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                <title>Imran - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Imran Khan रिहा, पीटीआई कार्यकर्ताओं से की शांति बनाये रखने की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख Imran Khan को तत्काल रिहा किये जाने का गुरुवार को आदेश दिया और अल कादिरी ट्रस्ट मामले में उनकी गिरफ्तारी को गैर-कानूनी करार दिया। अदालत ने इमरान को अपना पक्ष इस्लामाबाद हाईकोर्ट में रखने का भी आदेश दिया है। सुप्रीम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/imran-released-appeals-to-pti-workers-to-maintain-peace/article-47500"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/imran-khan2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)।</strong> पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख Imran Khan को तत्काल रिहा किये जाने का गुरुवार को आदेश दिया और अल कादिरी ट्रस्ट मामले में उनकी गिरफ्तारी को गैर-कानूनी करार दिया। अदालत ने इमरान को अपना पक्ष इस्लामाबाद हाईकोर्ट में रखने का भी आदेश दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल ने अदालत में शाम को पूर्व प्रधानमंत्री की अर्जी पर मामले की सुनवाई फिर शुरू करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश सुनाया। Imran Khan की ओर से अदालत में कहा गया था कि उन्हें गैर-कानूनी तरीके से गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले दिन में सुप्रीम कोर्ट की तीन न्यायाधीशों की पीठ ने राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (नैब) को निर्देश दिया था कि पीटीआई के प्रमुख को अदालत में रूबरू पेश किया जाए। इस पीठ में मुख्य न्यायाधीश के अलावा मोहम्मद अली मजहर और न्यायाधीश अतहर मिनल्लाह शामिल थे।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान कहा, ‘यह मामला बहुत गंभीर है और कोर्ट इस पर उपयुक्त आदेश आज ही जारी करेगा। इसके बाद इमरान को शाम पौने छह बजे के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। कोर्ट आने पर इमरान अपना काला चश्मा पहने हुए थे। Imran Khan चलते हुए अदालत कक्ष में पहुंचे जबकि इससे पहले वह व्हील चेयर पर बैठे दिखते थे। अखबार डान की एक रिपोर्ट के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री को उस दरवाजे से अंदर लाया गया जिससे न्यायाधीश आते-जाते हैं। इस दौरान अदालत की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान रेंजर और पुलिस के दस्ते तैनात थे। वहां बम निरोधक दस्ते भी लगाये गये थे। अदालत कक्ष में इमरान के आने के समय केवल वकील और उन्हीं पत्रकारों को रहने की इजाजत थी जिन्हें वहां पहले से प्रवेश मिला हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">मीडिया रिपोर्ट के अनुसार Imran Khan ने पीटीआई कार्यकर्ताओं से शांति बनाये रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील की है। गौरतलब है कि इमरान को मंगलवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट परिसर से रेजर्स ने गिरफ्तार कर लिया था। इस्लामाबाद की जवाबदेही मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत ने खान को अलकादिरी ट्रस्ट मामले में आठ दिनों तक नैब की हिरासत में भेज दिया था। इमरान की गिरफ्तारी के खिलाफ पूरे देश में उनके समर्थकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कई जगह प्रदर्शनकारी उग्र हो गये और उन्हें सरकारी इमारतों, सैन्य प्रतिष्ठानों, पेशावर में रेडियो पाकिस्तान की इमारत, पुलिस थाने और चौकियों और रेलवे लाइन आदि को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ झड़पों में आठ लोगों के मारे जाने और करीब 300 लोगों के घायल होने की खबरें हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने करीब दो हजार प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="रक्त बोतल लेकर ग्रेटर नोएडा से दिल्ली पहुंचा ड्रोन" href="http://10.0.0.122:1245/drone-carrying-blood-bottle-reached-delhi-from-greater-noida/">रक्त बोतल लेकर ग्रेटर नोएडा से दिल्ली पहुंचा ड्रोन</a></p>
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                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Thu, 11 May 2023 20:22:48 +0530</pubDate>
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                <title>भारत से संबंध सामान्य करने के लिए इमरान ने संयुक्त राष्ट्र से लगायी गुहार</title>
                                    <description><![CDATA[खान ने संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों को नियंत्रण रेखा के नजदीक जाने देने की मांग भी की। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारत के साथ उनके देश का रिश्ता सामान्य हो जाएगा तब दुनिया को पाकिस्तान की सही आर्थिक क्षमता का अहसास होगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/imran-appealed-to-un-to-normalize-relations-with-india/article-12705"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/pm-imran-khan.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">भारत के साथ युद्ध जैसी तनावपूर्ण स्थिति नहीं (PM Imran Khan)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद (सच कहूँ न्यूज)।</strong> आर्थिक तंगी का सामना कर रहे पाकिस्तान ने भारत से संबंधों को सामान्य करने के लिए संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका से हस्तक्षेप करने की गुहार लगायी है। (PM Imran Khan) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि मौजूदा समय में भारत के साथ युद्ध जैसी तनावपूर्ण स्थिति नहीं है, लेकिन इसके बावजूद संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका को दोनों परमाणु हथियार संपन्न देशों के बीच तनाव कम करने के लिए काम करना चाहिए। दैनिक समाचार पत्र डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक श्री खान ने स्विट्जरलैंड के दावोस शहर में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की बैठक से इतर बुधवार को अंतरराष्ट्रीय मीडिया परिषद को दिए गए एक साक्षात्कार में यह बात कही।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है</li>
