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                <title>tourists - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>हिमाचल में चोटियों पर हिमपात से बढ़ रही सैलानियों की संख्या</title>
                                    <description><![CDATA[शिमला (एजेंसी)। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय इलाकों में हिमपात के कारण समूचा प्रदेश भीषण ठंड की चपेट में है इस हिमपात के बीच नववर्ष मनाने पहुंच रहे सैलानियों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है और पर्वतों की रानी की ओर सैलानियों की भारी भीड पहुंच रही है। जिला लाहौल स्पिति में क्रिसमस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/tourists-increasing-due-to-snowfall-on-peaks-in-himachal/article-41519"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/snowfall1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>शिमला (एजेंसी)।</strong> हिमाचल प्रदेश के जनजातीय इलाकों में हिमपात के कारण समूचा प्रदेश भीषण ठंड की चपेट में है इस हिमपात के बीच नववर्ष मनाने पहुंच रहे सैलानियों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है और पर्वतों की रानी की ओर सैलानियों की भारी भीड पहुंच रही है। जिला लाहौल स्पिति में क्रिसमस व नव वर्ष के चलते प्रतिदिन जिला लाहौल स्पिति में सैलानियों की आवाजाही में निरंतर वृद्धि देखने को मिल रही है। अब तक अटल सुरंग रोहतांग से जिला लाहौल स्पिति में कुल 19383 वाहनों का आवागमन हुआ है। इन वाहनों में प्रदेश के अन्दर व बाहर के पर्यटकों की काफी संख्या में वाहनों रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">लाहौल स्पीति जिला के पुलिस अधीक्षक मानव वर्मा ने बताया कि पिछले 24 घंटों में 19 हजार से अधिक वाहनों ने अटल टनल, रोहतांग को पार किया है। उन्होंने बताया कि बर्फबारी होने से क्षेत्र का तापमान काफी नीचे चला गया है। पर्यटकों ने भी छितकुल में बर्फ का आनंद लिया। बर्फबारी के बाद हांलाकि किन्नौर में धूप खिली रही, लेकिन दोपहर के समय आसमान में बादलों ने फिर से डेरा जमा लिया है। बादल छाने से क्षेत्र में एक बार फिर तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। किन्नौर के अधिकांश क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान माइनस से नीचे दर्ज किया गया। मौसम में बदलाव के साथ शीतलहर का प्रकोप शुरू हो गई है। लाहौल के मुख्यालय केलांग में सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां का न्यूनतम पारा शून्य से 10.8 और अधिकतम 1.4 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के पांच जिलों कुल्लू, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, शिमला और मंडी में पारा शून्य से नीचे चला गया है। राजधानी शिमला का भले ही पारा ढाई डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा हो, लेकिन दिनभर बादल छाए रहने से ठंड रही। व्हाइट क्रिसमस की आस लगाए पर्यटकों को थोड़ी मायूसी हुई। हालांकि, रोहतांग समेत ऊंची चोटियों पर फाहे गिरे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सुरेद्र पाल ने कल से 29 दिसंबर को शिमला समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी के आसार हैं, जबकि मैदानों में धुंध का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 28 दिसंबर को पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में बदलाव आने का पूवार्नुमान है। प्रदेश के अधिकतम तापमान में 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Dec 2022 15:23:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नेपाल यात्रा पर गये आठ भारतीय पर्यटकों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[ये लोग केरल से नेपाल गये 15 भारतीय पर्यटकों के समूह का हिस्सा थे और यात्रा पूरी करने के बाद भारत लौट रहे थे। रास्ते में ये पर्यटक कल रात एवरेस्ट पनोरमा रिसॉर्ट में रुके थे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/8-indian-tourists-going-to-nepal-die/article-12651"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/8-indian-deaths.