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                <title>socialmedia - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>महाराष्ट्र में लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया पर फ़र्ज़ी खबर फैलाने के 601 मामले दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई l महाराष्ट्र में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण लगाए गए लॉकडाउन के दौरान महाराष्ट्र साइबर विभाग ने सोशल मीडिया पर अफवाह और गलत जानकारी फैलाने के आरोप में 601 मामले दर्ज किये हैं। विभाग की तरफ से इन मामलों के विश्लेषण से पता चला है कि इन कुल मामलों में 219 मामले आपत्तिजनक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/601-cases-of-fake-news-spread-on-social-media-during-lockdown-in-maharashtra/article-17636"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-08/601-cases-of-fake-news-spread-on-social-media-during-lockdown-in-maharashtra.gif" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;"><strong>मुंबई</strong> l महाराष्ट्र में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण लगाए गए लॉकडाउन के दौरान महाराष्ट्र साइबर विभाग ने सोशल मीडिया पर अफवाह और गलत जानकारी फैलाने के आरोप में 601 मामले दर्ज किये हैं। विभाग की तरफ से इन मामलों के विश्लेषण से पता चला है कि इन कुल मामलों में 219 मामले आपत्तिजनक व्हाट्सएप संदेशों को प्रसारित करने के कारण दर्ज किये गए जबकि फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने के लिए 262 मामले और टिकटाॅक पर वीडियो साझा करने के लिए 28 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा ट्विटर पर भी आपत्तिजनक ट्वीट करने के 19 मामले दर्ज किये गए हँ। वही इंस्टाग्राम पर गलत जानकारी डालने के पांच मामले और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे यूट्यूब, ऑडियो क्लिप्स आदि के गलत इस्तेमाल के 68 मामले दर्ज किये गए है। विभाग के अनुसार इन सभी मामलों में अबतक 299 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और इनमे से 136 आपत्तिजनक पोस्ट को हटा दिया गया है।</h6>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2020 10:10:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मजाक उड़ाना है तो उड़ाओ, लेकिन स्टैंडर्ड न गिराओ</title>
                                    <description><![CDATA[सोशल मीडिया पर निंदा प्रचार से दुखी सुखबीर बादल जनता से मजाक न उड़ाने की अपील सुखबीर खिलाफ लोग इस्तेमाल कर रहे गलत शब्दावली ChandiGarh, Ashwani Chawla: यदि आपको मेरा मजाक उड़ाना है तो उड़ाओ, लेकिन आलोचना का स्टैंडर्ड न गिरने दो, क्योंकि उनको आलोचना के गिरते स्टैंडर्ड से दुख हो रहा है। हर कोई […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-social-media-campaign-denouncing-the-sad-sukhbir/article-533"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/01-26.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>सोशल मीडिया पर निंदा प्रचार से दुखी सुखबीर बादल</strong></li>
<li><strong>जनता से मजाक न उड़ाने की अपील </strong></li>
<li><strong>सुखबीर खिलाफ लोग इस्तेमाल कर रहे गलत शब्दावली</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ChandiGarh, Ashwani Chawla:</strong> यदि आपको मेरा मजाक उड़ाना है तो उड़ाओ, लेकिन आलोचना का स्टैंडर्ड न गिरने दो, क्योंकि उनको आलोचना के गिरते स्टैंडर्ड से दुख हो रहा है। हर कोई कहता था कि सुखबीर ने तो पानी वाली बस का झूठ बोला है, लेकिन जब बसें बनने लगी तो अखबारों में आलोचना का स्वरूप ही बदल गया। यह अपील खुद उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल अपने फेसबुक पेज पर आम जनता को कर रहे हैं। पिछले कुछ माह से सुखबीर बादल को सोशल मीडिया पर आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है, जिस कारण उन्होंने सोशल मीडिया का ही सहारा लेते हुए अपील की कि वह आलोचना से डरते नहीं हैं लेकिन आलोचना का स्टैंडर्ड गिरना गलत है।</p>
