्प दिये जाने संबंधी याचिका सोमवार को खारिज कर दी। (Nirbhaya Case) न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की खंडपीठ ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एम एफ सलदान्हा की अर्जी पर न्यायालय ने सुनवाई से इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि अंगदान का फैसला स्वेच्छा से होता है और इस तरह के फांसी की सजा वाले मामलों में न्यायालय ऐसा कोई निर्देश नहीं दे सकता है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/nirbhaya-case-hearing-on-plea-of-%E2%80%8B%E2%80%8Bconvict-pawan-in-supreme-court-today/">यह भी पढ़े- फिर टल सकती है चारों गुनाहगारों की फांसी</a></p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">दोषी चाहें तो खुद स्वेच्छा से अंगदान कर सकते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति भानुमति की पीठ ने कहा, ‘किसी व्यक्ति को मौत करना परिवार के लिए सबसे दुखद हिस्सा है।</li>
<li style="text-align:justify;">आप (याचिकाकर्ता) चाहते हैं कि उनका शरीर टुकड़ों में कट जाए।</li>
<li style="text-align:justify;">कुछ मानवीय दृष्टिकोण दिखाइए।</li>
<li style="text-align:justify;">अंगदान को स्वैच्छिक होना चाहिए।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति सलदान्हा ने अपनी अर्जी में कहा था कि दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद इनके शव को मेडिकल रिसर्च के लिए दे दिया जाए। इस अर्जी को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति भानुमति ने कहा, हम किसी पर दबाव डालकर उसे नहीं बोल सकते हैं कि वह अंगदान करें। यह पूरी तरह से निजी फैसला है। इस तरह के केस में हम कोई फैसला नहीं दे सकते हैं।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Mar 2020 09:52:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आखिर कब मिलेगी निर्भया के दोषियों को फांसी</title>
                                    <description><![CDATA[क्या चौथी बार भी रुक जाएगी निर्भया के दोषियों की फांसी, जानें कानूनी पैंतरेबाजी नई दिल्ली (एजेंसी)। देश को दहला देने वाले निर्भया कांड के गुनहगार पवन ने मृत्युदंड को लेकर शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में क्यूरेटिव पिटीशन (सुधारात्मक याचिका) दायर की। पवन की ओर से वकील ए. पी. सिंह ने उच्चतम न्यायालय ने यह […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/when-will-nirbhaya-case-convicts-be-hanged/article-13374"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-03/nirbhaya-case-1.jpg" alt=""></a><br /><h3>क्या चौथी बार भी रुक जाएगी निर्भया के दोषियों की फांसी, जानें कानूनी पैंतरेबाजी</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> देश को दहला देने वाले निर्भया कांड के गुनहगार पवन ने मृत्युदंड को लेकर शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में क्यूरेटिव पिटीशन (सुधारात्मक याचिका) दायर की। पवन की ओर से वकील ए. पी. सिंह ने उच्चतम न्यायालय ने यह याचिका दायर की। इस मामले के तीन अन्य गुनाहगारों की क्यूरिटिव पिटीशन और दया याचिकाएं पहले खारिज हो चुकी है। राजधानी के दक्षिण दिल्ली में निर्भया के साथ 16 दिसंबर 2012 को चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया था, और उसे सड़क पर फेंक दिया गया था। गैंगरेप और हत्या के मामले में <strong>निर्भया के दोषियों</strong> को 3 मार्च को फांसी होनी है। फांसी की तारीख तीन बार बदल चुकी है। ऐसे में सभी की जुबान पर एक सवाल है कि आखिर कब मिलेगी निर्भया के दोषियों की फांसी।</p>
<h3>कानूनी पैंतरेबाजी</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">दोषियों के वकील उन्हें बचाने के लिए हर कानूनी पैंतरेबाजी अपना रहे हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">इस बार निर्भया के दोषियों ने फांसी से बचने के लिए तीन बड़े कानूनी दांव आजमाए हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">दोषियों ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तक दौड़ लगाई है।</li>
<li style="text-align:justify;">शुक्रवार को निर्भया के दोषी पवन गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल की,</li>
<li style="text-align:justify;">दूसरे दोषी अक्षय ने दूसरी बार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास दया लगाई है।</li>
<li style="text-align:justify;">निर्भया के चारों गुनहगारों का डेथ वॉरंट जारी हो चुका है।</li>
<li style="text-align:justify;">चारों दोषियों को तीन मार्च को फंदे पर लटका दिया जाएगा।</li>
