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                <title>digital - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>कर्मचारियों के कामकाज पर अब डिजिटल सिस्टम रखेगा नजर</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब अधिकारियों और कर्मचारियों के कामकाज की निगरानी डिजिटल माध्यम से होगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/now-digital-system-will-keep-an-eye-on-the-work/article-85298"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-06/online-admission-process-for-postgraduate-latter.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Haryana Digital System: हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब अधिकारियों और कर्मचारियों के कामकाज की निगरानी डिजिटल माध्यम से होगी। इसके लिए संशोधित एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) फ्रेमवर्क और डिजिटल परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं। पारंपरिक एसीआर व्यवस्था को धीरे-धीरे डिजिटल रूप दिया जाएगा। नए प्रारूप में कर्मचारियों के कार्य, उपलब्धियां और प्रदर्शन को परिणाम-आधारित तरीके से दर्ज किया जाएगा, ताकि मूल्यांकन अधिक वस्तुनिष्ठ हो सके। <br />सरकार ने उन अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची मांगी है जिनकी एसीआर सबसे अधिक लंबित है।</p>
<p style="text-align:justify;">उद्देश्य है कि पेंडेंसी खत्म कर समयबद्ध मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए। अप्रैल 2027 से मैनुअल एसीआर प्रणाली पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी और सभी मूल्यांकन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होंगे। एनआईसी अथवा तकनीकी टीम एक आॅनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार करेगी, जो एचआरएमएस पोर्टल से जुड़ा रहेगा और कर्मचारियों के कार्य का वास्तविक समय में आकलन करेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बोर्ड पर रैंकिंग होगी सार्वजनिक</h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव की वेबसाइट पर एक विशेष ‘आॅनर बोर्ड’ विकसित किया जाएगा, जिसमें कर्मचारियों की प्रदर्शन-आधारित रैंकिंग प्रदर्शित होगी। यह व्यवस्था राज्य, जिला और खंड स्तर तक लागू होगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले और कमजोर प्रदर्शन वाले दोनों कर्मचारियों की रैंकिंग सार्वजनिक होगी। सरकार का मानना है कि नई प्रणाली से प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार होगा तथा कर्मचारियों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2022-05/digital-education.jpg" alt="Digital-Education" width="714" height="459"></img>
सांकेतिक फोटो

<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 20:23:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिजिटल डेटा सुरक्षा पर आमजन को खुलकर अपनी बात करनी चाहिए</title>
                                    <description><![CDATA[हाल ही में सरकार द्वारा डिजिटल निजी डाटा संरक्षण विधेयक, 2022 के प्रारूप को साझा करते हुए लोगों से सुझाव मांगे। गौरतलब है कि आज लोगों की निजी जानकारी एप्स, वेबसाइट्स, सेवा प्रदाता समेत विभिन्न प्रकार से डिजिटल माध्यमों से साझा की जाती है। हम जानते हैं कि इस डिजिटल युग में जब हम किसी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/common-people-should-openly-talk-about-digital-data-security/article-41547"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/hackers1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">हाल ही में सरकार द्वारा डिजिटल निजी डाटा संरक्षण विधेयक, 2022 के प्रारूप को साझा करते हुए लोगों से सुझाव मांगे। गौरतलब है कि आज लोगों की निजी जानकारी एप्स, वेबसाइट्स, सेवा प्रदाता समेत विभिन्न प्रकार