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                <title>Ambala - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Ambala RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अंबाला के बिचपड़ी गांव में जमीनी विवाद ने लिया खूनी रूप, अंधाधुंध फायरिंग में तीन की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[अंबाला के बिचपड़ी गांव में जमीनी विवाद ने लिया खूनी रूप, अंधाधुंध फायरिंग में तीन की मौत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/land-dispute-took-a-bloody-turn-in-bichpadi-village-of/article-85371"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/ambala1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अंबाला।</strong> हरियाणा के शहजादपुर थाना क्षेत्र के तहत आने वाले बिचपड़ी गांव में शनिवार शाम मिट्टी खनन के ठेके को लेकर पक्षों के बीच उपजा विवाद तिहरे हत्याकांड में बदल गया। पारिवारिक कलह में एक युवक ने आपा खोकर अपने ही कुनबे पर गोलियां बरसा दीं। इस भीषण हमले में आरोपी की बुजुर्ग दादी, सगे भाई और चाचा की मौत हो गई, जबकि चाची गंभीर रूप से घायल हैं।</p>
<p>चश्मदीदों और पुलिस के अनुसार, गांव की दो किला जमीन से मिट्टी उठाने के ठेके में हिस्सेदारी को लेकर परिवार में पिछले कुछ समय से तनाव चल रहा था। शनिवार को इसी बात पर बहस इतनी बढ़ी कि आरोपी अभिषेक ने अपनी पिस्तौल निकाल ली। उसने सबसे पहले अपनी 95 वर्षीय दादी इसरो देवी को निशाना बनाया, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। बीच-बचाव करने आए भाई संदीप, चाचा महेंद्र और चाची पर भी उसने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अस्पताल ले जाते समय चाचा और भाई ने दम तोड़ दिया। शहजादपुर पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 10:57:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नागरिक अस्पताल का औचक निरीक्षण: सी.एम.ओ. अंबाला ने स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं की सराहना की</title>
                                    <description><![CDATA[सिविल सर्जन अंबाला, डॉ. रेनू बेरी ने अपनी टीम के साथ नागरिक अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/surprise-inspection-of-nag-hospital-cmo-ambala-appreciated-the-health/article-84168"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/naraingarh-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नारायणगढ़ (सचकहूँ/सुरजीत कुराली)। </strong>Naraingarh News: सिविल सर्जन अंबाला, डॉ. रेनू बेरी ने अपनी टीम के साथ नागरिक अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण टीम में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शील कांत पाजनी, डॉ. कुलविंदर कौर और एसएमओ इंचार्ज डॉ. परवीन कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">निरीक्षण के मुख्य बिंदु:</h4>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा: सीएमओ मैडम और उनकी टीम ने अस्पताल के सभी ओपीडी, फार्मेसी, लेबर रूम, इमरजेंसी और लेबोरेटरी का गहन निरीक्षण किया। टीम अस्पताल की चिकित्सीय सेवाओं और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली से अत्यंत प्रभावित दिखी। Naraingarh News</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों की नियुक्ति का आश्वासन: अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को संज्ञान में लेते हुए, सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया कि जल्द ही यहाँ फिजियोथेरेपिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट और अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।</p>
<p style="text-align:justify;">नई बिल्डिंग का अवलोकन-टीम ने निर्माणाधीन नई बिल्डिंग का भी दौरा किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नई बिल्डिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और शेष कार्य प्रगति पर है।</p>
<p style="text-align:justify;">संतोषजनक व्यवस्था- सीएमओ मैडम ने अस्पताल की कार्यशैली, साफ-सफाई और उपलब्ध सुविधाओं की प्रशंसा की और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। </p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर अस्पताल प्रशासन को भविष्य में भी इसी प्रकार की उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएँ बनाए रखने के निर्देश दिए गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 16:53:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुराली में गैस आपूर्ति ठप होने पर ग्रामीणों का हंगामा, बस अड्डे पर लगाया जाम</title>
