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                <title>System - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>राजनीति नहीं, व्यवस्था का विषय हैं परीक्षाएं</title>
                                    <description><![CDATA[नीट और जेईई (मेनस) की परीक्षा को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सात गैर-भाजपा वाली राज्य सरकारें कोरोना काल में परीक्षाओं के खिलाफ उतर आई हैं। विरोधी पार्टियां वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मीटिंग भी हुई है। हालातों से ऐसा लग रहा है कि परीक्षा का मामला राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/examinations-are-the-subject-of-system-not-politics/article-17873"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-08/exam1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नीट और जेईई (मेनस) की परीक्षा को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सात गैर-भाजपा वाली राज्य सरकारें कोरोना काल में परीक्षाओं के खिलाफ उतर आई हैं। विरोधी पार्टियां वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मीटिंग भी हुई है। हालातों से ऐसा लग रहा है कि परीक्षा का मामला राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है, जो बेहद चिंताजनक व नाकारत्मक है। नेताओं की हर मामले को राजनीतिक चश्में से देखने की आदत बन गई है। सुप्रीम कोर्ट परिक्षाएं टालने के लिए दायर याचिकाओं को रद्द कर चुका है, जहां तक विद्यार्थियों का सवाल है, 75 प्रतिशत के करीब नीट विद्यार्थी अपना रोल नंबर प्राप्त कर चुके हैं जिससे स्पष्ट है कि विद्यार्थी परीक्षा देने के इच्छुके हैं। दरअसल यह विषय राजनीति का नहीं बल्कि व्यवस्था बनाने का है। परीक्षा को कामयाब बनाने के लिए व्यवस्था व दिशा-निर्देशों की आवश्यकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">भले ही देश में कोविड-19 महामारी के कारण मरीजों की गिनती 31 लाख को पार कर गई है लेकिन अधिक प्रभावित राज्यों में एक भी राज्य ऐसा नहीं जहां लॉकडाउन की सभी पाबंदियां जारी हों, काफी पाबंदियां हटा ली गई हैं। सभी राज्य ही आर्थिक गतिविधियों को चालू करने के लिए दुकानें, जिम, होटल, रैस्टोरैंट सहित अन्य आवश्यक कार्य सरकारी दिशा-निर्देशों के तहत खोलने की अनुमति दे चुके हैं, यहां तक कि बस सेवा भी लगभग हर राज्य में चालू है। कोई भी काम करने के लिए बकायदा सावधानियों का चार्ट तैयार किया जा रहा है तब नीट और जेईई परिक्षाओं पर राजनीतिक उथल-पुथल बिल्कुल बेतुका व हास्यप्रद है। यूं भी परिक्षाओं का विरोध करने वाली कुछ पार्टियां अपने राज्यों की विधान सभा का सत्र एक दिन की बजाए लंबा चलाने की मांग कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दर्जनों विधायकों को कोरोना होने के बावजूद सत्र बढ़ाने की मांग और परिक्षाओं का विरोध दोहरे मापदंड का परिणाम हैं। करोड़ों प्रवासी मजदूरों की वापिसी कोरोना काल में ट्रेनों/बसों के द्वारा हुई। उस वक्त भी विरोधी पार्टियों ने मजदूरों की वापिसी के लिए बसें मुहैया करवाई थी। परिक्षाओं का मसला तो केवल एक दिन का ही है। विद्यार्थियों की गिनती करोड़ का तीसरा हिस्सा भी नहीं है। यूं भी देखा जाए तब आजकल बाजारों में काफी रौणक है। देश में 70-80 करोड़ के करीब लोग रोजाना अपने काम-धंधों के लिए घरों से निकलते हैं। परीक्षा करवाना अन्य कार्यों की तरह ही एक टास्क है जिसे संक्रमण रहित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकॉल को लागू करने के लिए प्रबंध करना चाहिए। इतने बड़े तंत्र में परीक्षा न हुई तब यह देश की कमजोरी ही साबित होगा। परीक्षा करवाना, उन लाखों विद्यार्थियों के साथ न्याय करना है जिन्होंने पूरी मेहनत, लगन और महंगी कोचिंग लेकर तैयारी की है।