<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/at/tag-8251" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>at - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/8251/rss</link>
                <description>at RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महिला-पुरुष हॉकी टीमों को यूथ ओलंपिक में रजत</title>
                                    <description><![CDATA[ब्यूनस आयर्स (एजेंसी)। भारतीय अंडर-18 महिला और पुरुष हॉकी टीमों को तीसरे यूथ ओलंपिक खेलों के फाइनल में अर्जेंटीना और मलेशिया के हाथों पराजय झेलने के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा है। यूथ ओलंपिक में हॉकी की फाइव ए साइड प्रतियोगिता के फाइनल में भारतीय महिला हॉकी टीम को अर्जेंटीना के हाथों 1-3 […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/women-to-men-hockey-teams-silver-at-youth-olympics/article-6289"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/women-to-men-hockey-teams-silver-at-youth-olympics.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूनस आयर्स (एजेंसी)। </strong></p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय अंडर-18 महिला और पुरुष हॉकी टीमों को तीसरे यूथ ओलंपिक खेलों के फाइनल में अर्जेंटीना और मलेशिया के हाथों पराजय झेलने के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा है। यूथ ओलंपिक में हॉकी की फाइव ए साइड प्रतियोगिता के फाइनल में भारतीय महिला हॉकी टीम को अर्जेंटीना के हाथों 1-3 से शिकस्त मिली जबकि पुरुष टीम को मलेशिया ने 2-4 से हराया। महिला टीम ने अपने मैच में कड़ी चुनौती पेश की लेकिन अंतत: उसे मेजबान टीम से हार झेलनी पड़ी। भारत के लिए एकमात्र गोल मुमताज़ खान ने किया और पहले ही मिनट में टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। लेकिन फिर भारतीय टीम विपक्षी टीम के डिफेंस को भेद नही सकीं। पार्क पोलिडेपोर्टिवो रोका स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत ने अपनी बेहतरीन लय दिखाते हुए मैच के 49वें सेकंड में ही मुमताज़ के गोल से 1-0 की बढ़त बना ली। लेकिन अर्जेंटीना के लिए गियानेला पालेट ने सातवें, सोफिया रामोला ने नौवें और ब्रिसा ब्रुगेसेर ने 12वें मिनट में गोल कर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित कर दी।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत ने पहले क्वार्टर में फारवर्ड मुमताज़ के गोल से अहम बढ़त हासिल की। लेकिन विपक्षी टीम ने सातवें ही मिनट में पालेट की मदद से बराबरी का गोल हासिल कर लिया। इसके दो मिनट बाद सोफिया के गोल से अर्जेंटीना ने 2-1 की बढ़त बना ली। दूसरे हॉफ में फिर अधिकतर समय अर्जेंटीना ने गेंद को अपने कब्जे में रखा और भारतीय खेमा कोई मौके नहीं बना सका। अर्जेंटीना की मिडफील्डर ब्रिसा ने फिर 12वें मिनट में गोल कर स्कोर 3-1 पहुंचा दिया। मेजबान टीम का डिफेंस काफी मजबूत रहा और भारतीय खिलाड़ी संघर्ष करती दिखीं। वहीं घरेलू टीम को अच्छा समर्थन भी मिला और ऐतिहासिक स्वर्ण अपने नाम कर लिया। दूसरी ओर युवा ओलंपिक में भारतीय महिला और हॉकी टीमों ने भी रजत पदक के साथ इतिहास रच दिया है। युवा ओलंपिक में भारत ने पहली बार हॉकी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था और पहले ही प्रयास में उसकी दोनों टीमों ने फाइनल में जगह बनाई और रजत पदक अपने नाम किए।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो<strong>।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sports/women-to-men-hockey-teams-silver-at-youth-olympics/article-6289</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sports/women-to-men-hockey-teams-silver-at-youth-olympics/article-6289</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Oct 2018 15:19:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/women-to-men-hockey-teams-silver-at-youth-olympics.jpg"                         length="188893"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी गेट पर किसानों ने तोड़े बैरीकेड, पुलिस लाठी चार्ज में 30 किसान घायल</title>
