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                <title>Amendment - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>आपत्तिजनक विज्ञापन अधिनियम-1954 का संशोधन</title>
                                    <description><![CDATA[भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा अब उठाए जाने वाले कदम सराहनीय हैं। सांवली त्वचा से पाएं छुटकारा, पायें निखरी-निखरी गोरी त्वचा या आप अपने छोटे कद को लेकर कुठिंत हैं? या पौरूष बढ़ाने की दवा पर बड़े-बड़े दावों की दुकानों को अब बंद हो जाना चाहिए। यह सरकार की गफलत ही […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/editorial/amendment-of-offensive-advertising-act-1954/article-12953"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/advertising-act-1954.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा अब उठाए जाने वाले कदम सराहनीय हैं। सांवली त्वचा से पाएं छुटकारा, पायें निखरी-निखरी गोरी त्वचा या आप अपने छोटे कद को लेकर कुठिंत हैं? या पौरूष बढ़ाने की दवा पर बड़े-बड़े दावों की दुकानों को अब बंद हो जाना चाहिए। यह सरकार की गफलत ही रही है कि दशकों से धूर्त व्यापारी लोग देश की एक बहुत बड़ी आबादी को बिना कोई बीमारी के भी बीमार बताकर अपना धंधा चमकाकर बैठे हैं।</h4>
<h4 style="text-align:justify;">भारत गर्म जलवायु का देश है, फिर यहां दुनियाभर के कई क्षेत्रों से लोगों ने आकर अपना घर भी बनाया है, जो कि गोरे-काले, भूरे-पीले या लाल रंग के रहे हैं। इतना ही नहीं देश के अलग-अलग हिस्सों में मिट्टी-पानी, धूप के चलते भी लोगों का रंग रूप भिन्न-भिन्न है। परंतु कुछ लोगों ने इसी रंग रूप में काले व सांवले रंग को अपने कारोबार का आधार बना लिया और आज देश में अरबों रूपयों का महज गोरा करने का कारोबार हो रहा है, जिसका कभी भी चमत्कार संभव नहीं, परंतु भोले भाले लोगों को मूर्ख बनाकर कंपनियां अपना घर भर रही हैं। ठीक ऐसे ही पुरूषों को भी चिर यौवन का झांसा देकर ये कंपनियां अपना धन्धा कर रही हैं। यह सब ऐसे लोगों के साथ हो रहा है जो अनभिज्ञ हैं या जिन्हें प्रकृति पर भी शंका रहती है या उन्हें शंकालु बना दिया गया है। कुछ बातें ऐसी हैं जिन्हें बदला नहीं जा सकता।</h4>
<h4 style="text-align:justify;">मानव का नैसर्गिक रंग भी उनमें से एक है। फार्मा के अलावा भी देश में विदेश भेजने एवं जल्द अमीर होने के विज्ञापनों की भरमार है, जिनमें भी लोगों को जमकर ठगा जा रहा है। भ्रम फैलाने वाले विज्ञापनों एवं ऐसे कृत्यों पर कठोर पाबंदी लगाना सरकार का दायित्व है। लेकिन हमारे देश का शासन-प्रशासन सदैव तब उठता है जब पानी सिर के ऊपर हो जाता है। आमजन को भी हालांकि पहली नजर में समझ आ रही होती है कि चमत्कारिक दवाओं, तंत्र-मंत्र, व धनवान बनाने के अधिकतर दावे झूठे व ठगने वाले हैं, फिर भी लोग इनमें फंस रहे हैं। लेगों को जागरूक बनना होगा चूंकि देश में यूं तो अनेकाएक कानून हैं परंतु उनकी कार्यशीलता शिथिल होने के चलते ऐसा आभास रहता है कि देश में कोई नियम-कानून ही नहीं है। फिर भ्रष्टाचार का बोलबाला होने के चलते प्रभावशाली लोग नियम कायदों की बिना परवाह किए अपना गोरखधंधा चलाए रखते हैं।</h4>
<h4 style="text-align:justify;">अत: यह आमजन का नैतिक कर्तव्य भी है कि वह अपने बारे में, प्रकृति के बारे में एवं साधारण कानून कायदों का जो ज्ञान है उस पर विश्वास करें न कि उन लोगों का विश्वास करें जो कि स्वस्थ या सुविधा सम्पन्न व्यक्ति को भी बीमार या कमजोर बताकर कोई सब्जबाग दिखाते हैं एवं बिना जरूरत का खरीददार बनाकर जेब काट अपना कारोबार कर रहे हैं।</h4>
<p> </p>
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<p> </p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Feb 2020 22:00:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CAA: लखनऊ में बंद बेअसर ,बाकी जगह आंशिक बंदी</title>
