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                <title>अमेरिका और ईरान के बीच क्यों हो रही है वार्ता फेल, ईरान ने दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद (एजेंसी)। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को यहां पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर से मुलाकात करने के बाद कहा कि बातचीत के दौरान संघर्ष को समाप्त करने पर ईरान के विचार और सुझाव साझा किये गये। माना जा रहा है कि इस बैठक में अमेरिका से संभावित समझौते से जुड़ा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/why-are-talks-between-the-us-and-iran-failing-iran-issues-warning/article-83873"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/islamabad-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)।</strong> ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को यहां पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर से मुलाकात करने के बाद कहा कि बातचीत के दौरान संघर्ष को समाप्त करने पर ईरान के विचार और सुझाव साझा किये गये। माना जा रहा है कि इस बैठक में अमेरिका से संभावित समझौते से जुड़ा व्यापक प्रस्ताव शामिल था। उम्मीद है कि फील्ड मार्शल मुनीर इस संदेश को अमेरिका तक पहुंचायेंगे। पाकिस्तान ने ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता जारी रखने को लेकर अपनी तत्परता का संकेत दिया है। बैठक के बाद श्री अराघची ने बयान जारी कर पुष्टि की कि चर्चा ईरान-अमेरिका के बीच ‘युद्धविराम से संबंधित नवीनतम घटनाक्रमों’ पर केंद्रित थी। बयान के अनुसार, जनरल मुनीर ने मध्यस्थता के प्रयासों को जारी रखने की पाकिस्तान की इच्छा को दोहराया, जो ईरान-अमेरिका के बीच तनाव कम करने में पाकिस्तान की कूटनीतिक पुल के रूप में संभावित भूमिका का संकेत देता है।</p>
<p style="text-align:justify;">ह्वाइट हाउस ने पहले संकेत दिया था कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर चर्चा के लिए पाकिस्तान जायेगे, हालांकि अभी तक उनके रवाना होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा के लिए ईरानी विदेश मंत्री के साथ बैठक की। बैठक के दौरान विदेश मंत्री इशाक डार ने दोहराया कि पाकिस्तान इस क्षेत्र और उससे बाहर शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए ईरान-अमेरिका वार्ता की सुविधा प्रदान कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान इस संबंध में अपने प्रयास जारी रखेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">डार ने आगे इस बात पर जोर दिया कि ईरान-अमेरिका के बीच संपर्क को सुगम बनाने पर पाकिस्तान का आधिकारिक रुख केवल अधिकृत स्रोतों से जारी बयानों के माध्यम से ही झलकता है। उन्होंने कहा कि अनाम अधिकारियों के हवाले से की गयी टिप्पणियां देश की आधिकारिक स्थिति का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं। अलग से ईरान के ‘खातम अल-अम्बिया सेंट्रल हेडक्वार्टर’ ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि क्षेत्र में जिसे वह ‘नाकाबंदी, डकैती और समुद्री डकैती’ कह रहा है, उसके खिलाफ जवाबी कार्रवाई की जा सकती है। कमांड ने कहा कि अमेरिका की निरंतर कार्रवाई ईरान के सशस्त्र बलों की प्रतिक्रिया को भड़का सकती है। बयान में हॉर्मुज जलडमरूमध्य सहित रणनीतिक जलमार्गों की निगरानी और नियंत्रण के लिए ईरान की तैयारी का भी जिक्र किया और चेतावनी दी कि यदि तनाव और बढ़ता है तो ‘भारी नुकसान’ होगा। श्री अराघची ने अपने इस्लामाबाद दौरे के दौरान पाकिस्तानी अधिकारियों के माध्यम से अमेरिकी रुख के संबंध में ईरान की चिंताओं और मांगों से अवगत कराया।</p>
<p style="text-align:justify;">ये घटनाक्रम नाजुक क्षेत्रीय परिस्थितियों और ईरान-अमेरिका के बीच रुकी हुई सीधी बातचीत के बीच संभावित मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की बढ़ती भूमिका की ओर इशारा करते हैं। ईरान के रुख में कोई खास बदलाव नहीं आया है। उसका कहना है कि वह दबाव में बातचीत नहीं करेगा और चाहता है कि किसी भी गंभीर चर्चा से पहले अमेरिकी प्रतिबंध हटाये जायें। साथ ही व्यापक क्षेत्रीय स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जहां हालिया सैन्य गतिविधियों ने कूटनीतिक संतुलन बनाये रखना और भी मुश्किल कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान इस मामले में काफी मशक्कत कर रहा है और एक तरह से ‘शटल डिप्लोमेसी’ (दौड़-धूप वाली कूटनीति) चला रहा है, ताकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी रहे, भले ही वे एक-दूसरे से सीधे बात न कर रहे हों।<br />