<li style="text-align:justify;">भारत अपने घरेलू विरोध-प्रदर्शनों से ध्यान भटकाने के लिए सीमा पर तनाव बढ़ाने की कोशिश कर सकता है।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">शांति और स्थिरता के बिना आर्थिक विकास संभव नहीं</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘दो परमाणु हथियार संपन्न देश कभी संघर्ष के बारे में नहीं सोच सकते इसलिए संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका को इस दिशा में कदम उठाने चाहिए। खान ने संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों को नियंत्रण रेखा के नजदीक जाने देने की मांग भी की। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारत के साथ उनके देश का रिश्ता सामान्य हो जाएगा तब दुनिया को पाकिस्तान की सही आर्थिक क्षमता का अहसास होगा। खान ने कहा कि शांति और स्थिरता के बिना आर्थिक विकास संभव नहीं है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत के साथ हमारे संबंध अच्छे नहीं हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">जब ये सामान्य होंगे तो दुनिया को पाकिस्तान की रणनीतिक आर्थिक क्षमता के बारे में पता चलेगा।</li>
</ul>
<p> </p>
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<p><span class="tlid-translation translation" lang="en" xml:lang="en"><span title=""> </span></span></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jan 2020 18:34:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दावोस में इमरान से मिले डोनाल्ड ट्रंप, कश्मीर पर मध्यस्थता की पेशकश</title>
                                    <description><![CDATA[स्विट्जरलैंड के दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की मुलाकात हुई है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/trump-met-imran-in-davos-said-ready-to-help-india-and-pakistan-on-kashmir/article-12670"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/imran.jpg" alt=""></a><br /><h2>अमेरिका और पाकिस्तान के बीच संबंधों को बढ़ाने पर सहमति जताई |Trump met Imran</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>दावोस,एजेंसी। </strong>स्विट्जरलैंड के दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की <strong>(Trump met Imran)</strong> मुलाकात हुई है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) से इतर हुई है। इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम भारत और पाकिस्तान के संबंध में कश्मीर को लेकर सोच रहे हैं। और अगर हम मदद कर सकते हैं तो निश्चित रूप से ऐसा करेंगे। डब्लूईएफ से इतर बैठक में दोनों नेताओं ने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच संबंधों को बढ़ाने पर सहमति जताई। बैठक में इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान शुरू से अपने क्षेत्र में शांति बहाल करने का हिमायती रहा है और इस संदर्भ में बराबर कोशिशें भी जारी हैं। इमरान खान ने कहा कि समूचे क्षेत्र में अपनी अहम भूमिका निभाने में वह हमेशा तत्पर रहेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इमरान खान उनके अच्छे मित्र | Trump met Imran</h2>
<p style="text-align:justify;">बैठक में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इमरान खान उनके अच्छे मित्र हैं। दोनों नेताओं की इस बैठक से पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने बता दिया था कि कश्मीर मुद्दे और अफगान शांति प्रक्रिया पर व्यापक बातचीत की जाएगी। दावोस के इस सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष पहुंचे हैं।राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इमरान खान की मुलाकात भी इसी सम्मेलन से इतर हुई है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ट्रंप पहले भी दे चुके हैं ऐसा बयान</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>पिछले साल अगस्त में भी ट्रंप ने कहा था कि अगर भारत चाहेगा तो वह  मध्यस्थता करने को तैयार हैं।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>  ट्रंप ने कहा था कि इस मामले को भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय स्तर पर सुलझाना चाहिए।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> गौरतलब है कि दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे वक्त हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> इमरान कश्मीर मुद्दे पर वैश्विक स्तर पर सहयोग प्राप्त करना चाहते हैं।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> इसके पहले दोनों नेताओं के बीच पिछले साल सितंबर में भी संयुक्त राष्ट्र महासभा में मुलाकात हुई थी।</strong></li>
</ul>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi</a><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/"> News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
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                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