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2020 09:47:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अब स्कूल में चेहरे से लगेगी बच्चों की हाजिरी</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा सुधार: अब अध्यापकों को हाजिरी के लिए चिल्लाना नहीं पड़ेगा तेलंगाना में पहले से ही चल रहा है यह सिस्टम गैर हाजिर बच्चों की बनाएगा अलग सूची पूर्वी एमसीडी के शिक्षक करेंगे तेलंगाना के स्कूलों का दौरा नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। एमसीडी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की हाजिरी के लिए पूर्वी एमसीडी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/now-attendance-of-student-in-school-by-face-scanner/article-1434"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/scanner.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">शिक्षा सुधार: अब अध्यापकों को हाजिरी के लिए चिल्लाना नहीं पड़ेगा</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>तेलंगाना में पहले से ही चल रहा है यह सिस्टम</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>गैर हाजिर बच्चों की बनाएगा अलग सूची</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>पूर्वी एमसीडी के शिक्षक करेंगे तेलंगाना के स्कूलों का दौरा</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> एमसीडी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की हाजिरी के लिए पूर्वी एमसीडी एक नए सिस्टम को लागू करने पर काम कर रही है। इसके तहत शिक्षा विभाग के कुछ अफसर जल्द ही तेलंगाना राज्य के उन स्कूलों का दौरा करने वाले हैं, जहां बच्चों की हाजिरी रजिस्टर में नहीं बल्कि उनके चेहरे से लगाई जाती है। इसमें विद्यार्थियों का चेहरा छोटे से कैमरे वाली एक मशीन के आगे लाया जाता है और बस इसके साथ ही उनकी हाजिरी लग जाती है। इसमें न तो बच्चे से मशीन में अंगूठा या अंगुली लगवाने की जरूरत पड़ेगी और न ही हर रोज क्लास टीचर जोर-जोर से चिल्लाकर बच्चों की हाजिरी लेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सिस्टम अच्छा लगा तो अपनाएंगे</h3>
<p style="text-align:justify;">ईस्ट एमसीडी शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि यह नया सिस्टम तेलंगाना में काम कर रहा है, जहां सरकार की ओर से कुछ प्राइमरी स्कूलों में हाजिरी लगाने वाले इस सिस्टम को लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि उन्हें हाजिरी लगाने का यह सिस्टम अपने दिल्ली के निगम स्कूलों के लिए ठीक लगा तो फिर इस सिस्टम को यहां भी अपनाया जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अनुपस्थित बच्चे पकड़े जाएंगे</h3>
<p style="text-align:justify;">इस नए सिस्टम में एक छोटी सी मशीन होगी, जिसे क्लास के प्रवेश द्वार या कक्षा के अंदर एक जगह लगा दिया जाएगा। इसके बाद हर बच्चे को उस मशीन के सामने आने के लिए बोला जाएगा। मशीन उस बच्चे के चेहरे को रीड करेगी और उसकी फोटो सहित हाजिरी लग जाएगी। ऐसे में उन बच्चों का पता लगाना भी बेहद आसान हो जाएगा, जो लंबे समय से अनुपस्थित रहे होंगे। इस व्यवस्था में पूरे स्कूल को एक सर्वर से जोड़ दिया जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सिस्टम में कमाल का फीचर</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रिंसिपल चाहे तो हर रोज यह पता लगा सकते हैं कि उनके स्कूल में आज कितने बच्चे अनुपस्थित रहे। बच्चों के नाम की सूची भी आसानी से उन्हें मिल जाएगी। इसमें एक मास्टर कंट्रोलरूम बनाकर भी सारे स्कूलों को आपस में जोड़ा जा सकता है, ताकि हर रोज बच्चों की अनुपस्थिति का अपडेट मिलता रहे। बताया जा रहा है कि सिस्टम में एक और फीचर यह भी होगा कि जो बच्चे लंबे समय तक अनुपस्थित चल रहे होंगे, उनकी वह अलग सूची बना लेगा। इसके बाद निगम के अधिकारी यह नहीं कह सकेंगे कि उन्हें महीनों से स्कूल से गायब बच्चों के बारे में जानकारी ही नहीं मिल पाई थी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">26 हजार बच्चे दो साल से अनुपस्थित</h3>