                                    <description><![CDATA[राजधानी समेत अन्य जिलों सामान्य दिनों की तरह काम काज हो रहा है । सरकारी और निजी कार्यालय खुले हैं। सड़कों पर आम दिनों की तरह वाहन चल रहे हैं। गोंडा,सीतापुर,बहराइच,फिरोजाबाद,आगरा में बंद का आंशिक असर है । पुराने सीतापुर में बाजार बंद हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/citizenship-amendment-bill-national-citizen-register/article-12800"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/caa-2.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">पुलिस ने मार्च किया और लोगों से दुकानें खोलने की अपील की (CAA)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> नागरिकता संशोधन विधेयक,राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (CAA) समेत अन्य मांगों को लेकर बुधवार को बुलाये गये भारत बंद का राजधानी लखनऊ में थोड़ा भी असर नहीं हुआ जबकि राज्य के कुछ जिलों के मुस्लिम बहुल इलाके में दुकानें बंद रहीं। राजधानी समेत अन्य जिलों सामान्य दिनों की तरह काम काज हो रहा है । सरकारी और निजी कार्यालय खुले हैं। सड़कों पर आम दिनों की तरह वाहन चल रहे हैं। गोंडा,सीतापुर,बहराइच,फिरोजाबाद,आगरा में बंद का आंशिक असर है । पुराने सीतापुर में बाजार बंद हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">किसी भी हालात से निपटने के लिये पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुलतानपुर में सुबह में पुलिस ने मार्च किया और लोगों से दुकानें खोलने की अपील की। पुलिस ने लोगों को आश्वस्त किया कि अगर कोई परेशान करता है तो उसकी सूचना दी जाये। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों से पुलिस पूरी सख्ती से निपटेगी। बहराइच में बिसातखाना और किराना बाजार बंद रहे ।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">इन इलाकों में ज्यादातर मुस्लिमों की दुकाने हैं ।</li>
<li style="text-align:justify;">दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में बंद का कोई असर नहीं है।</li>
<li style="text-align:justify;">जिले के मुस्लिम बहुल इलाकों में भी दुकानें खुली हैं और जगह जगह पुलिस बल तैनात है।</li>
<li style="text-align:justify;">राजधानी लखनऊ के याहियागंज,अमीनाबाद, भूतनाथ आदि इलाकों में दुकानें पूरी तरह खुली हैं ।</li>
<li style="text-align:justify;">सुबह पुराने लखनऊ में कुछ दुकानों को बंद देखा गया था लेकिन बाद में वो भी खुली नजर आईं।</li>
</ul>
<p> </p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jan 2020 17:39:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बसों में दिव्यांगों के लिए एक मार्च से विशेष सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार का कहना है कि उसने इस साल 24 जुलाई को संशोधन के प्रस्तावों पर लोगों से सुझाव और टिप्पणियां मांगी थीं। यह सुझाव उन लोगों से मांगे गये थे जो इससे प्रभावित हो सकते हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/special-facility-for-divyang-in-buses-from-march-1/article-12100"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/ministry-of-highways.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"> नयी व्यवस्था अगले साल एक मार्च से प्रभावी होगी  (Ministry of Highways)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> दिव्यांगजनों का बस का सफर आसान बनाने के (Ministry of Highwa)  लिए बसों में उन्हें प्राथमिकता वाली सीटें, ह्वील चेयर को बस में लाने तथा उसको रखने की व्यवस्था के साथ ही बैसाखी या छड़ी जैसी विशेष सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बसों में दिव्यांगजनों को विशेष सुविधाएं देने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में किए गये संशोधन को अधिसूचित कर दिया है। इस नियम के लागू होने के बाद फिटनेस के समय ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बस में यह सारी सुविधाएं हों।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नयी व्यवस्था अगले साल एक मार्च से प्रभावी होगी</h3>