<p><strong>मैं बहुत दुखी हूं</strong><br />
सुखबीर बादल ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि मैं कई दिनों से देख रहा हूँ कि पानी वाली बस का सोशल मीडिया पर मजाक उड़ाया जा रहा है। पहले यह मजाक बनाया था कि सुखबीर का पानी वाली बस चलाने वाला बयान झूठा है। फिर कहने लगे कि हरीके पत्तन कौन जाएगा, कैसे चलेगी यह बस। अब जब विदेश से तैयार होकर बस पंजाब में पहुंच गई तो फिर आलोचना का स्वरूप बदल गया। सुखबीर ने लिखा कि उनकी बस को किसी ने टेंपू कहा, किसी ने कहा कि यह तो मिस्त्रीयों से बनवाई है।</p>
<p><strong>आलोचकों को नसीहत</strong><br />
सुखबीर ने लिखा कि मजाक उड़ाना है तो उड़ाओ लेकिन यह बात जहन में जरूर रखो कि जब कोई वायदा पूरा हो जाता तब आपकी खुद की हालत पतली और हास्यप्रद हो जाती है। आप अपने शब्दों की भरोसे योग्यता गंवा लेते हो। पानी वाली बस की योजना कोई एकदम नहीं बनी। पूरी संभावना देखने के बाद, पंजाब को टूरिज्म के क्षेत्र में नंबर एक बनाने के लिए और हरीके पत्तन को उत्तरी भारत की बड़ी पर्यटक क्षेत्र बनाने के लिए यह तो अभी पहला कदम है।</p>
<p><strong>नहीं मानी अपील, फिर कहा झूठा</strong><br />
आलोचकों को नसीहत देने के बाद भी जनता चुप नहीं बैठी। उन्होंने निंदा प्रचार को रोकने से साफ इंकार कर दिया और फिर सुखबीर बादल को ‘गप्पी’ का कमेंट कर दिया। सुखबीर बादल के फेसबुक पेज पर ही लोगों ने काफी गलत शब्दों का प्रयोग करते हुए सुखबीर बादल को काफी कुछ लिखा है लेकिन इन शब्दों का प्रयोग अखबार में नहीं किया सकतपा है।</p>
<p><em>जनता ने अपनी हदें पाकर कर सुखबीर पर पंजाब विरोधी का आरोप लगाया भाईयो! मैंने बहुत बार कहा कि मेरी आलोचना जी भरकर करो। आपकी आलोचना से हमें आगे बढ़ने का बल मिलता है, लेकिन आलोचना का स्टैंडर्ड न गिरने दो।</em></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Dec 2016 04:15:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोशल मीडिया पर हंसी का पात्र बनी जलपरी</title>
                                    <description><![CDATA[नया प्रयास: देशी बसों के मुकाबले बेकार है बस, फेसबुक व ट्विटर पर उड़ रहा उप-मुख्यमंत्री सुखबीर बादल का मजाक करोड़ों रुपए खर्च कर विदेश से मंगवाई पानी में चलने वाली बस पंजाब के लोग मांग कर रहे सीबीआई जांच की मांग 9 करोड़ रूपए खर्च किए प्रोजैक्ट पर ChandiGarh, Ashwani Chawla:  पंजाब के हरीके […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/jalpari-became-comedy-for-people-in-punjab/article-499"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/01-21.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>नया प्रयास: देशी बसों के मुकाबले बेकार है बस, फेसबुक व ट्विटर पर उड़ रहा उप-मुख्यमंत्री सुखबीर बादल का मजाक</strong></li>
<li><strong>करोड़ों रुपए खर्च कर विदेश से मंगवाई पानी में चलने वाली बस</strong></li>
<li><strong>पंजाब के लोग मांग कर रहे सीबीआई जांच की मांग</strong></li>
