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                <title>गोमती नदी की सफाई करने पहुंचे CM योगी</title>
                                    <description><![CDATA[सीएम योगी ने लोगों को सफाई की शपथ दिलाई लखनऊ (एजेंसी): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ में गोमती नदी सफाई के महाभियान का शुभारंभ किया। सीएम योगी खुद गोमती नदी पहुंचे और इस अभियान को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती नदी में जलकुम्भी हटाने और उसकी समुचित […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/cm-yogi-reached-to-clean-gomti-river/article-4460"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/yogi-1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">सीएम योगी ने लोगों को सफाई की शपथ दिलाई</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (एजेंसी):</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ में गोमती नदी सफाई के महाभियान का शुभारंभ किया। सीएम योगी खुद गोमती नदी पहुंचे और इस अभियान को हरी झंडी दिखाई।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती नदी में जलकुम्भी हटाने और उसकी समुचित सफाई कराने को प्राथमिकता देते हुए अभियान का आगाज किया। रविवार सुबह गोमती नदी घाट पहुंचने के बाद सीएम योगी ने लोगों को सफाई की शपथ दिलाई। नदी की सफाई में 7 हजार कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं। लखनऊ नगर निगम, स्वयंसेवी संस्थाए के अलावा आम लोग भी इसका हिस्सा बने हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Jun 2018 09:35:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>स्वच्छ पर्यावरण से दूर होता मानव समाज</title>
                                    <description><![CDATA[चिकित्सा जगत की चर्चित पत्रिका ‘द लांसेट’ ने हाल ही में प्रदूषण से संबंधित हैरान करने वाले दो तरह के आंकड़े जारी किये हैं। पत्रिका की पहली रिपोर्ट के मुताबिक, भारत साल 2015 में प्रदूषण से हुई मौतों के मामले में 188 देशों की सूची में पांचवें स्थान पर रहा। इस तरह, 2015 में दुनियाभर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/human-society-that-is-away-from-clean-environment/article-3481"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-11/fogg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">चिकित्सा जगत की चर्चित पत्रिका ‘द लांसेट’ ने हाल ही में प्रदूषण से संबंधित हैरान करने वाले दो तरह के आंकड़े जारी किये हैं। पत्रिका की पहली रिपोर्ट के मुताबिक, भारत साल 2015 में प्रदूषण से हुई मौतों के मामले में 188 देशों की सूची में पांचवें स्थान पर रहा। इस तरह, 2015 में दुनियाभर में प्रदूषण की वजह से हुई नब्बे लाख मौतों में से 25 लाख लोगों की मौत केवल भारत में ही हुई। प्रदूषण की वजह से हुई मौत के ये आंकड़े साल भर में युद्ध, धूम्रपान, भुखमरी, प्राकृतिक आपदा, एड्स, टीबी और मलेरिया से हुई कुल मौतों से कहीं अधिक हैं। वहीं, पत्रिका की दूसरी रिपोर्ट बताती है कि 2015 में 1.24 लाख भारतीयों की असामयिक मौत की वजह, बाह्य नहीं अपितु घरों के भीतर होने वाला प्रदूषण रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">‘द लांसेट काउंटडाउन:ट्रैकिंग प्रोग्रेस आॅन हेल्थ एंड क्लाइमेट चेंज’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट ने निम्न आय वर्गीय भारतीय परिवारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिनकी निर्भरता आज भी जलावन के लिए ईंधन के परंपरागत साधनों, मसलन लकड़ी और कोयले पर है। जीवाश्म ईंधन, सिगरेट का धुआं और धूल लोगों को धीमी मौत मार रहा है या उन्हें बीमार कर रहा है।