से डिजिटल माध्यमों से साझा की जाती है। हम जानते हैं कि इस डिजिटल युग में जब हम किसी एप को डाउनलोड करते हैं तो हमें विभिन्न प्रकार की अनुमति देने के लिए पूछा जाता है। यदि उपभोक्ता इसके लिए मना करता है तो उस एप को इस्तेमाल ही नहीं किया जा सकता। यही बात डिजिटल समाचार पत्रों, विभिन्न सेवा प्रदाताओं की वेबसाइट पर भी लागू होती है। ऐसे में लोगों की इन निजी जानकारियों का संरक्षण, अथवा उस निजी जानकारी का बिना उनकी सहमति के, अन्य द्वारा प्रयोग प्रतिबंधित करने के लिए एक कानून की जरूरत महसूस की जा रही थी। इस विधेयक में यह प्रावधान रखा गया है कि चाहे किसी व्यक्ति ने पहले से अनुमति दी हुई हो तो भी उसे ‘कोन्सेंट मैनेजर’ के माध्यम से वापस लिया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">विधेयक में यह भी प्रावधान है कि 18 साल से नीचे के व्यक्तियों (किशोरों/ किशोरियों, बच्चों) द्वारा बिना अभिभावकों की अनुमति के उन एप्स अथवा सेवाओं का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इस संबंध में एक बोर्ड के गठन का भी प्रावधान रखा गया है जो इस कानून के बारे में संबंधित पक्षों को जानकारी और स्पष्टता प्रदान करेगा। सरकार द्वारा देश की एकता और संप्रभुता, सुरक्षा, अन्य देशों से मित्रतापूर्ण संबंध, या अपराधों हेतु उकसाने को रोकने जैसे मामलों के संदर्भ में, सरकार को इस विधेयक के प्रावधानों से मुक्त रखा गया है। इस विधेयक के आलोचकों का मानना है कि गूगल, फेसबुक, अमेजन और अन्य बड़ी टेक कंपनियों के व्यवसाय को देखते हुए, यह राशि कंपनियों के आकार और उनके द्वारा डाटा के दुरुपयोग के माध्यम से की जाने वाली कमाई की तुलना में बहुत कम है। जरूरत है एक ऐसे कानून की जिसके माध्यम से देश के डाटा पर देश का संप्रभु अधिकार हो।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही उस डाटा को सवंर्धित कर कृत्रिम बुद्धिमत्ता और विभिन्न प्रकार की अन्य जानकारियों पर बड़ी टेक कंपनियों, ई-कॉमर्स और सोशल मीडिया कंपनियों का एकाधिकार होने से रोका जाए। हमें समझना होगा कि निजी डाटा का ही अनामीकरण और प्रसंस्करण कर उससे गैर निजी डाटा का निर्माण होता है और समाज के विभिन्न वर्गों के वित्तीय समेत आर्थिक और सामाजिक व्यवहारों के बारे में जानकारियां एकत्र की जाती हैं। हमें यह समझने की जरूरत है कि विकसित देश अपनी कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मकता को सुविधाजनक बनाने को डाटा का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रहे हैं। भारत को न केवल देश में उत्पादित डाटा का स्वामी होने की आवश्यकता है; हमारे देश की भौगोलिक सीमाओं के भीतर डाटा की गणना करने की भी आवश्यकता है।</p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Dec 2022 10:19:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी स्कूलों के डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रहे कदम</title>
                                    <description><![CDATA[संपर्क फाउंडेशन हरियाणा के 4350 प्राइमरी सरकारी स्कूलों में लगा रहा एसटीवी बाक्स टीवी पर देखकर पढ़ाने में मिलेगी मदद सरसा(सच कहूँ/सुनील वर्मा)। सरकारी स्कूलों में डिजिटलाइजेशन करने की तरफ कदम बढ़ाया जा रहा है। इसी को लेकर शिक्षा विभाग प्राइमरी स्कूलों में संपर्क फाउंडेशन के माध्यम से पांच शैक्षिक नवाचारों की मदद से स्कूली […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/steps-moving-towards-digitization-of-government-schools/article-32114"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-04/school-digitization.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:center;"><strong>संपर्क फाउंडेशन हरियाणा के 4350 प्राइमरी सरकारी स्कूलों में लगा रहा एसटीवी बाक्स</strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>टीवी पर देखकर पढ़ाने में मिलेगी मदद</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा(सच कहूँ/सुनील वर्मा)।