<li><strong>9 करोड़ रूपए खर्च किए प्रोजैक्ट पर</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ChandiGarh, Ashwani Chawla:</strong>  पंजाब के हरीके पत्तन से सोमवार से पंजाब सरकार ने पानी वाली बस की शुरूआत की। उप-मुख्यमंत्री सुखबीर बादल इसे एक बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं, लेकिन सच्चाई कुछ ओर ही है। लोग सोशल मीडिया पर जमकर मजाक उड़ा रहे हैं। लोगों ने इस प्रोजैक्ट को सबसे बेकार प्रोजैक्ट करार दिया। इसे न केवल पैसों की बर्बादी करार दिया जा रहा है, बल्कि इस प्रोजैक्ट की सीबीआई से जांच करवाने की मांग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार उप-मुख्यमंत्री ने लगभग दो साल पहले केंद्रीय ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में जल्द ही पानी की बस चलाने का ऐलान किया था। इस ऐलान के बाद सुखबीर बादल की विरोधी पार्टियों व सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा खिल्ली उड़ाई गई, क्योंकि यह ऐलान हकीकत से काफी ज्यादा दूर नजर आ रहा था। विरोधी पार्टियों के निशाने पर आए सुखबीर बादल ने भी इस प्रोजैक्ट को अपना ड्रीम प्रोजैक्ट घोषित करते हुए हर हाल में बस को चलाने का ऐलान कर दिया था। जिसके बाद पंजाब के पर्यटन विभाग ने इस प्रोजैक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी लेते हुई एक विदेशी कंपनी को इस पानी वाली बस को तैयार करने का प्रोजैक्ट करार दिया।</p>
<p><strong>प्लेटफार्म पर तीन करोड़ रूपए किए खर्चे</strong><br />
बस को पर्यटन विभाग ने 6 करोड़ रुपए में खरीदा गया है, जबकि इस बस को पंजाब में लाने और इसे चलाने के लिए हरीके पत्तन में प्लेटफार्म तैयार करनं पर अब तक कुल 3 करोड़ रुपए खर्च आ चुके हैं। इस प्रोजैक्ट को पूरा करने पर सरकार को 9 करोड़ रुपए से ज्यादा का खर्च करना पड़ा है।</p>
<p><strong>बस का देशी लुक</strong><br />
सोमवार को सुखबीर बादल ने अपनी इस पानी वाली बस का उद्घाटन किया। उन्हें शाबाशी मिलने की बजाए सोशल मीडिया पर तलख टिप्पणीयों का सामना करना पड़ा। इस बस को देखकर कोई भी विश्वास नहीं कर सकता है कि यह विदेश से मंगवाई हो, क्योंकि इसकी लुक देखकर यूं लगता है कि इसे कोई नौसिखिया कंपनी ने पंजाब में ही तैयार किया हो।</p>
<p><strong>घोटाले की आशंका जताई</strong><br />
सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि इस मामले की सीबीआई जांच करवाई जाए, क्योंकि बस को देखकर स्पष्ट नजर आ रहा है, इसकी खरीद में बड़ा घोटाला हुआ है। यहीं ही नहीं सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी की जा रही है कि पंजाब के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है और जनता का पैसा बर्बाद कर रहे हैं।</p>
<p><em>पानी में चलने वाली बस को 6 करोड़ रुपए में खरीदा गया है, जबकि इसकी बनावट देखकर लगता नहीं कि इसकी कीमत छह करोड़ होगी। बस की बनावट भी बिल्कुल देशी तरीके की है, जिसे देखकर कोई नहीं कह सकता है कि इस बस को विदेश से तैयार करवाया गया हो। </em></p>
<p><strong>2 किलोमीटर का सफर 800 रुपए में</strong><br />
पर्यटन विभाग ने इस बस पर बैठकर सैर करने की टिकट 800 रुपए तय की। शुरूआत में यह केवल 2 किलोमीटर का सफर ही तय करेगी। इसमें कोई ओर सुविधा नहीं दी जाएगी। सोशल मीडिया पर राकेश कुमार का कहना है कि वह कुछ महीने पहले ही कश्मीर जाकर आया है। जहां डल्ल झील में क्रूज में सैर करना भी इससे ज्यादा सस्ता है, जहां कि खूबसूरत नजारे के साथ नाश्ता भी मिलता है। उन्होंने कहा कि यह बस तो एक मोटर बोट जैसी है।</p>
<p><strong>खजाना फूंकने की ठानी</strong><br />
सांसद भगवंत मान ने कहा कि सुखबीर बादल ने तो सरकारी खजाना लूटने की ठान रखी है, क्योंकि जिस व्यक्ति से सड़कों पर रोडवेज की बसें नहीं चली, वह वह पानी वाली बस कैसे चलाएगा। भगवंत मान ने कहा कि सुखबीर बादल ने केवल बेवकूफी में ऐलान के कारण अपनी इज्जत बचाने इस पर 9 करोड़ रुपए खर्च कर दिए हैं, जबकि सुखबीर बादल को भी पता है कि इस प्रोजैक्ट पर उसने केवल पैसा ही बर्बाद किया है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/jalpari-became-comedy-for-people-in-punjab/article-499</link>
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                <pubDate>Mon, 12 Dec 2016 23:25:46 +0530</pubDate>
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