वायु में विद्यमान कार्बन मोनोक्साइड, कार्बन डाई-आॅक्साइड, मिथेन, क्लोरो-फ्लोरो कार्बन, सल्फर व नाइट्स आॅक्साइट, ओजोन और विशेषकर पीएम 2.5 (पार्टिकुलेट मैटर) जैसे प्रदूषकों की बढ़ती मात्रा ने वातावरण को जहरीला बना दिया है। इस वजह से लोगों में कैंसर, अस्थमा तथा सांस संबंधी अन्य शिकायतें भी बढ़ती जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बढ़ते प्रदूषण की वजह से लाखों लोगों के जान गंवाने के बाद हम पर्यावरण सजगता के प्रति गंभीर नहीं हैं। आलम यह है कि, राष्ट्रीय राजधानी से लेकर देश के छोटे-बड़े अन्य शहरों की आबोहवा दूषित होती जा रही है। देश के अधिकांश शहर ‘गैस चैंबर’ बनकर मौत लोगों को खुलेआम मौत बांट रहे हैं। देश के अन्य छोटे-बड़े शहरों में शुद्ध जल और स्वच्छ वायु की प्राप्ति किसी चुनौती से कम नहीं है। शहरीकरण की वजह से जन्मे शहरों में आधुनिक जीवन का चकाचौंध तो है, लेकिन इंसानी जीवनशैली नरक के समान होती जा रही है। पर्यावरण में चमत्कारिक रुप से विद्यमान वायु का प्रदूषित होकर मानव जीवन के लिए खतरनाक साबित होना, पर्यावरणीय सजगता के प्रति हमारी बेफिक्री को बयां करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विडंबना यह है कि पर्यावरण से निरंतर छेड़छाड़ तथा विकास की अनियंत्रित भूख ने आज इंसान को शुद्ध व स्वच्छ पर्यावरण से भी दूर कर दिया है। इस वजह से लोगों की जीवन-प्रत्याशा लगातार घटती ही जा रही है। वर्तमान समय में पर्यावरण विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है। हरित-गृह प्रभाव, ग्लोबल वार्मिंग, ओजोन परत क्षय व सभी प्रकार के प्रदूषणों (जल, वायु, भूमि और ध्वनि) ने पर्यावरण को मैला कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह सब नतीजा है, प्राकृतिक नियमों को धता बताते हुए हठधर्मी औद्योगिक विकास का। विगत कुछ वर्षों में सततपोषणीय विकास से इतर, एकाधिकारवादी औद्योगिक समाज की स्थापना की तरफ बढ़ते मानव समुदाय के कदमों ने पर्यावरणीय तत्वों को गहरा आघात पहुंचाया है। प्राकृतिक नियमों को अनदेखा कर, लूट की बुनियाद पर औद्योगिक विकास, विनाश के जनन को उत्तरदायी होता है। दुर्भाग्य है कि सबकुछ जानने-समझने के बाद ही हम नादान बने हैं और अपनी गतिविधियों से पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इन दिनों, दिल्ली में प्रदूषण के छाये घने आवरण की खबरों ने सार्वजनिक चिंताएं बढ़ा दी हैं। हालांकि, दिल्ली की आबोहवा में जहर घुलने के पीछे कई कारण उत्तरदायी रहे हैं। अलबत्ता, इसकी शुरूआत तब से ही हो गई थी, जब दिल्ली से सटे कुछ राज्यों में प्रशासनिक आदेशों के बावजूद पराली जलाने की शुरूआत हुई थी। ऐसे में, सवाल उठता है कि धरती पर जीवन के अनुकूल परिस्थितियों के लिए आखिर हमने छोड़ा क्या? हमारे स्वार्थी कर्मों का ही नतीजा है कि हवा, जल, भूमि तथा भोजन, सभी प्रदूषित हो रहे हैं। पौधे हम लगाना नहीं चाहते और जो लगे हैं, उसे कथित विकास के नाम पर काटे जा रहे हैं। ऐसे में हमें धरती पर जीने का कोई नैतिक हक ही नहीं बनता।</p>
<p style="text-align:justify;">हर साल, अक्टूबर और नवंबर माह में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानों द्वारा, विशेषकर धान की फसल की कटाई के बाद उसके अवशेषों (पराली) को जलाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। नयी फसल की जल्द बुआई करने के चक्कर में किसान पराली को अपने खेतों में ही जला देते हैं। यह क्रम साल दर साल यों ही चलता रहता है। हमारे किसान इस बात से अंजान रहते हैं कि इस आग से, एक ओर जहां पर्यावरण में जहर घुल रहा होता है, वहीं खेतों में मौजूद भूमिगत कृषि-मित्र कीट तथा सूक्ष्म जीवों के मरने से मृदा की उर्वरता घटती है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिससे अनाजोत्पादन भी प्रभावित होता है। अमरीकी कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो भारत में अन्नो त्पादन में कमी का एक बड़ा कारण वायु प्रदूषण है।वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि यदि भारत वायु प्रदूषण का शिकार न हो, तो अन्न उत्पादन में वर्तमान से 50 प्रतिशत अधिक तक की वृद्धि हो सकती है। पराली जलाने से वायुमंडल में कार्बन डाईआॅक्साइड, कार्बन मोनोआॅक्साइड और मिथेन आदि विषैली गैसों की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती हैं। पराली का बहुतायत में जलाया जाना, दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण बढ़ने की प्रमुख वजह बन गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">बहरहाल, एक तरह से देखा जाए, तो देश में पर्यावरण प्रदूषण की चिंता सबको है। पर, ना तो कोई इसके लिए पौधे लगाना चाहता है, ना ही अपनी धुआं उत्सर्जन करने वाली गाड़ी की जगह सार्वजनिक बसों का प्रयोग करना और ना ही उसके स्थान पर साइकिल की सवारी को महत्व देना चाहता है। हमारे यहां प्राय: छठी कक्षा से ही भूगोल की पाठ्यपुस्तकों में पर्यावरण संरक्षण को एक महत्वपूर्ण विषय के रुप में शामिल किया गया है। बावजूद इसके, पर्यावरणीय सजगता की बातें केवल किताबों, अखबारों और सोशल मीडिया तक ही सिमट कर रह गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, लोगों का एक-दूसरे को उपदेश देने और स्वयं उसके पालन न करने की पारंपरिक आदतों ने आज पर्यावरण को उपेक्षा के गहरे गर्त में धकेल दिया है। पर्यावरण प्रदूषण पर रोकथाम के लिए सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) जैसी संस्थाएं जितनी गंभीर है, उतनी सरकारें नहीं। शुद्ध पेयजल वायु व स्वच्छ पर्यावरण को चुनावी घोषणापत्र का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण के लिए देश में अनेक स्तरों पर मुहिम चलाए जाने की जरुरत है, अन्यथा ‘औद्योगिक आतंकवाद’ का यह स्वरुप धीरे-धीरे पूरी मानव जाति को ही लील लेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-सुधीर कुमार</strong></p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Nov 2017 00:03:18 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>15 अगस्त तक मनाया जाएगा ‘खुले में शौच मुक्ति’ सप्ताह</title>
                                    <description><![CDATA[अभियान: जल आपूर्ति एवं सेनीटेशन मंत्री तृप्त रजिन्द्र सिंह बाजवा ने दी जानकारी जसविन्द्र भल्ला व बिन्नू ढिल्लो होंगे ‘मिशन स्वच्छ और स्वस्थ पंजाब’ के ब्रांड अम्बेसडर चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। पंजाब सरकार द्वारा 9 से 15 अगस्त तक ‘खुले में शौच जाने से मुक्ति’ सप्ताह मनाने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/1-25-lakh-plants-to-be-planted-on-august-15/article-2899"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/jasvinder-bhllla.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">अभियान: जल आपूर्ति एवं सेनीटेशन मंत्री तृप्त रजिन्द्र सिंह बाजवा ने दी जानकारी</h2>
<h2 style="text-align:justify;">जसविन्द्र भल्ला व बिन्नू ढिल्लो होंगे ‘मिशन स्वच्छ और स्वस्थ पंजाब’ के ब्रांड अम्बेसडर</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पंजाब सरकार द्वारा 9 से 15 अगस्त तक ‘खुले में शौच जाने से मुक्ति’ सप्ताह मनाने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान को ‘मिशन स्वच्छ और स्वस्थ पंजाब’ का नाम दिया गया है, जिसके ब्रांड अम्बेसडर फिल्म अभिनेता जसविन्द्र भल्ला व बिन्नू ढिल्लों होंगे। यह जानकारी जल आपूर्ति एवं सेनीटेशन मंत्री तृप्त रजिन्द्र सिंह बाजवा ने दी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक खुले में शौच जाने की प्रथा को पंजाब में से पूरी तरह समाप्त करने का है। कामेडियन व फिल्म अदाकार जसविन्द्र भल्ला तथा बिन्नू ढिल्लों कला जगत की यह दोनों मशहूर हस्तियां ने प्रदेश सरकार के इस प्रयास की भरपूर सराहना की।</p>
