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                <title>industries - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>उद्योग ‘सुरक्षित’ हों</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के डेराबस्सी क्षेत्र में एक Industries में गैस लीक होने से कई मजदूरों की तबीयत बिगड़ गई। इसी तरह कई दिन पहले लुधियाना में भी सीवरेज में कैमिकल डालने के कारण बनी जहरीली गैस के कारण 11 की मौत हो गई थी। फिलहाल मामले की जांच एक स्पैशल जांच टीम कर रही है। दरअसल, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/industries-to-be-safe/article-47848"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/industries.png" alt=""></a><br /><p>पंजाब के डेराबस्सी क्षेत्र में एक Industries में गैस लीक होने से कई मजदूरों की तबीयत बिगड़ गई। इसी तरह कई दिन पहले लुधियाना में भी सीवरेज में कैमिकल डालने के कारण बनी जहरीली गैस के कारण 11 की मौत हो गई थी। फिलहाल मामले की जांच एक स्पैशल जांच टीम कर रही है। दरअसल, औद्योगिक शहरों में ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही। कमोबेश, इसी तरह लुधियाना के एक खाली प्लांट से हजारों लीटर तेजाब लावारिस हालत में पड़ा हुआ मिला है। पंजाब में गैस लीक के हादसे निरंतर घटित होना चिंताजनक है।</p>
<p>यह मामला एक-दो घटनाओं की जांच के चलते केवल दोषियों को सजा व जुर्माना लगाने से समाधान होने वाला नहीं, बल्कि इस संबंधी एक सुदृढ़ व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि जानलेवा हादसे टल सकें। (Industries) फैक्ट्रियों में कार्यरत मजदूरों को इस बात की पूर्ण प्रशिक्षण व जानकारी दी जाए कि हादसा कब और क्यों होता है। साथ ही हादसे के दौरान बचाव के तरीकों की जानकारी भी समय-समय पर दी जाए। फैक्ट्रियों में कैमिकल की संभाल व जांच भी संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा बिना किसी लापरवाही के करना आवश्यक है। लापरवाही व जानकारी के अभाव में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं जानी चाहिए, यह संवेदनशील मामला है।</p>
<p>प्रशासन को भी अपनी जिम्मेवारी के प्रति सतर्क रहना चाहिए। वास्तव में नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने में कुछ विभागीय अधिकारी लापरवाह हो जाते हैं, जिस कारण अप्रिय घटनाएं घटित हो जाती हैं। अधिकतर अधिकारी (Industries) का दौरा किए बिना कार्यालय बैठे-बिठाए ‘सब अच्छा’ का सर्टीफिकेट देकर अपनी ड्यूटी से पल्ला झाड़ लेते हैं। फिर भी जरूरी है कि लोगों के चुने हुए नुमाइंदे सरपंच, पंच, एमसी, प्रधान, मेयर, विधायक व सांसद भी अपने-अपने क्षत्रों में नियमों की पालना करने को यकीनी बनाएं। यह भी जरूरी है कि समाज में वैज्ञानिक जागरुकता का संचार हो।</p>
<p>फैक्ट्रियों के नजदीक लोगों को भी हादसों के दौरान मानवीय स्वास्थय पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को समझने के लिए शारीरिक लक्ष्णों की जानकारी दी जाए। उद्योग अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। आगामी समय में फैक्ट्रियों की गिनती और स्तर में वृद्धि होना तय है। सरकार को उद्योगों पर बल देने के साथ-साथ सुरक्षित उद्योग के प्रस्ताव पर भी कार्य करना चाहिए। भोपाल गैस त्रासदी को याद कर आज भी दिल कांप जाता है। औद्योगिक विकास के साथ-साथ मानवीय हितों व सरोकारों को भी अहमियत दी जानी चाहिए।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                            <category>विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 May 2023 09:28:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>घरेलू उद्योगों को पांच वर्षों में चार लाख करोड़ रुपए के आर्डर: राजनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीरवार को कहा कि देश रक्षा जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रह सकता इसलिए रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच से सात वर्षों में घरेलू उद्योगों को करीब चार करोड़ रुपए के आर्डर दिये जायेंगे। सिंह ने यहां ‘आत्मनिर्भर भारत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/four-lakh-crore-rupees-orders-to-domestic-industries-in-five-years-rajnath/article-17550"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-08/ladakh-deadlock-rajnath-reviewed-the-situation.