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                <title>Investigated - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>हरियाणा: फर्जी दस्तावेजों पर दाखिला दिलाने वालों की खैर नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[शिकायत में यह हवाला देकर कि कई अभिभावकों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे बच्चों को नियम 134ए के तहत दाखिला दिलाया दिया,
 जिसकी फिजिकल वेरिफिकेशन कराए जाने की मांग उठाई गई थी।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/admission-of-1-25-million-children-to-be-investigated/article-11909"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/investigated.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">सवा लाख बच्चों के दाखिलों की होगी जांच (investigated)</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (सच कहूँ न्यूज)।</strong> फर्जी दस्तावेजों के सहारे बच्चों को दाखिला दिलाने (investigated) वालों की खैर नहीं होगी, क्योंकि अब आर्थिक रूप से पिछड़ेपन के अंतर्गत निजी स्कूलों में नियम 134ए के तहत अपने बच्चों को दाखिला दिलाने वालों के दस्तावेजों की जांच के मौलिक शिक्षा निदेशालय ने आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने नियम 134ए में गरीब बच्चों के दाखिला के दौरान अनियमितताएं बरते जाने संबंधी शिकायतें मौलिक शिक्षा निदेशालय को दी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">शिकायत में यह हवाला देकर कि कई अभिभावकों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे बच्चों को नियम 134ए के तहत दाखिला दिलाया दिया, जिसकी फिजिकल वेरिफिकेशन कराए जाने की मांग उठाई गई थी। मौलिक शिक्षा निदेशालय द्वारा वर्तमान शैक्षशिक सत्र 2019-20 के तहत करीब सवा लाख आर्थिक पिछड़ेपन के अंतर्गत आने वाले अभिभावकों के बच्चों को दाखिला 134ए के तहत दिया हुआ है, जबकि प्रदेशभर में करीब पौने तीन लाख वैकेंसी थी, मगर सभी सीटों पर गरीब बच्चों के दाखिले नहीं हो पाए थे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मौलिक शिक्षा निदेशालय को शिकायतें भेजकर अवगत कराया गया</h3>
<p style="text-align:justify;">जिन सीटों पर निजी स्कूलों में दाखिले किए गए उनमें भी कुछ अभिभावकों ने फर्जी यानी झूठी जानकारी देकर बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिला दिया।<br />
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के समक्ष ऐसी कई शिकायतें आई, जिसके बाद इस संबंध में मौलिक शिक्षा निदेशालय को शिकायतें भेजकर अवगत कराया गया। अब मौलिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निजी स्कूलों में नियम 134ए के तहत दाखिला पाने वाले बच्चों के अभिभावकों द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की जांच के आदेश दिए हैं।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Dec 2019 17:05:01 +0530</pubDate>
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                <title>देवरिया में बालिका गृह प्रकरण की होगी सीबीआई जांच</title>
                                    <description><![CDATA[मामले की जांच में एसटीएफ करेगी सहयोग लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में बालिका गृह प्रकरण की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरा (सीबीआई) को सौंपने का फैसला किया है। योगी ने मंगलवार देर रात बुलाये गये एक संवाददाता सम्मेलन में इस आशय की घोषणा की। उन्होने कहा कि सीबीआई के मामले की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/deoria-girl-child-case-investigated-will-be-cbi/article-5238"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/cm-yogi.jpg" alt=""></a><br /><h2>मामले की जांच में एसटीएफ करेगी सहयोग</h2>
<p><strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में बालिका गृह प्रकरण की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरा (सीबीआई) को सौंपने का फैसला किया है। योगी ने मंगलवार देर रात बुलाये गये एक संवाददाता सम्मेलन में इस आशय की घोषणा की। उन्होने कहा कि सीबीआई के मामले की जांच को हाथ में लेने से पहले तक राज्य पुलिस का तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) मामले की जांच करेगा और इसमें एसटीएफ उसका सहयोग करेगी।</p>