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                <pubDate>Wed, 22 Jan 2020 11:09:05 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>इमरान के साथ कितना बदल पाएगा पाकिस्तान!</title>
                                    <description><![CDATA[क्रिकेटर से राजनीतिज्ञ बने इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ले चुके हैं। मीडिया के मार्फत आ रही खबरों के अनुसार पाकिस्तान भारत से मधुर व बेहतर रिशते चाहता है। लेकिन आजादी के बाद अब तक जिस तरह पाकिस्तान ने शरारती पड़ोसी की भूमिका निभाई है उससे यह नहीं कहा जा सकता […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/pakistan-will-be-able-to-change-with-imran/article-5494"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/artical-01.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">क्रिकेटर से राजनीतिज्ञ बने इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ले चुके हैं। मीडिया के मार्फत आ रही खबरों के अनुसार पाकिस्तान भारत से मधुर व बेहतर रिशते चाहता है। लेकिन आजादी के बाद अब तक जिस तरह पाकिस्तान ने शरारती पड़ोसी की भूमिका निभाई है उससे यह नहीं कहा जा सकता कि इमरान खान के नेतृत्व के बाद पाकिस्तान की नीति और नीयत में कोई फर्क आएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं पाकिस्तान की लगातार तीसरी लोकतांत्रिक सरकार सेना की दखल के बीच सुशासन स्थापित कर पाएगी, यह एक बहुत बड़ा सवाल है। पिछली दो सरकारें सेना के दखल के कारण तलवार की धार पर चलते हुए अपना शासन किसी तरह कायम रख पाई थीं और अंत में सेना की बलि चढ़ गईं। वहीं इमरान के सेना से सहज संबंधों के मद्देनजर लगता है कि इनकी सरकार को सेना से तारतम्य बिठाने के लिये जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी। इमरान सरकार के आगाज से लगता है कि नई सरकार के एजेंडे में भारत से रिश्ता चौथी वरीयता पर रहेगा। पहली वरीयता पर अंतर्कलह निपटाकर सुशासन स्थापित करना, दूसरी वरीयता अफगानिस्तान से रिश्ते, तीसरी वरीयता चीन और रूस से संबंधों की प्रगाढ़ता और चौथी वरीयता पर भारत से संबंध इस्लामाबाद की कूटनीति का रुख दिखा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वैसे तो इमरान खान ने भारत से फिर से वातार्लाप से समस्याएं सुलझाने में रुचि जाहिर की है। परंतु मोदी सरकार चुनावी वर्ष में कश्मीर और आतंकवाद से अलग हटकर किसी वार्ता के लिए तैयार होगी, कहना मुश्किल है। इन सब विवादों के बीच भारतीय पंजाब अपने अलग हुए हिस्से से पारंपरिक व्यापार को, जो कि 1965 के युद्ध के बाद बंद हो गया था, पुनर्जीवित करने में ज्यादा उत्सुक है। वैसे तो मोदी सरकार ने व्यापारी वर्ग के लिए नई-नई योजनाएं और नए-नए क्षेत्र खोले हैं, लेकिन पंजाब के अपने उस सीमा पार हिस्से से संबंधों को पुनर्जीवित करने का स्वप्न अभी साकार होता नहीं दिख रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की उपस्थिति रिश्तों को सुधारने की तरफ संकेत हो सकती थी, लेकिन उनकी यात्रा पंजाब में सत्तारूढ़ कैप्टन अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के बीच ही राजनीतिक बवंडर उठा गई। पिछली बार इस तरह की उम्मीद तब जगी थी जब बादल और शहबाज शरीफ ने इस व्यापार के मुद्दे पर एक संयुक्त वक्तव्य दिया था। वैसे इस्लामाबाद और नई दिल्ली, दोनों को अपने कूटनीतिक रिश्तों में एक नई समझ और विवादों से परे क्षेत्रीय व्यापार की उन्नति पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के तौर पर नई पारी खेलने उतरे पूर्व क्रिकेटर इमरान खान आॅक्सफोर्ड विवि से शिक्षित हैं। आधुनिक सोच उनकी पहिचान रही है तथा एक कट्टर इस्लामी देश में रहने के बाद भी वे उन मूलभूत मुद्दों पर बात करते रहे हैं जो विकास एवं जनहित से जुड़े हों। बीते दो दशक से वे बतौर राजनीतिक नेता सत्ता में आने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे। उन्होंने नेशनल असेम्बली में संख्याबल जुटाकर दिखाने के बाद बाकायदा पदभार ग्रहण भी कर लिया। उसके बाद प्रसारित अपने संदेश में इमरान ने पाकिस्तान को आर्थिक बदहाली से उबारने तथा आतंकवाद पर लगाम लगाने जैसी बातें कहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">बलूचिस्तान में मचे विद्रोह की चर्चा भी उन्होंने की। देश में फैली बेरोजगारी को लेकर भी इमरान ने अपनी चिंता व्यक्त की लेकिन सबसे बड़ी बात उन्होंने ये कही कि यदि मुल्क ने अपनी दिशा और तौर-तरीके नहीं बदले तो उसकी बरबादी तय है। चुनाव प्रचार के दौरान भी इमरान ने विकास को प्रमुख मुद्दा बनाकर देश की राजनीति को नया रूप देने की कोशिश की थी। उल्लेखनीय है इमरान ने क्रिकेट से सन्यास लेने के बाद अपनी मां की स्मृति में एक अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल बनवाकर सार्वजनिक क्षेत्र में प्रवेश किया तथा अपनी छवि एक जनसेवक के तौर पर स्थापित भी की। हालांकि अपनी शादियों तथा रोमांस के किस्सों के चलते वे प्लेबॉय के तौर पर भी प्रसिद्ध हुए। कठमुल्लों की जमात ने तो उन्हें तवज्जो नहीं दी लेकिन आखिरकार इमरान सत्ता तक पहुंच ही गए जिसमें पाकिस्तान के उन युवा मतदाताओं की बड़ी भूमिका मानी जा रही है जो देश की बदहाली से ऊबकर बदलाव चाहते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">कहने को तो नवाज शरीफ और भुट्टो परिवार के लोग भी इमरान की तरह से ही विदेशों में पढ़े तथा आधुनिक खयालों के हैं किन्तु लंबे समय से मुल्क की सत्ता इन्हीं दो परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती रही। इसलिए लोगों में ये धारणा मजबूत हो गई कि पाकिस्तान की दुरावस्था के लिए शरीफ और भुट्टो परिवार ही जिम्मेदार हैं। लेकिन एक बात पूरे चुनाव और उसके बाद स्पष्ट रूप से देखने मिली कि सेना ने इमरान की ताजपोशी के लिए पूरा इन्तजाम किया। नवाज शरीफ की गिरफ्तारी से उनकी पार्टी कमजोर पड़ चुकी थी वहीं बेनजीर भुट्टो के बेटे बिलावल को पाकिस्तानी अवाम ने अपरिपक्व मानकर किनारे कर दिया। ले-देकर इमरान ही बतौर विकल्प बच रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">सेना को भी ये लगा कि राजनीति के घाघ खिलाडियों की बजाय इमरान पर हाथ रखना उसके लिए कहीं ज्यादा सुविधाजनक रहेगा। जहां तक बात भारत के साथ रिश्तों की है तो इमरान ने पहले वक्तव्य में बातचीत से मसला सुलझाने की इच्छा तो जाहिर की लेकिन उनकी शपथ विधि में गये पंजाब के मंत्री तथा पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्दू को पाक अधिकृत कश्मीर के राष्ट्रपति के बगल में बिठाकर उसी धूर्तता और कुटिलता का परिचय दे दिया जो पाकिस्तान की नीति और नीयत का पर्याय है। जिस इस्लामी कट्टरपन की दुहाई पाकिस्तान के हुक्मरान तथा आतंकवादी नेता देते आए हैं उसकी वजह से पूरा अरब जगत आग के मुहाने पर खड़ा हुआ है। सीरिया तबाह हो चुका है वहीं ईराक अब तक उबर नहीं सका है।</p>
<p style="text-align:justify;">यद्यपि फौज उन्हें विकास और आधुनिकता के सपने साकार करने से रोकने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी तथा चीन भी पाकिस्तान की मजबूरियों का लाभ उठाने से बाज नहीं आयेगा किंतु यही वक्त है जब इमरान इस उपमहाद्वीप में एक नई सोच वाले नेता के रूप में उभरकर पाकिस्तान की छवि और भविष्य दोनों सुधार सकते हैं। एक बात और भी महत्वपूर्ण है कि जो जनता आतंकवादी संगठनों के उम्मीदवारों को थोक के भाव हरा सकती है वह जरूरत पड़ने पर सेना के दबाव से भी सत्ता को मुक्त करने आगे आ सकती है। चुनाव के दौरान पाकिस्तानी समाचार माध्यमों में भारत में चल रहे विकास के एजेंडे की खूब चर्चा हुई। आतंकवाद के कारण देश की छवि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खराब होना भी मुद्दा बना।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां तक कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से तुलना करते हुए वहां के नेताओं को निकम्मा तक ठहराया गया लेकिन इमरान के पास पूर्ण बहुमत नहीं होने के कारण वे मजबूत की बजाय मजबूर प्रधानमंत्री हो सकते हैं। भारत के साथ सीमा पर तनाव बनाए रखते हुए पाकिस्तानी सत्ताधीश अपनी जनता का भावनात्मक शोषण करते आए हैं। कश्मीर में आतंकवाद को प्रश्रय देकर आतंकवादी संगठनों को खुश करने की कोशिश भी होती रही है लेकिन इसके कारण मुल्क के अंदरूनी हालात बुरी तरह से खराब होते गए। बलूचिस्तान के लोग विद्रोह पर उतारू हैं। देर सबेर पृथक सिंध की दबी हुई चिंगारी भी भड़क सकती है। सबसे बड़ी बात अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को पहले सरीखी खैरात न दिया जाना है। जिसकी वजह से उसकी माली हालत दिन ब दिन बिगड़ती जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">ये सब देखते हुए इमरान खान के सामने चुनौतियों के पहाड़ खड़े हुए हैं। पूर्ण बहुमत मिलने पर वे शायद बहुत कुछ कर सकते थे किन्तु एक लंगड़ी सरकार का नेतृत्व तथा सत्ता संचालन में अनुभवहीनता के चलते उनमें वह पैनापन नहीं रहेगा जो क्रिकेट खेलते समय बतौर तेज गेंदबाज उनकी गेंदों में रहा करता था। बहरहाल भारत को इमरान की इस नई भूमिका पर सतत निगाह रखनी पड़ेगी क्योंकि अपनी निजी जिंदगी में चलते रहे अस्थायित्व की तरह सत्ता-सुंदरी के साथ उनका गठबंधन कितना स्थायी रहेगा ये कहना मुश्किल है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजेश माहेश्वरी</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Aug 2018 09:43:30 +0530</pubDate>
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                <title>मोदी का इमरान को बातचीत का न्योता</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। सरकार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Modi Invite Imran) ने पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान को लिखे पत्र में दोनोंं देशों के बीच अच्छे पड़ोसियों के रिश्ते कायम करने तथा क्षेत्र के लोगों की भलाई के लिए सार्थक और रचनात्मक संपर्क रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/modi-invite-imran/article-5468"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/modi-invite-imran.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> सरकार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी <strong>(Modi Invite Imran)</strong> ने पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान को लिखे पत्र में दोनोंं देशों के बीच अच्छे पड़ोसियों के रिश्ते कायम करने तथा क्षेत्र के लोगों की भलाई के लिए सार्थक और रचनात्मक संपर्क रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।</p>
<h2>भारत ने खारिज किया पाक विदेश मंत्री का दावा</h2>
<p>सूत्रों ने पाकिस्तान के नये विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के मोदी के पत्र को लेकर किए गए दावे को खारिज करते हुए कहा है कि यह सही है कि मोदी ने खान को 18 अगस्त को पत्र लिखकर बधाई दी थी और दोनों देशों के बीच अच्छे पडोसियों के रिश्ते कायम करने की प्रतिबद्धता जताई थी। लेकिन इसमें पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरू करने के बारे में कुछ नहीं कहा गया था।</p>
<p>सूत्रों ने कहा कि पत्र में मोदी ने विश्वास व्यक्त किया है कि पाकिस्तान में नयी सरकार के सुचारु रूप से कार्यभार संभालने से लोगों का लोकतंत्र पर भरोसा मजबूत होगा। उन्होंने पाकिस्तान के आम चुनाव के परिणाम आने के बाद खान के साथ टेलीफोन हुई अपनी बातचीत को याद करते हुए भारतीय उपमहाद्वीप में शांति, सुरक्षा एवं समृद्धि के दृष्टिकोण को साझा किया ताकि क्षेत्र को हिंसा एवं आतंक से मुक्त करके विकास पर फोकस किया जा सके।</p>
<h2>क्या कहा था पाक विदेश मंत्री ने</h2>