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">(8 Indian die )</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>काठमांडू (सच कहूँ न्यूज)।</strong> नेपाल यात्रा पर गये आठ भारतीय पर्यटकों की मंगलवार को रिसॉर्ट के एक कमरे में दम घुटने से मौत हो गयी। नेपाल के मकावनपुर जिले के पुलिस अधीक्षक सुशील सिंह राठौर ने आठ भारतीय पर्यटकों की मौत की पुष्टि की हैै। उन्होंने बताया कि ये पर्यटक होटल के कमरे में बेहोशी की हालत पाये गये जिसके बाद इन्हें काठमांडू के धुमबाराही के एचएएमएस अस्पताल में लाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। भारतीय पर्यटक नेपाल के मकावनपुर जिले के थाहा नगरपालिका में एवरेस्ट पनोरमा रिसॉर्ट में रुके थे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार मृतकों में आठ भारतीयों में दो दंपति और चार बच्चे शामिल हैं</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">ये लोग केरल से नेपाल गये 15 भारतीय पर्यटकों के समूह का हिस्सा थे</li>
<li style="text-align:justify;">यात्रा पूरी करने के बाद भारत लौट रहे थे।</li>
<li style="text-align:justify;">रास्ते में ये पर्यटक कल रात एवरेस्ट पनोरमा रिसॉर्ट में रुके थे।</li>
<li style="text-align:justify;">रिसॉर्ट के प्रबंधक शिवा केसी के अनुसार कल रात करीब साढ़े नौ बजे ये पर्यटक कमरे में गये थे</li>
<li style="text-align:justify;">उन्होंने कमरे को गर्म रखने के लिए गैस हीटर आन किया था।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">  पर्यटकों के समूह ने चार कमरे बुक कराए थे</h3>
<p style="text-align:justify;">इनमें से आठ एक कमरे में रूके थे जबकि अन्य दूसरे कमरे में ठहरे थे। आठ पर्यटक एक साथ जिस कमरे में रूके थे, उसकी सभी खिड़कियां और दरवाजे अंदर से बंद कर लिये गये थे। प्रबंधक ने बताया कि आज सुबह समूह के अन्य सदस्यों ने इन आठ पर्यटकों को कमरे में अचेतावस्था में पाया जिसके बाद पुलिस को इस संबंध में सूचित किया गया। सिमभानजयांग स्थित पुलिस चौकी के हेड कांस्टेबल सुमन धकाल ने बताया कि बेहोश पर्यटकों दो बार में कैलाश हेलिकॉप्टर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के हेलिकॉप्टर एचएएमस अस्पताल में पहुंचाया गया था।</p>
<p> </p>
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<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jan 2020 17:36:46 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>चुनाव भी आकर्षित कर रहे हैं विदेशी सैलानियों को</title>
                                    <description><![CDATA[सात चरणों के लोकसभा चुनावों के पहले चरण का मतदान जहां 11 अप्रैल को होने जा रहा है वहीं हमारे देश की चुनाव प्रक्रिया को जानने, देखने और परखने के लिए 700 विदेशी सैलानियों का पहला दल भारत आ रहा है। मजे की बात यह है कि यह दल कोई ऐतिहासिक या पुरातात्विक महत्व के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/elections-are-also-attracting-foreign-tourists/article-8467"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-04/foreign-tourists.