यह कूटनीतिक प्रयास ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक ऊर्जा गलियारे के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ को लेकर तनाव चरम पर है। हालिया शत्रुता के बाद ईरान ने इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर पारगमन टोल लगा दिया है। इस कदम ने खाड़ी देशों और उन अन्य राष्ट्रों की चिंता बढ़ा दी है, जो निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति पर निर्भर हैं। एक बड़ा पेच हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर फंसा है। जब से संघर्ष शुरू हुआ है, ईरान ने प्रभावी रूप से इस जलमार्ग को बंद कर दिया है, जहाजों पर हमले किये हैं और यातायात में 95 फीसदी की कमी आयी है। वहीं अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की जवाबी नाकाबंदी कर दी है, जिससे बातचीत और जटिल हो गयी है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम एक अन्य मुख्य मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका-इजरायल हथियारों की चिंता का हवाला देते हुए शून्य संवर्धन चाहते हैं, जबकि ईरान का कहना है कि उसका कार्यक्रम नागरिक उद्देश्यों के लिए है और ‘परमाणु अप्रसार संधि’ के तहत सुरक्षित है। ईरान ने पहले 2015 के परमाणु समझौते के तहत संवर्धन को सीमित कर दिया था, लेकिन 2018 में अमेरिका के हटने के बाद तनाव बढ़ गया। हालांकि ईरान के पास अब उच्च स्तर का संवर्धित यूरेनियम है, लेकिन अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि वह परमाणु हथियार नहीं बना रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्षेत्रीय तनाव लेबनान तक फैला हुआ है, जहां इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई एक नाजुक युद्धविराम के लिए खतरा बनी हुई है। ईरान का आग्रह है कि किसी भी शांति समझौते में लेबनान को शामिल किया जाना चाहिए और वह मांग करता है कि इजरायल अपना हमला रोके, लेकिन झड़पें जारी हैं, जिससे समझौता जोखिम में पड़ गया है। ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर सीमाएं लगाना कभी अमेरिका की प्रमुख मांग हुआ करती थी, लेकिन हालिया बातचीत में यह मुद्दा पीछे छूट गया है, जो अमेरिका के बातचीत के रुख में संभावित बदलाव का संकेत देता है। इस बीच तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा कि उनका मानना है कि मुख्य पेचीदा मुद्दे, विशेष रूप से परमाणु मुद्दों से संबंधित, अमेरिका-ईरान वार्ता के अगले दौर में सुलझाये जा सकते हैं। लंदन में बोलते हुए श्री फिदान ने उल्लेख किया कि तुर्की संबंधित पक्षों के साथ लगभग रोजाना संपर्क में है और उन्होंने युद्धविराम के लिए तुर्की के समर्थन की पुष्टि की, जिसे शुरू में दो सप्ताह के लिए तय किया गया था और अब बढ़ा दिया गया है।<br />
श्री फिदान ने कहा, “मुझे लगता है कि जो कुछ मुद्दे अटके हुए हैं, खासकर परमाणु मामलों में, उन्हें दूर किया जा सकता है।” उन्होंने आगे कहा कि तुर्की सभी पक्षों को सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत में प्रगति से हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।</p>
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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 11:20:30 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका-ईरान के बीच 21 घंटे की बातचीत के बाद भी नहीं हुआ समझौता</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता बेनतीजा रही। दोनों देशों के बीच करीब 21 घंटे तक बातचीत चली। अमेरिकी पक्ष ने वार्ता असफल रहने का कारण बताते हुए कहा कि उसने ईरान के सामने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव रखा, जबकि ईरान ने कहा कि अमेरिका की अत्यधिक मांगों के कारण […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/no-agreement-reached-between-us-and-iran-even-after-21-hours-of-talks/article-83387"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/islamabad.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)।</strong> पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता बेनतीजा रही। दोनों देशों के बीच करीब 21 घंटे तक बातचीत चली। अमेरिकी पक्ष ने वार्ता असफल रहने का कारण बताते हुए कहा कि उसने ईरान के सामने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव रखा, जबकि ईरान ने कहा कि अमेरिका की अत्यधिक मांगों के कारण समझौता नहीं हो सका। अमेरिका का प्रतिनिधित्व उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस, राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर कर रहे थे। ईरान के प्रतिनिधिमंडल में संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबफ एवं विदेश मंत्री अब्बास अराघची सहित कुल 71 लोग शामिल थे। वार्ता समाप्त होने के बाद दोनों पक्ष अपने-अपने देश लौट चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वेंस ने वार्ता के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “हम पिछले 21 घंटे से बात कर रहे हैं। हमने कई अहम मुद्दों पर बात की। बुरी खबर यह है कि हमारे बीच समझौता नहीं हो सका। मुझे लगता है कि यह हमसे ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है।” उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ने हमसे कहा था, ‘आपको यहां नेक नीयत से आना होगा और किसी समझौते तक पहुंचने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करना होगा।’ हमने वैसा ही किया, लेकिन दुर्भाग्य से, हम कोई भी प्रगति नहीं कर पाए।” श्री वेंस ने कहा कि 21 घंटे चली बातचीत के बाद भी ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता नहीं जताई।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “सवाल यह है, ‘क्या हमें ईरानियों की ओर से परमाणु हथियार न बनाने की कोई बुनियादी प्रतिबद्धता नजर आती है? न सिर्फ़ अभी, न सिर्फ़ दो साल बाद, बल्कि लंबे समय के लिए? हमें अभी तक ऐसा कुछ नहीं दिखा है, लेकिन हमें उम्मीद है कि दिखेगा।” वेंस ने कहा कि बातचीत के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से “लगातार” बात की। उन्होंने बताया कि उन्होंने अन्य शीर्ष अधिकारियों से भी बात की, जिनमें विदेश मंत्री मार्को रूबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और अमेरिकी केन्द्रीय कमान के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर शामिल हैं। दूसरी ओर, ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने कहा कि अमेरिका की अत्यधिक मांगों के कारण शांति वार्ता असफल रही।<br />