<li style="text-align:justify;">चारों दोषियों में से तीन ने फांसी टालने के लिए सारे कानूनी दांव-पेच आजमा लिए हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">केवल पवन के पास क्यूरेटिव पिटीशन दायर करने का विकल्प है।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">पहले 22 जनवरी थी। मौत की पहली तारीख यानी 22 जनवरी टल गई, अब मौत की अगली तारीख है एक फरवरी।दिल्ली की एक अदालत ने दो हफ्ते के अंदर निर्भया के <strong><a href="http://10.0.0.122:1245/nirbhaya-scandal-convict-pawan-mukeshs-curative-petition-dismissed-way-clear-for-hanging/">चारों गुनहगारों की मौत</a></strong> की तारीख दो बार बदल दी। जिस तरह से चारों गुनहगार पूरी होशियारी से अपनी-अपनी लाइफ-लाइन का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसे देखते हुए अगर फांसी की तारीख आगे भी दो और बार बदल जाए तो हैरान होने की जरूरत नहीं है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दोषियों से दूर है मौत</h3>
<p style="text-align:justify;">निर्भया के गुनहगारों की सजा का ऐलान हो चुका है। पर सबसे बड़ा सवाल ये कि क्या एक फ़रवरी को फांसी हो पाएगी? और क्या फांसी सुबह छह बजे ही होगी? तो जवाब है नहीं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">निर्भया के चारों गुनहगार यानी मुकेश, अक्ष्य, पवन और विनय को फांसी कब होगी?</li>
<li style="text-align:justify;">इन चारों की मौत के रास्ते में अभी-अभी कौन सी रुकावटें हैं?</li>
<li style="text-align:justify;">अभी और कितने दिन तक फांसी का फंदा इन चारों के गले से दूर रहेगा?</li>
<li style="text-align:justify;">दोषी विनय के पास है 2 लाइफ लाइन</li>
<li style="text-align:justify;">विनय की क्यूरेटिव पेटिशन खारिज हो चुकी है।</li>
<li style="text-align:justify;">दया याचिका पर फैसला अभी बाकी है।</li>
<li style="text-align:justify;">दोषी पवन के पास बाकी हैं 3 लाइफ लाइन</li>
<li style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने पवन की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने वारदात के वक्त खुद को नाबालिग बताया था।</li>
<li style="text-align:justify;">दोषी अक्षय के पास भी बची हैं 3 लाइफ लाइन</li>
<li style="text-align:justify;">क्यूरेटिव पेटिशन, दया याचिका और दया याचिका खारिज होने पर उसे अदालत में चुनौती देने का रास्ता।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">सजा को टाल रहे हैं वकील</h3>
<p style="text-align:justify;">इन चारों के वकील को बहुत अच्छे से पता है कि मौत की तारीख कैसे आगे सरकाई जा सकती है। उसी हिसाब से इनके वकील लाइफ लाइन का इस्तेमाल कर रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खुद को चोटिल करके फांसी टाल सकते हैं दोषी</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">फांसी के फंदे पर लटकाए जाने से पहले किसी भी दोषी का अच्छे से मेडिकल चेकअप किया जाता है।</li>
<li style="text-align:justify;">इस बात का ख्याल रखा जाता है कि फंदे पर लटकने से पहले दोषी पूरी तरह से स्वस्थ्य हो।</li>
<li style="text-align:justify;">अगर दोषी खुद को चोटिल कर लेते हैं तो उसके स्वस्थ्य होने तक फांसी टल सकती है।</li>
<li style="text-align:justify;">वजन कम होने की स्थिति में भी फांसी टल सकती है।</li>
<li style="text-align:justify;"> दोषी विनय जेल के ग्रिल्स में अपना हाथ फंसाकर फ्रैक्चर करने की भी कोशिश कर चुका है।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/when-will-nirbhaya-case-convicts-be-hanged/article-13374</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2020 11:21:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निर्भया मामला: पवन ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की क्यूरेटिव पिटीशन</title>
                                    <description><![CDATA[जिसे तीन साल के लिए सुधार गृह भेजा गया था। एक आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/nirbhaya-case-pawan-filed-curative-petition-in-supreme-court/article-13320"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/nirbhaya-case-3.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:center;">(Nirbhaya case)</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> देश को दहला देने वाले निर्भया कांड के गुनहगार पवन ने मृत्युदंड को लेकर शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में क्यूरेटिव पिटीशन (सुधारात्मक याचिका) दायर की। पवन की ओर से वकील ए. पी. सिंह ने उच्चतम न्यायालय ने यह याचिका दायर की। इस मामले के तीन अन्य गुनाहगारों की क्यूरिटिव पिटीशन और दया याचिकाएं पहले खारिज हो चुकी है। राजधानी के दक्षिण दिल्ली में निर्भया के साथ 16 दिसंबर 2012 को चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया था, और उसे सड़क पर फेंक दिया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">बाद में उसे सिंगापुर के महारानी एलिजाबेथ अस्पताल एयरलिफ्ट करके ले जाया गया था। वहां उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिसमें एक नाबालिग था, जिसे तीन साल के लिए सुधार गृह भेजा गया था। एक आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी। चार अन्य आरोपियों – मुकेश, अक्षय, विनय और पवन – को फांसी की सजा मिली थी।</p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Feb 2020 16:46:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Nirbhaya Case : निर्भया के दोषियों को तीन मार्च को फांसी, नया डेथ वारंट जारी</title>
