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                <title>राज्य सरकार ने 127 स्कूली बच्चों की जान लगाई दांव पर</title>
                                    <description><![CDATA[असुरक्षित बिल्डिंगों में पढ़ाई करने के लिए मजबूर बच्चे भटिंडा(मनजीत नरूआणा)। जहां राज्य के शिक्षा मंत्री की ओर से सरकारी स्कूलों में शिक्षा को बेहतर बनाने के बड़े -बड़े दावे किए जा रहे हैं वहीं ब्लॉक संगत अधीन आते गांव फरीदकोट कोटली के सरकारी प्राथमिक स्कूल के 127 बच्चों की जिंदगी सरकार ने दांव पर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/children-forced-to-study-in-unsafe-buildings/article-5075"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/unsafe-bulding-1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">असुरक्षित बिल्डिंगों में पढ़ाई करने के लिए मजबूर बच्चे</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>भटिंडा(मनजीत नरूआणा)।</strong> जहां राज्य के शिक्षा मंत्री की ओर से सरकारी स्कूलों में शिक्षा को बेहतर बनाने के बड़े -बड़े दावे किए जा रहे हैं वहीं ब्लॉक संगत अधीन आते गांव फरीदकोट कोटली के सरकारी प्राथमिक स्कूल के 127 बच्चों की जिंदगी सरकार ने दांव पर लगाई हुई है। पिछले कई सालों से बच्चे असुरक्षित घोषित बिल्डिंग में पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं। स्कूली बिल्डिंग को पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से पिछले कई सालों से असुरक्षित घोषित कर बच्चों को इस बिल्डिंग से दूर रखने की हिदायत दी गई थी परंतु बच्चों के बैठने के लिए दूसरा कोई हल न होने के कारण मजबूरीवश बच्चे इसी बिल्डिंग में ही पढ़ाई कर रहे हैं।</p>
<h1>बिजली का बिल न भरने कारण पॉवरकॉम विभाग ने मीटर भी उखाड़ा</h1>
<p style="text-align:justify;">बरसातों के दिनों में यहां कोई भी बड़ा हादसा घटित हो सकता है परंतु संबंधित विभाग व सरकार को सब कुछ पता होने के बावजूद भी उन्होंने अपनी आंखें बंद की हुई हैं। स्कूल में बिजली का बिल हजारों रुपये बकाया होने के कारण पॉवरकाम विभाग की ओर से मीटर का कनैक्शन काट दिया गया, जिस कारण बच्चे गर्मी में पढ़ने के लिए मजबूर हैं। स्कूली अध्यापकों द्वारा भी स्कूल की कोई आमदन न होने के कारण बिजली का बिल भरने से हाथ खड़े किए हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पत्रकारों की टीम की तरफ से जब स्कूल में जा कर देखा गया तो बच्चे असुरक्षित बिल्डिंग में बिना बिजली से गर्मी में पढ़ाई कर रहे थे। बिल्डिंग में बड़ी -बड़ी दरारें आने वाले किसी बड़े खतरे से अवगत करवा रही हैं। स्कूल में 23 बच्चे प्री नर्सरी कक्षा के, 4 बच्चे अपंग व मन्दबुद्दी सहित कुल 127 छोटे बच्चे इस असुरक्षित घोषित बिल्डिंग में पढ़ाई कर रहे हैं। गांववासियों का तो यहां तक कहना है कि सरकार उस समय स्कूल की नयी बिल्डिंग बनाऐगी जब कोई बड़ी अनहोनी हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह चीमा ने कहा कि यह मामला उन के ध्यान में है। उन्होंने बताया कि स्कूल की पूरी बिल्डिंग असुरक्षित नहीं बल्कि दो कमरे हैं, जिनमें बच्चों को नहीं बिठाया जाता। जब उनसे अन्य कमरों की छतों में आईं बड़ी -बड़ी दरारों संबंधी पूछा तो उन्होंने कहा कि यह दरारें पलस्तर में हैं, इन दरारों का कोई डर नहीं है।</p>
