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                <title>narender modi - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>भिवानी: 957 बूथों पर एक लाख से अधिक लोगों ने सुनी प्रधानमंत्री के ‘Man ki Baat’</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी का मन की बात कार्यक्रम भिवानी के दुल्हेड़ी गांव में स्वच्छता सिपाहियों ने सुना भारत सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के चेयरमैन ने शिरकत कर की इन युवाओं की प्रशंसा भिवानी। (सच कहूँ/इन्द्रवेश) देशभर में प्रधानमंत्री की ‘Man ki Baat’ कार्यक्रम का 100वां ऐपिसोड आम जनता ने बड़ी रूचि के साथ सुना। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/lakhs-of-people-listened-to-the-prime-ministers-mann-ki-baat/article-46960"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/bhiwani-man-ki-baat.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li>प्रधानमंत्री मोदी का मन की बात कार्यक्रम भिवानी के दुल्हेड़ी गांव में स्वच्छता सिपाहियों ने सुना</li>
<li>भारत सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के चेयरमैन ने शिरकत कर की इन युवाओं की प्रशंसा</li>
</ul>
<p><strong>भिवानी। (सच कहूँ/इन्द्रवेश) </strong>देशभर में प्रधानमंत्री की ‘Man ki Baat’ कार्यक्रम का 100वां ऐपिसोड आम जनता ने बड़ी रूचि के साथ सुना। इस कार्यक्रम के तहत भिवानी जिला में 957 बूथों पर एक लाख से अधिक लोगों ने प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम को सुना। इस कार्यक्रम के तहत भिवानी जिला के गांव दुल्हेड़ी में भारत सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। गांव दुल्हेड़ी के युवा स्वच्छता एवं जनसेवा समिति के स्वच्छता अभियान का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 98वें ऐपिसोड में विशेष तौर पर कर चुके है। इसी गांव दुल्हेड़ी के युवाओं ने 100वे ऐपिसोड पर प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन को विशेष कार्यक्रम आयोजित कर सुना।</p>
<p>इस मौके पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग के चेयरमैन मनोज कुमार ने जमीन पर ‘Man ki Baat’ बैठकर स्वच्छता के सिपाहियों के रूप में जाने जाने वाले दुल्हेड़ी गांव के युवाओं के साथ मन की बात कार्यक्रम सुनने के बाद बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को गांव दुल्हेड़ी के युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का काम किया है।</p>
<p>ये युवा अपने संगठन के बैनर तले सुबह चार बजे उठकर भिवानी, गुडगांव, तोशाम व अपने गांव के अलग-अलग इलाकों से टनों कूड़ा साफ कर चुके है। इन युवाओं की इसी लग्न को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 98वें ऐपिसोड में इनकी प्रशंसा कर चुके है। इस मौके पर उन्होंने गांव दुल्हेड़ी के स्वच्छता सिपाहियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Apr 2023 20:38:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रीय रसद नीति को मिली कैबिनेट की मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। सरकार ने प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के क्रियान्वयन देने के लिए आज राष्ट्रीय रसद (लॉजिस्टिक) नीति को आज मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को यहां हुई बैठक में राष्ट्रीय रसद नीति को मंजूरी दी गई। सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/cabinet-approval-for-national-logistics-policy/article-38058"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/national-logistics-policy.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> सरकार ने प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के क्रियान्वयन देने के लिए आज राष्ट्रीय रसद (लॉजिस्टिक) नीति को आज मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को यहां हुई बैठक में राष्ट्रीय रसद नीति को मंजूरी दी गई। सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने संवाददाताओं को इसकी जानकारी दी। राष्ट्रीय रसद नीति ने लॉजिस्टिक क्षेत्र के लिए एक व्यापक अंत:विषय, अंतर-क्षेत्रीय, बहु-क्षेत्राधिकार और व्यापक नीतिगत ढांचा निर्धारित किया है। यह नीति प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की पूरक है। पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का उद्देश्य एकीकृत ढांचागत विकास करना है जबकि राष्ट्रीय रसद नीति में प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, नियामक ढांचे, कौशल विकास, उच्च शिक्षा में लॉजिस्टिक्स को मुख्यधारा में लाने और उपयुक्त तकनीकों को अपना कर लॉजिस्टिक्स सेवाओं और दक्षता लाने की परिकल्पना की गई है।</div>
