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                <title>Jhunjhunu - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>उदयपुरवाटी में बारूद फटने से एक महिला की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[झुंझुनू (सच कहूँ न्यूज)। राजस्थान में झुंझुनू (Jhunjhunu ) जिले के उदयपुरवाटी कस्बे में एक कमरे में रखा बारूद फटने से एक महिला की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी अनुसार उदयपुरवाटी कसबे में इस्लामिया मदरसा के नजदीक पटाखा बनाने वाले मुस्लिम शौरगर के घर में हादसा हुआ था। सुबह परिवार के सभी लोग अपने-अपने काम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/a-woman-died-due-to-gunpowder-explosion-in-udaipurwati/article-49892"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/dead3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>झुंझुनू (सच कहूँ न्यूज)।</strong> राजस्थान में झुंझुनू (Jhunjhunu ) जिले के उदयपुरवाटी कस्बे में एक कमरे में रखा बारूद फटने से एक महिला की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी अनुसार उदयपुरवाटी कसबे में इस्लामिया मदरसा के नजदीक पटाखा बनाने वाले मुस्लिम शौरगर के घर में हादसा हुआ था। सुबह परिवार के सभी लोग अपने-अपने काम में लगे हुए थे। अफरीन (27) पत्नी जावेद भी अपने कमरे में कुछ कर रही थी। इस दौरान जोरदार विस्फोट हुआ।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कैसे हुआ हादसा | Jhunjhunu</h3>
<p style="text-align:justify;">हादसे में छत की पट्टियां तोड़ते हुए 25 फीट दूर दूसरे घर की छत पर जाकर गिरी। महिला की मौके पर ही मौत हो गई। शव क्षत विक्षत हो गया। घटना आज बुधवार सुबह की है।घटना के बाद लोगों ने बताया- धमाका इतना तेज था कि पुरे उदयपुरवाटी में इसकी आवाज सुनाई दी। इससे मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। सूचना मिलने पर एएसआई रामसिंह मय जाब्ते के मौके पर पहुंच गए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने शव को उदयपुरवाटी सीएचसी स्थित मोर्चरी में रखवाया है। यहां करीब पांच-सात परिवार एक ही मकान में रहते हैं। उदयपुरवाटी थाने के एएसआई राम सिंह ने बताया कि मुस्लिम मदरसा के नजदीक जावेद के घर में हादसा हुआ है। क्षत-विक्षत शव पड़ोसी के घर की छत पर मिला है। विस्फोटक सामग्री के ब्लास्ट से हादसा होने की सूचना है। लेकिन अभी हादसे के कारण के बारे में कुछ नहीं कह सकते। Gunpowder Explosion</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Rain Deficit: उत्तर भारत ‘जल प्रलय’ से परेशान, इन राज्यों का सूखा कर रहा हैरान!" href="http://10.0.0.122:1245/north-india-troubled-by-jal-pralay-the-drought-of-these-states-is-surprising/">Rain Deficit: उत्तर भारत ‘जल प्रलय’ से परेशान, इन राज्यों का सूखा कर रहा हैरान!</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Jul 2023 14:34:17 +0530</pubDate>
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                <title>मासूम से दुराचार के आरोपी को मृत्युदंड</title>
                                    <description><![CDATA[झुंझुनूं (एजेंसी)। राजस्थान में झुंझुंनू (Jhunjhunu) की फास्ट कोर्ट ने तीन साल की मासूम से दुष्कर्म करने के आरोपी को शुक्रवार को मत्यु दंड की सजा सुनाई। फास्ट ट्रेक कोर्ट की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरजा दाधीच ने इस मामले में लगातार सुनवाई कर मात्र 28 दिन में ही फैसला देते हुये आरोपी विनोद को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/accused-convicted-of-molestation-jhunjhunu/article-5629"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/jhunjhunu.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>झुंझुनूं (एजेंसी)।</strong> राजस्थान में झुंझुंनू <strong>(Jhunjhunu) </strong>की फास्ट कोर्ट ने तीन साल की मासूम से दुष्कर्म करने के आरोपी को शुक्रवार को मत्यु दंड की सजा सुनाई। फास्ट ट्रेक कोर्ट की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरजा दाधीच ने इस मामले में लगातार सुनवाई कर मात्र 28 दिन में ही फैसला देते हुये आरोपी विनोद को यह सजा सुनाई।</p>
