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                <title>Furniture - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Furniture RSS Feed</description>
                
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                <title>वेल्डिंग की चिंगारी ने फूंके फर्नीचर के चार गोदाम</title>
                                    <description><![CDATA[साथ में बने तेल एवं सीएनजी पंप को भी करवाना पड़ा बंद दमकल विभाग की सात गाड़ियों ने आग पर काबू पाया लकड़ी का सामान ज्यादा होने से आग तेजी से फैली गुरुग्राम (सच कहूँ न्यूज)। Gurugram News: यहां सेक्टर-89 में सोमवार को एक फर्नीचर के गोदाम में आग से लाखों का नुकसान हो गया। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/four-furniture-warehouse-ignited-due-to-welding-sparks/article-83159"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/gurugram-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">साथ में बने तेल एवं सीएनजी पंप को भी करवाना पड़ा बंद</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>दमकल विभाग की सात गाड़ियों ने आग पर काबू पाया</li>
<li>लकड़ी का सामान ज्यादा होने से आग तेजी से फैली</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>गुरुग्राम (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Gurugram News: यहां सेक्टर-89 में सोमवार को एक फर्नीचर के गोदाम में आग से लाखों का नुकसान हो गया। आग ज्यादा फैलने के कारण साथ में बने तेल पंप को भी बंद करना पड़ा। बताया जा रहा है कि यह आग वेल्डिंग की चिंगारी से लगी थी। दमकल विभाग की सात गाडि?ों से आग पर काबू पाया गया। जानकारी के अनुसार सेक्टर-89 में चार फर्नीचर के गोदाम थे। इस गोदामों में नया व पुराना फर्नीचर रखा हुआ था। गोदामों को उत्तर प्रदेश निवासी जैद खान, जावेद, नौशाद, शाद, जाहिर, जुबेर, असगर खान व शमशेर खान चलाते हैं। सोमवार को यहां अचानक धुआं उठता नजर आया। कुछ ही देर में वहां पर आग तेजी से फैल गई। एक के बाद एक चारों गोदाम आग की चपेट में आ गए। आग की सूचना पर दमकल विभाग से गाड़ियां लेकर कर्मचारी पहुंचे और आग बुझानी शुरू की। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच चुकी थी। Gurugram News</p>
<p style="text-align:justify;">कई किलोमीटर दूर से ही इन गोदामों में लगी आग व काला धुआं नजर आ रहा था। इस दौरान सडक पर जाम भी लग गया। ऐहतियात के तौर पर वाहनों को आगे नहीं जाने दिया गया। बता दें कि इन गोदामों के पास ही नायरा कंपनी का तेल एवं सीएनजी पंप भी है। कहीं आग भडककर पंप तक ना पहुंच जाए, इस ऐहतियात से पंप को भी बंद करवा दिया गया। कड़ी मशक्कत से दमकल विभाग की टीमों ने आग पर काबू पाया। आग के कारणों की जांच के बाद फायर ब्रिगेड अधिकारी विपिन ने जानकारी दी कि फर्नीचर गोदाम में वेल्डिंग की चिंगारी से यह आग लगी है। बताया जा रहा है कि वहां पर वैल्डिंग का काम भी किया जा रहा था। इस दौरान चिंगारी किसी सामान पर गिरी और आग का गोला बनकर भडकी। Gurugram News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Fire: शिकोहाबाद में आग लगने के बाद मकान में हुआ धमाका, आधा दर्जन घायल" href="http://10.0.0.122:1245/explosion-in-house-after-fire-in-shikohabad/">Fire: शिकोहाबाद में आग लगने के बाद मकान में हुआ धमाका, आधा दर्जन घायल</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 17:28:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सोफे का बिजनेस: कम लागत व कुशल कारीगर की मदद से कमाएं खूब पैसा</title>
                                    <description><![CDATA[आज हम आपको सोफे बनाने का बिजनेस करने के बारे में बताएंगे। इस बिजनेस में आप मोटा पैसा कमा सकते हैं। इस बिजनेस को शुरू करने से पहले आपको कई प्रकार की तैयारियां करनी पड़ती हैं। इसके अलावा ग्राहक कैसे मिलेगा?, सोफे का साइज कैसे लेते हैं? सोफा बनाने के लिए किन-किन टूल की आवश्यकता […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/sofa-business-earn-a-lot-of-money-with-the-help-of-low-cost-and-illed-craftsmen/article-29035"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-12/sofa.