<div></div>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>यह भी पढ़ें:–</strong></span> <a href="http://10.0.0.122:1245/shashi-tharoor-met-madhusudan-mistry-amid-discussion-about-contesting-for-the-post-of-congress-president/">कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की चर्चा के बीच मधु सूदन मिस्त्री से मिले शशि थरूर</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">राष्ट्रीय रसद नीति का लक्ष्य</h3>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान और राष्ट्रीय रसद नीति दोनों की दृष्टि, त्वरित और समावेशी विकास के लिए तकनीकी रूप से सक्षम, एकीकृत, लागत-कुशल, लचीला, टिकाऊ और विश्वसनीय रसद पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है। राष्ट्रीय रसद नीति का लक्ष्य भारत में लॉजिस्टिक्स की लागत को 2030 तक वैश्विक मानक के बराबर लाना, रसद प्रदर्शन सूचकांक रैंकिंग में सुधार, 2030 तक शीर्ष 25 देशों में शामिल होना तथा एक कुशल रसद पारिस्थितिकी तंत्र के लिए डेटा-संचालित निर्णय समर्थन तंत्र का निर्माण है।</div>
<div></div>
<div style="text-align:justify;">इस नीति को सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों, उद्योग हितधारकों और शिक्षाविदों के साथ परामर्श के कई दौर के विचार विमर्श एवं परामर्श की प्रक्रिया के बाद तैयार किया गया है जिसमें वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को ध्यान में रखा गया है। इस नीति के कार्यान्वयन की निगरानी और सभी हितधारकों के प्रयासों को एकीकृत करने के लिए मौजूदा संस्थागत ढांचे यानी पीएम डायनेमिक्स एनएमपी के तहत बनाए गए अधिकारिता समूह (ईजीओएस) का उपयोग करने का प्रावधान है।</div>
<div></div>
<div style="text-align:justify;">ईजीओएस नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) की तर्ज पर एक ‘सर्विस इम्प्रूवमेंट ग्रुप’(एसआईजी) भी स्थापित करेगा जो प्रक्रियात्मक, नियामक और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में डिजिटल सुधार से संबंधित मापदंडों की निगरानी करेगा, जो कि टीओआर के तहत शामिल नहीं हैं। यह नीति देश में रसद लागत को कम करने का मार्ग प्रशस्त करती है। इष्टतम स्थानिक योजना के साथ गोदामों के पर्याप्त विकास को सक्षम करने, संपूर्ण रसद मूल्य श्रृंखला में मानकों, डिजिटलीकरण और स्वचालन को बढ़ावा देने और बेहतर ‘ट्रैक एंड ट्रेस’ तंत्र पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। नीति में विभिन्न हितधारकों के बीच निर्बाध समन्वय और त्वरित समस्या समाधान, सुव्यवस्थित एक्जिम प्रक्रियाओं, मानव संसाधन विकास के लिए कुशल जनशक्ति का रोजगार योग्य पूल बनाने के लिए और उपाय भी निर्धारित किए गए हैं।</div>
<h3 style="text-align:justify;">राज्य रसद नीतियां पहले ही विकसित कर ली हैं</h3>
<div style="text-align:justify;">सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पूरी तरह से जोड़ा गया है। चौदह राज्यों ने राष्ट्रीय रसद नीति की तर्ज पर अपनी संबंधित राज्य रसद नीतियां पहले ही विकसित कर ली हैं और 13 राज्यों के लिए यह मसौदा चरण में है। केंद्र और राज्य स्तर पर पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान के तहत संस्थागत ढांचे, जो नीति कार्यान्वयन की निगरानी भी करेंगे, पूरी तरह कार्यात्मक हैं। यह सभी हितधारकों के बीच नीति को त्वरित और प्रभावी रूप से अपनाने को सुनिश्चित करेगा। नीति सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों और अन्य क्षेत्रों जैसे कृषि और संबद्ध क्षेत्रों, तेजी से बढ़ते उपभोक्ता सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने का समर्थन करती है। अधिक पूवार्नुमेयता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ, आपूर्ति श्रृंखला में अपशिष्ट और बड़ी सूची की आवश्यकता कम हो जाएगी। देश में तेजी से आर्थिक विकास को सुगम बनाने के साथ ही वैश्विक मूल्यन श्रृंखलाओं के एकीकरण और वैश्विक व्यापार में भारत की उच्च हिस्सेदारी एक और परिकल्पित परिणाम है।</div>
<div></div>
<div style="text-align:justify;">इससे वैश्विक बेंचमार्क हासिल करने के लिए रसद लागत कम होने और देश की लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स रैंकिंग और इसकी वैश्विक स्थिति में सुधार की उम्मीद है। यह नीति भारत के रसद क्षेत्र को बदलने, रसद दक्षता में सुधार, रसद लागत को कम करने और वैश्विक प्रदर्शन में सुधार करने के लिए एक स्पष्ट दिशा निर्धारित करती है।</div>
<div></div>
