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                <title>राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर यूनिवर्सिटी के लिए पीएम, योगी का आभार</title>
                                    <description><![CDATA[सहारनपुर (एजेंसी)। देवबंदी विचारधारा के इस्लामिक शिक्षण केंद्र दारुल ऊलम देवबंद के तीसरे सदर मुदर्रिस (प्रधानाध्यापक 1851-1920) के पौत्र अशरफ उस्मानी ने प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर अलीगढ़ में राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया है। उस्मानी ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/thanks-to-pm-yogi-for-the-university-in-the-name-of-raja-mahendra-pratap-singh/article-26946"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-09/raja-mahendra-pratap-singh-university.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सहारनपुर (एजेंसी)।</strong> देवबंदी विचारधारा के इस्लामिक शिक्षण केंद्र दारुल ऊलम देवबंद के तीसरे सदर मुदर्रिस (प्रधानाध्यापक 1851-1920) के पौत्र अशरफ उस्मानी ने प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर अलीगढ़ में राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया है। उस्मानी ने कहा कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह यह सम्मान बहुत ही पहले मिल जाना चाहिए था। अशरफ उस्मानी दारूल उलूम देवबंद के प्रवक्ता भी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उनके पिता मौलाना राशिद हसन उस्मानी भी स्वतंत्रता सेनानी थे और उनके बाबा शेख उल हिंद, मौलाना महमूद उल हसन उस्मानी थे जिन्होंने भारत को आजाद कराने के लिए रेशमी रूमाल की तहरीफ चलाई थी। इन्हीं मौलाना महमूद हसन उस्मानी ने एक दिसंबर 1915 को काबुल अफगानिस्तान में भारत की अंतरिम सरकार का गठन किया था। उन्होंने ने ही राजा महेंद्र प्रताप सिंह को भारत की अंतरिम सरकार का राष्ट्रपति बनाकर अफगानिस्तान काबुल भेजा था।</p>
<h4 style="text-align:justify;">अब राजा महेंद्र प्रताप सिंह को दिया गया सम्मान</h4>
<p style="text-align:justify;">देवबंद दारूल उलूम के ही मौलाना बरकतुल्ला को प्रधानमंत्री बनाया गया था और देवबंद दारूल उलूम के ही मौलाना उबेदुल्ल सिंधी गृहमंत्री और देवबंद दारूल उलूम के ही मौलवी बसीर युद्ध मंत्री बनाए गए थे। जिन्होंने भारत को आजाद कराने के लिए सशस्त्र क्रांति योजना तैयार की थी और रेशमी रूमाल के जरिए भी संदेशों का आदान-प्रदान करते थे। वर्ष 2013 में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने महम्मूद उल हसन की स्मृति में डाक टिकट जारी किया था। अब राजा महेंद्र प्रताप सिंह को मौजूदा सरकार द्वारा भरपूर सम्मान दिए जाने से महमूद हसन के अनुयायियों और परिवार के सदस्यों को संतोष की प्राप्ति हुई है।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Sep 2021 09:52:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अलीगढ़:  पीएम मोदी बोले-राष्&amp;#x200d;ट्रनायकों से देश की पीढ़ियों को परिचित ही नहीं कराया गया</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम  ने अलीगढ़ में राजा महेन्‍द्र प्रताप सिंह विश्‍वविद्यालय का शिलान्‍यास किया लखनऊ (सच कहूँ न्यूज)। पीएम मोदी ने अलीगढ़ में राजा महेन्‍द्र प्रताप सिंह विश्‍वविद्यालय का शिलान्‍यास किया। इस मौके पर उन्‍होंने स्‍वतंत्रता संग्राम में राजा महेन्‍द्र सिंह के योगदान का उल्‍लेख करते हुए उन्‍होंने कहा कि यह दुर्भाग्‍य है कि राष्‍ट्रनायकों से देश […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pm-to-lay-foundation-stone-of-raja-mahendra-pratap-singh-university-in-aligarh-today/article-26813"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-09/pm-modi.jpg" alt=""></a><br /><h3><strong>पीएम  ने अलीगढ़ में राजा महेन्‍द्र प्रताप सिंह विश्‍वविद्यालय का शिलान्‍यास किया</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (सच कहूँ न्यूज)। </strong>पीएम मोदी ने अलीगढ़ में राजा महेन्‍द्र प्रताप सिंह विश्‍वविद्यालय का शिलान्‍यास किया। इस मौके पर उन्‍होंने स्‍वतंत्रता संग्राम में राजा महेन्‍द्र सिंह के योगदान का उल्‍लेख करते हुए उन्‍होंने कहा कि यह दुर्भाग्‍य है कि राष्‍ट्रनायकों से देश की पीढ़ियों को परिचित ही नहीं कराया गया। 20 वीं सदी की उन गलतियों को 21 वीं सदी का भारत सुधार रहा है। इस मौके पर उन्‍होंने कल्‍याण सिंह को शिद्दत से याद किया। उन्‍होंने कहा कि आज उनकी कमी महसूस हो रही है। उनकी आत्‍मा जहां कहीं भी होगी हमें आशीर्वाद दे रही होगी।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="hi" dir="ltr" xml:lang="hi">हमारी आजादी के आंदोलन में ऐसे कितने ही महान व्यक्तित्वों ने अपना सब कुछ खपा दिया।</p>