<p style="text-align:justify;">मंत्रालय के अनुसार इस नियम के तहत दिव्यांगजनों के लिए बसों में प्राथमिकता (Ministry of Highways) वाली सीटें, संकेत,बैसाखी-विशेष किस्म की छड़ी, वॉकर, हैंड रेल-स्टैनचेन, प्राथमिकता वाली सीटों पर सुरक्षा के लिए नियंत्रक उपाय, व्हील चेयर को बस में लाने, रखने तथा उसे लॉक करने की व्यवस्था आदि शामिल है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"> इस साल 24 जुलाई को संशोधन के प्रस्तावों पर लोगों से सुझाव और टिप्पणियां मांगी थीं।</li>
<li style="text-align:justify;">यह सुझाव उन लोगों से मांगे गये थे जो इससे प्रभावित हो सकते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;"> पक्षों के सुझाव और आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करने के बाद इसे अधिसूचित किया गया है।</li>
</ul>
<p> </p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/special-facility-for-divyang-in-buses-from-march-1/article-12100</link>
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                <pubDate>Mon, 30 Dec 2019 16:10:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CAA protests: आरजेडी के बंद से थमा बिहार, ट्रेनें रोकीं, तोड़फोड़</title>
                                    <description><![CDATA[नागरिकता संशोधन कानून को लेकर बिहार में पिछले कुछ दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच राज्‍य में मुख्‍य विपक्षी दल राष्‍ट्रीय जनता दल ने आज शनिवार बंद बुलाया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/caa-protests-rjd-workers-stop-trains/article-11901"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/caa-protests.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">सुबह से ही आरजेडी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं और ट्रेनों को रोका जा रहा है | CAA Protests</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन का दौर तेज</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मुख्‍य विपक्षी दल राष्‍ट्रीय जनता दल ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ आज बंद बुलाया है</strong></li>
</ul>
<h5>Edited By Vijay Sharma</h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>पटना (एजेंसी)।</strong> नागरिकता संशोधन कानून <strong>(CAA Protests)</strong> को लेकर यूपी, गुजरात, दिल्‍ली, कर्नाटक, असम के बाद अब बिहार में भी विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। बिहार में पिछले कुछ दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच राज्‍य में मुख्‍य विपक्षी दल राष्‍ट्रीय जनता दल ने आज बंद बुलाया है। सुबह से ही आरजेडी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं और ट्रेनों को रोका जा रहा है। गांधी सेतु जाम कर दिया गया है, पटना-हाजीपुर में आगजनी की गई। वहीं, उत्तर प्रदेश में कल हुई हिंसा के चलते मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई। सिक्किम में विपक्षी पार्टियों ने शुक्रवार को सिक्किम अगेंस्ट सिटिजनशिप अमेंडमेंड एक्ट (एसएसीएए) का गठन किया है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि दरियागंज में शुक्रवार को हुई हिंसा के मामले में शनिवार को 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">भागलपुर में दुकानें बंद, तोड़फोड़ | CAA Protests</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>भागलपुर में आरजेडी कार्यकर्ता करीब डेढ़ घंटे से प्रदर्शन कर रहे हैं ।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>सड़कों पर चल रहे वाहनों में तोड़फोड़ की है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> वे नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>भागलपुर में विरोध प्रदर्शन और तोड़फोड़ के बीच पुलिस के जवान सड़कों पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>आरजेडी के कार्यकर्ता जबरन दुकानें बंद करा रहे हैं। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>आरजेडी नेता तेजस्‍वी यादव ने कहा था कि बंद शांतिपूर्ण होगा।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> लेकिन इसके बावजूद बंद समर्थकों ने तोड़फोड़ की।</strong></li>