<p style="text-align:justify;">अभी हाल ही में ईस्ट एमसीडी के स्कूलों में पता लगा था कि 365 स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 26 हजार बच्चे दो साल या इससे अधिक वक्त तक अनुपस्थित रहे। क्या इन बच्चों का केवल रजिस्टर में दाखिला दिखा दिया गया? या ये बच्चे कभी स्कूल आए भी थे? इस बारे में कोई भी सटीक जानकारी नहीं दे पा रहा है। हालांकि, इस मामले में हर एंगल से जांच किए जाने की बात कही जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jun 2017 06:30:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘उड़ान’-2 में हट सकती है एकाधिकार की व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[एक र्इंजन वाले हेलीकॉप्टरों को अनुमति नहीं नई दिल्ली (एजेंसी)। सस्ती हवाई यात्रा वाली सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना यानी ‘उड़ान’ (उड़े देश का आम नागरिक) के दूसरे चरण में एकाधिकार और न्यूनतम दूरी की व्यवस्था समाप्त करने के साथ कई बदलावों की संभावना है, लेकिन इसमें भी एक र्इंजन वाले हेलीकॉप्टरों को अनुमति मिलने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/can-remove-monopoly-system-in-udaan-2/article-1361"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/helicopter-2.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">एक र्इंजन वाले हेलीकॉप्टरों को अनुमति नहीं</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> सस्ती हवाई यात्रा वाली सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना यानी ‘उड़ान’ (उड़े देश का आम नागरिक) के दूसरे चरण में एकाधिकार और न्यूनतम दूरी की व्यवस्था समाप्त करने के साथ कई बदलावों की संभावना है, लेकिन इसमें भी एक र्इंजन वाले हेलीकॉप्टरों को अनुमति मिलने की संभावना नहीं है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए उड़ानें अटकी</h3>
<p style="text-align:justify;">सरकार इस महीने के अंत तक या अगले महीने की शुरुआत तक दूसरे चरण के लिए निविदा शर्तों को अंतिम रूप देकर बोली प्रक्रिया शुरू करेगी जबकि एक र्इंजन वाले हेलिकॉप्टरों का वाणिज्यिक उड़ानों के लिए इस्तेमाल का मामला कम से दो-तीन महीने के लिए अटक गया है। नागर विमानन मंत्रालय की एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विमानों के मामले में न्यूनतम दूरी की सीमा हटाए जाने के विमान सेवा कंपनियों के अनुरोध को स्वीकार किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल 151 किलोमीटर से 800 किलोमीटर की दूरी वाले रूट ही आरसीएस का हिस्सा है। न्यूनतम सीमा हटा देने से छोटी से छोटी दूरी वाले रूटों को भी शामिल किया जा सकेगा। अधिकारी ने कहा कि एकाधिकार की व्यवस्था भी समाप्त की जा सकती है। हालाँकि, वीजीएफ के रूप में दी जाने वाली क्षतिपूर्ति तथा अन्य लाभ सिर्फ उसी एयरलाइंस को दिए जाएंगे, जिसने बोली प्रक्रिया में रूट का आवंटन प्राप्त किया है। पहले चरण में रूटों का आवंटन प्राप्त करने वाली एयरलाइंसों को तीन साल का एकाधिकार दिया गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अधिकारी ने बताया कि</h3>
<p style="text-align:justify;">एक इंजन वाले हेलिकॉप्टरों के बारे में उन्होंने बताया कि 07 जून को नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के साथ हेलिकॉप्टर आॅपरेटरों की बैठक हुई थी। डीजीसीए संरक्षा कारणों से एक इंजन वाले हेलिकॉप्टरों के वाणिज्यिक उड़ानों में इस्तेमाल की अनुमति नहीं दे रहा है। वहीं, हेलिकॉप्टर आॅपरेटरों का कहना है कि ये पूरी तरह सुरक्षित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी ने बताया कि हेलिकॉप्टर आॅपरेटर एक इंजन वाले हेलिकॉप्टरों के साथ क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) में आॅपरेशन शुरू करना चाहते हैं क्योंकि इन हेलिकॉप्टरों की तुलना में दो इंजन वाले हेलिकॉप्टरों की कीमत काफी ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने डीजीसीए से इस मसले पर थोड़ा समय देने के लिए कहा है। मंत्रालय ने डीजीसीए को एक समिति बनाने का निर्देश दिया है, जिसके समक्ष हेलिकॉप्टर आॅपरेटर अपना पक्ष रखेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jun 2017 07:54:28 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>रूस भारत को देगा S-400 डिफेंस सिस्टम</title>