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सात चरणों के लोकसभा चुनावों के पहले चरण का मतदान जहां 11 अप्रैल को होने जा रहा है वहीं हमारे देश की चुनाव प्रक्रिया को जानने, देखने और परखने के लिए 700 विदेशी सैलानियों का पहला दल भारत आ रहा है। मजे की बात यह है कि यह दल कोई ऐतिहासिक या पुरातात्विक महत्व के स्थानों या महलों-किलों या हवेलियों को देखने नहीं आ रहा बल्कि यह दल हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में हो रहे लोकसभा के चुनावों की प्रक्रिया देखने आ रहा है। खासबात यह कि इन्हें भारत सरकार या किसी देश की एजेन्सी द्वारा नहीं बुलाया या भेजा जा रहा है बल्कि यह तो नए टर््ेंड के रुप में इलेक्शन टूरिज्म पैकेज के रुप में आ रहा है। दरअसल सारी दुनिया में हमारी चुनाव व्यवस्था को आदर्श व्यवस्था के रुम में जाना जाता है। यही कारण है कि पर्यटकों के ट्यूर आयोजकों द्वारा हमारे देश में हो रहे चुनावों को भी पर्यटन के रुप में प्रस्तुत किया जा रहा है और इलेक्शन ट्यूर आयोजित किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">माना जा रहा है कि देश के करीब 35 ट्यूर आपरेटर देश में सात चरणों में हो रहे लोकसभा के चुनावों का ट्यूर पैकेज बनाकर विदेशी पर्यटकों के सामने रखा गया है और मजे की बात यह है कि लगभग 1600 लोगों ने तो अपनी बुकिेंग करवा भी ली है जिसमें पहले चरण में 700 पर्यटकों का दल 10 अप्रेल को हमारे देश आ रहा है। ट्यूर आॅपरेटरों का कयास है कि सात चरणों के इस चुनावी सीजन में एक मोटे अनुमान के अनुसार दस हजार से अधिक पर्यटक इलेक्शन टूरिज्म पैकेज के तहत आने वाले हैं। ट्यूर आॅपरेटरों द्वारा इलेक्शन ट्यूर पैकेज को जिस तरह से तैयार किया गया है उसमें पर्यटकों द्वारा तय किए गए क्षेत्रों में चुनाव की तैयारियों, चुनावी सभाओं, रैलियोें, रोड शो के साथ ही मतदान होते हुए भी विदेशी सैलानियों को दिखाया जाएगा। इसमें कोई दो राय नहीं कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र हमारे देश में हैं। इसमें भी दो राय नहीं हो सकती की दुनिया के देशों में हमारी चुनाव प्रणाली और व्यवस्था को आदर्श माना जाता है। निष्पक्ष और निडर मतदान की व्यवस्था हमारी विशेषता है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में दुनिया के देशों की हमारे चुनावों पर नजर रहती है। माना जा रहा है कि अमेरिका, इंग्लेण्ड सहित योरोपीय देशों के साथ ही रुस आदि देशों के सैलानी इलेक्शन टूरिज्म पैकेज से प्रमुखता से जुडेंगे। दुनिया के अधिकांश देशों के चुनावों और हमारी चुनावों में बड़ा अंतर यह है कि पाकिस्तान सहित कई देशों में होने वाले चुनावों की निष्पक्षता को लेकर प्रश्न उठते रहे हैं। यही कारण है कि संयुक्त रार्ष्ट् संघ सहित कई संस्थाओं को उन देशों में चुनावों की निष्पक्षता जांचने के लिए दूसरे देशों से पर्यवेक्षक भेजे जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हमारे देश में आम चुनाव किसी महोत्सव से कम नहीं होते। नामांकन से लेकर मतदान और फिर मतगणना तक अलग हीतरह की फिजा बनी रहती है। इलेक्शन कमीशन ने जिस तरह से चुनाव प्रक्रिया को आसान व सहज बनाया है उससे लोगों में मतदान के प्रति रुझान बढ़ा है। युवाओं में तो अलग ही जोश देखने को मिलता है। फिर राजनीतिक दलों द्वारा जिस तरह से इलेक्शन केंपेन चलाया जाने लगा है और जिस तरह से रोड शो और चुनावी रैलियों के माध्यम से शक्ति प्रदर्शन किया जाता है वह विदेशियों के लिए निश्चित रुप से किसी आश्चर्य से कम नहीं माना जा सकता। चुनाव आयोग द्वारा जिस तरह से निष्पक्ष चुनाव की तैयारियां की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">और चुनाव से जुड़ी छोटी से छोटी जानकारी मतदाताओं तक अभियान चलाकर पहुंचाई जा रही है वह चुनावों की निष्पक्षता को और अधिक पुष्ट करती है। लोकसभा क्षेत्रों में जिस तरह से कार्मिकों का नियोजन किया जाता है और जिस तरह से पर्यवेक्षकों जिम्मे पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी जाती है वह अनुकरणीय है। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती और मतदाताआें में विश्वास पैदा करने के लिए फ्लेग मार्च आदि की व्यवस्था से लोग नीडर होकर मतदान करने लगे हैं। दुनिया के देशों में जिस तरह की हमारे लोकतंत्र और चुनावों की पहचान और गरिमा है उसे देखते हुए चुनाव पर्व को दुनिया के देशों के पर्यटकों के लिए इलेक्शन टूरिज्म पर्व के रुप में प्रचारित प्रसारित किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">चूंकि हमारे चुनावों में पूरी तरह से ग्लेमर है तो दूसरी और चुनावों में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं होने से इलेक्शन टूरिज्म को बड़े और व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जा सकता है। हांलाकि लोकसभा के पांच साल में चुनाव होते हैं पर हमारे देश में विधानसभाआें के चुनाव तो किसी ना किसी राज्य में प्रतिवर्ष होते रहते हैं, ऐसे में राज्य विशेष को फोकस करके भी इलेक्शन टूरिज्म से लोगों को आकर्षित किया जा सकता है। माना जाना चाहिए कि आने वाले समय में इलेक्शन टूरिज्म भी एक बड़े आयोजन के रुप में दुनिया के देशों के पर्यटकों को आकर्षित करने में कामयाब होगा। इससे सबसे बड़ा लाभ जहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से होगी वहीं हमारी लोकतांत्रिक व चुनावी व्यवस्था को विदेशी लोग नजदीक से देख सकेंगे। इससे हमारी व्यवस्था और लोकतंत्र की गरिमा में ही बढ़ोतरी होगी।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा</strong></p>
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                <pubDate>Wed, 10 Apr 2019 19:27:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दार्जिलिंग बंद और हिंसा में 800cr का नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[दार्जिलिंग: पश्चिम बंगाल से अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर बीते एक महीने से दार्जिलिंग में बंद और हिंसा जारी है। जिसके चलते यहां करीब 800 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। रात के वक्त गैंग खाने-पीने की दुकानें लूट रहे हैं। हालिया हिंसा के बाद ममता सरकार ने सेना को दोबारा तैनात किया। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/800-crore-lose-in-darjeeling-violence/article-2204"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/darjling.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दार्जिलिंग:</strong> पश्चिम बंगाल से अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर बीते एक महीने से दार्जिलिंग में बंद और हिंसा जारी है। जिसके चलते यहां करीब 800 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। रात के वक्त गैंग खाने-पीने की दुकानें लूट रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हालिया हिंसा के बाद ममता सरकार ने सेना को दोबारा तैनात किया। इस हिंसा में अब तक सात युवकों की मौत हो गई है। जून-जुलाई में दार्जिलिंग की सड़कें और होटल टूरिस्ट्स से भरे रहते हैं। यहां की खूबसूरती को हर कोई अपने कैमरे में ताउम्र संभालकर रखना चाहता है। लेकिन यह नजारा गुम हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां बाजार बंद हैं। सड़कें सूनी हैं और होटलों में भी ताले जड़े हुए हैं। बिल्कुल कर्फ्यू जैसा माहौल है। यह कहते हुए दार्जिलिंग की गलियों में हैंडीक्राफ्ट बेचने वाले बिपिन सुबक पड़ते हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">100 साल से भी पुरानी है गोरखालैंड की मांग</h2>
<p style="text-align:justify;">यहां के लोगों का कहना है कि अलग गोरखालैंड की उनकी मांग सौ साल से भी पुरानी है। मगर इस बार 8 जून को आए ममता सरकार के एक आदेश ने हालात बिगाड़ दिए। सरकार ने 10वीं क्लास तक बांग्ला भाषा की पढ़ाई को जरूरी करने का आदेश दिया,जबकि यहां के लोगों की मूल भाषा नेपाली है। हालांकि बाद में नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा गया कि यह आदेश वॉलेंटरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Jul 2017 23:01:46 +0530</pubDate>