                                    <description><![CDATA[उपमंडल के गांव कुराली में बुधवार को निर्धारित समय पर रसोई गैस की गाड़ी न पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने कुराली बस अड्डे पर चक्का जाम कर दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/villagers-create-ruckus-over-gas-supply-stoppage-in-kurali-jam/article-84010"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/kurali-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नारायणगढ़ (सच कहूँ/ सुरजीत कुराली)।</strong> Naraingarh News: उपमंडल के गांव कुराली में बुधवार को निर्धारित समय पर रसोई गैस की गाड़ी न पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने कुराली बस अड्डे पर चक्का जाम कर दिया। सुबह से कतारों में लगे उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसी की लापरवाही के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। हालांकि, बाद में उपमंडलाधिकारी के हस्तक्षेप और गैस की गाड़ी मौके पर पहुंचने के बाद ही स्थिति सामान्य हो सकी। ग्रामीणों और स्थानीय नंबरदार जसबीर सिंह के अनुसार, गांव में घरेलू गैस वितरण के लिए बुधवार का दिन तय है। इसी के चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह 5 बजे से ही कुराली बस अड्डे पर सिलेंडर लेकर लाइनों में लग गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि जब सुबह 11 बजे तक भी वितरण वाहन नहीं पहुंचा, तो उन्होंने नारायणगढ़ स्थित गैस एजेंसी कार्यालय से संपर्क किया। एजेंसी की ओर से बुधवार को गाड़ी भेजने में असमर्थता जताई गई, जिससे गुस्साए लोगों ने सड़क के बीचों-बीच सिलेंडर रखकर यातायात बाधित कर दिया। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी कि जब तक मौके पर गैस की गाड़ी नहीं आती, वे जाम नहीं खोलेंगे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम शिवजीत भारती को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। एसडीएम ने तुरंत गैस एजेंसी को गांव में गाड़ी भेजने के आदेश दिए, जिसके बाद वितरण शुरू हुआ और जाम खोला गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 20:17:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेपला की चौपाल से दिल्ली के गलियारों तक, क्या पाइप वाली राजनीति अब पंचायत वाली जिम्मेदारी बनेगी?</title>
                                    <description><![CDATA[अंबाला (सच कहूँ ब्यूरो) अक्सर सरकारी योजनाओं का अंत एक शिलालेख या उद्घाटन पट्टी पर आकर रुक जाता है, लेकिन अंबाला के खंड साहा का गांव तेपला रविवार को एक अलग ही बदलाव का गवाह बना। विश्व जल दिवस के अवसर पर आयोजित जल अर्पण दिवस केवल एक आयोजन भर नहीं था, बल्कि यह उस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/from-the-chaupal-of-tepla-to-the-streets-of-delhi/article-82606"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/ambala.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अंबाला (सच कहूँ ब्यूरो)</strong> अक्सर सरकारी योजनाओं का अंत एक शिलालेख या उद्घाटन पट्टी पर आकर रुक जाता है, लेकिन अंबाला के खंड साहा का गांव तेपला रविवार को एक अलग ही बदलाव का गवाह बना। विश्व जल दिवस के अवसर पर आयोजित जल अर्पण दिवस केवल एक आयोजन भर नहीं था, बल्कि यह उस सरकारी व्यवस्था की विदाई थी जहाँ ग्रामीण पानी के लिए विभाग का मुँह ताकते थे। अब तेपला के तीन ट्यूबवेल, बिछी हुई पाइपलाइन और उनसे आने वाली हर बूंद की कमान ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के हाथों में है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बदलाव की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली के वातानुकूलित कमरों से केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और राज्य मंत्री श्री वीरन्ना सोमन्ना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए सीधे गांव की मिट्टी से जुड़े। संवाद के दौरान जब ग्रामीणों ने स्वच्छ पानी की सुचारू सप्लाई की पुष्टि की, तो सत्ता के गलियारों में बैठे मंत्रियों ने इसे जल जीवन मिशन की बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन इस डिजिटल संवाद के पीछे एक बड़ा सामाजिक सवाल भी छिपा है कि क्या हमारी पंचायतें तकनीकी रूप से इतनी सक्षम हो गई हैं कि वे विभाग की मदद के बिना इस जटिल तंत्र को संभाल सकें?</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्रालय की डिप्टी सेक्रेटरी डॉ. अंकिता चक्रवर्ती की मौजूदगी में समिति सदस्यों का सम्मान तो हुआ, लेकिन असली सम्मान तब होगा जब पाइपलाइन में आने वाली पहली लीकेज को ठीक करने के लिए पंचायत को सरकारी बजट का इंतज़ार न करना पड़े। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने जिला स्तर पर मिशन की सफलता के आंकड़े तो पेश किए, पर तेपला की चौपाल पर खड़े ग्रामीण नरेंद्र सिंह की बातों में व्यावहारिक भरोसा दिखा। उन्होंने साफ़ किया कि फिलहाल गांव के हर घर में नल है और सप्लाई का समय भी निर्धारित है।</p>
<p style="text-align:justify;">