<p>लेकिन ये देश का दुर्भाग्य रहा कि आजादी के बाद ऐसे राष्ट्र नायक और राष्ट्र नायिकाओं की तपस्या से देश की अगली पीढ़ियों को परिचित ही नहीं कराया गया: PM <a href="https://twitter.com/narendramodi?ref_src=twsrc%5Etfw">@narendramodi</a></p>
<p>— PMO India (@PMOIndia) <a href="https://twitter.com/PMOIndia/status/1437672662789021707?ref_src=twsrc%5Etfw">September 14, 2021</a></p></blockquote>
<p></p>
<h4 style="text-align:justify;">जानें, कौन है राजा महेंद्र प्रताप सिंह</h4>
<p style="text-align:justify;">अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी सम्पत्ति दान कर दी थी। उस अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के इतिहास में राजा महेंद्र प्रताप सिंह को कोई स्थान नहीं मिला। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी जो तथ्य दिए गए हैं, उसमें सिर्फ सैय्यद अहमद खान के योगदान का जिक्र तो है पर विश्वविद्यालय के लिए जमीन का एक बड़ा हिस्सा दान करने वाले राजा महेंद्र प्रताप सिंह का कोई उल्लेख नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">इतिहास की इस भूल के सुधार की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री योगी ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह को उनका गौरव वापस दिलाने का संकल्प लिया था। योगी ने राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर अलीगढ़ जिले में राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापना की घोषणा की थी। बकौल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘राजा महेंद्र प्रताप ने अपनी पूरी सम्पत्ति दान कर दी मगर उनके साथ न्याय नहीं हुआ। उन्हें भुला दिया गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने ब्रिटिश सरकार का विरोध किया था</h4>
<p style="text-align:justify;">देश के दो बड़े विश्वविद्यालयों के ‘नींव की ईंट’ की तुलना करें तो अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, दोनों की स्थापना में क्षेत्रीय राजाओं ने भूमि दान की थी मगर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैय्यद अहमद खान ने भूमि दान देने वाले राजा महेंद्र प्रताप सिंह को भुला दिया जबकि पंडित मदन मोहन मालवीय ने काशी नरेश के योगदान को सदैव सिर-माथे पर रखा।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रसिद्ध इतिहासकार इरफान हबीब ने लिखा है कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने ब्रिटिश सरकार का विरोध किया था। वर्ष 1914 के प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान वह अफगानिस्तान? गए थे। 1915 में उन्होंने आजाद हिन्दुस्तान की पहली निर्वासित सरकार बनवाई थी। बाद में सुभाष चंद्र बोस ने 28 साल बाद उन्हीं की तरह आजाद हिंद सरकार का गठन सिंगापुर में किया था। एक समय उन्हें नोबल शांति पुरस्कार के लिए भी नामित किया गया था।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>साल 1902 में उनका विवाह बलवीर कौर से हुआ था जो जिन्द रियासत के सिद्धू जाट परिवार से थीं</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 1976 में राजा महेंद्र प्रताप को सर्वसम्मति से अखिल भारतीय जाट महासभा का अध्यक्ष चुना गया। इससे पहले 29 अगस्त 1949 को कोलकाता की एक विशाल सभा में उन्हें ‘राजर्षि’ के सम्मान के साथ अभिनंदन किया गया था। यही नहीं, कोलकाता में हिंदी शिक्षा परिषद ने 18 दिसंबर 1960 को उन्हें ‘विश्व रत्न सम्मान’ से विभूषित किया। महेन्द्र प्रताप का जन्म 01 दिसम्बर 1886 को एक जाट परिवार में हुआ था जो मुरसान रियासत के शासक थे।</p>
<p style="text-align:justify;">यह रियासत वर्तमान उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में थी। वे राजा घनश्याम सिंह के तृतीय पुत्र थे, जब वो तीन साल के थे तब हाथरस के राजा हरनारायण सिंह ने उन्हें पुत्र के रूप में गोद ले लिया। साल 1902 में उनका विवाह बलवीर कौर से हुआ था जो जिन्द रियासत के सिद्धू जाट परिवार की थीं। विवाह के समय वे कॉलेज की शिक्षा ले रहे थे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">26 अप्रैल 1979 में उनका देहांत हुआ</h4>
<p style="text-align:justify;">राजा महेंद्र सिंह के बारे में बताया जाता है कि मैसर्स थॉमस कुक एंड संस के मालिक बिना पासपोर्ट के अपनी कम्पनी के पी एंड ओ स्टीमर द्वारा राजा महेन्द्र प्रताप और स्वामी श्रद्धानंद के ज्येष्ठ पुत्र हरिचंद्र को इंग्लैंड ले गए। उसके बाद जर्मनी के शसक कैसर से उन्होंने भेंट की। वहां से वो अफगानिस्तान गए।</p>
