<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/rowing/tag-8674" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>rowing - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/8674/rss</link>
                <description>rowing RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>करनाल की कैनाल में गुरुग्राम के खिलाड़ियों ने नौकायन का श्रेष्ठ प्रदर्शन कर जीते 11 पदक</title>
                                    <description><![CDATA[करनाल के काछवा नहर पर आयोजित की गई नौकायान प्रतियोगिता हरियाणा खेलो यूथ गेम्स में गुरुग्राम के खिलाडिय़ों का जलवा गुरुग्राम(संजय कुमार मेहरा)। हरियाणा खेलो यूथ गेम्स के अंतर्गत करनाल स्थित काछवा कैनाल पर नौकायन स्पर्धा कराई कई, इसमें गुरुग्राम के नौकायान खिलाड़ियों ने अपना जलवा दिखाया। नौकायन प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, अभयपुर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-players-of-gurugram-won-11-medals-in-rowing/article-41112"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/rowing-gurugram.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:center;"><strong>करनाल के काछवा नहर पर आयोजित की गई नौकायान प्रतियोगिता</strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>हरियाणा खेलो यूथ गेम्स में गुरुग्राम के खिलाडिय़ों का जलवा</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>गुरुग्राम(संजय कुमार मेहरा)।</strong> हरियाणा खेलो यूथ गेम्स के अंतर्गत करनाल स्थित काछवा कैनाल पर नौकायन स्पर्धा कराई कई, इसमें गुरुग्राम के नौकायान खिलाड़ियों ने अपना जलवा दिखाया। नौकायन प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, अभयपुर जिला गुरुग्राम खेल नर्सरी के नौकायन के खिलाडिय़ों ने अपना परचम लहराते हुए 11 पदकों पर अपना कब्जा जमाया। विकास एवं खेल प्रोत्साहन सेवा समिति सोहना के प्रधान श्योराज खटाना के मुताबिक गुरुग्राम जिले से उक्त नर्सरी के 11 खिलाडिय़ों ने नौकायान प्रतियोगिता में भाग लिया और 11 ही पदक झटके। यह गुरुग्राम क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>इस तरह से रहे नौकायन प्रतियोगिता के परिणाम</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इस नौकायान प्रतियोगिता की विभिन्न स्पर्धाओं में 500 मीटर सी2 में मोनिका व रितू ने गोल्ड मेडल जीता। 500 मीटर के सी4 में नंदनी, शिवानी, प्रतिभा व संजना ने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया, वहीं 1000 मीटर सी1 में संदीप ने गोल्ड मेडल पर हासिल किया। इसी तरह से 500 मीटर सी2 में नंदनी व प्रतिभा ने सिल्वर मेडल प्राप्त किया। 1000 मीटर सी2 में संदीप ने सिल्वर मेडल प्राप्त किया।</p>
<p style="text-align:justify;">200 मीटर में सी1 में मोनिका ने सिल्वर मेडल प्राप्त किया। 500 मीटर सी1 व 200 मीटर सी2 में संजना ने सिल्वर मेडल, 500 मीटर सी4 में पवन, विनीत, विपिन व रामेश्वर ने सिल्वर मेडल प्राप्त किया। इसी प्रकार 200 मीटर सी1 में पवन ने ब्रॉन्ज मेडल, 1000 मीटर सी2 में पवन व रामेश्वर ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किए। इन खिलाडिय़ों की हरियाणा खेलो यूथ गेम्स में प्राप्त किए गए पदकों पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष क्याकिंग एवं नौकायान हरियाणा ऋषिराज डांगी, विजयपाल प्रधान, जतनवीर राघव महासचिव, सुशीला डांगी, गंगाराम, निर्मला चोपड़ा, सचिव राव समेत अनेक गणमान्य लोगों ने टीम को बधाई दी है। इन सभी नौकायान खिलाडिय़ों के प्राप्त पदकों का श्रेय अंतरराष्ट्रीय नोकायान कोच रविंद्र धनखड़ व खेल नर्सरी कोच जयदीप सिंह को जाता है। हरियाणा सरकार के द्वारा चलाई जा रही खिलाडिय़ों की खेल नीति भी इसका बहुत बड़ा कारण है।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-players-of-gurugram-won-11-medals-in-rowing/article-41112</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-players-of-gurugram-won-11-medals-in-rowing/article-41112</guid>