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><em><strong>आज हम आपको सोफे बनाने का बिजनेस करने के बारे में बताएंगे। इस बिजनेस में आप मोटा पैसा कमा सकते हैं। इस बिजनेस को शुरू करने से पहले आपको कई प्रकार की तैयारियां करनी पड़ती हैं। इसके अलावा ग्राहक कैसे मिलेगा?, सोफे का साइज कैसे लेते हैं? सोफा बनाने के लिए किन-किन टूल की आवश्यकता पड़ेगी? सोफा बनाने के लिए आपको कितनी नॉलेज चाहिए इत्यादि के बारे में पूरी जानकारी देंगे।</strong></em></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बिजनेस से पहले तैयारियां</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले पूरी तैयारी भी कर लेनी चाहिए। जिसके बाद आप बिजनेस में लगने वाले रिस्क को कम करते चले जाते हैं। इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे पहले हमें कुशल कारीगर ढूंढने चाहिए। कारीगर अच्छा होना चाहिए। इसे आप वेतन पर या ठेके पर भी रख सकते हैं। आपको मासिक 15 हजार से 20 हजार के बीच अच्छा अनुभवनी कारीगर मिल सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सोफे के साइज</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>लंबाई:</strong> एक सोफे में स्टैंडर्ड साइज के हिसाब से प्रति 25 इंच एक सीट होती है। मान लीजिए आपका सोफा 100 इंची लंबा है तो इसे हम 4 सीट कहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>चौड़ाई:</strong> इसे हम गहराई बोले तो ज्यादा अच्छा होगा। एक सोफे की स्टैंडर्ड गहराई (बाहर से बाहर) 30 इंच होती है, तथा बैठने वाले हिस्से की स्टैंडर्ड गहराई 22 इंच होती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ऊंचाई:</strong> हमारे देश में जमीन से लेकर सोफे पर बैठने तक की स्टैंडर्ड ऊंचाई 18 इंच है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सोफे की लकड़ी की जानकारी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>मरंटी वुड:</strong> सागवान के मुकाबले सस्ती होती है, वजन में हल्की होती है, सीधी होती है, मजबूती ठीक-ठाक ही होती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैल वुड:</strong> सस्ती होती है, कवर्ड सोफे बनाने के लिए ठीक ही रहती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>देवदार की लकड़ी:</strong> वजन में हल्की होती है, सस्ती होती है, सीधी होती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सफेदा वुड:</strong> वजन में भारी होती है, मरंटी वुड से भी सस्ती होती है। सीधी नहीं होती, सूखने के बाद टेढ़ी हो जाती है। बहुत मजबूत होती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नीम:</strong> मजबूत होती है, महंगी होती है, कीड़ा नहीं लगता। इसमें सोफे बनाने वाले आसानी से कि नहीं घुसा पाते। नीम की लकड़ी न लगाने का यही मेन कारण होता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सागवान:</strong> यह बहुत अच्छी इमारती लकड़ी होती है। महंगी होती है, कील गाढ़ने पर फट जाती है, इसीलिए इसका इस्तेमाल कवर्ड सोफे बनाने के लिए नहीं किया जाता। यह केवल ओपन सोफों में काम आती है। इस पर पॉलिश करने के बाद यह बहुत अच्छी लगती है। मजबूती के लिए इसमें चूल सुराग करके ढांचा बनाया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>शीशम:</strong> यह भी एक महंगी इमारती लकड़ी है, बहुत मजबूत होती है। इसमें भी कील आसानी से ना कुछ पाने के कारण इसका इस्तेमाल कवर्ड सोफे बनाने के लिए नहीं किया जाता।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सोफे के कपड़े की जानकारी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कपड़े संबंधी आपको छोटा सा आइडिया दे रहे हैं, जो सभी गणनाएं लगभग में होंगी। डाइमेंशंस के अनुसार पर एक सीट पर आप दो मीटर की एवरेज मान लें। यदि सोफा लूज गद्दी वाला है तो आप ढाई मीटर प्रति सीट की एवरेज मान लें। हैंडल वाली सीटों पर एक मीटर प्रति हैंडल के हिसाब से अलग से जोड़ लें।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>इन शहरों से मिलेगा सोफे का कपड़ा</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">सोफे के कपड़े के लिए आप पानीपत, मेरठ, दिल्ली ( कीर्ति नगर, गांधीनगर, क्लॉथ मार्केट), सूरत इत्यादि विजिट कर सकते हैं। आप इंटरनेट पर जस्ट डायल के माध्यम से भी आसानी से सोफे के कपड़े के होलसेलर के बारे में पता कर सकते हैं।</p>