<h1 style="text-align:justify;">ये शहर शौचमुक्त</h1>
<p style="text-align:justify;">अब तक मिशन स्वच्छ व स्वस्थ पंजाब तहत की उपब्धियों को जिक्र करते हुए बाजवा ने कहा कि पंजाब के जो 9 जिला खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं, उनमें फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, मोगा, मोहाली, जांलधर, कपूरथला, बरनाला, फरीदकोट तथा एसबीएस नगर शामिल हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">15 अगस्त को लगाए जाएंगे 1.25 लाख पौधे</h2>
<p style="text-align:justify;">अभियान के तहत वातावरण को स्वच्छ एवं हरा भरा बनाने के लिए जल आपूर्ति और सेनीटेशन विभाग द्वारा वन विभाग के सहयोग से 9 अगस्त से पेड़ लगाने के की मुहिम चलाई जाएगी जिस तहत अपने अधीन आठ हजार से अधिक जल घरों के इर्दगिर्द 1.25 लाख पेड़ लगाये जाएगें।</p>
<h2 style="text-align:justify;">शिक्षा विभाग भी करेगा मुहिम में सहयोग</h2>
<p style="text-align:justify;">जल आपूर्ति तथा सेनीटेशन विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के साथ मिलकर स्कूलों और कालेजों में संयुक्त कार्यक्रम चलाये जाएंगे जिनके अंतगर्त इस विषय संबधी चर्चा , भाषण प्रतियोगिता, पेटिंग तथा कविता उचारण मुकाबले करवाएगें जाएगें। इस कार्यक्रम के उदश्ेय को प्राप्त करने के लिए विभाग द्वारा इस विषय संबंधी नकद ईनाम राशि के मुकाबल करवाए जाएंगे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">इतने गांव शौचमुक्त</h2>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण क्षेत्र के 52 ब्लाक और 5953 गांवों को अभी तक खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा चुका है। अब तक 1,98,466 घरों में शौचालय बनाये जा चुके हैं और 1.21 लाख शौचालय बनाने का काम जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/1-25-lakh-plants-to-be-planted-on-august-15/article-2899</link>
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                <pubDate>Fri, 04 Aug 2017 23:33:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेलवे में गंदगी का आलम</title>
                                    <description><![CDATA[ रेलवे का खाना नहीं रहा मनुष्य के खाने लायक एक तरह जहां राज्य सरकारें ‘सांझी रसोई’ में10 रूपए में सस्ता खाना मुहैया करवा रही हैं वहीं दूसरी तरफ रेलवे विभाग खराब खाने के मामले में चर्चित हो गया है। कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि रेलवे का खाना मनुष्य के खाने के लायक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/dirt-atmosphere-in-railways/article-2554"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/dirty-train.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;"> रेलवे का खाना नहीं रहा मनुष्य के खाने लायक</h1>
<p style="text-align:justify;">एक तरह जहां राज्य सरकारें ‘सांझी रसोई’ में10 रूपए में सस्ता खाना मुहैया करवा रही हैं वहीं दूसरी तरफ रेलवे विभाग खराब खाने के मामले में चर्चित हो गया है। कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि<a href="http://10.0.0.122:1245/polluted-railway-food-cag/"> रेलवे का खाना मनुष्य के खाने के लायक नहीं रहा</a>। खाने में चूहों, काकरोच, व अन्य कीड़े-मकौड़ों का आना आम सी बात है। इसी तरह एक्सपायरी उत्पाद भी बेचे जा रहे हैं। मक्खियां, चीटिंया व धूल से बचाने के लिए खाने वाली वस्तुएं ढककर भी नहीं रखी जा रही। रेल सेवा भारत की जीवन रेखा है। रेल के माध्यम से करोड़ों लोग रोजाना यात्रा करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रोजाना सैकड़ों किलोमीटर यात्रा करने वाले लोगों के लिए रेल के भीतर व स्टेशनों पर उपलब्ध खाने पीने की वस्तुएं ही पेट भरने के लिए जरूरी होती है। हालांकि रेल विभाग द्वारा खाद्य वस्तुओं के रेट भी तय किए जाते हैं व लिखवाए भी जाते है लेकिन लालची ठेकेदार मनमर्जी के कई गुणा रेट वसूलते हैं। स्टेशनों पर गंदगी तो पहले ही बहुत ज्यादा है जो रेलवे मैनेजमेंट के लिए चुनौती बनी हुई है। गंदगी व सस्ता सफर होने के बावजूद लोग रेल में सफर करते है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ठेकेदारों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई</h2>
<p style="text-align:justify;">साफ सुथरा रेलवे स्टेशन केवल प्लेटफार्म के फर्श पर झाडू पोचे से नहीं बनता बल्कि आसपास फैली गंदगी खत्म करने व साफ सुथरा खाना मुहैया करवाना भी जरूरी है। खाने पीने की वस्तुओं की चैकिंग होना जरूरी है। नियमों की पालना न करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। यह कहना गलत नहीं होगा कि रेलवे में सफाई के लिए क्रांतिकारी कदम उठाने होंगे। रेल मंत्री सुरेश प्रभु आम यात्रियों की शिकायतें तुरंत हल करने में प्रसिद्ध है। उन्हें सफाई मामले की तरफ भी ध्यान देना होगा। देश के सभी नागरिक बराबर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रेल यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मैट्रो ट्रेन हमारे देश में ही बनी है व वहीं के स्टेशनों के प्रबंध व साफ-सफाई को पहली बार देखने वाले लोग सपना देखने की तरह महसूस करते है। ऐसे प्रबंध ही आम शहरों के रेलवे स्टेशनों पर होने चाहिए। यहां का खान-पान ऐसा ना हो कि यात्री अपने साथ बीमारियां लेकर घर जाएं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत की है। रेलवे विभाग भी इस मुहिम में अपना सहयोग दे।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Jul 2017 04:22:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदूषण नियंत्रण हेतु सख्ती जायज</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय हरियाली ट्रिब्यूनल ने देश की महत्वपूर्ण नदी गंगा के किनारों पर गंदगी फैलाने वालों से 50 हजार रुपए जुर्माने वसूलने की बात कही है। प्रदूषण रोकने के लिए नदियों की सफाई के लिए यह पहला व महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि इसे इतनी ही वचनबद्धता से लागू किया जाए तो अवश्य अच्छे परिणाम आ सकते […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/strict-justified-on-pollution-control/article-2308"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/garbage.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय हरियाली ट्रिब्यूनल ने देश की महत्वपूर्ण नदी गंगा के किनारों पर गंदगी फैलाने वालों से 50 हजार रुपए जुर्माने वसूलने की बात कही है। प्रदूषण रोकने के लिए नदियों की सफाई के लिए यह पहला व महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि इसे इतनी ही वचनबद्धता से लागू किया जाए तो अवश्य अच्छे परिणाम आ सकते हैं। इस फैसले के पीछे ट्रिब्यूनल की सदस्यों की यही भावना होगी कि लोग सख्ती के बिना कानूनों की पालना नहीं करते। प्रेरणा के साथ-साथ सख्ती का अपना विशेष महत्व है। दरअसल उद्योगपतियों के साथ-साथ आमजन की सोच बन गई है कि खाली स्थान या नदियां-नालियां तो कूड़ादान ही हैं। गंगा नदी के किनारे सैंकड़ों बड़े-छोटे कारखानों का दूषित पानी गंगा में बहाया जा रहा था जिस कारण पहाड़ों से आने वाला प्राकृतिक शुद्ध पानी बुरी तरह अशुद्ध हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जनता की लापरवाही सरकार के लिए चिंता का कारण व चुनौती बन गई। आखिर केंद्र सरकार को इस नदी की सफाई के लिए एक अलग