                                    <description><![CDATA[सबसे अहम समझौता एस-400 डिफेंस सिस्टम नई दिल्ली: पीएम मोदी रूस के दौरे पर हैं। व्लादिमीर पुतिन से उनकी मुलाकात हुई। इस दौरान कई समझौते हुए, सबसे अहम रहा- एस-400 डिफेंस सिस्टम को लेकर रहा। इस पर डील पक्की हो गई है और जल्द ही ये भारत को मिल सकता है। बता दें कि यह डिफेंस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/russia-to-give-s-400-defense-system-to-india/article-781"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/defance.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">सबसे अहम समझौता एस-400 डिफेंस सिस्टम</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> पीएम मोदी रूस के दौरे पर हैं। व्लादिमीर पुतिन से उनकी मुलाकात हुई। इस दौरान कई समझौते हुए, सबसे अहम रहा- एस-400 डिफेंस सिस्टम को लेकर रहा। इस पर डील पक्की हो गई है और जल्द ही ये भारत को मिल सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि यह डिफेंस सिस्टम एक साथ 36 मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। खासकर पाकिस्तान और चीन से हमले की स्थिति में भारत इस सिस्टम का बेहतर इस्लेमाल कर सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jun 2017 00:57:56 +0530</pubDate>
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                <title>भाखड़ा प्रणाली की नहरों का रेगुलेशन निर्धारित</title>
                                    <description><![CDATA[29 दिसम्बर से 5 जनवरी तक रहेगा प्रभावी HanumanGarh, SachKahoon News:  जल संसाधन भाखड़ा-सिद्धमुख रेगुलेशन खण्ड हनुमानगढ़ द्वारा भाखड़ा प्रणाली की नहरों का नया वरियताक्रम निर्धारित किया गया है। उक्त वरियताक्रम 29 दिसम्बर से 5 जनवरी तक प्रभावी रहेगा। विभाग के अनुसार नहरों के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए अगर किसी नहर के वरियताक्रम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/bhakra-canal-system-of-regulation-set/article-670"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/03-32.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>29 दिसम्बर से 5 जनवरी तक रहेगा प्रभावी</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>HanumanGarh, SachKahoon News:</strong>  जल संसाधन भाखड़ा-सिद्धमुख रेगुलेशन खण्ड हनुमानगढ़ द्वारा भाखड़ा प्रणाली की नहरों का नया वरियताक्रम निर्धारित किया गया है। उक्त वरियताक्रम 29 दिसम्बर से 5 जनवरी तक प्रभावी रहेगा। विभाग के अनुसार नहरों के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए अगर किसी नहर के वरियताक्रम में बदलाव करना पड़ा तो विभागीय अधिकारियों से विचार-विमर्श कर व्यवस्था की जाएगी। जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार भाखरांवाली (बीकेडब्ल्यू) नहर में 50 क्यूसेक, करनीसिंह (केएसडी) में 405, हरीपुरा (एचआरपी) में 418, दीनगढ़ (डीएनजी) में 431, सुरतपुरा (एसटीपी) में 440, मोडिया (एमओडी) में 695, लोंगवाला (एलजीडब्ल्यू) में 840, पीलीबंगा (पीबीएन) में 1055 क्यूसेक, अमरपुरा (एएमपी) में 1150, रोड़ांवाली (आरआरडब्ल्यू) में 1163, नवां-सतीपुरा (एनडब्ल्यूएन) में 1174, मोरजण्डा (एमजेडी) में 1384, प्रतापपुरा (पीटीपी) में 1499, नाथवाना (एनटीडब्ल्यू) में 1527, रतनपुरा (आरटीपी) में 1538, मम्मड़खेड़ा (एमएमके) में 1733, जोड़कियां (जेआरके) में 1813, सूरतगढ़ (एसटीजी) में 1933, भगतपुरा (बीजीपी) में 1971, संगरिया (एसएनजी) में 1977, नगराना (एनजीडी) में 1985 व लीलांवाली (एलएलडब्ल्यू) नहर में 2225 क्यूसेक पानी प्रवाहित होगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार वास्तविक पानी संबंधित अधिशाषी अभियन्ता की मांग अनुसार चलाया जा रहा है, यह कभी भी कम किया जा सकता है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Dec 2016 22:49:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>आॅनलाइन सिस्टम पर लाया जाए योजनाआें को: राठौर</title>