                <pubDate>Sun, 18 Dec 2022 10:21:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-12/rowing-gurugram.jpg"                         length="48966"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेशों में ही क्यों बढ़ रही है हिन्दी की ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[भारत एक है, संविधान एक है। लोकसभा एक है। सेना एक है। मुद्रा एक है। राष्ट्रीय ध्वज एक है। लेकिन इन सबके अतिरिक्त बहुत कुछ और है जो भी एक होना चाहिए। बात चाहे राष्ट्र भाषा हो या राष्ट्र गान या राष्ट्र गीत- इन सबको भी समूचे राष्ट्र में सम्मान एवं स्वीकार्यता मिलनी चाहिए। राष्ट्र […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/why-is-the-power-of-hindi-growing-in-foreign-countries/article-5409"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/unnamed-file.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत एक है, संविधान एक है। लोकसभा एक है। सेना एक है। मुद्रा एक है। राष्ट्रीय ध्वज एक है। लेकिन इन सबके अतिरिक्त बहुत कुछ और है जो भी एक होना चाहिए। बात चाहे राष्ट्र भाषा हो या राष्ट्र गान या राष्ट्र गीत- इन सबको भी समूचे राष्ट्र में सम्मान एवं स्वीकार्यता मिलनी चाहिए। राष्ट्र भाषा हिन्दी को आजादी के 72वर्ष बीत जाने पर भी अपने ही देश में घोर उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है, जो राष्ट्रीय शर्म का विषय है, जबकि विश्व में हिन्दी की ताकत बढ़ रही है, जिसका ताजा प्रमाण है कि संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) द्वारा हिन्दी में ट्वीटर सेवा शुरू करना। देश के सम्मान में उस समय और अधिक इजाफा हुआ जब संयुक्त राष्ट्र संघ ने ट्विटर पर हिंदी में अपना अकाउंट बनाया और हिंदी भाषा में ही पहला ट्वीट किया। पहले ट्वीट में लिखा संदेश पढ़कर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। इतना ही नहीं संयुक्त राष्ट्र संघ ने फेसबुक पर भी हिंदी पेज बनाया है। साथ ही साथ साप्ताहिक हिन्दी समाचार भी सुने जा सकेंगे। भारत सरकार के प्रयत्नों से हिन्दी को विश्वस्तर पर प्रतिष्ठापित किया जा रहा है, यह सराहनीय बात है। लेकिन भारत में उसकी उपेक्षा कब तक होती रहेगी?</p>
<p style="text-align:justify;">मॉरिशस में होने वाले 11वें विश्व हिन्दी सम्मेलन में गोस्वामी तुलसीदास, महानकवि अभिमन्यु अनंत व गोपालदास के नाम पर सभागार बनाए गए हैं। विदेशमंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज के इस कथन से एक नया विश्वास जगा है कि वैश्विक स्तर पर हिंदी को मान्यता दिलाने के सरकार के प्रयास सफल होते दिखाई पड़ रहे हैं। आने वाले समय में विदेश मंत्रालय दुनिया भर में और खासकर गिरमिटिया देशों में हिंदी को बचाने के लिए और भी कदम उठाएगा। नागपुर में आयोजित पहले विश्व हिन्दी सम्मेलन 1975 से लेकर भोपाल में आयोजित 2015 के सम्मेलन तक बार-बार यह प्रश्न खड़ा होता रहा है कि संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी कब अधिकारिक भाषा बनेगी। इसके लिये सबसे बड़ी बाधा 193 देशों के दो तिहाई सदस्य देशों की सहमति-समर्थन नहीं है बल्कि इन सभी देशों को इस पर होने वाले खर्च की है। इसी बाधा की वजह से जर्मनी और जापान की भाषा भी वह स्थान हासिल नहीं कर पाई है।