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                <title>Save Environment - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>साध-संगत ने लगाए पौधे अब दे रहे फल व छाया</title>
                                    <description><![CDATA[नरवाना/धनौरी (सच कहूँ/राहुल)। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पावन अवतार दिवस पर ब्लॉक धनौरी की साध-संगत द्वारा पौधे लगाए गए थे। जिनकी सार संभाल करने के लिए साध संगत समय समय पर सफाई अभियान करती है। ब्लॉक भंगीदास वजीर इन्सां ने बताया की लगभग तीन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/tree-plantation-by-dera-followers-of-block-dhanori/article-41163"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/dhanori.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नरवाना/धनौरी (सच कहूँ/राहुल)।</strong> डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पावन अवतार दिवस पर ब्लॉक धनौरी की साध-संगत द्वारा पौधे लगाए गए थे। जिनकी सार संभाल करने के लिए साध संगत समय समय पर सफाई अभियान करती है। ब्लॉक भंगीदास वजीर इन्सां ने बताया की लगभग तीन वर्ष पहले ब्लॉक धनौरी की साध संगत द्वारा ब्लॉक के गांव उझाना में स्थित बाबा खाक नाथ जी के मंदिर में पूज्य गुरु जी के पावन अवतार दिवस की खुशी में पौधे लगाए थे। जो कि अब फलदार व छायादार वृक्ष बन चुके हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कई श्रद्धालुओं का लगाव उनके द्वारा लगाए पौधों से है</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वजीर इन्सां ने बताया की साध-संगत द्वारा मंदिर में लगाए हुए सैकड़ों पौधे आज गांव की प्राकृतिक को हरा-भरा बनाए हुए हैं। ब्लॉक की साध संगत समय समय पर सार संभाल और सफाई अभियान करती है। ब्लॉक भंगीदास वजीर इन्सां ने बताया की पौधारोपण अभियान में लगाए पौधों की उत्तरजीविता शत प्रतिशत है। इसके पीछे मुख्य वजह मंदिर की चारदीवारी और साध संगत की ओर से समय-समय पर इनकी देखभाल और साफ सफाई करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंदिर में सेवादारों द्वारा लगाया गया हर एक पौधा आज विशाल आकार ले चुका है। कई श्रद्धालुओं का लगाव उनके द्वारा लगाए पौधों से है। जब भी विभिन्न मौकों पर मंदिर में आते हैं तो अपने द्वारा लगाए पौधे को बड़ा आकार लिया देख काफी खुश होते हैं। इस मौके पर ब्लॉक धनौरी की साध संगत मौजूद रही।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Dec 2022 12:48:44 +0530</pubDate>
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                <title>रोजाना 15 किलोमीटर साइकिल चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहा ‘जसबीर सिंह’</title>
                                    <description><![CDATA[राजकीय महाविद्यालय रतिया में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हैं कार्यरत नाथूसरी चोपटा(सच कहूँ/भगत सिंह)। वर्तमान समय में पर्यावरण प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। आधुनिकता के दौर में सुविधाजनक चीजें पर्यावरण पर विपरीत असर डाल रही हैं। ऐसे में विभिन्न व्यक्ति, संस्था, क्लब आदि द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/jasbir-singh-is-giving-the-message-of-environmental-protection-by-cycling/article-38357"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/1-9.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>राजकीय महाविद्यालय रतिया में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हैं कार्यरत</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नाथूसरी चोपटा(सच कहूँ/भगत सिंह)।</strong> वर्तमान समय में पर्यावरण प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। आधुनिकता के दौर में सुविधाजनक चीजें पर्यावरण पर विपरीत असर डाल रही हैं। ऐसे में विभिन्न व्यक्ति, संस्था, क्लब आदि द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। ताकि पर्यावरण को शुद्ध (Save Environment) किया जा सकें। लोगों द्वारा वाहनों का कम प्रयोग करके साइकिल को बढ़ावा दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी कड़ी में खंड के गांव रुपाणागंजा के जसबीर सिंह पिछले 3 महीनों से रोजाना 15 किलोमीटर साइकिल चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। राजकीय महाविद्यालय रतिया में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत जसबीर सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में वायु प्रदूषण बहुत बढ़ रहा है। ऐसे में प्रदूषण को कम करने के लिए हम सब को सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने बताया कि उनका मुख्य लक्ष्य लोगों को साइकिल चलाने के प्रति जागरूक करना है। साइकिल चलाने से सेहत बढिय़ा रहती है और बीमारियां भी दूर रहती है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/heart-disease-are-increasing-due-to-stress/"><strong>यह भी पढ़ें – युवा रहें सावधान, तनाव के कारण बढ़ रहे हैं इस आयु वर्ग में हृदय रोग: डॉ जैन</strong></a></p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बच्चों को भी साइकिल चलाने के लिए कर रहे जागरूक</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">जसबीर सिंह ने बताया कि वे पिछले करीब 3 महीनों से रोजाना 15 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं। रास्ते में मिलने वाले बच्चों को भी में प्रेरित करते हैं। उन्हें साइकिल चलाने के महत्व के बारे