रिपोर्टों के अनुसार, गांव की इस समिति को अब न केवल पानी का वितरण करना है, बल्कि संसाधनों की सुरक्षा और भविष्य के प्रबंधन का जिम्मा भी उठाना है। यह प्रयोग अगर सफल रहता है, तो यह विकेंद्रीकरण का सबसे बड़ा उदाहरण बनेगा। फिलहाल, तेपला में जल संरक्षण की शपथ ली जा चुकी है और उत्सव का माहौल है, लेकिन इस योजना की असली परीक्षा उन दिनों में होगी जब गर्मी अपने चरम पर होगी और जल स्तर नीचे जाएगा। तब देखना होगा कि जल अर्पण का यह संकल्प जमीनी धरातल पर कितना गहरा उतरता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 10:59:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Beekeeping: मैदानी खेतों से पहाड़ी बागानों तक पहुंच रखने वाले मौन पालकों का शहद अर्थशास्त्र है अजब </title>
                                    <description><![CDATA[मधुमक्खियों के 500 डिब्बों से 10 लाख की आय का दावा अंबाला (सच कहूँ/संदीप सांतरे)। Beekeeping: हरियाणा में रबी सत्र के दौरान सरसों के पीले फूल केवल किसानों के लिए फसल की उम्मीद नहीं है, बल्कि यह पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के मधुमक्खी पालकों के लिए आजीविका का मुख्य आधार भी है। अंबाला जिले के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/claims-to-earn-rs-ten-lakh-from-five-hundred-boxes-of-bees/article-79454"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/ambala-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">मधुमक्खियों के 500 डिब्बों से 10 लाख की आय का दावा</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>अंबाला (सच कहूँ/संदीप सांतरे)।</strong> Beekeeping: हरियाणा में रबी सत्र के दौरान सरसों के पीले फूल केवल किसानों के लिए फसल की उम्मीद नहीं है, बल्कि यह पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के मधुमक्खी पालकों के लिए आजीविका का मुख्य आधार भी है। अंबाला जिले के साढ़ौरा-शाहाबाद मार्ग पर स्थित गांव सिंबला के खेतों में इन दिनों एक अलग तरह की कृषि-गतिविधि देखी जा सकती है। यहां हिमाचल के रेणुका जी और नालागढ़ क्षेत्र से आए किसानों ने सैकड़ों की संख्या में मधुमक्खी की कॉलोनियां (बक्से) स्थापित की हैं। Ambala</p>
<p style="text-align:justify;">यह प्रवास केवल शहद इकट्ठा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दो राज्यों की कृषि अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी संतुलन का एक बेहतरीन उदाहरण भी है। इस मीठी क्रांति के जमीनी नायक हिमाचल प्रदेश के रेणुका जी निवासी सुरेंद्र हैं। सुरेंद्र की कहानी कृषि में विविधीकरण की सफलता को दर्शाती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">50 बॉक्स से पहुंचे 500 तक</h3>
<p style="text-align:justify;">सुरेंद्र बताते हैं कि उन्होंने महज 50 बक्सों से मधुमक्खी पालन की शुरूआत की थी। लगन और तकनीकी समझ के बल पर आज उनके पास 500 बक्से हैं। सुरेंद्र बताते हैं कि शहद उत्पादन, बक्सों का रख-रखाव और परिवहन का सारा खर्च निकालने के बाद वे सालाना करीब 10 लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर लेते हैं। यह आंकड़ा साबित करता है कि परंपरागत खेती के समानांतर यह व्यवसाय एक ठोस आर्थिक विकल्प बन चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">नालागढ़ क्षेत्र के धर्मपाल, जिनके पास इस क्षेत्र का 30 वर्षों का अनुभव है, बताते हैं कि स्थान का चयन फूलों की उपलब्धता पर निर्भर करता है। वर्तमान में अंबाला के सिंबला क्षेत्र में सरसों और तौड़िया के फूल मधुमक्खियों के लिए भोजन का मुख्य स्रोत हैं। जैसे ही यहां फूलों का रस कम होगा, ये पालक अपनी कॉलोनियों के साथ रेवाड़ी का रुख करेंगे। रेवाड़ी क्षेत्र में सरसों की बंपर पैदावार और उच्च गुणवत्ता वाला मकरंद शहद बनने की प्रक्रिया को तेज कर देता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बाजार में औषधीय शहद की मांग | Ambala</h3>
<p style="text-align:justify;">सुरेंद्र के अनुसार सामान्य शहद की तुलना में विशिष्ट फूलों से बने शहद की मांग प्रीमियम श्रेणी में है। लीची, सफेदा, और जामुन के अलावा छिछड़ी और मल्टी-फ्लोरा शहद का बाजार भाव 2 हजार रुपये प्रति किलो तक है। विशेष रूप से नीम का शहद, जो अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है, 2 हजार रुपये से भी अधिक कीमत पर बिकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कुदरत का तालमेल ऐसा कि शहद के साथ रख-रखाव भी फलता है</h3>
