<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/st/tag-8175" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>ST - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/8175/rss</link>
                <description>ST RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>चार राज्यों की नई जातियों को मिलेगा एसटी का दर्जा</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। तमिलनाडु, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ एवं हिमाचल प्रदेश की कुछ जातियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के उद्देश्य से लोकसभा में आज संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश 1950 में संशोधन करने वाले चार विधेयक पेश किये गये। जनजातीय मामलों के केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुण्डा ने तमिलनाडु के बारे में संविधान (अनुसूचित जनजाति) […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/new-castes-of-four-states-will-get-st-status/article-40749"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/obc-castes-census.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> तमिलनाडु, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ एवं हिमाचल प्रदेश की कुछ जातियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के उद्देश्य से लोकसभा में आज संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश 1950 में संशोधन करने वाले चार विधेयक पेश किये गये। जनजातीय मामलों के केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुण्डा ने तमिलनाडु के बारे में संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (दूसरा संशोधन) विधेयक 2022, हिमाचल प्रदेश के बारे में संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (तीसरा संशोधन) विधेयक 2022, कर्नाटक के बारे में संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (चौथा संशोधन) विधेयक 2022 तथा छत्तीसगढ़ के बारे में संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (पांचवां संशोधन) विधेयक 2022 पेश किया।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी घटना पीड़ितों को मिले घोषित मुआवजा</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय लोक दल ने उत्तर प्रकहेदेश के लखीमपुर खीरी में पिछले वर्ष प्रदर्शन के दौरान वाहन से कुचलने से मृत और घायल किसानों के लिए राज्य सरकार द्वारा घोषित मुआवजा दिये जाने की मांग करते हुये आज कहा कि अब तक पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिला है। राष्ट्रीय लोक दल के जयंत चौधरी ने शुक्रवार को राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुये कहा कि इस संबंंध में अभी कुछ दिनों पहले राज्य विधानसभा में उनके दल के सदस्य ने सवाल पूछा था जिस पर मुख्यमंत्री ने अब तक मुआवजा नहीं दिये जाने की बात कही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस घटना में घायल लोगों को 10-10 लाख रुपये और मृत व्यक्ति के एक परिजन को नौकरी देने की घोषणा की गयी थी लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिला है। इसलिये केन्द्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार उत्तर प्रदेश की अपनी ही पार्टी की सरकार को मुआवजा देने के लिए कहे।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>करतारपुर गुरूद्वारा जाने वालों को शुल्क में मिले छूट</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को सरकार से पाकिस्तान स्थित करतारपुर गुरूद्वारा जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए 20 डॉलर के शुल्क को माफ करने और पासपोर्ट के स्थान पर आधार जैसे किसी पहचान पत्र को मान्यता देने के लिए पाकिस्तान से बात करने की अपील की है। आम आदमी पार्टी (आप) के राघव चड्डा ने आज राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुये कहा कि देश के सिख समुदाय करतारपुर साहिब में मथ्था टेकना चाहता है लेकिन कई तरह की अनिवार्यता के कारण वे चाहकर भी अपने पवित्र गुरूद्वारा में मथ्था नहीं टेक पाते हैं। उन्होंने कहा कि करतारपुर जाने के लिए 20 डॉलर का शुल्क देना होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए सरकार से गुजारिश है कि वह इस शुल्क को माफ कर दे ताकि सिख समुदाय से हर कोई करतापुर साहिब जा सके। इसके साथ ही करतारपुर जाने के लिए पासपोर्ट की अनिवार्यता को समाप्त करने के लिए भारत सरकार को पाकिस्तान से बात करनी चाहिए और पासपोर्ट के स्थान पर आधार जैसे पहचान पत्र को मान्यता दी जानी चाहिए। उन्होंने करतारपुर साहिब जाने के लिए आॅनलाइन पंजीयन की व्यवस्था में भी राहत देने की अपील करते हुये कहा कि बहुत से लोग हैं जो आॅनलाइन पंजीयन नहीं कर पाते हैं और इसके कारण वे इस पवित्र स्थल को दर्शन नहीं कर पा रहे हैं।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/new-castes-of-four-states-will-get-st-status/article-40749</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/new-castes-of-four-states-will-get-st-status/article-40749</guid>