</strong> सरकारी स्कूलों में डिजिटलाइजेशन करने की तरफ कदम बढ़ाया जा रहा है। इसी को लेकर शिक्षा विभाग प्राइमरी स्कूलों में संपर्क फाउंडेशन के माध्यम से पांच शैक्षिक नवाचारों की मदद से स्कूली शिक्षा में महत्वपूर्ण बदलाव लाने में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में फाउंडेशन ने एक और कदम आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के 4350 प्राइमरी स्कूलों में संपर्क टीवी बाक्स लगाये जा रहे है। बाक्स टीवी से जोड़कर संपर्क स्मार्ट शाला की विषय वस्तु को टीवी पर देखकर पढ़ाने में विद्यार्थियों को मदद मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सरसा जिला में फाउंडेशन द्वारा 160 एसटीवी बाक्स भेजे गए है। इनमें सरसा व रानियां खंड के 30-30 स्कूल शामिल है। जबकि बड़ागुढां, डबवाली, ऐलनाबाद, नाथूसरी चौपटा व ओढां ब्लॉक में 20-20 बाक्स भेजे गये हैं। स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से राज्य के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर संपर्क फाउंडेशन द्वारा भिजवाए जा रहे संपर्क टीवी बॉक्स की रिसिविंग और स्टोर करने के बारे में निर्देश जारी किये गये है। सभी जिलों में उपरोक्त एसटीवी बॉक्स पहुंचना शुरू हो गए है। अब संपर्क फाउंडेशन के सहयोग से बॉक्स में कंटेट अपलोड करवाकर स्कूलों में भेजे जाएंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>किस जिले में आये कितने बॉक्स</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">संपर्क फाउंडेशन द्वारा राज्य में 4350 एसटीवी बॉक्स भिजवाए गए है। इनमें अंबाला में 328, भिवानी में 202, चरखीदादरी में 144, फरीदाबाद में 237, फतेहाबाद में 310, गुरुग्राम में 363, हिसार में 113, झज्जर में 198, जींद में 79, कैथल में 223, करनाल में 152, कुरुक्षेत्र में 170, महेन्द्रगढ़ में 331, नुहं में 72, पलवल में 209, पंचकूला में 273, पानीपत में 141, रेवाड़ी में 73, रोहतक में 212, सरसा में 160, सोनीपत में 65 व यमुनानगर में 295 बॉक्स भेजे गए है।</p>
<p style="text-align:justify;"><em><strong>प्राइमरी स्कूलों में संपर्क फाउंडेशन के माध्यम से पांच शैक्षिक नवाचारों की मदद से स्कूली शिक्षा में महत्वपूर्ण बदलाव लाया जाएगा। जिसको लेकर फाउंडेशन ने प्रदेश के 4350 प्राइमरी स्कूलों में संपर्क टीवी बॉक्स भेजे जा रहे है।</strong></em><br />
<em><strong>– संजय मोंगा, नोडल अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सरसा।</strong></em></p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/steps-moving-towards-digitization-of-government-schools/article-32114</link>
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                <pubDate>Wed, 06 Apr 2022 10:12:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नयी डिजिटल तकनीक लोकतांत्रिक, मानवीय मूल्यों पर केन्द्रित हो : मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व में डिजीटल जगत में हो रही क्रांति में लोकतांत्रिक मूल्यों की अनिवार्यता पर बल देते हुए कहा कि भारत में डिजीटलीकरण के माध्यम से शासन, समावेशन, सशक्तीकरण, कनेक्टिविटी एवं लाभों के हस्तांतरण एवं कल्याणकारी पहल में जबरदस्त बदलाव आ रहे हैं। मोदी ने प्रथम सिडनी डॉयलॉग में मुख्य […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/new-digital-technology-should-be-democratic-focused-on-human-values-modi/article-28463"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/pm-narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व में डिजीटल जगत में हो रही क्रांति में लोकतांत्रिक मूल्यों की अनिवार्यता पर बल देते हुए कहा कि भारत में डिजीटलीकरण के माध्यम से शासन, समावेशन, सशक्तीकरण, कनेक्टिविटी एवं लाभों के हस्तांतरण एवं कल्याणकारी पहल में जबरदस्त