<p style="text-align:justify;">इस व्यवसाय का सबसे रोचक और गंभीर पहलू इसका दूसरा चरण है। मैदानी इलाकों में नवंबर से मार्च तक करीब 3-4 महीने ही शहद उत्पादन होता है। इसके बाद, जब गर्मी बढ़ती है, तो इन कॉलोनियों को वापस हिमाचल के ठंडे इलाकों में ले जाया जाता है। वहां सेब और लीची के बागानों में इन मधुमक्खियों की भूमिका बदल जाती है। वे वहां शहद बनाने के बजाय परागण करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मधुमक्खियों के परागण से सेब और लीची की फसल में इजाफा होता है, जिसके बदले बागान मालिक मौन पालकों को तय राशि का भुगतान करते हैं। यह कृषि सहजीविता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। बता दें कि एक श्रमिक मधुमक्खी का जीवनकाल मात्र 40-45 दिन होता है, जबकि रानी मक्खी करीब डेढ़ साल तक जीवित रहकर कॉलोनी का नेतृत्व करती है। पालकों को साल के 9 महीने इन मक्खियों को जीवित रखने और पालने में कड़ा परिश्रम करना पड़ता है, तब जाकर सीजन में शहद मिलता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सरकार दे रही है सब्सिड़ी | Ambala</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा सरकार मधुमक्खी पालन के लिए 80 से 85 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान कर रही है। इस योजना के तहत किसान अधिकतम 50 बॉक्स तक अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा सरकार द्वारा आवश्यक उपकरणों जैसे बाल्टी, कंघी, नेट और पैकिंग बोतलों पर भी 75 प्रतिशत तक सहायता दी जा रही है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/claims-to-earn-rs-ten-lakh-from-five-hundred-boxes-of-bees/article-79454</link>
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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 14:56:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अंबाला: सियासी शतरंज पर ‘वजीर कौन?’</title>
                                    <description><![CDATA[अंबाला सच कहूँ/संदीप सांतरे। राजनीति में सस्पेंस किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं होता और इन दिनों अंबाला का सियासी मौसम कुछ ऐसा ही है। कड़कड़ाती ठंड के बीच शहर का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर था, लेकिन सोमवार को पंचकूला से आई एक खबर ने सब कुछ फ्रीज कर दिया। मेयर पद के आरक्षण […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ambala-who-will-be-the-queen-on-the-political-chessboard/article-79285"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/ambala.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अंबाला सच कहूँ/संदीप सांतरे।</strong> राजनीति में सस्पेंस किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं होता और इन दिनों अंबाला का सियासी मौसम कुछ ऐसा ही है। कड़कड़ाती ठंड के बीच शहर का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर था, लेकिन सोमवार को पंचकूला से आई एक खबर ने सब कुछ फ्रीज कर दिया। मेयर पद के आरक्षण पर फैसला लेने वाली उच्चस्तरीय बैठक के दूसरी बार स्थगित होते ही, अंबाला के उन नेताओं के चेहरों की रंगत उड़ गई है, जो महीनों से जीत का सेहरा बांधने के सपने संजो रहे थे। यह महज एक तारीख का बदलना नहीं है, बल्कि यह उन तमाम समीकरणों का बिखरना है, जो अंबाला के बड़े सियासी परिवारों ने ड्राइंग रूम में बैठकर तैयार किए थे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अदालत की चौखट पर फंसा पेंच</h3>
<p style="text-align:justify;">कहानी में ट्विस्ट केवल आरक्षण का नहीं है। वार्ड बंदी में हुई कथित मनमानी और एडहॉक कमेटी में विपक्ष की अनदेखी ने मामले को पेचीदा बना दिया है। विपक्षी पार्षद फाइलों में कमियां ढूंढ़ रहे हैं और प्रशासन जवाब तैयार करने में जुटा है। फिलहाल, अंबाला की राजनीति पॉज मोड में है। दावेदार जनता के बीच जा तो रहे हैं, लेकिन उनकी जुबान पर वो यकीन नहीं है जो टिकट पक्की होने पर होता है। अब सबकी निगाहें पंचकूला के ड्रा पर टिकी हैं, कि कब वो लिफाफा खुलेगा जो बताएगा कि अंबाला का अगला सरताज किस वर्ग से होगा। तब तक, नेताओं की धड़कनें और जनता की कयासबाजियां, दोनों ही अनियंत्रित हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अंबाला मेयर की कुर्सी महज एक पद नहीं, बल्कि रसूख का पर्याय</h3>
<p style="text-align:justify;">अंबाला मेयर की कुर्सी महज एक पद नहीं, बल्कि रसूख का पर्याय रही है। इस सीट का इतिहास गवाह है कि यहाँ साधारण नहीं, बल्कि रमेश मल और शक्तिरानी शर्मा जैसे वजनदार व्यक्तित्वों ने कमान संभाली है। जब शक्तिरानी शर्मा कालका की विधायक बनीं, तो उपचुनाव में शैलजा सचदेवा ने जिस अंदाज में मोर्चा संभाला, उसने साबित किया कि यहाँ की राजनीति में हर किसी की दाल नहीं गलती। अब जब नया कार्यकाल सामने है, तो शहर के पुराने चाणक्य इसी उधेड़बुन में हैं कि क्या इस बार भी बाजी उनके हाथ रहेगी, या आरक्षण का पासा खेल पलट देगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बंद कमरों में बीसी-बी का खौफ</h3>