                                    <description><![CDATA[JaiPur, SachKahoon News: राजस्थान के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाओं को आॅनलाइन सिस्टम पर लाकर व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं को पूरी गुणवत्ता के साथ लागू किया जाए। श्री राठौड़ यहां शासन सचिवालय में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर संचालित […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/plans-to-bring-the-system-online-rathore/article-526"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/05-5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>JaiPur, SachKahoon News:</strong> राजस्थान के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाओं को आॅनलाइन सिस्टम पर लाकर व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं को पूरी गुणवत्ता के साथ लागू किया जाए। श्री राठौड़ यहां शासन सचिवालय में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर संचालित ग्रामीण विकास की योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए की योजनाओं को पूरी गुणवत्ता के साथ बेहतर ढंग से जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि टीम भावना के साथ काम कर ग्रामीण विकास योजनाओं को धरातल पर लाने का प्रयास किया जाए तथा योजनाओं को आॅनलाइन सिस्टम से जोड़कर व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं को पूरी गुणवत्ता के साथ लागू किया जाए। राठौड़ ने ग्रामीण क्षेत्रों में बने गौरव पथ सड़कों पर सोलर लाइट लगाने पर जोर देते हुए कहा कि सभी जगह पर एकरूपता रखें। उन्होंने योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारियों एवं पंचायती राज प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Dec 2016 23:09:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>भाखड़ा प्रणाली की नहरों का रेगुलेशन तय</title>
                                    <description><![CDATA[HanumanGarh, SachKahoon News: जल संसाधन भाखड़ा-सिद्धमुख रेगुलेशन खण्ड हनुमानगढ़ द्वारा भाखड़ा प्रणाली की नहरों का नया वरियताक्रम निर्धारित किया गया है। उक्त वरियताक्रम 13 दिसम्बर से 21 दिसम्बर तक प्रभावी रहेगा। विभाग के अनुसार नहरों के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए अगर किसी नहर के वरियताक्रम में बदलाव करना पड़ा तो विभागीय अधिकारियों से […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/bhakra-canal-system-fixed-regulation/article-492"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/03-14.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>HanumanGarh, SachKahoon News:</strong> जल संसाधन भाखड़ा-सिद्धमुख रेगुलेशन खण्ड हनुमानगढ़ द्वारा भाखड़ा प्रणाली की नहरों का नया वरियताक्रम निर्धारित किया गया है। उक्त वरियताक्रम 13 दिसम्बर से 21 दिसम्बर तक प्रभावी रहेगा। विभाग के अनुसार नहरों के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए अगर किसी नहर के वरियताक्रम में बदलाव करना पड़ा तो विभागीय अधिकारियों से विचार-विमर्श कर व्यवस्था की जाएगी।<br />
जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पीलीबंगा (पीबीएन) नहर में 330 क्यूसेक, लोंगवाला (एलजीडब्ल्यू) में 455, अमरपुरा (एएमपी) में 595, रोड़ांवाली (आरआरडब्ल्यू) में 608, नवां-सतीपुरा (एनडब्ल्यूएन) में 619, मोरजण्डा (एमजेडी) में 832, प्रतापपुरा (पीटीपी) में 962, नाथवाना (एनटीडब्ल्यू) में 993, रतनपुरा (आरटीपी) में 1005, मोडिया (एमओडी) में 1165, सुरतपुरा (एसटीपी) में 1174, दीनगढ़ (डीएनजी) में 1187, हरीपुरा (एचआरपी) में 1200, मम्मड़खेड़ा (एमएमके) में 1305, जोड़कियां (जेआरके) में 1475, लीलांवाली (एलएलडब्ल्यू) में 1887 क्यूसेक पानी चलेगा।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/bhakra-canal-system-fixed-regulation/article-492</link>
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                <pubDate>Mon, 12 Dec 2016 22:15:11 +0530</pubDate>
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