                <pubDate>Fri, 09 Dec 2022 14:33:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-12/obc-castes-census.jpg"                         length="9116"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को राहत, SC-ST संशोधन एक्ट को दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संशोधन कानून-2018 पर सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को बड़ी राहत मिली है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/supreme-court-approves-sc-st-amendment-act/article-12973"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/caa-supreme-court.jpg" alt=""></a><br /><h2>शिकायत मिलने के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज होगी और गिरफ्तारी होगी।</h2>
<p><strong>नई दिल्ली(एजेंसी)।</strong> अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संशोधन कानून-2018<strong> (SC-ST Amendment Act)</strong> पर सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को बड़ी राहत मिली है। जस्टिस अरूण मिश्र, जस्टिस विनीत शरण और जस्टिस रवीन्द्र भट्ट की बेंच ने एससी-एसटी संशोधन कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अब एससी-एसटी संशोधन कानून के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज होगी और गिरफ्तारी होगी। इस मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि कोर्ट सिर्फ उन्हीं मामलों में अग्रिम जमानत दे सकती है जहां पहली नजर में केस नहीं बनता दिख रहा है।</p>
<h2>एफआईआर से पहले प्राथमिक जांच की जरूरत नहीं |SC-ST Amendment Act</h2>
<p>जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता में एक बेंच ने फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज करने से पहले प्राथमिक जांच जरूरी नहीं है। इसके अलावा इस कानून में एफआईआर दर्ज करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की सहमति जरूरी नहीं है। हालांकि इसी बेंच के एक दूसरे जज जस्टिस रविंद्र भट ने कहा कि देश के सभी नागरिकों को समान भाव से देखा जाना चाहिए ताकि भाई चारे की भावना विकसित हो सके। जस्टिस भट ने कहा कि अदालत एक एफआईआर को रद्द कर सकती है अगर एसटी-एसटी एक्ट के तहत पहली नजर में केस बनता नहीं दिख रहा है।</p>
<h2>ये है मामला| SC-ST Amendment Act</h2>
<ul>
<li><strong> अनुसूचित जनजाति अधिनियम-1989 के हो रहे दुरूपयोग के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने  एफआईआर और गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। </strong></li>
<li><strong>इसके बाद संसद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटने के लिए कानून में संशोधन किया गया था।</strong></li>
<li><strong> इसे भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। </strong></li>
<li><strong>अब पहले के मुताबिक ही एफआईआर दर्ज करने से पहले वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों या नियुक्ति प्राधिकरण से अनुमति जरूरी नहीं होगी।</strong></li>
<li><strong> बता दें कि एससी-एसटी एक्ट के मामलों में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं है।</strong></li>
<li><strong> न्यायालय असाधारण परिस्थितियों में एफआईआर को रद्द कर सकते हैं।</strong></li>
</ul>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi</a><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/"> News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/supreme-court-approves-sc-st-amendment-act/article-12973</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/supreme-court-approves-sc-st-amendment-act/article-12973</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Feb 2020 13:32:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-02/caa-supreme-court.jpg"                         length="10449"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एससी-एसटी एक्ट के विरोध में राष्ट्रपति को खून से  लिखा पत्र, मांगी इच्छामृत्यु</title>