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                <pubDate>Wed, 21 Sep 2022 17:19:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झूठे आरोप लगाने वाले मोदी और देश से माफी मांगे: शाह</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि गुजरात दंगों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राजनीतिक षड्यंत्र के तहत आरोप लगाए गए थे और यह आरोप लगाने वाले लोगों को अब मोदी, देश और भारतीय […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि गुजरात दंगों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राजनीतिक षड्यंत्र के तहत आरोप लगाए गए थे और यह आरोप लगाने वाले लोगों को अब मोदी, देश और भारतीय जनता पार्टी से माफी मांगनी चाहिए। शाह ने आज अपने एक साक्षात्कार के अंशों को सिलसिलेवार ट्वीट में सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि न्यायालय के निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि यह सभी आरोप राजनीतिक षड्यंत्र के तहत लगाए गए थे और अब आरोप लगाने वाले लोगों को मोदी से माफी मांगनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से ये फिर एक बार सिद्ध हुआ है कि नरेंद्र मोदी जी पर लगाए गये आरोप एक राजनीतिक षड्यंत्र था। मोदी जी बिना एक शब्द बोले, सभी दुखों को भगवान शंकर के विषपान की तरह 18-19 साल तक सहन करके लड़ते रहे। अब सत्य सोने की तरह चमकता हुआ बाहर आया है, यह गर्व की बात है। हाल ही में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई पूछताछ के दौरान कांग्रेस कार्यकतार्ओं द्वारा दिए गए धरने और विरोध प्रदर्शनों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘लोकतंत्र में संविधान का सम्मान कैसे हो सकता है इसका आदर्श उदाहरण नरेंद्र मोदी जी ने प्रस्तुत किया है।</p>
<h3><strong> इतने साल से देश की जनता दिल से मोदी जी के साथ खड़ी है</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मोदी जी से घंटों पूछताछ हुई लेकिन हमने कोई धरना-प्रदर्शन नहीं किया। झूठे आरोप लगाने वाले लोगों की अगर अंतरात्मा है तो उन्हें मोदी जी, भाजपा और देश से माफी मांगनी चाहिए। एक अन्य ट्वीट में शाह ने कहा, ‘ मैंने मोदी जी को इन सभी झूठे आरोपों के दर्द को सहन करते हुए बहुत करीब से देखा है। न्यायिक प्रक्रिया चल रही है इसलिए झूठे आरोपों पर भी कुछ ना बोलना ये स्टैंड देश की न्याय प्रणाली में विश्वास रखने वाला नरेंद्र मोदी जी जैसा कोई मजबूत मन वाला व्यक्ति ही ले सकता था।</p>
<p style="text-align:justify;">शाह ने कहा कि देश की जनता ने इन आरोपों को कभी स्वीकार नहीं किया और वह आज भी मोदी के साथ खड़ी है। उन्होंने ट्वीट किया,‘ कुछ पत्रकारों, एनजीओ और भाजपा विरोधी राजनीतिक दलों ने मोदी जी पर झूठे आरोप लगाकर एक संगठित गिरोह की तरह उन्हें प्रचारित किया। लेकिन देश की जनता ने इन आरोपों को कभी स्वीकार नहीं किया। लोकतंत्र में जनादेश का बड़ा महत्व है और इतने साल से देश की जनता दिल से मोदी जी के साथ खड़ी है।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/apologize-to-modi-and-country-who-made-false-allegations-shah/article-34863</link>
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                <pubDate>Sat, 25 Jun 2022 16:39:51 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए मोदी ने की वैज्ञानिकों की सराहना</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में देश को कोरोना के टीके, जांच किट, उपकरणों और कारगर दवाओं के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए वैज्ञानिकों की सराहना की है। मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) सोसायटी की बैठक की अध्यक्षता […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/modi-praised-scientists-for-the-fight-against-corona/article-24165"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-06/pm-modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">
<strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में देश को कोरोना के टीके, जांच किट, उपकरणों और कारगर दवाओं के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए वैज्ञानिकों की सराहना की है। मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) सोसायटी की बैठक की अध्यक्षता की।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी इस सदी की सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। लेकिन अतीत में जब भी कोई बड़ा मानवीय संकट आया है, विज्ञान ने एक बेहतर भविष्य के लिए रास्ता तैयार किया है। उन्होंने कहा कि विज्ञान की मूल प्रकृति संकट के समय समाधानों और संभावनाओं की तलाश कर नई ताकत पैदा करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">मानवता को इस महामारी से बचाने के लिए एक साल के अंदर जिस पैमाने और गति से टीके बनाए गए उसके लिए प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी घटना हुई है। पिछली सदी में दूसरे देशों में आविष्कार किए गए थे और भारत को उनके लिए कई वर्षों तक इंतजार करना पड़ा था। लेकिन आज हमारे देश के वैज्ञानिक दूसरे देशों के साथ एक जैसी गति से और बराबर का काम कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत को कोविड-19 के टीके, जांच किट, आवश्यक उपकरण और नई कारगर दवाओं के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने सराहनीय काम किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी को विकसित देशों के बराबर लाना उद्योग और बाजार के लिए बेहतर रहेगा।