<p style="text-align:justify;">फिर बुडापेस्ट, बुल्गारिया, टर्की होकर हेरात पहुंचे जहां अफगान के बादशाह से मुलाकात की और वहीं से 01 दिसम्बर 1915 में काबुल से भारत के लिए अस्थाई सरकार की घोषणा की जिसके राष्ट्रपति स्वयं तथा प्रधानमंत्री मौलाना बरकतुल्ला खां बने। यहां स्वर्ण-पट्टी पर लिखा सूचनापत्र रूस भेजा गया। साल 1920 से 1946 विदेशों में भ्रमण करते हुए विश्व मैत्री संघ की स्थापना की, फिर 1946 में भारत लौटे। यहां सरदार पटेल की बेटी मणिबेन उनको लेने कलकत्ता हवाई अड्डे गईं। इसके बाद वो संसद-सदस्य भी रहे। 26 अप्रैल 1979 में उनका देहांत हो गया।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Sep 2021 12:52:24 +0530</pubDate>
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                <title>मोदी विश्वविद्यालय के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[सीकर (एजेंसी)। राजस्थान में कोरोना संक्रमण की रोकथाम में सहयोग नहीं करने पर चिकित्सा विभाग की ओर से लक्ष्मणगढ़ में मोदी विश्वविद्यालय के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया गया है। सूत्रों ने वीरवार को बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. राजीव ढाका की ओर से पुलिस में दी गई रिपोर्ट […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/case-filed-against-mody-university-under-epidemic-act/article-23107"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-04/mody-university.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सीकर (एजेंसी)।</strong> राजस्थान में कोरोना संक्रमण की रोकथाम में सहयोग नहीं करने पर चिकित्सा विभाग की ओर से लक्ष्मणगढ़ में मोदी विश्वविद्यालय के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया गया है। सूत्रों ने वीरवार को बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. राजीव ढाका की ओर से पुलिस में दी गई रिपोर्ट में 16 अप्रैल से अब तक मोदी विश्वविद्यालय में 68 से अधिक पॉजिटिव मिले चुके हैं। प्रशासन ने संस्थान प्रबंधन को सरकारी गाइडलाइन की कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बावजूद प्रबंधन ने कोरोना रोकथाम में कोई सहयोग नहीं किया बल्कि लापरवाही भी बरतते हुए कोरोना संक्रमित छात्राओं को उनके घर भी भेज दिया, ऐसे में कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई। चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट पर पुलिस ने महामारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दरअसल जिला प्रशासन ने मोदी विश्वविद्यालय प्रबंधन को कोविड प्रभावित छात्रों को उपचार के लिए सांवली अस्पताल भेजने के निर्देश दिए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने हॉस्टल में कोविड के तहत क्वॉरंटीन करने का दावा किया, लेकिन जांच में आया कि 68 से अधिक छात्राएं विभिन्न जिलों एवं राज्यों के लिए चुपके से रवाना कर दी गई, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन को पता होने के बावजूद भी प्रशासन को कोई सूचना नहीं दी गई।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Apr 2021 10:16:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>छात्राओं के कंधे पर सियासी बंदूक न रखें</title>
                                    <description><![CDATA[आनि:संदेह दुनिया भर में प्रतिष्ठित काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्राओं के साथ बदसलूकी और उसके बाद उन पर पुलिसिया प्रहार से विश्वविद्यालय की गरिमा और साख को गहरा आघात लगा है। विश्वविद्यालय की गरिमा गिरी है और छात्राएं असुरक्षित महसूस कर रही है। बिल्कुल ही बर्दाश्त योग्य नहीं है कि कुछ अराजक व शरारती तत्व […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/do-not-keep-a-political-gun-on-the-shoulders-of-girls/article-3340"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-09/bhu.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आनि:संदेह दुनिया भर में प्रतिष्ठित काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्राओं के साथ बदसलूकी और उसके बाद उन पर पुलिसिया प्रहार से विश्वविद्यालय की गरिमा और साख को गहरा आघात लगा है। विश्वविद्यालय की गरिमा गिरी है और छात्राएं असुरक्षित महसूस कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">बिल्कुल ही बर्दाश्त योग्य नहीं है कि कुछ अराजक व शरारती तत्व छात्राओं के साथ छेड़खानी और लज्जाजनक शब्दों का इस्तेमाल कर देश दुनिया में विश्वविद्यालय और भारत की छवि खराब करें।  बिल्कुल ही ऐसी घटनाओं की निंदा होनी चाहिए। इसके अलावा विश्वविद्यालय और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह छेड़खानी करने वाले मनचलों के विरुद्घ सख्ती से पेश आए। अगर विश्वविद्यालय प्रशासन प्रारंभ में ही सख्ती दिखाई होती तो आज विश्वविद्यालय का माहौल अराजकतापूर्ण नहीं होता।</p>