                                    <description><![CDATA[अलीगढ़(सच कहूँ)। एससी-एसटी एक्ट में ताजा संशोधन के विरोध में अखिल भारत हिंदू महासभा भी अब खुलकर सामने आ गई। संगठन की राष्ट्रीय सचिव डॉ. पूजा शकुन पांडेय ने अपने खून से आठ पेज का पत्र लिखकर राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग की है। उनका कहना है कि मोदी सरकार वोटों की खातिर हिंदू समाज […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/sc-st-act/article-5937"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/sc-st-act.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अलीगढ़(सच कहूँ)।</strong> एससी-एसटी एक्ट में ताजा संशोधन के विरोध में अखिल भारत हिंदू महासभा भी अब खुलकर सामने आ गई। संगठन की राष्ट्रीय सचिव डॉ. पूजा शकुन पांडेय ने अपने खून से आठ पेज का पत्र लिखकर राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग की है। उनका कहना है कि मोदी सरकार वोटों की खातिर हिंदू समाज को विभाजित कर रही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. पूजा शकुन पांडेय पत्रकार  वार्ता</h2>
<p style="text-align:justify;">इस कानून से समानता के अधिकार का उल्लंघन तो हो ही रहा है, देश में गृहयुद्ध के हालात पैदा हो जाएंगे। उनके साथ 15 अन्य पदाधिकारियों ने भी अपना खून निकाल इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर व अंगूठा लगाया। डॉ. पांडेय ने इस मौके पर पत्रकारों से भी वार्ता की। पूजा कुछ दिन पहले मेरठ में ‘हिंदू न्यायपीठ’ की जज बनाए जाने को लेकर चर्चा में आई थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. पूजा शकुन पांडेय ने पत्रकारों के समक्ष सिरिंज से खून निकालकर राष्ट्रपति को संबोधित पत्र में लिखा कि हिंदू विभाजक, समाज विभाजक इस काले कानून का केवल दुरुपयोग रोक कर सुप्रीम कोर्ट ने इसको दुष्प्रभावी होने से बचाया था, लेकिन इस संशोधन के बाद सवर्ण और ओबीसी अब फिर डरकर जी रहा है। भविष्य में जाने-अनजाने इस विधेयक का शिकार होकर इन वर्गों के लोग आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। लिहाजा इस कानून पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाएं अन्यथा उन्हें महासभा के कार्यकर्ताओं के साथ इच्छा मृत्यु की अनुमति दें।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/sc-st-act/article-5937</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/sc-st-act/article-5937</guid>
                <pubDate>Sat, 15 Sep 2018 08:34:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-09/sc-st-act.jpg"                         length="44508"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकसभा में एसटी-एससी संसोधन बिल पास</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में लगभग छह घंटे तक चली चर्चा नई दिल्ली (सच कहूँ)। लोकसभा ने आज एसटी-एससी अत्याचार निवारण संशोधन विधेयक 2018 को मंजूरी दे दी। सरकार ने जोर दिया कि भाजपा नीत सरकार हमेशा आरक्षण की पक्षधर रही है और कार्य योजना बनाकर दलितों के सशक्तीकरण के लिये काम कर रही है। लोकसभा में लगभग छह […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/st-sc-amendment-bill-passed-in-lok-sabha/article-5205"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/lok-sabha1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">लोकसभा में लगभग छह घंटे तक चली चर्चा</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ)।</strong> लोकसभा ने आज एसटी-एससी अत्याचार निवारण संशोधन विधेयक 2018 को मंजूरी दे दी। सरकार ने जोर दिया कि भाजपा नीत सरकार हमेशा आरक्षण की पक्षधर रही है और कार्य योजना बनाकर दलितों के सशक्तीकरण के लिये काम कर रही है। लोकसभा में लगभग छह घंटे तक चली चर्चा के बाद सदन ने कुछ सदस्यों के संशोधनों को नकारते हुए ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी दे दी। इससे पहले विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा, ‘‘हमने अनेक अवसरों पर स्पष्ट किया है, फिर स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम आरक्षण के पक्षधर थे, पक्षधर हैं और आगे भी रहेंगे।’’ उन्होंने कहा कि चाहे हम राज्यों में सरकार में रहे हो, या केंद में अवसर मिला हो, हमने यह सुनिश्वित किया है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">मंत्री गहलोत ने विपक्ष पर साधा निशाना</h1>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मंत्री गहलोत ने कहा कि जो हम पर विधेयक देरी से लाने का आरोप लगा रहे हैं, वे जवाब दें कि 1989 में कानून आने के बाद अब तक उसमें संशोधन करके उसे मजबूत क्यों नहीं बनाया गया। कांग्रेस पर वोट बैंक के लिये दलित वर्ग का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि हमारी नीति और नियत अच्छी है और हम डा. भीमराव अंबेडकर की सोच को चरितार्थ कर रहे हैं। इसलिये हम इस बार पहले से भी मजबूत प्रावधानों वाला विधेयक लाये हैं। विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि कई निर्णयों में दंड विधि शास्त्र के सिद्धांतों और दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 41 से यह परिणाम निकलता है कि एक बार जब अन्वेषक