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने आज कहा कि दोनों पक्ष कुछ मुद्दों पर सहमत हो गये, लेकिन दो’तीन अहम मामलों पर सहमति नही बन पायी। उन्होंने कहा, “आखिरकार, बातचीत किसी समझौते तक नहीं पहुंच पाई।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने दोनों देशों के बीच बातचीत के इस नये दौर को पिछले एक साल में हुई सबसे लंबी बातचीत बताया। बाकाई ने कहा कि ये बातचीत ईरान पर थोपे गए 40-दिनों के युद्ध के बाद अविश्वास और शक के माहौल में हुई थी। उन्होंने कहा, “इसलिए, यह उम्मीद नहीं थी कि बातचीत किसी आम सहमति तक पहुँच पाएगी।” इस बीच, श्री बाकाई ने कहा कि बातचीत में कुछ नये मुद्दे भी शामिल थे, जैसे कि होर्मुज जलडमरूमध्य। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कूटनीति कभी खत्म नहीं होती, क्योंकि यह राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने का एक जरिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी हालात में, कूटनीतिक तंत्र को ईरानी राष्ट्र के अधिकारों और हितों को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा, “कूटनीति उन लोगों के साथ खड़ी है जो अपनी मातृभूमि की रक्षा कर रहे हैं और हर तरह के बलिदान के लिए तैयार हैं।” प्रवक्ता ने बातचीत की मेजबानी करने के लिए पाकिस्तान सरकार और वहां के लोगों का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि ईरान, पाकिस्तान और इस क्षेत्र के अन्य मित्र देशों के बीच संपर्क जारी रहेगा।</p>
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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 12:49:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>इमरान ने रिहाई की गुहार लगायी, आंखों की गिरती रोशनी का दिया हवाला</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री एवं पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के नेता इमरान खान ने उपहार की कथित हेराफेरी से जुड़े मामले में सजा को निलंबित करने तथा मेडिकल और मानवीय आधार पर जमानत पर रिहा करने की मांग को लेकर शनिवार को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में अर्जी दी। खान की याचिका उनकी दाहिनी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/imran-pleads-for-release-citing-failing-eyesight/article-81297"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/islamabad.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)।</strong> पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री एवं पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के नेता इमरान खान ने उपहार की कथित हेराफेरी से जुड़े मामले में सजा को निलंबित करने तथा मेडिकल और मानवीय आधार पर जमानत पर रिहा करने की मांग को लेकर शनिवार को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में अर्जी दी। खान की याचिका उनकी दाहिनी आंख की लगभग 85 प्रतिशत रोशनी खोने और दृष्टिहीनता की रिपोर्टों के बीच आयी है। पूर्व प्रधानमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ता एवं बैरिस्टर सलमान सफदर और सलमान अकरम रजा के माध्यम से एक विविध आवेदन दायर किया है, जिसमें उनकी सजा को तत्काल निलंबित करने और उनकी जमानत की याचिका मंजूर करने की मांग की गयी है।</p>
<p style="text-align:justify;">द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक श्री खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को तोशखाना-2 मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों में 17 साल जेल की सजा सुनायी गयी थी। इसमें कीमती सरकारी सामान की कम कीमत पर खरीद-फरोख्त का आरोप था। इसके अलावा, एक अलग एप्लीकेशन भी दी गई है जिसमें हाई-प्रोफाइल अल-कादिर ट्रस्ट केस या 19 करोड़ ब्रिटिश पाउंड (करीब 23 अरब 48 करोड़ रुपये) के घोटाले में सजा निलंबित करने की मांग वाली अर्जी पर जल्द सुनवाई का अनुरोध किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">विविध आवेदन में कहा गया है कि याचिकाकर्ता इमरान दाहिनी आंख की गंभीर बीमारी से पीड़ित है। इसमें यह भी जोड़ा गया है कि याचिकाकर्ता के पास मामले के गुण-दोष के आधार पर और साथ ही हाल ही में माननीय पाकिस्तान उच्चतम न्यायालय के समक्ष सुनवाई के दौरान जो चिकित्सीय आधार सामने आये हैं, उन आधारों पर सजा निलंबित करने के लिए यह असाधारण रूप से मजबूत मामला है। वकील ने कहा कि पीटीआई संस्थापक की दाहिनी आंख में खून जमा हो जाने की वजह से स्थिति बहुत खराब हो गयी है, जिससे उनकी दाहिनी आंख में सिर्फ 15 प्रतिशत विजन बचा है। आवेदन में लिखा गया है कि चिकित्सा जटिलता इतनी ज्यादा गंभीर है कि उसका इलाज जेल में नहीं किया जा सकता।<br />