<p style="text-align:justify;">ध्यान देना होगा कि जहां विश्वविद्यालय की सुरक्षा के लिए नियुक्त कर्मियों ने छात्राओं की सुरक्षा का ख्याल नहीं रखा वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया नतीजतन छात्राओं को धरना-प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरना पड़ा। अगर समय रहते विश्वविद्यालय के जिम्मेदार पदों पर आसीन लोग अपने कर्तव्यों का समुचित निर्वहन किए होते तो विश्वविद्यालय में अराजकता का माहौल निर्मित नहीं होता और न ही अराजक किस्म के लोगों को प्रदर्शन की आग में सियासी घी डालकर अपना उल्लू सीधा करने का मौका हाथ लगता।</p>
<p style="text-align:justify;">जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी पहुंचने से पहले शांति से धरना-प्रदर्शन कर रही छात्राओं को उग्र किया गया उससे ऐसा प्रतीत होता है कि दाल में काला है। कहीं ऐसा तो नहीं कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत इस मामले को तूल दिया गया? इससे इंकार नहीं किया जा सकता। चूंकि बनारस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है और यह संभव है कि उनकी छवि खराब करने के लिए इस तरह का कुचक्र रचा गया हो।</p>
<p style="text-align:justify;">अब जिस तरह सियासी दलों के नुमाइंदे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं’ का नारा उछालकर उन पर फब्तियां कस रहे हैं और अनर्गल सवालों से उनकी घेरा बंदी कर रहे हैं उससे तो यहीं प्रतीत होता है कि यह सब कुछ सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है। देश जानना चाहता है कि विश्वविद्यालय की इस घटना की आड़ में राज्य व केंद्र सरकार को घसीटने और लांक्षित करने का क्या मतलब है? ध्यान रखना होगा कि देश के कई विश्वविद्यालयों में पहले भी इस तरह की अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं। लेकिन क्या इसके लिए कभी किसी प्रधानमंत्री पर इस तरह का अशोभनीय और ओछा वार हुआ है? कभी नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">तो फिर मौजुदा प्रधानमंत्री के साथ ऐसा क्यों किया जा रहा है? इस आचरण से क्यों न माना जाए कि सियासी दल छात्राओं के कंधे पर सियासी बंदूक रखकर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। देश जानना चाहता है कि उनकी इस घातक सियासत से भला विश्वविद्यालयों और शिक्षा का भला कैसे होगा? सियासी दलों की कुत्सित सियासत का नतीजा है कि आज विश्वविद्यालयों और कालेजों में पढ़ रहे छात्र-छात्राएं सियासी दलों का मोहरा बन राजनीतिक कार्यकर्ता की भूमिका में उतर रहे हैं जिससे शिक्षा परिसरों का माहौल बिगड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक वक्त था जब विश्वविद्यालयों में राष्ट्र के ज्वलंत और गंभीर मसलों पर चिंतन-विमर्श होता था। चिंतन व विमर्श से जो संदेश निकलते थे उससे राष्ट्र को नई उर्जा व सार्थक दिशा मिलती थी। लेकिन विगत दशकों में सियासी दलों ने विश्वविद्यालयों को सियासत का अड्डा बना दिया है। शिक्षण संस्थानों में ऐसे छात्रों की सक्रियता बढ़ी है,</p>
<p style="text-align:justify;">जो छात्र कम और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता ज्यादा हैं। उनकी भूमिका एक छात्र के बजाए सियासी दलों के सैनिकों जैसी हो गयी है और वे राजनीतिक दलों के इशारे पर विश्वविद्यालयों का माहौल अराजक बनाने पर आमादा हैं। कहना गलत नहीं होगा कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय भी इसी तरह की घातक सियासत का भेंट चढ़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सियासी दलों को समझना होगा कि छात्र शिक्षण संस्थानों में ज्ञानार्जन के लिए आते हैं, न कि राजनीति के लिए। अगर उन्हें राजनीति का पाठ पढ़ाया जाएगा तो नि:संदेह शिक्षण संस्थानों का अनुशासन भंग होगा और प्रतिभाएं कुंठित होंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">और फिर जिन उद्देश्यों के लिए विश्वविद्यालयों की स्थापना हुई है, वह मकसद कभी भी पूरा नहीं होगा। सवाल लाजिमी है कि ऐसी सियासत का क्या मतलब जिससे शिक्षा का वातावरण दुषित हो और छात्र सियासी दलों के बाहुबलियों की तरह अपने आचरण का प्रदर्शन करें। समझना होगा कि स्वतंत्रता आंदोलन और उसके बाद समाज व सत्ता की संरचना निर्माण में छात्रों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मक भूमिका से भारतीय राजनीति को नयी दिशा दी।</p>
<p style="text-align:justify;">आजादी के बाद भी छात्रों ने अपनी प्रासंगिकता को कमजोर नहीं होने दिया। देश में जब भी बदलाव की बयार बही छात्रों ने अहम भूमिका निभायी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक मदन मोहन मालवीय ने विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए एक दीक्षांत भाषण में कहा भी था कि ‘इस विश्वविद्यालय की स्थापना इसलिए की गयी कि यहां के छात्र विद्या अर्जित करें, देश व धर्म के सच्चे सेवक बनें, वीरता के साथ अन्याय का प्रतिकार करें।’ उचित होगा कि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं मालवीय जी के कथन पर अमल करें।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-अरविंद जयतिलक</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/do-not-keep-a-political-gun-on-the-shoulders-of-girls/article-3340</link>