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Jun 2021 19:14:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>चीनी षडयंत्र को बल देने वाले बयान से बचें मोदी: मनमोहन</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीमा से जुड़े मुद्दे पर सावधानी से बयान देने की सलाह देते हुए कहा है कि इस नाजुक दौर में ऐसे शब्दों के प्रयाेग से बचना चाहिए जिनसे देश की सुरक्षा एवं अखंडता प्रभावित हो और चीन के षडयंत्रकारी रुख को बल मिले।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/modi-should-avoid-statements-that-force-chinese-conspiracy-manmohan/article-16246"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-06/modi-should-avoid-statements-that-force-chinese-conspiracy-manmohan.gif" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली</strong> l पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीमा से जुड़े मुद्दे पर सावधानी से बयान देने की सलाह देते हुए कहा है कि इस नाजुक दौर में ऐसे शब्दों के प्रयाेग से बचना चाहिए जिनसे देश की सुरक्षा एवं अखंडता प्रभावित हो और चीन के षडयंत्रकारी रुख को बल मिले। डॉ. सिंह ने साेमवार को यहां जारी बयान में कहा कि देश इतिहास के एक नाजुक मोड़ पर खड़ा है और इस समय सरकार जो भी निर्णय लेगी और जो कदम उठाएगी वह देश का भविष्य तय करेंगे। इस स्थिति में जिनके कंधों पर देश का नेतृत्व है उन्हीं कंधों पर कर्तव्य का गहन दायित्व भी है। हमारी व्यवस्था में यह दायित्व देश के प्रधानमंत्री का है और वह जो भी फैसला लेंगे भविष्य की दिशा तय करेगा।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">उन्होंने कहा “प्रधानमंत्री को अपने शब्दों तथा एलानों द्वारा देश की सुरक्षा एवं सामरिक तथा भूभागीय हितों पर पड़ने वाले प्रभाव के प्रति सदैव बेहद सावधान होना चाहिए। प्रधानमंत्री को अपने बयान से उनके षडयंत्रकारी रुख को बल नहीं देना चाहिए तथा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकार के सभी अंग इस खतरे का सामना करने तथा स्थिति को और ज्यादा गंभीर होने से रोकने के लिए परस्पर सहमति से काम करें।” पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि देश किस दिशा में जाएगा इस बारे में फैसला सरकार को करना है और ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री का दायित्व और भी बढ़ जाता है इसलिए कदम बहुत सोच समझकर उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा “प्रधानमंत्री तथा केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि वे वक्त की चुनौतियों का सामना करें और कर्नल बी. संतोष बाबू और हमारे सैनिकों की कुर्बानी की कसौटी पर खरा उतरें जिन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा एवं अपने भूभागीय अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। इससे कुछ भी कम जनादेश</h6>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2020 13:04:25 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>प्रसुताओं के लिए उम्मीद की किरण</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाकर 65 साल किए जाने का एलान और उनसे अपील की वे हर महीने की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं का नि:शुल्क इलाज करने का बीड़ा उठाएं, एक स्वागतयोग्य पहल है। चूंकि केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री के एलान पर स्वीकृति की मुहर लगा दी है लिहाजा अब […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/the-silver-lining-for-prsutaon/article-86963"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-06/prasutaon-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाकर 65 साल किए जाने का एलान और उनसे अपील की वे हर महीने की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं का नि:शुल्क इलाज करने का बीड़ा उठाएं, एक स्वागतयोग्य पहल है। चूंकि केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री के एलान पर स्वीकृति की मुहर लगा दी है लिहाजा अब डॉक्टरों की जिम्मेदारी बनती है कि वे भी कसौटी पर खरा उतर प्रसुताओं की देखभाल के लिए आगे आएं। यह सच्चाई है कि देश में प्रसुताओं की हालत चिंताजनक है और उचित इलाज के अभाव में हर वर्ष लाखों प्रसुताएं दम तोड़ती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एक आंकड़े के मु ताबिक हर दस मिनट में प्रसव के दौरान एक प्रसुता की मौत होती है। संयुक्त राष्ट्र की विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर गौर करें तो भारत में वर्ष 1990 में गर्भधारण संबंधी जटिलताओं के कारण और प्रसव के दौरान तकरीबन 5,23,000 महिलाओं ने दम तोड़ा। दो राय नहीं कि पिछले डेढ़ दशक में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है और प्रसुताओं की मौत में कमी आयी है। लेकिन यह आंकड़ा अभी भी एक लाख सत्रह हजार के आसपास है जो विश्व में होने वाली कुल मौत का 22 फीसद है।</p>