आवेदन के मुताबिक, तोशखाना-2 मामले में याचिकाकर्ता को दोषी ठहराना ‘राजनीतिक उत्पीड़न के चल रहे अभियान’ का हिस्सा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अर्जी में आगे दावा किया गया कि जेल जाने के बाद से इमरान खान और उनकी पत्नी पर अलग-अलग जगहों पर कई मामले हैं, जो ‘सतत और लक्षित कानूनी कार्रवाई’ को दशार्ता है। आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि, ‘ नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (एनएबी), फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए), पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) और अन्य जांच एजेंसियों को याचिकाकर्ता के राजनीतिक विरोधियों ने स्पष्ट रूप से एक राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया है और इन संसाधनों का बार-बार इस्तेमाल राजनीतिक हिसाब चुकता करने के लिए इस्तेमाल किया है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 11:28:35 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका की अध्यक्षता वाले &amp;#8216;बोर्ड ऑफ पीस&amp;#8217; पर हस्ताक्षर करने के बाद पाकिस्तानी संसद में मचा हंगामा</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा के लिये नवगठित ‘बोर्ड आॅफ पीस’ में शामिल होने के पाकिस्तान के फैसले ने देश के राजनीतिक हलकों में तीव्र विरोध को जन्म दिया है। गुरुवार को संसद में भारी हंगामा हुआ, जिसमें विपक्षी दलों ने इस कदम की निंदा करते हुए इसे नेतृत्व की श्री ट्रम्प […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/chaos-erupted-in-the-pakistani-parliament-after-the-signing-of-the-board-of-peace-agreement-which-was-chaired-by-the-united-states/article-80652"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/islamabad.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)।</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा के लिये नवगठित ‘बोर्ड आॅफ पीस’ में शामिल होने के पाकिस्तान के फैसले ने देश के राजनीतिक हलकों में तीव्र विरोध को जन्म दिया है। गुरुवार को संसद में भारी हंगामा हुआ, जिसमें विपक्षी दलों ने इस कदम की निंदा करते हुए इसे नेतृत्व की श्री ट्रम्प से करीबी बढ़ाने की कोशिश बताया।<br />
गाजा जैसे संवेदनशील मुद्दे से जुड़े मामले में पारदर्शिता की कमी और संसदीय अनुमोदन न लेने पर सवाल उठाते हुए, जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय महत्व की आवश्यकताओं के आधार पर विदेश नीति तैयार करने के बजाय अंतरराष्ट्रीय दबाव के आधार पर देश की विदेश बनायी जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">नेशनल असेंबली में बोलते हुए रहमान ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के ऐसे निर्णय लेने से पहले संसद को जानकारी देने के लिए प्रशासन बाध्य है, और उन्होंने सवाल उठाया कि क्या निर्णय लेने से पहले संघीय मंत्रिमंडल को पूरी तरह से विश्वास में लिया गया था। रहमान ने पूछा, “संसद को क्यों दरकिनार किया गया?” और सवाल उठाया कि क्या संयुक्त राष्ट्र और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अस्तित्व के बावजूद, ‘बोर्ड आॅफ पीस’ एक समानांतर संरचना की तरह काम नहीं कर रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">यह कड़ी आलोचना ट्रंप के दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर ‘बोर्ड आॅफ पीस’ का औपचारिक रूप से अनावरण करने के कुछ ही घंटों बाद सामने आई, जहां 19 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने संस्थापना घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए, जिनमें पाकिस्तान भी शामिल था। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 8 फरवरी को “काला दिन” के रूप में मनाया जाएगा, जिसकी वजह उन्होंने देश को बार-बार मिलने वाली राजनीतिक असफलताओं को बताया। सीनेट में, विपक्ष के नेता अल्लामा राजा नासिर अब्बास ने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “नैतिक रूप से गलत और अनुचित” बताया और तर्क दिया कि गाजा शांति समझौते में पाकिस्तान की भागीदारी किसी भी प्रकार के नैतिक औचित्य से रहित है, जिसके परिणामस्वरूप देश के लिए पहले से ही कठिन समय में कुछ गंभीर परिणाम सामने आएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री के कथित एकतरफा कदम को अनुचित बताया। नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए श्री खान ने कहा कि सदन को दरकिनार कर दिया गया है और उन्होंने उन शर्तों और नियमों पर स्पष्टता की मांग की जिनके तहत पाकिस्तान ‘बोर्ड आॅफ पीस’ में शामिल हुआ था। यह स्वीकार करते हुए कि संयुक्त राष्ट्र ने जिन संगठनों से जुड़ने को अनिवार्य बनाया है, सरकार उनसे जुड़ सकती है। श्री खान ने कहा कि ‘बोर्ड आॅफ पीस’ संयुक्त राष्ट्र की संस्था नहीं है और इसलिए इसके लिए संसदीय विचार-विमर्श की आवश्यकता है। पूर्व नेशनल असेंबली स्पीकर असद कैसर ने कहा कि पीटीआई ने इस फैसले से खुद को पूरी तरह से अलग कर लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अलग से, जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान के प्रमुख हाफिज नईमुर रहमान ने इस पहल को दृढ़ता से खारिज करते हुए गाजा ‘बोर्ड आॅफ पीस’ पर आरोप लगाया कि यह क्षेत्र में वास्तविक शांति लाने के बजाय केवल फिलिस्तीनी भूमि और संसाधनों पर कब्जा करने के उद्देश्य से बनाया गया एक और तंत्र है। इस्लामाबाद की भागीदारी