<p>इससे पहले महिला एवं बाल कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार और एडीजी ( महिला सुरक्षा) अंजू गुप्ता ने देवरिया मामले को लेकर मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंपी जिसमें कहा गया है कि बालिका गृह वर्ष 2009 से संचालित है जबकि 2017 में सरकार ने इस आश्रय गृह की मान्यता निरस्त कर दी थी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा “ हमने आश्रय गृह को बंद करने के आदेश दिये थे लेकिन जिलाधिकारी ने इसका पालन नही किया। इस मामले में दोषी जिलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। इस मामले में डीपीओ और अन्य संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है जबकि 2015 में गठित मानीटरिंग कमेटी को भी बर्खास्त किया गया है। ”</p>
<p>योगी ने कहा “ हम इस मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका की जांच कर रहे है। पिछली 30 जुलाई को संरक्षण गृह को लेकर एक प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी मगर पुलिस ने इसकाे तवज्जो नही दी। गोरखपुर के अपर पुलिस महानिदेशक को पुलिस की भूमिका की जांच साैंपी गयी है। ”</p>
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<p> </p>
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                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Aug 2018 08:55:47 +0530</pubDate>
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                <title>जाट आरक्षण हिंसा की हाईकोर्ट द्वारा गठित एसआईटी से हो जांच: मलिक</title>
                                    <description><![CDATA[रोहतक में बोले यशपाल मलिक, रोजाना आता हूं हरियाणा, जब चाहे कर लो गिरफ्तार शिक्षा मंत्री में हिम्मत है तो पहले वितमंत्री, कृषिमंत्री व सहकारिता मंत्री की संलिप्ता की करवाएं जांच रोहतक(नवीन मलिक)। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण हिंसा की कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/jat-reservation-can-be-investigated-by-sit-formed-high-court-violence-malik/article-5174"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/jat-reservation.jpg" alt=""></a><br /><h1>रोहतक में बोले यशपाल मलिक, रोजाना आता हूं हरियाणा, जब चाहे कर लो गिरफ्तार</h1>
<h1>शिक्षा मंत्री में हिम्मत है तो पहले वितमंत्री, कृषिमंत्री व सहकारिता मंत्री की संलिप्ता की करवाएं जांच</h1>
<p><strong>रोहतक(नवीन मलिक)।</strong></p>
<p>अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण हिंसा की कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी से जांच होनी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। साथ ही उन्होंने प्रदेश के शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा द्वारा दिए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि वे हर रोज हरियाणा में आते है, जब चाहे उन्हें गिरफ्तार कर ले, हिंसा के दौरान सरकार द्वारा झूठे मुकदमे दर्ज करवाए गए है और वे गिरफ्तारी से नहीं डरते है। यशपाल मलिक ने कहा कि अगर शिक्षा मंत्री में हिम्मत है तो वर्ष 2016 में हुई हिंसा की साजिश रचने वाले हरियाणा सरकार के मंत्रियों व सांसदों की जांच करवा कर दिखाए। दरअसल शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने कहा था कि जल्द ही यशपाल मलिक के खिलाफ भी कारवाई की जाएगी। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के मंत्री, सांसद व विधायक दंगे करवाने में एक्सपर्ट है और सरकार दोबारा से हिंसा करवाने का षडयंत्र रच रही है, लेकिन जाट समाज सरकार के इस षडयंत्र को किसी कीमत पर कामयाब नहीं होने देगा। रविवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक कलानौर पहुंचे और पदाधिकारियों की बैठक ली।</p>
<h2>12 को तैयार होगी 16 के आंदोलन की रूपरेखा</h2>
<p>जाट नेता ने बताया कि 12 अगस्त को जसिया में भाईचारा सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा और उसी दिन 16 अगस्त के आंदोलन को लेकर रूपरेखा तय की जाएगी। मलिक ने कहा कि सरकार ने जाट समाज के साथ वायदा खिलाफी की है। समझौते के तहत न तो युवाओं पर दर्ज मुकदमे वापिस हुए है और न ही जाट समाज को आरक्षण मिला है। उन्होंने कहा कि जाट समाज में सरकार के प्रति भारी रोष है। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यशपाल मलिक ने कहा कि भाजपा के मंत्री, सांसद व विधायक दंगे करवाने में एक्सपर्ट हंै। वर्ष 2016 में हुई हिंसा भाजपा के वितमंत्री, षिमंत्री, सहकारिता मंत्री व सांसद द्वारा करवाई गई है। सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री सहित हिंसा के षडयंत्र कारियों के खिलाफ कारवाई की जाएगी।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Aug 2018 12:25:14 +0530</pubDate>
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