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                <pubDate>Wed, 27 Sep 2017 03:42:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छात्र संगठनों ने निकाली शव यात्रा, फूंका पुतला</title>
                                    <description><![CDATA[14 जुलाई को ही हो चुकी है मांग पूरी, रजिस्ट्रार ने दिखाया लेटर, लौटे विद्यार्थी विद्यार्थियों ने प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन सरसा (सच कहूँ न्यूज)। प्रथम सैमेस्टर में री-अपीयर आने वाले विद्यार्थियों को पांचवें सैमेस्टर में दाखिला दिए जाने की मांग को लेकर सोमवार को विद्यार्थियों ने एसएफआई के बैनर तले वीसी का पुतला […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/students-protest-against-the-administration/article-2401"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/cdlu.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">14 जुलाई को ही हो चुकी है मांग पूरी, रजिस्ट्रार ने दिखाया लेटर, लौटे विद्यार्थी</h2>
<ul>
<li><strong>विद्यार्थियों ने प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रथम सैमेस्टर में री-अपीयर आने वाले विद्यार्थियों को पांचवें सैमेस्टर में दाखिला दिए जाने की मांग को लेकर सोमवार को विद्यार्थियों ने एसएफआई के बैनर तले वीसी का पुतला फूंका तो वहीं एबीवीपी व एचएसए के बैनर तले विद्यार्थियों ने नेशनल कॉलेज की महिला विंग से लेकर यूनिवर्सिटी तक वीसी की शवयात्रा निकाली विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए रोष जताया।</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यार्थियों के रोष को देखते हुए रजिस्ट्रार असीम मिगलानी विद्यार्थियों के बीच पहुंचे तथा उन्हें अवगत करवाया कि वे जिस मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, वह मांग गत 14 जुलाई को ही पूरी हो गई तथा प्रथम सैमेस्टर में री-अपीयर आने वाले विद्यार्थियों को पांचवें सैमेस्टर में दाखिला दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद विद्यार्थी शांत हुए तथा वापस लौट गए। सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे एसएफआई की रीतू, शहनवाज, खुशबू, इंदू, अमृतपाल आदि के नेतृत्व में विद्यार्थी विश्वविद्यालय के गेट के समक्ष उपस्थित हुए। विद्यार्थियों ने यहां पर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वीसी का पुतला फूंका।</p>
<h2 style="text-align:justify;">वीसी की निकाली शव यात्रा</h2>
<p style="text-align:justify;">वहीं नेशनल कॉलेज की महिला विंग के समक्ष एबीवीपी व एचएसए छात्र संगठनों के बैनर तले विद्यार्थी एकत्रित हुए। एबीवीपी नेत्री गीत व एचएसए नेता प्रवीण अत्री के नेतृत्व में पूजा, मीनाक्षी, अलका, प्रवीण आदि विद्यार्थियों ने कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालय तक पैदल शवयात्रा निकाली।</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यार्थी प्रथम सैमेस्टर में री-अपीयर के विद्यार्थियों को पांचवें सैमेस्टर में दाखिले की मांग को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बाईपास स्थित विश्वविद्यालय के गेट पर पहुंचे।</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यार्थियों के रोष को देखते हुए सिक्योरिटी गार्डस ने विश्वविद्यालय के गेट बंद कर दिए तथा विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद उन्होंने गेट खोले। इसके बाद विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के अंदर पहुंच कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना रोष जाहिर किया।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं विद्यार्थियों के रोष प्रदर्शन को देखते हुए रजिस्ट्रार असीम मिगलानी यहां पहुंचे तथा उन्होंने विद्यार्थियों को लैटर दिखाया तथा बताया कि जो मांग वे विश्वविद्यालय प्रशासन से कर रहे हैं, वह 14 जुलाई को पूरी हो चुकी है। अब विद्यार्थियों को दाखिले दिए जाएंगे। इसके बाद विद्यार्थी शांत हुए तथा वापिस लौट गए।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/students-protest-against-the-administration/article-2401</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Jul 2017 23:52:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में भारत के 31 विश्वविद्यालय शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी की वर्ष 2016-17 की रैंकिंग नई दिल्ली। भारत के 31 विश्वविद्यालयों को विश्व के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल किया गया है। मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री महेन्द्र नाथ पांडे ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/31-universities-of-india-included-in-the-world-best-universities/article-2385"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/university.