                                    <description><![CDATA[निर्भया गैंगरेप केस के दोषियों को फांसी दिए जाने के लिए नया डेथ वारंट जारी कर दिया है। पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को लगभग एक घंटे तक चली सुनवाई के बाद डेथ वारंट जारी कर दिया
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/nirbhaya-convicts-hanged-on-march-3-new-death-warrant-issued/article-13091"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/nirbhaya-case-2.jpg" alt=""></a><br /><h2>तीन दोषियों मुकेश, अक्षय अ‍ैर विनय की दया याचिका खारिज हो चुकी है</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>निर्भया बलात्कार और हत्या मामले के चारों दोषियों के लिए सोमवार को पटियाला हाउस अदालत ने नया और तीसरा <strong><a href="http://10.0.0.122:1245/nirbhaya-get-justice-four-criminals-hanged-together/">डेथ वारंट</a></strong> जारी किया। चारों को तीन मार्च को सुबह छह बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जायेगी। निर्भया मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा की अदालत में आज तिहाड़ जेल अधीक्षक और निर्भया के अभिभावकों की याचिका पर करीब एक घंटे तक चली सुनवाई के बाद नया डेथ वारंट जारी करने का आदेश हुआ। यह तीसरा डेथ वारंट है और इससे पहले 22 जनवरी को और फिर एक फरवरी को फांसी के लिए डेथ वारंट जारी हो चुके हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">चौथे दोषी पवन की तरफ से दया याचिका और क्यूरेटिव याचिका दाखिल होना बाकी है</h3>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि तीन दोषियों मुकेश, अक्षय अ‍ैर विनय की दया याचिका खारिज हो चुकी है । चौथे दोषी पवन की तरफ से दया याचिका और क्यूरेटिव याचिका दाखिल होना बाकी है। अदालत ने आज वृंदा ग्रोवर को दोषी मुकेश के वकील को भी मुक्त कर दिया । मुकेश ने वृंदा ग्रोवर को हटाकर दूसरे वकील की सेवाएं लेने का अदालत से आग्रह किया था जिसे मान लिया गया।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">अदालत ने अब रवि काजी को मुकेश का वकील नियुक्त किया है ।</li>
<li style="text-align:justify;">सुश्री ग्रोवर को पिछले साल दिसंबर में मुकेश का वकील नियुक्त किया गया था।</li>
<li style="text-align:justify;">काजी ने इस मामले में दोषी पवन की पैरवी भी की है ।</li>
<li style="text-align:justify;">उन्होंने अदालत को बताया कि पवन दया याचिका और क्यूरेटिव याचिका दायर करना चाहता है।</li>
<li style="text-align:justify;">काजी ने अदालत को बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय के पांच फरवरी को दोषियों को सभी कानूनी विकल्पों को सात दिन के भीतर पूरा करने लेने को पवन पूरा नहीं कर पाया है</li>
<li style="text-align:justify;">उस वक्त पवन के वकील ए पी सिंह नहीं आए थे और उससे मिल नहीं पाए।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/nirbhaya-convicts-hanged-on-march-3-new-death-warrant-issued/article-13091</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Feb 2020 16:29:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निर्भया मामला : जस्टिस भानुमति की तबीयत बिगड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[खंडपीठ में शामिल न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना ने कहा कि इस मामले में बाद में आदेश जारी किया जाएगा। बाद में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मीडिया कर्मियों को बताया कि न्यायमूर्ति भानुमति तेज ज्वर से पीड़ित थीं और इस मामले की गंभीरता के मद्देनजर वह सुनवाई के लिए आईं थी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/nirbhaya-case-justice-bhanumathis-health-deteriorates/article-13045"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/justice-bhanumathi.jpg" alt=""></a><br /><h2>केंद्र की अपील पर सुनवाई टली</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> उच्चतम न्यायालय ने निर्भया के दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की केंद्र एवं दिल्ली सरकार की विशेष अनुमति याचिका पर शुक्रवार को फैसला नहीं लिखवाया जा सका, क्योंकि फैसला लिखाते वक्त न्यायमूर्ति आर भानुमति की तबीयत अचानक बिगड़ गई। न्यायमूर्ति भानुमति ने केंद्र की अपील पर सुनवाई 20 मार्च तक टालने संबंधी आदेश लिखवाना शुरू ही किया था कि उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह अचेत हो गईं। खंडपीठ में शामिल न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना ने कहा कि इस मामले में बाद में आदेश जारी किया जाएगा। बाद में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मीडिया कर्मियों को बताया कि न्यायमूर्ति भानुमति तेज ज्वर से पीड़ित थीं और इस मामले की गंभीरता के मद्देनजर वह सुनवाई के लिए आईं थी।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">केंद्र सरकार ने उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें उसने कहा है।</li>