को अस्वीकार्य बताते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी परिस्थिति में पाकिस्तानी सेना को गाजा में तैनात नहीं किया जाना चाहिए, और आगे चेतावनी दी कि पाकिस्तान किसी भी ऐसी व्यवस्था का समर्थन नहीं कर सकता जो फिलिस्तीनी संप्रभुता को कमजोर करती हो या कब्जे को वैधता प्रदान करती हो। विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए, संसदीय मामलों के संघीय मंत्री तारिक फजल चौधरी ने सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय हित और मुस्लिम उम्माह की सामूहिक चिंताओं के अनुरूप लिया गया था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फिलिस्तीन के लिए लगातार आवाज उठाई है और गाजा के पुनर्निर्माण का समर्थन करने और स्थायी युद्धविराम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘बोर्ड आॅफ पीस’ में शामिल हुआ है। चौधरी ने एकता का आह्वान करते हुए सांसदों से इस मुद्दे को राजनीतिक टकराव में बदलने के बजाय आम सहमति बनाने का आग्रह किया।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 11:27:19 +0530</pubDate>
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                <title>पाकिस्तान के 8 जिलों में पोलियो वायरस मिला</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान के आठ जिलों से 15 जनवरी से 24 जनवरी, 2025 के बीच एकत्र किए गए पर्यावरण नमूनों में वाइल्ड पोलियो वायरस टाइप 1 (डब्ल्यूपीवी1) का पता चला है। नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ हेल्थ (एनआईएच) ने शनिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। एनआईएच में पोलियो उन्मूलन के लिए क्षेत्रीय संदर्भ प्रयोगशाला द्वारा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/polio-virus-found-in-8-districts-of-pakistan/article-67438"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-02/islamabad-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)।</strong> पाकिस्तान के आठ जिलों से 15 जनवरी से 24 जनवरी, 2025 के बीच एकत्र किए गए पर्यावरण नमूनों में वाइल्ड पोलियो वायरस टाइप 1 (डब्ल्यूपीवी1) का पता चला है। नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ हेल्थ (एनआईएच) ने शनिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। एनआईएच में पोलियो उन्मूलन के लिए क्षेत्रीय संदर्भ प्रयोगशाला द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार देश के दक्षिण-पश्चिम बलूचिस्तान प्रांत के चार जिलों और उत्तर-पश्चिम खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के तीन जिलों से एकत्र किए गए सीवेज नमूनों में शुक्रवार तक डब्ल्यूपीवी1 के लिए सकारात्मक परीक्षण किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">एनआईएच ने उच्च प्रतिरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मौखिक पोलियो वैक्सीन की कई खुराक की आवश्यकता और 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को पूरा करने पर जोर दिया। बयान में कहा गया है कि पोलियो वायरस के प्रसार को रोकने के लिए, पाकिस्तान का पोलियो कार्यक्रम बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाता है, बच्चों को उनके दरवाजे पर टीके पहुंचाता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
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                <pubDate>Sun, 16 Feb 2025 10:51:16 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान ने पाकिस्तान में हुए बम हमले की निंदा की</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद (एजेंसी)। ईरान ने दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हुए घातक ‘आतंकवादी’ बम हमले की कड़ी निंदा की। हमले में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाघई ने आज यह जानकारी दी। मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/iran-condemns-bomb-attack-in-pakistan/article-67406"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-02/islamabad.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)।</strong> ईरान ने दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हुए घातक ‘आतंकवादी’ बम हमले की कड़ी निंदा की। हमले में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाघई ने आज यह जानकारी दी। मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में श्री बाघई ने पीड़ितों के परिवारों के साथ-साथ पाकिस्तानी लोगों और सरकार के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।</p>
<p style="text-align:justify;">एक पाकिस्तानी अधिकारी के अनुसार दिन में बलूचिस्तान के हरनाई जिले में खदान मजदूरों को ले जा रहे एक वाहन में सड़क किनारे बम विस्फोट हुआ जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। किसी भी समूह ने अभी तक हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। बाघई ने दुनिया में कहीं भी आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा करने में ईरान की ‘सिद्धांतवादी’ स्थिति को रेखांकित किया तथा आतंकवाद से निपटने के लिए द्विपक्षीय और क्षेत्रीय स्तर पर प्रयासों और सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
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                <pubDate>Sat, 15 Feb 2025 11:08:59 +0530</pubDate>