<p>आरोपी ने इसी माह दो अगस्त को मासूम से दुष्कर्म किया था। इस प्रकरण में मलसीसर थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। गौरतलब है कि गत दो अगस्त को तीन साल की मासूम बच्ची अपनी मां के साथ अपने ननिहाल डाबड़ी धीरसिंह गांव आई हुई थी।</p>
<p>बाइक पर फेरी लगाकर बर्तन बेचने वाले विनोद ने उसी दिन सुबह बच्ची को घर में अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने घटना के दूसरे दिन आरोपी विनोद को चिड़ावा से गिरफ्तार कर लिया था।</p>
<p>इसके खिलाफ पोक्सो एक्ट व दुष्कर्म के मामले में मलसीसर थाना पुलिस ने चालान पेश किया था। झुंझुनूं पुलिस ने भी स्पेशल केस स्कीम में इस प्रकरण को लिया था जिसके कारण 28 दिन में ही फैसला संभव हो सका।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Aug 2018 17:18:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>सेना में शौर्यगाथा लिख रहे हैं झुंझुनू के जवान</title>
                                    <description><![CDATA[इस धरती की माटी में जन्मे वीरों ने समय-समय पर अपना पराक्रम दिखाया राजस्थान में शेखावाटी क्षेत्र के झुंझुनू जिले के अमर सपूतों की इस वीर भूमि के रणबांकुरों ने जहां स्वतंत्रता पूर्व के आन्दोलनो में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था वहीं स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सेना द्वारा लड़ी गयी लड़ाइयों में भी इस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/heroic-sonnet-in-the-army-are-writing-jhunjhunu-soldier/article-5014"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/silider.jpg" alt=""></a><br /><h2>इस धरती की माटी में जन्मे वीरों ने समय-समय पर अपना पराक्रम दिखाया</h2>
<p style="text-align:justify;">राजस्थान में शेखावाटी क्षेत्र के झुंझुनू जिले के अमर सपूतों की इस वीर भूमि के रणबांकुरों ने जहां स्वतंत्रता पूर्व के आन्दोलनो में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था वहीं स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सेना द्वारा लड़ी गयी लड़ाइयों में भी इस धरती की माटी में जन्मे वीरों ने समय-समय पर अपना पराक्रम दिखाया है। वीरों की इस धरती ने सदियों से जन्म लेते रहे सपूतों के दिलों में देशभक्ति की भावना को प्रवाहित किया हैं। देश रक्षा के लिये सेना में शहादत देना राजस्थान की परम्परा रही है। यहां के गांवों में लोकदेवताओं की तरह पूजे जाने वाले शहीदों के स्मारक इस परम्परा के प्रतीक हैं।</p>
<h2>वीरों ने मातृभमि की रक्षा हेतू सदैव अपना जीवन बलिदान</h2>
<p style="text-align:justify;">इस जिले के वीरों ने बहादुरी का जो इतिहास रचा है उसी का परिणाम है कि भारतीय सैन्य बल में उच्च पदों पर सम्पूर्ण राजस्थान की ओर से झुंझुनू जिले का ही वर्चस्व रहा है। वास्तव में यहां की धरती को यह वरदान सा प्राप्त होना प्रतीत होता है कि इस पर राष्ट्रभक्ति के कीर्तिमान स्थापित करने वाले लाडेसर ही जन्म लेते हैं। चाहे 1948 का पाकिस्तानी कबायली हमला हो या 1962 में चीन से युद्व हो या 1965 व 1971 का भारत-पाक युद्ध। यहां के वीरों ने मातृभमि की रक्षा हेतू सदैव अपना जीवन बलिदान किया हैं। सेना के तीनो अंगो की आन की रक्षा के लिये यहां के नौजवान सैनिकों के उत्सर्ग को राष्ट्र कभी भुला नहीं सकता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">बहादुर सैनिकों ने देश मे आंतरिक शान्ति स्थापित करने में भी सदैव भूमिका निभाई</h2>
<p style="text-align:justify;">इस क्षेत्र के सैनिकों ने भारतीय सेना में रहकर विभिन्न युद्धों में बहादुरी एवं शौर्य की बदौलत जो वीरता पदक प्राप्त कियें हैं वे किसी भी एक जिले के लिये प्रतिष्ठा एवं गौरव का विषय हो सकता है। सीमा युद्ध के अलावा जिले के बहादुर सैनिकों ने देश मे आंतरिक शान्ति स्थापित करने में भी सदैव विशेष भूमिका निभाई है। सीमा संघर्ष एवं नागा होस्टीलीटीज हो या आॅपरेशन ब्लूस्टार या श्रीलंका सरकार की मदद हेतु किये गये आपरेशन पवन अथवा कश्मीर में चलाया गया आतंकवादी अभियान रक्षक या कारगिल युद्व। सभी अभियान में यहां के सैनिको ने शहादत देकर जिले का मान