</ul>
<h2>28 जिलों में इंटरनेट बंद</h2>
<p>उन्नाव, सुल्तानपुर, अमेठी, आगरा, संभल, लखनऊ, मेरठ, सहारनपुर, मऊ, आजमगढ़, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, प्रयागराज, बागपत, हापुड़, मुजफ्फरनगर, शामली, मुरादाबाद, रामपुर, फिरोजाबाद, बहराइच, गोंडा, सीतापुर, बिजनौर, गोरखपुर, कानपुर, एटा में इंटरनेट बंद है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/caa-protests-rjd-workers-stop-trains/article-11901</link>
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                <pubDate>Sat, 21 Dec 2019 12:05:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Citizenship Amendment Bill :  मेघालय में इंटरनेट-एसएमएस बंद, शिलॉन्ग में लगा कर्फ्यू</title>
                                    <description><![CDATA[नागरिकता संशोधन विधेयक  के विरोध की आग अब मेघालय पहुंच चुकी है। सरकार ने मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस पर रोक लगा दी है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/citizenship-amendment-bill/article-11747"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/curfew-shillong.jpg" alt=""></a><br /><h2>सरकारी दफ्तरों और शैक्षणिक संस्थानों को बंद करवा | <strong>Citizenship </strong></h2>
<h4>Edited By Vijay Sharma</h4>
<p><strong>शिलॉन्ग (एजेंसी)</strong>। नागरिकता संशोधन विधेयक <strong>(Citizenship)</strong> के विरोध की आग अब मेघालय पहुंच चुकी है। सरकार ने मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस पर रोक लगा दी है। राजधानी शिलॉन्ग (में हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए कर्फ्यू लगा दिया गया है। बताते चलें कि नागरिकता बिल का सबसे ज्यादा विरोध असम और त्रिपुरा में हो रहा है। वहां हो रहे प्रदर्शनों में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में भी बंद का असर देखने को मिल रहा है। सरकारी दफ्तरों और शैक्षणिक संस्थानों को बंद करवा दिया गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कई हिस्सों में सेना तैनात</h2>
<p style="text-align:justify;">मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ पूर्व निर्धारित मुलाकात को स्थगित कर दिया। क्योंकि असम में हिंसक प्रदर्शनों और कर्फ्यू लगे होने की वजह से उनके मंत्रिमंडल के साथी गुवाहाटी हवाई अड्डे पर नहीं पहुंच सके। सूत्रों ने बताया कि हालांकि संगमा एलजीबी हवाई अड्डे पर पहुंच गए थे और वह राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हो गए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जापान के पीएम शिंजो आबे रद्द कर सकते हैं भारत यात्रा</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच जापान प्रधानमंत्री शिंजो आबे की भारत यात्रा रद्द हो सकती है। </strong></li>
<li><strong>आपको बता दें कि गुवाहाटी में 15-17 दिसंबर को तय भारत-जापान शिखर सम्मेलन होना है।</strong></li>
<li><strong>सरकार ने हालांकि अभी तक बैठक की जगह की घोषणा नहीं की है, लेकिन गुवाहाटी में मेजबानी की तैयारी जारी थीं। </strong></li>
<li><strong>नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर असम में पिछले दो दिनों से हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। </strong></li>