<h4><strong>सोफे में लगने वाला सामान</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">लकड़ी+प्लाई, कील, वुड एडहेसिव, टाट, स्प्रिंग ( जिगजैग स्प्रिंग)+ स्प्रिंग के क्लिप, निवाड़, केसमेंट, फोम (सोफे की गद्दी, 63 की 1 इंच 2 इंच 3 इंच फोम शीट), सिलोशन, कपड़ा, मार्किन।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कुछ अन्य सामान की जानकारी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">जिस सामान के बारे में हम आपको बता रहे हैं, उसमें आप कुछ सामान को हटाकर, अपनी शुरूआत थोड़ा सस्ते सामान से भी कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैटलॉग:</strong> सोफे के डिजाइन के लिए किताब/या फिर आप इंटरनेट से भी सोफे के डिजाइन निकाल सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कंप्रेसर:</strong> यह सोफे के ढांचे बनाने के लिए उसमें प्रेशर द्वारा कील गाड़ने के लिए, सिलोशन लगाने के लिए, कपड़े की मड़ाई के लिए पिन लगाने के लिए। लकड़ी काटने वाला बिजली का कटर, हाथ की आरी, हथौड़ी, जमूर, रंदा मारने की इलेक्ट्रिक मशीन/ या हाथ का रंदा, रंदा मारने के लिए टेबल, पेचकस/प्लास।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कटर:</strong> फोम काटने के लिए/बड़े वाला छुरा</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कतिया:</strong> इससे जिग जेग स्प्रिंग आसानी से कट जाती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सोफे के बिजनेस में क्या लाभ</strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;">आसानी से शुरू किया जा सकता है।</li>
<li style="text-align:justify;">कंपटीशन बहुत कम है।</li>
<li style="text-align:justify;">आपको तथा अन्य लोगों को रोजगार मिलता है।</li>
<li style="text-align:justify;">आपको मोटा आर्डर मिलने के ज्यादा चांस रहते हैं, जिससे आप जल्द ही अपने वित्तीय जरूरतों को पूरा कर सकते हो। जैसे कि: होटल, लॉज, हॉस्पिटल, सरकारी दफ्तर इत्यादि से आर्डर मिल सकता है।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सोफे बनाने की पूरी प्रक्रिया</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>1. लकड़ी का फ्रेम बनाना:</strong> सोफा बनाने के लिए सबसे पहले आपको लकड़ी का फ्रेम बनाना होगा। इसके लिए आप चाहे तो बाजार से लकड़ी की सिल्ली भी कटवा सकते हैं या फिर अपने साइज पहले से कटी हुई लकड़ी ले सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह लकड़ी कम से कम 10 फुट लंबी होनी चाहिए। इसके बाद आप चाहे तो, इस पर बाजार से रंदा लगवा सकते हैं। रंदा लगवाने से लकड़ी साफ-सुथरी हो जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">सोफे के ऊपर फ्रेम में 2 बाय 2 इंची या 2 इंची बाय डेढ़ इंची लकड़ी का इस्तेमाल करना ठीक रहेगा। इसके नीचे के बेस पर, जहां पर इसमें पावे लगेंगे, उस फे्रम को यदि आप मजबूत करना चाहते हैं तो, 3 बाय 1.5 की लकड़ी का इस्तेमाल करें।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2. जिग जेग स्प्रिंग लगाना:</strong> इसके बाद फ्रेम में जिगजाग स्प्रिंग लगानी है। इससे सोफे पर बैठने पर बाउंसबैक का अनुभव होता है। जिगजाग स्प्रिंग को कतिया से साइज के हिसाब से काटना है। इसे थोड़ा खींचकर लगाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>3. फोमिंग करना:</strong> इसके बाद सोफे के वुडन स्ट्रक्चर पर हम फोम की पेस्टिंग करेंगे। इससे सोफा बहुत ही आरामदायक हो जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>4. हैंडल तथा बैक:</strong> अगले स्टेप में हमें सोफे की बैक तथा हैंडल को कंप्लीट करना है। सोफे की सीट भी दो प्रकार से बनती है। पहली जो सोफे में फिक्स रहती है और दूसरी फ्रेम पर अलग से बनाकर फिक्स की जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>5. सोफा कंप्लीट व पैकिंग :</strong> इस स्टेप में हम सोफे पर चारों तरफ कपड़ा लगा देंगे। सोफा पूरा होने के बाद जब आपको ग्राहक के घर भेजना है, तो उसे बहुत अच्छी तरह पैक कर लें। ट्रांसपोर्टेशन के दौरान झटके लगने से सोफा फट सकता है, इसलिए उसे अच्छी तरह बांंधें, जहां पर भी रस्सी हो वहां पर उसके नीचे फोम का टुकड़ा अवश्य लगाएं। पन्नी से अच्छी तरह पैक कर दें ताकि रास्ते में धूल मिट्टी से वह गंदा ना हो जाए।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Dec 2021 05:05:54 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अब विज्ञान प्रयोगशालाओं में नहीं रहेगी फर्नीचर की कमी</title>