<li style="text-align:justify;">चारों दोषियों को अलग-अलग फांसी नहीं हो सकती।</li>
<li style="text-align:justify;">दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को अपने फैसले में कहा  है।</li>
<li style="text-align:justify;">निर्भया के चारों दोषियों को अलग-अलग समय पर फांसी नहीं दी जा सकती</li>
<li style="text-align:justify;">जबकि केंद्र सरकार ने अपनी याचिका में कहा था ।</li>
<li style="text-align:justify;">जिन दोषियों की याचिका किसी भी फोरम में लंबित नहीं है।</li>
<li style="text-align:justify;">उन्हें फांसी पर लटकाया जाए। एक दोषी की याचिका लंबित होने से दूसरे दोषियों को राहत नहीं दी जा सकती।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">दया याचिका खारिज किए जाने के खिलाफ विनय की याचिका निरस्त</h3>
<p style="text-align:justify;">उच्चतम न्यायालय ने देश को दहला देने वाले निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले के गुनाहगार विनय शर्मा की राष्ट्रपति द्वारा खारिज दया याचिका को चुनौती देने वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति आर भानुमति, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की विशेष खंडपीठ ने कहा कि विनय की याचिका में कोई दम नजर नहीं है। न्यायमूर्ति भानुमति ने खंडपीठ की ओर से फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता का यह कहना कि दया याचिका खारिज किए जाने के लिए की गई अनुशंसा पर दिल्ली के उप राज्यपाल और राज्य के गृह मंत्री के हस्ताक्षर नहीं हुए हैं, गलत है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/nirbhaya-case-justice-bhanumathis-health-deteriorates/article-13045</link>
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                <pubDate>Fri, 14 Feb 2020 16:15:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Nirbhaya case : विनय शर्मा की याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[न्यायमूर्ति आर भानुमति, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की विशेष खंडपीठ ने विनय शर्मा के वकील ए पी सिंह और केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/nirbhaya-case-supreme-court-verdict-on-vinay-sharmas-petition-on-friday/article-13019"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/nirbhaya-case-1.jpg" alt=""></a><br /><h2>विनय ने राष्ट्रपति के फैसले की समीक्षा का न्यायालय से अनुरोध किया है</h2>
<ul>
<li> उसकी दया याचिका राष्ट्रपति ने जल्दबाजी में खारिज की है: विनय</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> उच्चतम न्यायालय ने देश को दहला देने वाले निर्भया सामूहिक दुराचार एवं हत्या मामले के गुनाहगार विनय शर्मा की राष्ट्रपति द्वारा खरिज दया याचिका को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला गुरुवार को सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति आर भानुमति, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की विशेष खंडपीठ ने विनय शर्मा के वकील ए पी सिंह और केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">न्ययालय ने इस पर फैसला सुनाने के लिए शुक्रवार दोपहर बाद दो बजे का समय निर्धारित किया। इससे पहले सिंह ने दलील दी कि विनय शर्मा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया था। साथ ही यह भी कहा कि उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के गृह मंत्री ने दया याचिका खारिज करने की सिफारिश पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">मेहता ने उनकी इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि सारी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।</li>
<li style="text-align:justify;">कल इस मामले में शीर्ष अदालत अपना फैसला सुनाएगा।</li>
<li style="text-align:justify;">विनय ने राष्ट्रपति के फैसले की समीक्षा का न्यायालय से अनुरोध किया है।</li>
<li style="text-align:justify;">विनय ने अपनी याचिका में कहा है कि उसकी दया याचिका राष्ट्रपति ने जल्दबाजी में खारिज की है।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/nirbhaya-case-supreme-court-verdict-on-vinay-sharmas-petition-on-friday/article-13019</link>
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                <pubDate>Thu, 13 Feb 2020 16:24:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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