बदलाव आ रहे हैं। मोदी ने प्रथम सिडनी डॉयलॉग में मुख्य वक्तव्य में साइबर विश्व के विषय पर बोलते हुए आगाह किया कि भविष्य की तकनीक को लेकर दुनिया के तमाम लोकतांत्रिक देशों को मानवीय मूल्यों का ध्यान रखना होगा और तकनीक के दुरुपयोग की संभावना से युवा पीढ़ी को बचाना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सिडनी डॉयलॉग में उन्हें निमंत्रित करना ना केवल भारत के लिए सम्मान की बात है बल्कि यह हिन्द प्रशांत क्षेत्र तथा उभरते डिजीटल जगत में भारत की केन्द्रीय भूमिका को मान्यता देना है। उन्होंने कहा कि डिजीटल जगत में हमारे इर्दगिर्द हर चीज़ बदल रही है। इसने राजनीति, अर्थव्यवस्था एवं समाज को पुनर्परिभाषित किया है तथा संप्रभुता, शासन, नैतिकता, कानून, अधिकारों एवं सुरक्षा को लेकर नये सवाल खड़े किये हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्द्धा, शक्ति एवं नेतृत्व को भी नये सिरे से आकार दिया है। प्रधानमंत्री ने भारत में डिजीटल तकनीक के कारण पांच महत्वपूर्ण बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि हम विश्व का सर्वाधिक विस्तृत जनसूचना अवसंरचना बना रहे हैं। 1.3 अरब भारतीयों के पास एक डिजीटल पहचान है।</p>
<p style="text-align:justify;">हम छह लाख गांवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने वाले हैं। दूसरा- हम डिजीटल तकनीक के माध्यम से शासन, समावेशन, सशक्तीकरण, कनेक्टिविटी तथा लाभों एवं कल्याणकारी पहल के हस्तांतरण से लोगों के जीवन में परिवर्तन ला रहे हैं। तीसरा – भारत में विश्व का तीसरा सबसे तेजी से बढ़ता स्टार्ट अप ईको सिस्टम है। हर सप्ताह नये-नये यूनीकॉर्न्स आ रहे हैं और वे स्वास्थ्य एवं शिक्षा से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक हर क्षेत्र में समाधान मुहैया करा रहे हैं। चौथा – भारत का उद्योग एवं सेवा क्षेत्रों खासकर कृषि क्षेत्र में बहुत व्यापक बदलाव हो रहे हैं। हम स्वच्छ ऊर्जा, संसाधनों एवं जैवविविधता के संरक्षण में डिजीटल तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। पांचवा – भारत को भविष्य के लिए तैयार करने के वास्ते बहुत बड़े स्तर पर प्रयास चल रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हम 5जी एवं 6जी जैसी टेलीकॉम तकनीक में स्वदेशी क्षमता विकसित करने के लिए निवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं मशीन से सीखने के क्षेत्र में काम करने वाले अग्रणी देशों में से एक है जो एआई का मानव केन्द्रित एवं नैतिक उपयोग पर काम कर रहा है। हम क्लाउड प्लेटफॉर्म्स एवं कम्प्यूटिंग में मजबूत क्षमताओं को विकसित कर रहे हैं। यही हमारी डिजीटल संप्रभुता एवं टिकाऊ बने रहने का मंत्र है। हम क्वांटम कम्प्यूटिंग में विश्वस्तरीय क्षमताएं विकसित कर रहे हैं। हमारा अंतरिक्ष कार्यक्रम हमारी अर्थव्यवस्था एवं सुरक्षा का एक अहम हिस्सा है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/new-digital-technology-should-be-democratic-focused-on-human-values-modi/article-28463</link>
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                <pubDate>Thu, 18 Nov 2021 11:01:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>डिजिटल अंतर घटायें युवा : नायडू</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने युवाओं से डिजीटल अंतर घटाने का आह्वान करते हुए बुधवार को कहा कि प्रत्येक भारतीय को अपनी मातृभाषा के अलावा एक अन्य भाषा सीखनी चाहिए। नायडू ने विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर यहां जारी एक संदेश में कहा कि इस वर्ष की मुख्य विषय वस्तु […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/youth-to-reduce-digital-gap-naidu/article-26627"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-09/naidu.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने युवाओं से डिजीटल अंतर घटाने का आह्वान करते हुए बुधवार को कहा कि प्रत्येक भारतीय को अपनी मातृभाषा के अलावा एक अन्य भाषा सीखनी चाहिए। नायडू ने विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर यहां जारी एक संदेश में कहा कि इस वर्ष की मुख्य विषय वस्तु ‘डिजीटल अंतर घटायें’ हैं। यह कोविड महामारी के दौरान डिजीटल मंचों की बढ़ती भूमिका के अनुरूप है।</p>