मंत्रालय बनाना पड़ा। इस मिशन के लिए हजारों करोड़ का बजट आरक्षित रखा गया है। यदि आम जनता व उद्योगपति देश में पानी की कमी के संकट को समझकर गंगा की सफाई प्रति बाखूबी जिम्मेदारी निभाएं तो हजारों करोड़ का बजट शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य भलाई कार्यों पर खर्च किया जा सकता है। दुखद बात यह है कि गंगा की सफाई का संकट लोगों की लापरवाही की देन है। केवल गंगा ही नहीं सतलुज, ब्यास, घग्गर सहित अन्य नदियां बुरी तरह से दूषित हो गई हैं। अब तो इन्हें नदियां कहना भी उचित नहीं। घग्गर नदी जो कभी शुद्ध पानी के लिए जानी जाती थी। आज फैक्टरियों के गंदे पानी की निकासी का एक नाला बनकर रह गयी है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह शुभ संकेत हैं कि केंद्र ने गंगा की सफाई के लिए सख्ती का रास्ता अपनाया है। सफाई देश की विरासत की पहचान है जो लुप्त हो रही है। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां, जिन्होंने गंगा नदी सहित देश के 32 शहरों में सफाई महा -अभियान चलाए, आपजी के विचार भी ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्णयों का समर्थन करने वाले हैं। पूज्य गुरू जी के विचार हैं कि सफाई न रखने पर भी जुर्माना होना चाहिए भले ही 2-3 रुपए ही क्यों न हो। बस अब जरूरत है कि ग्रीन ट्रिब्यूनल अपने निर्णय को प्रभावी में लाए।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                <pubDate>Sat, 15 Jul 2017 04:10:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>गंदगी देख भड़के विधायक, खुद ही लगाया झाडू</title>
                                    <description><![CDATA[बाथरूमों को भी समर्थकों सहित किया साफ विभिन्न वार्डों में जाकर सफाई व्यवस्था को देखा फिरोजपुर (सच कहूँ न्यूज)। सोमवार को सिविल अस्पताल फिरोजपुर में गंदगी देखकर फिरोजपुर शहरी सीट से कांग्रेसी विधायक परमिंदर सिंह पिंकी भड़क गए। समर्थकों के साथ उन्होंने अस्पताल परिसर में सफाई की, बाथरूम को भी साफ किया। पिंकी ने कहा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/mla-angry-for-dirt/article-1654"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/26-fzr-01.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">बाथरूमों को भी समर्थकों सहित किया साफ</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>विभिन्न वार्डों में जाकर सफाई व्यवस्था को देखा</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>फिरोजपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> सोमवार को सिविल अस्पताल फिरोजपुर में गंदगी देखकर फिरोजपुर शहरी सीट से कांग्रेसी विधायक परमिंदर सिंह पिंकी भड़क गए। समर्थकों के साथ उन्होंने अस्पताल परिसर में सफाई की, बाथरूम को भी साफ किया। पिंकी ने कहा कि अस्पताल में मरीजों की बेहतर देखभाल के साथ ही स्वच्छता का होना बहुत जरूरी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">समर्थकों ने भी उठाया झाडू</h3>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों की सफाई व्यवस्था की जांच की, कई स्थलों पर वह स्वयं ही समर्थकों के साथ हाथों में झाड़ू लगाते हुए देखे गए। यहीं नहीं वह वॉथरूम व गलियारों में हाथों में वाईपर पकड़े हुए दिखाई दिए। इस अवसर पर उन्होंने अस्पताल प्रशासन को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। पिंकी ने कहा कि उनका मकसद शहर सबसे सुंदर व स्वच्छ बनाना है। इसके लिए वह प्रयासरत हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">फायर ब्रिग्रेड की समस्या दूर</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि फिरोजपुर में फायर ब्रिगेड गाड़ी की कमी पूरी हो गई है। पंजाब में कांग्रेस की सरकार आने से फायर ब्रिगेड