<h1 style="text-align:center;">स्कूल में बच्चों को अनहोनी होने पर दी जाती है बिल्डिंग से बाहर भागने की ट्रेनिंग</h1>
<p style="text-align:justify;">खस्ताहालत हो चुकी बिल्डिंग में पढ़ाई कर रहे बच्चों को पढ़ाई साथ-साथ स्कूल की मुख्य अध्यापकों की ओर से बच्चों को बिल्डिंग में से बाहर भागने की भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">गांव की सरपंच सुरजीत कौर ने कहा कि स्कूल की खस्ताहालत हो चुकी बिल्डिंग संबंधी समूह पंचायत की ओर से दर्जनों बार संबंधित विभाग को लिख कर दिया जा चुका है। उन्होंंने बिल्डिंग के नये निर्माण के लिए संगत दर्शन दौरान गांव आई केंद्रीय मंत्री हरमिसरत कौर बादल को अनुदान के लिए कहा था परंतु फिर भी कोई मसला हल नहीं हुआ। उन्होंने पंचायत के हर संकल्प में स्कूल की नई बिल्डिंग के लिए अनुदान राशि की मांग की थी परंतु बिल्डिंग के लिए कोई अनुदान राशि जारी नहीं की गई।</p>
<h1 style="text-align:center;">कुछ साल पहले पीडब्ल्यूडी विभाग की एक टीम स्कूल ने स्कूल बिल्डिंग<br />
किया था असुरक्षित घोषित</h1>
<p style="text-align:justify;">जब इस संबंधी पिछले कई सालों से स्कूल में मुख्य अध्यापक की ड्यूटी निभा रहे लाजविन्दर कौर के साथ बात की तो उन्होंने कहा कि जिस समय से वह स्कूल में आए हैं उस समय से ही स्कूल की बिल्डिंंग खराब थी, जैसे -जैसे समय बीत रहा है बिल्डिंग और भी खराब हो रही है। उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले पीडब्ल्यूडी विभाग की एक टीम स्कूल में आई थी जिसने बिल्डिंग को चैक कर असुरक्षित घोषित कर दिया परंतु फिर भी कोई दूसरा हल न होने के कारण वह मजबूरीवश बच्चों को इस बिल्डिंग में पढ़ाने के लिए मजबूर हैं। बिजली कनैक्शन काटने संबंधी उन्होंने बताया कि संबंधी विभाग फंडों का रोना रो रहा है, जिस कारण पॉवरकॉम विभाग की ओर से बिजली का कनैक्शन भी काट दिया गया।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Aug 2018 03:50:08 +0530</pubDate>
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                <title>दूषित पानी में नरक भरी जिंदगी जीने को मजबूर अबोहरवासी</title>
                                    <description><![CDATA[संबंधित विभागीय अधिकारी नहीं दे रहे समस्या की तरफ ध्यान अबोहर(सुधीर अरोड़ा/सचकहूँ)। वाटर एंव सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों की लापरवाही के चलते शहर के अधिकांश इलाकों की गलियों में दूषित पानी भरा होने से लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। ऐसा ही कुछ हॉल है स्थानीय आनंद नगरी व नानक नगरी के लोगों का। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/aboriginal-forced-to-drink-contaminated-water/article-4897"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/dearty-water.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">