<p style="text-align:justify;">उपराष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षित युवाओं को आगे आना चाहिए और परिवार, पड़ोस और आसपास डिजीटल अंतर समाप्त करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘साक्षरता ही शिक्षा की कुंजी है। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर आग्रह करता हूँ कि किसी एक भारतीय भाषा के अक्षरों और अंकों को सीखना प्रारंभ करें, कुछ सरल शब्दों को पढ़ना और लिखना सीखें। इस अवसर को सार्थक बनाएं।’</p>
<p> </p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Sep 2021 14:16:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मैक्स लाइफ की डिजिटल पहल</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। बीमा क्षेत्र की कंपनी मैक्स लाइफ इंश्योरेंस (Max Life Insurance ) कंपनी लिमिटेड ने कोरोना वायरस से उत्पन्न स्थितियों में नई डिजिटल पहलों के साथ उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने की कोशिश कर रही है। कंपनी ने आज यहां जारी बयान में कहा कि काम करने के नए डिजिटल तरीकों के ज़रिए उपभोक्ता […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> बीमा क्षेत्र की कंपनी मैक्स लाइफ इंश्योरेंस (Max Life Insurance ) कंपनी लिमिटेड ने कोरोना वायरस से उत्पन्न स्थितियों में नई डिजिटल पहलों के साथ उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने की कोशिश कर रही है। कंपनी ने आज यहां जारी बयान में कहा कि काम करने के नए डिजिटल तरीकों के ज़रिए उपभोक्ता सेवा और दावों के प्रबंधन को सुचारू रूप से चलाया जा रहा है। कोविड -19 के प्रभाव के बावजूद मैक्स लाइफ अपने उपभोक्ताओं के वित्तीय भविष्य की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। ये उपाय यह सुनिश्चित करने के लिए किए गए हैं कि वर्तमान हालातों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भी उपभोक्ताओं को पूरी सुरक्षा दी जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी ने संपर्क रहित तरीके से उपभोक्ताओं को बीमा सेवाएं देने और दावों को पूरा करने के लिए ऑपरेशन, दावों, सर्विसिंग और पूरी वैल्यू चेन को डिजिटाइज़ कर दिया है। अधिकांश कर्मचारियों के घर से काम करने के बावजूद मैक्स लाइफ ने मार्च 2020 की दूसरी छमाही में कुल 1,938 व्यक्तिगत और ग्रुप मृत्यु दावों की प्रक्रिया पूरी की है। मैक्स लाइफ ने दावों से जुड़े सभी दस्तावेज़ों को ऑनलाइन स्वीकार करने के लिए अपना दावा प्रबंधन को भी डिजिटल कर दिया है। उपभोक्ता वेबसाइट पर उपलब्ध सेल्फ-सर्विस विकल्पों, डिजिटल बॉट्स और एआई से चलने वाले इंटरैक्टिव वॉयस रिस्पोंस (आईवीआर) का इस्तेमाल करके समय पर दावा भर सकते हैं।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2020 13:20:21 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर अपराध रोकने की चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[Challenges of Cyber Security: देश में डिजिटल लेन-देन और कैशलेश अर्थव्यवस्था को गति दिए जाने के तहत भारतीय बैंकों ने भले ही अपनी सेवाओं को काफी हद तक आॅनलाइन कर दिया है और ऐप के जरिए सेवाएं देने लगे हैं, लेकिन चिंताजनक तथ्य यह है कि बैंकों की सेवाओं को लेकर देश के लोग संतुष्ट […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/challenging-the-cyber-crime-prevention/article-3305"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/cyber-.