<p style="text-align:justify;">सबसे ज्यादा रोचक और नेताओं के लिए डरावनी चर्चा पिछड़ा वर्ग-बी आरक्षण की है। शहर के चौक-चौराहों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक, एक ही सवाल तैर रहा है कि अगर सीट आरक्षित हो गई, तो सामान्य वर्ग के उन महारथियों का क्या होगा, जिन्होंने होर्डिंग्स और बैनरों से शहर पाट रखा है? अंदरखाने की खबर यह भी है कि भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही दलों के रणनीतिकार पसीने-पसीने हैं। कारण साफ है कि शक्तिरानी शर्मा या रमेश मल के कद का मुकाबला करने वाला कोई मजबूत चेहरा बीसी-बी वर्ग में फिलहाल किसी पार्टी के पास तैयार नहीं है। अगर आरक्षण का तीर चला, तो दोनों दलों को इंपोर्टेड उम्मीदवार या नए चेहरों के सहारे नैया पार लगानी होगी, जो किसी जुए से कम नहीं होगा।<br />
कुछ यूं रहा है</p>
<h3 style="text-align:justify;">अंबाला नगर निगम का इतिहास</h3>
<p style="text-align:justify;">अंबाला नगर निगम का इतिहास सियासी दांव-पेच और बदलावों की एक दिलचस्प दास्तां रहा है। साल 2013 में जब अंबाला शहर और छावनी को मिलाकर संयुक्त निगम बना। कांग्रेस और पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा के रसूख के चलते रमेश मल पार्षदों द्वारा चुने गए पहले मेयर बने। मगर 2018 में पेंच तब फंसा जब सरकार ने निगम को भंग कर कैंट में परिषद और सिटी में निगम बनाने का फैसला लिया। लंबी कानूनी रस्साकशी के बाद हाईकोर्ट ने अंतत: इस प्रशासनिक विभाजन पर अपनी मुहर लगाई। इसके बाद 2020 का साल असली गेम चेंजर साबित हुआ। मेयर का चुनाव सीधे जनता के हाथों में आया और सदन में भाजपा का बहुमत होने के बावजूद, हरियाणा जनचेतना पार्टी की शक्तिरानी शर्मा ने अपनी व्यक्तिगत साख के दम पर मेयर पद जीता। 2024 में शक्तिरानी के कालका से भाजपा की विधायक बनने के बाद यह कुर्सी खाली हुई, जिसे 2025 के उपचुनाव में शैलजा संदीप सचदेवा ने संभाला। अंबाला की यह कुर्सी कभी पार्षदों के गणित, तो कभी जनता के सीधे फैसले से बदलती रही है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 10:45:51 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>डेरा सच्चा सौदा के सेवादार को इस काम के लिए किया सम्मानित, जानकर आप भी हो जाओगे खुश</title>
                                    <description><![CDATA[अंबाला (सच कहूँ/कंवरपाल)। जिला के मुलाना ब्लॉक के गांव नोहनी के कृष्ण राम इन्सां को गांव में सफाई अभियान के तहत गांव में 5 सालों से लगातार जोर शोर से कार्य करने व लोगों को इसके लिए प्रेरित करने के लिए सम्मानित किया गया है। कृष्ण राम इन्सां ने बताया कि इस कार्य को करने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/dera-sacha-saudas-servants-were-honored-for-this-work-you-will-also-be-happy-to-know/article-75515"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/ambala.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अंबाला (सच कहूँ/कंवरपाल)।</strong> जिला के मुलाना ब्लॉक के गांव नोहनी के कृष्ण राम इन्सां को गांव में सफाई अभियान के तहत गांव में 5 सालों से लगातार जोर शोर से कार्य करने व लोगों को इसके लिए प्रेरित करने के लिए सम्मानित किया गया है। कृष्ण राम इन्सां ने बताया कि इस कार्य को करने की प्रेरणा उनको पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां से मिली है। उन्होंने इसका सारा पूज्य गुरुजी को दिया और कहा कि पूज्य गुरु जी ने जो महा सफाई अभियान चलाए थे वहीं से ही उसने भी यह कार्य करने की प्रेरणा ली। इस कार्य को वह भविष्य में भी जारी रखेगा, ताकि आमजन भी स्वच्छता के प्रति जागरूक हो।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Sep 2025 13:12:43 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>गोलमाल है भई सब गोलमाल है, सरसा समेत इन 6 जिलों में खुली गड़बड़ियों की परतें</title>
                                    <description><![CDATA[अंबाला (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा सरकार ने भवन और अन्य सन्निर्माण श्रमिकों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं में संभावित अनियमितताओं को लेकर राज्यभर में व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देशित किया है कि वे तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन करें। यह […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/there-is-a-mess-everything-is-a-mess-layers-of-irregularities-exposed-in-these-6-districts-including-sirsa/article-73064"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/ambala.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अंबाला (सच कहूँ न्यूज)।</strong> हरियाणा सरकार ने भवन और अन्य सन्निर्माण श्रमिकों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं में संभावित अनियमितताओं को लेकर राज्यभर में व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देशित किया है कि वे तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन करें। यह समिति पंजीकृत श्रमिकों की कार्य रसीदों का गांव और शहरी क्षेत्रों में जाकर भौतिक सत्यापन करेगी। विज ने स्पष्ट किया कि इन समितियों में श्रम विभाग का एक प्रतिनिधि और दो स्वतंत्र राजपत्रित अधिकारी शामिल होंगे। सरकार ने इन समितियों को तीन माह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">छह जिलों में खुली गड़बड़ियों की परतें</h3>