<p style="text-align:justify;">देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां प्रति एक लाख जन्म पर मातत्वृ मृत्यु दर 300 है। यह आंकड़ा विश्व के सर्वाधिक पिछड़े कहे जाने वाले क्षेत्रों विशेषकर अफ्रीका और लातिन अमेरिकी देशों के समान है। उत्तर प्रदेश में शिशुओं की मृत्यु दर भी राष्टÑीय औसत से अधिक है। यहां जन्म लेने वाले 50 फीसद बच्चे कुपोषित होते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य 2017 तक प्रति एक लाख जन्म पर मातृ मृत्यु दर को 200 से नीचे लाना है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन यह तभी संभव होगा जब राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और सुदृढ़ीकरण होगा। अगर उत्तर प्रदेश सरकार केंद्र सरकार की तर्ज पर डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 65 करती है तो 7000 डॉक्टरों की सेवा अवधि बढ़ जाएगी। सरकार चाहे तो इन डॉक्टरों की तैनाती प्रसुता महिलाओं के लिए कर मातृत्व मृत्यु दर में कमी ला सकती है। देश की बात करें तो प्रति एक लाख जन्म पर मातृत्व मृत्यु दर (एमएमआर) 212 है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत को सहस्त्राब्दि विकास लक्ष्य (एमडीजी) के तहत इसे 2015 तक घटाकर 109 तक लाना था लेकिन लक्ष्य को साधा नहीं जा सका है। मातृ मृत्युदर का प्रमुख कारण महिलाओं में 30 फीसद रक्तस्राव, 19 फीसद एनीमिया, 16 फीसद संक्रमण, 10 फीसद जटिल व जोखिम वाले प्रसव एवं 8 फीसद मृत्युदर उच्च रक्तचाप संबंधी विकारों से होती है। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि स्वास्थ्य जागरुकता के बाद आज भी गांवों में 43 फीसद प्रसव बेहद खतरनाक स्थिति में घरों में कराए जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ की पापुलेशन फंड-इंडिया की रिपोर्ट में कहा जा चुका है कि उत्तर प्रदेश और बिहार में 50 फीसद और राजस्थान में 41 फीसद से ज्यादा महिलाओं ने अपने घरों में शिशुओं को जन्म दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">देश के अन्य राज्यों की हालात भी कमोवेश ऐसी ही है।  इससे न सिर्फ प्रसुताओं की जान जोखिम में पड़ रही है बल्कि वे खतरनाक बीमारियों की चपेट में भी आ रही हैं। इसके लिए सरकार की स्वास्थ्य संबंधी नीतियां जिम्मेदार हैं। यह किसी से छिपा नहीं है कि देश में अस्पतालों और डॉक्टरों की भारी कमी है। जहां डॉक्टर हैं वहां दवा नहीं है और जहां अस्पताल हैं वहां चिकित्सकीय उपकरण नहीं हैं। दूसरी ओर देश में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की भी भारी कमी है। एक आंकड़े के मुताबिक देश में तकरीबन 70000 मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और लगभग 20000 आंग्लिजरी नर्स मिडवाइफस् की कमी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मैदानी इलाकों में हजार की आबादी पर एक आशा कार्यकर्ता और पांच हजार की आबादी पर एक एएनएम होना चाहिए। लेकिन वर्तमान में ऐसा नहीं है। एक आंकड़े के मुताबिक दवा और उचित इलाज के अभाव में 20 वर्ष से कम उम्र की 50 फीसदी महिलाएं प्रसव के दौरान दम तोड़ती हैं। इसी तरह अस्पतालों में चिकित्सीय उपकरणों की भारी कमी और डाक्टरों की हीलाहवाली से तकरीबन 10 से 15 फीसद प्रसुताएं काल के गाल में समा जाती हैं। आज की तारीख में गांवों में डॉक्टरों की कमी की वजह से 90 फीसद प्रसुताएं स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए झोलाछाप डॉक्टरों पर निर्भर हैं। इसकी कीमत उन्हें जान देकर चुकानी पड़ती है।</p>
<p style="text-align:justify;">सेव द चिल्ड्रेन संस्था की मानें तो भारत मां बनने के लिहाज से सबसे खराब देशों में शुमार है। यहां यह भी ध्यान देना होगा कि देश के जिन हिस्सों में भूखमरी, गरीबी, अशिक्षा, भ्रष्टाचार और जागरुकता की कमी है, वहां प्रसव के दौरान मातृत्व मृत्यु दर अधिक होता है। कम उम्र में लड़कियों का विवाह भी मातृत्व मृत्यु दर में वृद्घि का एक महत्वपूर्ण कारण है। दरअसल वे शीध्र मां बन जाती हैं जिससे उनमें खतरनाक बिमारियों पनपती हैं और साथ ही जान जाने का भी खतरा बना रहता है। आज जरुरत इस बात की है कि केंद्र व राज्य सरकारें प्रसुताओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए दीर्घकालीन रणनीति बनाएं और ईमानदारी से क्रियान्वयन करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2020 13:22:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>यूनेस्को ने दुनिया की पहली भाषा बोलने वाले आदिवासियों को बचाने के लिए मोदी को लिखा पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्लीl संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) की भाषा सलाहकार एवं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में भाषा विज्ञान की पृर्व अध्यक्ष डॉ. अन्विता अब्बी ने कोरोना महामारी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अंडमान निकोबार के उन तीन दुर्लभ आदिवासियों को बचाने की अपील की है जो दुनिया की सबसे […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/unesco-writes-to-modi-to-save-the-worlds-first-language-speaking-tribals/article-14633"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-04/modi-arrives-in-south-korea-for-bilateral-talks1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्लीl</strong> संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) की