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे पहले 1977 में हिंदी में भाषण दिया था अटल बिहारी बाजपेयी ने। उस वक्त वे जनता पार्टी सरकार में विदेश मंत्री थे और यूएन में भारत की अगुवाई कर रहे थे। संयुक्त राष्ट्र में किसी भी भारतीय के पहले हिंदी भाषण का पूरे देश में जोरदार स्वागत हुआ था। उनके भाषण की जगह-जगह चर्चा होती थी। इसके बाद उन्होंने सन 2002 में भारत के प्रधानमंत्री के रूप में दोबारा इस अंतरराष्ट्रीय मंच से हिंदी में अपनी बात रखी थी। लेकिन प्रश्न यह है कि दोनों ही सक्षम नेताओं ने हिन्दी को अपने ही देश में क्यों उपेक्षित रहने दिया। क्या कारण है कि आजादी के 70 साल बाद भी सरकारें अपना काम-काज अंग्रेजी में करती हैं, यह देश के लिये दुर्भाग्यपूर्ण एवं विडम्बनापूर्ण स्थिति है।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीयता एवं राष्ट्रीय प्रतीकों की उपेक्षा एक ऐसा प्रदूषण है, एक ऐसा अंधेरा है जिससे ठीक उसी प्रकार लड़ना होगा जैसे एक नन्हा-सा दीपक गहन अंधेरे से लड़ता है। छोटी औकात, पर अंधेरे को पास नहीं आने देता। राष्ट्र-भाषा को लेकर छाए धूंध को मिटाने के लिये कुछ ऐसे ही ठोस कदम उठाने ही होंगे। विकास की उपलब्धियों से हम ताकतवर बन सकते हैं, महान नहीं। महान् उस दिन बनेंगे जिस दिन राष्ट्र भाषा, राष्ट्र ध्वज, राष्ट्र-गान एवं राष्ट्र-गीत को उचित स्थान एवं सम्मान देंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">कितने दुख की बात है कि आजादी के 70 साल बाद भी हमारे दूर-दराज के जिलों में राज्य सरकारें अपना काम-काज अंग्रेजी में करती हैं। हिन्दी विश्व की एक प्राचीन, समृद्ध तथा महान भाषा होने के साथ ही हमारी राजभाषा भी है, यह हमारे अस्तित्व एवं अस्मिता की भी प्रतीक है, यह हमारी राष्ट्रीयता एवं संस्कृति की भी प्रतीक है। भारत की स्वतंत्रता के बाद 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया कि हिन्दी ही भारत की राजभाषा होगी। इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद ही हिन्दी को हर क्षेत्र में प्रचारित-प्रसारित करने के लिए 1953 से सम्पूर्ण भारत में 14 सितम्बर को प्रतिवर्ष हिन्दी-दिवस के रूप में मनाया जाता है। राजभाषा बनने के बाद हिन्दी ने विभिन्न राज्यों के कामकाज में आपसी लोगों से सम्पर्क स्थापित करने का अभिनव कार्य किया है। लेकिन अंग्रेजी के वर्चस्व के कारण आज भी हिन्दी भाषा को वह स्थान प्राप्त नहीं है, जो होना चाहिए। चीनी भाषा के बाद हिन्दी विश्व में सबसे अधिक बोली जाने वाली विश्व की दूसरी सबसे बड़ी भाषा है। भारत और अन्य देशों में 70 करोड़ से अधिक लोग हिन्दी बोलते, पढ़ते और लिखते हैं। पाकिस्तान की तो अधिकांश आबादी हिंदी बोलती व समझती है। किसी भी देश की भाषा और संस्कृति किसी भी देश में लोगों को लोगों से जोड़े रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। भाषा राष्ट्र की एकता, अखण्डता तथा प्रगति के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण होती है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/why-is-the-power-of-hindi-growing-in-foreign-countries/article-5409</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/why-is-the-power-of-hindi-growing-in-foreign-countries/article-5409</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Aug 2018 21:17:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/unnamed-file.jpg"                         length="95713"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        