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                <title>सूरजकुंड मेला: कैशलेस खरीददारी कर सकेंगे पर्यटक</title>
                                    <description><![CDATA[मेले में पहली बार शामिल होंगे इथोपिया, मंगोलिया व स्लोवीनिया देश 10 लाख से ज़्यादा लोगों के आने की संभावना ChandiGarh, Anil Kakkar: प्रदेश में लाखों सैलानियों के लिए फरीदाबाद का सूरज कुंड मेला हर बार विशेष आकर्षण का केंद्र बनता है। इस बार भी 31वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुण्ड क्राफ्ट मेला-2017 भारतीय एवं विदेशी संस्कृति के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/surajkund-fair-cashless-shopping-for-tourists/article-502"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/02-15.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>मेले में पहली बार शामिल होंगे इथोपिया, मंगोलिया व स्लोवीनिया देश</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>10 लाख से ज़्यादा लोगों के आने की संभावना</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">ChandiGarh, Anil Kakkar: प्रदेश में लाखों सैलानियों के लिए फरीदाबाद का सूरज कुंड मेला हर बार विशेष आकर्षण का केंद्र बनता है। इस बार भी 31वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुण्ड क्राफ्ट मेला-2017 भारतीय एवं विदेशी संस्कृति के सुमेल की अनोखी आभा बिखेरने को तैयार है। इस दफे मेले का पार्टनर कंट्री इजिप्ट होगा और झारखंड थीम स्टेट होगा। वहीं<br />
मेले को कैशलेस बनाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। हरियाणा पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव वी.एस.कुण्डू तथा हरियाणा पर्यटन विभाग के प्रबन्ध निदेशक समीर पाल सरो ने फरीदाबाद में पर्यटन निगम के अधिकारियों की बैठक में बताया कि सूरजकुंड मेले में इथोपिया, मंगोलिया व स्लोवीनिया देश पहली बार शामिल होंगे। बता दें कि सभी देशों विशेषकर पड़ोसी देशों को भी प्रचलन के अनुसार मेले में आने के लिए आमंत्रित किया जाता है। बैठक में बताया गया कि कैशलेस सिस्टम तथा ई-बैंकिंग प्रणाली शुरू करने के लिए विभिन्न एजेन्सियों से बातचीत चल रही है ताकि लोगों को व मेले के प्रतिभागी हस्तशिल्पी स्टालधारकों को कोई परेशानी न हो। इस मेले में 10 लाख से भी अधिक संख्या में विस्टर आने की संभावना है। बैठक में निगम के महाप्रबंधक दिलावर सिंह, स्थानीय मंडल प्रबंधक राजेश जून, यू.एस.भारद्वाज व राजपाल सहित अन्य सभी संबंधित पर्यटन केंद्रों के डीडियोएज मंडल प्रबंधक एव अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p><strong>30 सालों से ख्याति अर्जित कर रहा मेला</strong><br />
बैठक में अधिकारियों को मेला ग्राउंड की तैयारी, स्टॉल हट्स, पेयजलापूर्ति, सेनिटेशन, सफाई, बिजली व्यवस्था, फायरबिग्रेड, पार्किंग, अपना घर, चौपाल, मीडया सेंटर, टिकट बूथ, मेला परिसर, विभिन्न प्रकार के ठहराव स्थल, खान-पान व्यवस्था, वॉकी-टॉकी व्यवस्था व मेला सुरक्षा प्रबन्धों के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। यह मेला अंतरराष्टÑीय स्तर पर गत 30 वर्षों से ख्याति अर्जित कर रहा है और इस बार भी अधिक विशेष अंदाज व छटा के साथ यह मेला आयोजित किया जाएगा। इस बार हरियाणा का स्वर्ण जयंती उत्सव वर्ष भी चल रहा है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Mon, 12 Dec 2016 23:46:50 +0530</pubDate>
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