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी की वर्ष 2016-17 की रैंकिंग</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत के 31 विश्वविद्यालयों को विश्व के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल किया गया है। मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री महेन्द्र नाथ पांडे ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी की वर्ष 2016-17 की रैंकिंग में इन भारतीय विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्यूएस विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग, 2017 में शीर्ष 200 विश्वविद्यालयों में बेंगलुरु के भारतीय विज्ञान संस्थान को 152 वां और दिल्ली के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान को 185वां स्थान हासिल हुआ है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग प्रारूप, उच्चतर आविष्कार योजना, ग्लोबल इनिशियेटिव आॅफ एकेडमिक नेटवर्क जैसी कई पहल शुरू की हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Jul 2017 07:08:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिशन एडमिशन। प्रदेश के 7 विश्वविद्यालयों में दाखिले की दौड़ जारी</title>
                                    <description><![CDATA[कॉलेजों में दाखिले को दूसरी कट आॅफ 11 जुलाई को 15 से 17 जुलाई के बीच तीसरे चरण में देनी होगी च्वाइस 25 जुलाई को होगी फिजीकल काउंसिलिंग 28 जुलाई तक फीस जमा करा सकेंगे विद्यार्थी कुरुक्षेत्र(देवीलाल बारना)। प्रदेश के 7 विश्वविद्यालयों के 15 पाठ्यक्रमों के लिए दूसरी मेरिट लिस्ट कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय मंगलवार को जारी करेगा। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/mission-admission-university-admission-continue/article-2198"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/students.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">कॉलेजों में दाखिले को दूसरी कट आॅफ 11 जुलाई को</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>15 से 17 जुलाई के बीच तीसरे चरण में देनी होगी च्वाइस</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>25 जुलाई को होगी फिजीकल काउंसिलिंग</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>28 जुलाई तक फीस जमा करा सकेंगे विद्यार्थी</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र(देवीलाल बारना)।</strong> प्रदेश के 7 विश्वविद्यालयों के 15 पाठ्यक्रमों के लिए दूसरी मेरिट लिस्ट कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय मंगलवार को जारी करेगा। प्रदेशभर के विद्यार्र्थी जिन्होंने दाखिले के लिए 7 व 9 जुलाई के बीच में विद्यार्थियों को अपनी च्वाईस भरी थी उनकी मेरिट लिस्ट 11 जुलाई को 10 बजे जारी होगी। विद्यार्थी 11 से 13 जुलाई के बीच में विद्यार्थियों को चयनित विभागों में रिपोर्ट करना होगा और इसी दौरान उनके दस्तावेजों की जांच कर उन्हें दाखिला मिलेगा। विश्वविद्यालय प्रवक्ता ने बताया कि आईटी सेल बुधवार को सभी विश्वविद्यालयों केलए दूसरी मेरिट लिस्ट जारी करेगा। यह लिस्ट सभी विभागों के लाग इन पर उपलब्ध होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">आईटी सेल के इंचार्ज प्रो. सुनील ढींगड़ा ने बताया कि कांउसलिंग के तीसरे चरण में 15 से 17 जुलाई के बीच आवेदकों को अपनी च्वाईस देनी होगी। 19 जुलाई को तीसरी मेरिट लिस्ट एडमिशन पोर्टल पर उपलब्ध होगी। 19 से 21 जुलाई के बीच विद्यार्थियों को अपने दस्तावेजों की जांच करवानी होगी व उसके बाद उन्हें दाखिला मिलेगा। अगर विभागों में सीटे खाली बचती हैं तो सभी पाठ्यक्रमों में 25 जुलाई को फिजीकल उपस्थिति होगी व 28 जुलाई को फिजीकल उपस्थित होने वाले विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाएगा। 20 जुलाई से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में कक्षाएं प्रारम्भ होंगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कांउसलिंग के आधार पर बनेगी मेरिट लिस्ट</h2>
<p style="text-align:justify;">कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के 7 विश्वविद्यालय के एमए अंग्रेजी, एमए अर्थशास्त्र व एमए हिन्दी, एमकाम, एलएलएम, एमपीएड, एमपीइएस, एमबीए दो वर्षीय, एमए इतिहास, एमए राजनीति शास्त्र, एमए लोकप्रशासन, एमए भूगोल व एमएससी भूगोल, एमए जेएमसी, एमए मास कम्यूनिकेशन व एमएससी मास कम्यूनिकेशन, एमए सोशोलॉजी व एमए समाज कार्य, एमए साईकोलॉजी, एमए अप्लाईड साईकोलॉजी व एमएससी साईकोलाजी सहित विभिन्न विषयों के लिए ओपन सीटों के लिए फिजीकल कांउसलिंग 25 जुलाई को प्रात: 9 बजे से 12 बजे के बीच होगी। 25 जुलाई को फिजीकल कांउसलिंग के आधार पर मेरिट लिस्ट बनेगी व 28 जुलाई को विद्यार्थी अपनी फीस जमा करवा सकेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/mission-admission-university-admission-continue/article-2198</link>