<p>पाकिस्तानी मीडिया में वहां के नये विदेश मंत्री के हवाले से दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत की शुरूआत करने के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को चिट्ठी लिखी है।</p>
<p>कुरैशी ने अपने पहले संबोधन में कश्मीर का मसला भी उठाया और कहा कि दोनों देशों के बीच पेचीदा मामले हैं। जिनपर बातचीत होनी चाहिए। उनका कहना है कि हमें बिना दखलअंदाजी बातचीत की जरुरत है।</p>
<p>हमें समस्या का हल निकालना होगा। दोनों देशों के बीच फिर से वार्ता शुरू होनी चाहिए। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कुरैशी ने यह भी कहा, ‘भारत के साथ निरंतर और बिना दखलअंदाजी वाली बातचीत की जरुरत है। हम पड़ोसी हैं। लंबे समय से हमारे बीच विवाद चले आ रहे हैं, हम दोनों को ही अपनी परेशानियां मालूम हैं। लेकिन हमारे पास सिवाय बातचीत के कोई और विकल्प नहीं है।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Aug 2018 16:01:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>इमरान खान को आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री मनोनीत किया जाएगा:पाकिस्तानी तहरीक-ए-इंसाफ</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तानी तहरीक-ए-इंसाफ (Pakistan) इमरान खान को पीएम उम्मीदवार घोषित करने के लिए बैठक करेगी इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान (Pakistan) तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की संसदीय समिति पार्टी अध्यक्ष इमरान खान को आधिकारिक रूप से प्रधानमंत्री मनोनीत करने के लिए यहां सोमवार को बैठक करेगी। पाकिस्तान के अखबार डॉन की खबर के अनुसार ऐसी संभावना है कि इस दौरान संसदीय समिति मंत्रिमंडल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/imran-will-be-officially-nominated-as-the-prime-minister-of-pakistan/article-5187"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/pakistan.jpg" alt=""></a><br /><h2>पाकिस्तानी तहरीक-ए-इंसाफ (Pakistan) इमरान खान को पीएम उम्मीदवार घोषित करने के लिए बैठक करेगी</h2>
<p><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)</strong>। पाकिस्तान (Pakistan) तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की संसदीय समिति पार्टी अध्यक्ष इमरान खान को आधिकारिक रूप से प्रधानमंत्री मनोनीत करने के लिए यहां सोमवार को बैठक करेगी। पाकिस्तान के अखबार डॉन की खबर के अनुसार ऐसी संभावना है कि इस दौरान संसदीय समिति मंत्रिमंडल के सदस्यों के नामों पर भी फैसला लेगी। बैठक की अध्यक्षता खान करेंगे।</p>
<p>पीटीआई के सूत्रों के अनुसार मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) ने अपने छह सांसदों का समर्थन पार्टी को दिया है और इसे देखते हुए उसे एक मंत्रालय दिए जाने पर विचार किया जा रहा है।</p>
<p>इसके अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री के पद के लिए अलीम खान, फवाद चौधरी, डॉ यास्मीन राशिद और सिबटेन खान के नाम पर विचार किया जा रहा है। पंजाब और केंद्र में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-क्यू (पीएमएल-क्यू) का पीटीआई के सहयोगी बनने का निर्णय करने के बाद पीएमएल-क्यू के उपाध्यक्ष परवेज इलाही का नाम पंजाब विधानसभा के स्पीकर के पद के लिए सामने आ रहा है।</p>
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                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Aug 2018 17:03:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जनता ने इमरान को स्वीकारा, हाफिज को नकारा</title>
                                    <description><![CDATA[भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में नई सरकार बनाने की कवायद प्रारंभ हो गई है। चुनाव परिणामों ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के मुखिया इमरान खान को सबसे ज्यादा सीटें देकर मजबूत बनाया है। इमरान खान के चुनाव प्रचार का अध्ययन किया जाए तो यही दिखाई देता है कि उनका पूरा चुनाव प्रचार भारत केन्द्रित रहा। पाकिस्तान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/people-accept-imran-reject-hafeez/article-5036"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/emrane.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में नई सरकार बनाने की कवायद प्रारंभ हो गई है। चुनाव परिणामों ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के मुखिया इमरान खान को सबसे ज्यादा सीटें देकर मजबूत बनाया है। इमरान खान के चुनाव प्रचार का अध्ययन किया जाए तो यही दिखाई देता है कि उनका पूरा चुनाव प्रचार भारत केन्द्रित रहा। पाकिस्तान में हुए चुनाव परिणामों की सबसे महत्वपूर्ण बात यह कही जा सकती है कि वहां की जनता ने आतंकियों को पूरी तरह से ठुकरा दिया है। इसका मतलब भी साफ है कि पाकिस्तान की जनता अब आतंकवाद से मुक्ति चाहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">
पाकिस्तान के चुनाव परिणाम ने दिखा दिया है कि आम चुनावों में क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान की लहर चली। इस लहर में पाकिस्तान के कई दिग्गज परास्त हो गए। यहां तक कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज की ओर से प्रधानमंत्री पद का सपना देखने वाले नवाज शरीफ के भाई शहबाज शरीफ चुनाव हार गए हैं। वहीं, इस चुनाव में प्रधानमंत्री पद के दावेदार पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह-अध्यक्ष बिलावल भुट्टो भी चुनाव हार चुके हैं। दिग्गजों के हारने के बाद यह साबित हो गया है कि जनता ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के सामने नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल नवाज और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी सहित हाफिज सईद की पार्टी अल्लाह-हो-अकबर को पूरी तरह से धराशाई कर दिया है। हालांकि पूरे चुनाव प्रचार के दौरान जहां नवाज शरीफ को भ्रष्टाचारी नेता के रुप में प्रचारित किया गया, वहीं भारत विरोधी स्वरों का भी बोलबाला रहा। यह सही है कि पाकिस्तान में ज्यादातर सेना ने अपनी मनमानी की है। वहां सेना ने कई बार जबरदस्ती सत्ता को अपने हाथ में लिया है। इसे लोकतंत्र का गला घोंटने की संज्ञा दी जाए तो भी ठीक ही होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