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीरवार को कहा कि देश रक्षा जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रह सकता इसलिए रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच से सात वर्षों में घरेलू उद्योगों को करीब चार करोड़ रुपए के आर्डर दिये जायेंगे। सिंह ने यहां ‘आत्मनिर्भर भारत सप्ताह’ समारोह में वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये हिस्सा लेते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए सुरक्षा पहली प्राथमिकता होती है। सब जानते हैं जो राष्ट्र स्वयं अपनी सुरक्षा कर सकने में समर्थ हैं, वही वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत छवि बना पाये हैं। ऐसे में भारत भी अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशी सरकारों, विदेशी आपूर्तिकर्ताओं और विदेशी रक्षा उत्पादों पर निर्भर नहीं रह सकता। यह एक मजबूत और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के उद्देश्यों और भावनाओं के अनुकूल नहीं है।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2020 16:01:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरोना से जंग में राहत: उद्योगों का पहिया 70 से 80 फीसदी तक घूमा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में लगभग 41 लाख मजदूर काम पर लौटे, 75 फीसदी हुआ वैट कलैक्शन प्रदेश के फरीदाबाद, गुरूग्राम, पानीपत, अंबाला, सोनीपत, रेवाड़ी और यमुनानगर जैसे औद्योगिक शहरों में उद्योगों का काम 70 से 80 फीसदी तक पहुंचा अक्तूबर तक पिछले साल की स्थिति में आ जाएंगे उद्योग! चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़)। कोविड-19 के चलते पटरी से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/corona-war-relief-70-to-80-percent-of-industries-opened/article-16485"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-07/industries-opened.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">प्रदेश में लगभग 41 लाख मजदूर काम पर लौटे, 75 फीसदी हुआ वैट कलैक्शन</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>प्रदेश के फरीदाबाद, गुरूग्राम, पानीपत, अंबाला, सोनीपत, रेवाड़ी और यमुनानगर जैसे औद्योगिक शहरों में उद्योगों का काम 70 से 80 फीसदी तक पहुंचा</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>अक्तूबर तक पिछले साल की स्थिति में आ जाएंगे उद्योग!</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़)।</strong> कोविड-19 के चलते पटरी से उतरी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रास्ते पर लाने के लिए कृषि के साथ-साथ मैन्यूफैक्चरिंग और आॅटोमोबाइल इंडस्ट्री का चक्का चल पड़ा है। खास तौर पर प्रदेश के एनसीआर के साथ लगते बड़े औद्योगिक नगरों में लगी इंडस्ट्री यूनिट्स में प्रोडक्शन शुरू 70 से 80 फीसदी पहुंच चुका है, जो कि प्रदेश की सरकार और अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी बात है। हालांकि यूनिट्स को पूरी तरह चलाने के लिए अभी भी लेबर की कमी से उद्योग दो-चार हो रहे हैं, लेकिन इसके लिए सरकार और औद्योगिक यूनिट्स रास्ता निकालने में जुटी हैं, जिनमें सबसे बड़ी कोशिश लेबर को उनके प्रदेशों से वापिस लाने की है। वहीं हरियाणा के सीएम कार्यालय का दावा है कि औद्योगिक मजदूर दोबारा काम पर लौट रहे हैं। अब तक 40.5 लाख मजदूर काम पर आ चुके हैं। वैट कलेक्शन भी 75 फीसदी पर पहुंच गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि गुरूग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, अंबाला, सोनीपत, रेवाड़ी और यमुनानगर इत्यादि शहर प्रदेश के औद्योगिक नगर हैं और यहां कल पुर्जांे से लेकर आॅटोमोबाइल इंडस्ट्री, टैक्सटाइल, इंफोर्मेशन टैक्नॉलॉजी इंडस्ट्री के हब हैं और यहां करीबन सभी यूनिट्स का कार्य आम दिनों के मुकाबले 70 से 80 फीसदी पहुंच गया है। कोविड-19 की स्थिति के चलते लगभग तीन महीने के ब्रेक के बाद इंडस्ट्री का दोबारा उसी गति से दौड़ना प्रदेश की हिल चुकी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी है, जिसके लिए सरकार भी इंडस्ट्री की सहायता के लिए तमाम तरह के कदम उठा रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जून में फरीदाबाद और गुरूग्राम इंडस्ट्री की बिजली खपत पहुंची 70 फीसदी</h3>