<p style="text-align:justify;">यह कार्रवाई छह जिलों- हिसार, कैथल, जींद, सिरसा, फरीदाबाद और भिवानी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर शुरू की गई है। रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2023 से मार्च 2025 तक 11.96 लाख से अधिक श्रमिकों की कार्य रसीदों का सत्यापन किया गया, जिनमें से बड़ी संख्या में रसीदों के फर्जी होने की आशंका जताई गई है। विज ने उदाहरण देते हुए बताया कि हिसार में एक ही कर्मचारी ने मात्र तीन माह में 84,741 रसीदों का सत्यापन दर्ज किया, वहीं फरीदाबाद में एक दिन में 2,646 सत्यापन दर्शाए गए। विज ने इन आंकड़ों को अव्यवहारिक और संदिग्ध करार देते हुए कहा कि ये आंकड़े व्यापक स्तर पर फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार की ओर संकेत करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Jul 2025 12:00:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाढ़ नियंत्रण प्रबंधों की समीक्षा में ऊर्जा मंत्री अनिल विज सख्त, अधिकारियों को फटकार</title>
                                    <description><![CDATA[अंबाला, (सच कहूँ, संदीप)। मानसून पूर्व बाढ़ नियंत्रण तैयारियों के निरीक्षण के दौरान हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने अंबाला में विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर सख्त नाराजगी जताई। पांच घंटे चले इस निरीक्षण में मंत्री ने नगर परिषद, सिंचाई विभाग, जन स्वास्थ्य, रेलवे, पीडब्ल्यूडी समेत कई विभागों के अधिकारियों से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/energy-minister-anil-vij-strict-in-reviewing-flood-control-arrangements-reprimanded-officials/article-72117"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-06/ambala.jpg" alt=""></a><br /><p class="ai-optimize-8 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;"><strong>अंबाला, (सच कहूँ, संदीप)।</strong> मानसून पूर्व बाढ़ नियंत्रण तैयारियों के निरीक्षण के दौरान हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने अंबाला में विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर सख्त नाराजगी जताई। पांच घंटे चले इस निरीक्षण में मंत्री ने नगर परिषद, सिंचाई विभाग, जन स्वास्थ्य, रेलवे, पीडब्ल्यूडी समेत कई विभागों के अधिकारियों से जमीनी हालात का जायजा लिया और कई स्थानों पर लापरवाही मिलने पर फटकार लगाई।</p>
<h3 class="ai-optimize-9" style="text-align:justify;">नालों की सफाई में लापरवाही उजागर</h3>
<p class="ai-optimize-10" style="text-align:justify;">गुडगुडिया नाले पर निरीक्षण के दौरान पानी निकासी के तीन में से दो रास्ते बंद मिलने पर मंत्री ने ठेकेदार पर सख्त नाराजगी जताते हुए तत्काल सफाई के निर्देश दिए। विजय रतन चौक, कबाड़ी बाजार और 12 क्रॉस रोड क्षेत्र में भी नाले में निर्माण सामग्री मिलने पर अधिकारियों को फटकार लगाई गई। यादव धर्मशाला के पास अंडरग्राउंड नाले की सफाई पर जानकारी मांगने पर भी अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। यह स्थिति दर्शाती है कि मानसून से पहले बाढ़ नियंत्रण की तैयारी के दावे कितने धरातल पर उतर पाए हैं। प्रशासनिक समन्वय की कमी और कार्य की गति पर भी मंत्री ने कई बार असंतोष व्यक्त किया।</p>
<h3 class="ai-optimize-12" style="text-align:justify;">महेशनगर ड्रेन की सफाई में भी ढिलाई</h3>
<p class="ai-optimize-13" style="text-align:justify;">महेशनगर ड्रेन में सफाई के लिए पर्याप्त मजदूर नहीं लगाए जाने पर मंत्री ने ठेकेदार से तीखे सवाल पूछे। सफाई के लिए कम संसाधन झोंकना विभागीय गंभीरता पर सवाल खड़े करता है, खासकर तब जब भारी बारिश के दौरान यह ड्रेन बाढ़ नियंत्रण की प्रमुख भूमिका निभाता है।</p>
<h3 class="ai-optimize-14" style="text-align:justify;">बब्याल पंप हाउस को हॉटलाइन से जोड़ने में देरी</h3>
<p class="ai-optimize-15" style="text-align:justify;">बब्याल पंप हाउस का निरीक्षण करते हुए अनिल विज ने पंपिंग क्षमता बढ़ाने और बिजली की हॉटलाइन से जोड़ने के निर्देश दिए। लेकिन हॉटलाइन को जोड़ने में हो रही देरी को लेकर एक्सईएन को फटकार झेलनी पड़ी। मंत्री ने चेतावनी दी कि मानसून से पहले इन कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए ताकि बाढ़ की स्थिति में निर्बाध जल निकासी हो सके।</p>
<h3 class="ai-optimize-16" style="text-align:justify;">सिंचाई विभाग की खुदाई कार्य प्रणाली पर असंतोष</h3>