पाकिस्तान में अगर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के मुखिया इमरान खान प्रधानमंत्री की कुर्सी पर विराजमान होते हैं, तो यह भारत के लिए काफी मुश्किल खड़ी कर सकता है, क्योंकि इमरान खान के बारे में हमेशा यही कहा जाता है कि वे पाकिस्तान की सेना के साथ मिलकर अपनी रणनीति बनाते हैं। यह हम जानते हैं कि पाकिस्तान की सेना भारत के विरोध में आतंकियों जैसे कदम उठाती रही है, यहां तक कि भारतीय सीमा में आतंकियों की घुसपैठ कराने में पूरा सहयोग करती है। ऐसे में यह स्वाभाविक ही है कि इमरान खान पाकिस्तान की सेना के साथ ही अपनी सरकार चलाते हुए दिखाई देंगे। वैसे इमरान खान का यह कदम राजनीतिक मायनों में बहुत ही महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि अभी तक पाकिस्तान में यही देखने में आया है कि वहां की सरकार को सबसे ज्यादा खतरा सेना से ही होता है। सेना ने पाकिस्तान में कई बार तख्तापलट जैसे कार्य करके खुद ही सत्ता का संचालन किया है। अब इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनेंगे तो यह तय है कि इमरान को तख्तापलट जैसी स्थितियों का सामना नहीं करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
पाकिस्तान में इमरान खान को लेकर एक बात जगजाहिर है कि उनके संबंध सेना और आतंकियों के सरगनाओं से काफी मधुर हैं। यही सरकार के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। यह इमरान खान की रणनीति का ही हिस्सा है कि उन्होंने एक तीर से कई निशानों को पहले ही साध लिया है। आतंकियों पर पाकिस्तान की ओर से की गई सैन्य कार्यवाहियों पर इमरान खान ने कई बार सवालिया निशान लगाए हैं। यह एक प्रकार से आतंकियों के पक्ष में उठाई गई आवाज को ही रेखांकित करता है। इसलिए कहा यह भी जा रहा है कि इन मुख्य चुनावों में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ को सेना और आतंकियों का भी समर्थन मिला है। इमरान खान की यही बात इस बात को बल दे रही है कि वह भारत के लिए बहुत ही खतरनाक साबित हो सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
यह बात सच है कि पाकिस्तान आतंकी देश है। पाकिस्तान सरकार द्वारा संरक्षण प्राप्त करने वाले वैश्विक आतंकियों के इरादों के चलते पूरे देश की बदनामी हुई। देश की बदनामी का मतलब वहां की जनता की बदनामी ही कही जाएगी। अब संभवत: पाकिस्तान की जनता ने इस बदनामी के दायरे से निकलने का मन बनाया है, आतंकी संगठनों के उम्मीदवारों को हरा दिया है। चुनावों में वैश्विक आतंकी हाफिज सईद ने जबरदस्ती चुनावों में भाग लिया, जबरदस्ती इसलिए, क्योंकि पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने हाफिज सईद के राजनीतिक मंसूबों को फलीभूत करने वाले इस कदम को रोक लगाकर उनकी पार्टी को मान्यता देने से साफ मना कर दिया। इसके बाद हाफिज सईद ने दूसरी पार्टी बनाकर 265 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे। पाकिस्तान चुनाव के परिणामों ने एक प्रकार से हाफिज सईद को गहरा झटका दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान के चुनाव परिणामों ने जिस प्रकार से परिणाम दिए हैं, वह हालांकि संदेहों को जन्म दे रहे हैं। चुनाव को संदेहास्पद मानने की आवाजें बाहर ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान में भी उठने लगी हैं। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और नवाज शरीफ की पीएमएल एन ने तो चुनाव के परिणामों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि ऐसे डरावने चुनाव हमने कभी नहीं देखे। इसी प्रकार अमेरिका ने भी पाकिस्तान के चुनाव परिणाम पर संदेह व्यक्त किया है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ को सबसे बड़ी पार्टी के रुप में स्थापित करना पाकिस्तानी राजनीतिक जगत में किसी आश्चर्य से कम नहीं है। यह सही है कि पाकिस्तान में चुनाव प्रक्रिया के दौरान बड़े स्तर पर हिंसा हुई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सुरेश हिन्दुस्थानी</strong></p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Jul 2018 05:12:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>इमरान की जीत के मायने</title>
                                    <description><![CDATA[पाक में सेना पर कई सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तान में हुए आम चुनावों में पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। देश में आया बड़ा राजनीतिक बदलाव लोक लहर नहीं बल्कि पाक में सेना पर कई सवाल उठ रहे हैं। चुनावों से पहले जिस तरह बड़ी घटनाएं घटित […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/imran-victory-sense/article-5026"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/imran-1.jpg" alt=""></a><br /><h2>पाक में सेना पर कई सवाल उठ रहे हैं।</h2>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान में हुए आम चुनावों में पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। देश में आया बड़ा राजनीतिक बदलाव लोक लहर नहीं बल्कि पाक में सेना पर कई सवाल उठ रहे हैं। चुनावों से पहले जिस तरह बड़ी घटनाएं घटित हुई इन घटनाओं का राजनीतिक बदलावों से सीधा संबंध है। पूर्व प्रधान मंत्री व मुस्लिम लीग (एन) के नेता नवाज शरीफ का जेल जाना, उनके चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाने जैसी तेजी से घटित हुई घटनाओं से यह साफ नजर आ रहा था कि सेना किस पार्टी को सत्ता की तरफ ले जा रही है।</p>