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><em><strong>Challenges of Cyber Security:</strong></em> देश में डिजिटल लेन-देन और कैशलेश अर्थव्यवस्था को गति दिए जाने के तहत भारतीय बैंकों ने भले ही अपनी सेवाओं को काफी हद तक आॅनलाइन कर दिया है और ऐप के जरिए सेवाएं देने लगे हैं, लेकिन चिंताजनक तथ्य यह है कि बैंकों की सेवाओं को लेकर देश के लोग संतुष्ट नहीं हैं। उसका एक प्रमुख कारण साइबर अपराध में लगातार हो रही वृद्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाल ही में अमेरिकी कंपनी एफआईएस ने वैश्विक स्तर पर कुछ ऐसा ही खुलासा किया है। उसने अपने तीसरे वार्षिक परफार्मेंस अगेंस्ट कस्टमर एक्सपेक्टेशन सर्वेक्षण में पाया है कि देश के लोग विशेषकर 18 से 36 वर्ष के आयु वर्ग के युवा उपभोक्ता अपनी सुविधानुसार किसी भी समय कहीं से भी जुड़े रहना चाहते हैं और बैंक शाखा तक जाना पसंद नहीं करते।</p>
<p style="text-align:justify;">सर्वेक्षण में कहा गया है कि दुनिया के अन्य बैंकों की तरह भारतीय बैंक भी अपने ग्राहकों की अपेक्षाओं की कसौटी पर खरा नहीं उतर रहे हैं। बैंकों की जो सबसे बड़ी समस्या साइबर अपराध रोकने की है, उसमें वह बुरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं। अभी पिछले ही दिनों सरकार के आंकड़ों से उद्घाटित हुआ कि पिछले तीन वित्त वर्ष में बैंकों से जुड़े साइबर अपराध के 43,204 मामले सामने आए हैं, जिसमें अपराधियों ने 232.32 करोड़ रुपए का चूना लगाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक अध्ययन में कहा गया है कि अगर साइबर अपराध पर नियंत्रण नहीं कसा गया, तो साइबर हमलावर न्यूक्लियर प्लांट, रेलवे, ट्रांसपोर्टेशन और अस्पतालों जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर कंट्रोल कर सकते हैं, जिसके नतीजे में पावर फेलियर, वाटर पॉल्युशन, बाढ़ जैसी गंभीर समस्या उत्पन हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">साइबर अपराध के मामले में अमेरिका और चीन के बाद भारत तीसरे नंबर पर है। आज भारत की बड़ी आबादी डिजिटल जिंदगी जी रही है। अधिकांश लोग बैंक खाते से लेकर निजी गोपनीय जानकारी तक कंप्यूटर और मोबाइल फोन में रखने लगे हैं। इंटरनेट उपयोग करने के मामले में दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इंटरनेट पर जितनी तेजी से निर्भरता बढ़ी है, उतना ही तेजी से खतरे भी बढ़े हैं। यहीं वजह है कि हैकिंग की वारदातें भी बढ़ती जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की ही बात करें, तो यहां ऐसी अनेक देशी-विदेशी कंपनियां हैं, जो इंटरनेट आधारित कारोबार एवं सेवाएं प्रदान कर रही हैं। उचित होगा कि भारत सरकार ऐसी कंपनियों पर निगरानी रखने के लिए एक ऐसी निगरानी तंत्र को विकसित करे, जो इन कंपनियों के कार्यप्रणाली पर कड़ी नजर रखे।</p>
<p style="text-align:justify;">उचित यह भी होगा कि जिन कंपनियों की कार्यप्रणाली संदिग्ध नजर आए उन पर शीध्र शिकंजा कस कानूनी कार्रवाई की जाए। ऐसे कंपनियों का लाइसेंस निरस्त किया जाए जो साइबर सुरक्षा से संबंधित नियमों का पालन करने में कोताही बरतती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा देश में अनेक ऐसी विदेशी कंपनियां सेवाएं दे रही हैं जिनका सर्वर अपने देश में नहीं है। ऐसी कंपनियों को निगरानी की जद में रखना एक बड़ी चुनौती है। ऐसा नहीं है कि भारत में साइबर अपराध रोकने के लिए कानून नहीं है। भारत में साइबर अपराध को तीन मुख्य अधिनियमों के अंतरर्गत रखा गया है। ये अधिनियम हैं-सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, भारतीय दंड संहिता और राज्य स्तरीय कानून।</p>