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                <pubDate>Mon, 10 Jul 2017 09:17:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूनिवर्सिटी कैम्पस में घुसा शावक पैंथर</title>
                                    <description><![CDATA[लोगों में रहा दहशत का माहौल, मची हडकंप वन विभाग की टीम पहुंची मौके पर तीन घंटों की कडी मशक्कत के बाद टीम ने पकड़ा JaiPur, SachKahoon News:  गाधी नगर थाना इलाके में स्थित राजस्थान यूनिवर्सिटी के पास में वीरवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक पैंथर शावक जो करीब डेढ साल का […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/panther-cubs-entered-the-university-campus/article-608"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/01-34.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>लोगों में रहा दहशत का माहौल, मची हडकंप</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>वन विभाग की टीम पहुंची मौके पर</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>तीन घंटों की कडी मशक्कत के बाद टीम ने पकड़ा</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>JaiPur, SachKahoon News:</strong>  गाधी नगर थाना इलाके में स्थित राजस्थान यूनिवर्सिटी के पास में वीरवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक पैंथर शावक जो करीब डेढ साल का कैंपस के पीछे की तरफ से कर्मचारी क्वाटर्स में घुस गया। सुबह-सुबह पैंथर को देखते ही वहां रहने वाले कर्मचारियों के परिवारों में दहशत का माहौल हो गया और हडकंप मच गई और उन्होंने अपने खिड़की और दरवाजे बंद कर खुद को घरों में कैद कर लिया है। पुलिस व वन विभाग की टीम को सूचना दी गई। वहीं लोगों को रेस्क्यू टीम के आने का इंतजार करते रहे। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची लेकिन तब तक शावक एक क्वार्टर में छिप कर बैठ गया। बाद में वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद शावक को टैंक्रूलाइज कर जाल में पकड़ा और अपने साथ ले गए।</p>
<p><strong>गांंव में घुसा पैंथर</strong><br />
राजसंमद्ध जिले के कांकरोली थाना इलाके में स्थित बाघपुरा गांव में वीरवार सुबह एक पैंथर घुस आया। जिससे ग्रामीणों में हड़कम्प मंच गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पैंथर एक झोपड़ी में जा छिपा। वहीं टीम द्वारा पैंथर को टैंक्रूलाइज करने की तैयारियों में जुटा है। टीम का कहना है कि पैंथर किसी शिकार के चलते घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में आ पहुंचा ।</p>
<p><strong>डेढ़ साल के पेंथर शावक ने खूब छकाया<br />
</strong>विश्वविद्यालय कैम्पस में पैंथर घुसने की सूचना पर मौके पर लोगों को जमावड़ा लग गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पैंथर को पकड़ने के लिए टंÑैक्रुलाईज़ किया लेकिन शावक टैÑंक्रूलाइज नहीं हो सका। शावक जब क्वार्टर में स्थित एक संकरी गली में छिपकर बैठ गया। इस दौरान वन विभाग की टीम ने ट्रेंकू्रलाइज करने में सफलता हासिल की और उसके पकड़ा। इससे पहले सुबह करीब आठ बजे पैंथर यूनिवर्सिटी के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के आस-पास देखा गया था। इसके बाद से पूरे यूनिवर्सिटी कैम्पस में हड़कंप की स्थिति मच गई। टीम ने बताया कि पैंथर साल से डेढ़ साल की उम्र का है और झालाना के जंगल से मार्ग भटक कर बाहर की तरफ निकल आया है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Dec 2016 20:29:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>दक्षिण हरियाणा को मिलेगा विश्वविद्यालय</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा। गुरुग्राम के बादशाहपुर विधानसभा में अगले माह रखी जाएगी आधारशिला लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह ने दी जानकारी दिसंबर 2017 में शुरु होगा केएमपी का काम GuruGram, SachKahoon News: प्रदेश सरकार दक्षिण हरियाणा को अलग विश्व विद्यालय की सौगात देने जा रही है। गुरुग्राम के बादशाहपुर विधानसभा में दक्षिण हरियाणा के लिए प्रस्तावित विश्वविद्यालय […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/southern-haryana-will-get-the-university/article-481"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/raonarbeer-singh.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>शिक्षा। गुरुग्राम के बादशाहपुर विधानसभा में अगले माह रखी जाएगी आधारशिला </strong></li>