<p style="text-align:justify;">इंडस्ट्री का चक्का कितना फीसदी चला है उसका एक साफ सा अंदाजा बिजली की खपत से लगाया जा सकता है। जून 2019 में फरीदाबदा में जहां 1306 लाख यूनिट की खपत हुई थी वहीं इस दफे 1148 यूनिट बिजली की खपत फरीदाबाद में हुई। इसी साइबर सिटी गुरुग्राम की बात करें तो यहां जून 2019 में करीब 15 करोड़ यूनिट बिजली की खपत उद्योगों में हुई थी। जबकि इस साल 11.5 करोड़ से कुछ अधिक हुई है। बिजली का खर्च इंडस्ट्री चलने का सबसे बड़ा इंडीकेटर है. गुरुग्राम और फरीदाबाद के कई उद्योगों में 12-12 घंटे की शिफ्ट चल रही है। पूरे हरियाणा की बात करें तो यहां पर औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की खपत लगभग 82 प्रतिशत तक पहुंचने लगी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कोरोना के केस अन्य औद्योगिक राज्यों के मुकाबले कम, लौटने लगी लेबर, अक्तूबर तक सामान्य स्थिति लौट आएगी प्रदेश की इंडस्ट्री!</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा में अन्य औद्योगिक नगरों के मुकाबले कोरोना के केस काफी कम हैं। और रिकवरी रेट भी ठीक है। यदि महाराष्ट्र जैसे प्रदेशों से मुकाबल करें तो हरियाणा में काफी कम महज 15,509 कोरोना पॉजिटिव केस हैं। इसलिए यहां आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाना अपेक्षाकृत आसान है। वहीं आईएम एसएमई आॅफ इंडिया के चेयरमैन राजीव चावला का मानना है कि प्रदेश में कोविड-19 के केसों के अपेक्षाकृत कम होने के कारण यहां के उद्योग तेजी से सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं। जुलाई के अंत तक काफी उद्योग सामान्य या उससे अधिक काम करने लग जाएंगे। सबकुछ ठीक चला तो अक्टूबर तक इतना प्रोडक्शन हो जाएगा कि उद्योग पिछले साल जैसी स्थिति पर आ जाएंगे।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2020 12:44:37 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>उद्योगों को पूरा सहयोग देगी सरकार: गंगवार</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने आज कहा कि अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए सरकार उद्योगों को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है। गंगवार ने यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नियोक्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार रोजगार सुरक्षा और रोजगार बढ़ाने की दिशा में गंभीरता […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/government-will-give-full-support-to-industries-santosh-gangwar/article-15163"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-05/santosh-kumar-gangwar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने आज कहा कि अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए सरकार उद्योगों को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है। गंगवार ने यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नियोक्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार रोजगार सुरक्षा और रोजगार बढ़ाने की दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रही है। इसके लिए सरकार उद्योगों के साथ पूरा सहयोग करेगी और उनको हर संभव मदद देगी।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">यह बैठक कोरोना महामारी के प्रभाव से निपटने के प्रयासों पर विचार विमर्श करने के लिए बुलाई गई थी।</li>
<li style="text-align:justify;">इसी कड़ी में गंगवार मजदूर संगठनों और सरकारी संस्थानों से बात चुके हैं।</li>
</ul>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2020 09:59:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा में उद्योग लगाने की राह आसान</title>
                                    <description><![CDATA[प्रवासी हरियाणा दिवस समारोह। बाहरी निवेश को हरियाणा ने गुजरात की तर्ज पर खोली बाहें रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने में जुटी प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास के लिए 1200 एकड़ नई जमीन उपलब्ध करवाएगा निगम ChandiGarh, Anil Kakkar: गत फरवरी माह में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदेश ने अपने इतिहास का सबसे भयानक हिंसात्मक आंदोलन […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/easy-way-to-set-up-industries-in-haryana/article-486"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/industries.png" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>प्रवासी हरियाणा दिवस समारोह। बाहरी निवेश को हरियाणा ने गुजरात की तर्ज पर खोली बाहें</strong></li>