भाषा सलाहकार एवं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में भाषा विज्ञान की पृर्व अध्यक्ष डॉ. अन्विता अब्बी ने कोरोना महामारी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अंडमान निकोबार के उन तीन दुर्लभ आदिवासियों को बचाने की अपील की है जो दुनिया की सबसे पहली भाषा और 70 हज़ार साल पुरानी भाषा बोलते है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ अब्बी ने मोदी को मंगलवार को लिखे पत्र में कहा है कि अंडमान निकोबार में ‘जोरो’ भाषा बोलने वाले अब केवल तीन आदिवासी ही दुनिया मे बचे है। यह 70 हज़ार वर्ष पुरानी भाषा है जिसे दुनिया की सर्वप्रथम भाषा मानी जाती हैं। इन तीन आदिवासियों के नाम पेजे, गोलटा (पुरुष) और नू(स्त्री) है। उन्होंने लिखा है कि चार अप्रैल को ली ची नामक एक आदिवासी महिला की गम्भीर बीमारी से मृत्यु हो गई जो ‘सारो’ नामक लुप्त प्राय भाषा बोलने वाली विश्व की अंतिम व्यक्ति थी। इस तरह हम अपनी भाषा विरासत को नहीं बचा सके इसलिए हम कोरोना महमारी को देखते हुए तीन उपरोक्त व्यक्तियों की सुरक्षा की आपसे अपील करती हूँ।</p>
<p style="text-align:justify;">मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सलाहकार डॉ अब्बी ने 50 हज़ार वर्ष पुरानी भाषा बोलने वाले आदिवासियों पर भी विशेष ध्यान देने का आग्रह किया है जो जंगल मे अंडमान ट्रंक रोड बन जाने से पुलिस अधिकारियों के संपर्क में आने से कोरोनो के खतरे में पड़ सकते हैं। इन आदिवासियों को बचाना विश्व की पुरानी भाषा और सभ्यता को बचाना है इसलिए आप सम्बद्ध मंत्रालयों और स्थानीय प्रशासन को निर्देश देकर इन्हे सुरक्षित रखें।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2020 10:46:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>वाराणसी में चावल शोध संस्थान केन्द्र का उद्घाटन करेंगे मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[मोदी इस केन्द्र का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं | Rice Research Center Varanasi नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को एक दिन के दौरे पर उत्तर प्रदेश जायेंगे जहां वह वाराणसी में अंतर्राष्ट्रीय चावल शोध संस्थान (Rice Research Center Varanasi) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केन्द्र के परिसर का उद्घाटन करेंगे और दीनदयाल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/narendra-modi-to-inaugurate-rice-research-center-varanasi/article-7105"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-12/rice.jpg" alt=""></a><br /><h2>मोदी इस केन्द्र का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं | Rice Research Center Varanasi</h2>
<p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को एक दिन के दौरे पर उत्तर प्रदेश जायेंगे जहां वह वाराणसी में अंतर्राष्ट्रीय चावल शोध संस्थान (Rice Research Center Varanasi) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केन्द्र के परिसर का उद्घाटन करेंगे और दीनदयाल हस्तकला संकुल में एक जिला एक उत्पाद क्षेत्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मोदी गाजीपुर में महाराजा सुहेलदेव पर एक स्मारक डाक टिकट जारी करेंगे और एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी स्थित राष्ट्रीय बीज शोध और प्रशिक्षण केन्द्र के परिसर में अंतर्राष्ट्रीय चावल शोध संस्थान के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केन्द्र का उद्घाटन करेंगे।</p>
<p>यह दक्षिण एशिया और सार्क क्षेत्र में चावल शोध और प्रशिक्षण के प्रमुख केन्द्र के रूप में काम करेगा। अंतर्राष्ट्रीय चावल शोध संस्थान के साथ भारत का संबंध 1960 के दशक से है और नरेन्द्र मोदी ने इसके मनिला स्थित मुख्यालय का गत वर्ष दौरा किया था। मोदी इस केन्द्र का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।</p>
<h2>भारतीय दिवस समारोह की तैयारियों का भी जायजा लेंगे</h2>
<p>वह वाराणसी में दीनदयाल हस्तकला संकुल में एक जिला एक उत्पाद क्षेत्रीय सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों का कौशल बढाना और छोटे कस्बों तथा जिलों में बने स्वदेशी उत्पादों , हस्तकला और अन्य उत्पादों की पहुंच बढाना है। इसमें हस्तकला, खाद्य प्रसंस्करण , इंजीनियरिंग उत्पादों , कारपेट , रेडिमेड कपड़ों , चमड़े के उत्पादों आदि पर विशेष जोर दिया जायेगा।<br />
प्रधानमंत्री वाराणसी में होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस समारोह की तैयारियों का भी जायजा लेंगे।</p>