<p style="text-align:justify;">सच कहें तो साइबर अपराध के बदलते तरीकों और घटनाओं ने भीषण समस्या का रुप ग्रहण कर लिया है। जुर्म की दुनिया में अपराधी हमेशा कानून को गुमराह करने के लिए नए-नए तरीके ईजाद कर लेते हैं। देखा भी जा रहा है कि साइबर अपराधी आए दिन देश में साइबर तकनीक के जरिए जहरीला माहौल निर्मित करने का काम कर रहे हैं और सरकार चाहकर भी उस पर रोक लगाने में विफल है।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां ध्यान देना होगा कि साइबर अपराध के खेल में अमेरिका, रुस, चीन, ब्रिटेन, जापान बड़े खिलाड़ी है। अमेरिका की साइबर सेंधमारी की कारस्तानी का विकलीक्स द्वारा खुलासा किया जा चुका है। हैकिंग के जरिए रक्षा-सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने का मामला दुनिया में अनगिनत बार उजागर हो चुका है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश में अभी भी साइबर अपराध गैर जमानती नहीं है। साथ ही इसके लिए अधिकतम सजा तीन साल है। उचित होगा कि सरकार साइबर अपराध से जुड़े कानूनों में फेरबदल कर इसे कठोर बनाए तथा सजा की दर बढ़ाए।</p>
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                <pubDate>Wed, 23 Aug 2017 00:39:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब मोबाइल व ईमेल पर मिलेंगे बिजली बिल</title>
                                    <description><![CDATA[बिजली बिल वितरण को डिजीटल करने का प्रयास जालंधर (सच कहूँ न्यूज)। पावरकॉम ने डिजिटल तरीके से बिजली के बिल के वितरण की योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभाग जल्द एसएमएस सेवा व ई-मेल से बिल पहुंचाने से लेकर अन्य सुविधाएं आॅनलाइन करने जा रहा है। इसके […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/electricity-bill-will-be-now-available-on-mobile-and-email/article-2021"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/online.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">बिजली बिल वितरण को डिजीटल करने का प्रयास</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>जालंधर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पावरकॉम ने डिजिटल तरीके से बिजली के बिल के वितरण की योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभाग जल्द एसएमएस सेवा व ई-मेल से बिल पहुंचाने से लेकर अन्य सुविधाएं आॅनलाइन करने जा रहा है। इसके लिए पावरकॉम अधिकारियों को अपने-अपने जिले के उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर व ई-मेल एड्रेस एकत्रित कर विभाग को भेजने के निर्देश दिए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">डिजिटल सुविधा देने की योजना</h3>
<p style="text-align:justify;">पंजाब में करीब 85 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इसके चलते राज्य भर में कई जिलों में बिजली बिल ज्यादा व समय पर न मिलने की शिकायत आ रही है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कई जिलों से बिजली बिल ज्यादा आने व समय पर बिजली बिल न मिलने की काफी समस्याएं आ रहीं थीं। इस समस्या को खत्म करने के लिए विभाग ने हरेक उपभोक्ता के मोबाइल नंबर को आधार कार्ड के साथ जोड़ने तथा ई-मेल एड्रेस की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">उपभोक्ताओं को होगा ये फायदा</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">योजना के लागू हो जाने से उपभोक्ताओं के घर रीडिंग लेने पहुंचा कर्मचारी रीडिंग की जानकारी ब्रांच में बैठे कर्मचारी को देगा</li>
<li style="text-align:justify;">आॅनलाइन बिल तैयार होते ही रीडिंग, बिल की राशि बिल जमा करवाने की अंतिम तारीख एसएमएस के जरिए उपभोक्ताओं को मोबाइल फोन पर या फिर ई-मेल एड्रेस पर उपलब्ध करवाने के अलावा आउटस्टैडिंग अमाउंट, बिल पेमेंट डेट व पैसे जमा करवाने की रसीद मोबाइल या फिर ई-मेल पर ही उपलब्ध हो जाएगी</li>
<li style="text-align:justify;">ऐसा होने से उपभोक्ताओं को बिल के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेगे।</li>
<li style="text-align:justify;">योजनाओं के बारे में भी उपभोक्ताओं को आनलाइन ही सूचित किया जाएगा।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">डिजिटलाइजेशन को उपभोक्ताओं को होगा लाभ</h3>
