<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/music/tag-8586" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>music - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/8586/rss</link>
                <description>music RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>संगीत की धरोहर संभालें</title>
                                    <description><![CDATA[देश के प्रसिद्ध दिवंग्त शहनाई वादक बिसमिल्लाह खान के बनारस वाले पैतृक घर को तोड़ कर वहां कमर्शियल इमारत का निर्माण किया जा रहा है। चाहे यह मामला परिवार का है लेकिन सरकार को आगे आकर इस इमारत को धरोहर के रूप में संभालना चाहिए था। बिसमिल्लाह खान विश्व प्रसिद्ध कलाकार थे व उनको देश […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/music-heritage-bismillah-khan/article-17736"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-08/bismillah-khan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश के प्रसिद्ध दिवंग्त शहनाई वादक बिसमिल्लाह खान के बनारस वाले पैतृक घर को तोड़ कर वहां कमर्शियल इमारत का निर्माण किया जा रहा है। चाहे यह मामला परिवार का है लेकिन सरकार को आगे आकर इस इमारत को धरोहर के रूप में संभालना चाहिए था। बिसमिल्लाह खान विश्व प्रसिद्ध कलाकार थे व उनको देश का सबसे बड़ा सम्मान ‘भारत रत्न’ मिला हुआ था। आम तौर पर कहा जाता है कि भारतीय अमीर धरोहर के तो मालिक हैं लेकिन धरोहर की संभाल बिल्कुल भी नहीं करते। चाहिए तो यह था कि खान के घर को सजाकर-संवारकर रखा जाता ताकि भारतीय संगीत की दुनिया में यह घर बिसमिल्लाह खान की याद को हमेशा ताजा करता रहता। घर को म्यूजियम का रूप दिया जा सकता था। दरअसल आने वाली पीढ़ियों को धरोहर के साथ जोड़ने के लिए ऐसी निशानियों की आवश्यकता होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">केवल किताबों में लिखा इतिहास काफी नहीं होता। अच्छा होता अगर बिसमिल्लाह खान के घर में उसकी संगीतक उपलब्धियों के साथ-साथ उसके जीवन संबंधी जानकारी दी जाती व खान के जीवन से संबंधित वस्तुओं को संभाला जाता। भारतीय संगीत को पूरी दुनिया में अच्छी पहचान मिली है। भारतीय कला को जिंदा रखने के लिए कलाकारों की उपलब्धियों को जिंदा रखना अति आवश्यक है। पता नहीं कितने ही कलाकारों का नाता आम जनता के साथ केवल सरकारी लापरवाही के कारण ही बिखर जाता है। इस मामले में दूसरे देशों ने अपने कलाकारों की धरोहर को बहुत ही अच्छे तरीके से संभाल कर रखा हुआ है। रूसी लेखक ‘टालस्टाए’ सहित बहुत से लेखकों के साथ जुड़ी वस्तुओं को संभाला गया है व वहां के लोग आज भी अपने कलाकारों पर गर्व महसूस करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">टालस्टाए का घर पोलीआना यसनाया आज भी पर्यटकों के लिए आर्कषण का केन्द्र बना हुुआ है, जिसे एक विशाल म्यूजियम के रूप में संभाला गया है। उनके घर का सारा सामान मेज-कुर्सियों तक को संभाल कर रखा गया है। अंग्रेजी नाटककार विलीयम सेक्सपीयर के घर को इंग्लैंड में पूरी तरह से संभाला गया है। इसी तरह जौहरन मिल्टन का घर भी देश के लिए धरोहर बन गया। अंग्रेजों ने सैकड़ों साल पुराने भवनों को संभाल कर रखा है और हम वर्तमान को संभालने में नाकाम हो रहे हैं। भारतीयों को भी अपने इतिहास व संस्कृति को संभालने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।</p>
<p> </p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/music-heritage-bismillah-khan/article-17736</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/music-heritage-bismillah-khan/article-17736</guid>
                <pubDate>Sat, 22 Aug 2020 09:46:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-08/bismillah-khan.jpg"                         length="20852"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> गुलशन कुमार पुण्यतिथि: जूस बेचने वाला बन गया म्यूज़िक किंग</title>