<p>इसमें किसानों की खराब आर्थिक स्थिति के मध्यनजर सरकार का सहकारी बैंकों का अल्पकालीन संपूर्ण फसली कर्ज माफ करने का निर्णय किसानों के लिए राहत भरा है लेकिन अन्य बैंकों से कर्जमाफी के लिए डिफाल्टर होने की शर्त समय पर ब्याज चुकाने वाले अनुशासित किसानों के लिए किसी आघात से कम नहीं है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Dec 2018 15:38:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी और छेरिंग करेंगे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली 28 दिसंबर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आये भूटान के प्रधानमंत्री डॉ. लोताय छेरिंग के बीच शुक्रवार को यहां हैदराबाद हाउस में महत्वूपर्ण द्विपक्षीय वार्ता होगी। छेरिंग की यह यात्रा भारत-भूटान राजनयिक संबंधों की स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष में हो रही है। प्रधानमंत्री का पद संभालने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/modi-and-chhering-will-do-discussion-on-different-issues/article-7104"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-12/pm-narendra-modi1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली 28 दिसंबर (वार्ता)</strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आये भूटान के प्रधानमंत्री डॉ. लोताय छेरिंग के बीच शुक्रवार को यहां हैदराबाद हाउस में महत्वूपर्ण द्विपक्षीय वार्ता होगी। छेरिंग की यह यात्रा भारत-भूटान राजनयिक संबंधों की स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष में हो रही है। प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद गुरुवार को पहली बार भारत की यात्रा पर आये डॉ. छेरिंग की अगवानी केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ल ने की। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान भूटान की 12वीं पंचवर्षीय विकास योजना सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।<br />
विदेश मंत्रालय के सूत्रों में बताया कि विदेश सचिव विजय गोखले ने गुरुवार को डॉ. छेरिंग से मुलाकात की।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय ने बताया है कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय आदान-प्रदान, आपसी संबंध, आर्थिक, विकास और पनबिजली सहयोग सहित द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, “भारत और भूटान के संबंध अटूट हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए भूटान के प्रधानमंत्री डॉ. लोताय छेरिंग का यहां वित्त राज्यमंत्री ने स्वागत किया। भारत-भूटान राजनयिक संबंधों की 50वीं सालगिरह मना रहे हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">डाॅ. छेरिंग राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से भी मुलाकात करेंगे। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु तथा ऊर्जा मंत्री आर. के. सिंह डॉ. छेरिंग से मुलाकात करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Dec 2018 11:47:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मोदी ने इंडोनेशिया में सुनामी में लोगों की मौत पर दुख जताया</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi)ने इंडोनेशिया में आई सुनामी में लोगों की मौत पर रविवार को दुख जताते हुए कहा कि भारत मुश्किल की इस घड़ी में अपने समुद्री पड़ोसी देश के साथ खड़ा है। गौरतलब है कि इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप पर शक्तिशाली भूकंप के बाद शनिवार को आई सुनामी में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/narendra-modi-condoles-death-people-tsunami-indonesia/article-6078"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (<strong>Narendra Modi</strong>)ने इंडोनेशिया में आई सुनामी में लोगों की मौत पर रविवार को दुख जताते हुए कहा कि भारत मुश्किल की इस घड़ी में अपने समुद्री पड़ोसी देश के साथ खड़ा है। गौरतलब है कि इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप पर शक्तिशाली भूकंप के बाद शनिवार को आई सुनामी में 400 से अधिक लोग मारे गए। इंडोनेशिया में राष्ट्रीय आपदा एजेंसी ने मृतकों की आधिकारिक संख्या 420 बताई है लेकिन साथ ही मृतकों की संख्या बढ़ने का अंदेशा जताया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री कार्यालय ने मोदी के हवाले से ट्विटर पर कहा, इंडोनेशिया के मध्य सुलावेसी में भूकंप और सुनामी के कारण लोगों की मौत और विध्वंस से बहुत दुखी हूं। मैं अपनी ओर से संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। भारत मुश्किल की इस घड़ी में अपने समुद्री पड़ोसी देश के साथ खड़ा है।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Sep 2018 16:40:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>विपक्ष पर मोदी ने साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कांग्रेस पर बड़ा हमला (Modi targets Congress) बोलते हुए कहा कि देश में गठबंधन में असफल रही पार्टी अब भारत के ‘बाहर’ गठबंधन खोज रही है। मोदी मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की मध्यप्रदेश इकाई की ओर से यहां आयोजित कार्यकर्ता महाकुंभ को संबोधित कर रहे थे। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/modi-targets-congress-opposition/article-6059"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/modi1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भोपाल (एजेंसी)।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कांग्रेस पर बड़ा हमला <strong>(Modi targets Congress)</strong> बोलते हुए कहा कि देश में गठबंधन में असफल रही पार्टी अब भारत के ‘बाहर’ गठबंधन खोज रही है। मोदी मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की मध्यप्रदेश इकाई की ओर से यहां आयोजित कार्यकर्ता महाकुंभ को संबोधित कर रहे थे।</p>