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                <title>पाकिस्तान में अक्टूबर में आतंकवादी हमलों में 198 की मौत, 111 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान में अलग-अलग आतंकवादी हमलों में अक्टूबर महीने में कुल 198 लोग मारे गए और 111 अन्य घायल हुये हैं। इस्लामाबाद स्थित थिंक टैंक पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) ने शनिवार को यह जानकारी दी। पीआईसीएसएस के मुताबिक अक्टूबर में आतंकवादी हमलों की कुल संख्या में मामूली कमी के बावजूद […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/198-killed-111-injured-in-terrorist-attacks-in-pakistan-in-october/article-63950"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/islamabad.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)।</strong> पाकिस्तान में अलग-अलग आतंकवादी हमलों में अक्टूबर महीने में कुल 198 लोग मारे गए और 111 अन्य घायल हुये हैं। इस्लामाबाद स्थित थिंक टैंक पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) ने शनिवार को यह जानकारी दी। पीआईसीएसएस के मुताबिक अक्टूबर में आतंकवादी हमलों की कुल संख्या में मामूली कमी के बावजूद यह महीना साल का दूसरा सबसे घातक महीना बनकर उभरा। अगस्त में आतंकवादी घटनाओं में 254 लोग मारे गए थे और 150 अन्य घायल हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">थिंक टैंक ने कहा कि पिछले महीने आतंकवादियों और सुरक्षा बलों की सबसे अधिक मौतें भी दर्ज की गईं, जिसमें लड़ाकों की हिस्सेदारी कुल मौतों में से 81 प्रतिशत थी। पीआईसीएसएस के आंकड़ों से पता चलता है कि अक्टूबर में 68 घटनाओं के साथ आतंकवादी हमलों में 12 प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन सितंबर की तुलना में कुल मौतों की संख्या में 77 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 87 प्रतिशत हमले देश के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए। इसके बाद दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में 24 घटनाएं हुईं, जबकि शेष हमले देश के अन्य क्षेत्रों में हुए। थिंक टैंक ने कहा, “पाकिस्तान ने 2024 के पहले 10 महीनों के दौरान कुल 785 आतंकवादी हमलों का सामना किया है, जिसके कारण 951 मौतें और 966 घायल हुए हैं, जो देश भर में हिंसा के लगातार उच्च स्तर को दशार्ता है।”</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 Nov 2024 10:01:45 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कराची में आतंकवादी हमले में चीनी और पाकिस्तानी नागरिक हताहत</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान के दक्षिणी बंदरगाह शहर कराची में रविवार रात एक आतंकवादी हमले में दो चीनी नागरिक मारे गए और एक घायल हो गया तथा कई पाकिस्तानी नागरिक भी हताहत हुए। पाकिस्तान स्थित चीनी दूतावास ने इसकी पुष्टि की है। चीनी दूतावास ने एक बयान में कहा कि हमला स्थानीय समय के अनुसार रविवार […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/chinese-and-pakistani-citizens-killed-in-terrorist-attack-in-karachi/article-63005"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-10/islamabad.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)।</strong> पाकिस्तान के दक्षिणी बंदरगाह शहर कराची में रविवार रात एक आतंकवादी हमले में दो चीनी नागरिक मारे गए और एक घायल हो गया तथा कई पाकिस्तानी नागरिक भी हताहत हुए। पाकिस्तान स्थित चीनी दूतावास ने इसकी पुष्टि की है। चीनी दूतावास ने एक बयान में कहा कि हमला स्थानीय समय के अनुसार रविवार रात करीब 11 बजे हुआ। बयान के मुताबिक देश के दक्षिणी प्रांत सिंध की राजधानी कराची में जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास पोर्ट कासिम इलेक्ट्रिक पावर कंपनी के एक काफिले पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया।बयान में कहा गया है, ‘पाकिस्तान में चीनी दूतावास और वाणिज्य दूतावास इस आतंकवादी कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं, दोनों देशों के पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं तथा घायलों और उनके रिश्तेदारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।ह्व पाकिस्तानी पक्ष घटना के बाद के परिणामों से निपटने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगा। पुलिस ने बताया कि रविवार रात को एक बड़े विस्फोट के बाद लगी आग ने कराची में हवाई अड्डे के पास कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान में चीनी मिशनों ने जल्द से जल्द आपातकालीन प्रतिक्रिया कार्य शुरू कर दिया है, जिसके लिए पाकिस्तान को घायलों के इलाज के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने, हमले की गहन जांच करने और अपराधियों को कड़ी सजा देने की आवश्यकता होगी। दूतावास ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान में चीनी नागरिकों, संस्थानों और परियोजनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तानी पक्ष द्वारा व्यावहारिक और प्रभावी उपाय एक ही समय में किए जाने चाहिए। बयान में कहा गया, ‘पाकिस्तान में चीनी दूतावास और वाणिज्य दूतावास चीनी नागरिकों और कंपनियों को सतर्क रहने, स्थानीय सुरक्षा स्थिति पर बारीकी से ध्यान देने, सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और सुरक्षा सावधानी बरतने के लिए हर संभव प्रयास करने की स्मरण दिलाते हैं। प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक बयान के माध्यम से हमले की जिम्मेदारी ली है, जबकि पाकिस्तानी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।</p>