<li><strong>लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह ने दी जानकारी </strong></li>
<li><strong>दिसंबर 2017 में शुरु होगा केएमपी का काम</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>GuruGram, SachKahoon News: </strong>प्रदेश सरकार दक्षिण हरियाणा को अलग विश्व विद्यालय की सौगात देने जा रही है। गुरुग्राम के बादशाहपुर विधानसभा में दक्षिण हरियाणा के लिए प्रस्तावित विश्वविद्यालय की आधारशिला आगामी जनवरी माह में रखी जायेगी। हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह रविवार को गुरुग्राम के कुकड़ौला में प्राथमिक उपस्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन उपरांत संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दक्षिण हरियाणा में यूनिवर्सिटी की मांग बहुत पुरानी है, क्योंकि यहां के युवाओं को यूनिवर्सिटी के काम के लिए रोहतक या कुरुक्षेत्र जाना पड़ता है। जिसमेंं समय और धन दोनो व्यर्थ होते है। लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री ने युवाओं की मांग को प्राथमिकता से लेते हुए इस मांग को मंजूर किया और आगामी जनवरी से इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2017 के अंत तक कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी)भी पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा।<br />
इसी प्रकार, केएमपी जिसे गुरुग्राम की लाइफलाइन कहा जाए तो अतिश्योक्ति नही होगी। इसका निर्माण भी पिछले 10 सालो से रुका पड़ा था, पिछले मुख्यमंत्रियों ने केएमपी का केवल हवाई सर्वे किया और अखबारों में फोटो छपवाते रहे। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि वर्तमान मनोहर सरकार ने अपने नाम के अनुसार काम भी मनोहर किए है, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गत अप्रैल माह में केएमपी का पहला चरण यानि मानेसर से पलवल को आम लोगों के लिए खोल दिया और बचें भाग का काम दिसंबर 2017 तक पूरा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने सड़क निर्माण को प्राथमिकता से करते हुए पिछले दो वर्षों में 9 नेशनल हाइवे हरियाणा प्रदेश को दिए हंै। इसी प्रकार पटौदी हलके में लगभग 203 करोड़ रूपए के विकास कार्य करवाएं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गठन से लेकर अब तक पटौदी हलके के साथ भेदभाव होता आया है लेकिन जब से प्रदेश में भाजपा सरकार ने अपना पदभार संभाला है तब से पटौदी विधानसभा का चंहुमुखी विकास हुआ है।</p>
<p><strong>नेशनल व स्टेट चेंपियन छात्रवृत्ति के लिए करें आवेदन</strong><br />
<strong>ChandiGarh:</strong> राष्ट्रीय व राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक विजेता प्रतिभाशाली छात्र खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति देने के लिए 15 दिसम्बर से 15 जनवरी 2017 तक आवेदन आमंत्रित किये गए हैं। खेल एवं युवा मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता के अंतर्गत महाविद्यालय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने वाले छात्र खिलाड़ी को 3000 रुपये वार्षिक, दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 2400 रुपये वार्षिक तथा तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले छात्र खिलाड़ी को 1800 रुपये वार्षिक की छात्रवृत्ति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के तहत विद्यालय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने वाले छात्र खिलाड़ी को 2400 रुपये वार्षिक, दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 1800 रुपये वार्षिक तथा तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले छात्र खिलाड़ी को 1200 रुपये वार्षिक की छात्रवृत्ति दी जाएगी।<br />
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के अंतर्गत महाविद्यालय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने वाले छात्र खिलाड़ी को 2400 रुपये वार्षिक, दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 1800 रुपये वार्षिक तथा तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले छात्र खिलाड़ी को 1200 रुपये वार्षिक की छात्रवृत्ति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के तहत विद्यालय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने वाले छात्र खिलाड़ी को 1800 रुपये वार्षिक, दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 1500 रुपये वार्षिक तथा तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले छात्र खिलाड़ी को 1200 रुपये वार्षिक की छात्रवृत्ति दी जाएगी। आवेदन एवं अधिक जानकारी के लिए खिलाड़ी विभाग की वैबसाईट ६६६.ँं१८ंल्लं२स्रङ्म१३२.ॅङ्म५.्रल्ल पर सम्पर्क किया जा सकता है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Dec 2016 00:22:13 +0530</pubDate>
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