<li><strong>रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने में जुटी प्रदेश सरकार</strong></li>
<li><strong>औद्योगिक विकास के लिए 1200 एकड़ नई जमीन उपलब्ध करवाएगा निगम</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ChandiGarh, Anil Kakkar:</strong> गत फरवरी माह में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदेश ने अपने इतिहास का सबसे भयानक हिंसात्मक आंदोलन देखा जहां हजारों करोड़ की संम्पत्ति की बर्बादी के साथ-साथ 3 दर्जन से ज्यादा लोगों की जान गई। इस बर्बादी के मंजर ने जहां समाज की हवा में नफरत का जहर घोला वहीं व्यापार, बाहरी निवेश को गहरी चोट पहुंचाई। लेकिन अब स्थिति सामान्य है और प्रदेश में रोजगार मुहिम तथा बाहरी निवेश के लिए गुजरात सूबे की तर्ज पर रास्ते खोले जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एयरोस्पेस व डिफैन्स पॉलिसी, आईटी और ईएसडीएम पॉलिसी, खाद्य प्रसंस्करण नीति, रिटेल पॉलिसी, टैक्सटाइल पॉलिसी, फुटवियर पॉलिसी को सरकार बहुत ही आसान कर दी गयी है। हैदराबाद में प्रवासी हरियाणा दिवस समारोह में प्रदेश की बात रखते हुए हरियाणा राज्य आधारभूत सरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के प्रबंध निदेशक सुधीर राजपाल ने कहा कि प्रदेश में व्यापक सुधारों के दृष्टिगत सरकार उत्पादन लागत कम लाने पर ध्यान केन्द्रित कर रही है, जिसके लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक आधारभूत संरचना निगम द्वारा 1200 एकड़ नई भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके अंतगर्त औद्योगिक उपयोग के लिए पंचायती भूमि को 33 वर्षों के दीर्घकालिक पट्टे पर भूमि उपलब्ध करवाने पर विचार भी किया जा रहा है। एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक राजपाल के इस कथन का बड़ा महत्व है क्यों कि प्रदेश एक ऐसे दौर से निकला है जहां यहां पहले से मौजूद उद्योगों तक ने यहां से अपना ठिकाना बदलने की कवायद शुरू कर दिया था लेकिन डैमेज कण्ट्रोल में प्रदेश की सरकार ने बड़ी समझदारी दिखाई है और न केवल प्रदेश में लगे उद्योगों को बाहर जाने से रोका वहीं हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट जैसे इवेंट्स से विदेशी निवेश को भी प्रदेश की और आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा इज-आॅफ-डुईंग बिजनेस में देश में पहले पांच राज्यों में शामिल है और जल्द ही आप सभी के सहयोग से हम पहले स्थान पर होंगे। सरकार ने व्यापार को बढावा देने के लिए इंटरप्राईज पॉलिसी बनाई है, जिसमें इंडस्ट्री के साथ-साथ व्यापार को बढावा देने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैें। अब तक 550 से ऊपर एमओयू पर साईन हो चुके हैं।<br />
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विदेशों में हरियाणवी भी कमा रहे नाम<br />
पड़ोसी राज्य पंजाब की तरह हरियाणा के लोग भी विदेशों में अपनी मेहनत से नाम कमा रहे हैं। इस बाबत सुधीर राजपाल ने कहा कि हरियाणा के लोगों ने देश विदेश में पूरा नाम कमाया है। निवेशकों की मदद के लिए अगर पॉलिसी में भी कहीं सुधार की गुंजाईश होगी तो प्रदेश सरकार इसमें भी बदलाव ला सकती है, जिससे व्यापारी वर्ग और आमजन को ज्यादा से ज्यादा फायदा हो।<br />
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बैडमिंटन अकादमी के लिए जमीन देगी सरकार<br />
उद्योगों के साथ-साथ प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार बड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में एचएसआईआईडीसी प्रबंध निदेशक सुधीर राजपाल ने प्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी साईना नेहवाल के पिता डॉ0 हरबीर सिंह द्वारा ने हरियाणा में बैडमिंटन अकादमी बनाने के रखे गये प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए कहा कि प्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी साईना नेहवाल को मानेसर में एचएसआईडीसी द्वारा स्थान उपलब्ध करवाया जाएगा ताकि प्रदेश में खेलों को प्रोत्साहन मिल सके।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
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                <pubDate>Mon, 12 Dec 2016 01:01:24 +0530</pubDate>
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