<p class="ai-optimize-17" style="text-align:justify;">टांगरी नदी में खुदाई का निरीक्षण करते हुए मंत्री ने सिंचाई विभाग की कार्यशैली पर असंतोष जताया। चंदपुरा ब्रिज और जगाधरी रोड के समीप खुदाई में मशीनरी की कमी व अनियमित लेवलिंग को लेकर अधिकारियों को फटकार मिली। सवाल यह उठता है कि हर वर्ष इसी तरह अंतिम क्षणों में तैयारियों को दौड़ाने की स्थिति क्यों बनती है।</p>
<h3 class="ai-optimize-18" style="text-align:justify;">अव्यवस्थाओं की श्रृंखला पर प्रशासनिक जिम्मेदारी</h3>
<p class="ai-optimize-19" style="text-align:justify;">बाढ़ नियंत्रण को लेकर वर्षों से भारी बजट और संसाधन झोंकने के बावजूद हर साल अंबाला में कमोबेश यही तस्वीर सामने आती है। कहीं अधूरी सफाई, कहीं ठेकेदारों की मनमानी और विभागों के बीच समन्वय की कमी मानसून के दौरान शहर के लिए हर बार संकट का कारण बनती है। मंत्री विज की सक्रियता के बावजूद क्या प्रशासन स्थायी समाधान की ओर बढ़ेगा — यह बड़ा सवाल है।</p>
<h3 class="ai-optimize-20" style="text-align:justify;">रामपुर सरसेहड़ी व अन्य क्षेत्रों में भी निर्देश</h3>
<p class="ai-optimize-21" style="text-align:justify;">मंत्री ने रामपुर सरसेहड़ी में स्टोन पिचिंग और टांगरी बांध रोड के विस्तार कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए इन्हें मानसून से पहले पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा डायवर्जन ड्रेन और बब्याल पंप हाउस के महत्व को दोहराते हुए विज ने कहा कि इन व्यवस्थाओं के चलते छावनी क्षेत्र बाढ़ से सुरक्षित रहता है। मगर, गहन निरीक्षण में मिली कमियां विभागीय सतर्कता की वास्तविकता को भी उजागर करती हैं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/energy-minister-anil-vij-strict-in-reviewing-flood-control-arrangements-reprimanded-officials/article-72117</link>
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                <pubDate>Fri, 13 Jun 2025 19:11:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>भारत-वियतनाम सैन्य अभ्यास विनबैक्स अंबाला में शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। वियतनाम-भारत द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘विनबैक्स 2024’ का 5 वां संस्करण सोमवार से अंबाला में शुरू हो गया। यह अभ्यास 23 नवंबर तक अंबाला और चंडीमंदिर में किया जायेगा। यह अभ्यास भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में एक प्रमुख मील का पत्थर है। सैन्य अभ्यास का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/india-vietnam-military-exercise-winbex-begins-in-ambala/article-64014"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/ambala.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> वियतनाम-भारत द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘विनबैक्स 2024’ का 5 वां संस्करण सोमवार से अंबाला में शुरू हो गया। यह अभ्यास 23 नवंबर तक अंबाला और चंडीमंदिर में किया जायेगा। यह अभ्यास भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में एक प्रमुख मील का पत्थर है। सैन्य अभ्यास का यह संस्करण दोनों देशों की सेना और वायु सेना के कर्मियों द्वारा पहली बार द्वि-सेवा स्तर की भागीदारी के साथ अभ्यास के दायरे में वृद्धि को दशार्ता है। अभ्यास में 47 कर्मियों वाली भारतीय सेना की टुकड़ी का प्रतिनिधित्व कोर आॅफ इंजीनियर्स की एक रेजिमेंट के साथ-साथ अन्य हथियारों और सेवाओं के कर्मियों द्वारा किया जा रहा है। समान ताकत वाली वियतनामी टुकड़ी का प्रतिनिधित्व वियतनाम पीपुल्स आर्मी के सैनिक करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">विनबैक्स-2024 का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत शांति अभियानों में संयुक्त राष्ट्र दल के हिस्से के रूप में इंजीनियरिंग कार्यों को करने के लिए इंजीनियर कंपनी और मेडिकल टीमों की संयुक्त सैन्य क्षमता को बढ़ाना है। द्विपक्षीय अभ्यास के पिछले संस्करणों से बढ़े हुए दायरे के साथ एक फील्ड प्रशिक्षण अभ्यास के रूप में विनबैक्स का आयोजन आपसी विश्वास, अंतर-संचालन को मजबूत करेगा और भारतीय सेना तथा वियतनाम पीपुल्स आर्मी के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने में सक्षम करेगा। मानवीय सहायता तथा आपदा राहत प्रदर्शन और उपकरण प्रदर्शन के साथ 48 घंटे का सत्यापन अभ्यास भी कार्यक्रम का हिस्सा है, ताकि संयुक्त राष्ट्र मिशनों में समान परिदृश्यों के तहत तकनीकी सैन्य संचालन को अंजाम देते समय दोनों टुकड़ियों द्वारा हासिल किए गए मानकों का आकलन किया जा सके। संयुक्त अभ्यास दोनों टुकड़ियों के सैनिकों को एक-दूसरे की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासतों के बारे में जानने का अवसर भी प्रदान करेगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Nov 2024 17:24:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमृतपाल की पैरोल का शांडिल्य ने किया विरोध, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[अंबाला (सच कहूँ न्यूज)। एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विश्व हिन्दू तख्त के अंतर्राष्ट्रीय प्रमुख वीरेश शांडिल्य वीरवार को पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित से मिले और पंजाब सरकार द्वारा डिब्रूगढ़ जेल में बंद खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को पैरोल देने पर विरोध जताया और उन्हें ज्ञापन सौंपा । इस अवसर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/shandilya-opposed-amritpals-parole-submitted-a-memorandum-to-the-governor/article-59427"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/ambala.