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                <title>पन्ना में हीरे की खदान से मिला युवक को नायाब हीरा</title>
                                    <description><![CDATA[पन्ना (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की रत्नगर्भा धरती से एक युवक को कीमती हीरा मिला है। हीरा खदान से जैम क्वालिटी की 26़ 11 कैरेट का हीरा सुशील शुक्ला को मिला है। हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि सुशील शुक्ला को नायाब हीरा कृष्णकल्याणपुर उथली खदान क्षेत्र में 21 फरवरी को मिला है […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/unsurpassed-diamond-found-by-a-young-man-from-a-diamond-mine-in-panna/article-31004"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-02/orissa-caught-with-a-smuggler-diamond.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पन्ना (एजेंसी)।</strong> मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की रत्नगर्भा धरती से एक युवक को कीमती हीरा मिला है। हीरा खदान से जैम क्वालिटी की 26़ 11 कैरेट का हीरा सुशील शुक्ला को मिला है। हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि सुशील शुक्ला को नायाब हीरा कृष्णकल्याणपुर उथली खदान क्षेत्र में 21 फरवरी को मिला है और इसे उन्होंने हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है। उन्होंने बताया कि 24 फरवरी से होने वाली नीलामी में इस हीरे को भी रखा जायेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि नीलामी में हीरे की बिक्री होने पर शासन की रायल्टी काटने के बाद शेष राशि हीरा धारक को प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि उथली हीरा खदानों में मिलने वाले बड़े हीरों में अब तक का यह चौथा बड़ा हीरा है। इसके पहले तकरीबन 60 वर्ष पूर्व सबसे बड़ा 44.33 कैरेट वजन का हीरा वर्ष 1961 में मिला था। इसके बाद एक मजदूर को 2018 में 42 कैरेट 59 सेंट वजन का नायाब हीरा मिला था। इसी तरह वर्ष 2019 में 29.46 कैरेट वजन का हीरा मिला था।</p>
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                <pubDate>Tue, 22 Feb 2022 12:50:22 +0530</pubDate>
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                <title>सौ साल की हथिनी ‘वत्सला</title>
                                    <description><![CDATA[दुनिया की सबसे बुजुर्ग हथिनी वत्सला(Elephant Vatsala) पन्ना (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पन्ना टाइगर रिजर्व की धरोहर बन चुकी दुनिया की सबसे उम्रदराज मानी जाने वाली लगभग एक सौ साल की हथिनी ‘वत्सला'(Elephant Vatsala)का नाम गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कराने के प्रयास शुरू हो गये हैं। हथिनी वत्सला के जन्म का पूरा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/oldest-female-elephant-vatsala/article-5353"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/elephant-vatsala.jpg" alt=""></a><br /><h2>दुनिया की सबसे बुजुर्ग हथिनी वत्सला(Elephant Vatsala)</h2>
<p><strong>पन्ना (एजेंसी)</strong>। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पन्ना टाइगर रिजर्व की धरोहर बन चुकी दुनिया की सबसे उम्रदराज मानी जाने वाली लगभग एक सौ साल की हथिनी ‘वत्सला'(<strong>Elephant Vatsala</strong>)का नाम गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कराने के प्रयास शुरू हो गये हैं। हथिनी वत्सला के जन्म का पूरा रिकॉर्ड केरल प्रान्त के नीलांबुर फारेस्ट डिवीजन से मंगाया जा रहा है।</p>
<p>प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) शहवाज अहमद ने शनिवार को अपने तीन दिवसीय पन्ना दौरे के समापन के बाद यूनीवार्ता से चर्चा के दौरान यह जानकारी दी। हथिनी के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।</p>
<h2>यह हथिनी देशी व विदेशी पर्यटकों लिए जहां आकर्षण का केंद्र</h2>
<p>केरल के नीलांबुर फारेस्ट डिवीजन में जन्मी व पली-बढ़ी यह हथिनी 1972 में वहां से मध्यप्रदेश के होशंगाबाद के बोरी अभयारण्य में लाई गई थी। इसके बाद वहां से यह हथिनी वर्ष 1992 में पन्ना टाइगर रिजर्व पहुंची। तभी से यह यहां की शोभा बढ़ा रही है।</p>
<h2>हथिनी को सुगमता से पचने वाला आहर दिया जाता है</h2>
<p>लगभग सौ वर्ष की उम्र पार कर चुकी हथिनी वत्सला का उपयोग पन्ना टाइगर रिजर्व में पूरे डेढ़ दशक तक यहां आने वाले पर्यटकों को बाघों का दीदार कराने के लिए किया जाता रहा है। लेकिन अत्याधिक उम्रदराज होने के कारण इसे आराम की जिंदगी गुजारने के लिए कुछ वर्ष पहले सेवानिवृत (रिटायर) कर दिया गया। रिटायरमेंट के बाद से हथिनी वत्सला की पूरी देखरेख की जा रही है। उम्र को देखते हुए वत्सला को जहां सुगमता से पचने वाला आहार दिया जाता है, वहीं नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाता है।</p>
<h2>गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कराने के प्रयास</h2>
<p>पन्ना टाइगर रिजर्व के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ एस के गुप्ता ने बताया कि टाइगर रिजर्व के ही एक हाथी ने वर्ष 2003 और 2008 में दो बार प्राणघातक हमला कर हथिनी को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। मदमस्त नर हाथी ने दांतों से प्रहार कर वत्सला का पेट चीर दिया था। बेहतर उपचार और सेवा से इस बुजुर्ग हथिनी को मौत के मुंह में जाने से बचा लिया गया था।</p>
<p>मौजूदा समय यह हथिनी देशी व विदेशी पर्यटकों लिए जहां आकर्षण का केंद्र है, वहीं पन्ना टाइगर रिजर्व के लिए भी किसी अनमोल धरोहर से कम नहीं है। अहमद ने बताया कि वत्सला का जन्म रिकॉर्ड नीलांबुर से मंगाने के निर्देश उन्होंने दिए हैं। यदि जरूरत पड़ी तो पन्ना टाइगर रिजर्व के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ संजीव गुप्ता को रिकॉर्ड लाने के लिए नीलांबुर भेजा जाएगा। ताकि वत्सला की उम्र कितनी है, इसकी प्रामाणिक रूप से पुष्टि हो सके।</p>
<p>वत्सला के शतायु होने का पन्ना में उत्सव मनाने के साथ ही गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने की भी पहल की जाएगी, जिससे वत्सला को दुनिया की सबसे बुजुर्ग हथिनी का गौरव हासिल हो सके।</p>
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                <pubDate>Sun, 12 Aug 2018 17:26:34 +0530</pubDate>
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