<p>इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस हिंदुस्तान में गठबंधन में सफल नहीं हो रही इसलिए बाहर खोज रही है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि अब बाहर के देश तय करेंगे कि भारत का प्रधानमंत्री कौन हो।</p>
<p>इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता खो दी, पर क्या संतुलन भी खो दिया। पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक ने पिछले दिनों ट्वीट करते हुए कहा था कि भारत के अगले प्रधानमंत्री राहुल गांधी होंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राहुल गांधी से डरे हुए हैं। इस ट्वीट के बाद भाजपा ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी के लिए पाकिस्तान से ‘कैंपेनिंग’ हो रही है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के साथ महात्मा गांधी और राममनोहर लोहिया भी मंजूर हैं। मोदी ने भोपाल के जंबूरी मैदान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश स्तरीय कार्यकर्ता महाकुंभ में लगभग 40 मिनट के अपने संबोधन में यह बात कही।</p>
<p>इस मौके पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह सहित केंद्र और प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद थे।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की कोई भी पार्टी हो तीन महापुरुषों गांधी, लोहिया और दीनदयाल के विचारों पर ही राजनीति करती है। इनके विचारों के बिना आप नहीं चल सकते। राष्ट्र के विकास और कल्याण के लिए उनके विचारों से मार्गदर्शन मिलता है। उन्होंने दूसरे दलों को नसीहत देते हुए कहा कि भाजपा को तीनों मंजूर हैं, क्योंकि उनकी पार्टी समन्वय में विश्वास रखती है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Sep 2018 17:09:37 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>स्वच्छता अभियान में शामिल हुए मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ‘स्वच्छता ही सेवा है’ पखवाड़े का उद्घाटन नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी(Narender Modi) देश भर में मनाए जा रहे ‘स्वच्छता ही सेवा है’ पखवाड़े के तहत शनिवार को यहां पहाड़गंज में एक स्कूल में बच्चों के साथ स्वच्छता अभियान में शामिल हुए। प्रधानमंत्री लगभग साढ़े बारह बजे पहाड़गंज के रानी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/narender-modi-participated-swacchta-abhiyan/article-5943"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/narender-modi.jpg" alt=""></a><br /><h2>वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ‘स्वच्छता ही सेवा है’ पखवाड़े का उद्घाटन</h2>
<p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी<strong>(Narender Modi)</strong> देश भर में मनाए जा रहे ‘स्वच्छता ही सेवा है’ पखवाड़े के तहत शनिवार को यहां पहाड़गंज में एक स्कूल में बच्चों के साथ स्वच्छता अभियान में शामिल हुए। प्रधानमंत्री लगभग साढ़े बारह बजे पहाड़गंज के रानी झांसी रोड सिथत बाबा साहेब अंबेडकर उच्च माध्यमिक स्कूल पहुंचे। वह सामान्य ट्रैफिक के बीच स्कूल पहुंचे। इस दौरान कोई वी आई पी रुट नहीं लगाया गया था और न ही ट्रैफिक को रोकने की कोई व्यवस्था की गई थी।</p>
<p>स्कूल पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने बच्चों के साथ स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। बाद में उन्होंने ट््वीट भी किया, ‘दिल्ली में बाबा साहेब अंबेडकर स्कूल में उत्साही युवा दोस्तों के साथ। देश के युवाओं ने हर मामले में पहल करते हुए मोर्चा संभाला है और स्वच्छता के मामले में सकारात्मक बदलाव का सूत्रपात किया है। उन्होंने सफाई अभियान में तो हिस्सा लिया ही, बच्चों से बात भी की और उन्हें जीवन में स्वच्छता के महत्व के बारे में भी बताया।</p>
<p>इससे पहले प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ‘स्वच्छता ही सेवा है’ पखवाड़े का उद्घाटन किया। उन्होंने देश के कोने-कोने में सैंकड़ों स्वच्छताग्राहियों से भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात की और इस आन्दोलन में लोगों के योगदान की सराहना की। स्वच्छता अभियान के दूत एवं इस सदी के महानायक अमिताभ बच्चन और मशहूर उद्योगपति रतन टाटा से भी उन्होंने बात की।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Sep 2018 16:59:40 +0530</pubDate>
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