<h2>इमरान सहित सेना को डर था कि कहीं शरीफ की पार्टी फिर से सत्ता पर काबिज न हो जाए</h2>
<p style="text-align:justify;">दरअसल इमरान खान सहित सेना को इस बात का डर था कि कहीं शरीफ की पार्टी फिर से सत्ता पर काबिज न हो जाए। यह बात सही भी साबित हुई शरीफ की पार्टी दूसरी बड़ी पार्टी बनी है। मुस्लिम लीग ने वोटो की गिनती में धांधली के आरोप भी लगाए हैं। दूसरी तरफ इमरान लगातार 22 वर्षाें से सत्ता के लिए जूझ रहे थे। इसलिए इमरान ने आतंकवादियों व तालिबानों सहित सभी का समर्थन हासिल किया। इमरान तालिबानों को पख्तून नेता करार देते रहे हैं जबकि नवाज शरीफ की पार्टी व पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी बाहरी तौर पर आतंकवाद का विरोध करते रहे हैं, भले ही वो भी अंदरखाते आतंकवाद आगे झुके हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इमरान ने अच्छी राजनीतिक चालें चली हैं। उन्होंने भारत के साथ दोस्ती की बात वोटों से सिर्फ एक दिन पहले की थी तब तक कट्टरपंथियों व आतंकवादियों के समर्थन का लाभ इमरान को चुका था व आतंकवादी अब पीछे हटने लायक भी नहीं थे। नि:संदेह इमरान तेज तर्रार नेता साबित हुए हैं, लेकिन अब यह वक्त ही बताएगा कि उनके तालिबानों के साथ नरमदिली के पैंतरे सिर्फ सत्ता हासिल करने तक सीमित हैं या फिर इन संबंधों का असर सरकार (अगर वह सरकार बनाते हैं) के कार्याें में भी नजर आएगा। नि:संदेह पाकिस्तान के लिए नया राजनीतिक बदलाव एक भविष्य के नए चौराहे के समान है। भारत संबंधी इमरान का स्टैंड पुरानी सरकारों वाला ही है लेकिन अगर आतंकवादी व सेना इमरान पर भारी पड़ते हैं तो यह पाकिस्तान की जनता के लिए विध्वंसकारी व भारत के लिए चिंताजनक होगा।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Jul 2018 03:50:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>पाकिस्तान में रोके गए चुनाव नतीजे, इमरान सबसे आगे</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) 41 सीटों के साथ तीसरे स्थान इस्लामाबाद  (एजेंसी)। पाकिस्तान में नेशनल असेंबली चुनाव की मतगणना में पूर्व क्रिकेटर एवं राजनेता इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) अन्य दलों के मुकाबले काफी आगे चल रही है। पीटीआई ने अब तक 113 सीटों पर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/election-results-halted-in-pakistan-imran-front/article-5015"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/pakisthan.jpg" alt=""></a><br /><h2>पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) 41 सीटों के साथ तीसरे स्थान</h2>
<p><strong>इस्लामाबाद  (एजेंसी)।</strong> पाकिस्तान में नेशनल असेंबली चुनाव की मतगणना में पूर्व क्रिकेटर एवं राजनेता इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) अन्य दलों के मुकाबले काफी आगे चल रही है। पीटीआई ने अब तक 113 सीटों पर बढ़त बना ली है। पाकिस्तान के डॉन अखबार के अनुसार नेशनल असेंबली की 272 सीटों के मिले रुझान में पीटीआई 114 सीटों पर आगे चल रही है जबकि भ्रष्टाचार मामले में जेल की सजा काट रहे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने 66 सीटों पर आगे है।  पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) 41 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर चल रही हैं। जाहिर है कि त्रिशंकु नेशनल असेंबली की सूरत में जरदारी ‘किंगमेकर’ साबित हो सकते हैं।</p>
<h2>मुहाजिरों की पार्टी एमक्यूएम 5 सीटों पर आगे</h2>
<p>मुहाजिरों की पार्टी एमक्यूएम 5 सीटों पर आगे है। 13 सीटों पर निर्दलीय भी आगे चल रहे हैं। पाकिस्तान की संसद नेशनल असेंबली के साथ चार प्रांतों की विधानसभाओं के लिए बुधवार को ही एक साथ मतदान कराया गया। बुधवार रात से जारी मतगणना गुरुवार सुबह रोक दी गई है, क्योंकि चुनाव आयोग पर धांधली के आरोप लगे हैं। आधी रात के बाद कोई भी परिणाम घोषित नहीं किए जाने के बाद यह सवाल उठे हैं।</p>
<h2>दूसरे नंबर पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज पार्टी</h2>
<p>अब तक सामने आए रुझानों के मुताबिक, इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने बढ़त बना ली है। दूसरे नंबर पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज पार्टी बताई जा रही है। पार्टी नेता शहबाज शरीफ ने रुझानों की शक्ल में आ रहे नतीजों को मानने से इंकार कर दिया है। पाकिस्तान की दो बार प्रधानमंत्री रहीं दिवंगत नेता बेनजीर भुट्टे के बेटे बिलावल भुट्टो जरदारी की पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने 39 सीटों पर बढ़त बना रखी है।</p>
<h2>सुरक्षा व्यवस्था के बीच कल ही मतगणना शुरू हो गई थी।</h2>
<p>पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “यह स्पष्ट धोखाधड़ी है। जिस तरह से जनादेश का अपमान किया गया है, वह बर्दास्त नहीं है।”<br />
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में नेशनल असेंबली की 272 सीटों के लिए बुधवार को मतदान हुआ था और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कल ही मतगणना शुरू हो गई थी। देशभर के मतदान केंद्रों पर 371,000 सैनिक तैनात किये गए हैं जो वर्ष 2013 में हुए चुनाव के दौरान तैनात किए गए सैनिकों की संख्या के लगभग पांच गुना है।</p>
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<p>Election, Results, Halted, Pakistan, Imran, Front</p>