                                    <description><![CDATA[सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी शीशा लगी अलमीरा में सुरक्षित रख सकेंगे अपने मॉडल सच कहूँ-सुनील वर्मा सरसा। प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में बनी विज्ञान प्रयोगशालाओं में अब विद्यार्थियों को फर्नीचर की कमी से नहीं जूझना पड़ेगा। क्योंकि हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद् ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर उनके जिले […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/a-shortage-of-furniture-in-science-labs-will-be-completed/article-4974"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/science-lab.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी शीशा लगी अलमीरा में सुरक्षित रख सकेंगे अपने मॉडल</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ-सुनील वर्मा</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा।</strong> प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में बनी विज्ञान प्रयोगशालाओं में अब विद्यार्थियों को फर्नीचर की कमी से नहीं जूझना पड़ेगा। क्योंकि हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद् ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर उनके जिले के स्कूलों की प्रयोगशालाओं में जिन फर्नीचर की कमी है उनकी डिमांड भेजने का कहा है। अब जिला के साइंस एक्सपर्ट ने अपने-अपने जिला के हाई स्कूलों में जिन फर्नीचर की कमी थी, उनकी डिमांड बनाकर विभाग को भेज दी है, ताकि विद्यार्थियों को विज्ञान प्रयोगशाला में फर्नीचर की समस्या से दो-चार न होना पड़े।</p>
<h2>प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को  जारी पत्र</h2>
<p style="text-align:justify;">दरअसल बीते दिनों प्रदेश के सभी जिलों के जिला विज्ञान विशेषज्ञों की हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद् के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने मीटिंग ली थी। जिसमें डायरेक्टर ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर उनके स्कूलों में जिन फर्नीचर की कमी है उनकी डिमांड 20 जुलाई तक बनाकर भेजने के निर्देश दिए थे। इतना ही नहीं पत्र में यह भी कहा गया है कि वे अपने प्रयोगशाला में किस प्रकार के फर्नीचर मंगवाना चाहते हैं, उनकी कीमत कितनी है, यह भी बताने को कहा गया था।</p>
<h2 style="text-align:justify;">50 विद्यार्थी के अनुसार फर्नीचर की डिमांड भेजने के दिए थे निर्देश</h2>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी हुए पत्र में कहा गया है कि सभी अधिकारी प्रत्येक स्कूल में कम से कम 50 विद्यार्थियों के हिसाब से फर्नीचर की डिमांड बनाकर भेजे, कि उन्हें कितना फर्नीचर चाहिए। डिमांड में उन्हें यह भी बताना होगा कि उन्हें प्रत्येक स्कूल में कितनी अलमारी, कितने मेज, कितने रैक्स सहित अन्य फर्नीचर की आवश्यकता है, उन सभी फर्नीचर के फोटोग्राफ भी साथ भेजने के निर्देश दिए थे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">इन फर्नीचर की भेजी है डिमांड</h2>
<p style="text-align:justify;">विभाग द्वारा मांगी गई डिमांड के पश्चात सरसा जिला के विज्ञान विशेषज्ञों ने डीईओ के दिशा निर्देशन में 5 तरह के फर्नीचर की डिमांड बनाकर भेजी गई है। जिनमें सर्वप्रथम 6 लेयर के स्टील के रैक्स की मांग की गई है और प्रत्येक स्कूल के लिए ऐसे 2 रैक्स की मांग की गई है। एक रैक्स की कीमत लगभग 4000 रुपए हो। इसके अलावा ग्लास डोर वाली स्टील की अलमीरा की मांग की गई है। जिनकी प्रत्येक स्कूल में संख्या 2 हो तथा इनकी एक की कीमत 6000 रुपए हो। वहीं विज्ञान प्रयोगशाला में लगने वाले कक्षाओं में बैठने के लिए बैंच की मांग की गई है। इनकी प्रत्येक स्कूल में सख्यां 40 मांगी गई है। एक बैंच की कीमत 500 रुपए होनी चाहिए।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Jul 2018 03:52:17 +0530</pubDate>
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