बढ़ाया हैं। झुंझुनू जिले में प्रारम्भ से ही सेना में भर्ती होने की परम्परा रही है तथा यहां के गांवों में घर-घर में सैनिक होता था। सेना के प्रति यहां के लगाव के कारण अंग्रेजो ने यहां एक सैनिक छावनी की स्थापना कर शेखावाटी ब्रिगेड का गठन किया था। जिले के वीर जवानों को उनके शौर्यपूर्ण कारनामों के लिये समय-समय पर भारत सरकार द्वारा विभिन्न अलंकरणों से नवाजा जाता रहा हैं। अब तक इस जिले के कुल 120 सैनिकों को वीरता पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। जो पूरे देश में किसी एक जिले के सर्वाधिक हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कारगिल युद्व के दौरान पूरे देश में 527 जवान शहीद हुये थे</h2>
<p style="text-align:justify;">कारगिल युद्व के दौरान पूरे देश में 527 जवान शहीद हुये थे जिनमें यहां के 22 सैनिक शहीद हुये थे जो पूरे देश में किसी एक जिले से शहादत देने वालों में सर्वाधिक जवान थे। झुंझुनू जिले से अब तक 457 से अधिक सैनिक जवान सीमा पर शहीद हो चुके हैं। यहां के जवानो ने सेना के सर्वोच्च पदों तक पहुंच कर अपनी प्रतीभा का प्रदर्शन किया है। इस जिले के चित्तोसा गांव के एडमिरल विजय सिंह शेखावत भारतीय नौ सेना के अध्यक्ष रह चुकें हैं वहीं स्व. कुन्दन सिंह शेखावत थल सेना में लेफ्टिनेन्ट जनरल व भारत सरकार के रक्षा सचिव रह चुके हैं।जे.पी.नेहरा, सत्यपाल कटेवा सेना में लेफ्टिनेन्ट जनरल पद से सेवानिवृत हुये हैं। इसके अलावा यहां के काफी लोग सेना में ब्रिगेडियर, कर्नल,मेजर सहित अन्य महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हंै। देश में झुंझुनू एकमात्र ऐसा जिला है जहां सैनिक छावनी नहीं होने के उपरान्त भी गत पचास वर्षो से अधिक समय से सेना भर्ती कार्यालय कार्यरत है। जिससे यहां के काफी युवकों को सेना में भर्ती होने का मौका मिल पाता है।</p>
<h2>हवलदार मेजर पीरूसिंह शेखावत को परमवीर चक्र से सम्मानित किया जा चुका है</h2>
<p style="text-align:justify;">यहां के हवलदार मेजर पीरूसिंह शेखावत को 1948 के युद्व में वीरता के लिये देश का सर्वोच्च सैनिक सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया जा चुका है। परमवीर चक्र पाने वाले पीरूसिंह शेखावत देश के दूसरे व राजस्थान के पहले सैनिक थे। यहां के सैनिकों ने द्वितीय विश्व युद्व में भी बढ़चढ़ कर भाग लिया था। आज भी यहां द्वितीय विश्व युद्व के पूर्व सैनिकों की विधवाओं को सरकार से पेंशन मिल रही है। जिले में इतने अधिक लोगों का सेना से जुड़ाव होने के उपरान्त भी सरकार द्वारा सैनिक परिवारों की बेहतरी व सुविधा उपलब्ध करवाने के लिये बहुत कुछ किया जाना अभी बाकी है।कारगिल युद्व के समय सरकार द्वारा घोषित पैकेज में यह बात भी शामिल थी कि हर शहीद के नाम पर उनके गांव में किसी स्कूल का नामकरण किया जायेगा मगर जिले के ऐसे कई शहीदों के नाम पर अब तक सरकार ने स्कूलों का नामकरण नहीं किया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">झुंझुनू में सैनिक स्कूल का लाभ सेना में जाने वाले युवाओं को मिलेगा</h2>
<p style="text-align:justify;">हाल ही में झुंझुनू में सैनिक स्कूल प्रारम्भ हो चुकी है जिसका लाभ सेना में जाने वाले यहां के युवाओं को मिलेगा। 19 साल पहले हमने करगिल तो जीत लिया था, लेकिन शहीदों के परिवारों के सामने आज भी समस्याओं के कई करगिल खड़े हैं। जिन पर जीत दर्ज करनी अभी बाकी हैं। सरकार द्वारा झुंझुनू जिले को देश का सैनिक जिला घोषित कर यहां के सैनिक परिवारों को सुविधायें उपलब्ध करवाने की तरफ पर्याप्त ध्यान देवे तो आज भी झुंझुनू क्षेत्र से अनेक पीरूसिंह पैदा होकर देश के लिये प्राण न्योछावर कर सकते हैं। झुंझुनू जिले के सैनिको की बहादुरी देखकर कवि ने अपनी रचना में भी झुंझुनू के वीरो का गुणगान इस प्रकार किया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">शूरा निपजे झुंझुनू, लिया कफन का साथ ।<br />
रण-भूमि का लाडला, प्राण हथेली हाथ ।।</h2>
<p style="text-align:right;"><strong>रमेश सर्राफ धमोरा</strong></p>
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                <pubDate>Thu, 26 Jul 2018 02:37:29 +0530</pubDate>
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