जानकारी देते है। बच्चे भी इस अभियान में उनका पूरा सहयोग कर रहे हैं। रोजाना कई किलोमीटर तक बच्चे उनके साथ साइकिलिंग करते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>आसपास के गांवों के स्कूलों का करते हैं भ्रमण</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">असिस्टेंट प्रोफेसर जसवीर सिंह ने बताया कि वे अपनी इस साइकलिंग यात्रा के दौरान आसपास के गांव के सरकारी स्कूलों का भ्रमण करते हैं। गांव रुपाणा गंजा से शुरू करके वे अपनी साइकिल यात्रा को प्रतिदिन अलग अलग रुट को अपनाते हुए आसपास के गांव ढाबी कलां, ढाबी खुर्द, ठुईयां, शक्कर मंदोरी, शाहपुरिया, चाहरवाला, जांडवाला, पीलीमंदोरी, नहराना, रुपाणा बिश्नोइया, तरकांवली आदि गांव में जाते है। वे साइकिल के महत्व के बारे में गांव में मिलने वाले लोगों को बताते है कि भागदौड़ भरी जिंदगी में साइकिल चलाना एक तो अच्छा व्यायाम है। इससे मोटापा व तनाव को दूर किया जा सकता है व इससे मन को शांति मिलती है व पढ़ाई में भी ज्यादा मन लगता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह देते हुए कहा कि हर रोज केवल 15 मिनट ही साइकिल चलाने से सेहत अच्छी रहती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>यूनिवर्सिटी दोस्त से मिली साइकिल चलाने की प्रेरणा</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के मित्र मीठी सुरेरा गांव के सुभाष बरोड़ से उन्होंने रोजाना साईकिल चलाने की प्रेरणा ली। जसबीर सिंह ने बताया कि उनके मित्र सुभाष बरोड़ मीठी सुरेरा गांव में जियोग्राफी के प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। वे पिछले करीब पांच सालों से 30 किलोमीटर साइकिल रोजाना चलाते है। साथ ही वे जहां भी जाते है वहां अपने खुद से तैयार किए गए पौधे भी लगाते हैं । उन्हें रोज साइक्लिंग करते हुए देखकर ही साइकिल चलाने की प्रेरणा मिली।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Sep 2022 08:54:23 +0530</pubDate>
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                <title>पर्यावरण बचाने के लिए साइकिल यात्रा शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[दनोदा का छौरा सचिन अरुणाचल से गुजरात तक चलाएगा साइकिल सच कहूँ-बिंटू सिंह नरवाना। बिनैण खाप के गांव दनोदा के छौरे पर्वतारोही सचिन ने पर्यावरण बचाने के लिए अरुणाचल प्रदेश से गुजरात तक की अपनी साइकिल यात्रा शुरू कर दी है। पिछले साल भी पर्वतारोही सचिन ने बेटी बचाओ का संदेश देने के लिए कन्याकुमारी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/starting-the-cycle-journey-to-save-the-environment/article-4932"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/sachin-cycle-journey-.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">दनोदा का छौरा सचिन अरुणाचल से गुजरात तक चलाएगा साइकिल</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ-बिंटू सिंह</strong><br />
<strong>नरवाना। </strong>बिनैण खाप के गांव दनोदा के छौरे पर्वतारोही सचिन ने पर्यावरण बचाने के लिए अरुणाचल प्रदेश से गुजरात तक की अपनी साइकिल यात्रा शुरू कर दी है। पिछले साल भी पर्वतारोही सचिन ने बेटी बचाओ का संदेश देने के लिए कन्याकुमारी से कश्मीर तक की साइकिल यात्रा 4077 किलोमीटर पूरी की थी। इस साल सचिन पूर्व से पश्चिम छोर को साइकिल से पूरा करेंगे। साइकिल यात्रा शुरू करने से पहले सचिन ने बताया कि बेशक उसने एक गरीब परिवार में जन्म लिया है।</p>
<h2 style="text-align:center;">औरों से कुछ अलग करने की तमन्ना में आड़े नहीं आएगी सचिन की गरीबी</h2>
<p style="text-align:justify;">उसकी यह गरीबी औरों से कुछ अलग करने की तमन्ना में आड़े नहीं आएगी। क्योंकि उसका मानना है की इंसान की सच्ची लगन और उसका अदम्य साहस उसे एक दिन सफलता की सीढ़ी पर जरूर पहुंचाता है। गौरतलब है कि इससे पहले सचिन कन्याकुमारी से खारदुंगला 4077 किलोमीटर की साइकिल यात्रा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ व पर्यावरण संरक्षण लेकर 37 दिन में पूरी कर चुका है।</p>
<h2 style="text-align:center;">हिमालय की सात दुर्गम चोटियों को फतेह कर चुका है सचिन</h2>
<p style="text-align:justify;">हिमालय की सात दुर्गम चोटियों को फतेह कर चुका है। पिछले लगातार दो सालों से दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के लिए चयन हो चुका है लेकिन आर्थिक हालत की वजह से सचिन का यह सपना अभी तक साकार नहीं हुआ है। लेकिन लगातार हो रही असफलता भी सचिन दनोदा के हौंसले को तोड़ नहीं पाई है और सचिन ने दुगनी ऊर्जा से इस मिशन की शुरुआत की है। जो आज की युवा पीढ़ी के लिए एक उदाहरण पेश करती है। अब सचिन का सपना दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट एवरेस्ट को फतह करना है।</p>
<h2 style="text-align:center;">माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने में सरकार से की आर्थिक सहायता करने की अपील</h2>
<p style="text-align:justify;">सचिन ने युवाओं के लिए कहा कि हमें अपने जीवन मे कभी हार नहीं माननी चाहिए। मेहनत का फल हमेशा मीठा होता है। आज नही तो कल सफलता हमारे कदमों में होगी। सचिन ने केंद्र सरकार व राज्य सरकार से अपील की है कि वह माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने में आर्थिक सहायता करे ताकि वह अपने देश, प्रदेश का नाम पूरी दुनिया मे रोशन कर सके।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Jul 2018 04:46:17 +0530</pubDate>
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