<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/chitta/tag-8481" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Chitta - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/8481/rss</link>
                <description>Chitta RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>युवाओं को नशा बेचना छोड़ दो, नहीं तो आएगी शामत</title>
                                    <description><![CDATA[चिट्टे के विरुद्ध लोगों के गुस्से ने नशा(Drug)व्यापारियों का उड़ाया रंग संगरूर(गुरप्रीत सिंह)। पंजाब में पिछले एक दशक से चल रही ‘चिट्टे’ नशा(Drug) की आंधी अब कुछ थमने लगी है। 1978 में पंजाब में फसलों को चट करने आए टिड्डी दल के विरुद्ध जैसे लोगों ने थालियां-पीपे उठा कर एकता के साथ इस फसली लड़ाई विरुद्ध […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/sale-drug-intoxicants-youth-tolerable/article-5275"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/drug.jpg" alt=""></a><br /><h2>चिट्टे के विरुद्ध लोगों के गुस्से ने नशा(Drug)व्यापारियों का उड़ाया रंग</h2>
<p><strong>संगरूर(गुरप्रीत सिंह)</strong>। पंजाब में पिछले एक दशक से चल रही ‘चिट्टे’ नशा(<strong>Drug</strong>) की आंधी अब कुछ थमने लगी है। 1978 में पंजाब में फसलों को चट करने आए टिड्डी दल के विरुद्ध जैसे लोगों ने थालियां-पीपे उठा कर एकता के साथ इस फसली लड़ाई विरुद्ध लोहा लिया था बिल्कुल उसी की तरह युवाओं को बर्बाद करने वाले ‘चिट्टे’ के खिलाफ पंजाबियों की लड़ाई में झलक साफ दिखाई पड़ रही है।</p>
<p>गांवों में जिस तरह के ठीकरी पहरे या इस प्रति आम गांव वासियों में आई चेतना ने ‘चिट्टे’ के व्यापारियों के रंग ही उड़ा दिए हैं। नि:संदेह सरकार या पुलिस व सिविल प्रशासन की ओर से पिछले लंबे समय से कागजी कार्रवाईयों में समय बर्बाद किया जा रहा हैं परंतु बिल्कुल सही मौके पर लोगों ने नशो के व्यापारियों के विरुद्ध हाथों में पकड़े डंडों का प्रभाव जमीन स्तर पर देखने को मिल रहा है।</p>
<p>जानकारी मुताबिक बड़ी संख्या में गांवों के लोगों ने नशों विरुद्ध डटना शुरू कर दिया है। सिर्फ जिला संगरूर के कई गांवों में लोगों की ओर से ‘चिट्टे’ के विरुद्ध ठीकरी पहरे दिए जाने लगे हैं। गांव के युवाओं की ओर से गांव के गुरू घरों में सीधी अनाऊंसमैंट करवाई जा रही है कि यदि गांव में कोई नशा<strong>(Drug</strong>) करता या बेचता पकड़ा गया तो उसकी धुनाई की जाएगी।</p>
<h2>सोशल मीडिया में  छाई वीडियो</h2>
<p>सोशल मीडिया पर नशेड़ियों व व्यापारियों के धुनाई की बड़ी संख्या में वीडियो ने भी नशों के व्यापारियों में डर भर दिया है। बासिअर्थ गांव में भी ऐसी अनाऊंसमैंट की खबरें सुनने को मिली हैं । इस संबंधी बातचीत करते युवा समाज सेवीं रुपिन्दर धीमान किक्की ने कहा कि गांववासियों का नशे के विरुद्ध डटना एक शुभ संकेत है यदि लोग इसी तरह पहरा देते रही तो हम पंजाब की जवानी को बचाने में कामयाब हो जायेंगे उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को भी लोगों की इस मामले में पूरी मदद करनी चाहिए और अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी के साथ निभानी चाहिए।</p>
<h2>‘मैने नशा त्यागने की ठान ली’</h2>
<p>इस संबंधी बातचीत करते ‘चिट्टे’ के नशे से पीड़ित बलविन्दर सिंह, (काल्पनिक नाम) जिसका अभी ईलाज चल रहा है उसने बताया कि अब उसने नशे को त्यागने की ठान ली है। उसका पिछले माह से नशा मुक्ति केन्द्र में ईलाज चल रहा है। उसने अन्य नशा करने वाले युुवाओं को अपील की है कि वह नशे को त्याग जीवन की मुख्य धारा में शामिल हों।</p>
<h2>नशा छुड़ाओ केन्द्रों में ‘चिट्टा’ छोड़ने वाले युवाआें की बढ़ने लगी संख्या</h2>
<p>सरकारी व प्राईवेट नशा छुड़ाओ केन्द्रों में पिछले दो माह से ‘चिट्टे’ के नशो की आदत से पिछा छुडवाने वाले युवाओं की संख्या बढ़ने लगी है इस संबंधी बातचीत करते नशा छुड़ाओ केंद्र के प्रॉजैक्ट डायरैक्टर मोहन शर्मा ने बताया कि उन्होंने संगरूर स्थित केंद्र में 14 जनों की जगह (केपैस्टी) है और नशा छोड़ने वालों का इन्तजार सूची (वेटिंग लिस्ट) लम्बी होती जा रही है उन्होंने बताया कि पिछले दो तीन माह में ‘चिट्टे’ का नशा छोड़ने वालों की संख्या अधिक बढ़ी है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस समय पर भी केंद्र में भर्ती युवा 50 प्रतिशत ‘चिट्टे’ का नशा छोड़ने के लिए आए हुए हैं। उन्होंने बताया कि 45 दिनों के कोर्स में उन का सारा ध्यान कौंसलिंग पर ही रहता है क्योंकि ‘चिट्टे’ के आदी हो चुके युवाआें का ध्यान ओर तरफ लगाना एक चुनौतीपूर्ण काम है। उन्होंने यह भी कहा सिर्फ दवाओं के सहारे किसी का नशा नहीं छुडवाया जा सकता, उसके लिए सरकारों को युवाओं को सही दिशा देने के लिए निचले स्तर तक पूरा ध्यान देना होगा।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/sale-drug-intoxicants-youth-tolerable/article-5275</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/sale-drug-intoxicants-youth-tolerable/article-5275</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Aug 2018 16:52:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/drug.jpg"                         length="264232"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        