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अंबाला (सच कहूँ न्यूज)।</strong> एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विश्व हिन्दू तख्त के अंतर्राष्ट्रीय प्रमुख वीरेश शांडिल्य वीरवार को पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित से मिले और पंजाब सरकार द्वारा डिब्रूगढ़ जेल में बंद खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को पैरोल देने पर विरोध जताया और उन्हें ज्ञापन सौंपा । इस अवसर पर फ्रंट के हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष कुलवंत सिंह मानकपुर, पंजाब के प्रभारी राजिंद्र सिंह बिट्टू, दिनेश गौड़, राममेहर शर्मा, मुकुल गोयल समेत कई फ्रंट सदस्य मौजूद रहे।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/the-problem-of-hair-fall-often-increases-in-monsoon-adopt-these-home-remedies-to-get-rid-of-it/">Hair Fall in Monsoon: मानसून में अक्सर बढ़ जाती हैं हेयर फॉल की समस्या, छूटकारा पाने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय…</a></p>
<p style="text-align:justify;">शांडिल्य ने राज्यपाल को दिए ज्ञापन में अमृतपाल को चार दिन की पैरोल देने का विरोध किया। वीरेश शांडिल्य ने राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित के साथ करीब 30 मिनट तक अहम मुद्दों पर चर्चा की। शांडिल्य ने कहा कि केंद्र सरकार तुरंत अपने फैसले पर पुर्नविचार करें और देश की सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा के स्पीकर भी चिंतन करें ताकि अमृतपाल सिंह शपथ न ले सके और तब तक शपथ न दिलाई जाए जब तक उस पर एनएसए लगा हुआ है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jul 2024 14:06:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सड़क हादसे में पलटी एर्टिगा, घायलों के लिए ‘प्राण रक्षक’ बने डेरा के सेवादार</title>
                                    <description><![CDATA[हादसे में छह घायल, एक बच्चे की मौत, खाटू श्याम से लौट रहे थे अंबाला (सच कहूँ न्यूज)। रविवार को अंबाला कैंट ब्लॉक के सेवादार एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केंद्र सरसा दरबार में सत्संग भंडारे में जा रहे थे। जब वो नरवाना की तरफ पहुंचे तो उन्होंने देखा कि कैथल नरवाना बाईपास […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/ertiga-overturned-in-a-road-accident-dera-servants-became-life-savers-for-the-injured/article-58001"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/ambala.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">हादसे में छह घायल, एक बच्चे की मौत, खाटू श्याम से लौट रहे थे</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>अंबाला (सच कहूँ न्यूज)।</strong> रविवार को अंबाला कैंट ब्लॉक के सेवादार एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केंद्र सरसा दरबार में सत्संग भंडारे में जा रहे थे। जब वो नरवाना की तरफ पहुंचे तो उन्होंने देखा कि कैथल नरवाना बाईपास पर एक गाड़ी पलट हुई थी। जिसके पश्चात सेवादार तुरंत मदद के लिए पहुंच गए। उन्होंने गाड़ी में फंसे 6 लोगोें को बाहर निकाला। सेवादारों ने सभी घायलों को अपनी गाड़ी में बैठाकर कैथल के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। इस हादसे में एक बच्चे की मौत भी हो गई। इस कार्य में सेवादार गुरप्रीत (अम्बाला कैंट), चरणजीत (शहजादपुर), सुनील (बराड़ा), गुरदेव (अधोया) ने अपना सहयोग दिया। गुरप्रीत इन्सां ने बताया कि उन्होंने यह कार्य पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणाओं पर चलते हुए किया। गुरप्रीत इन्सां ने बताया कि गाड़ी में सवार सभी लोग अंबाला कैंट के रहने वाले हैं और खाटू धाम की धार्मिक यात्रा से वापस आ रहे थे। वे सभी एर्टिगा गाड़ी में सवार थे और हादसे में उनकी गाड़ी सड़क से उतरकर खेतों में पलट गई थी। घायलों ने डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों व पूज्य गुरुजी का धन्यवाद किया, जिनकी वजह से उन्हें सही समय पर सहायता मिल पाई।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 May 2024 11:17:49 +0530</pubDate>
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