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                <title>Sanitary Hygiene - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>देश में 82 फीसदी महिलाओं को माहवारी के दौरान मुहैया नहीं होता सेनिटरी नैपकिन</title>
                                    <description><![CDATA[आज भी पुराना कपड़ा, घास या राख जैसे विकल्प अपनाने का मजबूर | Sanitary Pads उदयपुर (एजेंसी)। फेडरेशन आॅफ आॅब्सटेट्रक एंड गाएनाकोलॉजिकल सोसाइटी आॅफ इंडिया (एफओजीएसआई) ने कहा है कि देश की सिर्फ 18 फीसदी महिलाएं और लड़कियां ही माहवारी के दौरान सेनिटरी नैपकिन (Sanitary Pads) का इस्तेमाल करती हैं जबकि 82 फीसदी महिलाएं आज भी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/only-18-percent-women-of-the-nation-have-access-of-sanitary-pads/article-4951"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/gst-5.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">आज भी पुराना कपड़ा, घास या राख जैसे विकल्प अपनाने का मजबूर | Sanitary Pads</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>उदयपुर (एजेंसी)।</strong> फेडरेशन आॅफ आॅब्सटेट्रक एंड गाएनाकोलॉजिकल सोसाइटी आॅफ इंडिया (एफओजीएसआई) ने कहा है कि देश की सिर्फ 18 फीसदी महिलाएं और लड़कियां ही माहवारी के दौरान सेनिटरी नैपकिन <strong>(Sanitary Pads)</strong> का इस्तेमाल करती हैं जबकि 82 फीसदी महिलाएं आज भी पुराना कपड़ा, घास और यहां तक कि राख जैसे अस्वच्छ एवं असुरक्षित विकल्प अपनाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एफओजीएसआई और मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता के बारे में जागरूकता के लिए काम करने वाली पंचवर्षीय योजना ‘नाइन मूवमेन्ट’ ने देश भर में मासिक धर्म से जुड़ी गलत अवधारणाओं को दूर करने के लिए आज उदयपुर में एफओजीएसआई वेस्ट जोन युवा कॉन्फ्रेन्स 2018 के दौरान एक अखिल भारतीय साझेदारी का एलान किया है। इसके तहत नाइन मूवमेन्ट देश भर में एफओजीएसआई की 235 सोसाइटियों के साथ मिलकर काम करेगा, जिन्हें चार जोनों में बांटा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">एफओजीएसआई नाइन मूवमेन्ट की रुचेन आॅफ नाइन पहल को अपना समर्थन प्रदान करता है, जिसके तहत हर व्यक्ति को ‘9’ अन्य लोगों से बातचीत कर मासिक धर्म के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। एफओजीएसआई पब्लिक कमेटी के तत्वावधान में इस अखिल भारतीय अभियान का नेतृत्व इसकी अध्यक्ष डॉ. अचर्ना वर्मा करेंगी।</p>
<h1 style="text-align:center;">71 फीसदी महिलाओं को मासिक धर्म के बारे<br />
में जानकारी नहीं | Sanitary Pads</h1>
<p style="text-align:justify;">वेस्ट जोन एफओजीएसआई युवा कॉन्फ्रेन्स 2018 के दौरान अखिल भारतीय अभियान के लॉन्च पर शुद्धप्लस हाइजीन प्रोडक्ट्स की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचा सिंह ने कहा, ‘अगले महीने हम आजादी की 71वीं सालगिरह मना रहे हैं, लेकिन आज भी देश में 71 फीसदी महिलाओं को अपने पहले पीरियड से पहले मासिक धर्म के बारे में कोई जानकारी नहीं होती।</p>
<p style="text-align:justify;">चौंकाने वाले ये आँकड़े हम सभी के लिए आह्वान हैं। हमें खुशी है कि हमें ऐसा बदलाव लाने के लिए एफओजीएसआई के साथ साझेदारी का मौका मिला है, जहां ‘पीरियड्स’ को रहस्य की तरह नहीं माना जाएगा, इस पर चुपके से नहीं बल्कि खुलकर बात की जाएगी। हम मिलकर उस अंतराल को दूर करना चाहते हैं जहां 18 फीसदी महिलाएं एवं लड़कियाँ ही माहवारी के दौरान सेनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल करती हैं, जबकि 82 फीसदी महिलाएँ आज भी अस्वच्छ एवं असुरक्षित तरीके अपनाती हैं।’</p>
<p style="text-align:justify;">एफओजीएसआई के अध्यक्ष डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने कहा, ‘हमें खुशी है कि हम नाइन मूवमेन्ट के साथ मिलकर अखिल भारतीय अभियान की शुरूआत कर रहे हैं। वे मासिक धर्म से जुड़े मुद्दों पर जागरुकता फैलाने के लिए जो प्रयास कर रहे हैं, वे अपने-आप में सराहनीय हैं। हमें उम्मीद है कि हमारी यह अखिल भारतीय साझेदारी देश की महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को हल करने में कारगर साबित होंगी।</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Jul 2018 15:23:10 +0530</pubDate>
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