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                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
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                <pubDate>Mon, 07 Oct 2024 11:53:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>पाकिस्तान में 38 आतंकवादी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान के आतंकवाद निरोधी विभाग (सीटीडी) की पुलिस ने जुलाई में पाकिस्तान के पूर्वी पंजाब प्रांत में 38 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। सीटीडी के एक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि प्रांत के शहरों में चलाये गये खुफिया-आधारित अभियानों में गिरफ्तारियां की गईं। प्रवक्ता ने कहा, “सीटीडी ने इस महीने के दौरान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/38-terrorists-arrested-in-pakistan/article-60418"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/islamabad-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)।</strong> पाकिस्तान के आतंकवाद निरोधी विभाग (सीटीडी) की पुलिस ने जुलाई में पाकिस्तान के पूर्वी पंजाब प्रांत में 38 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सीटीडी के एक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि प्रांत के शहरों में चलाये गये खुफिया-आधारित अभियानों में गिरफ्तारियां की गईं। प्रवक्ता ने कहा, “सीटीडी ने इस महीने के दौरान पूरे प्रांत में 449 खुफिया-आधारित अभियान चलाए।” सीटीडी अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार आतंकवादी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और प्रतिबंधित इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह के सदस्य है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि अभियान में पुलिस ने बड़ी मात्रा में विस्फोटक, हथगोले, हथियार, मोबाइल फोन और विदेशी तथा स्थानीय मुद्रा भी जब्त किए हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
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                <pubDate>Sun, 28 Jul 2024 10:53:16 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिमोत्तर पाकिस्तान में सैन्य अभियान में आतंकवादी ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद, (एजेंसी)। पाकिस्तानी सेनाने एक बयान में कहा कि उत्तर पश्चिम खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शुक्रवार को सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए अभियान में एक कुख्यात आतंकवादी मारा गया। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने एक बयान में कहा कि सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की कथित मौजूदगी की जानकारी प्राप्त होने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/terrorist-killed-in-military-operation-in-northwest-pakistan/article-60380"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/islamabad.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद, (एजेंसी)।</strong> पाकिस्तानी सेनाने एक बयान में कहा कि उत्तर पश्चिम खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शुक्रवार को सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए अभियान में एक कुख्यात आतंकवादी मारा गया। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने एक बयान में कहा कि सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की कथित मौजूदगी की जानकारी प्राप्त होने के बाद उत्तरी वजीरिस्तान जिले में खुफिया अभियान चलाया। बयान में कहा गया कि मारा गया आतंकवादी इलाके में लक्षित हत्या और आत्मघाती बमबारी सहित कई आतंकवादी गतिविधियों में सक्रिय था। आईएसपीआर ने कहा कि इलाके में मौजूद किसी भी अन्य आतंकवादी को खत्म करने के लिए एक अभियान चलाया जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 10:45:52 +0530</pubDate>
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                <title>Pakistan&amp;#8230;जब ईद से पहले पाकिस्तान ने 20 दोषियों को रिहा कर दिया!</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद। गत वर्ष पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद 9 मई को हुए दंगों में शामिल सैन्य अदालतों द्वारा सजा पाए कम से कम 20 लोगों को सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर द्वारा माफी के बाद सैन्य अधिकारियों ने रिहा कर दिया। यह फैसला 8 अप्रैल को संघीय सरकार द्वारा सुप्रीम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/when-pakistan-released-20-convicts-before-eid/article-56183"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-04/pakistan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद।</strong> गत वर्ष पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद 9 मई को हुए दंगों में शामिल सैन्य अदालतों द्वारा सजा पाए कम से कम 20 लोगों को सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर द्वारा माफी के बाद सैन्य अधिकारियों ने रिहा कर दिया। यह फैसला 8 अप्रैल को संघीय सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के साथ साझा किया गया था, जोकि 23 अक्टूबर, 2023 के सर्वसम्मत फैसले के खिलाफ इंट्रा-कोर्ट अपील की सुनवाई कर रहा है, जिसमें नागरिकों के सैन्य परीक्षणों को रद्द कर दिया गया है। Pakistan News</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस अमीनुद्दीन खान, जस्टिस मुहम्मद अली मजहर, जस्टिस सैयद अजहर हसन रिजवी, जस्टिस शाहिद वहीद, जस्टिस मुसर्रत हिलाली और जस्टिस इरफान सआदत खान सहित सुप्रीम कोर्ट की छह सदस्यीय पीठ आईसीए की सुनवाई कर रही है। यह मामला उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के संस्थापक खान की गिरफ्तारी के बाद भड़के दंगों के दौरान प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों में उनकी कथित संलिप्तता के लिए 103 नागरिकों के मुकदमे के बारे में है।</p>
<h3>पाकिस्तान की अदालत ने 120 से अधिक समर्थकों को रिहा करने का आदेश दिया</h3>
<p style="text-align:justify;">दंगों के दौरान रावलपिंडी में सैन्य मुख्यालय सहित दर्जनों सैन्य प्रतिष्ठान और सरकारी इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं या आग लगा दी गईं। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के 100 से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। 28 मार्च को हुई पिछली सुनवाई के दौरान, अदालत ने सैन्य अधिकारियों को सशर्त रूप से केवल 9 मई के उन संदिग्धों के फैसले की घोषणा करने की अनुमति दी थी, जिन्हें ईद से पहले रिहा किया जा सकता था। पाकिस्तान की अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के 120 से अधिक समर्थकों को रिहा करने का आदेश दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्ट में कहा गया है कि उसके 28 मार्च के निदेर्शों के अनुसार, सैन्य अदालतों को सुनवाई फिर से शुरू करने की अनुमति दी गई थी और इसलिए कम सजा वाले मामलों में सजाएं दी गईं, जिसमें कहा गया है कि 20 लोगों को एक साल की सजा सुनाई गई, जिनमें से 17 ने 10.5 महीने और तीन लोगों ने 9.5 महीने की सजा काट ली है। चूंकि उनमें से अधिकांश ने लगभग 10 महीने जेल में बिताए थे, उनकी सजा की शेष अवधि सेना प्रमुख द्वारा माफ कर दी गई थी। Pakistan News</p>
<p><a title="Eid ul-Fitr 2024 : इस समय दिखेगा ईद का चाँद! भारत में इस दिन मनाई जाएगी ईद!" href="http://10.0.0.122:1245/eid-moon-will-be-visible-at-this-time-eid-will-be-celebrated-on-this-day-in-india/">Eid ul-Fitr 2024 : इस समय दिखेगा ईद का चाँद! भारत में इस दिन मनाई जाएगी ईद!</a></p>
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                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Apr 2024 16:34:16 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सीटीडी ने बलूचिस्तान में प्रतिबंधित संगठन के कमांडर को मार गिराया</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान में पुलिस के आतंकवाद निरोधक विभाग (सीटीडी) ने दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में एक प्रतिबंधित संगठन के एक कमांडर को मार गिराया है। सीटीडी ने एक बयान में कहा, सीटीडी कर्मियों ने बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले में प्रतिबंधित संगठन इस्लामिक स्टेट से संबंधित एक आतंकवादी कमांडर की मौजूदगी के बारे में एक गुप्त […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/ctd-kills-commander-of-banned-organization-in-balochistan/article-52317"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/islamabad.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)।</strong> पाकिस्तान में पुलिस के आतंकवाद निरोधक विभाग (सीटीडी) ने दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में एक प्रतिबंधित संगठन के एक कमांडर को मार गिराया है। सीटीडी ने एक बयान में कहा, सीटीडी कर्मियों ने बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले में प्रतिबंधित संगठन इस्लामिक स्टेट से संबंधित एक आतंकवादी कमांडर की मौजूदगी के बारे में एक गुप्त सूचना मिलने पर एक अभियान चलाया।</p>
<p style="text-align:justify;">सीटीडी ने कहा कि आॅपरेशन के दौरान, आतंकवादी को आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया, लेकिन उसने घटनास्थल से भागने की कोशिश की तो सीटीडी कर्मियों ने उस पर गोलियां चला दीं। उन्होंने कहा कि मारा गया आतंकवादी आत्मघाती बम हमलों और पुलिस एवं अधिकारियों की कई लक्षित हत्याओं सहित अनेक आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था। सीटीडी ने पिछले हफ्ते बलूचिस्तान प्रांत में खुफिया जानकारी आधारित अभियान के दौरान पांच आतंकवादियों को मार गिराया था।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/international/ctd-kills-commander-of-banned-organization-in-balochistan/article-52317</link>
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                <pubDate>Thu, 14 Sep 2023 12:15:33 +0530</pubDate>
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