</ul>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Dec 2019 11:12:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Citizenship Amendment Bill को लेकर बवाल, असम में हंगामा</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा से नागरिकता संशोधन बिला पास होने के बाद से असम में जमकर इसका विरोध किया जा रहा है। ऑल असम स्टूडेंट यूनियन (आसु) ने मंगलवार को गुवाहाटी में 11 घंटे का बंद बुलाया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/assam-shutdown-against-citizenship-amendment-bill/article-11719"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/88.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत | <strong>citizenship amendment bill</strong></h1>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>Edited By Vijay  Sharma</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>गुवाहाटी (सच कहूँ)। </strong>लोकसभा से नागरिकता संशोधन <strong>(citizenship amendment bill)</strong> बिला पास होने के बाद से असम में जमकर इसका विरोध किया जा रहा है। ऑल असम स्टूडेंट यूनियन (आसु) ने मंगलवार को गुवाहाटी में 11 घंटे का बंद बुलाया। राज्य के लोगों का कहना है कि बाहर से आए नागरिकता लेने वाले लोगों से उनकी पहचान और आजीविका को खतरा है। आसू और बाकी संगठन विधेयक का जमकर विरोध कर रहे हैं। क्षेत्रों में शुरू हुए विरोध के कारण असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, नार्थ ईस्ट राज्यों में रहने वाले लोगों को अपनी पहचान खोने का डर सता रहा है। क्षेत्र के कई संगठनों ने अपने-अपने स्तर पर बिल का विरोध शुरू किया। हालांकि, नगालैंड इस विरोध में शामिल नहीं हुआ। इसका कारण वहां जारी हॉर्नबिल फेस्टिवल है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">लेफ्ट संगठनों ने 12 घंटे बंद का आह्वान किया</h2>
<p>16 लेफ्ट संगठनों ने असम में 12 घंटे बंद का आह्वान किया है। इनमें एसएफआई, डीवायएफआई, एआईडीडब्ल्यूए, एआईएसएफ, एआईएसए और आईपीटीए जैसे संगठन शामिल हैं।गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ यूनिवर्सिटी ने राज्य में आज होने वाली समस्त परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।</p>
<h2>गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता का मौका</h2>
<p>नागरिकता संशोधन बिल 2019 गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारत की नागरिकता का मौका प्रदान करता है। इसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान में किसी तरह की धार्मिक बाध्यता का सामना करने वाले लोग आवेदन दे सकते हैं। भारत में पांच साल रहने के बाद उन लोगों को भारत की नागरिकता दे दी जाएगी। वर्तमान नियमों के अनुसार 11 साल बाद यह नागरिकता दी जा रही थी।</p>
<h3>बिल का भारतीय मुस्लिमों से कोई लेना-देना नहीं: शाह</h3>
<ul>
<li><strong>सोमवार रात 12.04 बजे लोकसभा में हुई वोटिंग में बिल के पक्ष में 311 और विपक्ष में 80 वोट पड़े।</strong></li>
<li><strong> बिल पर करीब 14 घंटे तक बहस हुई। </strong></li>
<li><strong>विपक्षी दलों ने इस बिल को धर्म के आधार पर भेदभाव करने वाला बताया। </strong></li>
<li><strong>गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब में कहा कि यह बिल यातनाओं से मुक्ति का दस्तावेज है।</strong></li>
<li><strong> भारतीय मुस्लिमों का इससे कोई लेना-देना नहीं है। </strong></li>
<li><strong>यह बिल केवल 3 देशों से प्रताड़ित होकर भारत आए अल्पसंख्यकों के लिए है। </strong></li>
<li><strong>इन देशों में मुस्लिम अल्पसंख्यक नहीं हैं, क्योंकि वहां का राष्ट्रीय धर्म ही इस्लाम है।</strong></li>
</ul>
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                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/assam-shutdown-against-citizenship-amendment-bill/article-11719</link>