अधिकारी के पास यह संदेह करने का कारण है कि कोई अपराध किया गया है तो वह अभियुक्त को गिरफ्तार कर सकता है। अन्वेषक अधिकारी से गिरफ्तार करने या गिरफ्तार न करने का यह विनिश्चय नहीं छीना जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दृष्टि से लोकहित में यह उपयुक्त है कि यथास्थिति किसी अपराध के किये जाने के संबंध में प्रथम इत्तिला रिपोर्ट के पंजीकरण या किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की बाबत किसी प्रारंभिक जांच या किसी प्राधिकारी के अनुमोदन के बिना दंड प्रक्रिया संहिता 1973 के उपबंध लागू किये जाएं। विधेयक के 18क में कहा गया है कि जिसके विरूद्ध इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध के लिये किए जाने का अभियोग लगाया गया है और इस अधिनियम या संहिता के अधीन उपबंधित प्रक्रिया से भिन्न कोई प्रक्रिया लागू नहीं होगी। इसमें कहा गया है कि किसी न्यायालय के किसी निर्णय या आदेश या निदेश के होते हुए भी संहिता की धारा 438 के उपबंध इस अधिनियम के अधीन किसी मामले पर लागू नहीं होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/st-sc-amendment-bill-passed-in-lok-sabha/article-5205</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/st-sc-amendment-bill-passed-in-lok-sabha/article-5205</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Aug 2018 09:54:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/lok-sabha1.jpg"                         length="79351"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एससी/एसटी एक्ट पर पलटा जाएगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[मोदी कैबिनेट ने संशोधन को दी मंजूरी नई दिल्ली (एजेंसी)। सरकार ने उच्चतम न्यायालय के एक आदेश से कमजोर हुए अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार (निवारण) कानून को पुराने स्वरूप में लाने के लिए इसमें जरूरी बदलाव करने का निर्णय लिया है और इससे संबंधित विधेयक को बुधवार को केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। केन्द्रीय मंत्री […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/national-preparation-to-overturn-supreme-court-verdict-on-sc-st-act/article-5094"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/no-discrimination-with-women-on-the-name-of-religion.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">मोदी कैबिनेट ने संशोधन को दी <code>मंजूरी</code></h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> सरकार ने उच्चतम न्यायालय के एक आदेश से कमजोर हुए अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार (निवारण) कानून को पुराने स्वरूप में लाने के लिए इसमें जरूरी बदलाव करने का निर्णय लिया है और इससे संबंधित विधेयक को बुधवार को केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। केन्द्रीय मंत्री एवं लोक जन शक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान ने यहां संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में यहां हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि विधेयक दो- तीन दिन में संसद में पेश कर दिया जायेगा। पासवान के अनुसार बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ी तो कानून के प्रावधानों को और कड़ा किया जायेगा।</p>
<h1 style="text-align:center;">सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को कुछ सख्त प्रावधानों को हटा दिया था</h1>
<p style="text-align:justify;">उच्चतम न्यायालय ने गत 20 मार्च को इस कानून के कुछ सख्त प्रावधानों को हटा दिया था जिससे इससे जुडेÞ मामलों में तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लग गयी थी। इसके अलावा आरोपी को अंतरिम जमानत लेने की अनुमति भी मिल गई थी। दलित संगठनों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए आगामी 9 अगस्त को भारत बंद का आह्वान किया था। सरकार में शामिल लोक जन शक्ति पार्टी से संबद्ध दलित सेना ने सरकार से 9 अगस्त से पहले कानून के मूल प्रावधानों को बहाल करने के लिए विधेयक पारित करवाने या अध्यादेश लाने की मांग की थी।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/national-preparation-to-overturn-supreme-court-verdict-on-sc-st-act/article-5094</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/national-preparation-to-overturn-supreme-court-verdict-on-sc-st-act/article-5094</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Aug 2018 14:58:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/no-discrimination-with-women-on-the-name-of-religion.jpg"                         length="238847"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        