<p style="text-align:justify;">पावरकॉम के डिजिटलाइजेशन का लाभ उपभोक्ताओं को होगा। लेकिन लाखों की संख्या में उपभोक्ता से उनके मोबाइल नंबर व ई-मेल एड्रेस एकत्रित करने में समय लगेगा। मीटर रीडर व कैशियरों की ड्यूटी उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर व ई-मेल एड्रेस लेने के लिए लगाई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><em>परविंदर सिंह, डिप्टी चीफ इंजीनियर पावरकॉम।</em></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/electricity-bill-will-be-now-available-on-mobile-and-email/article-2021</link>
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                <pubDate>Thu, 06 Jul 2017 07:46:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैशलेस को बढ़ावा, जल्द बनेगा डिजीटल इंडिया</title>
                                    <description><![CDATA[संगरूर में 30 प्रतिशत दुकानदारों ने अपनाया लोग पेटीएम, डेबिट/ क्रेडिट कार्ड से कर रहे भुगतान Sangrur, Naresh:  नोटबंदी के बाद कैशलेस लेनदेन की ओर से लोग तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। ई-पेमेंट आसान है। यदि आपके पास स्मार्ट फोन है तो आप भुगतान के लिए एप डाउनलोड कीजिए और बैंक से ई-ट्रांजेक्शन कीजिए। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/promote-cashless-will-soon-digital-india/article-496"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/03-15.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>संगरूर में 30 प्रतिशत दुकानदारों ने अपनाया</strong></li>
<li><strong>लोग पेटीएम, डेबिट/ क्रेडिट कार्ड से कर रहे भुगतान</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>Sangrur, Naresh:</strong>  नोटबंदी के बाद कैशलेस लेनदेन की ओर से लोग तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। ई-पेमेंट आसान है। यदि आपके पास स्मार्ट फोन है तो आप भुगतान के लिए एप डाउनलोड कीजिए और बैंक से ई-ट्रांजेक्शन कीजिए। लेकिन ध्यान रखा जाए कि पासवर्ड और गोपनीय जानकारी किसी को न दें। ई-वालेट के लिए प्राइवेट कंपनी के पीटीएम के अलावा विभिन्न बैंकों के एप भी मोबाइल के प्ले स्टोर पर उपलब्ध है।<br />
संगरूर में लगभग 30 प्रतिशत दुकानदारों ने अपनी, दुकानों पर डेबिट क्रेडिट कार्ड, पेटीएम की सुविधा ले ली है जब इस प्रतिनिधि ने इस संबंधी एक प्रेमी फ्रूट जूस नामक दुकान के मालिक मंगत राम से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि आज पंजाब सहित पूरे देश में नकदी की किल्लत होने के कारण उनकी दुकानदारी भी प्रभावित होने लगी थी। उन्होंने इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए पेटीएम की सुविधा ले ली है। उन्होंने बताया कि इससे उनका बैंक अकाउंट इस सॉफ्टवेयर के जरिये खुल जाता है और इसके कोड के जरिये ग्राहक की अदायगी सीधी उसके खातो में आ जाती है।<br />
एक अन्य दुकान के मालिक रवि कुमार ने बताया कि वह कुछ दिन पहले अपनी दुकान पर स्वाईपिंग मशीन रखी है जिससे डेबिट क्रेडिट कार्ड के द्वारा आसानी से अदायगी हो रही है। उसने बताया कि हैरानी की बात है उसकी दुकान पर ज्यादा ग्राहक गांवों से आते हैं और ज्यादा गांवों के लोग कार्ड का प्रयोग कर रहे हैं।</p>
<p><strong>कैशलेस होने क्या हैं फायदे</strong><br />
<strong>– रुपये सुरक्षित रखने के झंझट से मुक्ति, ई-वॉलेट से करें भुगतान।</strong><br />
<strong>– कई कंपनियां ट्रांजेक्शन पर छूट देती हैं, इसका लाभ उठा सकते हैं।</strong><br />
<strong>– अपने मोबाइल फोन के जरिए किसी के खाते में पैसे डाल सकते हैं।</strong><br />
<strong>* लेनदेन याद रखने की जरूरत नहीं, एक क्लिक में पूरा डाटा देख सकते हैं।</strong></p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Dec 2016 22:44:05 +0530</pubDate>
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