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                <pubDate>Tue, 10 Dec 2019 10:52:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>लोकसभा में एसटी-एससी संसोधन बिल पास</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में लगभग छह घंटे तक चली चर्चा नई दिल्ली (सच कहूँ)। लोकसभा ने आज एसटी-एससी अत्याचार निवारण संशोधन विधेयक 2018 को मंजूरी दे दी। सरकार ने जोर दिया कि भाजपा नीत सरकार हमेशा आरक्षण की पक्षधर रही है और कार्य योजना बनाकर दलितों के सशक्तीकरण के लिये काम कर रही है। लोकसभा में लगभग छह […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/st-sc-amendment-bill-passed-in-lok-sabha/article-5205"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/lok-sabha1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">लोकसभा में लगभग छह घंटे तक चली चर्चा</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ)।</strong> लोकसभा ने आज एसटी-एससी अत्याचार निवारण संशोधन विधेयक 2018 को मंजूरी दे दी। सरकार ने जोर दिया कि भाजपा नीत सरकार हमेशा आरक्षण की पक्षधर रही है और कार्य योजना बनाकर दलितों के सशक्तीकरण के लिये काम कर रही है। लोकसभा में लगभग छह घंटे तक चली चर्चा के बाद सदन ने कुछ सदस्यों के संशोधनों को नकारते हुए ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी दे दी। इससे पहले विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा, ‘‘हमने अनेक अवसरों पर स्पष्ट किया है, फिर स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम आरक्षण के पक्षधर थे, पक्षधर हैं और आगे भी रहेंगे।’’ उन्होंने कहा कि चाहे हम राज्यों में सरकार में रहे हो, या केंद में अवसर मिला हो, हमने यह सुनिश्वित किया है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">मंत्री गहलोत ने विपक्ष पर साधा निशाना</h1>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मंत्री गहलोत ने कहा कि जो हम पर विधेयक देरी से लाने का आरोप लगा रहे हैं, वे जवाब दें कि 1989 में कानून आने के बाद अब तक उसमें संशोधन करके उसे मजबूत क्यों नहीं बनाया गया। कांग्रेस पर वोट बैंक के लिये दलित वर्ग का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि हमारी नीति और नियत अच्छी है और हम डा. भीमराव अंबेडकर की सोच को चरितार्थ कर रहे हैं। इसलिये हम इस बार पहले से भी मजबूत प्रावधानों वाला विधेयक लाये हैं। विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि कई निर्णयों में दंड विधि शास्त्र के सिद्धांतों और दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 41 से यह परिणाम निकलता है कि एक बार जब अन्वेषक अधिकारी के पास यह संदेह करने का कारण है कि कोई अपराध किया गया है तो वह अभियुक्त को गिरफ्तार कर सकता है। अन्वेषक अधिकारी से गिरफ्तार करने या गिरफ्तार न करने का यह विनिश्चय नहीं छीना जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दृष्टि से लोकहित में यह उपयुक्त है कि यथास्थिति किसी अपराध के किये जाने के संबंध में प्रथम इत्तिला रिपोर्ट के पंजीकरण या किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की बाबत किसी प्रारंभिक जांच या किसी प्राधिकारी के अनुमोदन के बिना दंड प्रक्रिया संहिता 1973 के उपबंध लागू किये जाएं। विधेयक के 18क में कहा गया है कि जिसके विरूद्ध इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध के लिये किए जाने का अभियोग लगाया गया है और इस अधिनियम या संहिता के अधीन उपबंधित प्रक्रिया से भिन्न कोई प्रक्रिया लागू नहीं होगी। इसमें कहा गया है कि किसी न्यायालय के किसी निर्णय या आदेश या निदेश के होते हुए भी संहिता की धारा 438 के उपबंध इस अधिनियम के अधीन किसी मामले पर लागू नहीं होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p> </p>
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                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Aug 2018 09:54:44 +0530</pubDate>
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