</p><h1 style="text-align:center;">संबंधित विभागीय अधिकारी नहीं दे रहे समस्या की तरफ ध्यान</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>अबोहर(सुधीर अरोड़ा/सचकहूँ)।</strong> वाटर एंव सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों की लापरवाही के चलते शहर के अधिकांश इलाकों की गलियों में दूषित पानी भरा होने से लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। ऐसा ही कुछ हॉल है स्थानीय आनंद नगरी व नानक नगरी के लोगों का। जहां पिछले 15 दिनों से सीवरेज जाम होने से दूषित पानी इस कदर गलियों में भरा है कि लोग अपने घरों मे कैद होकर रह गए हैं। मोहल्लावासियों ने बताया कि गलियों में जमा दूषित पानी की निकासी न होने से अब यह सडांद मारने लगा है और इस पर मच्छरों की भरमार होने से मोहल्ले में बिमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होनें कहा कि एक ओर तो सरकार द्वारा तंदुरूस्त पंजाब अभियान के तहत लोगों को बिमारियों से मुक्त करने का प्रयास किया जा रहा है तो वहीं उनके मोहल्ले में शरेआम बिमारियां पनप रही हैं जिसकी ओर किसी भी विभागीय व प्रशासनिक अधिकारी का ध्यान नहीं है। मोहल्लावासियों ने कहा कि गलियों में पानी जमां होने से लोगों को अपने घरों की जरूरतों का सामान लेने जाने के लिए दूषित पानी से होकर गुजरना पडता है इतना ही नहीं स्कूली बच्चे भी इसी पानी से गुजरकर स्कूल जाने को मजबूर है।</p>
<h1 style="text-align:center;">लोगों में फेल रहा बीमारियां बढ़ने का खतरा</h1>
<p style="text-align:justify;">उन्होनें कहा कि इन दोनों क्षेत्रों में करीब आधा दर्जन स्कूल और मंदिर है जिनमें आना जाना भी कठिन हो रहा है। मोहल्लावासियों ने कहा कि वे कई बार सीवरेज एवं नगर परिषद् अधिकारियों से इस समस्या के समाधान की मांग कर चुके हंै लेकिन समस्या अभी तक ज्यों की त्यों बनी हुई है। अगर शीघ्र ही इस समस्या का हल न किया गया तो वे सीवरेज बोर्ड के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। मोहल्लावासियों ने कहा कि केवल विभागीय अधिकारी ही नहीं बल्कि वार्ड के पार्षद भी वार्डवासियों की समस्या को अनदेखा कर रहे हैं। उन्होंनें पिछले कई माह से वार्डवासियों की सुध नहीं ली है। जबकि चुनावों के समय उन्होनें लोगों की सेवा करने का आशवासन दिया था।</p>
<h2 style="text-align:center;">समस्या संबंधी सीवरेज बोर्ड अधिकारियों को करवा दिया है अवगत : छाबड़ा</h2>
<p style="text-align:justify;">इधर इस बारे में पार्षद टीटू छाबड़ा से बात करने पर उन्होंनें कहा कि इन क्षेत्रों में पिछले कई माह से कोई समस्या नहीं थी अब कुछ दिनों से सीवरेज ब्लाकेज होने के कारण यह समस्या आई है और उन्होंने इस बारे में सीवरेज बोर्ड अधिकारियों को अवगत करवा दिया है शीघ्र ही वार्डवासियों को इस समस्या से निजात दिला दी जाएगी।</p>
<h1 style="text-align:center;">जल्द की जाएगी दूषित पानी की निकासी : एसडीओ</h1>
<p style="text-align:justify;">इस बारे में एसडीओ हरशरणजीत सिंह से बात करने पर उन्होनें कहा कि मोहल्ले के लोग उन्हें इस समस्या से अवगत करवा चुके हैं। पिछले दिनों सफाई कर्मचारियों द्वारा की गई हड़ताल के चलते अधिकतर कचरा सीवरेज लाईन में फंसने से सीवर जाम हो चुके हंै और शीघ्र ही इस सीवरेज लाईन की डीसिल्टिंग करवाकर सीवरेज समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। उन्होंनें कहा कि एक बार आर्जी तौर कर्मचारी लगाकर सीवरेज की सफाई करवाकर जमां पानी की निकासी करवाई जाएगी।</p>
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                <pubDate>Thu, 19 Jul 2018 04:30:39 +0530</pubDate>
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