की गाड़ी मुहैया करवाई गई। पिंकी ने कहा कि शहर के अंदर क्राइम को रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। अगले पांच वर्षो के अंदर 20 हजार एलईडी लाइट्स लगाई जाएंगी, जिससें शहर के अंदर कहीं भी अंधेरा नही रहेगा। उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील की वह सभी राजनीति से ऊपर उठकर शहर के विकास के लिए साथ दें। इस अवसर पर गुलशन मोंगा, हरिंदर सिंह खोसा, बलबीर बाठ, अशोक गुप्ता, बिट्टू सांगा, अमरजीत सिंह भोगल आदि उपस्थित थे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ये समस्याएं जल्द होंगी दूर</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">फिरोजपुर में जल्द ही पीजीआइ सेटेलाइट का निर्माण शुरू हो जाएगा। जिसकी जगह का काम मुकम्मल हो चुका है।</li>
<li style="text-align:justify;">शहर में पेयजल के लिए 26 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू हो चुका है, जिससे शहर निवासियों के घरों में पीने वाला साफ-सुथरा पानी पहुंचाया जाएगा।</li>
<li style="text-align:justify;">लोगों की सुविधा के लिए छह नए ट्यूबवेल लगाए जाने की बात भी उन्होंने इस अवसर पर की।</li>
</ul>
<p> </p>
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                <pubDate>Mon, 26 Jun 2017 09:40:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>स्वच्छ ऊर्जा कोष में 100 करोड़ डॉलर निवेश करेंगे बिल गेट्स सहित कई हस्ती</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन: माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प के संस्थापक बिल गेट्स, फेसबुक इंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग और अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग लिमिटेड के अध्यक्ष जैक मा सहित कई उच्च पदस्थ अधिकारी एक स्वच्छ ऊर्जा कोष में 100 करोड़ डॉलर से भी अधिक निवेश कर रहे हैं। इस कोष का इस्तेमाल ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन को कम कर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/fatafat-news/clean-energy-fund-will-invest-100-million-figure-including-bill-gates/article-491"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/bilgates.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन:</strong> माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प के संस्थापक बिल गेट्स, फेसबुक इंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग और अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग लिमिटेड के अध्यक्ष जैक मा सहित कई उच्च पदस्थ अधिकारी एक स्वच्छ ऊर्जा कोष में 100 करोड़ डॉलर से भी अधिक निवेश कर रहे हैं।<br />
इस कोष का इस्तेमाल ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन को कम कर शून्य के स्तर तक लाने के लिए ऊर्जा अनुसंधान पर किया जायेगा।<br />
इस कोष के निवेशकों में सॉफ्टबैंक के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मसायेशी सन, लिंक्डइन कॉर्प के सह-संस्थापक रीड हॉफमैन, अमेज़न इंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेफ बेजोस और वर्जिन समूह के संस्थापक रिचर्ड ब्रैनसन शामिल हैं। <a href="http://www.univarta.com/clean-energy-fund-will-invest-100-million-figure-including-bill-gates/world/topnews/716416.html"><em>(वार्ता) </em></a></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/fatafat-news/clean-energy-fund-will-invest-100-million-figure-including-bill-gates/article-491</link>
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                <pubDate>Mon, 12 Dec 2016 22:09:18 +0530</pubDate>
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