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                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Jul 2018 03:34:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पाकिस्&amp;#x200d;तान चुनाव: आतंकी हाफिज ने डाला वोट, पंजाब में भिड़े इमरान-नवाज समर्थक</title>
                                    <description><![CDATA[शरीफ और इमरान की पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला इस्लामाबाद (एजेंसी) Edited By Vijay Sharma ।।पाकिस्‍तान में नई सरकार चुनने के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग शुरू हो गई है। क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान और भ्रष्टाचार मामले में जेल की सजा काट रहे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टियां एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/pakistan-elections-terrorist-hafeez-voted-imran-nawaz-supporters-fight-punjab/article-5006"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/pakisathan-voting.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">शरीफ और इमरान की पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी) Edited By Vijay Sharma ।</strong>।पाकिस्‍तान में नई सरकार चुनने के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग शुरू हो गई है। क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान और भ्रष्टाचार मामले में जेल की सजा काट रहे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टियां एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे रही हैं।<br />
वहीं इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ और नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल(एन) कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई है।दोनों पार्टी के कार्यकर्ता पंजाब के राजनपुर में भिड़े हैं। पाकिस्तान समय के मुताबिक सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक यहां वोटिंग चलेगी।आतंकी हाफिज सईद ने लाहौल में अपना वोट डाला। आम चुनाव में 272 सीटों के लिए लगभग 100 राजनीतिक दल चुनाव मैदान में हैं। कुल 3549 उम्मीदवार 272 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं, अन्य 60 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जबकि 10 फीसदी सीटें हिंदुओं सहित अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">इमरान बनेंगे पीएम?</h2>
<p style="text-align:justify;">इमरान के विरोधियों के अनुसार उनकी पार्टी को सेना और खुफिया संस्था ‘इंटर-सर्विसिस इंटेलिजेंस’ (आईएसआई) का समर्थन प्राप्त है, जिस वजह से कहा जा रहा है कि उन्हें अपने विरोधियों के खिलाफ थोड़ी बढ़त हासिल है। खान का दावा है कि वह देश की अब तक की पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों को मात देकर ‘नया पाकिस्तान’ बनाएंगे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">हाफिज़ का बेटा भी मैदान में</h2>
<p style="text-align:justify;">मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेटा हाफिज तल्हा और दामाद खालिद वलीद भी मैदान में हैं।यह दोनों उन 260 उम्मीदवारों में शामिल हैं, जिन्होंने 2011 में पंजीकृत हुई ‘अल्लाह-ओ-अकबर तहरीक’ के उम्मीदवार के रूप में नामांकन किए हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">बहुमत के लिए चाहिए 137 सीटें</h2>
<p style="text-align:justify;">नेशनल असेंबली 342 सदस्यीय है। इनमें से 272 सीटों के लिए सीधे चुनाव हो रहा है। बहुमत के लिए 137 सीटें जीतना जरूरी है। बाकी 70 सीटें महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों का आवंटन चुनाव में दलों को मिलने वाले वोटिंग प्रतिशत के आधार पर होता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पहली बार किसी दल ने पूरा किया कार्यकाल</h2>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी दल ने सत्ता में पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। 2013 में शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन सत्ता में आई थी और उसने अपना कार्यकाल पूरा किया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">1,768 मतदान केंद्र अति संवेदनशील घोषित</h2>
<p style="text-align:justify;">निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी के अनुसार, सिंध में 5,878, पंजाब और इस्लामाबाद में 5,487, खैबर पख्तूनख्वा में 3,874 और संघशासित जनजातीय संघ (एफएटीए) तथा बलूचिस्तान में 1,768 मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है. मुख्य निर्वाचन आयुक्त न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) सरदार रजा खान ने अपने एक विशेष संदेश में जनता से मतदान करने की अपील की है. उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान की वादा किया.</p>
<h2>किस प्रांत में कितनी सीटें?</h2>
<p>प्रांत                                            कुल सीटें<br />
पंजाब                                          141<br />
सिंध                                            61<br />
खैबर पख्तूनख्वा                         39<br />
बलूचिस्तान                                16<br />
फाटा (कबाइली इलाका)              12<br />
फेडरल कैपिटल                           3<br />
कुल                                            272</p>
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                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
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                <pubDate>Wed, 25 Jul 2018 06:46:11 +0530</pubDate>
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