                                    <description><![CDATA[5 मई 1956 को गुलशन  का जन्म दिल्ली में एक पंजाबी अरोड़ा परिवार में हुआ था। मुंबई(एजेंसी)। 12 अगस्त को गुलशन कुमार की पुण्यतिथि होती है। अगर आज वो हमारे बीच होते तो 62 साल के होते। उनके बेटे भूषण कुमार आज देश के जाने- माने फ़िल्म निर्माता हैं। गुलशन कुमार ने अपने दम पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/gulshan-kumar-punyathithi-juice-became-the-salesman-of-music-king/article-5344"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/gulshan-kumar.jpg" alt=""></a><br /><h2>5 मई 1956 को गुलशन  का जन्म दिल्ली में एक पंजाबी अरोड़ा परिवार में हुआ था।</h2>
<p><strong>मुंबई(एजेंसी)।</strong> 12 अगस्त को गुलशन कुमार की पुण्यतिथि होती है। अगर आज वो हमारे बीच होते तो 62 साल के होते। उनके बेटे भूषण कुमार आज देश के जाने- माने फ़िल्म निर्माता हैं। गुलशन कुमार ने अपने दम पर फ़िल्मी संगीत का चेहरा बदलने का काम किया है।एक दौर था जब फ़िल्मी गाने या तो सिनेमा के दौरान या रेडियो पर ही सुने जाते लेकिन, गुलशन कुमार ने टी सीरीज के कैसेट के जरिये संगीत को घर-घर पहुंचाने का काम किया। 5 मई 1956 को गुलशन कुमार का जन्म देश की राजधानी दिल्ली में एक पंजाबी अरोड़ा परिवार में हुआ था। उनका मूल नाम गुलशन दुआ था उनके पिता दिल्ली के दरियागंज बाजार में एक फलों के जूस की दुकान चलाते थे। वहां से शुरू हुई उनकी यात्रा एक अलग मुकाम तक पहुंची! अब उन पर एक बायोपिक की चर्चा है जिसे टी सीरीज और आमिर ख़ान मिलकर बनाने वाले हैं।</p>
<h2>सोनू निगम जैसे कई गायकों को ब्रेक देकर उनके करियर में अहम योगदान दिया</h2>
<ul>
<li>गुलशन कुमार की कहानी ज़ीरो से हीरो बनने की कहानी है।</li>
<li> गुलशन ने इंडियन म्यूज़िक इंडस्ट्री में ऐसे समय पर कदम रखा जब ये धीरे-धीरे पॉपुलर हो रहा था।</li>
<li>वो अपनी मेहनत, दूरदृष्टि और जज्बे से संगीत उद्योग को काफी आगे ले गए।</li>
<li> गुलशन नेसोनू निगम जैसे कई गायकों को ब्रेक देकर उनके करियर में अहम योगदान दिया!</li>
<li>गुलशन ने सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड कंपनी बनायी जो भारत में सबसे बड़ी संगीत कंपनी बन गई।</li>
<li>गुलशन ने इसी संगीत कंपनी के तहत ‘टी-सीरीज’ की स्थापना की।</li>
<li>आज ‘टी-सीरीज’ देश में संगीत और फ़िल्म निर्माण की दिशा में एक बड़ा नाम है।</li>
</ul>
<h2>गुलशन 1992-93 में सबसे ज्यादा टैक्स देने वालों में से थे</h2>
<p>गुलशन कुमार ने अपने धन का एक हिस्सा समाज सेवा के लिए दान करके एक मिसाल कायम की। उन्होंने वैष्णो देवी में एक भंडारे की स्थापना की जो आज भी तीर्थयात्रियों के लिए नि: शुल्क भोजन उपलब्ध कराता है। गुलशन 1992-93 में सबसे ज्यादा टैक्स देने वालों में से थे।</p>
<h2>12 अगस्त, 1997 को मुंबई में एक मंदिर के बाहर गोली मारकर गुलशन की हत्या कर दी</h2>
<p>ऐसा माना जाता है कि गुलशन ने मुंबई के अंडरवर्ल्ड की जबरन वसूली की मांग के आगे झुकने से इंकार कर दिया था, जिसके कारण उनकी हत्या कर दी गई! 12 अगस्त, 1997 को मुंबई में एक मंदिर के बाहर गोली मारकर गुलशन की हत्या कर दी गयी थी। गुलशन कुमार की मृत्यु के बाद उनके पुत्र भूषण कुमार ने सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ज़िम्मेदारी संभाल ली। उनकी बेटी, तुलसी कुमार भी एक जानी-मानी सिंगर है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>रंगमंच</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/gulshan-kumar-punyathithi-juice-became-the-salesman-of-music-king/article-5344</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/gulshan-kumar-punyathithi-juice-became-the-salesman-of-music-king/article-5344</guid>
                <pubDate>Sun, 12 Aug 2018 09:58:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/gulshan-kumar.jpg"                         length="104547"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        