                                    <description><![CDATA[यूपी गेट पर किसानों द्वारा बैरीकेड तोड़ने पर पुलिस ने लाठी चार्ज शुरू कर दिया है। साथ ही पुलिस भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसु गैस के गोले और रबर बुलेट का भी इस्तेमाल कर रही है। इससे पहले पुलिस ने बैरीकेड तोड़ने से रोकने के लिए किसानों पर वाटर कैनन का भी इस्तेमाल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/30-farmers-injured-in-barricades-police-sticks-charging-broke-at-farmers-gate-at-up-gate/article-6095"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/police-sticks-charging-broke-at-farmers-gate-at-up-gate.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">यूपी गेट पर किसानों द्वारा बैरीकेड तोड़ने पर पुलिस ने लाठी चार्ज शुरू कर दिया है। साथ ही पुलिस भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसु गैस के गोले और रबर बुलेट का भी इस्तेमाल कर रही है। इससे पहले पुलिस ने बैरीकेड तोड़ने से रोकने के लिए किसानों पर वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया था। बावजूद किसान नहीं माने और ट्रैक्टर चढ़ाकर बैरीकेड़ तोड़ दिए। काफी संख्या में किसान दिल्ली में प्रवेश कर चुके हैं। लाठी चार्ज के जरिए पुलिस किसानों को यूपी की सीमा में वापस खदेड़ रही है। बताया जा रहा है कि लाठी चार्ज और रबर बुलेट से अब तक तकरीबन 30 किसान घायल हो चुके हैं। पुलिस द्वारा बल प्रयोग करने पर ज्यादातर किसान फिर से यूपी गेट पर जाकर बैरिकेड के सामने बैठ गए हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो</p>
<p> </p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/30-farmers-injured-in-barricades-police-sticks-charging-broke-at-farmers-gate-at-up-gate/article-6095</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/30-farmers-injured-in-barricades-police-sticks-charging-broke-at-farmers-gate-at-up-gate/article-6095</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Oct 2018 13:05:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/police-sticks-charging-broke-at-farmers-gate-at-up-gate.jpg"                         length="124955"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल की कीमत पर हो राष्ट्रीय बहस</title>
                                    <description><![CDATA[पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की परेशानी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में आम आदमी पर मंहगाई का बोझ बढ़ेगा ये तय है। लेकिन पेट्रोल डीजल की कीमतों को लेकर जिस तरह की सियासत हो रही है, उससे न तो कीमतें कम होंगी और न ही आम आदमी को कोई राहत पहुंचेगी। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/national-debate-at-the-cost-of-petrol-and-diesel/article-5934"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/fdsxdsxd-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की परेशानी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में आम आदमी पर मंहगाई का बोझ बढ़ेगा ये तय है। लेकिन पेट्रोल डीजल की कीमतों को लेकर जिस तरह की सियासत हो रही है, उससे न तो कीमतें कम होंगी और न ही आम आदमी को कोई राहत पहुंचेगी। उलटा भारत बंद के नाम पर देश के खजाने को चूना और आम आदमी को परेशानी जरूरत हुई। अगर बंद करने से कीमतों का समाधान होना होता तो यह देश काफी समय पहले ही तमाम चीजोें पर काबू पा लेता। बीते 10 सितंबर को जिस कांग्रेस के नेतृत्व में भारत बंद का आह्वान किया गया है और उसके 18 सहयोगी दलों ने भी समर्थन किया है, उसके बाद पेट्रोल-डीजल एक पैसा भी सस्ते नहीं हुए, उल्टा बढ़ोत्तरी जरूर हुई है। यह भी नहीं है कि कांग्रेस नेतृत्व