<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/bank-defaulter/tag-7764" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Bank Defaulter - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/7764/rss</link>
                <description>Bank Defaulter RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Rbi New Rule: लोन नहीं चुकाने वालों के लिए खुशखबरी, नया नियम लाकर RBI ने दी राहत बड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। Rbi New Rule: मजबूरीवश बैंकों का कर्ज न लौटा पाने वाले लोगों और जानबूझ कर बैंकों का कर्ज न लौटाने वाले धोखेबाजों (loan defaulter) को रिजर्व बैंक (RBI) ने सबसे बड़ी राहत की खबर दी है। अब ऐसे खुदगर्ज डिफॉल्टर बैंकों के साथ कर्ज की शर्तों में बदलाव के लिए बातचीत कर सकते […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/rbi-new-rule/article-49041"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/rbi-new-rule.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> Rbi New Rule: मजबूरीवश बैंकों का कर्ज न लौटा पाने वाले लोगों और जानबूझ कर बैंकों का कर्ज न लौटाने वाले धोखेबाजों (loan defaulter) को रिजर्व बैंक (RBI) ने सबसे बड़ी राहत की खबर दी है। अब ऐसे खुदगर्ज डिफॉल्टर बैंकों के साथ कर्ज की शर्तों में बदलाव के लिए बातचीत कर सकते हैं और अपने न अदा किए गए कर्ज को लेकर बैंक के साथ सेटिंग भी कर सकते हैं। बैंक ऐसे खुदगर्ज डिफॉल्टरों को 12 महीने की कूलिंग अवधि के बाद दोबारा भी लोन मुहैया करा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी (Rbi New Rule) जैसे सैकड़ों विलफुल डिफॉल्टरों पर बैंक सख्ती दिखा रहे हैं। रिजर्व बैंक के ऐसे समय में इस यूटर्न पर कई विशेषज्ञों ने आरबीआई को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्णनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने दबाव वाली संपत्तियों से अधिकतम वसूली सुनिश्चित करने के लिए बैंकों को धोखाधड़ी वाले खातों और इरादतन या जानबूझकर चूक के मामलों का निपटारा समझौते के जरिये करने की अनुमति दे दी है। आरबीआई ने ये मंजूरी देते हुए कहा है कि इसके लिए निदेशक-मंडल स्तर पर नीतियां बनाई गई हैं। इसी के तहत कुछ जरूरी शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। इन शर्तों में कर्ज की न्यूनतम समयसीमा, जमानत पर रखी गई संपत्ति के मूल्य में आई गिरावट जैसे पहलू भी शामिल होंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बैंकों के लिए नए नियम | Rbi New Rule</h3>
<p style="text-align:justify;">आरबीआई ने जानकारी देते हुए बताया कि बैंकों का निदेशक-मंडल इस तरह के कर्जों में अपने कर्मचारियों की जवाबदेही की जांच के लिए भी एक प्रारूप तय करेगा। आरबीआई की अधिसूचना के अनुसार, रिजर्व बैंक से विनियमित वित्तीय इकाइयां इरादतन चूककर्ता या धोखाधड़ी के रूप में वगीर्कृत खातों के संबंध में ऐसे देनदारों के खिलाफ जारी आपराधिक कार्रवाई पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बगैर समझौता समाधान या तकनीकी बट्टे-खाते में डाल सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके तहत समाधान नीति में बैंक एक गणना-पद्धति भी निर्धारित करेगा ताकि जमानत पर रखी गई संपत्ति के वसूली-योग्य मूल्य की गणना की जा सके। इससे यह तय हो पाएगा कि संकट में पड़े कर्जदार से न्यूनतम खर्च पर अधिकतम कितनी वसूली की जा सकेगी। इसके अनुसार, विनियमित इकाइयों के बहीखाते में चिह्नित ऐसे किसी भी वसूली दावे को मौजूदा दिशानिदेर्शों के अनुसार पुनर्गठित कर्ज माना जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दोबारा लोन की स्कीम</h3>
<p style="text-align:justify;">रिजर्व बैंक के प्रावधानों के अनुसार अगर कर्जदार समझौता करते हैं तो संबंधित कर्जदार को नया लोने देने का ‘कूलिंग पीरियड’ रखा जाएगा, ताकि बैंकों का जोखिम कम हो सके। कृषि के लिए लोन लेने से अलग कर्जों में यह समय 12 महीनों का हो सकता है। इस प्रकार यदि पहले कोई जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाता था तो जहां पहले उसे लोन प्राप्त करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब वह 1 वर्ष के बाद कूलिंग अवधि पूरी करने पर दोबारा बैंक से लोन प्राप्त कर सकता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/rbi-new-rule/article-49041</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/business/rbi-new-rule/article-49041</guid>