की केंद्र सरकार के दौरान पेट्रोलियम पदार्थ महंगे नहीं हुए। आज दाम 80-90 रुपए के बीच हैं, तो तब भी 70 रुपए के करीब रहे। बल्कि एक दौर में तो पेट्रोल 83 रुपए लीटर तक बिका। दरअसल बंद विरोध प्रदर्शन के बजाय शक्ति प्रदर्शन ज्यादा है। कांग्रेस इस भारत बंद के जरिए अपनी राजनीतिक ताकत दिखाना चाहती थी और विपक्ष की गोलबंदी भी साफ करना चाहती थी, लेकिन दरारें स्पष्ट रहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">जमीन पर साथ और सहयोग में गहरे फासले सामने आए। बंद के दौरान जो हिंसात्मक घटनाएं प्रकाश में आई वो शर्मनाक हैं। वास्तव में पेट्रोल की कीमत का 25 फीसदी केंद्र सरकार और 21 फीसदी राज्य सरकारें टैक्स लगाती रही हैं। डीजल पर केंद्र 22 फीसदी कर वसूलता है। पेट्रोल-डीजल के दाम तय करने का अधिकार यूपीए सरकार के दौरान तेल कंपनियों को ही दिया गया था। केंद्र सरकार का इतना ही दखल है कि वह कंपनियों से अनुरोध ही कर सकती है कि दामों पर पुनर्विचार किया जाए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कच्चे तेल के दाम हमारे रोजाना के दामों को प्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित नहीं करते, क्योंकि उनमें वैट, उत्पाद कर, बेसिक और एडीशनल कस्टम ड्यूटी, स्पेशल सेनवेट ड्यूटी और प्रदूषण अधिभार आदि शामिल किए जाते हैं। वित्त मंत्री अरुण जेतली ने एक्साइज टैक्स कम करने से इनकार किया है। उनका सवाल है कि फिर विकास कार्य और विभिन्न लाभ कैसे दिए जा सकते हैं? बहरहाल ये दाम बढ़ने का एक अर्थशास्त्र यह भी है कि हमारे वित्तीय और चालू खाते के घाटे बेहद बढ़ गए हैं, लिहाजा सरकार घाटों की पूर्ति के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के पक्ष में है। बीती 16 अगस्त से ये दाम रोजाना बढ़े हैं या स्थिर रहे हैं, लेकिन घटे नहीं हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">2018 में ही अभी तक पेट्रोल 15 फीसदी महंगा हो चुका है। कच्चे तेल की कीमतें भी करीब 125 फीसदी बढ़ी हैं। अहम सवाल यह भी है कि देश में हिंसात्मक आग लगाने के बाद क्या अब तेल की कीमतें घटेंगी? बंद, बवाल, विरोध और अमानवीय प्रदर्शनों के बाद क्या अब पेट्रोल-डीजल सस्ते होंगे? ऐसा बिलकुल नहीं होगा, क्योंकि मोदी सरकार ने इनकार कर दिया है, बल्कि अपनी असमर्थता जता दी है। दरअसल पेट्रोल-डीजल की अर्थव्यवस्था क्या है और केंद्र-राज्यों के राजस्व में उनकी कितनी हिस्सेदारी है, यह हम अपने पिछले संपादकीय में विस्तार से स्पष्ट कर चुके हैं। इसे विडंबना या विवशता ही मानेंगे कि सरकार को तेल की कीमतें बढ़ानी पड़ती हैं और विपक्ष को आंदोलन करना पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकृत तौर पर प्राप्त आंकड़ों ने भी ये बात स्पष्ट कर दी है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि से केन्द्र और राज्यों का भंडार लबालब हो गया है। ऐसे में जब केन्द्र सरकार कर घटाने पर अपनी कमाई कम होने का तर्क देती है तब वह ये तथ्य छिपा लेती है कि पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले कर प्रति लिटर के हिसाब से न होकर प्रतिशत के आधार पर हैं। इसलिए जब दाम बढ़ते हैं तब उसी अनुपात में कर की राशि भी बढ़ जाती है। वहीं यदि केन्द्र व राज्य ये तय कर दें कि एक्साईज तथा वैट आदि की राशि प्रति लिटर निश्चित रहेगी तब उपभोक्ता दोहरी मार से बच जायेगा। इस दृष्टि से देखें तो विकास कार्य रुक जाने का बहाना गले नहीं उतरता लेकिन सरकार चाहे केन्द्र की हो या राज्यों की, दोनों अपना आर्थिक प्रबंधन सुधारने की बजाय आम जनता को निचोड़ने पर आमादा हैं। इन तमाम बिंदुओं के मद्देनजर कहा जा सकता है कि भारत बंद कोई समाधान नहीं है। जनता सड़कों पर बिछा दी जाएगी, तो उससे क्या होगा? बेहतर यह होगा कि विभिन्न विपक्षी दलों को जिला और राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक बहस का आगाज करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">और फिर वह बहस मीडिया में जाए। यदि कांग्रेस पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने के ठोस सुझाव देती है और मोदी सरकार अपने फैसलों पर अड़ी रहती है, तो फिर अनशन किए जाएं, विरोध-प्रदर्शन किए जाएं। यह ऐसा मुद्दा है, जिससे आम आदमी भी सीधा प्रभावित है। वह ऐसी बहस को गंभीरता से ग्रहण करेगा और अपने चुनावी फैसले भी ले सकता है। रुपये की विनिमय दर में निरंतर गिरावट तथा पेट्रोल-डीजल की अनियंत्रित होती कीमतों के लिए अंतर्राष्ट्रीय कारण निरूसंदेह जिम्मेदार हैं परन्तु जिस तरह प्राकृतिक आपदाएं रोकना अपने बस में नहीं होने पर भी सरकार प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के हरसंभव प्रयास करती है ठीक वैसे ही आर्थिक विपदाओं के समय भी कोई आपदा प्रबंधन तो होना ही चाहिए। शकील सिद्दीकी</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/national-debate-at-the-cost-of-petrol-and-diesel/article-5934</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/national-debate-at-the-cost-of-petrol-and-diesel/article-5934</guid>
                <pubDate>Fri, 14 Sep 2018 20:17:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-09/fdsxdsxd-copy.jpg"                         length="29382"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेशी मुद्रा भंडार साढ़े आठ महीने के निचले स्तर पर</title>
                                    <description><![CDATA[तीन लाख डॉलर घटकर 1.48 अरब डॉलर हो गया मुंबई (एजेंसी)।विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति में एक अरब डॉलर से ज्यादा की गिरावट के कारण देश का विदेशी मुद्रा भंडार 27 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 95.09 करोड़ डॉलर घटकर साढ़े आठ माह के निचेल स्तर 404.19 अरब डॉलर पर आ गया। पिछले सात सप्ताह में से […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/foreign-exchange-at-lower-level/article-5151"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/dollar.jpg" alt=""></a><br /><h3>तीन लाख डॉलर घटकर 1.48 अरब डॉलर हो गया</h3>
<p><img class="aligncenter" src="https://cdn.pixabay.com/photo/2014/11/25/08/08/financial-crisis-544944_960_720.jpg" alt="financial-crisis-544944_960_720.jpg"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई (एजेंसी)।</strong>विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति में एक अरब डॉलर से ज्यादा की गिरावट के कारण देश का विदेशी मुद्रा भंडार 27 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 95.09 करोड़ डॉलर घटकर साढ़े आठ माह के निचेल स्तर 404.19 अरब डॉलर पर आ गया। पिछले सात सप्ताह में से छह में इसमें गिरावट रही है। इससे पहले 20 जुलाई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 6.77 करोड़ डॉलर की बढ़त के साथ 405.14 अरब डॉलर पर रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसका इससे निचला स्तर 15 दिसंबर 2017 को समाप्त सप्ताह में 401.39 अरब डॉलर दर्ज किया गया था। रिजर्व बैंक के शुक्रवार को जारी आँकड़ों के अनुसार, 27 जुलाई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 1.01 अरब डॉलर घटकर 379.04 अरब डॉलर रह गया। इसका भी यह 15 दिसंबर 2017 के बाद का निचला स्तर है। स्वर्ण भंडार 6.11 करोड़ डॉलर बढ़कर 21.20 अरब डॉलर पर पहुँच गया। आलोच्य सप्ताह में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि पाँच लाख डॉलर बढ़कर 2.47 अरब डॉलर पर और विशेष आहरण अधिकार तीन लाख डॉलर घटकर 1.48 अरब डॉलर हो गया।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/foreign-exchange-at-lower-level/article-5151</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/foreign-exchange-at-lower-level/article-5151</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Aug 2018 13:14:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/dollar.jpg"                         length="21077"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        