                <pubDate>Tue, 20 Jun 2023 12:20:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-06/rbi-new-rule.jpg"                         length="65563"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बैंक डिफाल्टरों की लिस्ट में टॉप पर नेताओं के रिश्तेदार, विधायक भी शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[4 करोड़ 50 लाख रुपए वापिस नहीं करने के चलते डिफाल्टर घोषित | Bank Defaulter सच कहूँ/अश्वनी चावला/चंडीगढ़। हरियाणा के किसानों की भलाई के लिए बनाया गया कोआपरेटिव एग्रीकल्चर व ग्रामीण विकास बैंक हरियाणा के कुछ राजनेताओं के परिवारों की लूट की भेंट चढ़ गया है। कोआपरेटिव बैंक से राजनीतक लोगों ने अपने रसूख के चलते रिश्तेदारों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:center;">4 करोड़ 50 लाख रुपए वापिस नहीं करने के चलते<br />
डिफाल्टर घोषित | Bank Defaulter</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/अश्वनी चावला/</strong>चंडीगढ़। हरियाणा के किसानों की भलाई के लिए बनाया गया कोआपरेटिव एग्रीकल्चर व ग्रामीण विकास बैंक हरियाणा के कुछ राजनेताओं के परिवारों की लूट की भेंट चढ़ गया है<strong>।</strong> कोआपरेटिव बैंक से राजनीतक लोगों ने अपने रसूख के चलते रिश्तेदारों को लोन तो जरुर दिलवाया परन्तु उस लोन की आज तक वापसी नहीं हो पाई है। कोआपरेटिव बैंक ने ऐसे राजनेताओं के रिश्तेदारों को 4 करोड़ 50 लाख रुपए वापिस नहीं करने के चलते डिफाल्टर <strong>(Bank Defaulter)</strong> घोषित कर दिया है। इस मामले में मौजूदा भाजपा की सरकार इन डिफाल्टरों पर कोई भी कार्रवाई करने में बेबस नजर आ रही है क्योंकि इन डिफाल्टर में ज्यादातर राजनीतक लीडरों के रिश्तेदार व खुद विधायक शामिल हैं।</p>
<h2>कोआपरेटिव बैंक से राजनेताओं के परिवारों की लूट की भेंट चढ़ गया | Bank Defaulter</h2>
<p style="text-align:justify;">जानकारी अनुसार को आपरेटिव एग्रीकल्चर व दिहाती विकास बैंक हरियाणा की तरफ से हरियाणा में रहने वाले किसानों व किसानी से जुड़े हुए लोगों को व्यपार में मदद करने के लिए लोन देता है जिससे किसान जमीन खरीदने या फिर किसानी से जुड़े अन्य कामों में उस लोन को खर्च किया जा सकता है। को आपरेटिव बैंक में राजनीतक दखल ज्यादा होने के कारण विधायक व संसद मेम्बरों सहित उनके परिवार वाले बहुत ही आसानी से इस बैंक से लोन लेकर पिछले कई सालों से अपना काम चला रहे है। इन राजनीतिक घरानों की तरफ से लोन तो लिया जा रहा है परन्तु उसकी वापिसी नहीं की जा रही है। जिस कारण राजनीतक घरानों व उन से जुड़े हुए लोगो की तरफ को आपरेटिव बैंक का 4 करोड़ 50 लाख 13 हजार 274 रुपए का बकाया खड़ा हुया है और यह सभी डिफाल्टर घोषित किये हुए हैं।</p>
<h1 style="text-align:center;">डॉ. के वी सिंह के रिश्तेदार सबसे बड़े डिफाल्टर | Bank Defaulter</h1>
<ul>
<li>कांग्रेस के लीडर डॉ के वी सिंह के रिश्तेदार को आपरेटिव बैंक के सभी से बड़े डिफाल्टर हैं।</li>
<li>डॉ केवी सिंह के 12 रिश्तेदारों ने एक ही दिन 14 मई 2008 को 10-10 लाख का लोन लिया था</li>
<li>कुछ ही समय बाद यह सारे ही डिफाल्टर हो गये।</li>
<li>सभी से को आपरेटिव बैंक ने बयाज सहित 17-17 लाख से ज्यादा लेना है।</li>
<li>डॉ के वी सिंह के रिश्तेदारों ने बैंक के 2 करोड़ रुपए लौटाने हैं।</li>
</ul>
<h2>विधायक व सांसद खुद डिफाल्टर, लम्बी है लिस्ट | Bank Defaulter</h2>
<p style="text-align:justify;">आपरेटिव बैंक से लोन लेने वालों में दर्जनों विधायक व संसद मेम्बरों सहित उनके राजनीतक लीडरों व रिश्तेदारों ने एक ही दिन में कई कई लोन लेकर डिफाल्टर किया है और लोन वापसी नहीं की जा रही है। ऐसे विधायकों व संसद मेम्बरों सहित राजनीतक घरानों की लिस्ट बहुत ही ज्यादा लम्बी है, जिसमे कांग्रेस व इनेलों के ज्यादा लीडर व उनके परिवारिक मेम्बर शामिल हं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/top-the-list-of-leaders-relative-bank-defaulter/article-4805</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/top-the-list-of-leaders-relative-bank-defaulter/article-4805</guid>
                <pubDate>Thu, 12 Jul 2018 10:31:03 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        